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रेफ्रिजरेटर का उपयोग करने के टिप्स: गर्मी के बर्तन देती हैं ही फ्रिज में कर लें ये अहम सेटिंग, बचेगी बिजली और बढ़ेगी कूलिंग

रेफ्रिजरेटर का उपयोग करने के टिप्स: गर्मी के बर्तन देती हैं ही फ्रिज में कर लें ये अहम सेटिंग, बचेगी बिजली और बढ़ेगी कूलिंग

रेफ्रिजरेटर युक्तियाँ: जैसे-जैसे गर्मी का एहसास हो रहा है, वैसे ही घरों में फ़र्ज़ी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ठंडा पानी, फल-सब्जियां और खाने को सुरक्षित रखने के लिए फ़िरोज़ को अब दिन रात का ऑर्डर दिया जा रहा है। लेकिन हीट आ जाए तो आपको अपनी फर्म में कुछ सेटिंग ठीक करनी होती है, ताकि आसानी से कूलिंग हो सके और बिजली की गृहस्थी बनी रहे। तो जानिए कुछ आसान बदलावों से आप अपने फ़र्ज़ी की सलाह को बेहतर बना सकते हैं। समरसाइन फ़र्ज़ी को सही जगह पर रखना भी बहुत ज़रूरी है। जी हाँ, आपको फ़र्ज़ी दीवार से कम से कम 5-10 सेमी दूर रखना चाहिए, ताकि हवा का संचार ठीक से हो सके। सीधे धूप या गर्म स्थान से दूर रखने से भी कूलिंग सिस्टम पर कम दबाव होता है। इसी तरह की कुछ खास जानकारी के बारे में आपको पता होना चाहिए, इससे आपका बिजली का बिल भी बचेगा और फ्रिज की कूलिंग भी बिल्कुल सही होगी। समर में फ़र्ज़ी का टेम्प्रेचर डिविजन से थोड़ा अधिक कूलिंग पर सेट करें। सैमसंग और वोल्टास कंपनी के अनुसार, फ़ोर्स का तापमान 3 डिग्री से 5 डिग्री और रेफ़्रिजरेटर का -18 डिग्री से -20 डिग्री तक रखना सही माना जाता है। इससे खाने की चीज़ें ताज़ा रहती हैं और बिजली की बचत भी होती है। बहुत कम तापमान सेट करने से लेकर मूवी पर ज्यादा भार पड़ सकता है। फ़्रिज़ को बार-बार आर्केस्ट्रा से यूनिवर्सल हवा बाहर निकलती है, जिससे मशीन कोमाइल कूलिंग बनाने में अधिक ऊर्जा मिलती है। सलाह दी गई है कि फ़ेरी का दरवाज़ा केवल तभी खोला और जल्दी बंद किया जा सके। गरम खाना सीधे फरी में न रखें कई बार्रा एक्ट हॉट हॉट खानी सीधे ही फ़िरज़ी में रख देते हैं, ऐसे में हॉट एक्टर की वजह से फ़िरोज़ के अंदर का तापमान बढ़ता है और ठंडक प्रभावित होती है। सबसे अच्छा है कि खाना पकाने के कमरे के तापमान पर आने के बाद ही स्थान पर रहें। फ़र्ज़ी के कोचिंग के लिए विशेष टिप्स फ़र्ज़ी को ओवरफ़िल न करें: अधिकांश सामान की आपूर्ति से हवा का घूमना मुश्किल होता है, जिससे शीतलन बाधा उत्पन्न होती है। सामान को प्रमाणित करना ताकि यूक्रेन तक हर कोने तक सामान पहुंचाया जा सके।सफाई पर ध्यान दें: रबर सील, ट्रे और वेंट को नियमित साफ करें। डिफ्रॉस्टिंग भी जरूरी है ताकि बर्फ जमा न हो।निवेश सुनिश्चित करें: फ़्रिज़ के पीछे और आसपास खाली जगहें। इससे गर्म हवा आसानी से बाहर निकलती है। इन टिप्स को अपनाकर आप सिर्फ कूलिंग ही बेहतर नहीं बल्कि बिजली की बचत भी कर पाएंगे। भारत में गर्मी जहां तापमान 40 डिग्री पार कर जाता है, वहां फ़रिश्ता की उचित देखभाल से भोजन की स्थिरता रुक सकती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)रेफ्रिजरेटर युक्तियाँ(टी)ग्रीष्मकालीन कूलिंग(टी)फ्रिज सेटिंग्स(टी)ऊर्जा दक्षता(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन हैक्स(टी)फ्रिज(टी)रेफ्रिजरेटर सेटिंग्स(टी)फ्रिज ग्रीष्मकालीन हैक्स

