Sunday, 23 Aug 2026 | 10:19 AM

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सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करे, शरियत कानून की धाराएं रद्द करने से कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है

सुप्रीम कोर्ट बोला- UCC लागू करने का समय आ गया:संसद फैसला करे, शरियत कानून की धाराएं रद्द करने से कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है। कोर्ट मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाकर शरियत कानून 1937 की कुछ धाराओं को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। CJI सूर्यकांत,जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर महादेवन तीन जजों की बेंच ने कहा कि याचिका में भेदभाव का मुद्दा गंभीर है, लेकिन इस पर फैसला करना कोर्ट के बजाय संसद का काम है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर शरियत कानून की धाराएं रद्द कर दी गईं तो मुस्लिम समुदाय में संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं बचेगा। इससे कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुधार की जल्दी में ऐसा न हो कि जिन लोगों के अधिकारों की बात हो रही है, उन्हें ही नुकसान हो जाए। कोर्ट लागू करने की बात कई बार कह चुका क्या है शरियत कानून 1937 यह कानून मुस्लिम समुदाय में विवाह, तलाक और संपत्ति के बंटवारे जैसे मामलों में इस्लामी पर्सनल लॉ लागू करता है। भारत में केवल उत्तराखंड में UCC भारत में अभी केवल उत्तराखंड में UCC लागू है। वहां 28 जनवरी 2025 को UCC लागू किया गया। मुख्यमंत्री आवास में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान किया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें: उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना:सीएम धामी बोले- हलाला, एक से ज्यादा शादियों, तीन तलाक पर पूरी तरह रोक लगेगी उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) आज से लागू हो गया है। मुख्यमंत्री आवास में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसका ऐलान किया। यह कार्यक्रम सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजित किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

शिवराज बोले-ममता दीदी को 'प्रधानमंत्री' के नाम से आपत्ति:बंगाल में रोकीं केंद्र की योजनाएं; जलने वाले जलें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे

शिवराज बोले-ममता दीदी को 'प्रधानमंत्री' के नाम से आपत्ति:बंगाल में रोकीं केंद्र की योजनाएं; जलने वाले जलें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। शिवराज ने सीधे शब्दों में कहा कि बंगाल की सरकार को जनहित से ज्यादा राजनीति प्यारी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष तख्तियां लेकर हाय-हाय करता रहे, लेकिन दुनिया भारत की कृषि नीतियों की वाह-वाह कर रही है। जलने वाले जला करें, हम किसानों का भाग्य बदलकर ही दम लेंगे।” सदन में जो लोग नारे लगा रहे हैं, उन्होंने बंगाल में प्राकृतिक खेती मिशन तक लागू नहीं किया। उन्हें किसानों के पसीने की कद्र नहीं है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी को इस धोखे के लिए कभी माफ नहीं करेगी। हेडलाइन के मुख्य 3 तीखे पॉइंट्स: नाम की राजनीति: ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से परहेज शिवराज ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ‘प्रधानमंत्री कृषि धन धान्य’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सिर्फ इसलिए लागू नहीं की गईं क्योंकि उनके नाम के आगे ‘प्रधानमंत्री’ जुड़ा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “खुला अन्याय और पाप” करार दिया। वोट बैंक बनाम किसान की सेहत मंत्री ने सदन में कहा कि टीएमसी सरकार को मिट्टी की उर्वरता और जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। प्राकृतिक खेती मिशन को ठंडे बस्ते में डालना इस बात का सबूत है कि उन्हें सिर्फ अपने वोट बैंक को साधना है। चीन को पछाड़ा, गोदाम भरे शिवराज ने गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है। देश का खाद्यान्न उत्पादन 357 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने तंज कसा— “एक समय था जब हम अनाज मांगते थे, आज चिंता यह है कि रिकॉर्ड पैदावार को रखें कहां!”

