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फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर रोक नहीं:SC बोला- निगेटिव मैसेज नहीं, क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है

फिल्म यादव जी की लव स्टोरी पर रोक नहीं:SC बोला- निगेटिव मैसेज नहीं, क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि फिल्म के नाम में ऐसा कोई शब्द नहीं है, जिससे यादव समाज की छवि खराब होती हो। विश्व यादव परिषद के प्रमुख ने याचिका में कहा था कि फिल्म का नाम यादव समाज को गलत तरीके से दिखाता है। साथ ही फिल्म में यादव समाज की एक हिंदू लड़की और एक मुस्लिम लड़के की प्रेम कहानी दिखाई गई है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा, “क्या किसी हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?” कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडित’ मामले से अलग बताया बेंच ने हाल में ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म से जुड़े आदेश से इस मामले को अलग बताया। कोर्ट ने कहा कि ‘घूसखोर’ शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है, जो सीधे तौर पर नकारात्मक अर्थ जोड़ता है। जबकि मौजूदा फिल्म के नाम में ऐसा कोई नकारात्मक संकेत नहीं है। कोर्ट ने कहा- रिलीज के बाद आपत्ति हो तो फिर आएं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि फिल्म खुद को एक सच्ची कहानी पर आधारित बताती है। इस पर कोर्ट ने जवाब दिया, “फिल्म बैंडिट क्वीन में भी गुर्जर समुदाय को गलत तरीके से दिखाने की बात उठी थी, तब भी कोर्ट ने बैन से इनकार किया था।” वकील ने कहा कि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है और अगर रिलीज के बाद कुछ आपत्तिजनक लगे तो वे फिर कोर्ट आ सकते हैं। इस पर बेंच ने कहा, “जरा सहनशील बनिए। यह फिक्शन है। एक हफ्ते में सब खत्म हो जाएगा। आजकल लोग थिएटर नहीं, मोबाइल पर देख रहे हैं।” फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म यादव जी की लव स्टोरी 27 फरवरी को रिलीज होनी है। इसमें प्रगति तिवारी मुख्य अभिनेत्री हैं, जो ‘सिंपल यादव’ का किरदार निभा रही हैं। विशाल मोहन ‘वसीम अख्तर’ की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के निर्देशक अंकित भड़ाना हैं और निर्माता संदीप तोमर हैं। कई शहरों में फिल्म को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं फिल्म को लेकर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में विरोध हो रहा है। कई यादव संगठन इसके नाम और कहानी पर आपत्ति जता रहे हैं। विरोध का मुख्य कारण फिल्म की कहानी बताई जा रही है। संगठनों का कहना है कि फिल्म में यादव समाज की एक हिंदू लड़की और मुस्लिम युवक की प्रेम कहानी दिखाई गई है। यादव समाज के कुछ लोगों का कहना है कि इससे उनकी छवि खराब हो रही है और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। उनका आरोप है कि फिल्म का नाम और कहानी खास तौर पर यादव समाज को निशाना बनाती है। प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि ऐसी कहानी समाज की संस्कृति, आस्था और इतिहास के खिलाफ है। कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए भी आपत्ति जताई है। फिल्म के नाम पर भी सवाल उठाए गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि ‘यादव जी’ शब्द का इस्तेमाल जानबूझकर प्रचार के लिए किया गया है और इससे जातिगत पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उनका कहना है कि इससे यादव समाज की छवि पर बुरा असर पड़ सकता है। —————— ये खबर भी पढ़ें… ‘घूसखोर पंडत’ के बाद ‘यादवजी की लव स्टोरी’ पर बवाल:खेसारी लाल बोले-टाइटल बदलने यहां भी दिखाएं एकजुटता, सही-गलत का पैमाना एक जैसा हो फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। इसमें एक विशेष जाति का जिक्र है। फिल्म के नाम को लेकर विवाद बढ़ने पर खेसारी लाल यादव ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। भोजपुरी के ट्रेडिंग स्टार खेसारी लाल यादव भड़क गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘धुरंधर’ की तारीफ की:रणवीर सिंह की फिल्म को मास्टरपीस बताया, बोले – कौन-सी प्रोपेगैंडा फिल्म?

शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘धुरंधर’ की तारीफ की:रणवीर सिंह की फिल्म को मास्टरपीस बताया, बोले - कौन-सी प्रोपेगैंडा फिल्म?

एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर की तारीफ की। उन्होंने फिल्म को एब्सोल्यूट मास्टरपीस बताया और इसे प्रोपेगैंडा फिल्म कहे जाने के दावों को खारिज किया। गौरतलब है कि धुरंधर पिछले साल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन फिल्म को लेकर चर्चा अब भी जारी है। ऋतिक रोशन समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स ने फिल्म की तारीफ की है। अब शत्रुघ्न सिन्हा ने भी फिल्म देखकर अपनी प्रतिक्रिया दी। X अकाउंट पर अपने पोस्ट में शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा, “वाह! अभी-अभी सबसे ज्यादा चर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ देखी, एक एब्सोल्यूट मास्टरपीस। कैसी ‘प्रोपेगैंडा’ फिल्म? फिल्म तो फिल्म होती है। यह एक शानदार, ग्रिपिंग, दिलचस्प और भरपूर मनोरंजन से भरी फिल्म है, जिसे पूरी ईमानदारी से बनाया गया है। बैंकॉक, थाईलैंड में बनाए गए सेट्स (जो पाकिस्तान को दर्शाते हैं) बेहद खूबसूरत और रियलिस्टिक हैं।” उन्होंने आगे कहा, “तकनीकी रूप से फिल्म बेहतरीन है, एडिटिंग शानदार है। सिनेमैटोग्राफर की उत्कृष्ट मेहनत काबिल-ए-तारीफ है। पूरी टैलेंटेड कास्ट और क्रू को बधाई, जिन्होंने इस फिल्म को विजुअल डिलाइट बना दिया। सभी कलाकारों ने शानदार काम किया है।” रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ की शत्रुघ्न सिन्हा ने खासतौर पर रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि रणवीर सिंह अपने किरदार में आउटस्टैंडिंग हैं, जबकि संजय दत्त को एक योग्य पिता का योग्य पुत्र कहा। अक्षय खन्ना की एक्टिंग को भी उन्होंने बेहद शानदार बताया। पोस्ट में उन्होंने राकेश बेदी के रोल को “केक पर आइसिंग” बताया और कहा कि म्यूजिक व कोरियोग्राफी ने सिनेमा में नई एनर्जी भरी है। साथ ही, सौम्या टंडन के कैमियो को भी दमदार बताया। लास्ट में उन्होंने आदित्य धर के डायरेक्शन की तारीफ करते हुए फिल्म को अनफॉरगेटेबल सिनेमैटिक ट्रीट / मास्टरस्ट्रोक कहा और लिखा – “लॉन्ग लिव इंडियन सिनेमा! जय हिंद!” बता दें कि फिल्म का सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ अगले महीने रिलीज होने वाला है। इसमें रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, सारा अर्जुन और आर माधवन नजर आएंगे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ से टकराएगी। दोनों फिल्में 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी।