Ishan Kishan Fashion Brand & Aditi Hundia Relationship Profile

Ishan Kishan Fashion Brand & Aditi Hundia Relationship Profile

18 मिनट पहले कॉपी लिंक T20 वर्ल्ड कप 2026 के जीत के बाद ईशान किशन के साथ नजर आने वाली एक मिस्ट्री गर्ल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं। इसके बाद फैंस के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर यह ‘मिस्ट्री गर्ल’ कौन है? यह मिस्ट्री गर्ल कोई और नहीं बल्कि ईशान किशन की कथित गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया हैं। अदिति राजस्थान के जयपुर की रहने वाली एक फैशन मॉडल और आंत्रप्रेन्योर हैं। टी20 वर्ल्डकप 2026 फाइनल में जीत के बाद ईशान किशन और अदिति हुंडिया। T20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया। इसमें टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की। जीत के बाद मैदान पर खिलाड़ियों और उनके परिवार के बीच जश्न मना रहे थे। इसी दौरान भारतीय बल्लेबाज ईशान किशन अदिति हुंडिया के साथ नजर आए। बचपन में ही पिता की मौत हो गई थी अदिति हुंडिया की मां का नाम बबीता हुंडिया है, जो हाउसवाइफ हैं। जब वो सिर्फ डेढ़ साल की थीं, उनके पिता की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां ने दूसरी शादी बिजनेसमैन ललित हुंडिया से की। ललित उनके स्टेपफादर हैं और अदिति कहती हैं कि वो उन्हें बायोलॉजिकल पिता से ज्यादा प्यार और सपोर्ट देते हैं। अदिति के भाई का नाम यश हुंडिया है, जो एक कमर्शियल पायलट हैं। उनकी एक स्टेप-सिस्टर भी है। मॉडलिंग करियर पर फैमिली ने लगाई थी रोक अदिति ने एक इंटरव्यू में बताया कि मॉडलिंग करियर की शुरुआत उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं थी। वे एक कंजर्वेटिव जैन परिवार से आती हैं, जहां लड़कियों को मॉडलिंग जैसे करियर में जाने की इजाजत नहीं होती है। परिवार को लगता था कि मॉडलिंग सिर्फ ग्लैमर की दुनिया है। लेकिन अदिति ने पढ़ाई के साथ छोटे-छोटे लोकल कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेना शुरू किया। 2016 में एलीट मिस राजस्थान में ‘मिस ब्यूटीफुल आइज’ और ‘मिस बॉडी ब्यूटीफुल’ जैसे टाइटल जीतने पर परिवार की सोच बदलने लगी। इसके बाद उन्होंने कई ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया और जीती। उनकी लगातार मेहनत और सफलता ने परिवार का रुख बदल दिया। अदिति बताती हैं कि उनकी मां ने सबसे ज्यादा साथ दिया। उन्होंने समाज की परवाह नहीं की। अदिति ने भी परिवार से वादा किया कि वह अपनी परंपराओं और संस्कारों को कभी नहीं छोड़ेंगी। 2021 में खुद का ब्रांड ‘लेबल अदिति हुंडिया’ की स्थापना की अदिति हुंडिया ने साल 2021 में अपना फैशन ब्रांड ‘लेबल अदिति हुंडिया’ (LAH) लॉन्च किया। यह एक ऑनलाइन वुमेंस क्लोदिंग ब्रांड है। ये कंपनी ट्रेंडी, फेस्टिव और स्टाइलिश आउटफिट्स बनाती है। अदिति खुद इस ब्रांड की क्रिएटिव डायरेक्टर हैं। वे अपने मॉडलिंग अनुभव की वजह से डिजाइन, स्टाइल और प्रमोशन पर खास ध्यान देती हैं। 2022 तक अदिति की कुल नेट वर्थ करीब 24 करोड़ रुपए थी। वे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं। उन्हें इंस्टाग्राम पर लगभग 4.69 लाख लोग फॉलो करते हैं। उनकी कमाई का मेन सोर्स मॉडलिंग असाइनमेंट्स, खुद का फैशन ब्रांड, फैशन शो, म्यूजिक वीडियो और प्रमोशनल इवेंट्स हैं। IPL 2019 में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के मैच के दौरान अदिति हुंडिया की वायरल हुई तस्वीर। IPL 2019 से ईशान किशन के साथ चर्चा में आई थीं मई 2019 में अदिति तब सुर्खियों में आई जब हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मुंबई इंडियंस (MI) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच IPL मैच देखने पहुंची थीं। वे MI की तरफ से खेल रहे अपने एक दोस्त को चियर कर रहीं थी तभी कैमरामैन ने उन पर फोकस किया। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं और लोग उन्हें ‘मुंबई इंडियंस फैन गर्ल’ कहने लगे। इसी के बाद से उनका नाम क्रिकेटर ईशान किशन के साथ जोड़ा जाने लगा। 2019 IPL के बाद से ही दोनों के रिश्ते की चर्चा होती रही। स्टोरी- नीतीश कुमार ——————— ये खबर भी पढ़ें… 6 साल की उम्र में जेल गए थे तारिक रहमान: लॉ की पढ़ाई छोड़ बिजनेस किया, 17 साल देश से बाहर रहे; जानें प्रोफाइल 17 फरवरी को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले तारिक रहमान 1971 में पाकिस्तान से आजादी की लड़ाई में 6 साल की उम्र में अपने भाई और मां सहित जेल गए थे। BNP तारिक को बांग्लादेश आजादी की लड़ाई का सबसे कम उम्र का कैदी बताती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बौद्ध महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग, पदाधिकारी बोले- जल्द फैसला हो

