कांग्रेस विधायक की 18 लाख रुपये की लक्जरी घड़ी ने सिद्धारमैया के 2016 हुबोट तूफान की याद दिला दी | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 15, 2026, 12:45 IST कांग्रेस विधायक के राघवेंद्र हितनाल ने 18 लाख रुपये की हब्लोट घड़ी पहनकर कर्नाटक में हलचल मचा दी, जिस पर उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि वह एक दिन के लिए उधार ली गई थी। हितनाल ने स्पष्ट किया कि वह लग्जरी घड़ी उनकी नहीं है। कांग्रेस विधायक के राघवेंद्र हितनाल द्वारा पहनी गई एक लक्जरी कलाई घड़ी ने राज्य में उस समय चर्चा पैदा कर दी जब उनकी 18 लाख रुपये की कीमत वाली घड़ी पहने हुए तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गईं। हितनाल को शुक्रवार को कोप्पल तालुक के हिरेबगानल गांव में एक कार्यक्रम के दौरान हुब्लोट घड़ी पहने देखा गया, जिसकी कीमत लगभग 18 लाख रुपये है। चमचमाती घड़ी ने तुरंत स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम में चर्चा का प्रमुख मुद्दा बन गई। जैसे ही विधायक की घड़ी पहनने की तस्वीरें और वीडियो ऑनलाइन प्रसारित होने लगीं, हितनाल ने स्पष्ट किया कि लक्जरी घड़ी उनकी नहीं है। विधायक के अनुसार, उन्होंने पहले अपनी घड़ी एक दोस्त को उधार दी थी, जिसने बदले में उन्हें एक दिन के लिए हब्लोट घड़ी पहनने की अनुमति दी थी। “मैंने इसे सिर्फ एक दिन के लिए पहना था। इसमें गलत क्या है?” हितनाल ने घड़ी के बारे में सवालों का जवाब देते हुए कहा। इस घटना ने 2016 में कर्नाटक की राजनीति को हिला देने वाले हब्लोट घड़ी विवाद की यादें भी ताजा कर दी हैं, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को महंगी हब्लोट घड़ी रखने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। उस समय, सिद्धारमैया ने यह घड़ी तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष कागोडु थिमप्पा को सौंप दी, जिन्होंने बाद में इसे राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया। जगह : कोप्पल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 15, 2026, 12:39 IST समाचार राजनीति कांग्रेस विधायक की 18 लाख रुपये की लग्जरी घड़ी की चर्चा, सिद्धारमैया के 2016 के हुबोट तूफान की याद दिलाती है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)लक्ज़री कलाई घड़ी(टी)कांग्रेस विधायक के राघवेंद्र हितनाल(टी)हब्लोट घड़ी(टी)18 लाख रुपये की घड़ी(टी)वायरल सोशल मीडिया(टी)हिरेबगनल गांव(टी)कोप्पल तालुक(टी)कर्नाटक राजनीति
एलपीजी सेविंग टिप्स: गैस की मरम्मत के बीच इन टिप्स को जरूर फॉलो करें, 2 महीने तक चलेगा आपका कनेक्शन

एलपीजी बचत युक्तियाँ | छवि: फ्रीपिक एलपीजी बचत युक्तियाँ: आज के समय में रसोई गैस यानी एलपीजी की कंपनियों और मसालों के बारे में एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। भूखी मांग के कारण गैस के जंगलों में होने वाला विक्रय आम आदमी के बजट को बताता है। ऐसे में एंजॉय को लंबे समय तक चलाने से न केवल आपके डॉक्टर की बचत होती है, बल्कि गैस की पढ़ाई के साथ आपको मानसिक शांति भी मिलती है। अगर आप भी इस बात से चिंतित हैं कि आपका गैस पैकेज बहुत जल्दी खत्म हो जाता है, तो हम आपके लिए कुछ ऐसे कुकिंग टिप्स पेश करते हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने पैकेज की बचत कर सकते हैं और लंबे समय तक चल सकते हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानें। कुकिंग से पहले करें पूरी तैयारी लोग ज्यादातर गैस के उत्खनन के बाद रासायनिक कंटेनर या अलग-अलग तरह के अवशेष शुरू करते हैं। इससे काफी गैस टूटती है। गैस तब जलती है जब आपकी सारी सामग्री कटी हुई होती है, धुली हुई दाल, बाकी तैयार हो जाती है। इसे ‘प्री-कुकिंग प्रॉपरेशन’ कहा जाता है, जो गैस की कीमत 10-15% तक कम कर सकता है। ढलवाँ कारीगर खाना खानाते पकाते समय पोषाहार को हमेशा के लिए खरीदें। इससे बाहर का सामान और खाना जल्दी पकता है। बिना आधुनिक खाना पकाने में तीन गुना अधिक ऊर्जा और समय खर्च होता है। साथ ही, कोशिश करें कि कंपनी मुंह वाले पोएण्डों का उपयोग करें ताकि पोश्चो के पेंदे तक ही सीमित रहे। मिलावटी कुकर का उपयोग करें दाल, चावल या सख्त सॉसेज़ कुकिंग के लिए डमी कुकर से