Health Tips: आपके मसाले के डिब्बे में छिपा है बीमारियों का काल! एक्सपर्ट से जानिए सफेद जीरे के जादुई फायदे

Last Updated:March 10, 2026, 20:22 IST Safed Jeera Health Benefits: रसोई के मसालदानी में रखा साधारण सा दिखने वाला सफेद जीरा असल में सेहत का वो खजाना है, जिसके गुणों से आज भी कई लोग अनजान हैं. बागपत के मशहूर आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र चौधरी ने सफेद जीरे के कुछ ऐसे गुप्त और असरदार फायदे साझा किए हैं, जो न केवल पाचन तंत्र को फौलादी बनाते हैं बल्कि शरीर में खून की कमी को भी तेजी से दूर करते हैं. अगर आप भी आए दिन होने वाली पेट की समस्याओं या कमजोरी से परेशान हैं, तो सफेद जीरे के ये लाभ आपकी जिंदगी बदल सकते हैं. बागपत: भारतीय रसोई में मसालों का अपना एक खास महत्व है और इन्हीं मसालों में शुमार सफेद जीरा स्वास्थ्य के नजरिए से किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. अक्सर हम इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन आयुर्वेद की दृष्टि में यह एक बेहद शक्तिशाली औषधि है. बागपत के जाने-माने आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र चौधरी बताते हैं कि सफेद जीरे के भीतर छिपे औषधीय गुण शरीर की इम्यूनिटी को इस कदर मजबूत कर देते हैं कि छोटी-मोटी बीमारियां पास भी नहीं फटकतीं. यह न केवल पाचन को बेहतर करता है, बल्कि बढ़ते वजन को नियंत्रित करने में भी काम करता है. आयरन से भरपूर है सफेद जीरासफेद जीरे की सबसे बड़ी खासियत इसका आयरन से भरपूर होना है. डॉ. चौधरी के अनुसार, आज के समय में महिलाओं और बच्चों में खून की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऐसे में अगर सफेद जीरे को नियमित आहार का हिस्सा बनाया जाए, तो इसके परिणाम चौंकाने वाले होते हैं. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से सुधारता है और शरीर की आंतरिक गंदगी को साफ करने में मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं. इतना ही नहीं, जो लोग पेट की गर्मी या त्वचा संबंधी रोगों से परेशान हैं, उनके लिए भी सफेद जीरा एक शीतल औषधि के रूप में काम करता है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करता है. जानें इस्तेमाल करने का तरीकाइस चमत्कारी मसाले को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद आसान है. इसे लेने का सबसे सरल और असरदार तरीका यह है कि रात के समय एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालकर छोड़ दिया जाए और सुबह उस पानी का सेवन किया जाए. इसके अलावा, दोपहर के भोजन में दही या छाछ के साथ इसका उपयोग पाचन तंत्र को तुरंत राहत पहुंचाता है. डॉ. राघवेंद्र चौधरी का कहना है कि चाहे सब्जी में तड़के के रूप में हो या फिर पानी के साथ, सफेद जीरे का किसी भी रूप में किया गया सेवन शरीर को बीमारियों से मुक्त रखने और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : March 10, 2026, 20:22 IST
दूध उबालने के टिप्स: पॉट से बाहर की ओर फैला हुआ दूध, इन 5 किचन ट्रिक्स से नहीं होगी गैस सेनेटरी

दूध उबालने के टिप्स | छवि: एआई दूध उबालने के टिप्स: भारतीय घर में रसोई में दूध भगोने में तला जाता है, लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि इसे एक बार फिर से प्लास्टिक के ऊपर छोड़ दिया जाता है। इससे गैस उद्योग होने के साथ-साथ पूरे किचन भी विकसित हो जाते हैं। इस कारण से दूध के नीचे की रेखाएं टूट जाती हैं। कई बार लोग कुछ पल के लिए भी ध्यान हटाते हैं और इसी दौरान दूध की सब्जी बाहर निकल जाती है। हालाँकि यह बहुत ही आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे साइंटिफ़िक रिजन भी छिपा हुआ है। असली दूध में प्रोटीन, फैट और पानी मौजूद होते हैं। जब दूध गरम होता है तो ऊपर की सतह पर प्रोटीन