बौद्ध महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग, पदाधिकारी बोले- जल्द फैसला हो

शाजापुर में मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले को दिया गया। ज्ञापन में महासभा ने पांच प्रमुख मांगों को सार्वजनिक हित में स्वीकार करने की अपील की है। महासभा की पहली मांग बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को पूर्ण रूप से बौद्ध समुदाय को सौंपने की है। पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लागू 1949 का बीटी एक्ट असंवैधानिक है और इसे समाप्त कर महाविहार का प्रबंधन बौद्धों को दिया जाना चाहिए। इस संबंध में देशभर में आंदोलन भी चल रहा है। दूसरी प्रमुख मांग के तहत महासभा ने विश्व की प्रथम महिला शिक्षिका मानी जाने वाली सावित्रीबाई फुले को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा तथा सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया। इसके अतिरिक्त, बौद्धों के लिए पृथक पर्सनल लॉ बनाए जाने की मांग भी रखी गई। महासभा का तर्क है कि बौद्ध धर्म की अपनी अलग परंपराएं और धार्मिक संस्कार हैं, इसलिए उनके लिए अलग कानून बनाया जाना चाहिए। ज्ञापन में पाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिबा फुले और फातिमा शेख के जीवन संघर्ष को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी की गई। महासभा ने उम्मीद जताई है कि सरकार इन जनहितकारी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।

Gold ETF Inflows Drop 78% in February 2026 to ₹5,255 Cr After January Record ₹24,040 Cr

Gold ETF Inflows Drop 78% in February 2026 to ₹5,255 Cr After January Record ₹24,040 Cr

