विदिशा में शराब दुकानों की नीलामी तीन चरणों में आज से होगी शुरू

विदिशा| नई आबकारी नीति 2026-27 के अंतर्गत विदिशा जिले की शराब दुकानों की नीलामी 27 फरवरी से शुरू होगी। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशन में जिला निष्पादन समिति ई-टेण्डर एवं ई-टेण्डर-कम-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से पूरी नीलामी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराएगी। इस वर्ष जिले की 74 कंपोजिट मदिरा दुकानों को 16 समूहों में विभाजित किया गया है, जिनका कुल आरक्षित मूल्य 422.68 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। जिला आबकारी अधिकारी शरद पाठक के अनुसार नीलामी तीन चरणों में होगी: प्रथम चरण 27 फरवरी से 02 मार्च, द्वितीय 03 से 05 मार्च और तृतीय 06 से 17 मार्च 2026 तक। इच्छुक टेंडरदाता ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कंपोजिट प्रपत्र डाउनलोड कर, दस्तावेज अपलोड कर और वित्तीय प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कड़ी निगरानी में संपन्न कराई जाए। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और शासन को अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना बढ़ेगी। इस कदम से जिले में व्यवस्थित एवं पारदर्शी निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
Mrunal Thakur Struggle Success Story; Kumkum Bhagya Bulbul

10 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक टीवी से लेकर बॉलीवुड तक मृणाल ठाकुर ने अपनी सशक्त अभिनय क्षमता और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में खास मुकाम हासिल किया है। टीवी की दुनिया से बॉलीवुड तक अपनी दमदार एक्टिंग और काबिलियत के बल अपनी एक अलग पहचान बना चुकी एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर के लिए यह सफर आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें डिमोटिवेटिंग और नकारात्मक अनुभवों का सामना करना पड़ा था। उनके लुक को देख कर कहा जाता था कि हिरोइन नहीं बन सकती हैं। ऐसे कमेंट्स सुनकर मृणाल घर पर आकार खूब रोती थीं। कई बार तो उन्होंने ट्रेन के नीचे कूदकर सुसाइड तक करने की सोची। ऐसे समय में मृणाल के घर वालों ने बहुत सराहा दिया। एक्ट्रेस ने कड़ी मेहनत और समर्पण से अपने स्ट्रगल का समाना किया। उनकी मेहनत रंग लाई और आज एक सक्सेसफुल एक्ट्रेस हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए, जानते हैं अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के करियर और लाइफ से जुड़ी ऐसी ही कुछ और खास बातें। मृणाल ठाकुर आज सफल अभिनेत्री हैं। जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि मृणाल ठाकुर का जन्म 1अगस्त 1992 को महाराष्ट्र के धुले में हुआ। उनके पिता उदय ठाकुर बैंक में कार्यरत थे, जिनकी नौकरी ट्रांसफरेबल थी। पोस्टिंग के कारण परिवार धुले से मुंबई शिफ्ट हो गया। मां वंदना ठाकुर गृहिणी हैं। परिवार में उनके एक बड़े भाई धवल ठाकुर और एक बड़ी बहन लोचन ठाकुर हैं। बहन एक मेकअप आर्टिस्ट के रूप में जानी जाती हैं, जबकि उनके भाई धवल ठाकुर इंजीनियर हैं और अभिनेता के रूप में काम करते हैं, खासकर जियो हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ से उन्हें पहचान मिली। धुले से मुंबई तक का सफर पिता की बैंक नौकरी के चलते परिवार ने मुंबई में स्थायी रूप से रहना शुरू किया। यही बदलाव मृणाल के जीवन का अहम मोड़ साबित हुआ, क्योंकि आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा मुंबई से ही तय हुई। मुंबई में पढ़ाई और कॉलेज लाइफ मृणाल ने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई में पूरी की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के KC College से मास मीडिया में ग्रेजुएशन शुरू किया। हालांकि एक्टिंग में बढ़ती व्यस्तता के कारण वह अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सकीं। कॉलेज के दौरान ही उन्हें ऑडिशन और टीवी की दुनिया का अनुभव मिलने लगा था। मृणाल कहती है कि ‘थ्री इडियट्स’ ने उनका करियर बदल दिया। नहीं तो आज एक्ट्रेस नहीं, किसी क्लिनिक में डेंटिस्ट होतीं। डॉक्टर नहीं, जर्नलिस्ट बनने का सपना मृणाल के माता-पिता चाहते थे कि वह डेंटिस्ट बनें। उन्होंने एंट्रेंस परीक्षा भी पास कर ली थी, लेकिन उनका मन पत्रकारिता की ओर झुका। मुंबई आतंकी हमलों की रिपोर्टिंग से प्रेरित होकर वह क्राइम रिपोर्टर बनना चाहती थीं। पिता की अनुमति से उन्होंने जर्नलिज्म में एडमिशन लिया, मगर किस्मत उन्हें कैमरे के सामने ले आई। मजाक में दिया ऑडिशन, मिल गया पहला ब्रेक कॉलेज के दौरान मजाक-मजाक में दिए गए एक ऑडिशन ने मृणाल की जिंदगी बदल दी। उन्हें 2012 में स्टार प्लस के टीवी शो ‘मुझसे कुछ कहती… ये खामोशियां’ में काम करने का मौका मिला। यही उनका पहला बड़ा ब्रेक था, जिसने अभिनय के सफर की औपचारिक शुरुआत कर दी। मराठी सिनेमा से फिल्मी शुरुआत टीवी के बाद उन्होंने मराठी फिल्मों की ओर रुख किया। उनकी पहली मराठी फिल्म ‘Hello Nandan’ थी। इस फिल्म से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा और क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनानी शुरू की। परिवार की चिंता और सपोर्ट शुरुआत में