और फ़ीचर समूह एक-एक परत बना लेते हैं। जैसे ही नीचे का हिस्सा ज्यादा गर्म होता है, वहां से भाप बनना शुरू हो जाती है। लेकिन ऊपर की ओर बनी परत वाले उद्यमों को आसानी से बाहर के गंतव्यों से बाहर नहीं निकाला जा सकता। स्टीम इनसाइड ही जमा स्थित है और अचानक दबाव बनने पर दूध तेजी से ऊपर की ओर बढ़ता है। इसी वजह से दूध की दुकान से बाहर गिर जाता है। कुछ आसान किचन टिप्स जिन्हें अपनाकर आप इस परेशानी से आसानी से बच सकते हैं। लकड़ी का इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाया जा सकता है दूध का मिश्रण देना समय पोटीन के ऊपर एक लकड़ी का मिश्रण या स्पैचुला राख अत्यंत आसान और तरल पदार्थ माना जाता है। जब मिल्क अप रीप्शन का अनुमान है तो माइशान झाग को बनाने में मदद मिलती है और मिल्क के उफानकर को आउट करने की संभावना कम हो जाती है। आँकड़े पर आधारित सबसे अच्छा तरीका कई लोग जल्दी में दूध को तेजी से चाहने लगते हैं। तेज परीक्षण पर दूध में अचानक तेजी से गर्मी होती है और जल्दी उफान आ जाता है। यदि दूध को मध्यम या मध्यम ऊंचाई पर रखा जाए तो तापमान धीरे-धीरे-उच्च स्तर पर पहुंच जाता है और दूध के बाहरी स्तर की संभावना कम हो जाती है। बड़ा पोथी का उपयोग किया जाता है दूध के टुकड़े का समय अगर पॉश्चर हो छोटा हो और इसमें दूध ज्यादा भरा हो तो उफने का डर बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा लिटल बिगा पॉट का उपयोग करना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे दूध को ऊपर की ओर समुद्र तट के लिए जाना जाता है और वह बाहर नहीं गिरता है। पोर के किनारे पर घी या मक्खन लगाने की ट्रिक एक घरेलू आसान ट्रिक यह भी है कि दूध के मसाले से पहले पॉश के ऊपरी किनारे पर थोड़ा सा घी या मक्खन लगा दिया जाए। जब दूध का झाग किनारे तक जाता है तो यह बच्ची उसे नीचे बैठाकर मदद करती है और दूध बाहर से निकाल कर ले जाती है। बीच-बीच में दूध पीना रहना दूध का शौकीन समय उसे समुद्र तट से- समुद्र तट में पसंद करना भी एक अच्छा तरीका है। इससे ऊपर बनने वाली परत टूटती रहती है और मसाले आसानी से बाहर निकल जाते हैं। इसका कारण यह है कि दूधिया प्लास्टिक उफानकर बाहर नहीं आता है। यह भी पढ़ें: एडिथ हुंडिया को ईशान किशन जल्द ही दुल्हनिया! दादा ने दोस्ती कर ली (टैग्सटूट्रांसलेट) दूध उबलने के टिप्स (टी) दूध को ओवरफ्लो होने से कैसे रोकें (टी) दूध उबालने के लिए किचन टिप्स (टी) उबलते समय दूध क्यों ओवरफ्लो हो जाता है (टी) दूध के किचन हैक्स (टी) भारतीय किचन टिप्स (टी) दूध को पकाने के टिप्स (टी) दूध को गिरने से रोकें
संजीवनी बूटी से कम नहीं गुलाब का फूल, इसमें छुपा है कई बीमारियों का इलाज, जानें औषधीय गुण

X संजीवनी बूटी से कम नहीं गुलाब का फूल, इसमें छुपा है कई बीमारियों का इलाज Health Tips: प्यार और मोहब्बत का प्रतीक माना जाने वाला गुलाब आयुर्वेद में भी बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है. इसकी खुशबू जितनी मन को भाती है, उतने ही इसके औषधीय गुण शरीर को लाभ पहुंचाते हैं. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आयुर्वेद में गुलाब को शीतल, हृदय के लिए हितकारी और मानसिक शांति देने वाला माना गया है. गुलाब की पंखुड़ियों से गुलाब जल और गुलकंद तैयार किया जाता है, जो कई बीमारियों में लाभकारी साबित होता है. आज के समय में दिल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में गुलकंद का नियमित सेवन हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को ठंडक देते हैं और मानसिक तनाव को कम करते हैं. गुलाब की पंखुड़ियों को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जाए, तो यह डिप्रेशन और तनाव जैसी समस्याओं में भी राहत दे सकता है. गुलाब में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है.