Hindi News Business Gold ETF Inflows Drop 78% In February 2026 To ₹5,255 Cr After January Record ₹24,040 Cr | AMFI Data नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक फरवरी महीने में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में गोल्ड ईटीएफ में करीब 5,255 करोड़ रुपए का निवेश आया है। यह जनवरी के मुकाबले काफी कम है। जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 24,039.96 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जनवरी में भारी खरीदारी के बाद निवेशकों ने फरवरी में थोड़ा ब्रेक लिया है। यह निवेश में कोई गिरावट नहीं, बल्कि एक ‘नॉर्मलाइजेशन’ यानी सामान्य प्रक्रिया है। जनवरी में बना था रिकॉर्ड, इक्विटी के करीब पहुंचा था गोल्ड साल की शुरुआत यानी जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में जबरदस्त उछाल देखा गया था। उस दौरान सोने में निवेश लगभग इक्विटी म्यूचुअल फंड (शेयर बाजार बेस्ड फंड) के बराबर पहुंच गया था। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने सोने को एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर चुना था। फरवरी में आई कमी को बाजार के जानकार एक स्वाभाविक ठहराव मान रहे हैं। पैसिव फंड्स में कुल ₹13,879 करोड़ का निवेश हुआ पैसिव कैटेगरी (जिसमें इंडेक्स फंड, गोल्ड ईटीएफ और अन्य ईटीएफ शामिल हैं) में कुल निवेश फरवरी में घटकर 13,879 करोड़ रुपए रहा। जनवरी में यह आंकड़ा 39,954 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर था, जबकि दिसंबर में यह 11,000 करोड़ रुपए रहा था। यानी पिछले तीन महीनों के ट्रेंड को देखें तो जनवरी एक अपवाद की तरह था, जहां निवेश बहुत ज्यादा बढ़ गया था। इंडेक्स फंड्स और विदेशी फंड्स का हाल इंडेक्स फंड्स: निवेशकों ने इस कैटेगरी में भरोसा बनाए रखा। फरवरी में इंडेक्स फंड्स में ₹3,233 करोड़ का निवेश आया। अन्य ETF: गोल्ड के अलावा अन्य ईटीएफ कैटेगरी में करीब ₹4,487 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया। विदेशी फंड ऑफ फंड्स (FoF): विदेशों में निवेश करने वाले भारतीय फंड्स में भी ₹904 करोड़ का निवेश आया है। निवेशकों ने क्यों कम किया निवेश? बाजार जानकारों के अनुसार, फरवरी में निवेश कम होने की मुख्य वजह सोने की कीमतों में स्थिरता या मामूली बदलाव हो सकता है। जब कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं या निवेशक पहले ही भारी मात्रा में सोना खरीद चुके होते हैं, तो वे नई खरीदारी के लिए सही मौके का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार में कुछ चुनिंदा सेक्टरों में आई रिकवरी ने भी निवेशकों का ध्यान सोने से हटाकर वापस इक्विटी की ओर खींचा है। क्या होता है गोल्ड ETF? एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। एक गोल्ड ETF यूनिट का मतलब है कि 1 ग्राम सोना। वह भी पूरी तरह से प्योर। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। गोल्ड ETF में निवेश करने के 5 फायदे कम मात्रा में भी खरीद सकते हैं सोना: ETF के जरिए सोना यूनिट्स में खरीदते हैं, जहां एक यूनिट एक ग्राम की होती है। इससे कम मात्रा में या SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोना खरीदना आसान हो जाता है। वहीं भौतिक (फिजिकल) सोना आमतौर पर तोला (10 ग्राम) के भाव बेचा जाता है। ज्वेलर से खरीदने पर कई बार कम मात्रा में सोना खरीदना संभव नहीं हो पाता। मिलता है शुद्ध सोना: गोल्ड ETF की कीमत पारदर्शी और एक समान होती है। यह लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन का अनुसरण करता है, जो कीमती धातुओं की ग्लोबल अथॉरिटी है। वहीं फिजिकल गोल्ड अलग-अलग विक्रेता/ज्वेलर अलग-अलग कीमत पर दे सकते हैं। गोल्ड ETF से खरीदे गए सोने की 99.5% शुद्धता की गारंटी होती है, जो कि सबसे उच्च स्तर की शुद्धता है। आप जो सोना लेंगे उसकी कीमत इसी शुद्धता पर आधारित होगी। नहीं आता ज्वेलरी मेकिंग का खर्च: गोल्ड ETF खरीदने में 1% या इससे कम की ब्रोकरेज लगती है, साथ ही पोर्टफोलियो मैनेज करने के लिए सालाना 1% चार्ज देना पड़ता है। यह उस 8 से 30% मेकिंग चार्जेस की तुलना में कुछ भी नहीं है, जो ज्वेलर और बैंक को देना पड़ता है, भले ही आप सिक्के या बार खरीदें। सोना रहता है सुरक्षित: इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड डीमैट अकाउंट में होता है, जिसमें सिर्फ सालाना डीमैट चार्ज देना होता है। साथ ही चोरी होने का डर नहीं होता। वहीं फिजिकल गोल्ड में चोरी के खतरे के अलावा उसकी सुरक्षा पर भी खर्च करना होता है। व्यापार की आसानी: गोल्ड ETF को बिना किसी परेशानी के तुरंत खरीदा और बेचा जा सकता है। गोल्ड ETF को लोन लेने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है। सोने में सीमित निवेश फायदेमंद एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को कम कर सकता है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹13 हजार बढ़कर ₹2.73 लाख पर पहुंची: सोना ₹1700 बढ़कर ₹1.60 लाख का हुआ, इस साल कीमत ₹27 हजार बढ़ी सोने और चांदी के दामों में आज यानी 10 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,700 रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया है।