परिवार को एक्टिंग करियर को लेकर चिंता थी, क्योंकि पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। जब काम और पढ़ाई साथ संभालना मुश्किल हुआ, तो पिता ने उन्हें एक स्पष्ट दिशा चुनने की सलाह दी। परिवार के समर्थन ने ही मृणाल को अपने फैसले पर टिके रहने की ताकत दी। ‘कुमकुम भाग्य’ जी टीवी पर टेलिकास्ट हुआ था। फोटो में अपनों को-एक्टर Sriti Jha के साथ मृणाल ‘बुलबुल’ बनकर घर-घर पहचान टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’ में ‘बुलबुल’ के किरदार ने मृणाल को घर-घर में पहचान दिलाई। इस भूमिका के बाद वह दर्शकों के बीच ‘बुलबुल’ के नाम से मशहूर हो गईं और उनके करियर को नई ऊंचाई मिली। बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन और डिप्रेशन का दौर हालांकि करियर की शुरुआत में मृणाल को लुक्स और फिगर को लेकर ताने सुनने पड़े। उन्हें गांव की लड़की और यहां तक कि मटका कहकर बुलाया गया। करियर के शुरुआती दिनों में मृणाल को लोकल ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करने जैसे ख्याल भी आते थे। स्ट्रगल के दिनों में वह टाउन से अंधेरी तक लोकल ट्रेन और बस से सफर कर ऑडिशन देती थीं। इंफिनिटी मॉल के वॉशरूम में ड्रेस बदलकर ऑडिशन देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। मृणाल की फिल्म ‘लव सोनिया’ 14 सितंबर 2018 को रिलीज हुई थी। ‘लव सोनिया’ से बदली किस्मत साल 2018 में इंडो-अमेरिकन फिल्म ‘लव सोनिया’ ने उनके करियर को नया मोड़ दिया। फिल्म में उनके अभिनय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई। यही उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। हालांकि जब फिल्मों के लिए मृणाल ऑडिशन दे रही थीं तब उन्हें यह कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था कि टीवी पर काफी एक्सपोज हो चुकी हैं, फिल्मों में कोई नहीं लेगा। मृणाल ठाकुर की फिल्म ‘लव सोनिया’ ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर आधारित थी। मृणाल ने बताया कि जब फिल्म के लिए कास्टिंग चल रही थी, तब उनका ऑडिशन एक ऐसे फोल्डर में बंद करके रख दिया गया था, जिस पर साफ लिखा था कि खोलना मना है। यानी वह फाइल जिसे देखा ही नहीं जाना था। हालांकि, फिल्म के निर्देशक तबरेज नूरानी ने वह फोल्डर खोला, ऑडिशन देखा और उन्हें पर्सनली मिलने के लिए बुलाया। आमने-सामने की बातचीत के बाद निर्देशक को यकीन हो गया कि वह सोनिया का किरदार निभा सकती हैं। लुक को लेकर करनी पड़ी मेहनत फिल्म में सोनिया एक गांव की सीधी-सादी लड़की है। इस किरदार के लिए एक्ट्रेस को अपने लुक को लेकर भी काफी समझाना पड़ा। उन्होंने बताया कि उन्हें निर्माता डेविड वोमार्क और टीम के बाकी सदस्यों को यह भरोसा दिलाना पड़ा कि मेकअप, हेयर स्टाइलिंग और तकनीकी मदद से किरदार के मुताबिक नैचुरल लुक दिया जा सकता है। उन्होंने टीम से खासतौर पर रिक्वेस्ट की कि उन्हें यह मौका दिया
kamal jain is producing a biopic of legendry singer RD Burman, neeraj pandey will direct, makers are in discussio with a lister actor

Hindi News Entertainment Bollywood Kamal Jain Is Producing A Biopic Of Legendry Singer RD Burman, Neeraj Pandey Will Direct, Makers Are In Discussio With A Lister Actor 11 मिनट पहले कॉपी लिंक लीजेंड्री सिंगर और कंपोजर आरडी बर्मन की बायोपिक मेगा स्कैल पर बन रही है। ये भारत की सबसे चर्चित अपकमिंग फिल्मों में से है, जिसे कमल जैन प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन नीरज पांडे करने वाले हैं। दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार, आरडी बर्मन की बायोपिक के प्रोड्यूसर इस फिल्म को मेगा-स्केल पर, भारत में पहले कभी न देखे गए सिनेमाई अनुभव के रूप में बनाने की योजना बना रहे हैं। यह बायोपिक पहले ही भारत से आने वाली सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक के रूप में सुर्खियां बटोर रही है। और ऐसा होना स्वाभाविक भी है, एक ऐसे देश में जो संगीत को जीता है, वहां महानतम दिग्गज आरडी बर्मन के असाधारण जीवन और विरासत को बड़े पर्दे पर लाने से बड़ा विषय और कोई नहीं हो सकता। फिल्ममेकर एवं निर्देशक नीरज पांडे अपनी प्रशंसित फिल्मों जैसे ए वेंसडे, बेबी, स्पेशल और ब्लॉकबस्टर बायोपिक एम.एस.धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी के लिए जाने जाते हैं। प्रोड्यूसर कमल जैन ने हाल ही में अत्यंत सफल पीरियड ड्रामा मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी का निर्माण किया था, जिसमें कंगना रनौत मुख्य भूमिका में थीं। दैनिक भास्कर ने आरडी बर्मन की बायोपिक के निर्माताओं, प्रतिष्ठित फिल्ममेकर एवं निर्देशक नीरज पांडे और प्रोड्यूसर कमल जैन से फिल्म की प्रतिष्ठित स्टारकास्ट के बारे में जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि, इस विषय पर दोनों निर्माता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। राहुल देव बर्मन, जिन्हें आरडी बर्मन के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय संगीत निर्देशक और गायक थे, जिन्हें हिंदी फिल्म संगीत जगत के सबसे महान और सफल संगीत निर्देशकों में से एक माना जाता है। 