Iran Women Football Players National Anthem Controversy; Australia Visa

Iran Women Football Players National Anthem Controversy; Australia Visa

Hindi News Sports Iran Women Football Players National Anthem Controversy; Australia Visa | Women Asian Cup Updates स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक पांच ईरानी खिलाड़ियों के साथ ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क। ऑस्ट्रेलिया ने ईरानी महिला फुटबॉल टीम की पांच सदस्यों को शरण दी है। ये खिलाड़ी विमेंस एशियन कप में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, टूर्नामेंट के दौरान एक मैच से पहले ईरान की महिला टीम ने राष्ट्रीय गान नहीं गाया था। इसे कई लोगों ने ईरान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के खिलाफ विरोध के रूप में देखा। इसके बाद ईरान के सरकारी मीडिया में खिलाड़ियों की कड़ी आलोचना की गई और उन्हें गद्दार तक कहा गया। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन फिलहाल सिर्फ पांच खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। बाकी खिलाड़ी अभी अपने फैसले पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि उनके परिवार ईरान में रहते हैं और उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई का डर है। खिलाड़ियों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया ऑस्ट्रेलिया में उस टीम को लेकर व्यापक अटकलें लगाई गईं और खबरें भी खूब छपीं जब खिलाड़ियों ने अपने पहले मैच से पहले ईरानी राष्ट्रगान नहीं गाया। मंगलवार की सुबह ऑस्ट्रेलिया के संघीय पुलिस अधिकारियों ने गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया के एक होटल से पांच महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, क्योंकि उन्होंने शरण के लिए आवेदन किया था। मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दी वहां उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क से हुई और उनके मानवीय वीजा की प्रक्रिया पूरी हो गई। यह जानकारी मंत्री ने कुछ घंटों बाद ब्रिस्बेन में पत्रकारों को ही। बर्क ने कहा, मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि यह निर्णय प्रत्येक महिला के लिए कितना कठिन रहा होगा, लेकिन निश्चित रूप से कल रात खुशी और राहत का माहौल था। उन्होंने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय महिलाओं के मुस्कुराते और ताली बजाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

टी–20 वर्ल्डकप जीतने के बाद ईशान किशन पहुंचे पटना:कहा- मेहनत से आप आगे बढ़ सकते, अभी खेलते और जीतते रहना है

टी–20 वर्ल्डकप जीतने के बाद ईशान किशन पहुंचे पटना:कहा- मेहनत से आप आगे बढ़ सकते, अभी खेलते और जीतते रहना है

T-20 वर्ल्डकप जीतने के बाद ईशान किशन मंगलवार को पटना पहुंचे हैं। पटना पहुंचते ही उनका स्वागत किया गया। एक बच्चे ने उन्हें माला पहनाया। ईशान किशन ने बच्चे को किस भी किया। उन्होंने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारी इंडिया टीम जीती है। ये हमारे पूरे देश के लिए बहुत अच्छी बात है। हम उम्मीद करते हैं कि आगे ऐसे ही हम क्रिकेट खेलते रहे और जीतते रहे। अगर मैं अच्छा करूंगा तो यहां से जो भी युवा क्रिकेट में जाना चाहते हैं, उनके लिए एक मोटिवेशन होगा। मैं अपनी तरफ से हमेशा कोशिश करता हूं कि जितने प्लेयर हर जगह से बढ़ सकते हैं, वह बढ़े। अभी हम लोगों ने वर्ल्ड कप खेला है। आपको बस मेहनत करना है, कहीं से भी आप आगे बढ़ सकते हैं। आगे भी खेलते रहना है, जीतते रहना है। जीत के बाद ईशान और उनकी गर्लफ्रेंड की तस्वीर सामने आई टी–20 वर्ल्डकप फाइनल में ईशान किशन ने 24 बॉल पर 54 रन बनाया था। ईशान ने 4 चौके और 4 छक्के लगाए थे। 16वें ओवर के 5वीं बॉल पर ईशान किशन आउट हो गए थे। टीम इंडिया की जीत के बाद ईशान और उनकी गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया की तस्वीर सामने आई थी। इसमें वो ईशान को निहारती दिख रही थी। ईशान किशन ने टी-20 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में ईशान किशन ने इतिहास रच दिया था। वह भारत के पहले विकेट कीपर बल्लेबाज बन गए, जिसने टी-20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में 250 या इससे ज्यादा रन बनाए। ईशान किशन इस मुकाबले से पहले 224 रन बना चुके थे। इस मैच में जैसी ही उन्होंने 26वां रन बनाया। टी-20 वर्ल्ड कप में उनके 250 रन पूरे हो गए। उन्होंने 8वें ओवर की तीसरी गेंद में छक्का मारकर यह आंकड़ा पार किया।

सेहत के लिए चमत्कारी औषधि है ये मसाला, मोटापा-डायबिटीज के लिए रामबाण, और भी हैं फायदे

