Saturday, 13 Jun 2026 | 08:31 PM

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झाबुआ में धधकते अंगारों पर चले मन्नतधारी:गल चूल उत्सव में उमड़ा सैलाब; खाटू श्याम की पालकी भी निकली

झाबुआ में धधकते अंगारों पर चले मन्नतधारी:गल चूल उत्सव में उमड़ा सैलाब; खाटू श्याम की पालकी भी निकली

झाबुआ जिले के ग्रामीण अंचलों में धुलेंडी का पर्व पारंपरिक ‘गल चूल’ उत्सव के रूप में मनाया गया। रायपुरिया, बिलिडोज, बावड़ी, करवड़ और टेमरिया सहित कई स्थानों पर आयोजित इस उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यहां मन्नतधारियों ने नंगे पैर दहकते अंगारों पर चलकर और ऊंचे ‘गल’ पर झूलकर अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की। 20 फीट ऊंचे ‘गल’ पर उल्टा लटके मन्नतधारी रायपुरिया में यह परंपरा पिछले 50 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। यहां चार खंभों पर स्थापित 20 फीट ऊंचे ‘गल’ पर मन्नतधारियों को उल्टा लटकाकर घुमाया गया। इस कठिन अनुष्ठान को पूरा करने के लिए श्रद्धालु एक सप्ताह पूर्व से ही सात्विक जीवन शैली अपनाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से क्षेत्र पर दैवीय कृपा बनी रहती है। अंगारों पर बच्चों को लेकर चले श्रद्धालु चूल उत्सव के दौरान रोमांच तब बढ़ गया जब श्रद्धालु नंगे पैर धधकते अंगारों के बीच से निकले। कुछ मन्नतधारियों ने तो अपने मासूम बच्चों को गोद में लेकर अंगारों का रास्ता पार किया। ग्रामीणों की मान्यता है कि माता की कृपा से उन्हें आंच तक नहीं आती। करवड़ के अम्बे माता मंदिर में भी इसी तरह का आयोजन हुआ, जहाँ भारी भीड़ जमा रही। रानापुर में खाटू श्याम की पालकी और ‘मिनी भगोरिया’ सा नजारा रानापुर नगर में बाबा खाटू श्याम की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और भजनों की धुन पर भक्त झूमते नजर आए। यहाँ चूल उत्सव के साथ-साथ मेलों जैसा माहौल भी देखने को मिला। झूलों और चकरी के कारण यहाँ का वातावरण ‘मिनी भगोरिया’ जैसा नजर आ रहा था, जिसका ग्रामीणों ने भरपूर आनंद लिया।। प्रशासन रहा अलर्ट भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार अनिल बघेल और टीआई निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। रायपुरिया से लेकर रानापुर तक प्रशासन और ग्राम पंचायतों ने पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसके चलते सभी धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए

CNG-रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं:कतर में गैस उत्पादन बंद, भारत में 40% सप्लाई घटी; मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण संकट

CNG-रसोई गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं:कतर में गैस उत्पादन बंद, भारत में 40% सप्लाई घटी; मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण संकट

मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट का उत्पादन रोक चुका है। इससे भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है। विदेश से आने वाली LNG को गैस में बदलकर ही CNG और PNG सप्लाई की जाती है। इसकी सप्लाई रुकने से सिटी गैस कंपनियों (CGD) ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो CNG और PNG के दाम बढ़ सकते हैं। तेल और गैस सप्लाई करने का रास्ता लगभग बंद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर कतर और यूएई जैसे देश अपना तेल और गैस निर्यात करते हैं। ईरान और इजरायल जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। प्लांट पर ड्रोन हमला, LNG का प्रोडक्शन रुका कतर-एनर्जी के मुताबिक, ईरान ने कतर के ‘रास लफान’ और ‘मेसाईद’ इंडस्ट्रियल सिटी स्थित प्लांट पर ड्रोन से हमला किया था। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने LNG का प्रोडक्शन फिलहाल रोक दिया है। पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ठिकानों पर स्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और पोर्ट्स को निशाना बनाया है। खाद और बिजली उत्पादन पर भी खतरा भारत में आयातित LNG का इस्तेमाल सिर्फ घरों और गाड़ियों में ही नहीं, बल्कि बिजली बनाने और यूरिया (खाद) उत्पादन में भी होता है। CNG कंपनियों ने सरकार को लिखी चिट्ठी, संकट की चेतावनी गैस की किल्लत को देखते हुए ‘एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज’ (ACE) ने सरकारी कंपनी गेल (GAIL) को पत्र लिखकर स्पष्टता मांगी है। कंपनियों का कहना है कि अगर कतर से आने वाली सस्ती गैस नहीं मिली, तो उन्हें ‘स्पॉट मार्केट’ से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी। पेट्रोनेट LNG ने जारी किया ‘फोर्स मेजर’ नोटिस भारत की सबसे बड़ी गैस आयात करने वाली कंपनी पेट्रोनेट LNG ने कतर की कंपनी कतर-एनर्जी को ‘फोर्स मेजर’ नोटिस भेजा है। फोर्स मेजर का मतलब है कि किसी बड़ी वजहजैसे युद्ध या संकट के कारण कंपनी अभी तय समझौते के मुताबिक गैस सप्लाई नहीं कर पा रही है। कंपनी ने गेल (GAIL), इंडियन ऑयल (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी कंपनियों को भी फोर्स मेजर नोटिस जारी कर सूचित किया है कि उन्हें मिलने वाली गैस की सप्लाई कम रहेगी। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि युद्ध के कारण होने वाले बिजनेस नुकसान पर इंश्योरेंस कवर भी नहीं मिलता है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… दावा- भारत के पास सिर्फ 25 दिन का तेल बचा: इजराइल-ईरान जंग के बीच इम्पोर्ट रूट बंद; सरकार नए सप्लायर्स तलाश रही पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के बीच दावा किया जा रहा है कि भारत के पास अब सिर्फ 25 दिनों का क्रूड ऑयल यानी कच्चा तेल और रिफाइंड ऑयल का स्टॉक बचा है। न्यूज एजेंसी ANI ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर यह अपडेट सरकारी सूत्रों के मुताबिक दिया है। हालांकि सरकार अभी पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