1960 के दशक से लेकर 1990 के दशक तक, बर्मन ने 331 फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और अपनी अनूठी धुनों के माध्यम से फिल्म संगीत को एक नई ऊंचाईयों पर पहुचाया। उन्होंने महान गायकों जैसे किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोसले और मोहम्मद रफी के साथ व्यापक रूप से काम किया। आरडी बर्मन ने साल 1980 में आशा भोसले से विवाह किया। इस जोड़ी ने साथ मिलकर बॉलीवुड के कई सुपरहिट गीत दिए और अनेक लाइव प्रस्तुतियां भी कीं। उन्होंने प्रसिद्ध गीतकारों जैसे मजरूह सुल्तानपुरी, आनंद बक्शी और गुलजार के साथ भी व्यापक रूप से काम किया और अपने करियर के कुछ सबसे यादगार गीतों की रचना की। “पंचम” के नाम से प्रसिद्ध, वे महान संगीतकार सचिन देव बर्मन और उनकी पत्नी, बंगाली गीतकार मीरा देव बर्मन के इकलौते पुत्र थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Current Affairs 27 February India nepal mou ganga dolphin snow leopard conservation

Hindi News Career Current Affairs 27 February India Nepal Mou Ganga Dolphin Snow Leopard Conservation 18 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. राष्ट्रपति मुर्मू पहली बार कॉम्बैट हेलिकॉप्टर में उड़ान भरेंगी 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी। राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ शुरू होगा। राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में पहली बार किसी लड़ाकू हेलिकॉप्टर को को-पायलट करेंगी। राष्ट्रपति पोखरण रेंज पहुंचेंगी, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में ‘वायु शक्ति’ युद्धाभ्यास की शुरुआत होगी। ‘वायु शक्ति-2026’ में प्रचंड के अलावा राफेल, सुखोई-30 MKI और अपाचे जैसे विमान भी अपनी शक्ति प्रदर्शन करेंगे। मुर्मू 26 फरवरी को 2 दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंची हैं।राफेल: एक डबल इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर एयर क्राफ्ट है। ये हवा से हवा, हवा से जमीनी हमले कर सकता है।सुखोई: सुखोई Su-30MKI दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है जिसे भारतीय वायु सेना के लिए रूस के सुखोई डिजाइन ब्यूरो और भारत के हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। 2. समुद्री अभ्यास ‘मिलन 2026’ पूरा हुआ 25 फरवरी को भारतीय नौसेना का प्रमुख बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास मिलन 2026 संपन्न हुआ। ‘मिलन 2026’ का आयोजन विशाखापत्तनम के तट पर विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर आयोजित हुआ। फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद ने समापन समारोह को लीड किया। मिलन अभ्यास में कुल 42 जहाजों और पनडुब्बियों और 29 एयर क्राफ्ट ने हिस्सा लिया। अभ्यास में मित्र देशों के 18 जहाज शामिल हुए थे, जो इस अभ्यास के अब तक के सबसे बड़े संस्करणों में से एक है। मिलन 2026 में हिस्सा लेने वाले देशों में यूएस, फ्रांस, रूस, ऑस्ट्रेलिया साथ ही बाद में शामिल हुए देश फिलीपींस, सऊदी अरब, साउथ कोरिया और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। मिलन एक्सरसाइज का ये 13वां एडिशन था जो 21 फरवरी से शुरू हुआ था। नियुक्ति (APPOINTMENT) 3. निधि छिब्बर नीति आयोग की अंतरिम CEO बनीं 24 फरवरी को 1994 बैच की छत्तीसगढ़ कैडर की IAS निधि छिब्बर को नीति आयोग का अंतरिम CEO नियुक्त किया गया। निधि, निवर्तमान CEO बी.वी.आर. सुब्रमण्यम की जगह लेंगी, जिनका तीन साल का कार्यकाल 24 फरवरी को खत्म हुआ है। निधि रेगुलर CEO की नियुक्ति तक या अगले आदेश तक CEO के पद पर बनी रहेंगी। 2022 में निधि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की चेयरपर्सन रहीं। निधि 30 मई 2024 से नीति आयोग की डायरेक्टर जनरल ऑफ मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूशन ऑफिसर (DEMO) के तौर पर कार्ययत हैं। अप्रैल 2025 में निधि को कुछ समय के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में विशेष अधिकारी नियुक्त किया गया था, बाद में वे थिंक टैंक में वापस चली गईं तो पोस्टिंग रद्द कर दी गई। नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) भारत सरकार का एक प्रमुख पॉलिसी थिंक टैंक है जिसने 2015 में योजना आयोग की जगह ली है। नीति आयोग का चेयरपर्सन पीएम होता है। इसके वाइस चेयरमेन पीएम अपॉइंट करते हैं और CEO केंद्र सरकार नियुक्त करती है। निधि छिब्बर को नीति आयोग में एडिशनल सेक्रेटरी के तौर पर भी नॉमिनेट किया गया था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. पीएम मोदी को इजराइली संसद का सर्वोच्च सम्मान मिला 24 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को संबोधित किया। इस दौरान उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। पीएम मोदी ने इजरायली संसद (नेसेट) के पूरे सेशन को संबोधित किया। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय पीएम बने। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए जॉइंट डिफेंस सिस्टम के प्रोडक्शन पर बातचीत होगी। मोदी के इस दौरे पर भारत और इजराइल के हथियारों से जुड़ी डील पर बातचीत की संभावना है। इनमें ड्रोन और एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इनोवेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी, साइबर सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की ये दूसरी इजराइल यात्रा है। इससे पहले वे 2017 में इजराइल गए थे। पीएम मोदी 25 फरवरी से 2 दिन के इजराइल दौरे पर हैं। 5. भारत और नेपाल ने क्लाइमेट चेंज पर फोकस्ड MoU साइन किया 25 फरवरी को भारत और नेपाल ने फॉरेस्ट, वाइल्ड लाइफ, एनवायर्नमेंट, क्लाइमेट चेंज और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक MoU साइन किया। नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव और नेपाल सरकार के वन और पर्यावरण कैबिनेट मंत्री माधव प्रसाद चौलागैन की मौजूदगी में MoU पर साइन हुए। इस MoU के तहत हाथी, गंगा डॉल्फिन, गैंडा, हिम तेंदुए, बाघ और गिद्ध जैसी प्रजातियों को संरक्षित करने पर जोर दिया जाएगा। भारत और नेपाल की खुली सीमा के कारण दोनों देशों ने कई संयुक्त (ट्रांसबाउंड्री) वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र विकसित किए हैं। ट्रांसबाउंड्री का उद्देश्य बाघ, गैंडा, हाथी जैसे वन्यजीवों की सुरक्षा करना है। ट्रांसबाउंड्री वाले रिजर्व -वाल्मीकि टाइगर रिजर्व भारत – चितवन नेशनल पार्क नेपालदुधवा नेशनल पार्क भारत- सुखलपंथा नेशनल पार्क नेपालकतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य भारत- बर्दिया नेशनल पार्क नेपाल, ये सभी ट्राई आर्क लैंडस्केप (TAL) का हिस्सा हैं। दोनों देश संयुक्त गश्त और संरक्षण प्रयासों से शिकार करने पर कंट्रोल भी करेंगे। आज का इतिहास 27 फरवरी : 2001 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे में आग लगा दी गई थी, जिसमें 59 हिन्दू कारसेवकों की मौत हुई थी। 2019 में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की थी। —————— ये खबरें भी पढ़ें… नीदरलैंड में पहले गे प्रधानमंत्री बने रॉब जेटन: अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 5 OTT प्लेटफॉर्म्स बैन हुए; 26 फरवरी के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारत ने दूसरा सबसे बड़ा टोटल बनाया:एक इनिंग में हाईएस्ट सिक्स भी लगाए; दोनों टीमों ने मिलकर 440 रन बनाए

गुरुवार को टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसी के साथ एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 440 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे ने भी दम दिखाया, लेकिन टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। भारत ने मैच 72 रन से अपने नाम किया। पढ़िए IND Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा टोटल बनाया भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा टोटल बना दिया। टीम ने 4 विकेट खोकर 256 रन बना डाले। भारत से आगे सिर्फ श्रीलंका है, जिसने 2007 में केन्या के खिलाफ 260 रन बनाए थे। 2. भारत ने एक टी-20 वर्ल्ड कप इनिंग में हाईएस्ट सिक्स लगाए भारत ने 17 सिक्स लगाए, जो किसी एक वर्ल्ड कप पारी में टीम के सबसे ज्यादा सिक्स हैं। इससे पहले भारत ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 सिक्स लगाए थे। मौजूदा टूर्नामेंट में भारत अब तक 63 छक्के लगा चुका है, जो किसी एक एडिशन में उसका बेस्ट प्रदर्शन भी है। इस मामले में सिर्फ वेस्टइंडीज (66) भारत से आगे है। 3. भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में 5वीं बार 200+ टोटल बनाया भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन बनाकर टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में 5वीं बार 200+ स्कोर का आंकड़ा पार किया। इस सूची में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका 6 बार 200+ टोटल बनाकर टॉप पर काबिज है। 4. टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा हाईएस्ट एग्रीगेट स्कोर बना भारत और जिम्बाब्वे के बीच कुल 440 रन बने, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है। इस लिस्ट में टॉप पर 2016 में वानखेड़े में खेला गया साउथ अफ्रीका बनाम इंग्लैंड मुकाबला है, जिसमें 459 रन बने थे। दिलचस्प बात यह है कि 2007 के पहले वर्ल्ड कप में भी भारत और इंग्लैंड के बीच 418 रन बने थे, जो आज भी टॉप हाई-एग्रीगेट मैचों में शामिल है। 5. हार्दिक नंबर-5 या उससे नीचे सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले प्लेयर मिडिल-ऑर्डर और फिनिशर रोल में भारत के हार्दिक पांड्या का रिकॉर्ड टी-20 वर्ल्ड कप में बेहद शानदार रहा है। नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 4 अर्धशतक लगाए हैं, जो इस पोजिशन पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा हैं। उनसे पहले डेविड मिलर, शोएब मलिक और मार्कस स्टोयनिस ने 3-3 हाफ सेंचुरी लगाई हैं। 6. जिम्बाब्वे के खिलाफ सबसे बड़ा पावरप्ले टोटल बना जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बन गया है। भारत ने शुरुआती 6 ओवर में 80 रन बना दिए। यह ओवरऑल भारत का वर्ल्ड कप में तीसरा सबसे बड़ा पावरप्ले टोटल भी है। इसी वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ 86/1 रन बनाकर भारत ने बेस्ट पावरप्ले टोटल दर्ज किया था। 