मैक्स साकेत में डॉक्टरों ने ईराकी मरीज की आंख से कैंसर हटाया

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Last Updated:February 25, 2026, 15:43 IST मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर की स्वदेशी तकनीक का उपयोग कर ईराक के मरीज की आंख का इलाज क‍िया है. डॉक्‍टरों ने न केवल उसकी आंख से मटर जैसा ट्यूमर हटाया बल्‍क‍ि उसकी आंखों की रोशनी भी बचा ली. आइए व‍िस्‍तार से जानते हैं पूरी खबर.. मैक्‍स साकेत के डॉक्‍टरों ने ईराकी मरीज की आंख से कैंसर न‍िकाला है और उसकी रोशनी भी बचा ली है. सांकेत‍िक तस्‍वीर. Eye cancer Treatment news: भारतीय डॉक्टर और भारत में तैयार स्वदेशी चीजें सबसे बेहतर हैं, ये मैक्स साकेत के डॉक्टरों ने साबित कर दिया है. यहां के डॉक्टरों ने ईराक से आए एक मरीज की आंख से न केवल दुर्लभ ट्यूमर को बाहर निकाला है, बल्कि उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी जैसी की तैसी बची हुई है. यह कुशल भारतीय हेल्थकेयर का एक नायाब उदाहरण है कि आंख में से कैंसर को हटाने के बावजूद भी आंखों की रोशनी को नुकसान नहीं पहुंचा. बता दें कि ईराक के रहने वाले एक 41 साल के मरीज को पिछले छह महीने से दायीं आंख से दिखने में कुछ परेशानी होने लगी थी. पहले इसे उन्होंने आंख की सामान्य समस्या समझा लेकिन धीरे-धीरे परेशानी बढ़ने लगी तो वे एक्सपर्ट मेडिकल केयर के लिए भारत आ गए. यहां मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत में विस्तार से की गई जांच में पता चला कि उनकी आंख में 9.5 गुणा 13.5 मिमी बड़ा ट्यूमर था. यह लगभग एक छोटे मटर के दाने जितना बड़ा था. यह दरअसल कोरोइडल मेलानोमा था, जो आंखों के कैंसर का एक दुर्लभ और जानलेवा प्रकार है. सबसे बड़ी बात है कि अगर समय पर इलाज नहीं मिलता तो यह पूरी आंख में फैल सकता था. अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज के इलाज के लिए प्लेक ब्रैकीथेरेपी का प्रयोग करने का फैसला किया और ऑफ्थेल्मोलॉजी की एचओडी और प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. अनीता सेठी के नेतृत्व में ऑफ्थेल्मोलॉजी टीम ने सर्जरी को अंजाम दिया. इसमें रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. डोडुल मंडल ने भी सहयोग दिया. यह आंखों के इलाज के क्षेत्र में एडवांस्ड रेडिएशन ट्रीटमेंट है, जिसमें रेडियोएक्टिव प्लेक को सीधे ट्यूमर तक पहुंचाया जाता है. इससे डॉक्टरों को आसपास की कोशिकाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचाते हुए कैंसर सेल्स को निशाना बनाने में आसानी हुई जबकि कुछ अन्य थेरेपी में पूरी प्रभावित आंख को निकालने की नौबत आ जाती है. सबसे खास बात इस इलाज की ये रही कि डॉक्टरों ने इसके लिए देश में विकसित रुथेनियम-106 प्लेक का इस्तेमाल किया, जिसे भाभा एटमिक रिसर्च सेंटर ने तैयार किया है. इससे आयातित विकल्पों की तुलना में किफायती समाधान मिल गया. फिर रेडिएशन की जरूरी डोज मिलने तक मरीज को अस्पताल में रखा गया और प्लेक को हटा दिया गया. इस थेरेपी की मदद से मरीज का ट्यूमर तो हटा ही उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी बनाए रखने में मदद मिली. इस केस को लेकर डॉ. अनीता सेठी ने कहा, ‘बहुत से मरीजों में डर होता है कि आंख में कैंसर का पता चलने का अर्थ है कि आंखों की रोशनी चली जाएगी. इस मामले में हमारा लक्ष्य था कि मरीज की आंखों की रोशनी बचाए रखते हुए प्रभावी तरीके से ट्यूमर हटाया जाए. सही समय पर जांच हो जाने से हमें उपयुक्त इलाज चुनने और मरीज को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने में मदद मिली. यह केस दिखाता है कि कैसे सही समय पर मल्टीडिसिप्लिनरी प्लानिंग से आंख के कैंसर के जटिल मामलों में भी आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है.’ वहीं डॉ. डोडुल मंडल ने कहा, ‘रेडियोथेरेपी आज के समय में सभी के लिए सटीक और पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट देने का माध्यम बन गई है. प्लेक ब्रैकीथेरेपी में रेडिएशन सोर्स को सीधे ट्यूमर के पास लगा दिया जाता है, जिससे आंख के स्वस्थ हिस्सों तक बहुत कम रेडिएशन पहुंचता है और अनावश्यक नुकसान का खतरा कम होता है.’ इस केस ने दिखाया है कि कैसे सटीक और मल्टीडिसिप्लिनरी केयर से आंख के कैंसर के जटिल मामलों में भी शानदार नतीजे मिल सकते हैं. बता दें कि भारत में कुछ चुनिंदा अस्पताल ही यह इलाज देते हैं. एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंच आसान होने से इस तरह के एप्रोच की मदद से भारत में आंखों के कैंसर के इलाज भी हो जाता है और रोशनी भी बनी रहती है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : February 25, 2026, 15:43 IST