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Last Updated:March 10, 2026, 13:52 IST Dalcheeni Ke Fayde: दालचीनी एक औषधीय गुणों से भरपूर मसाला है, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद माना जाता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, वजन घटाने और शरीर की सूजन कम करने में मदद करती है. दालचीनी हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है और पाचन तंत्र को भी मजबूत करती है. सर्दी-जुकाम में भी यह राहत देती है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक है और त्वचा व बालों के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. दालचीनी आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधीय मसाला है. जो पाचन, सूजन, डायबिटीज, हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण के लिए रामबाण माना जाता है. यह सर्दी-खांसी में राहत देती है. इम्यूनिटी बढ़ाती है और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है. सुबह खाली पेट इसका पानी या शहद के साथ सेवन करना सबसे फायदेमंद है. एक्सपर्ट डॉ गीतिका शर्मा ने बताया कि दालचीनी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है. यह इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करती है. जिससे मधुमेह रोगियों के लिए यह बहुत फायदेमंद है. दालचीनी में मौजूद एंटी-इफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण रक्त शर्करा को नियंत्रित करते हैं और शरीर को स्वस्थ रखते हैं. इसका नियमित सेवन करने से मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और आप स्वस्थ महसूस करते हैं. दालचीनी पाचन में सुधार करती है. यह पाचन अग्नि को बढ़ाती है. गैस, पेट फूलना और अपच को कम करती है. दालचीनी में मौजूद एंटी-इफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और पेट को स्वस्थ रखते हैं. इसका नियमित सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं और आप स्वस्थ महसूस करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google दालचीनी वजन प्रबंधन में मदद करती है. यह चयापचय को तेज करती है. जिससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है. दालचीनी में मौजूद गुण पाचन को सुधारते हैं और वसा जलने की प्रक्रिया को बढ़ाते हैं. इसका नियमित सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है और आप फिट महसूस करते हैं. दालचीनी इम्यूनिटी और श्वसन के लिए फायदेमंद है. इसके एंटीबैक्टीरियल गुण सर्दी, खांसी और गले की खराश से राहत देते हैं. दालचीनी का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और श्वसन समस्याएं कम होती हैं. यह एक प्राकृतिक उपाय है जो आपको स्वस्थ और ताजगी महसूस कराता है और सर्दियों में खासतौर पर फायदेमंद है. दालचीनी हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारती है और रक्तचाप को प्रबंधित करने में सहायक है. दालचीनी में मौजूद एंटी-इफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय को स्वस्थ रखते हैं और रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाते हैं. इसका नियमित सेवन करने से हृदय समस्याएं कम होती हैं और आप स्वस्थ महसूस करते हैं. दालचीनी त्वचा और दर्द में आराम दिलाती है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह सूजन कम करती है और त्वचा की समस्याओं में भी काम आती है. दालचीनी का उपयोग करने से त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है और दर्द से भी राहत मिलती है. इसका नियमित उपयोग त्वचा को निखारता है और आपको ताजगी महसूस कराता है. First Published : March 10, 2026, 13:52 IST

हॉल ऑफ फेम में शामिल दिग्गज कोच के लीडरशिप मंत्र:अमेरिका के फुटबॉल कोच मैक ब्राउन 50 साल तक कोच रहे; बोले- टीम जीत रही हो तो लगाम कसें, टूटने पर सहारा दें

हॉल ऑफ फेम में शामिल दिग्गज कोच के लीडरशिप मंत्र:अमेरिका के फुटबॉल कोच मैक ब्राउन 50 साल तक कोच रहे; बोले- टीम जीत रही हो तो लगाम कसें, टूटने पर सहारा दें

अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। वे 2005 में टेक्सास यूनिवर्सिटी को नेशनल चैम्पियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। कोचिंग अनुभव के आधार पर ब्राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 में अपनी टीम के खराब खेलने पर उन्होंने खिलाड़ियों को फटकारा था। टीम वह मैच हार गई। तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा कि वे हार जाएंगे और वे हार गए। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। लेकिन जब मुश्किल में हों और आत्मविश्वास गिरा हुआ हो, तब उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं।’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव में थी। खिलाड़ी आपस में बात तक नहीं कर रहे थे। ब्राउन को एहसास हुआ कि अगर तनाव बना रहा, तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने का तरीका अपनाया। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को पता होना चाहिए कि माहौल को कब हल्का करना है। तनाव में काम बिगड़ता है, खुशी में टीम पूरी क्षमता से प्रदर्शन करती है।’ हारने के बाद शब्दों का काफी सोच-समझकर चयन करना चाहिए ब्राउन का मानना है कि एक लीडर के शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं, खासकर हार के बाद। कोच गुस्से में ऐसी बातें कह देते हैं जिनसे बाद में उन्हें पश्चाताप होता है। जब टीम जीते, तो खिलाड़ियों की तारीफ करें जबकि हार की जिम्मेदारी खुद लें। ब्राउन कहते हैं कि हार के बाद मीडिया या टीम से बात करते समय आपकी बॉडी लैंग्वेज मायने रखती है। आप निराश दिख सकते हैं, लेकिन पराजित नहीं। मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण 1999 में टेक्सास बनाम टेक्सास ए एंड एम मैच से पहले ए एंड एम यूनिवर्सिटी में भीषण हादसा हुआ, जिसमें 12 छात्रों की मौत हो गई। ब्राउन ने टीम के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाया और विरोधी के प्रति संवेदना व्यक्त की। टेक्सास मैच हार गया, लेकिन ब्राउन को मलाल नहीं था। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को संवेदनशील और भावनात्मक होना चाहिए। कई बार मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।’

मैथ्यू हेडन गुजरात टाइटंस के नए बैटिंग कोच बने:ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर 2026 सीजन के लिए टीम से जुड़े; मैथ्यू वेड के बाहर होने की संभावना

मैथ्यू हेडन गुजरात टाइटंस के नए बैटिंग कोच बने:ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर 2026 सीजन के लिए टीम से जुड़े; मैथ्यू वेड के बाहर होने की संभावना

IPL 2026 से पहले गुजरात टाइटंस ने अपनी कोचिंग टीम में बदलाव किया है। फ्रेंचाइजी ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन को टीम का नया बैटिंग कोच नियुक्त किया। हेडन दो बार के वनडे वर्ल्ड कप विजेता हैं और अपने जमाने के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में गिने जाते रहे हैं। गुजरात टाइटंस ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। हेडन की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब टीम अपनी बैटिंग यूनिट को नए सिरे से तैयार करने की कोशिश कर रही है। विक्रम सोलंकी बोले- हेडन के आने से युवाओं को फायदा होगा फ्रेंचाइजी के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट विक्रम सोलंकी ने कहा कि हेडन का अनुभव टीम के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा। हेडन की नियुक्ति पर बात करते हुए सोलंकी ने कहा,’मैथ्यू हेडन का हमारी टीम से जुड़ना एक अहम पड़ाव है। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका जो अनुभव रहा है और युवाओं को निखारने की जो उनकी काबिलियत है, उससे हमारी टीम को अपनी एक अलग पहचान बनाने में मदद मिलेगी। आने वाले सीजन के लिए वह हमारी बैटिंग लाइनअप को मजबूत करेंगे।’ हेडन बोले- हम गुजरात टाइटंस में बैटिंग का नया स्टैंडर्ड सेट करेंगे अपनी नई जिम्मेदारी पर मैथ्यू हेडन ने कहा,’अच्छी बल्लेबाजी वह होती है जो सामने वाली टीम पर दबाव बनाए, लेकिन महान बल्लेबाजी वह है जो पूरे खेल पर अपना कब्जा कर ले। गुजरात टाइटंस में हम बल्लेबाजी का यही स्टैंडर्ड सेट करना चाहते हैं।’ हेडन को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और पावरप्ले में डोमिनेट करने के लिए जाना जाता है, जो टी-20 फॉर्मेट की सबसे बड़ी जरूरत है। मैथ्यू वेड के कोचिंग स्टाफ से बाहर होने की चर्चा हेडन के आने के बाद कोचिंग स्टाफ में एक और बड़े बदलाव के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर मैथ्यू वेड इस साल गुजरात टाइटंस के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा नहीं होंगे। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने अभी तक वेड को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन हेडन की एंट्री के बाद वेड की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। हेडन का करियर: 15 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन मैथ्यू हेडन का इंटरनेशनल करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट मिलाकर 273 मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम 15,000 से ज्यादा रन दर्ज हैं। ICC के कई बड़े टूर्नामेंट्स जिताने में उनकी अहम भूमिका रही है। हेडन का IPL से भी पुराना नाता है। वह चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के लिए 32 मैच खेल चुके हैं और लीग की शुरुआती चमक बढ़ाने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। ————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया को ₹131 करोड़ देगा BCCI:बोर्ड ने खिलाड़ियों, स्टाफ और सिलेक्टर्स को बधाई दी, तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बना भारत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। पूरी खबर

स्मोकिंग और एयर पॉल्यूशन से क्यों बढ़ता है टीबी का खतरा? एक्सपर्ट से जानें सटीक जवाब!

