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केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के लिए केरल सबसे मुफीद राज्य है। यहां 140 सीटों पर विधानसभा चुनावों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है, लेकिन इन दिनों कहीं भी चुनावी शोर नहीं है, क्योंकि यहां चुनाव विचारधारा ही लीड करती रही है। केरल के बुजुर्ग और महिलाएं इस विचारधारा को लीड करते हैं। बुजुर्ग एलडीएफ के कोर वोट बैंक की रीढ़ हैं। इसलिए विजयन सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का 48% पैसा इन्हीं पर खर्च कर रही है। देश का पहला ‘एल्डरली बजट’ इन्हीं के लिए लेकर आई। यही अहमियत महिलाओं की है। इसे ऐसे समझें… नेदुमकंदम गांव पहुंचा दैनिक भास्कर दैनिक भास्कर मध्य केरल के इडुक्की जिले के इलाइची उत्पादक गांव नेदुमकंदम पहुंचा। यह महिला प्रधान गांव है। यहां आय के दो सोर्स हैं। पहला इलाइची और दूसरा कल्याणकारी योजनाएं। जलवायु परिवर्तन के कारण इलाइची का आकार छोटा और रंग हल्का हो रहा है। इससे निर्यात पर असर पड़ा है और किसानों की आय पर भी। यहां के ग्रामीणों को 3 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) शासित पिनराई विजयन सरकार की योजनाओं से बहुत मदद मिली। लगभग हर परिवार कुदुम्बश्री जैसी देश की सबसे बड़ी स्व सहायता समूह और मुफ्त राशन किट योजनाओं से जुड़ा हुआ है।दैनिक भास्कर ने नेदुमकंदम की किसान रश्मिका वेल्लई (34) से बता की, उन्होंने बताया पहले हम सिर्फ इलाइची पर ही निर्भर थे। अब आत्मनिर्भर हैं। कुदुम्बश्री (करीब 45 लाख महिलाएं) ने घर बैठे कमाने का मौका दिया। देश-दुनिया से जोड़ा। मुफ्त राशन किट ने खर्च बचाया। और सरकार एक हजार रुपए महीना भी दे रही है। मां को पेंशन मिल रही है। अब हमें इलाइची की पैदावार घटने का डर नहीं है। इडुक्की में 43 फीसदी ईसाई आबादी, पहले कांग्रेस-UDF अब LDF का गढ़ इडुक्की में ईसाई आबादी (43.42%) है और 2016 से पहले यह कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। लेकिन, 2021 में यहां की 5 में से 4 सीटें एलडीएफ ने जीती थीं। समाजशास्त्री, शोधकर्ता व कलाडी संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. सुनील पी. एलाडियम बताते हैं कि राज्य में इस बार 1.38 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 में 1.41 करोड़ थीं। यानी पिछली बार से कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पिछले साल वाम सरकार ने नकद राशि वाली योजना लॉन्च की। इस स्कीम से 31 लाख, कुदुम्बश्री से 45 लाख तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से 60 लाख महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कुल महिला वोटर का करीब 73%। जनकल्याणकारी योजनाओं का 22% पैसा इन पर खर्च हो रहा है। इसी तरह, राज्य में 115 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण या अर्ध शहरी माना जाता है। इनमें ग्राम पंचायतों का बड़ा हिस्सा होता है और जहां खेती, बागवानी और प्रवासी आय का प्रभाव ज्यादा रहता है। यही एलडीएफ का कोर वोट बैंक भी बन गया है। इसका कारण यह है कि यहां बुजुर्ग और महिलाओं की तादाद ज्यादा है। 98% महिलाओं के पास बैंक खाते हैं। यही वजह है कि कर्ज संकट के बावजूद सीएम पिनराई विजयन ने नकद स्कीम के ​लिए हर साल ₹3800 करोड़ का बोझ उठाया। शी-टैक्सी जैसी कुल 10 ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। युवाओं से ज्यादा हुए बुजुर्ग, 48% पैसा इन्हीं पर खर्च केरल में 2.69 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के नए युवा मतदाता 4-5 लाख के बीच हैं। जबकि 60 से 79 की उम्र वाले बुजुर्ग 53 लाख से ज्यादा हैं। इनमें भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां एलडीएफ मजबूत है। इसीलिए चुनाव भी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस बार भी एलडीएफ ने अपनी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में इन्हें ही रखा है। जनकल्याण का 48% पैसा बुजुर्गों पर ही खर्च हो रहा है। इनके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत करीब 46 हजार करोड़ की 4 योजनाएं चल रही हैं। भाजपा अर्ध शहरी तो कांग्रेस पुरानी सीटों पर दम लगा रही चुनाव पर बात नहीं, नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर भास्कर टीम ने एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा, पतनमतिट्टा जिलों के कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों से केरल के नए नाम ‘केरलम’ पर बात की। एलेप्पी में हाउसबोट के मालिक त्रिवेंद्रम एस. ने सिर्फ इतना कहा- हमें फर्क नहीं पड़ता? एर्नाकुलम की जिस मरीन ड्राइव पर बीते दिनों एनडीए की रैली हुई, वहां घूम रहे 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस. सुरेश कहते हैं कि केरल की पहचान सामाजिक जागरुकता, साक्षरता है। केरलम का कहीं विरोध नहीं है। यह चुनावी मुद्दा है। यहां नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर मिलेंगे, क्योंकि लोग इसे समाज का आईना मानते हैं। फैशन को फॉलो नहीं करते। चुनाव यहां सामाजिक जिंदगी पर असर नहीं डालते। ………………… यह खबर भी पढ़ें… केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं: चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला; पिनाराई सरकार अपने काम गिना रही केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी? पूरी खबर पढ़ें…