Historic rematch between Mayweather and Pacquiao in September

Historic rematch between Mayweather and Pacquiao in September

Hindi News Sports Boxing: Historic Rematch Between Mayweather And Pacquiao In September लास वेगास2 घंटे पहले कॉपी लिंक फ्लॉयड मेवेदर जूनियर और मैनी पैकियाओ 11 साल बाद एक बार फिर आमने-सामने होंगे। मुक्केबाजी की दुनिया के दो सबसे बड़े दिग्गज फ्लॉयड मेवेदर जूनियर और मैनी पैकियाओ एक बार फिर प्रोफेशनल रिंग में आमने-सामने होंगे। इस ऐतिहासिक री-मैच की घोषणा कर दी गई है, जो 19 सितंबर को लास वेगास के अत्याधुनिक ‘द स्फीयर’ में होगा। दोनों ​खिलाड़ी 11 साल बाद एक बार फिर आमने-सामने होंगे। इससे पहले 2 मई 2015 को हुई उनकी पहली भिड़ंत ने कमाई और व्यूअरशिप के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। उस फाइट से 410 मिलियन डॉलर (करीब 2680 करोड़ रुपए) का रेवेन्यू जनरेट हुआ था जबकि टिकट विंडो से 72.2 मिलियन डॉलर (करीब 470 करोड़) की कमाई हुई थी। वह मुकाबला मेवेदर ने अपने नाम किया था। मेवेदर का 50-0 का परफेक्ट रिकॉर्ड जबकि पैकियाओ ​ने पिछले साल की थी वापसी अमेरिका के मेवेदर ने हाल ही में रिंग में वापसी की पुष्टि की। 49 वर्षीय मेवेदर 2017 में कोनोर मैक्ग्रेगोर को हराने के बाद 50-0 के परफेक्ट रिकॉर्ड के साथ रिटायर हुए थे। वहीं, फिलीपींस के 47 वर्षीय पैकियाओ ने भी 2025 में मारियो बैरियोस के खिलाफ ड्रॉ खेलकर रिंग में वापसी की है। उन्होंने करियर में 73 फाइट में से 62 जीती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ऑरेंज हेल्थ टिप्स: रोज एक संतरा खाने से शरीर को मिलते हैं ये फायदे, जानें खाने का सही समय

ऑरेंज स्वास्थ्य युक्तियाँ

ऑरेंज स्वास्थ्य युक्तियाँ | छवि: फ्रीपिक संतरे के स्वास्थ्य संबंधी सुझाव: संतरा न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि यह गुणवत्ता का भी खान है। विटामिन-सी से मिलता है यह फल आपकी इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर त्वचा में चमक लाने तक, चमत्कारी रूप से देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे खाने का सही तरीका और सही समय क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानें। इम्युनिटी को बढ़ावा देना है संतरा विटामिन-सी का सबसे अच्छा स्रोत है। यह सफेद रक्त परमाणु के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिससे आपका शरीर वायरस और बाइक से लड़ने में सक्षम हो जाता है। निजी मौसम में ज़ूम-खांसी से भागने के लिए यह रामबाण है। चमकदार त्वचा और एंटी-एजिंग के लिए लाजवाब इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से फ़्लोरिडा होते हैं, जो समय से पहले स्ट्राइक्स का कारण बनते हैं। सेंट्रा कोलॉन प्रोडक्शन में मदद करता है, जिससे आपकी स्किन टाइट और इंग्लैंड ग्लो बनी रहती है। पाचन तंत्र एक तंत्र है सेंट्रे में खरगोश की मात्रा अधिक होती है। इससे कंजेशन की समस्या दूर हो जाएगी और बाउल मूवमेंट बेहतर ढंग से विकसित होगा। यदि आप पेट की समस्या से परेशान हैं, तो संतरा आपके लिए आशीर्वाद है। दिल की सेहत के लिए बढ़िया साइंट्रा ब्लड वैलिडर्स को कंट्रोल होल्ड और स्ट्रेंथ लेवल को कम करने में मदद मिलती है, जिससे हृदय रोगियों का खतरा कम हो जाता है। ये भी पढ़ें – गुरु मार्गी 2026: गुरु जल्द ही होने वाले हैं मार्गी, इन 5 सिद्धांतों को होगा धन लाभ; लग जाएगा आपका जैकपॉट वजन में सहायक है संतरा कम कैलोरी और हाई बेरोज़गारी के कारण, सेंट्रा खाने से पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है। यह उद्यम की लालसा है, जो वजन घटाने में मदद करता है। संतरा खाने का सही समय क्या है? सेंट्रे का सेवन सुबह के अनुमान के अनुसार या दो साल के मूड से पहले करना सबसे खतरनाक माना जाता है। इस समय यह मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देता है।समुद्र में दो की धूप में संतरा खाना न केवल आनंददायक है, बल्कि यह शरीर को ठंडक से भी सिखाता है।संतरा एक सिट्रस का फल है। सुबह खाली पेट इसे खाने से एसिडिटी, गैस और सीने में जलन की समस्या हो सकती है। रात में संतरा खाने से सलाह। क्योंकि इसकी तासीर अनसुनी होती है और इससे खांसी-जुकाम या गले में खराश हो सकती है। साथ ही, रात में एसिड रिफ्लेक्स की संभावना बढ़ जाती है। अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)संतरा खाने के 5 फायदे क्या हैं(टी)अगर मैं रोज संतरा खाता हूं तो क्या होता है(टी)रोज संतरा खाने के फायदे(टी)संतरा के फायदे और दुष्प्रभाव(टी)त्वचा के लिए संतरा के फायदे(टी)त्वचा के लिए रोज संतरा खाने के फायदे(टी)रोजाना संतरा खाने के साइड इफेक्ट(टी)संतरे के 5 फायदे क्या हैं(टी)संतरा के दुष्प्रभाव