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Why do smoking and air pollution increase the risk of TB: टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) कई देशों में अब भी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, खासकर उन इलाकों में जहां जनसंख्या घनत्व ज्यादा है और पर्यावरणीय जोखिम भी अधिक हैं. यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होती है, लेकिन हर संक्रमित व्यक्ति को एक्टिव टीबी नहीं होती. कई वजहें हैं जो इन्फेक्शन को एक्टिव बीमारी में बदलने में भूमिका निभाती हैं, जिनमें से दो सबसे अहम हैं तंबाकू का सेवन और प्रदूषित हवा में रहना. दोनों ही फेफड़ों और इम्यून सिस्टम को कमजोर करते हैं, जिससे शरीर में टीबी होने का खतरा बढ़ जाता है. डॉ. तेजश्विनी दीपक, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, बेंगलुरु से जानिए आपको क्या पता होना चाहिए… धूम्रपान फेफड़ों की सुरक्षा को कैसे प्रभावित करता है धूम्रपान फेफड़ों की सुरक्षा को कैसे प्रभावित करता है तंबाकू पीने से फेफड़ों पर कई बुरे असर होते हैं, जिससे टीबी का खतरा बढ़ जाता है. सिगरेट का धुआं शरीर में जहरीले केमिकल पहुंचाता है, जो सांस की नलियों की परत को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे फेफड़ों की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर हो जाती है और इन्फेक्शन आसानी से पकड़ लेता है. धूम्रपान से इम्यून सेल्स जैसे मैक्रोफेज और लिम्फोसाइट्स भी कमजोर हो जाते हैं, जो टीबी के बैक्टीरिया को पहचानने और खत्म करने में अहम भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा, धूम्रपान से रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज बनती हैं, जो फेफड़ों के टिशू को और नुकसान पहुंचाती हैं और शरीर की इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत कम कर देती हैं. वायु प्रदूषण और टीबी का खतरा वायु प्रदूषण, खासकर बारीक कण जैसे पीएम2.5 और पीएम10, भी टीबी का एक बड़ा रिस्क फैक्टर है. ये छोटे-छोटे कण फेफड़ों के अंदर तक पहुंच जाते हैं, जिससे सूजन और इम्यूनिटी कमजोर होती है. लंबे समय तक ऐसे प्रदूषकों के संपर्क में रहने से फेफड़ों के टिशू को नुकसान होता है और इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है. नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे दूसरे प्रदूषक भी सांस की नलियों को चिढ़ाते हैं और फेफड़ों की सेहत को और कमजोर करते हैं. इन जोखिमों से बचना टीबी से बचाव के लिए जरूरी है. तंबाकू के धुएं से बचना, ज्यादा प्रदूषित इलाकों में मास्क पहनना, घर में वेंटिलेशन सुधारना और धूल-धुएं के संपर्क को कम करना फेफड़ों की सेहत को बचा सकता है और शरीर की इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत बढ़ा सकता है. पब्लिक हेल्थ कैंपेन जो टीबी के बारे में जागरूकता और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देते हैं, वे टीबी के मामलों को कम करने और सांस की सेहत सुधारने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.  Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए News-18 जिम्मेदार नहीं होगा.