बेहतर कुछ भी नहीं है। यह ओपन पोएशियन की तुलना में 70% तक गैस बचा सकता है। इसके अलावा, खाना पकाने से पहले कुछ देर से दाल या चावल को पानी में डुबो दें। बड़े हुए अनाज बहुत जल्दी पक जाते हैं। आँकड़े को धीमा या मध्यम रखें तेज़ गति से खाना पकाने की प्रक्रिया से पोथॉन के चारों ओर ऊर्जा का नुकसान होता है। वैज्ञानिक रूप से भी नामांकित पर पका हुआ खाना भारी मात्रा में और स्वादिष्ट होता है। एक बार जब पॉश्चर हॉट हो जाए, तो टच को मीडियम या सिम पर कर। बर्नर की सफाई जरूरी है अगर आपके बर्नर की लॉबी या रंग-बिरंगी चीजें दिख रही हैं, तो समझ लीजिए कि बर्नर का सपना है और गैस बर्न हो रही है। बर्नर को आप पूरी तरह से पुराने टूथब्रश और नींबू या फिर सिरके के नासा से साफ करें ताकि सही से लगें। ये भी पढ़ें – सीबीएसई 12वीं की परीक्षा रद्द: मिडिल ईस्ट में रद्द हुई 12वीं की परीक्षा, ईरान युद्ध के बीच बोर्ड का बड़ा फैसला; रिजल्ट के बारे में भी बताया गया है फ़र्ज़ी की एयरलाइन को इलेक्ट्रिक गैस पर न रखें अक्सर हम दूध या सब्जी की सब्जी से तुरंत गर्माहट लेते हैं। पूर्वोत्तर को सामान्य तापमान पर आने वाली अधिकतम ऊर्जा का अनुमान है। इसलिए, उन्हें पकाने से कम से कम 1-2 घंटे पहले बाहर निकाल कर रख दें। पानी की मात्रा का ध्यान रखें खाना बनाने में जितना समय लगेगा उससे ज्यादा पानी नहीं मिलेगा। गैस में अतिरिक्त पानी को सुखाना बहुत ज्यादा खराब होता है। समान मात्रा में पानी लें ऐसे बर्तन के लिए आवश्यक हो।
विधानसभा चुनाव 2026 तारीखें लाइव: पश्चिम बंगाल और असम में कितने चरण में होंगे चुनाव? कुछ ही घंटों में पांच राज्यों की वोट की तारीखों का ऐलान

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग (भारत निर्वाचन आयोग) आज शाम 4 बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा हूं, जिसमें पश्चिम बंगाल शामिल है (पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026),असम (असम विधानसभा चुनाव 2026)टेम्प्लेट (तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026)केरल (केरल विधानसभा चुनाव 2026) और पुडुचेरी विधानसभा का चुनावी मैदान (विधानसभा चुनाव 2026 पूरा शेड्यूल) घोषित होने वाला है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे. वह चुनाव की तारीखें, चरण, नामांकन, मतदान और गिनती की तिथियों के साथ आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रदान करता है (आदर्श आचार संहिता) लागू होने की जानकारी देंगे। मई-जून तक सभी 5 विनिष्ट राज्यों में अनुबंध समाप्त हो जाएगा यह प्रतिबंध ऐसे समय में हो रहा है जब इन पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के जिलों का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है। 7 मई को पश्चिम बंगाल का विधानसभा क्षेत्र, 10 मई 2026 को तमिलनाडु, 20 मई को असम, 23 मई को केरल और 15 जून 2026 को पुडुचेरी की हो रही है। चुनाव आयोग ने पिछले दिनों ग्लेशियर में सभी स्थानों का दौरा पूरा किया था। फरवरी में असम, तमिल और पुडुचेरी, 6-7 मार्च को केरल और 9-10 मार्च को पश्चिम बंगाल में एलेक्जेंडर का निर्देशन लिया गया। इन दौरों में राजनीतिक विचारधारा, पुलिस और प्रशासन से नारेबाजी और हिंसा पर रोक, गरीब सूची के लोग, ईवीएम-वीवीपैट जांच और सीएपीएफ पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। दूसरे-तीसरे सप्ताह से शुरू होगा विधानसभा चुनाव 2026: मृतक पश्चिम बंगाल में डेमोक्रेट्स सूची के खिलाफ अपील की आखिरी तारीख आज 15 मार्च है, जिसके बाद स्टालिन का नारा पूरी तरह से साफ हो गया। मतो के अनुसार, अप्रैल में चुनाव दूसरी या तीसरी सप्ताह से शुरू हो सकते हैं और नतीजे मई की शुरुआत में आ सकते हैं। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार स्टेज की संख्या कम रहने की संभावना है। 2021 में पश्चिम बंगाल में 8 चरण थे, असम में 3 और तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी में एक-एक चरण। अब पश्चिम बंगाल और असम में मल्टी-फेज (कई चरण) होंगे, जबकि बाकी में एकल चरण की उम्मीद है। पाँचों राज्यों में सत्ता परिवर्तन की संभावना ये चुनावी राजनीतिक रूप से बहुत अहम हैं. पश्चिम बंगाल में टीएमसी बनाम बीजेपी का मुकाबला, तमिलनाडु में डीएमके बनाम एडीआईएमके, केरल में एलडीएफ बनाम यूडीएफ, असम में बीजेपी बनाम कांग्रेस-गठबंधन और पुडुचेरी में भी सत्ता परिवर्तन की संभावना है. चुनाव आयोग ने बार-बार कहा है कि सिविल, मेक्सिको और सबसे अधिक हिंसा-मुक्त चुनाव उनकी प्रमुख प्राथमिकता है।