7. रजा टी-20 में 3 हजार रन और 100 विकेट लेने वाले दूसरे प्लेयर जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वे 3000 से ज्यादा रन बनाने और 100 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा मलेशिया के वीरनदीप सिंह कर चुके हैं। 8. नगारवा जिम्बाब्वे के लिए एक स्पेल में सबसे ज्यादा रन देने वाले बॉलर रिचर्ड नगारावा जिम्बाब्वे के लिए टी-20 इंटरनेशनल के सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपने 4 ओवर में 62 रन लुटाए। यह किसी भी जिम्बाब्वे गेंदबाज द्वारा एक पारी में दिया गया सबसे ज्यादा रन है। इससे पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड क्रिस मपोफू के नाम दर्ज था। 9. मपोसा वर्ल्ड कप के डेब्यू ओवर में दूसरे सबसे महंगे बॉलर जिम्बाब्वे के टिनोटेंडा मपोसा ने अपने टी-20 वर्ल्ड कप का पहला ओवर बेहद महंगा डाला। उन्होंने भारत के खिलाफ 23 रन खर्च किए, जो टूर्नामेंट इतिहास में किसी गेंदबाज के डेब्यू ओवर में दूसरे सबसे ज्यादा रन हैं। इस लिस्ट में उनसे आगे सिर्फ केन्या के स्टीव टिकोलो हैं, जिन्होंने 2007 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ अपने एकमात्र ओवर में 25 रन दिए थे।
Soya Chunks Health Benefits Explained; Protein – Nutritional Value

Hindi News Lifestyle Soya Chunks Health Benefits Explained; Protein Nutritional Value | Side Effects 28 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सोया चंक्स शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स है। इसमें प्रोटीन के साथ फाइबर, कैल्शियम और आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। ये मसल्स और हड्डियों को मजबूत रखने व शरीर की इम्यूनिटी को सपोर्ट करने में मदद करता है। ‘नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH)’ के मुताबिक, सोया चंक्स कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मददगार हैं। इससे महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान होने वाले हॉट फ्लैशेज (अचानक तेज गर्मी महसूस होना) से भी राहत मिलती है। कुछ स्टडीज में पता चला है कि इससे ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क भी कम हो सकता है। साथ ही यह हड्डियों को मजबूत रखने और ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में भी मददगार है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका प्रभाव अलग हो सकता है। फिर भी संतुलित मात्रा में सोया चंक्स आमतौर पर सेहत के लिए फायदेमंद है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम सोया चंक्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सोया चंक्स में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं? क्या ज्यादा सोया चंक्स खाने के कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? किन लोगों को सोया चंक्स नहीं खाना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’ सवाल- सोया चंक्स में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? जवाब- ‘यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA)’ के मुताबिक, 100 ग्राम सोया चंक्स में लगभग 50 ग्राम प्रोटीन होता है, जो मसल बिल्डिंग और रिकवरी के लिए बेहद फायदेमंद है। सोया चंक्स वेजिटेरियन और वीगन लोगों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन सोर्स है। इसमें कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं। नीचे दिए ग्राफिक में पानी में भिगोए हुए 100 ग्राम सोया चंक्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए- सवाल- सोया चंक्स कैसे तैयार किए जाते हैं? जवाब- सोयाबीन से तेल निकालने के बाद बचे हुए हिस्से काे बारीक पीस लिया जाता है। फिर इसे प्रोसेस करके ‘सोया चंक्स’ बनाए जाते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया समझिए- कच्चे सोयाबीन से तेल निकालकर बचे हुए ‘डी-फैटेड सोया फ्लोर’ को पानी के साथ मिक्सर में मिलाया जाता है, जिससे गाढ़ी स्लरी बनती है। यह स्लरी सोया नगेट ‘एक्सट्रूडर कुकिंग मशीन’ में डाली जाती है। इसके अंदर स्लरी को हाई टेम्परेचर और प्रेशर पर पकाया जाता है। मशीन पके हुए सोया पेस्ट को कटर की मदद से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट देती है। यह प्रक्रिया हाई प्रेशर में होती है, जिससे सोया चंक्स को स्पंजी टेक्सचर मिलता है। इन छोटे-छोटे टुकड़ों को ड्रायर में सुखा लिया जाता है। इनकी क्वालिटी जांचकर अंत में पैक करके बाजार में भेज दिया जाता है। सवाल- सोया चंक्स हमारी सेहत के लिए कितने फायदेमंद हैं? जवाब- सोया चंक्स एक हाई-प्रोटीन, लो-फैट और फाइबर से भरपूर फूड है, जो शरीर की कई जरूरतों को पूरा करता है। जैसेकि- सोया चंक्स में लगभग 52% प्रोटीन होता है, जो मसल्स ग्रोथ और रिपेयर में मदद करता है। हाई फाइबर और लो फैट होने के कारण इससे पेट देर तक भरा रहता है। यह वेट मैनेजमेंट में सपोर्ट करता है। बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम करके हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है। कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर होने के कारण हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है। आयरन से भरपूर होने के कारण हीमोग्लोबिन लेवल सुधारने में मदद करता है। इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन बेहतर करता है। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद करता है। सोया चंक्स में पौधे में पाया जाने वाला ‘आइसोफ्लेवोन्स’ कंपाउंड होता है। ये मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में हॉट फ्लैशेज जैसी समस्याओं को कम करता है। इसमें मौजूद फॉस्फोरस ब्रेन फंक्शन और मेमोरी को सपोर्ट करता है। नीचे दिए ग्राफिक में इसके हेल्थ बेनिफिट्स देखिए- सवाल- सोया चंक्स को अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं? जवाब- इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं। जैसेकि- इसे सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। चावल से बने व्यंजन जैसे, पुलाव या फ्राइड राइस में इस्तेमाल हो सकता है। इसे सूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। सोया चंक्स को उबालकर सलाद में मिला सकते हैं। इसे सब्जियों के साथ हल्का सा भूनकर भी खा सकते हैं। सवाल- क्या सोया चंक्स के ज्यादा सेवन से कोई साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं? जवाब- हां, इसके ज्यादा सेवन के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसेकि- गैस सूजन अपच दस्त कुछ लोगों में सोया से एलर्जी भी होती है, जिससे खुजली, रैशेज या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सोया में मौजूद ‘फाइटोएस्ट्रोजेन थायरॉइड’ से पीड़ित लोगों में हाॅर्मोनल असंतुलन हो सकता है। सवाल- एक दिन में कितना सोया चंक्स खाना सुरक्षित है? जवाब- सीनियर डाइटीशियन डाॅ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए एक दिन में 25 से 30 ग्राम सोया चंक्स सुरक्षित है। पकाने के बाद यह मात्रा लगभग ½ से 1 कटोरी हो जाती है। सवाल- क्या डायबिटिक लोग सोया चंक्स खा सकते हैं? जवाब- हां, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स लो होता है। इसलिए यह ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ाता है। यह डायबिटिक लोगों के लिए बेहतर विकल्प है। सवाल- क्या बच्चों को सोया चंक्स देना सही है? जवाब- हां, सीमित मात्रा में बच्चों को सोया चंक्स दिया जा सकता है। ये उनकी ग्रोथ, मसल डेवलपमेंट और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। अगर बच्चे को कोई हेल्थ कंडीशन है तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। सवाल- किन लोगों को सोया चंक्स नहीं खाना चाहिए? जवाब- डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि कुछ लोगों के लिए सोया चंक्स नुकसानदायक हो सकते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- मार्केट से सोया चंक्स खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- सोया चंक्स खरीदते समय उनकी क्वालिटी पर ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- पैकेट पर FSSAI नंबर जरूर देखें। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट भी चेक करें। देखें कि पैकेट सील्ड है या नहीं। अजीब गंध वाले सोया चंक्स न खरीदें। ब्रांडेड और भरोसेमंद कंपनी के सोया चंक्स चुनें। इंग्रीडिएंट लिस्ट देखें। चेक करें कि इसमें अनावश्यक
kamal jain is producing a biopic of legendry singer RD Burman, neeraj pandey will direct, makers are in discussio with a lister actor

Hindi News Entertainment Bollywood Kamal Jain Is Producing A Biopic Of Legendry Singer RD Burman, Neeraj Pandey Will Direct, Makers Are In Discussio With A Lister Actor 2 घंटे पहले कॉपी लिंक लीजेंड्री सिंगर और कंपोजर आरडी बर्मन की बायोपिक मेगा स्कैल पर बन रही है। ये भारत की सबसे चर्चित अपकमिंग फिल्मों में से है, जिसे कमल जैन प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन नीरज पांडे करने वाले हैं। दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार, आरडी बर्मन की बायोपिक के प्रोड्यूसर इस फिल्म को मेगा-स्केल पर, भारत में पहले कभी न देखे गए सिनेमाई अनुभव के रूप में बनाने की योजना बना रहे हैं। यह बायोपिक पहले ही भारत से आने वाली सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक के रूप में सुर्खियां बटोर रही है। और ऐसा होना स्वाभाविक भी है, एक ऐसे देश में जो संगीत को जीता है, वहां महानतम दिग्गज आरडी बर्मन के असाधारण जीवन और विरासत को बड़े पर्दे पर लाने से बड़ा विषय और कोई नहीं हो सकता। फिल्ममेकर एवं निर्देशक नीरज पांडे अपनी प्रशंसित फिल्मों जैसे ए वेंसडे, बेबी, स्पेशल और ब्लॉकबस्टर बायोपिक एम.एस.धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी के लिए जाने जाते हैं। प्रोड्यूसर कमल जैन ने हाल ही में अत्यंत सफल पीरियड ड्रामा मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी का निर्माण किया था, जिसमें कंगना रनौत मुख्य भूमिका में थीं। दैनिक भास्कर ने आरडी बर्मन की बायोपिक के निर्माताओं, प्रतिष्ठित फिल्ममेकर एवं निर्देशक नीरज पांडे और प्रोड्यूसर कमल जैन से फिल्म की प्रतिष्ठित स्टारकास्ट के बारे में जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि, इस विषय पर दोनों निर्माता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। राहुल देव बर्मन, जिन्हें आरडी बर्मन के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय संगीत निर्देशक और गायक थे, जिन्हें हिंदी फिल्म संगीत जगत के सबसे महान और सफल संगीत निर्देशकों में से एक माना जाता है। 