Gold ETF Inflows Drop 78% in February 2026 to ₹5,255 Cr After January Record ₹24,040 Cr

Gold ETF Inflows Drop 78% in February 2026 to ₹5,255 Cr After January Record ₹24,040 Cr

Hindi News Business Gold ETF Inflows Drop 78% In February 2026 To ₹5,255 Cr After January Record ₹24,040 Cr | AMFI Data नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक फरवरी महीने में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में गोल्ड ईटीएफ में करीब 5,255 करोड़ रुपए का निवेश आया है। यह जनवरी के मुकाबले काफी कम है। जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 24,039.96 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जनवरी में भारी खरीदारी के बाद निवेशकों ने फरवरी में थोड़ा ब्रेक लिया है। यह निवेश में कोई गिरावट नहीं, बल्कि एक ‘नॉर्मलाइजेशन’ यानी सामान्य प्रक्रिया है। जनवरी में बना था रिकॉर्ड, इक्विटी के करीब पहुंचा था गोल्ड साल की शुरुआत यानी जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में जबरदस्त उछाल देखा गया था। उस दौरान सोने में निवेश लगभग इक्विटी म्यूचुअल फंड (शेयर बाजार बेस्ड फंड) के बराबर पहुंच गया था। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने सोने को एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर चुना था। फरवरी में आई कमी को बाजार के जानकार एक स्वाभाविक ठहराव मान रहे हैं। पैसिव फंड्स में कुल ₹13,879 करोड़ का निवेश हुआ पैसिव कैटेगरी (जिसमें इंडेक्स फंड, गोल्ड ईटीएफ और अन्य ईटीएफ शामिल हैं) में कुल निवेश फरवरी में घटकर 13,879 करोड़ रुपए रहा। जनवरी में यह आंकड़ा 39,954 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर था, जबकि दिसंबर में यह 11,000 करोड़ रुपए रहा था। यानी पिछले तीन महीनों के ट्रेंड को देखें तो जनवरी एक अपवाद की तरह था, जहां निवेश बहुत ज्यादा बढ़ गया था। इंडेक्स फंड्स और विदेशी फंड्स का हाल इंडेक्स फंड्स: निवेशकों ने इस कैटेगरी में भरोसा बनाए रखा। फरवरी में इंडेक्स फंड्स में ₹3,233 करोड़ का निवेश आया। अन्य ETF: गोल्ड के अलावा अन्य ईटीएफ कैटेगरी में करीब ₹4,487 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया। विदेशी फंड ऑफ फंड्स (FoF): विदेशों में निवेश करने वाले भारतीय फंड्स में भी ₹904 करोड़ का निवेश आया है। निवेशकों ने क्यों कम किया निवेश? बाजार जानकारों के अनुसार, फरवरी में निवेश कम होने की मुख्य वजह सोने की कीमतों में स्थिरता या मामूली बदलाव हो सकता है। जब कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं या निवेशक पहले ही भारी मात्रा में सोना खरीद चुके होते हैं, तो वे नई खरीदारी के लिए सही मौके का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार में कुछ चुनिंदा सेक्टरों में आई रिकवरी ने भी निवेशकों का ध्यान सोने से हटाकर वापस इक्विटी की ओर खींचा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सतना में परिवार ने खाया जहर, बेटे की मौत:पति-पत्नी और 3 साल का बेटा गंभीर, झगड़े के बाद खाने में मिलाया जहरीला पदार्थ