राज्यसभा जाने वाले हैं नीतीश कुमार? बिहार में इस बार एक और ‘सीएम परिवर्तन’ की चर्चा, और इसका क्या मतलब है | राजनीति समाचार

South Africa Vs New Zealand Live Cricket Score, T20 World Cup 2026 Semifinal: Stay updated with SA vs NZ Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Kolkata. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 17:48 IST सूत्रों ने कहा कि जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाने पर बिहार के सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके लिए वह कथित तौर पर कल नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार आखिरी बार 1998 से 2004 के बीच तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में कार्यरत थे। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1 मार्च को 75 वर्ष के हो गए। लेकिन इसका बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की नवीनतम अटकलों से कोई लेना-देना नहीं है, जो राज्यसभा में उनके संभावित कदम को लेकर सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके लिए वह कथित तौर पर गुरुवार (5 मार्च) को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। लेकिन, कई लोग एक अहम सवाल पूछ रहे हैं: क्या यह नीतीश कुमार का अंत है? ऐसा नहीं है कि जद (यू) के दिग्गज नेता ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी छाप नहीं छोड़ी है। उन्होंने 1998 से 2004 के बीच तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अधीन एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार में रेलवे, भूतल परिवहन और कृषि मंत्री के रूप में संसद में कार्य किया। हालाँकि, अगर नीतीश राज्यसभा में चले जाते हैं, तो यह बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाएगा। यह कहना अतिशयोक्ति होगी कि उनके पद छोड़ने से राज्य में उथल-पुथल मच जाएगी। बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले, उनके पास गठबंधन बदलने (तीन बार) का रिकॉर्ड है, लेकिन 2005 के बाद से सभी चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। 20 नवंबर, 2025 को उन्होंने रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ ली। अगर नीतीश कुमार सीएम पद छोड़ दें तो क्या होगा? ऐतिहासिक रूप से, राज्यसभा में बदलाव की व्याख्या “शानदार निकास” रणनीति के रूप में की गई है। इसका मतलब नीतीश कुमार के लिए भी यही हो सकता है, संभावित रूप से उनके लिए “बड़े राजनेता” या “मार्गदर्शक” की भूमिका निभाने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। ऐसा तब हुआ है जब नीतीश के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में औपचारिक प्रवेश करने वाले हैं, जो जद (यू) की आंतरिक उत्तराधिकार योजना में एक गहरे बदलाव का संकेत है। बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि इससे उनके लिए जदयू में अग्रणी भूमिका निभाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। लेकिन, इस बदलाव में सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी भाजपा होगी। जबकि एनडीए ने 2025 के चुनावों के दौरान आधिकारिक तौर पर नीतीश के नेतृत्व के लिए अपना समर्थन बनाए रखा, राज्यसभा में उनके संभावित कदम से इस बात की चर्चा फिर से शुरू हो गई कि भगवा पार्टी आखिरकार सीएम की कुर्सी पर काबिज हो जाएगी। एनडीए की शानदार जीत के बाद – 243 में से 202 सीटें हासिल करके – भाजपा 89 विधायकों के साथ पहली बार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सत्ता संतुलन में इस “बड़े भाई” बदलाव का मतलब है कि अगर नीतीश दिल्ली चले जाते हैं, तो भाजपा राज्य के सर्वोच्च पद की मांग करना लगभग तय है। विशेषज्ञों ने कहा कि भाजपा ने उन्हें समर्थन देने के अपने चुनाव पूर्व वादे को बरकरार रखा है, लेकिन वर्तमान परिदृश्य को तेजी से “नीतीश के बाद के युग” के रूप में देखा जा रहा है, जहां पार्टी प्रमुख ताकत के रूप में अपनी स्थिति को प्रतिबिंबित करने के लिए अपने स्वयं के एक को स्थापित करना चाहती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 17:26 IST समाचार राजनीति राज्यसभा जाने वाले हैं नीतीश कुमार? बिहार में इस बार एक और ‘सीएम परिवर्तन’ की चर्चा, और इसका क्या मतलब है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