1960 के दशक से लेकर 1990 के दशक तक, बर्मन ने 331 फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और अपनी अनूठी धुनों के माध्यम से फिल्म संगीत को एक नई ऊंचाईयों पर पहुचाया। उन्होंने महान गायकों जैसे किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोसले और मोहम्मद रफी के साथ व्यापक रूप से काम किया। आरडी बर्मन ने साल 1980 में आशा भोसले से विवाह किया। इस जोड़ी ने साथ मिलकर बॉलीवुड के कई सुपरहिट गीत दिए और अनेक लाइव प्रस्तुतियां भी कीं। उन्होंने प्रसिद्ध गीतकारों जैसे मजरूह सुल्तानपुरी, आनंद बक्शी और गुलजार के साथ भी व्यापक रूप से काम किया और अपने करियर के कुछ सबसे यादगार गीतों की रचना की। “पंचम” के नाम से प्रसिद्ध, वे महान संगीतकार सचिन देव बर्मन और उनकी पत्नी, बंगाली गीतकार मीरा देव बर्मन के इकलौते पुत्र थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Holi Sexual Abuse Victim Story; PTSD Stress Disorder

48 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल– मेरी उम्र 32 साल है। मैं बचपन में अपने ही रिश्तेदार के हाथों सेक्शुअल अब्यूज का शिकार हो चुकी हूं। मेरे अब्यूज की कहानी का होली से गहरा कनेक्शन है। होली में रंग खेलने के बहाने वो हमेशा मुझे गलत तरीके से छूता था। मेरी उम्र कम थी। मैं डर और संकोच के कारण कुछ कह नहीं पाती थी। उससे बड़ी बात कि मैं समझ भी नहीं पाती थी कि ये क्या हो रहा है। बस अनकंफर्टेबल फील होता था। घर में कभी किसी ने मेरे इस डिसकंफर्ट को नोटिस नहीं किया। ये सिलसिला कुछ 4 साल तक चला होगा। अब मैं एडल्ट और इंडिपेंडेंट हूं, लेकिन होली नजदीक आते ही मेरा पास्ट ट्रॉमा ट्रिगर हो जाता है। मैं अपने दोस्तों और पार्टनर के साथ भी होली खेलने में सहज नहीं महसूस करती। होली के दिन मूड ऑफ रहता है। मैं इस ट्रॉमा से कैसे बाहर निकलूं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए आपका बहुत शुक्रिया। मैं आपकी मन:स्थिति समझ सकता हूं। यूं तो होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन जो भी लोग बचपन में इस त्योहार के बहाने सेक्शुअल अब्यूज या किसी भी तरह के गलत व्यवहार का शिकार हुए होते हैं, उनके भीतर यह दिन ट्रॉमा ट्रिगर कर सकता है। यह PTSD (पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) का संकेत है। जिस घटना, जगह, व्यक्ति से हमारा ट्रॉमा जुड़ा हो, उसके आसपास होने पर वही पुराना ट्रॉमा फिर से सतह पर आ जाता है और मानसिक रूप से दुखी, परेशान कर सकता है। PTSD कोई कमजोरी नहीं है लेकिन यहां मैं आपसे एक बात पूरा जोर देकर कहना चाहता हूं कि PTSD कोई कमजोरी नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सेलेंस (NICE) और रॉयल कॉलेज ऑफ साइकिएट्रिस्ट्स का ये मानना है कि PTSD हमारे शरीर और ब्रेन का डिफेंस मैकेनिज्म है। यह इसलिए विकसित होता है क्योंकि हमारी बॉडी हमें प्रोटेक्ट करना चाहती है। किसी गहरे सदमे या डरावने अनुभव के बाद यह विकसित होता है। इस बात को गहराई से समझने के लिए हमें थोड़ा अपने शरीर की बायोलॉजी को भी समझना पड़ेगा। तो आइए शुरू करते हैं। दर्दनाक घटनाएं और कॉर्टिसोल स्टैंपिंग जब कोई बच्चा सेक्शुअल अब्यूज का शिकार होता है तो उसके शरीर में फाइट-फ्लाइट-फ्रीज मोड एक्टिव हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप: एड्रेनेलाइन हॉर्मोन रिलीज होता है। कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) रिलीज होता है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है शरीर के सारे सेंसेज (इंद्रियां) ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। कॉर्टिसोल स्टैंपिंग क्या है? बहुत ज्यादा स्ट्रेस होने पर: कॉर्टिसोल ब्रेन के मेमोरी सेंटर को ज्यादा मजबूत कर देता है। ब्रेन उस घटना को एक “डेंजरस” घटना के रूप में “टैग” कर देता है। उस बुरी घटना से जुड़ी सारी डिटेल्स (स्पर्श, गंध, रंग, ध्वनि) सब गहराई से ब्रेन में रजिस्टर हो जाते हैं। इसके बरक्स जेनेरिक बातें, सामान्य विवरण धुंधले पड़ जाते हैं। लेकिन खतरे से जुड़ी सारी डिटेल्स ब्रेन में बहुत गहरे और साफ बनी रहती हैं। हमारी बायोलॉजी इस बात को सुनिश्चित करती है कि हम उस बुरी घटना से जुड़ी हर डिटेल को अच्छे से याद रखें। इसलिए : हो सकता है कि सरवाइवर को रोजमर्रा की सामान्य बातें, घटनाएं याद न रहें। लेकिन उसे अब्यूज से जुड़ी हरेक बात, हर डिटेल बहुत अच्छे से याद रहती है। जरूरी बात: कॉर्टिसोल हॉर्मोन डेंजर को याद रखने में हमारी मदद करता है, ताकि ठीक वैसा ही खतरा सूंघते ही हम तुरंत एलर्ट हो जाएं। लेकिन इसका नुकसान ये होता है कि हम दुर्घटना से जुड़ी हर सेंसरी डिटेल को जरनलाइज करने लगते हैं। जैसेकि चूंकि आपके अब्यूज की याद होली से जुड़ी है तो आपका ब्रेन हर होली को डेंजर के रूप में याद रखता है। ब्रेन का अलार्म सिस्टम: एमिग्डला की भूमिका एमिग्डला: हमारे ब्रेन में बादाम के आकार की एक संरचना है। ट्रॉमा की स्थिति में एमिग्डला खतरे का पता लगाता है। ब्रेन को स्ट्रेस हॉर्मोन रिलीज करने का ऑर्डर देता है। हमारे डर के रिएक्शन