Indian Navy Agnipath Recruitment | IRCTC Monitor, Himachal Teacher Jobs

Hindi News Career Indian Navy Agnipath Recruitment | IRCTC Monitor, Himachal Teacher Jobs 23 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी भारतीय नौसेना अग्निवीर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की, IRCTC में हॉस्पिटैलिटी मॉनिटर के 43 पदों पर निकली भर्ती की। हिमाचल प्रदेश में जूनियर बेसिक टीचर के 600 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी। इसके साथ ही पंजाब आंगनवाड़ी में 6110 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 11 मार्च की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.… 1. भारतीय नौसेना अग्निवीर भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी भारतीय नौसेना अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए एमआर (मैट्रिक रिक्रूट) और एसएसआर (सीनियर सेकेंडरी रिक्रूट) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती के लिए अविवाहित पुरुष और महिला उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.joinindiannavy.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों का भारतीय नागरिक होना भी जरूरी है। करेक्शन विंडो 10 से 11 अप्रैल तक खुली रहेगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : अग्निवीर एसएसआर : 12वीं की परीक्षा मैथ्स और फिजिक्स के साथ पास की हो। केमेस्ट्री, बायोलॉजी या कंप्यूटर साइंस में से किसी एक विषय में पढ़ाई की हो। अग्निवीर एमआर : 10वीं पास। एसएसआर (Med) : कम से कम 50% अंकों के साथ फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के साथ 12वीं पास। हर सब्जेक्ट में कम से कम 40% मार्क्स जरूरी। एज लिमिट : अग्निवीर एसएसआर 01/2027 : 01 दिसंबर 2004 – 31 मई 2009 के बीच होना चाहिए। अग्निवीर एसएसआर 02/2027, एसएसआर (Med) 02/2027 : 01 मई 2005 – 31 अक्टूबर 2009 के बीच होना चाहिए। अग्निवीर एमआर 01/2027 : 01 दिसंबर 2004 – 31 मई 2009 के बीच होना चाहिए। 01 दिसंबर 2004 – 31 मई 2009 : 1 मई 2005 – 31 अक्टूबर 2009 के बीच होना चाहिए। फीस : सभी के लिए : 550 रुपए के साथ 18% जीएसटी सिलेक्शन प्रोसेस: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट फिजिकल फिटेनस टेस्ट रिटन एग्जाम मेडिकल एग्जाम एग्जाम पैटर्न : अग्निवीर (SSR) एसएसआर (Med) : स्टेज – 1 अग्निवीर (SSR) एसएसआर (Med) : स्टेज – 2 विषय प्रश्नों की संख्या अंक इंग्लिश 25 25 साइंस 25 25 मैथमेटिक्स (for SSR) / बायोलॉजी (for SSR Med) 25 25 जनरल अवेयरनेस 25 25 टोटल 100 100 अग्निवीर (MR) : स्टेज – 2 जरूरी डॉक्यूमेंट्स : आधार कार्ड या कोई अन्य मान्य पहचान पत्र शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं, 12वीं और स्नातक की मार्कशीट) जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो सिग्नेचर (स्कैन कॉपी) अनुभव प्रमाण पत्र (यदि जरूरी हो) ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.joinindiannavy.gov.in पर जाएं। “Apply Online” बटन पर क्लिक करें। एक नया पेज खुल जाएगा, जहां रजिस्ट्रेशन करने के लिए मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। सब्मिट पर क्लिक करके पेज पर लॉग इन करें। सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फॉर्म सब्मिट करें। आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक इंडियन अग्निवीर एसएसआर भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन इंडियन अग्निवीर एमआर भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन अग्निवीर एमईडी भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन 2. IRCTC में हॉस्पिटैलिटी मॉनिटर की भर्ती, सीधे इंटरव्यू से सिलेक्शन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड में हॉस्पिटैलिटी मॉनिटर के पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए 12 और 13 मार्च 2026 को इंटरव्यू होगा। उसी के जरिये फाइनल सिलेक्शन किया जाएगा। यह भर्ती दो साल के लिए कॉन्ट्रैक्चुअल बेसिस पर की जाएगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एनसीएचएम एंड सीटी (NCHMCT), यूजीसी (UGC) या एआईसीटीई (AICTE) के मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी केंद्रीय या राज्य होटल प्रबंधन संस्थान से हॉस्पिटैलिटी और होटल प्रशासन में बीएससी की डिग्री। इंडियन कुलिनरी इंस्टीट्यूट से BBA या MBA (कुकिंग/पाक कला) की डिग्री। होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग साइंस में बीएससी की डिग्री। पर्यटन और होटल मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री। एज लिमिट : यूआर (सामान्य) : अधिकतम 27 वर्ष एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी : 10 साल की छूट पूर्व सैनिक को उनकी रक्षा सेवा की अवधि के साथ 3 साल की छूट दी जाएगी। सैलरी : 30,000 रुपए प्रति माह सिलेक्शन प्रोसेस : डॉक्यूमेंट्स और एप्लिकेशन फॉर्म का वेरिफिकेशन पर्सनल इंटरव्यू मेडिकल टेस्ट इंटरव्यू का पता : IRCTC, दक्षिण मध्य क्षेत्रीय कार्यालय फर्स्ट फ्लोर, ऑक्सफोर्ड प्लाजा, सरोजिनी देवी रोड सिकंदराबाद – 500 003 ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. हिमाचल प्रदेश में 600 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, एज लिमिट 45 साल हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने जूनियर बेसिक टीचर के 600 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 15 मार्च से की जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट hprca.hp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। कैटेगरी वाइज वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या जनरल (यूआर) 224 ईडब्ल्यूएस 73 जनरल (डब्ल्यूएफएफ) 08 ओबीसी (यूआर) 95 ओबीसी (बीपीएल) 22 ओबीसी (डब्ल्यूएफएफ) 02 एससी (यूआर) 118 एससी (बीपीएल) 22 एससी (डब्लयूएफएफ) 03 एसटी (यूआर) 25 एसटी (बीपीएल) 08 टोटल 600 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : न्यूनतम 50% अंकों के साथ दो वर्षीय जेबीटी/डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed.), बीएलएड की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 वर्ष अधिकतम : 45 वर्ष आयु की गणना एक जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, पूर्व सैनिक, सरकारी कर्मचारी : अधिकतम 5 वर्ष की छूट। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : 18,000 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : एग्जाम मोड कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट टोटल मार्क्स 120 ड्यूरेशन डेढ़ घंटा क्वेश्चन टाइप एमसीक्यू मार्किंग स्कीम हर सही उत्तर के लिए 1 अंक सिलेबस : जनरल नॉलेज हिमाचल प्रदेश का जनरल नॉलेज, करेंट अफेयर्स, जनरल साइंस जनरल अवेयरनेस साइंस, लॉजिकल रीजनिंग, सोशल साइंस लैंग्वेज 10वीं लेवल का जनरल इंग्लिश, जनरल हिंदी ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट hprca.hp.gov.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन के लिंक पर क्लिक करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। नाम, पासवर्ड के साथ लॉग इन करें। फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. पंजाब आंगनवाड़ी में 6110 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 11 मार्च पंजाब सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने आंगनवाड़ी
भड़काऊ सोशल पोस्ट करने पर युवक गिरफ्तार:पटेल समाज को पीटने की बातें कहीं थीं, मऊगंज में कोर्ट ने भेजा जेल

हनुमना थाना क्षेत्र के अटरिया गांव में सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ पोस्ट की वजह से तनाव फैल गया। पुलिस ने पटेल समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले 26 साल के युवक दीपक साकेत को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। अटरिया के रहने वाले दीपक साकेत ने अपनी फेसबुक आईडी से पटेल समाज को लेकर गलत और उकसाने वाली बातें लिखी थीं। यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई, जिससे समाज के लोगों में भारी नाराजगी फैल गई और इलाके का माहौल बिगड़ने लगा। पुरानी घटना के चलते बढ़ गया था खतरा इलाके में तनाव की एक बड़ी वजह यह भी थी कि चार दिन पहले ही ढाबा गौतमान गांव में पटेल और साकेत परिवारों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी। ऐसे नाजुक समय में दीपक ने खुद को ‘जय भीम वाला’ बताते हुए धमकी भरी पोस्ट डाल दी, जिससे दो समाजों के बीच विवाद और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई। पुलिस की कार्रवाई हनुमना पुलिस ने मंगलवार को तुरंत एक्शन लिया और दीपक को धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर भाईचारा बिगाड़ने वाली या भड़काऊ बातें लिखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इलाके में शांति बनी रहे।
डायबिटीज और पेट के कीड़ों का दुश्मन ‘पलाश’, फूल-बीज और छाल में छिपे औषधीय गुण