पाकिस्तान के फरहान टी-20 रैकिंग में अभिषेक के करीब पहुंचे:अब सिर्फ 26 पॉइंट्स का फासला; बॉलर्स में वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद

पाकिस्तान के फरहान टी-20 रैकिंग में अभिषेक के करीब पहुंचे:अब सिर्फ 26 पॉइंट्स का फासला; बॉलर्स में वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद

पाकिस्तान के ओपनर बैटर साहिबजादा फरहान ICC मेंस टी-20 रैंकिंग में नंबर-1 पर मौजूद अभिषेक शर्मा के करीब पहुंच गए हैं। दोनों के बीच अब सिर्फ 26 प्वाइंट्स का फासला है। ICC ने बुधवार को टी-20 प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। बॉलर्स में भारत के वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद हैं। वहीं ऑलराउंडर्स में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा पहले स्थान पर है। टी-20 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन के बावजूद अभिषेक शर्मा बैटर्स की रैंकिंग में टॉप पर मौजूद हैं। अभिषके ने इस वर्ल्ड कप की 6 पारियों में सिर्फ 80 रन बनाए है, जबकि 55 रन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। दूसरी ओर साहिबजादा फरहान ने करियर की बेस्ट 848 रेटिंग प्वाइंट्स हासिल किए हैं। वह एक पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गए है। उन्होंने इंग्लैंड के फिल सॉल्ट को पीछे छोड़ा। फरहान ने इस वर्ल्ड कप की 6 पारियों में दो शतक जड़ते हुए 383 रन बनाए हैं। वह फिलहाल टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं। सुपर 8 खत्म होने के बाद रैंकिंग में कई बड़े बदलाव आए हैं। भारत के ईशान किशन चौथे नंबर पर (783 पॉइंट्स) और तिलक वर्मा छठे नंबर पर (749 पॉइंट्स) पहुंच गए हैं। दोनों एक-एक पायदान ऊपर चढ़े। साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस भी एक पायदान ऊपर चढ़कर आठवें नंबर पर हैं। जिम्बाब्वे के ब्रायन बेनेट ने 292 रन बनाकर 6 पायदान की छलांग लगाई और 11वें नंबर पर पहुंच गए। साउथ अफ्रीका के रेयान रिकेल्टन 13वें और एडेन मार्कराम 16वें नंबर पर चढ़े हैं। वरुण चक्रर्ती टॉप पर मौजूद, अबरार दो पायदान चढ़े भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती 771 प्वॉइंट्स के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उन्होंने दूसरे नंबर पर मौजूद राशिद खान से 18 पॉइंट्स की बढ़त बनाई है। पाकिस्तान के अबरार अहमद दो पायदान चढ़कर तीसरे नंबर पर आ गए हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह एक पायदान ऊपर सातवें और अर्शदीप सिंह छह पायदान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर हैं। इंग्लैंड के लियाम डॉसन 9 पायदान चढ़कर 14वें (शेयर) और साउथ अफ्रीका के लुंगी एनगिडी 6 पायदान ऊपर 20वें नंबर पर हैं। हार्दिक ने सईम अयूब को पीछे छोड़ा जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा 328 पॉइंट्स के साथ टॉप पर बने हुए हैं। वहीं हार्दिक पांड्या ने पाकिस्तान के सईम अयूूब को पीछे छोड़ दिया है। वह अब दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। हार्दिक के 284, जबकि तीसरे नंबर पर मौजूद सईम के 275 पॉइंट्स हैं। वेस्टइंडीज के जेसन होल्डर ने बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन करते हुए 8 पायदान की छलांग लगाई है। अब वह 11वें नंबर पर पहुंच गए हैं। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहला सेमीफाइनल आज SA Vs NZ:टूर्नामेंट इतिहास में साउथ अफ्रीका को नहीं हरा सकी न्यूजीलैंड, इस एडिशन में भी अजेय टी-20 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल मैच आज साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा। वर्ल्ड कप इतिहास में दोनों टीमों की यह छठी भिड़ंत होगी। पिछले सभी पांच मुकाबले साउथ अफ्रीका ने जीते हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान के फरहान टी-20 रैकिंग में अभिषेक के करीब पहुंचे:अब सिर्फ 26 पॉइंट्स का फासला; बॉलर्स में वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद

पाकिस्तान के फरहान टी-20 रैकिंग में अभिषेक के करीब पहुंचे:अब सिर्फ 26 पॉइंट्स का फासला; बॉलर्स में वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद

पाकिस्तान के ओपनर बैटर साहिबजादा फरहान ICC मेंस टी-20 रैंकिंग में नंबर-1 पर मौजूद अभिषेक शर्मा के करीब पहुंच गए हैं। दोनों के बीच अब सिर्फ 26 प्वाइंट्स का फासला है। ICC ने बुधवार को टी-20 प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। बॉलर्स में भारत के वरुण चक्रवर्ती टॉप पर मौजूद हैं। वहीं ऑलराउंडर्स में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा पहले स्थान पर है। टी-20 वर्ल्ड कप में खराब प्रदर्शन के बावजूद अभिषेक शर्मा बैटर्स की रैंकिंग में टॉप पर मौजूद हैं। अभिषके ने इस वर्ल्ड कप की 6 पारियों में सिर्फ 80 रन बनाए है, जबकि 55 रन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। दूसरी ओर साहिबजादा फरहान ने करियर की बेस्ट 848 रेटिंग प्वाइंट्स हासिल किए हैं। वह एक पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गए है। उन्होंने इंग्लैंड के फिल सॉल्ट को पीछे छोड़ा। फरहान ने इस वर्ल्ड कप की 6 पारियों में दो शतक जड़ते हुए 383 रन बनाए हैं। वह फिलहाल टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं। सुपर 8 खत्म होने के बाद रैंकिंग में कई बड़े बदलाव आए हैं। भारत के ईशान किशन चौथे नंबर पर (783 पॉइंट्स) और तिलक वर्मा छठे नंबर पर (749 पॉइंट्स) पहुंच गए हैं। दोनों एक-एक पायदान ऊपर चढ़े। साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस भी एक पायदान ऊपर चढ़कर आठवें नंबर पर हैं। जिम्बाब्वे के ब्रायन बेनेट ने 292 रन बनाकर 6 पायदान की छलांग लगाई और 11वें नंबर पर पहुंच गए। साउथ अफ्रीका के रेयान रिकेल्टन 13वें और एडेन मार्कराम 16वें नंबर पर चढ़े हैं। वरुण चक्रर्ती टॉप पर मौजूद, अबरार दो पायदान चढ़े भारत के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती 771 प्वॉइंट्स के साथ टॉप पर बने हुए हैं। उन्होंने दूसरे नंबर पर मौजूद राशिद खान से 18 पॉइंट्स की बढ़त बनाई है। पाकिस्तान के अबरार अहमद दो पायदान चढ़कर तीसरे नंबर पर आ गए हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह एक पायदान ऊपर सातवें और अर्शदीप सिंह छह पायदान की छलांग लगाकर 13वें नंबर पर हैं। इंग्लैंड के लियाम डॉसन 9 पायदान चढ़कर 14वें (शेयर) और साउथ अफ्रीका के लुंगी एनगिडी 6 पायदान ऊपर 20वें नंबर पर हैं। हार्दिक ने सईम अयूब को पीछे छोड़ा जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा 328 पॉइंट्स के साथ टॉप पर बने हुए हैं। वहीं हार्दिक पांड्या ने पाकिस्तान के सईम अयूूब को पीछे छोड़ दिया है। वह अब दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। हार्दिक के 284, जबकि तीसरे नंबर पर मौजूद सईम के 275 पॉइंट्स हैं। वेस्टइंडीज के जेसन होल्डर ने बल्ले और गेंद दोनों से अच्छा प्रदर्शन करते हुए 8 पायदान की छलांग लगाई है। अब वह 11वें नंबर पर पहुंच गए हैं। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहला सेमीफाइनल आज SA Vs NZ:टूर्नामेंट इतिहास में साउथ अफ्रीका को नहीं हरा सकी न्यूजीलैंड, इस एडिशन में भी अजेय टी-20 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल मैच आज साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा। वर्ल्ड कप इतिहास में दोनों टीमों की यह छठी भिड़ंत होगी। पिछले सभी पांच मुकाबले साउथ अफ्रीका ने जीते हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। पूरी खबर पढ़ें…