भोपाल में लैब संचालक ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:पत्नी से विवाद के बाद नाराज होकर घर से निकले थे, लौटकर दी जान

भोपाल में लैब संचालक ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:पत्नी से विवाद के बाद नाराज होकर घर से निकले थे, लौटकर दी जान

भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक लैब संचालक ने मंगलवार देर रात घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। इससे पहले उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। नाराज होकर घर से निकले और देर रात घर लौटे, कब उन्होंने खुदकुशी कर ली पत्नी और बच्चों को पता ही नहीं चला। बुधवार तड़के उठी पत्नी ने पति के शव को देखा, जिसके बाद पड़ोसियों की मदद से बॉडी को उतारा और पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। खाने को लेकर हुआ था पत्नी से विवाद पुलिस के मुताबिक पुष्पेंद्र दोरे पिता रामलखन दोरे (40) कोलार रोड गिरधर अपार्टमेंट के रहने वाले थे। एक लैब का संचालन करते थे। उनके दो बेटे हैं और दोनों स्कूली छात्र हैं। पुष्पेंद्र ने मंगलवार देर रात को मर्जी का खाना नहीं मिलने की बात पर नाराज हो गए थे। घर कब लौटे किसी को भनक तक नहीं लगी इस बात को लेकर उनका पत्नी से मामूली विवाद हुआ था। इसके बाद वह घर से चले गए। देर रात को घर लौटे और एक कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बुधवार दोपहर को पीएम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी एंगल पर जांच की जा रही है।