Last Updated:March 10, 2026, 19:49 IST Palash Flower Benefits: त्वचा संबंधी रोगों में पलाश काफी उपयोगी माना जाता है. आयुर्वेद में बताया गया है कि पलाश के बीज का पेस्ट लगाने से एक्जिमा और अन्य स्किन इन्फेक्शन में राहत मिल सकती है. इससे त्वचा का रूखापन और खुजली भी कम होती है. सीधी. फागुन आते ही आते ही विंध्य क्षेत्र में पलाश के फूलों की बहार आ जाती है. इसे ग्रामीण क्षेत्र में टेसू के फूल के नाम से भी जाना जाता है. चमकीले लाल और नारंगी रंग के ये फूल दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं. हालांकि लगातार हो रही जंगलों की कटाई के कारण अब पलाश के पेड़ों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है. इसके बावजूद जहां भी पलाश के पेड़ दिखाई देते हैं, वहां की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है. पलाश के फूल जितने मनमोहक दिखाई देते हैं, उतने ही औषधीय गुणों से भी भरपूर माने जाते हैं. आयुर्वेद में पलाश के फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कई तरह की बीमारियों के इलाज में किया जाता है. छोटे घाव से लेकर त्वचा संबंधी रोगों और कई अन्य समस्याओं में भी इसका उपयोग लाभकारी माना जाता है. मध्य प्रदेश के सीधी के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि प्राचीन समय से ही पलाश के फूलों का उपयोग होली के प्राकृतिक रंग बनाने में किया जाता रहा है. होली के कई दिन पहले लोग इन फूलों को पानी में भिगो देते थे. इसके बाद उन्हें उबालकर ठंडा किया जाता था, जिससे हल्का नारंगी रंग तैयार हो जाता था. यह प्राकृतिक रंग त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है. पलाश के बीजों में एंटी वर्मडॉ संतोष कुमार के अनुसार, पलाश के बीजों में एंटी वर्म यानी कृमिनाशक गुण पाए जाते हैं. इसी वजह से इसका उपयोग पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए किया जाता है. पलाश के बीज का पाउडर नियमित रूप से लेने से पेट के संक्रमण में भी राहत मिल सकती है. इसके अलावा पलाश के फूलों में एस्ट्रिंजेंट गुण मौजूद होता है, जो दस्त जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करता है. मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायकउन्होंने कहा कि पलाश में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण भी पाए जाते हैं, जो मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं. इसके सेवन से शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है. वहीं पलाश के पत्तों में टिक्ता गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में कफ और पित्त को कम करने में सहायक होते हैं. इससे शरीर का चयापचय बेहतर होता है और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है. डॉ संतोष कुमार के मुताबिक, गलत खानपान के कारण जब रक्त दूषित होने लगता है, तब पलाश की छाल का उपयोग खून को साफ करने के लिए किया जाता है. यह शरीर के अंदर से रक्त को शुद्ध करने में मदद करती है और दूषित रक्त से होने वाली बीमारियों से बचाव करती है. त्वचा संबंधी रोगों में उपयोगीत्वचा संबंधी रोगों में भी पलाश काफी उपयोगी माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, पलाश के बीज का पेस्ट लगाने से एक्जिमा और अन्य स्किन इन्फेक्शन में राहत मिल सकती है. इससे खुजली और त्वचा का रूखापन भी कम होता है. इसके अलावा पलाश के बीज का काढ़ा घाव भरने में भी सहायक माना जाता है. पलाश के फूल को गुलाब जल के साथ पीसकर घाव पर लगाने से रक्तस्राव रुकने में मदद मिलती है और घाव जल्दी भरने लगता है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : March 10, 2026, 19:49 IST
हिटेजी कंपनी में पदस्थ चालक ने की आत्महत्या:गाड़ी से टकरा गया था बाइक चालक, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, डर में खा लिया जहर

हिटेजी कंपनी जो कि एटीएम मशीन में केस लोड करने का काम करती है। इसी कंपनी में पदस्थ एक वाहन चालक ने सोमवार की रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम शिवा प्रजापित (35) है, जो बेलखाड़ू का रहने वाला था। बीते एक साल से कंपनी में ड्राइवर के पद पर पदस्थ शिवा की गाड़ी जो बलदेवबाग में खड़ी थी। 