जबलपुर के पनागर जंगल में बुजुर्ग का शव मिला:सिर पर चोट के निशान; हत्या की आशंका

जबलपुर के पनागर जंगल में बुजुर्ग का शव मिला:सिर पर चोट के निशान; हत्या की आशंका

जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र अंतर्गत छतरपुर गांव के पास जंगल में बुधवार को एक बुजुर्ग का लहूलुहान शव मिला है। मृतक की पहचान 60-62 वर्षीय हल्लू कोल के रूप में हुई है, जो ककरहाई तालाब के पास खेत की रखवाली करते थे। हल्लू कोल का शव छतरपुर गांव से लगभग ढाई किलोमीटर दूर सुनसान जंगल में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि मृतक के सिर पर गहरे घाव के निशान थे और घटनास्थल पर खून भी बिखरा हुआ था। थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। प्रारंभिक जांच में सिर पर गंभीर चोट के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने भी इस घटना को हत्या बताया है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। थाना पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

ATF Up 6%, Rupee Fall & Geopolitical Tensions Hit Airlines

ATF Up 6%, Rupee Fall & Geopolitical Tensions Hit Airlines

Hindi News Business Indian Aviation Crisis 2026: ATF Up 6%, Rupee Fall & Geopolitical Tensions Hit Airlines नई दिल्ली48 मिनट पहले कॉपी लिंक एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। भारतीय एविएशन इंडस्ट्री एक बार फिर मुश्किल दौर से गुजर रही है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में उछाल, डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने एयरलाइंस की प्रॉफिटेबिलिटी यानी मुनाफे पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, ग्राउंडेड विमानों की संख्या में कमी आने से राहत मिली है, लेकिन इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ानों के रद्द होने और रूट बदलने से एयरलाइंस का खर्च बढ़ गया है। मार्च में 6% महंगा हुआ जेट फ्यूल, ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ी एयरलाइंस के लिए फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% तक होती है। फरवरी 2026 तक 11 महीनों में ATF की एवरेज कीमत 91,173 रुपए प्रति किलोलीटर (KL) थी, लेकिन मार्च 2026 में यह 6% बढ़कर 96,638 रुपए प्रति KL पर पहुंच गई है। अगर कोविड से पहले (वित्त वर्ष 2020) के स्तर से तुलना करें, तो तब कीमत 64,715 रुपए प्रति KL थी। यानी अब भी कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव और ईरान-इजराइल जंग के कारण कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जो एयरलाइंस के लिए बड़ा रिस्क है। वित्त वर्ष 2026 में रुपया 9% कमजोर हुआ वित्त वर्ष 2026 में भारतीय रुपया करीब 9% तक कमजोर हुआ है। वहीं भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। एयरलाइंस के कई बड़े खर्च डॉलर में होते हैं, जैसे… विमानों का लीज पेमेंट इंजन-एयरक्राफ्ट का मेंटेनेंस खर्च स्पेयर पार्ट्स की खरीद विदेशी क्रू मेंबर्स की सैलरी कर्ज का भुगतान रुपया गिरने से इन सभी खर्चों का बोझ बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि घाटे में चल रही एयरलाइंस के लिए कम मार्जिन के बीच यह दोहरी मार जैसा है। मिडिल ईस्ट संकट का सबसे ज्यादा असर एअर इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो की इंटरनेशनल उड़ानों पर पड़ रहा है। ईरान-इजराइल युद्ध और पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से खर्च बढ़ा मिडिल ईस्ट में तनाव और पाकिस्तान एयरस्पेस के लगातार बंद रहने से भारतीय एयरलाइंस को अपने इंटरनेशनल रूट्स बदलने पड़ रहे हैं। एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक, रूट बदलने से फ्लाइट टाइम बढ़ गया है और इससे फ्यूल की खपत भी ज्यादा हो रही है। हालांकि एयरलाइंस इस बढ़े हुए खर्च का कुछ हिस्सा पैसेंजर्स से वसूलने की कोशिश करेंगी, लेकिन घरेलू बाजार में बढ़ते कॉम्पिटिशन की वजह से किराए में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी करना मुश्किल होगा। एअर इंडिया और इंडिगो की क्षमता पर असर HSBC की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट संकट का सबसे ज्यादा असर एअर इंडिया, स्पाइसजेट और इंडिगो की इंटरनेशनल उड़ानों पर पड़ रहा है… एअर इंडिया: क्षमता का 40% से ज्यादा हिस्सा प्रभावित। स्पाइसजेट: करीब 32% क्षमता पर असर। इंडिगो: 20% तक क्षमता प्रभावित हो सकती है। यूरोप और मिडिल ईस्ट के कई रूट्स पर उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, जिससे एयरलाइंस का रेवेन्यू घट रहा है। ग्राउंडेड विमानों की संख्या में कमी आई इंडस्ट्री के लिए एक अच्छी खबर यह है कि खड़े हुए यानी ग्राउंडेड विमानों की स्थिति सुधर रही है। ICRA की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट किंजल शाह के मुताबिक, इंजन की खराबी और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से सितंबर 2023 में 20-22% विमान खड़े थे। फरवरी 2026 तक यह घटकर 13-15% रह गया है। फिलहाल देश में करीब 117 विमान ही ग्राउंडेड हैं। जैसे-जैसे नए विमान बेड़े में शामिल होंगे, सप्लाई और डिमांड के बीच तालमेल बेहतर होगा। ये खबर भी पढ़ें… रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 92.05 पर आया: इजराइल-ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का असर, विदेशी सामान महंगे होंगे मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के बढ़ते दाम के कारण भारतीय रुपया आज 4 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले जनवरी में रुपया 91.98 के निचले स्तर पर गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इस साल रुपए में अब तक 2% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इससे चलते यह 2026 में दुनिया के इमर्जिंग मार्केट्स की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक बन गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली:19 मार्च की जगह अब 4 जून को आएगी मूवी, 8 मार्च का ट्रेलर लॉन्च इवेंट भी कैंसल