Shikhar Dhawan Property Settlement Case; Aesha Mukerji

Shikhar Dhawan Property Settlement Case; Aesha Mukerji

Hindi News Sports Shikhar Dhawan Property Settlement Case; Aesha Mukerji | India Australia Laws स्पोर्ट्स डेस्क16 मिनट पहले कॉपी लिंक धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी का अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ था। पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन की पूर्व पत्‍नी आयशा मुखर्जी को 5.7 करोड़ रुपए लौटाने होंगे। धवन ने यह पैसा आयशा को तलाक के बाद सेटलमेंट के रूप में दिया था, लेकिन दिल्‍ली हाईकोर्ट का मानना है कि धवन की ओर से प्रॉपर्टी सेटलमेंट के रूप में दी गई यह रकम भारतीय कानून के हिसाब से सही नहीं है। लिहाजा ऑस्‍ट्रेलिया की फैमिली कोर्ट का फैसला भारत पर लागू नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्‍ली की फैमिली कोर्ट के जज देवेंद्र कुमार गर्ग ने अपने आदेश में कहा है कि आयशा ऑस्‍ट्रेलिया की अदालत के फैसले के तहत शिखर धवन से 16.9 करोड़ रुपए की डिमांड नहीं कर सकती हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, भारतीय फैमिली लॉ एक्‍ट 1975 के तहत प्रॉपर्टी सेटलमेंट का नियम भारतीय मैट्रिमोनियल लॉ और हिंदू मैरेज एक्‍ट 1955 के साथ ही मेल खाता है। लिहाजा आयशा ने प्रॉपर्टी सेटलमेंट नियम के तहत जो 5.7 करोड़ की रकम ली है, उसे श‍िखर धवन को लौटाना होगा। शिखर धवन की पहली शादी 2011 में हुई थी। ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत 60% हिस्सेदारी का आदेश ऑस्‍ट्रेलिया के कानून के तहत पति की सभी प्रॉपर्टी को मेराइटल पूल में माना जाता है। इसी कानून के तहत ऑस्‍ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन की भारत और विदेश में स्थित सभी संपत्तियों में से 60 फीसदी हिस्‍सा उनकी पत्‍नी आयशा को देने का आदेश दिया था। ऑस्‍ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन के लिए 1975 एक्‍ट की धारा 79 का इस्‍तेमाल किया था और उन्‍हें प्रॉपर्टी बेचकर 8.12 लाख ऑस्‍ट्रेलियन डॉलर देने का आदेश दिया था। दिल्ली कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई आदेश पर सवाल उठाए दिल्‍ली की फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आयशा कोर्ट में पेश भी नहीं हुई हैं और ऑस्‍ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया था। ऑस्‍ट्रेलिया की कोर्ट ने कहा था कि धवन ऑस्‍ट्रेलिया में मौजूद अपनी सभी संपत्तियों को बेचकर सारा पैसा पत्‍नी आयशा को दें। दिल्‍ली की फैमिली कोर्ट ने यह भी पाया कि धवन को जबरिया 82 हजार डॉलर का भुगतान करना पड़ा था। कोर्ट ने फैसले में आयशा को प्रॉपर्टी बेचकर मिली 5.70 करोड़ की रकम धवन को लौटाने का भी आदेश दिया है। जानिए क्या कहता है भारतीय कानून भारत में मैरिज एक्ट के तहत प्रॉपर्टी सेटलमेंट का कोई एक समान और स्पष्ट प्रावधान नहीं है। लेकिन अलग-अलग धर्मों के हिसाब से इसे लागू किया जाता है। हिंदू मैरेज एक्‍ट के तहत धारा 27 में तलाक के समय पति-पत्‍नी के संयुक्‍त मालिकाना हक वाली प्रॉपर्टी का बंटवारा किया जाता है। इस कानून में स्‍त्रीधन का प्रावधान है, जो पत्‍नी को मिले गिफ्ट, ज्‍वैलरी, फर्नीचर आदि के रूप में होता है और तलाक के समय यह संपत्ति सिर्फ पत्‍नी को दी जाती है। कानून की धारा 25 के तहत तलाक की स्थिति में पत्‍नी को गुजारा भत्‍ता पाने का अधिकार होता है। 2023 में हुई थी तलाक धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी का अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ था। दोनों की शादी 2011 में हुई थी और यह रिश्ता करीब 11 साल चला। आयशा की पहले की शादी से दो बेटियां हैं। धवन के साथ उनका बेटा जोरावर है। 2024 में लिया था संन्यास धवन ने 2010 में टी-20 और 2011 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया। हालांकि, टीम में जगह बनाने में उन्हें 3 साल लग गए। 2013 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, यहीं से वे तीनों फॉर्मेट में फिक्स हो गए। उन्होंने 10 दिसंबर 2022 तक भारत के लिए 167 वनडे, 68 टी-20 और 34 टेस्ट खेले। इनमें 24 शतक और 55 फिफ्टी शामिल रहीं। उन्होंने 2024 में सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