Kharg Island Trump Military Plan; Iran Oil Export Hub

Kharg Island Trump Military Plan; Iran Oil Export Hub

तेहरान1 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका, इजराइल और ईरान में जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद खार्ग आइलैंड की अहमियत अचानक बढ़ गई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रम्प सरकार इस आइलैंड पर कब्जे को लेकर सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है, क्योंकि यह ईरान की तेल कमाई का सबसे बड़ा सेंटर माना जाता है। दरअसल ईरान के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है। यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की फैसिलिटी मौजूद हैं। इस टर्मिनल से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में भरा जा सकता है। 1960 के दशक में विदेशी निवेश के बाद इस जगह को बड़े ऑयल एक्सपोर्ट सेंटर के तौर पर डेवलप किया गया था और तब से यह ईरान की ऑयल सप्लाई की रीढ़ बन गया। हडसन इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो माइकल डोरान ने कहा कि ट्रम्प सरकार युद्ध के बाद भी ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को तबाह नहीं करना चाहती। इसलिए कुछ अहम ठिकानों पर हमला नहीं करना अमेरिका की पुरानी ‘रेड लाइन’ रहा है। डोरान के मुताबिक अगर इन जगहों पर हमला हुआ, तो ईरान बड़े पैमाने पर जवाबी हमला कर सकता है, जिससे तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं। जंग के बीच भी जारी है तेल निर्यात अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया है, लेकिन खार्ग आइलैंड पर अब तक हमला नहीं हुआ है। सैटेलाइट डेटा और जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनियों के मुताबिक जंग जारी होने के बावजूद ईरान यहां से लगातार तेल निर्यात कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 28 फरवरी से अब तक करीब 1.2 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल टैंकरों के जरिए बाहर भेजा गया है। असली आंकड़ा इससे ज्यादा भी हो सकता है क्योंकि ईरान के कई जहाज अपनी ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके चलते हैं। डार्क फ्लीट से भेजा जा रहा तेल ईरान कई बार ऐसे टैंकरों का इस्तेमाल करता है जिन्हें डार्क फ्लीट कहा जाता है। ये जहाज अपनी लोकेशन दिखाने वाली ट्रैकिंग मशीन बंद कर देते हैं, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में ईरान के तट से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। हाल ही में एक बड़ा तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार करते समय कुछ समय के लिए ट्रैकिंग से गायब हो गया था और बाद में फिर दिखाई दिया। रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह जहाज एशिया की ओर जा रहा था । खार्ग आइलैंड के पास दुनिया के अहम तेल रास्ते खार्ग आइलैंड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बेहद करीब है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में से एक है। दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। अगर इस इलाके में हमला होता है या जहाजों की आवाजाही रुकती है तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि अगर खार्ग आइलैंड के तेल टर्मिनल को तबाह कर दिया जाए या उस पर कब्जा कर लिया जाए, तो ईरान की सबसे बड़ी आय बंद हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल की बिक्री से मिलने वाला पैसा ईरान की सरकार और उसकी सैन्य ताकत के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सहारा है। अगर यह कमाई रुक जाती है तो ईरान के लिए लंबे समय तक युद्ध जारी रखना मुश्किल हो सकता है। हमला हुआ तो क्या असर होगा एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर खार्ग आइलैंड पर हमला हुआ तो इसके दो बड़े असर हो सकते हैं: ईरान की तेल से होने वाली कमाई अचानक गिर सकती है दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं कुछ अनुमानों के मुताबिक अगर यहां से सप्लाई रुकती है तो तेल की कीमत प्रति बैरल करीब 10 डॉलर तक बढ़ सकती है। ईरान की तेल उत्पादन क्षमता इस समय ईरान करीब 33 लाख बैरल कच्चा तेल का प्रोडक्शन करता है। इसके अलावा लगभग 13 लाख बैरल कंडेन्सेट और अन्य लिक्विड ईंधन का भी प्रोडक्शन करता है है। इस तरह कुल ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का 4.5% हिस्सा ईरान से आता है। ईरान के बड़े तेल क्षेत्र जैसे अहवाज, मरून और गचसरान से पाइपलाइन सीधे खार्ग आइलैंड तक आती हैं। यहां तेल को बड़े स्टोरेज टैंकों में रखा जाता है और फिर टैंकर जहाजों में भरकर दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजा जाता है। आइलैंड पर करीब 3 करोड़ बैरल तेल स्टोर करने की क्षमता है। फिलहाल अनुमान है कि यहां लगभग 1.8 करोड़ बैरल तेल स्टोरेज में मौजूद है, जो सामान्य हालात में 10 से 12 दिन के निर्यात के बराबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंग शुरू होने से ठीक पहले ईरान ने खार्ग आइलैंड से ऑयल एक्सपोर्ट तेजी से बढ़ा दिया था। 15 से 20 फरवरी के बीच तेल निर्यात 30 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा हो गया था, जो सामान्य से लगभग तीन गुना था। माना जा रहा है कि ईरान ने युद्ध शुरू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा तेल बाहर भेजने की कोशिश की। ईरान-इराक वॉर में इस आइलैंड पर हमला हुआ था खार्ग आइलैंड पहले भी कई बार रणनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा है। 1979 के ईरान बंधक संकट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर को सलाह दी गई थी कि इस आइलैंड पर कब्जा कर लिया जाए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 1980 के दशक में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के समय अमेरिका ने ईरान की कुछ अन्य तेल सुविधाओं पर हमला किया था, लेकिन खार्ग आइलैंड को निशाना नहीं बनाया गया। हालांकि ईरान-इराक वॉर के दौरान इराकी हमलों में इस आइलैंड के तेल टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा था, लेकिन बाद में ईरान ने इसे दोबारा बना लिया। अभी तक हमला क्यों नहीं किया गया एक्सपर्ट्स का कहना है कि खार्ग आइलैंड पर हमला करने से दुनिया भर के तेल बाजार में बड़ा संकट पैदा हो सकता है। तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और खाड़ी क्षेत्र में युद्ध और