सतना में परिवार ने खाया जहर, बेटे की मौत:पति-पत्नी और 3 साल का बेटा गंभीर, झगड़े के बाद खाने में मिलाया जहरीला पदार्थ

सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र में सोमवार रात पत्नी ने पति से झगड़े के बाद खाने में जहर मिला दिया। यह खाना पूरे परिवार ने खा लिया। घटना बांधा गांव की है, जहर खाने से 6 साल के बेटे की मौत हो गई। वहीं पति-पत्नी और 3 साल का बेटे की हालत गंभीर है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। कथित रूप से पत्नी ने पूरे परिवार को जहर मिलाकर खाना खिला दिया। जानकारी के अनुसार बांधा गांव निवासी कुंदन शर्मा अपनी पत्नी ज्योति शर्मा और दो बच्चों के साथ रहते हैं। सोमवार शाम करीब 7 बजे पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद बताया जा रहा है कि ज्योति शर्मा ने खाने में जहरीला पदार्थ मिला दिया। बताया गया कि पहले दोनों बच्चों को वही खाना खिलाया गया। इसके बाद ज्योति शर्मा ने खुद भी खाया और बाद में कुंदन शर्मा ने भी वही भोजन कर लिया। कुछ देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। 3 साल का बच्चा पड़ोसियों के पास पहुंचा इसी दौरान परिवार का छोटा बेटा अभिषेक शर्मा (करीब 3 साल) किसी तरह घर से निकलकर पड़ोसियों के पास पहुंचा रोते हुए उसने घर में सभी के बीमार होने की बात कही। पड़ोसी तुरंत घर पहुंचे तो देखा कि कुंदन शर्मा, ज्योति शर्मा और बड़ा बेटा आकाश शर्मा (6 साल) अचेत पड़े थे। ग्रामीणों की मदद से सभी को तुरंत इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान आकाश शर्मा की मौत हो गई। जबकि कुंदन शर्मा, ज्योति शर्मा और छोटा बेटा अभिषेक की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस जांच में जुटी परिजनों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के कारण यह कदम उठाया गया होगा। हालांकि घटना की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

लगातार बढ़ रहा टेंपरेचर, सेहत के लिए कौन सी परेशानियां कर सकता है पैदा? डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके

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How Temperatures Affect Your Heart: इस बार गर्मी का असर कुछ ज्यादा देखने को मिल रहा है. मार्च का महीना आधा भी नहीं बीता है, लेकिन धूप से लोगों का बुरा हाल हो गया है. टेंपरेचर तेजी से बढ़ रहा है और दोपहर के वक्त लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. देश के कई हिस्सों में पारा सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ता तापमान केवल असहजता ही पैदा नहीं करता, बल्कि यह हमारे शरीर पर काफी असर डालता है. यह थर्मोरेगुलेशन पर भारी दबाव डालता है. अगर इस बढ़ते तापमान को लेकर सावधानी न बरती जाए, तो यह डिहाइड्रेशन और थकान से लेकर जानलेवा मल्टी-ऑर्गन फेलियर तक का कारण बन सकता है. इसे लेकर लापरवाही बरतना खतरनाक है. दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और सीनियर फिजीशियन डॉ. अनिल बंसल ने News18 को बताया कि गर्मियों में जब तापमान बढ़ता है, तब अधिकतर लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. दरअसल गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मात्रा में पसीना निकालता है. इस प्रक्रिया में केवल पानी ही नहीं, बल्कि शरीर के जरूरी साल्ट जैसे सोडियम और पोटेशियम भी बाहर निकल जाते हैं. इसे इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस कहा जाता है. पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की नौबत आ जाती है. इससे हार्ट पर दबाव बढ़ता है और किडनी फंक्शन पर भी बुरा असर पड़ता है. गर्मी में प्यास लगने का इंतजार न करें, क्योंकि प्यास महसूस होना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर पहले से ही डिहाइड्रेटेड हो चुका है. डॉक्टर बंसल ने बताया कि बढ़ते तापमान की सबसे गंभीर कंडीशन हीट स्ट्रोक यानी लू लगना है. जब शरीर का तापमान 104°F के पार चला जाता है, तो ब्रेन और अन्य महत्वपूर्ण ऑर्गन्स काम करना बंद कर सकते हैं. इससे पहले हीट एग्जॉशन की स्थिति आती है, जिसमें अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना, कमजोरी और मतली जैसे लक्षण दिखते हैं. अगर इस स्तर पर शरीर को ठंडा न किया जाए, तो यह हीट स्ट्रोक में बदल जाता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है. इसमें व्यक्ति बेहोश हो सकता है और सही समय पर इलाज न मिलने पर यह घातक साबित हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट के मुताबिक बढ़ता तापमान दिल के मरीजों के लिए खतरनाक है. शरीर को ठंडा रखने के लिए हार्ट को स्किन की ओर खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट रेट बढ़ जाता है. जिन लोगों को पहले से ही हार्ट डिजीज या हाई ब्लड प्रेशर है, उनके लिए यह अतिरिक्त दबाव हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा सकता है. इसके अलावा अत्यधिक गर्मी और प्रदूषण मिलकर हवा की गुणवत्ता खराब करते हैं, जिससे अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. सांस के मरीजों को भी गर्मियों में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. सूरज की यूवी किरणों और पसीने के मेल से त्वचा की कई बीमारियां जन्म लेती हैं. फोटोडर्मेटाइटिस या सन एलर्जी, सनबर्न और घमोरियां इस मौसम की कॉमन समस्याएं हैं. पसीना आने के बाद जब हवा नहीं लगती, तो पसीने की ग्रंथियां बंद हो जाती हैं, जिससे त्वचा पर लाल दाने और खुजली होने लगती है. इसके अलावा नमी और गर्मी के कारण फंगल इन्फेक्शन जैसे- दाद का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है. गर्मियों में ढीले कपड़े पहनने चाहिए, ताकि स्किन से जुड़ी परेशानियां न हों. डॉक्टर अनिल बंसल ने बताया कि बढ़ते तापमान से बचने के लिए सबसे जरूरी है स्मार्ट हाइड्रेशन. केवल सादा पानी ही नहीं, बल्कि ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें, ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस बना रहे. दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को छाते या गीले कपड़े से ढकें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें. खान-पान में खीरा, तरबूज और खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फलों को शामिल करें और कैफीन या शराब से बचें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं. बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है.

शादी के बाद इमोशनल हुईं रश्मिका मंदाना:सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्ट किया; बोलीं- ऐसा प्यार ढूंढो जो आपको आजाद कर दे

शादी के बाद इमोशनल हुईं रश्मिका मंदाना:सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्ट किया; बोलीं- ऐसा प्यार ढूंढो जो आपको आजाद कर दे