March 2026 Bank Holidays India

March 2026 Bank Holidays India

नई दिल्ली37 मिनट पहले कॉपी लिंक ये फोटो AI से बनाई गई है। अगले महीने यानी मार्च में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 18 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 5 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 11 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में अगर आपको अगले महीने बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम हो तो इन छुट्टियों को ध्यान में रखना होगा। यहां देखें मार्च 2026 में आपके राज्य या लोकेशन में बैंक कब-कब बंद रहेंगे… ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए निपटा सकेंगे काम आप बैंकों की छुट्टी के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का लेनदेन या अन्य काम कर सकते हैं। इन सुविधाओं पर बैंकों की छुट्टियों का कोई असर नहीं पड़ेगा। मार्च में शेयर बाजार में 12 दिन कारोबार नहीं मार्च 2026 में शेयर बाजार में 12 दिन कारोबार नहीं होगा। इसमें 9 दिन शनिवार और रविवार को कारोबार नहीं होगा। इसके अलावा शेयर बाजार 3 मार्च को होली, 26 मार्च को श्री रामनवमी और 31 मार्च को श्री महावीर जयंती पर भी बंद रहेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बीजेपी ने याद की ‘नेहरू-गांधी परिवार की समझौता कहानी’, राहुल गांधी को बताया ‘विदेशी ताकतों की कठपुतली’ | राजनीति समाचार

Rashmika Mandanna, Vijay Deverakonda's wedding is taking place in Udaipur.

आखरी अपडेट:25 फरवरी, 2026, 13:56 IST नबीन का हमला पिछले हफ्ते नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को लेकर आया है। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को ‘नेहरू-गांधी परिवार की समझौता कहानी’ को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी पर ‘समझौता करने वाले प्रधानमंत्री’ वाले तंज को लेकर हमला बोला, जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दबाव में थे और उन्हें भारत-अमेरिका अंतरिम टैरिफ समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था। भाजपा प्रमुख नितिन नबीन ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने “हमेशा अपने हितों की रक्षा के लिए काम किया है” और अपने नेताओं, सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर चीन के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। कांग्रेस पर पलटवार करते हुए, नबीन ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू का प्रशासन “सीआईए के लिए एक खुली किताब” था, और दावा किया कि अमेरिकी विदेशी खुफिया एजेंसी ने “इंदिरा गांधी को प्रचार के लिए धन भी मुहैया कराया”। नबीन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की भी आलोचना की और उन पर उस समय “सुपर पीएम” के रूप में काम करने का आरोप लगाया जब पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार सत्ता में थी। उन्होंने आगे राहुल गांधी की विदेश में बोलने की व्यस्तताओं का जिक्र किया और उन्हें “विदेशी शक्तियों की कठपुतली” कहा। नबीन ने कहा, “मैं आपके साथ गांधी परिवार के समझौता मिशन के बारे में जानकारी साझा कर रहा हूं। कैसे पूरे परिवार ने हमेशा देश के लोगों के साथ समझौता करके अपने हितों की रक्षा की है।” भाजपा प्रमुख ने दावा किया, “एक समय था जब नेहरू ने खुद कहा था कि 45 करोड़ लोग मेरे लिए ‘दायित्व’ हैं और हम सभी विदेशी शक्तियों के साथ उनके संबंधों को जानते हैं। हम जानते हैं कि उन्होंने 1954 में तिब्बत में भारत के अधिकारों को चीन को कैसे सौंप दिया था।” उन्होंने कहा, “और इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान, सीआईए ने कांग्रेस को प्रचार के लिए धन मुहैया कराया था।” बीजेपी चीफ ने सोनिया, राहुल गांधी पर बोला हमला पूर्व कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी पर तीखा हमला करते हुए नबीन ने आरोप लगाया, “सोनिया गांधी, जो 2004-14 के बीच ‘सुपर पीएम’ बनीं… उसी समय, राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए चीनी सरकार से ‘समझौता मिशन’ के तहत धन मुहैया कराया गया था।” “और नकारात्मक राजनीति के पोस्टर बॉय राहुल गांधी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को सूचित नहीं करते हैं। राहुल गांधी का पूरा राजनीतिक करियर ‘समझौता राजनीति’ को बढ़ावा देने वाला है। वे अपने हितों की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक देश की राजनीति से समझौता करने को तैयार हैं।” नबीन का हमला पिछले हफ्ते इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के संबंध में आया, जिसे “वैश्विक मंच पर भारत को अपमानित करने” के प्रयास के रूप में संदर्भित किया जा रहा है। कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला इससे पहले फरवरी में, संसद के बजट सत्र के दौरान, राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला था और प्रधानमंत्री पर अंतरिम टैरिफ सौदे को मंजूरी देकर “भारत माता को बेचने” का आरोप लगाया था। गांधी ने दावा किया कि भारत कई वस्तुओं पर शुल्क कम करने पर सहमत हो रहा है, इससे किसान प्रभावित होंगे, खासकर छोटी या सीमांत जोत वाले किसान। पहले प्रकाशित: 25 फरवरी, 2026, 13:56 IST समाचार राजनीति बीजेपी ने याद की ‘नेहरू-गांधी परिवार की समझौता कहानी’, राहुल गांधी को बताया ‘विदेशी ताकतों की कठपुतली’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नितिन नबीन(टी)कांग्रेस(टी)जवाहर लाल नेहरू(टी)सोनिया गांधी(टी)राहुल गांधी(टी)कांग्रेस शर्टलेस विरोध