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली:19 मार्च की जगह अब 4 जून को आएगी मूवी, 8 मार्च का ट्रेलर लॉन्च इवेंट भी कैंसल

यश की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन अप्स का ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट, जो पहले 8 मार्च को बेंगलुरु में होने वाला था, अब कैंसल कर दिया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि फिल्म की रिलीज डेट 19 मार्च से बढ़ाकर 4 जून कर दी गई है। प्रोड्यूसर्स ने कहा कि मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में चल रहे टेंशन की वजह से सिनेमा के काम पर असर पड़ रहा है, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया। ट्रेलर लॉन्च इवेंट में पूरे भारत से मीडिया को बेंगलुरु बुलाने का प्लान था। फिल्म धुरंधर 2 से क्लैश होने वाली थी बता दें कि फिल्म टॉक्सिक पहले 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी, जो रणवीर सिंह की फिल्म “धुरंधर: द रिवेंज” से क्लैश करने वाली थी। हालांकि, फिल्म के पोस्टपोन होने के कारण, आदित्य धर की फिल्म अब सोलो रिलीज होगी। फिल्म की टीम का कहना है कि विदेशों में, खासकर खाड़ी देशों में, बड़े मार्केट में हालात ठीक नहीं हैं। हाल ही में, US और इजराइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में इजराइल और US के बेस पर मिसाइल हमले किए। यह टेंशन पिछले पांच दिनों से चल रहा है। इसलिए, दुनिया भर में बेहतर रिलीज के लिए फिल्म की रिलीज को टालने का फैसला किया गया। सिनेमा ऑपरेशन में आ रही मुश्किलों को देखते हुए, प्रोडक्शन हाउस ने अपना पूरा प्रमोशनल प्लान बदल दिया है। फिलहाल, ट्रेलर लॉन्च समेत सभी प्रमोशनल एक्टिविटीज को नई रिलीज डेट के करीब आने तक रोक दिया गया है। एक ऑफिशियल बयान में, KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस ने कहा कि फिल्म को एक ग्लोबल सिनेमैटिक एक्सपीरियंस के तौर पर बनाया गया है। इसे कन्नड़ और इंग्लिश में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में डब करके रिलीज किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि रिलीज डेट को रीशेड्यूल करने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन यह दुनिया भर के दर्शकों और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स के सबसे अच्छे फायदे में लिया गया फैसला था। अब जून रिलीज के हिसाब से प्रमोशनल प्लान बनेगा फिल्म का प्रमोशनल प्लान अब जून की नई रिलीज डेट के हिसाब से फिर से बनाया जाएगा ताकि भारत और विदेश में ज्यादा लोगों तक यह पहुंच सके। फिल्म का नया प्रमोशनल प्लान आने वाले हफ्तों में अनाउंस किया जाएगा। तब तक, फैंस को इस बहुत इंतजार वाली फिल्म की पहली झलक के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।

अब जड़ से खत्म होगा शुगर, करोड़ों मरीजों को मिलेगी ‘संजीवनी’! चीन ने खोजा बिना दवा और इंजेक्शन वाला फॉर्मूला