साउथ और बॉलीवुड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना एक सोशल मीडिया नोट को पढ़कर भावुक हो गईं। ये नोट रश्मिका और विजय देवरकोंडा के प्यार पर लिखा गया था। एक्ट्रेस ने X पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए बताया कि इस नोट ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने फैंस को सलाह भी दी कि जीवन में ऐसा प्यार तलाशें जो आपको बंधन में नहीं, बल्कि आजादी का अहसास कराए। यूजर ने कपल के प्यार को मिसाल बताया 9 मार्च को एक फैन ने विजय और रश्मिका की शादी की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्हें इस ‘स्वार्थी युग’ में सच्चे प्यार की मिसाल बताया था। नोट में लिखा था कि रश्मिका जिस तरह से विजय को देखती हैं, वह प्रशंसा और प्यार का सबसे ईमानदार सबूत है। इसे पढ़कर रश्मिका खुद को रोक नहीं पाईं और माना कि लंबे समय बाद किसी बात ने उन्हें इतना इमोशनल किया है। रश्मिका बोलीं- प्यार आजाद करने वाला होना चाहिए एक्ट्रेस ने भावुक होकर लिखा, “मेरे बारे में लिखी गई किसी चीज ने मुझे लंबे समय बाद इतना प्रभावित नहीं किया। मैं बहुत कुछ कहना चाहती हूं लेकिन शब्द कम पड़ रहे हैं। मैं अपनी जगह तलाश रही हूं और इस सफर के लिए आभारी हूं। प्यार के बारे में सिर्फ यही कहूंगी कि उस प्यार को ढूंढो, जो तुम्हें आजाद कर दे।” एक्ट्रेस ने उस यूजर का शुक्रिया भी अदा किया जिसने उनके और विजय के रिश्ते की गहराई को इतनी खूबसूरती से पहचाना। उदयपुर में हुई थी शाही वेडिंग रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के लग्जरी होटल आईटीसी मेमेंटोस में शादी की थी। इस इंटीमेट सेरेमनी में सिर्फ परिवार और खास दोस्त ही शामिल हुए थे। शादी में दो संस्कृतियों का संगम दिखाविजय की तेलुगू रस्में और रश्मिका की कोडावा (कूर्गी) परंपरा। इसके बाद 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन दिया गया था, जिसमें साउथ फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े सितारे और कर्नाटक के डिप्टी सीएम भी पहुंचे थे।

Beauty Tips : न महंगी क्रीम और न ही डाइट….बस खाए पांच फल, चांद की तरह चमकेगा चेहरा

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मार्च महीने में बाजार में स्टार फ्रूट, केला, सेब, पपीता और अमरूद मिलता है. इनको सुपरफ्रूट माना गया है. ज्यादातर फलों में विटामिन सी पाया जाता है. इसको खाने से न सिर्फ सुंदरता बढ़ती है. बल्कि, पेस्ट लगाने से भी लाभ होता है. इनके दाम भी बेहद कम होते हैं. 

सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करे, शरियत कानून की धाराएं रद्द करने से कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है

सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करे, शरियत कानून की धाराएं रद्द करने से कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। कोर्ट मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाकर शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। CJI सूर्यकांत,जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर महादेवन तीन जजों की बेंच ने कहा कि याचिका में भेदभाव का मुद्दा गंभीर है, लेकिन इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर शरियत कानून की धाराएं रद्द कर दी गईं तो मुस्लिम समुदाय में संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं बचेगा। इससे कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुधार की जल्दी में ऐसा न हो कि जिन लोगों के अधिकारों की बात हो रही है, उन्हें ही नुकसान हो जाए। कोर्ट लागू करने की बात कई बार कह चुका जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कई बार सरकार से समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कह चुका है। उन्होंने कहा कि कई नियम सभी समुदायों पर एक जैसे लागू नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोर्ट सीधे ऐसे मामलों को असंवैधानिक घोषित कर दे। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कोर्ट यह घोषित कर सकती है कि मुस्लिम महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए। उनका सुझाव था कि अगर शरियत कानून की धाराएं रद्द होती हैं तो ऐसे मामलों में भारतीय उत्तराधिकार कानून लागू किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि इस मुद्दे का स्थायी समाधान समान नागरिक संहिता ही है, लेकिन इसे लागू करने का फैसला संसद को लेना होगा।