को एक्टिव करता है। लॉजिकल थिंकिंग को किनारे कर देता है। क्योंकि उसका मकसद उस वक्त सिर्फ हमें खतरे से बचाना है। चाइल्डहुड ट्रॉमा की स्थिति में: एमिग्डला बहुत ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है। ट्रॉमा से जुड़ी किसी भी बात पर तुंरत एक्टिव हो जाता है। एमिग्डला अतीत और वर्तमान के बीच फर्क नहीं कर सकता। इसलिए होली के दौरान जब भी ये चीजें होती हैं- अचानक किसी का छूना तेज आवाज रंगों की महक भीड़ में शारीरिक नजदीकी तो एमिग्डला कहता है- “खतरा।” एक व्यक्ति को ये पता है कि अभी खतरा नहीं है। अभी तो मैं सुरक्षित हूं, फिर भी एमिग्डला सुपर एक्टिव होकर ये बताता है कि नहीं, ये बिल्कुल पुरानी वाली सिचुएशन है। आसपास खतरा है। रिएलिटी और ब्रेन मैसेज के बीच में ये जो गैप है, इसी कारण पुराने ट्रॉमा को लेकर अकसर हमारा रिएक्शन हमारे कंट्रोल में नहीं होता। होली ट्रॉमा और PTSD स्क्रीनिंग: सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक्स में कुल 4 सेक्शंस हैं और 13 सवाल हैं। आप इन सवालों को ध्यान से पढ़ें और 0 से 4 के स्केल पर इसे रेट करें। 0 का मतलब है ‘बिलकुल नहीं’ और 4 का मतलब है, ‘हमेशा।’ अंत में अपना टोटल स्कोर काउंट करें और स्कोर की एनालिसिस करें। स्कोर इंटरप्रिटेशन भी ग्राफिक में दिया हुआ है। जैसेेकि अगर आपका टोटल स्कोर 15 से कम है तो इसका मतलब है कि बहुत माइल्ड PTSD है, लेकिन अगर स्कोर 45 से ज्यादा है तो PTSD बहुत हाई है। ऐसे में प्रोफेशनल हेल्प बहुत जरूरी है। CBT (कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी) आधारित मैनेजमेंट प्रोग्राम (होली से एक सप्ताह पहले → होली के दौरान → अगली होली तक) फेज 1: होली से एक सप्ताह पहले तैयारी 1. ट्रिगर को साफ-साफ समझना डायरी में लिखें: मुझे खासतौर पर क्या चीजें परेशान करती हैं? इसमें से क्या मेरे पास्ट ट्रॉमा से जुड़ा हुआ है? अब क्या बदला है या क्या अलग है? CBT सवाल: “आसपास ऐसा कौन सा एविडेंस है, जो ये बताए कि मैं अभी भी असुरक्षित हूं।” 2. बाउंड्री
Khabar Hatke | MP Ravana Clash & Chocolate Train

नौकरी करने विदेश गया एक शख्स रातों-रात करोड़पति बन गया। वहीं रावण के लिए मध्य प्रदेश में दो गुट आपस में ही भीड़ गए। उधर एक कलाकार ने चॉकलेट से 55 मीटर लंबी ट्रेन बना दिया। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
वेस्टइंडीज की हार से भारत की राह आसान:अब विंडीज को ही आखिरी मैच हराना होगा; न्यूजीलैंड आज जीता तो पाकिस्तान बाहर

टी-20 वर्ल्ड कप में गुरुवार का दिन भारतीय टीम के लिए अच्छा रहा। साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 9 विकेट से हरा दिया, वहीं टीम इंडिया ने आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे को 72 रन से हराया। इन नतीजों से वेस्टइंडीज और भारत के बीच होने वाला मुकाबला नॉकआउट की तरह हो गया। 1 मार्च को कोलकाता में यह मैच होगा, जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंचेगी, वहीं हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। आज न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच ग्रुप-2 का मुकाबला होगा। न्यूजीलैंड जीता तो टीम इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। वर्ल्ड कप का गणित… ग्रुप-1: साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंचा भारत को एक जीत चाहिए साउथ अफ्रीका ने सुपर-8 स्टेज में लगातार 2 मैच जीत लिए। टीम 4 पॉइंट्स के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गई। जिम्बाब्वे दूसरी हार के बाद नॉकआउट की रेस से बाहर हो गई। अब जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के बीच 1 मार्च को मुकाबला होगा। साउथ अफ्रीका जीतकर ग्रुप-1 में टॉप पर फिनिश कर सकता है। वहीं जिम्बाब्वे जीतकर साउथ अफ्रीका को नंबर-2 पर खिसका सकता है। वेस्टइंडीज को साउथ अफ्रीका ने हरा दिया। इससे भारत और विंडीज के पास सुपर-8 में 1 जीत और 1 हार हो गई। अब दोनों टीमें 1 मार्च को कोलकाता में शाम 7 बजे से आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला नॉकआउट ही होगा। जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी, वहीं हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जाएगा। ग्रुप-2: न्यूजीलैंड जीता तो पाकिस्तान बाहर ग्रुप-2 में इंग्लैंड ने 2 मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। टीम आज न्यूजीलैंड के खिलाफ भिड़ेगी। न्यूजीलैंड अगर जीता तो ग्रुप में नंबर-1 पर रहकर सेमीफाइनल में जगह बना लेगा। वहीं इंग्लैंड जीता तो टीम टॉप पर फिनिश करेगी और ग्रुप-1 में नंबर-2 पर रहने वाली टीम से सेमीफाइनल खेलेगी। न्यूजीलैंड की हार से पाकिस्तान को फायदा मिलेगा। क्योंकि हारने के बाद कीवी टीम 3 पॉइंट्स पर अटक जाएगी। 28 फरवरी को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच मैच होगा। पाकिस्तान जीता और उनका रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर रहा तो टीम नॉकआउट में पहुंच जाएगी। अगर जीतने के बाद भी पाकिस्तान का रन रेट न्यूजीलैंड से खराब रहा तो कीवी टीम नॉकआउट में एंट्री कर लेगी। श्रीलंका जीता तो भी पाकिस्तान बाहर होगा और आज हारने पर भी न्यूजीलैंड क्वालिफाई कर जाएगा।