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होमदुनियाचीन अब जड़ से खत्म होगा शुगर, करोड़ों मरीजों को मिलेगी ‘संजीवनी’! मिल गया फॉर्मूला Last Updated:March 04, 2026, 16:31 IST दुनिया भर के करोड़ों मधुमेह रोगियों के लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है, जिसने मेडिकल जगत में तहलका मचा दिया है. चीन के वैज्ञानिकों ने ‘स्टेम-सेल थेरेपी’ (Stem-Cell Therapy) का इस्तेमाल करते हुए इतिहास में पहली बार टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) को पूरी तरह से रिवर्स (ठीक) करने में कामयाबी हासिल की है. इस सफल प्रयोग के बाद मरीज को अब अपना ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए किसी भी तरह के इंसुलिन के इंजेक्शन या भारी-भरकम दवाइयों की जरूरत नहीं है. यह ऐतिहासिक सफलता ‘रीजेनरेटिव मेडिसिन’ के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है. चीन ने खोजा डायबिटीज के इलाज के लिए संजीवनी. (सांकेतिक फोटो) डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में अब तक यही कहा जाता था कि “यह एक बार हो जाए, तो मरते दम तक साथ नहीं छोड़ती.” दुनिया भर में शुगर की दवाइयां और इंसुलिन बनाने वाली कंपनियों का अरबों का कारोबार इसी बात पर टिका है. लेकिन चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मेडिकल ‘चमत्कार’ कर दिखाया है, जिसने इस लाइलाज मानी जाने वाली बीमारी के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है. चीन ने स्टेम-सेल थेरेपी के जरिए टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म करने का दावा किया है. खत्म हुआ इंसुलिन का खेल ऐतिहासिक घटनाक्रम में, चीनी शोधकर्ताओं ने एक मरीज के शरीर में स्वस्थ पैंक्रियाटिक (अग्न्याशय) कोशिकाओं को ट्रांसप्लांट करके टाइप-2 डायबिटीज को पलट दिया है. यह प्रयोग सफल रहा है और सबसे बड़ी बात यह है कि अब उस मरीज को ब्लड शुगर मैनेज करने के लिए दर्दनाक इंसुलिन इंजेक्शन या मुट्ठी भर दवाइयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है. एनडीटीवी (NDTV) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टाइप-2 डायबिटीज तब होती है जब शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे खून में शुगर का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ जाता है. ऐसे में मरीजों को बाहर से इंसुलिन लेना पड़ता है. एक बार जब कोई व्यक्ति इंसुलिन पर निर्भर हो जाता है, तो उसके शरीर के प्राकृतिक काम करने के तरीके को वापस लाना लगभग असंभव माना जाता था. लेकिन चीन ने इस असंभव को संभव कर दिखाया है. कैसे हुआ यह चमत्कार? समझें स्टेम सेल थेरेपी के 4 अहम चरण इस पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिकों ने बेहद जटिल और उन्नत तकनीक से अंजाम दिया है. टाइप-2 डायबिटीज को रिवर्स करने के लिए शोधकर्ताओं ने निम्नलिखित कदम उठाए: स्टेम सेल प्राप्त करना: सबसे पहले मरीज या किसी डोनर (दाता) के शरीर से ‘स्टेम सेल’ निकाले जाते हैं. इन कोशिकाओं में एक जादुई खूबी होती है—ये शरीर के किसी भी विशेष अंग की कोशिका का रूप ले सकती हैं. लैब में ‘रीप्रोग्रामिंग’: प्रयोगशाला में इन स्टेम सेल्स को खास रासायनिक और जेनेटिक सिग्नल दिए जाते हैं. इन सिग्नल्स की मदद से स्टेम सेल को ‘पैंक्रियाटिक आइलेट सेल्स’ (विशेष रूप से बीटा सेल्स) में बदल दिया जाता है, जो प्राकृतिक रूप से शरीर में इंसुलिन बनाते हैं. क्लस्टर तैयार करना: जब ये कोशिकाएं अपना रूप बदल लेती हैं, तो इन्हें एक साथ विकसित करके स्वस्थ पैंक्रियाटिक ऊतकों (Tissue) का एक ‘गुच्छा’ (Cluster) तैयार किया जाता है. ये गुच्छे ब्लड शुगर के स्तर में होने वाले बदलावों को भांप सकते हैं और जरूरत पड़ने पर खुद ही इंसुलिन छोड़ सकते हैं. शरीर में ट्रांसप्लांट: अंतिम चरण में, इंसुलिन बनाने वाले इन गुच्छों को मरीज के पेट (Abdomen) में ट्रांसप्लांट कर दिया जाता है. शरीर के अंदर जाते ही ये मरीज की ब्लड सप्लाई के साथ जुड़ जाते हैं. सबसे बड़ी चुनौती: शरीर का ‘रिजेक्शन’ इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती यह देखना होता है कि मरीज का शरीर इन नई कोशिकाओं को अपनाता है (Accept) या उन्हें बाहरी दुश्मन समझकर खारिज (Reject) कर देता है. सारा परिणाम इसी बात पर निर्भर करता है. एक बार जब शरीर इन्हें स्वीकार कर लेता है, तो ये नई कोशिकाएं एक स्वस्थ पैंक्रियास की तरह काम करने लगती हैं. वे खुद ही खून में बढ़ती शुगर को डिटेक्ट करती हैं और उसे सामान्य करने के लिए इंसुलिन रिलीज करती हैं. इस सफलता के बाद मरीज को बाहरी इंसुलिन की जरूरत या तो बिल्कुल खत्म हो जाती है या बेहद कम रह जाती है. ‘रीजेनरेटिव मेडिसिन’ का नया युग सर्जरी के बाद अंतिम चरण में, डॉक्टर मरीजों की कड़ी निगरानी करते हैं. वे यह सुनिश्चित करते हैं कि ट्रांसप्लांट की गई कोशिकाएं जीवित रहें, लगातार इंसुलिन बनाती रहें और शरीर में कोई ‘इम्यून रिएक्शन’ (Immune Reaction) या अन्य जटिलताएं पैदा न हों. स्टेम सेल पर आधारित यह इलाज ‘रीजेनरेटिव मेडिसिन’ (पुनर्योजी चिकित्सा) का एक जीता-जागता प्रमाण है. अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो यह दुनिया भर के करोड़ों डायबिटीज मरीजों के लिए एक स्थायी, व्यक्तिगत और दर्द-मुक्त समाधान साबित होगी. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : March 04, 2026, 16:31 IST