RPSC AEN Mains Admit Card March 19

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा- 2024 (कार्मिक विभाग) का आयोजन 22 और 23 मार्च 2026 को होगा। परीक्षा के लिए आवंटित परीक्षा जिले की जानकारी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर ली जा सकती है। . परीक्षा के एडमिट कार्ड 19 मार्च को जारी किए जाएंगे। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से एप्लीकेशन नंबर व बर्थ डेट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके अलावा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल लिंक से भी प्रवेश-पत्र डाउनलोड किए जा सकते हैं। यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें सुबह की पारी 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर की पारी 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगी। बता दें कि प्री एग्जाम 28 से 30 सितंबर 2025 तक हुआ था, जिसका रिजल्ट 27 नवंबर 2025 को जारी कर दिया। इसमें 2413 कैंडिडेट्स को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। कैलकुलेटर का कर सकेंगे उपयोग आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-इंजीनियरिंग सब्जेक्ट के प्रश्न पत्रों को हल करने के लिए अभ्यर्थी ध्वनिरहित ‘नॉन-प्रोग्रामेबल’ साइंटिफिक कैलकुलेटर का उपयोग कर सकेंगे। चूंकि यह मुख्य परीक्षा डिस्क्रिप्टिव है, इसलिए अभ्यर्थियों को नीली स्याही के पारदर्शी बॉल पेन के साथ-साथ सामान्य जैल पेन या स्याही वाले पेन के उपयोग की भी परमिशन दी गई है। इसके अलावा परीक्षार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार पेंसिल, रबड़ और स्केल (पैमाना) भी साथ ला सकेंगे। 1036 पदों पर होनी है भर्ती सहायक अभियंता के 1036 पदों पर भर्ती होगी। आयोग ने पहले 1014 पदों पर वैकेंसी निकाली। बाद में सहायक अभियंता (सिविल) के पूर्व विज्ञापित 125 पदों में 15 पदों की वृद्धि के साथ अब कुल 140 पद और सहायक अभियंता (विद्युत) पूर्व विज्ञापित 20 पदों में 7 पद बढ़ाए गए हैं। चेकिंग कर सेंटर पर एक घंटे पहले मिलेगी एन्ट्री-फाइल फोटो एक घंटे पहले मिलेगी सेंटर पर एंट्री परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। पहचान पत्र जरूरी है मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लाएं। अगर आधार पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएँ- वोटर आईडी पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस(सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए) एडमिट कार्ड पर भी अपना लेटेस्ट रंगीन फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। बहकावें में नहीं आए, करें सूचना आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ……. पढें ये खबर भी… इकोनॉमिक्स लेक्चरर के 35 में से 6 पद रहे खाली:न्यूनतम मार्क्स भी नहीं ला पाए कैंडिडेट्स; ST वर्ग में एक भी सिलेक्शन नहीं सरकारी स्कूलों में प्राध्यापक (इकोनॉमिक्स) के 35 पदों में से 6 पद खाली रहेंगे। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती प्रक्रिया पूरी कर अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसमें केवल 29 अभ्यर्थी ही मुख्य मेरिट में शामिल हो सके। इसका कारण कैंडिडेट्स की ओर से न्यूनतम मार्क्स भी हासिल नहीं कर पाना रहा। पूरी खबर पढें
दतिया में नाबालिग की खुदकुशी, प्रेमी पर केस:शादी से इनकार किया था; दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज

दतिया में बड़ोनी थाना क्षेत्र के जौन्हार गांव में 14 वर्षीय किशोरी की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने प्रेमी युवक के खिलाफ शनिवार रात मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि किशोरी का जिगना निवासी नीरज पाल से करीब दो साल से प्रेम संबंध था। किशोरी उससे शादी करना चाहती थी। लेकिन युवक ने दूसरी जगह सगाई होने की बात कहकर शादी से इनकार कर दिया। बताया गया है कि 26 दिसंबर को किशोरी घर के कमरे में पंखे से फंदे पर लटकी मिली थी। मामले की जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और एफएसएल रिपोर्ट में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता की वैजाइनल स्लाइड में पुरुष डीएनए मिलने की पुष्टि हुई है। जांच के आधार पर पुलिस ने नीरज पाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का निधन:'सत्ते पे सत्ता', 'कर्ज' जैसी फिल्मों में काम किया था, गाने 'लंबी जुदाई' में भी नजर आई थीं

सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो जैसी फिल्मों में काम करने वाली सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन 13 मार्च को मुंबई में हुआ। ट्रेड मैगजीन ‘फिल्म इंफॉर्मेशन’ के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 14 मार्च को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में किया गया। हालांकि, अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उनके निधन की वजह क्या थी। मधु मल्होत्रा ने 1975 में रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्म अंधेरा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 1979 में शक्ति सामंत की फिल्म द ग्रेट गैम्बलर में उन्होंने अमिताभ बच्चन के किरदार जय की बहन की भूमिका निभाई। 1980 की फिल्म कर्ज में उन्होंने पिंकी का किरदार निभाया था। वहीं 1981 की फिल्म आस पास में वह प्रेम चोपड़ा के साथ नजर आई थीं। फिल्म सत्ते पे सत्ता में भी नजर आई थीं मधु मल्होत्रा ने 1982 की फिल्म सत्ते पे सत्ता में भी काम किया था, जिसका निर्देशन राज एन सिप्पी ने किया था। अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी स्टारर इस फिल्म में वह पेंटल के साथ नजर आई थीं। वहीं सुभाष घई की 1983 की फिल्म हीरो में मधु मल्होत्रा लोकप्रिय गीत “लंबी जुदाई” में जिप्सी महिला के किरदार में नजर आई थीं। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्री मुख्य भूमिका में थे। बाद में उन्होंने 1992 की फिल्म हीर रांझा में अनिल कपूर की बहन का किरदार निभाया। 1993 की फिल्म किंग अंकल में उन्होंने मिसेज मलिक की भूमिका निभाई। वह 1998 की फिल्म गुलाम में भी नजर आई थीं। मधु मल्होत्रा आखिरी बार 2000 में रिलीज हुई मोहन भाकरी की फिल्म वो बेवफा थी में दिखाई दी थीं।
दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही:पानीपत में कहा- BJP ने RSS की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने दरवाजे बंद किए

हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन रविवार को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने चर्चा में आए विषयों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया के कुछ सवालों के जवाब भी दिए। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच ईरान को लेकर भारत के स्टैंड पर कहा कि भारत हित में सरकार सही कर रही है, ऐसा विश्वास है। उन्होंने कहा कि संघ पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। होसबाले ने कहा कि RSS के कार्यकर्ता ही देशभक्त हैं, ऐसा संघ का कहना बिल्कुल भी नहीं है। RSS-BJP के संबंधों के सवाल पर बोले-भाजपा ने संघ की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने अपने दरवाजे बंद कर दिए। आइए जानें होसबाले ने सवालों के क्या जवाब दिए…. सवाल- क्या आरएसएस के स्ट्रक्चरल बदलाव होने जा रहा है? जवाब: दायित्व में कुछ बदलाव होगा, तो उसके बारे में दोपहर के बाद घोषणा की जाएगी। कुछ चीजें सार्वजनिक की जाएंगी। सवाल: ईरान के प्रति भारत के स्टैंड पर संघ की क्या राय है? जवाब: जो हो रहा है उसमें संघ की भूमिका नहीं है। ऐसा विश्वास है कि भारत सरकार देश के हित में सही काम कर रही होगी। संघ चाहता है कि दुनिया में शांति हो। सवाल: संघ में मुस्लिम और महिलाओं को मेंबरशिप पर क्या स्टैंड है? जवाब: किसी भी मजहब का व्यक्ति यहां आ सकता है, भगवा झंडे को प्रणाम कर सकता है। मुस्लिम कार्यकर्ता पहले भी संघ में बहुत हैं। महिलाओं के संघ में भूमिका पर कहा कि सिर्फ शाखा की वर्किंग में महिलाएं शामिल नहीं होतीं, लेकिन संघ की अन्य और भी कार्य प्रणाली है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। सवाल: बेसहारा गोवंश को लेकर संघ क्या कर रहा है? जवाब: सरकार, नगर निगम लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन लोगों को समझना होगा कि गाय सिर्फ दूध के लिए ही नहीं है, उनका मूत्र, गोबर भी बहुत उपयोगी है। इसीलिए उन्हें सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। सवाल: BJP से RSS का क्या संबंध है? जवाब: हमारी देश के लिए बहुत विचारधाराएं हैं। इन विचारधाराओं को सिर्फ BJP ने ही अपनाया। बाकी पार्टियों ने RSS के लिए दरवाजे बंद रखे। इसीलिए संघ के कई लोग राजनीति में उतरे और देश हित के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। सवाल: UGC विवाद पर क्या बोले? जवाब: यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसीलिए संघ इस विषय पर अपने विचार नहीं रखेगा। कोर्ट के निर्णय के बाद ही संघ कुछ कह सकता है। सवाल: हरियाणा के पानीपत में हेडक्वार्टर बनाने पर क्या कहा? जवाब: यहां ग्राम विकास के कार्य हमेशा चलते रहते हैं। यहां अभी हम 3 साल बाद बैठक कर रहें हैं। संघ कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखने के लिए कई जगह बनाई हुई है। यहां हम मशरूम की खेती करते हैं। यहां बहुत से कोर्स चलते हैं। RSS की 3 दिवसीय सभा की अहम बातें… संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई। यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं। गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है। 3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया। संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे। हरियाणा में भी RSS का बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत के लिए हरियाणा में बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी। उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है। पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ
वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था

वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% तक कटौती, नई गाड़ी खरीदने पर भी रोक

पाकिस्तान में बढ़ते फ्यूल संकट के बीच सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकारी कंपनियों और सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों की सैलरी में 5% से 30% तक कटौती की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन कदमों से जो पैसा बचेगा, उसे लोगों को राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगले दो महीनों तक सरकारी गाड़ियों के लिए फ्यूल का इस्तेमाल 50% तक कम किया जाएगा और करीब 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा। इसके अलावा नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगा दी गई है। मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और सरकारी मीटिंग में मिलने वाली फीस भी खत्म करने का फैसला किया गया है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। इसी वजह से सरकार फ्यूल की खपत कम करने और आर्थिक दबाव घटाने के लिए ये कदम उठा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के लिए केरल सबसे मुफीद राज्य है। यहां 140 सीटों पर विधानसभा चुनावों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है, लेकिन इन दिनों कहीं भी चुनावी शोर नहीं है, क्योंकि यहां चुनाव विचारधारा ही लीड करती रही है। केरल के बुजुर्ग और महिलाएं इस विचारधारा को लीड करते हैं। बुजुर्ग एलडीएफ के कोर वोट बैंक की रीढ़ हैं। इसलिए विजयन सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का 48% पैसा इन्हीं पर खर्च कर रही है। देश का पहला ‘एल्डरली बजट’ इन्हीं के लिए लेकर आई। यही अहमियत महिलाओं की है। इसे ऐसे समझें… नेदुमकंदम गांव पहुंचा दैनिक भास्कर दैनिक भास्कर मध्य केरल के इडुक्की जिले के इलाइची उत्पादक गांव नेदुमकंदम पहुंचा। यह महिला प्रधान गांव है। यहां आय के दो सोर्स हैं। पहला इलाइची और दूसरा कल्याणकारी योजनाएं। जलवायु परिवर्तन के कारण इलाइची का आकार छोटा और रंग हल्का हो रहा है। इससे निर्यात पर असर पड़ा है और किसानों की आय पर भी। यहां के ग्रामीणों को 3 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) शासित पिनराई विजयन सरकार की योजनाओं से बहुत मदद मिली। लगभग हर परिवार कुदुम्बश्री जैसी देश की सबसे बड़ी स्व सहायता समूह और मुफ्त राशन किट योजनाओं से जुड़ा हुआ है।