Tuesday, 03 Nov 2026 | 06:48 AM

Trending :

शिवराज बोले-ममता दीदी को 'प्रधानमंत्री' के नाम से आपत्ति:बंगाल में रोकीं केंद्र की योजनाएं; जलने वाले जलें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे

शिवराज बोले-ममता दीदी को 'प्रधानमंत्री' के नाम से आपत्ति:बंगाल में रोकीं केंद्र की योजनाएं; जलने वाले जलें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। शिवराज ने सीधे शब्दों में कहा कि बंगाल की सरकार को जनहित से ज्यादा राजनीति प्यारी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष तख्तियां लेकर हाय-हाय करता रहे, लेकिन दुनिया भारत की कृषि नीतियों की वाह-वाह कर रही है। जलने वाले जला करें, हम किसानों का भाग्य बदलकर ही दम लेंगे।” सदन में जो लोग नारे लगा रहे हैं, उन्होंने बंगाल में प्राकृतिक खेती मिशन तक लागू नहीं किया। उन्हें किसानों के पसीने की कद्र नहीं है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी को इस धोखे के लिए कभी माफ नहीं करेगी। हेडलाइन के मुख्य 3 तीखे पॉइंट्स: नाम की राजनीति: ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से परहेज शिवराज ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ‘प्रधानमंत्री कृषि धन धान्य’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सिर्फ इसलिए लागू नहीं की गईं क्योंकि उनके नाम के आगे ‘प्रधानमंत्री’ जुड़ा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “खुला अन्याय और पाप” करार दिया। वोट बैंक बनाम किसान की सेहत मंत्री ने सदन में कहा कि टीएमसी सरकार को मिट्टी की उर्वरता और जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। प्राकृतिक खेती मिशन को ठंडे बस्ते में डालना इस बात का सबूत है कि उन्हें सिर्फ अपने वोट बैंक को साधना है। चीन को पछाड़ा, गोदाम भरे शिवराज ने गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है। देश का खाद्यान्न उत्पादन 357 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने तंज कसा— “एक समय था जब हम अनाज मांगते थे, आज चिंता यह है कि रिकॉर्ड पैदावार को रखें कहां!”

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

April 26, 2026/
11:27 pm

नमक का प्रयोग: पोचे के पानी में 1-2 मार्मिक नमक। इससे ई-कॉमर्स की बिक्री ख़त्म हो गई है। छोटे-छोटे कीड़े-मकोड़े...

authorimg

March 31, 2026/
3:47 pm

Best Time To Bath: सुबह की ठंडी हवा, आधी खुली आंखें और बाथरूम से आती पानी की आवाज-हममें से ज्यादातर...

अभिनेत्री उर्वशी रौतेला परिवार के साथ पहुंचीं पिंकसिटी:रामबाग पैलेस में शादी समारोह में होंगी शामिल, बोलीं- जयपुर से मेरा खास लगाव

June 29, 2026/
2:14 pm

बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला सोमवार को अपने परिवार के साथ जयपुर पहुंचीं हैं। वे एयर इंडिया की नियमित फ्लाइट से...

इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलेगा स्कूल टीचर का बेटा:श्रीगंगानगर के मानव सुथार का सिलेक्शन, बोले-बेस्ट दूंगा; मां रोते हुए बोलीं-मैसेज का इंतजार कर रही थी

May 20, 2026/
10:00 am

अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए श्रीगंगानगर के बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार (23) को पहली बार इंडिया...

गौरी स्प्रैट से रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे आमिर खान:घर में होगी प्राइवेट सेरेमनी, करीबी दोस्त-रिश्तेदार शामिल होंगे, काम से ब्रेक लिया; कहा- इसे निजी रखना चाहते हैं

June 20, 2026/
12:08 pm

मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान, 61 साल की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से तीसरी शादी करने वाले हैं। ये शादी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

शिवराज बोले-ममता दीदी को 'प्रधानमंत्री' के नाम से आपत्ति:बंगाल में रोकीं केंद्र की योजनाएं; जलने वाले जलें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे

शिवराज बोले-ममता दीदी को 'प्रधानमंत्री' के नाम से आपत्ति:बंगाल में रोकीं केंद्र की योजनाएं; जलने वाले जलें, हम किसानों का भाग्य बदलकर रहेंगे

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। शिवराज ने सीधे शब्दों में कहा कि बंगाल की सरकार को जनहित से ज्यादा राजनीति प्यारी है। उन्होंने कहा, “विपक्ष तख्तियां लेकर हाय-हाय करता रहे, लेकिन दुनिया भारत की कृषि नीतियों की वाह-वाह कर रही है। जलने वाले जला करें, हम किसानों का भाग्य बदलकर ही दम लेंगे।” सदन में जो लोग नारे लगा रहे हैं, उन्होंने बंगाल में प्राकृतिक खेती मिशन तक लागू नहीं किया। उन्हें किसानों के पसीने की कद्र नहीं है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी को इस धोखे के लिए कभी माफ नहीं करेगी। हेडलाइन के मुख्य 3 तीखे पॉइंट्स: नाम की राजनीति: ‘प्रधानमंत्री’ शब्द से परहेज शिवराज ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ‘प्रधानमंत्री कृषि धन धान्य’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सिर्फ इसलिए लागू नहीं की गईं क्योंकि उनके नाम के आगे ‘प्रधानमंत्री’ जुड़ा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ “खुला अन्याय और पाप” करार दिया। वोट बैंक बनाम किसान की सेहत मंत्री ने सदन में कहा कि टीएमसी सरकार को मिट्टी की उर्वरता और जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। प्राकृतिक खेती मिशन को ठंडे बस्ते में डालना इस बात का सबूत है कि उन्हें सिर्फ अपने वोट बैंक को साधना है। चीन को पछाड़ा, गोदाम भरे शिवराज ने गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है। देश का खाद्यान्न उत्पादन 357 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने तंज कसा— “एक समय था जब हम अनाज मांगते थे, आज चिंता यह है कि रिकॉर्ड पैदावार को रखें कहां!”

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.