‘हम उनका स्वागत करते हैं…’: बिहार के मंत्री ने जदयू प्रमुख के रूप में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का समर्थन किया | राजनीति समाचार

South Africa Vs New Zealand Live Cricket Score, T20 World Cup 2026 Semifinal: Stay updated with SA vs NZ Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Kolkata. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:मार्च 04, 2026, 16:16 IST बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने राजनीति के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत का समर्थन करते हुए कहा कि जदयू ने उनका रास्ता साफ कर दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार के साथ पटना में अपने आधिकारिक आवास पर। (पीटीआई फाइल फोटो) बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में प्रवेश का समर्थन करते हुए पुष्टि की कि जनता दल (यूनाइटेड) ने उनके लिए पार्टी में अग्रणी भूमिका निभाने का रास्ता साफ कर दिया है। से बात हो रही है एएनआईश्रवण कुमार ने कहा कि निशांत के प्रवेश का रास्ता तय हो गया है, एक बार जब वह औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल हो जाएंगे, तो वरिष्ठ नेता भविष्य की रणनीति और रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करेंगे। उन्होंने कहा, “पार्टी ने उन्हें सक्रिय राजनीति में भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया है। इससे सभी अटकलों पर विराम लग जाएगा। उनके प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है और मेरा मानना ​​है कि जब वह पार्टी में शामिल होंगे तो वरिष्ठ नेता मिलेंगे और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। बिहार के प्रगतिशील लोग चाहते हैं कि निशांत कुमार आएं और कमान संभालें।” #घड़ी | पटना | बिहार के मंत्री श्रवण कुमार कहते हैं, “उत्साह न केवल जेडीयू में बल्कि बिहार के प्रगतिशील युवाओं में भी देखा जा रहा है। निशांत कुमार (नीतीश कुमार के बेटे) होली के मौके पर बिहार आ रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं कि वह आएं और पार्टी की कमान संभालें और मुलाकात करें… pic.twitter.com/3TfgFavSi2– एएनआई (@ANI) 4 मार्च 2026 श्रवण कुमार की टिप्पणियाँ संकेत देती हैं कि कई लोग इसे बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए अध्याय के रूप में देखते हैं, जिससे निशांत के राजनीतिक भविष्य पर महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दमदार प्रदर्शन के बाद से उनकी एंट्री की काफी चर्चा हो रही है. इस बीच, बिहार के एक अन्य मंत्री अशोक चौधरी ने भी इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित इंजीनियर निशांत में उनके पिता सीएम नीतीश कुमार की शारीरिक भाषा, शालीनता और सादगी झलकती है। चौधरी ने कहा, “वह एक शिक्षित इंजीनियर हैं और नीतीश की शारीरिक भाषा, शालीनता और सादगी की सच्ची फोटोकॉपी हैं… यह सब पार्टी कार्यकर्ताओं के इशारे पर हो रहा है। यह नीतीश का निर्णय नहीं है। पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। इसलिए, यह एक अद्भुत होली उपहार होगा।” दिसंबर 2025 में, जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पार्टी के सदस्य और समर्थक चाहते हैं कि निशांत संगठन के लिए काम करें, और कहा कि उनके औपचारिक प्रवेश का समय उनका अपना निर्णय होगा। झा ने कहा, “हम सभी यह चाहते हैं। अब उन्हें फैसला करना है… वह कब फैसला लेंगे और पार्टी में काम करेंगे।” (एएनआई से इनपुट के साथ) जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 04, 2026, 16:11 IST समाचार राजनीति ‘हम उनका स्वागत करते हैं…’: बिहार के मंत्री ने जदयू प्रमुख के रूप में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का समर्थन किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) निशांत कुमार (टी) बिहार की राजनीति (टी) नीतीश कुमार (टी) जेडी (यू) (टी) राजनीतिक प्रवेश (टी) बिहार के मुख्यमंत्री (टी) सक्रिय राजनीति (टी) पार्टी रणनीति