3 मार्च को रात करीब डेढ़ बजे एक बाइक सवार युवक खड़ी गाड़ी से टकरा गया, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन को शिवा प्रजापति चलाया करता था, जिसने बलदेवबाग में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा कर दिया था और एक्सीडेंट हुआ। पुलिस ने शिवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कंपनी से नहीं मिली मदद खड़ी गाड़ी से बाइक सवार के टकराने पर पुलिस ने शिवा प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस बीच जब उसे जानकारी लगी तो उनसे कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात की, जिस पर उसे यह कहा गया कि अपना लाईसेंस लेकर आ जाओ। इस पर शिवा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करती है, कोर्ट जाना पड़ेगा, तो उसका खर्चा कौन देगा। कंपनी पैसा देगी तो वह कुछ काम का नहीं। इस पर कंपनी की और से कहा गया कि तुम जमानतदार ढ़ूढ कर रखो। शिवा ने कहा कि जो भी व्यक्ति जमानत लेगा तो पैसे मांगेगा। हमारे पास जमीन नहीं है। कंपनी तुम्हारी जमानत करवा रही है, पर पैसे तुम्हें देने होंगे। शिवा को जब लगने लगा कि कंपनी से मदद नहीं मिल रही है, तो उसने कहा कि आप कंपनी की लिस्ट से मेरा नाम काट दो, अब हम गाड़ी नहीं चलाएंगे। कल से नहीं आएंगे। इस पर कंपनी की और से उससे फोन पर कहा गया कि अगर नाम कट गया तो 6 माह तक जेल में ही पड़े रहोगे, इतना सुनने के बाद शिवा ने कहा कि कोई परेशानी नहीं हम देख लेगें। इतना कहने के बाद शिवा ने फोन बंद कर लिया और घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने किया प्रदर्शन मंगलवार को मेडिकल कालेज में शिवा का पीएम करवाया गया। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर हिटेजी कंपनी के आफिस पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित के परिवार वालों की कंपनी मदद करे, क्योंकि टेंशन के कारण ही उसने आत्महत्या की है। शिवा के दोस्त रोहित शर्मा का कहना था कि सुपरवाइजर संतोष नाम के शख्स से वो परेशान था, उसे धमकाया जा रहा था। ताला लगाकर अधिकारी हुए गायब शिवा के छोटे भाई अरुण का कहना था कि 3 मार्च को बलदेवबाग आफिस के सामने गाड़ी खड़ी करके गांव आ गए थे, जिससे कोई अंजान बाइक सवार टकरा गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शिवा ने फौरन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो सुपरवाइजर संतोष ने बात की। अरुण का कहना था कि सुपरवाइजर ने कहा कि 6 साल की सजा होगी, आपकी जमानत नहीं होगी। जिस पर शिवा ने कहा कि जमीन नहीं है, और बिना इसके कौन जमानत लेगा। इतना सब होने के बाद शिवा ड़र गया और आत्महत्या कर ली। मंगलवार को परिजन जब शव लेकर कंपनी पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि प्रताड़ना के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की है। शिवा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे 7 और 4 साल के है। छोटा भाई है जो कि मानसिक रूप से स्वास्थ्य नहीं है। घर चलाने वाला एक मात्र शिवा ही था, जिसने कि आत्महत्या कर ली। हम मदद कर रहे हैं आत्महत्या करने से पहले शिवा ने सुपरवाइजर संतोष से बात किया था, जिस पर उसे आश्वासन देते हुए मदद करने की बात कही, पर जब मृतक को पता चला कि उसे मदद नहीं मिल रही है, उल्टा एफआईआर हो गई है, और अब जेल जाना होगा, जिस पर से वह डर गया। इधर हंगामे की जानकारी लगते ही तिलवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत करवाया। पुलिस का कहना था कि घटना कोतवाली थाने की है, शिवा ने आत्महत्या अपने गांव बेलखाड़ू में लगाया है, इसलिए आगे की जांच वहीं पर होगी।
Sugar Option | Doctor Recomanded: चीनी के बदले क्या खाएं? प्री-डायबेटिक हैं तो जरूर जानें डॉक्टरों की ये 5 लिस्ट

Last Updated:March 10, 2026, 19:43 IST Sugar Option: भारत में अधिकांश लोग प्री-डायबेटिक हैं. हालांकि इनमें से अधिकांश को पता ही नहीं. इसलिए अगर आप चाहते हैं कि डायबिटीज न हो या कुछ अन्य बीमारियों से भी बचे रहे हैं कि तो आपको चीनी से परहेज करना चाहिए. वैसे भी चीनी किसी भी मामले में सही नहीं है. यह अल्ट्रा प्रोसेस्ड चीज है जो शरीर में तुरंत ग्लूकोज बनाता है जो सीधा खून में चला जाता है. इससे कई तरह की अन्य दिक्कतें भी हो सकते हैं. ऐसे में हम यहां आपको चीनी का बेहतर विकल्प बता रहे हैं.