दैनिक भास्कर ने नेदुमकंदम की किसान रश्मिका वेल्लई (34) से बता की, उन्होंने बताया पहले हम सिर्फ इलाइची पर ही निर्भर थे। अब आत्मनिर्भर हैं। कुदुम्बश्री (करीब 45 लाख महिलाएं) ने घर बैठे कमाने का मौका दिया। देश-दुनिया से जोड़ा। मुफ्त राशन किट ने खर्च बचाया। और सरकार एक हजार रुपए महीना भी दे रही है। मां को पेंशन मिल रही है। अब हमें इलाइची की पैदावार घटने का डर नहीं है। इडुक्की में 43 फीसदी ईसाई आबादी, पहले कांग्रेस-UDF अब LDF का गढ़ इडुक्की में ईसाई आबादी (43.42%) है और 2016 से पहले यह कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। लेकिन, 2021 में यहां की 5 में से 4 सीटें एलडीएफ ने जीती थीं। समाजशास्त्री, शोधकर्ता व कलाडी संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. सुनील पी. एलाडियम बताते हैं कि राज्य में इस बार 1.38 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 में 1.41 करोड़ थीं। यानी पिछली बार से कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पिछले साल वाम सरकार ने नकद राशि वाली योजना लॉन्च की। इस स्कीम से 31 लाख, कुदुम्बश्री से 45 लाख तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से 60 लाख महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कुल महिला वोटर का करीब 73%। जनकल्याणकारी योजनाओं का 22% पैसा इन पर खर्च हो रहा है। इसी तरह, राज्य में 115 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण या अर्ध शहरी माना जाता है। इनमें ग्राम पंचायतों का बड़ा हिस्सा होता है और जहां खेती, बागवानी और प्रवासी आय का प्रभाव ज्यादा रहता है। यही एलडीएफ का कोर वोट बैंक भी बन गया है। इसका कारण यह है कि यहां बुजुर्ग और महिलाओं की तादाद ज्यादा है। 98% महिलाओं के पास बैंक खाते हैं। यही वजह है कि कर्ज संकट के बावजूद सीएम पिनराई विजयन ने नकद स्कीम के लिए हर साल ₹3800 करोड़ का बोझ उठाया। शी-टैक्सी जैसी कुल 10 ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। युवाओं से ज्यादा हुए बुजुर्ग, 48% पैसा इन्हीं पर खर्च केरल में 2.69 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के नए युवा मतदाता 4-5 लाख के बीच हैं। जबकि 60 से 79 की उम्र वाले बुजुर्ग 53 लाख से ज्यादा हैं। इनमें भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां एलडीएफ मजबूत है। इसीलिए चुनाव भी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस बार भी एलडीएफ ने अपनी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में इन्हें ही रखा है। जनकल्याण का 48% पैसा बुजुर्गों पर ही खर्च हो रहा है। इनके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत करीब 46 हजार करोड़ की 4 योजनाएं चल रही हैं। भाजपा अर्ध शहरी तो कांग्रेस पुरानी सीटों पर दम लगा रही चुनाव पर बात नहीं, नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर भास्कर टीम ने एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा, पतनमतिट्टा जिलों के कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों से केरल के नए नाम ‘केरलम’ पर बात की। एलेप्पी में हाउसबोट के मालिक त्रिवेंद्रम एस. ने सिर्फ इतना कहा- हमें फर्क नहीं पड़ता? एर्नाकुलम की जिस मरीन ड्राइव पर बीते दिनों एनडीए की रैली हुई, वहां घूम रहे 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस. सुरेश कहते हैं कि केरल की पहचान सामाजिक जागरुकता, साक्षरता है। केरलम का कहीं विरोध नहीं है। यह चुनावी मुद्दा है। यहां नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर मिलेंगे, क्योंकि लोग इसे समाज का आईना मानते हैं। फैशन को फॉलो नहीं करते। चुनाव यहां सामाजिक जिंदगी पर असर नहीं डालते। ………………… यह खबर भी पढ़ें… केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं: चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला; पिनाराई सरकार अपने काम गिना रही केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी? पूरी खबर पढ़ें…