द केरल स्टोरी-2 के मेकर्स को कोर्ट की फटकार:प्री-स्क्रीनिंग का आदेश मानने से इनकार किया, 3 बजे तक सुनवाई टली; रिलीज रोकने की मांग

द केरल स्टोरी-2 के मेकर्स को कोर्ट की फटकार:प्री-स्क्रीनिंग का आदेश मानने से इनकार किया, 3 बजे तक सुनवाई टली; रिलीज रोकने की मांग

फिल्म द केरल स्टोरी 2 विवादों में हैं। फिल्म रिलीज के खिलाफ राज्य की गलत छवि दिखाने के आरोप में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को केरल हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स को कोर्ट के लिए प्री-स्क्रीनिंग रखने का आदेश दिया गया, हालांकि मेकर्स ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स से कहा गया कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म की रिलीज से पहले कोच्चि में कोर्ट के लिए इसकी स्क्रीनिंग रखी जाए। मेकर्स द्वारा आदेश न मानने के बाद केस की सुनवाई टाल दी गई है। जस्टिस बेछु कुरियन थोमस ने आदेश दिया कि अब सुनवाई दोपहर 3 बजे के बाद होगी। इस याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। तब फिल्म के प्रोड्यूसर्स की ओर से पेश हुए सीनियर वकील एस. श्रीकुमार ने कहा कि पहले कोर्ट को यह तय करना चाहिए कि ये याचिकाएं जनहित याचिका हैं या निजी याचिका। इस पर जस्टिस बेछू कुरियन थॉमस ने मेकर्स से कहा,“आप नहीं चाहते कि कोर्ट फिल्म देखे। आप चाहते हैं कि कोर्ट सिर्फ यह तय करे कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का निजी मामला है या पूरे लोगों से जुड़ा सार्वजनिक मामला।” सुनवाई में कोर्ट की तरफ से मेकर्स को फटकारते हुए कहा गया है कि केरल पूरी तरह सद्भाव वाला राज्य है, ऐसे में फिल्म में राज्य की छवि गलत क्यों दिखाई गई है। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई चिंताएं पहली नजर में सही लगती हैं। ये भी कहा गया कि फिल्म को ‘सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ बताया जा रहा है और उसके टाइटल में राज्य का नाम प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया गया है, जबकि फिल्म की कहानी का केरल से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। तीन याचिकाओं पर जारी सुनवाई केरल हाईकोर्ट तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिन्हें फिल्म के विरोध में तीन अग-अलग लोगों ने दायर किया था। इन याचिकाओं में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की गई थी। क्यों विवादों में हैं द केरल स्टोरी 2 फिल्म द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है, जिसमें मुख्य तौर पर धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के मुद्दे दिखाए गए हैं। फिल्म में अलग-अलग राज्यों की तीन लड़कियों की कहानी है, जबकि फिल्म के टाइटल में केरल लिखा गया है। ट्रेलर जारी होने के बाद केरल के कई लोगों ने फिल्म रिलीज के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाए कि फिल्म राज्य की छवि बिगाड़ने वाली है। एक याचिका में फिल्म का टाइटल बदलने की भी मांग की गई है। द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है और विपुल अमृतलाल शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले इसे प्रोड्यूसर किया है। यह 2023 में आई फिल्म द केरल स्टोरी का सीक्वल है।