डॉक्टरों ने ऐसी 5 प्राकृतिक चीजों की सूची तैयार की है जो आपकी ‘शुगर क्रेविंग’ को तो शांत करेंगी ही, साथ ही आपके इंसुलिन लेवल को भी नहीं बिगाड़ेंगी. हम में से कई लोगों को सुबह चाय या कॉफी पीने की आदत है. आमतौर पर उसमें दो चम्मच चीनी डालते हैं. चीनी से तुरंत एनर्जी मिलती है. लेकिन ये ब्लड में ग्लूकोज लेवल को जल्दी बढ़ा देती है. पैंक्रियास उतनी तेजी से इंसुलिन नहीं बना पाता. इंसुलिन धीरे-धीरे ही रिलीज होता है. इसलिए ग्लूकोज लेवल भी अचानक न बढ़े, इसका ध्यान रखना चाहिए. इसी वजह से चीनी छोड़ना अच्छा है. चीनी से एक और समस्या है. वो एनर्जी देती है, लेकिन उस एनर्जी को तुरंत इस्तेमाल करना जरूरी है. यानी मेहनत करनी होगी. अगर चीनी से मिली एनर्जी का इस्तेमाल नहीं किया तो वो शरीर में जमा हो जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है और दिल की समस्याएं भी हो सकती हैं. AI Photo 2025 में आए स्टेट हेल्थ डेटा के मुताबिक तेलंगाना में करीब 13 प्रतिशत लोग डायबिटीज से परेशान हैं. अगर चीनी नहीं खानी है, तो क्या इस्तेमाल करें ये सवाल आता है. हमारी किस्मत से स्टेविया, मोंक फ्रूट समेत 5 तरह के विकल्प मौजूद हैं. इन्हें चीनी की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे टाइप 2 डायबिटीज को रोकने की पूरी कोशिश की जा सकती है. AI Photo आखिर चीनी क्यों कम करनी चाहिए? देश में 10 करोड़ लोग डायबेटिक हैं और कितने प्री-डायबेटिक हैं. हमारे खाने में चीनी का इस्तेमाल ज्यादा होता है, क्योंकि हम मिठास को शुभ मानते हैं. इसलिए कई मौकों पर मिठाई खाते हैं. लेकिन ज्यादा चीनी खाने से कई लोगों में इंसुलिन बनना कम हो जाता है. उन्हें टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की गाइडलाइन्स के मुताबिक, चीनी के विकल्प वजन ज्यादा कम नहीं करते, लेकिन डायबिटीज को रोकने और कंट्रोल करने के लिए ये सुरक्षित ऑप्शन हैं. अब जानते हैं कौन-कौन से हैं. AI Photo Add News18 as Preferred Source on Google 1. स्टीविया – जीरो कैलोरी सुपरस्टार: स्टीविया एक पौधे की पत्तियों से बनता है. ये चीनी से 200 से 300 गुना ज्यादा मीठा होता है, लेकिन इसमें कैलोरी बिल्कुल नहीं होती. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स जीरो है, यही इसकी खासियत है. इसलिए डायबिटीज वाले लोग इसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया था, “चाय, कॉफी में स्टीविया ड्रॉप्स डालने से बहुत फायदा होगा. इससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ेगी. 2024 की मेटा एनालिसिस के मुताबिक डायबिटीज वालों के लिए स्टीविया सबसे अच्छा है. ये ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल करता है.100 ग्राम की कीमत करीब 200 रुपये तक होती है. आम चाय में 1-2 बूंद डालना काफी है. AI Photo 2. मोंक फ्रूट -मोंक का मतलब साधु होता है. इस फल को यही नाम दिया गया है. इसे लुओ हान गुओ भी कहते हैं. इसमें मोग्रोसाइड्स नाम के नेचुरल कंपाउंड्स होते हैं. इसी वजह से ये फल चीनी से 150 से 300 गुना ज्यादा मीठा होता है. इसमें भी कैलोरी जीरो है. 2025 के न्यूट्रिएंट्स जर्नल PRISMA रिव्यू (Kaim et al.) के मुताबिक, इसे इस्तेमाल करने से खाने के बाद ग्लूकोज 10 से 18 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इसका पाउडर भी ऑनलाइन ई-कॉमर्स या सुपरमार्केट में मिलता है. 100 ग्राम की कीमत करीब 200 रुपये तक होती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होने की वजह से कैंसर का रिस्क कम हो सकता है. कुछ ब्लेंड्स में एरिथ्रिटॉल हो सकता है. खरीदते वक्त लेबल चेक करें. ‘नो एरिथ्रिटॉल’ सर्च करें. AI Photo 3. एल्यूलोज़ (Allulose) – असली शुगर जैसा स्वाद देने वाला रेयर स्वीटनर है. इसे दुर्लभ चीनी कहा जाता है. ये चीनी से 70 प्रतिशत ज्यादा मीठा होता है. लेकिन इसमें कैलोरी सिर्फ 0.4 प्रति ग्राम होती है. ये शरीर में ग्लूकोज में नहीं बदलता. और ये यूरिन के जरिए बाहर निकल जाता है. इसलिए डायबिटीज का रिस्क बहुत कम है. PLoS One मेटा-एनालिसिस 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक इसे इस्तेमाल करने वालों में खाने के बाद ब्लड में शुगर लेवल कम होता है. साथ ही ये फैट भी कम कर सकता है. ऐसा कहा जा रहा है कि यह भविष्य में ये GLP-1 की तरह काम करेगा. इसकी 100 ग्राम की कीमत करीब 180 रुपये है. ये बेकिंग के लिए सबसे अच्छा है. गुलाब जामुन, बेसन लड्डू जैसी चीजों में असली टेक्सचर देता है. AI Photo 4. एरिथ्रिटोल (Erythritol) – चीनी जैसी टेक्सचर देने वाला विकल्प है. ये मकई को फर्मेंट करने से बनने वाला शुगर अल्कोहल है. चीनी से 70 प्रतिशत ज्यादा मीठा होता है. इसमें कैलोरी नहीं होती. दांतों को नुकसान नहीं पहुंचता. इसकी कीमत 100 ग्राम करीब 80 रुपये तक होती है. बेकिंग में ये बहुत अच्छा रहता है. बर्फी, लड्डू की टेक्सचर भी बहुत अच्छी होती है. लेकिन इसका सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए कि क्योंकि क्लीवलैंड क्लिनिक और CU बाउल्डर स्टडीज के मुताबिक इसमें कुछ समस्याएं हो सकती हैं. इसे इस्तेमाल करने से खून में थक्का बनना (प्लेटलेट्स एक्टिव), हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क बढ़ सकता है. इसलिए फिलहाल ये चलन में नहीं है. भविष्य में वैज्ञानिक इसमें से इन चीजों को निकालकर इसे खाने योग्य बना सकते हैं. AI Photo 5. नारियल की शक्कर (Coconut Sugar)- हमें पता है कि गन्ने से गुड़ बनता है, लेकिन बहुत लोगों को नहीं पता कि नारियल के पेड़ से भी गुड़ जैसा कुछ मिलता है. नारियल के फूलों (पाम सैप) से खास तरह का पानी निकलता है, जिसे ध्यान से इकट्ठा किया जाता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 35 से