हरियाणा कांग्रेस नेत्री बोलीं- पार्टी नेताओं को करोड़ों रुपए दिए:पैसे लेकर भी टिकट-पद नहीं मिला; दिल्ली पुलिस को चैटिंग के स्क्रीनशॉट भेजे

हरियाणा कांग्रेस नेत्री बोलीं- पार्टी नेताओं को करोड़ों रुपए दिए:पैसे लेकर भी टिकट-पद नहीं मिला; दिल्ली पुलिस को चैटिंग के स्क्रीनशॉट भेजे

हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव सुचित्रा सिंह ने पार्टी के कुछ नेताओं पर टिकट और पद के नाम पर करोड़ों रुपए लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने 22 फरवरी को अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को भेजा था, जो अब सामने आया है। उनके बिजनमैन पति गौरव कुमार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी है। शिकायत के साथ कुछ चैटिंग के स्क्रीनशॉट भेजकर FIR दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर लगाए गए आरोपों को लेकर सुचित्रा सिंह और गौरव कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ‘दैनिक भास्कर एप’ से बातचीत में सुचित्रा सिंह और गौरव कुमार ने वही आरोप दोहराए जो पुलिस को भेजी गई लिखित शिकायत में लगाए हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी की बावल एससी रिजर्व सीट से टिकट दिलाने के नाम पर उनसे 7 करोड़ रुपए लिए। उधर, जब सुचित्रा से सवाल पूछा गया कि उन्होंने डेढ़ साल तक चुप्पी क्यों साधे रखी? इस पर सुचित्रा का कहना है कि उन्हें हरियाणा महिला कांग्रेस का पद दिलाने का वादा किया था। कांग्रेस नेत्री ने जिन नंबरों की चैटिंग के स्क्रीन शॉट पुलिस को दिए, उन नंबरों पर दैनिक भास्कर एप की टीम ने संपर्क करने की कोशिश की। कॉल रिसीव न होने पर मैसेज पर सवाल भी भेजे, लेकिन जवाब नहीं मिला। दूसरी तरफ, हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। दिल्ली पुलिस को दी शिकायत की मुख्य बातें… हिसार के बिजनेसमैन से शादी सुचित्रा मूलरूप से रेवाड़ी के गांव चिता ढूंगरा गांव की हैं। उनकी शादी हिसार के बिजनेसमैन गौरव कुमार से हुई। दंपती अब सोनीपत में रह रहा है। सुचित्रा ने अक्टूबर 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान रेवाड़ी के बावल सुरक्षित सीट से टिकट मांगा था। राव नरेंद्र सिंह बोले- सुचित्रा का बायोडाटा आया था इन आरोपों पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी एक पत्र के माध्यम से मिली है। टिकट के बदले पैसे लेने की कांग्रेस में ऐसी कोई परंपरा नहीं है। राव नरेंद्र ने कहा कि जिस मामले को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसे करीब डेढ़ साल हो चुके हैं। ऐसे में अब अचानक आरोप लगाना समझ से परे है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सुचित्रा सिंह ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए उन्हें बायोडाटा दिया था, लेकिन यह फैसला पार्टी हाईकमान करता है। आशंका जताई कि यह पूरा प्रकरण किसी विपक्षी दल से प्रेरित राजनीतिक साजिश भी हो सकता है। केरल में चुनाव का माहौल है और जिन नेताओं के नाम लिए गए हैं, वे केरल से जुड़े हैं। अब देखिए…सुचित्रा के पति की शिकायत कॉपी