कृतिका कामरा- गौरव कपूर का अनोखा वेडिंग इनवाइट:मुंबई में 11-12 मार्च को शादी, रिसेप्शन की जगह ‘द पार्टी आफ्टर’ नाम से खास जश्न

एक्ट्रेस कृतिका कामरा और टीवी होस्ट-एक्टर गौरव कपूर की शादी को लेकर अब धीरे-धीरे नई-नई डिटेल्स सामने आने लगी हैं। दोनों 11 और 12 मार्च को मुंबई में शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। शादी से पहले उनका वेडिंग इनवाइट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसका अंदाज पारंपरिक शादियों से बिल्कुल अलग और काफी मजेदार है। कृतिका और गौरव ने अपनी शादी को बहुत ज्यादा भव्य बनाने के बजाय इसे करीबी दोस्तों और परिवार के बीच निजी अंदाज में सेलिब्रेट करने का फैसला किया है। हालांकि समारोह प्राइवेट होगा, लेकिन इसमें फिल्म और खेल जगत से जुड़े कई जाने-माने चेहरे शामिल हो सकते हैं। ‘द पार्टी, आफ्टर’ नाम से खास सेलिब्रेशन स शादी की सबसे खास बात उनका अनोखा वेडिंग इनवाइट है। आम तौर पर शादियों में रिसेप्शन या कॉकटेल पार्टी का आयोजन होता है, लेकिन कृतिका और गौरव ने इसकी जगह “द पार्टी, आफ्टर” नाम से एक खास लेट-ईवनिंग सेलिब्रेशन रखा है।यह पार्टी दरअसल एक तरह की आफ्टर-पार्टी होगी, जहां मेहमान औपचारिकता से हटकर आराम से बैठकर संगीत, बातचीत और जश्न का आनंद ले सकेंगे। इनवाइट में मेहमानों को जल्दी आने, आराम से बैठने और रात को खुलकर एंजॉय करने का न्योता दिया गया है। जैज नाइट और स्पीकईजी बार जैसा होगा माहौल जानकारी के मुताबिक यह खास पार्टी दक्षिण मुंबई के एक प्राइवेट वेन्यू पर आयोजित की जाएगी। यहां का माहौल जैज नाइट और स्पीकईजी बार से प्रेरित रखा गया है। इसका मतलब है कि पार्टी में हल्का संगीत, क्लासी डेकोर और एक रिलैक्स्ड माहौल देखने को मिलेगा। इनवाइट का डिजाइन भी काफी खास है। इसमें मोनोक्रोम थीम का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे एलिगेंट और स्टाइलिश लुक देता है। साथ ही इसमें हल्का-फुल्का और मज़ेदार टेक्स्ट रखा गया है, जिससे साफ पता चलता है कि यह कपल अपनी शादी को औपचारिक कम और यादगार ज्यादा बनाना चाहता है।
अशोकनगर में विधानसभा अध्यक्ष के काफिले की गाड़ियां टकराईं:निर्माणाधीन सड़क पर गिट्टी से हुआ हादसा, नरेंद्र सिंह तोमर सुरक्षित

अशोकनगर-देहरदा मार्ग पर जंघार गांव के पास मंगलवार शाम को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह हादसा निर्माणाधीन सड़क के किनारे पड़े गिट्टी के ढेर की वजह से हुआ, जिसमें पीएसओ और फॉलो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गनीमत रही कि हादसे में विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है। घटना के समय काफिला ईसागढ़ से देहरदा मार्ग पर आगे बढ़ रहा था। रास्ते में निर्माणाधीन सड़क का काम चल रहा था। इसी दौरान काफिले में पीछे चल रही पीएसओ (PSO) की गाड़ी सड़क किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित होकर टकरा गई। पीएसओ की गाड़ी के अचानक रुकने से उसके ठीक पीछे आ रही फॉलो गाड़ी भी आगे वाली गाड़ी से जा भिड़ी। पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि देकर लौट रहे थे तोमर यह घटना उस वक्त हुई जब विधानसभा अध्यक्ष का काफिला महुअन गांव से वापस लौट रहा था। नरेंद्र सिंह तोमर महुअन गांव में पूर्व विधायक स्वर्गीय राव राजकुमार सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष की गाड़ी आगे थी, पूरी तरह सुरक्षित हादसे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जिस मुख्य गाड़ी में सवार थे, वह काफिले में सबसे आगे चल रही थी। हादसे वाली जगह से उनकी गाड़ी पहले ही आगे निकल चुकी थी, इसलिए वे और उनका वाहन पूरी तरह से सुरक्षित रहे। दोनों गाड़ियों को हुआ नुकसान, कोई जनहानि नहीं इस आपस की टक्कर के कारण पीएसओ वाली गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, पीछे से टकराने के कारण फॉलो गाड़ी का भी अगला हिस्सा डैमेज हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में किसी भी व्यक्ति को कोई गंभीर चोट नहीं आई है और कोई जनहानि नहीं हुई है।