Iran Football Players Refugee Decision Changes

Iran Football Players Refugee Decision Changes

1 घंटे पहले कॉपी लिंक ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला करने वाली सात ईरानी महिला फुटबॉल टीम की तीन खिलाड़ियों ने अपना निर्णय बदल लिया है और अब वे अपने देश ईरान लौट रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने रविवार को जारी बयान में इसकी पुष्टि की। इन तीन खिलाड़ियों के लौटने के बाद, अब केवल चार खिलाड़ी ही ऑस्ट्रेलिया में रह गई हैं। दरअसल, एशिया कप के दौरान साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में ईरानी टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की कड़ी आलोचना की और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी डर के चलते पहले पांच खिलाड़ियों ने और बाद में टीम के दो अन्य सदस्यों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से शरण मांगी थी। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें मानवीय आधार पर वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दी थी। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन सात खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। Later in the evening, they were reunited with their five teammates who had made the same decision the night before. They will be safe here. They will be at home here. They are welcome here in Australia. pic.twitter.com/6jjtPmYgLX— Tony Burke (@Tony_Burke) March 10, 2026 ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने फैसले पर दोबारा सोचने का मौका दिया गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि शनिवार रात ईरानी टीम की तीन सदस्यों ने बाकी टीम के साथ जुड़ने और ईरान वापस जाने का फैसला किया। बर्क के मुताबिक, जब इन खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को अपने फैसले के बारे में बताया, तो उन्हें अपनी पसंद और विकल्पों पर दोबारा विचार करने के लिए कई मौके दिए गए, ताकि वे बिना किसी दबाव के निर्णय ले सकें। मलेशिया के रास्ते होगी ईरान वापसी सरकारी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात तीन सदस्य सिडनी से कुआलालंपुर (मलेशिया) के लिए रवाना हुए। ईरान की टीम ऑस्ट्रेलिया से निकलने के बाद से कुआलालंपुर में ही रुकी हुई है। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि लौटने वाले इन तीन सदस्यों में दो खिलाड़ी और एक सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। ईरानी मीडिया ने इसे ‘प्रोजेक्ट’ की विफलता बताया खिलाड़ियों के वापस लौटने के फैसले पर ईरान की न्यूज एजेंसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तसनीम न्यूज एजेंसी ने इसे ‘अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई प्रोजेक्ट’ की शर्मनाक हार करार दिया है। साथ ही इसे डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक और विफलता बताया है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बचे हुए तीन सदस्यों के भविष्य को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’ पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Iran Football Players Refugee Decision Changes

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17 मिनट पहले कॉपी लिंक ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला करने वाली सात ईरानी महिला फुटबॉल टीम की तीन खिलाड़ियों ने अपना निर्णय बदल लिया है और अब वे अपने देश ईरान लौट रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने रविवार को जारी बयान में इसकी पुष्टि की। इन तीन खिलाड़ियों के लौटने के बाद, अब केवल चार खिलाड़ी ही ऑस्ट्रेलिया में रह गई हैं। दरअसल, एशिया कप के दौरान साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में ईरानी टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की कड़ी आलोचना की और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी डर के चलते पहले पांच खिलाड़ियों ने और बाद में टीम के दो अन्य सदस्यों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से शरण मांगी थी। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें मानवीय आधार पर वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दी थी। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन सात खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। Later in the evening, they were reunited with their five teammates who had made the same decision the night before. They will be safe here. They will be at home here. They are welcome here in Australia. pic.twitter.com/6jjtPmYgLX— Tony Burke (@Tony_Burke) March 10, 2026 ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने फैसले पर दोबारा सोचने का मौका दिया गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि शनिवार रात ईरानी टीम की तीन सदस्यों ने बाकी टीम के साथ जुड़ने और ईरान वापस जाने का फैसला किया। बर्क के मुताबिक, जब इन खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को अपने फैसले के बारे में बताया, तो उन्हें अपनी पसंद और विकल्पों पर दोबारा विचार करने के लिए कई मौके दिए गए, ताकि वे बिना किसी दबाव के निर्णय ले सकें। मलेशिया के रास्ते होगी ईरान वापसी सरकारी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात तीन सदस्य सिडनी से कुआलालंपुर (मलेशिया) के लिए रवाना हुए। ईरान की टीम ऑस्ट्रेलिया से निकलने के बाद से कुआलालंपुर में ही रुकी हुई है। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि लौटने वाले इन तीन सदस्यों में दो खिलाड़ी और एक सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। ईरानी मीडिया ने इसे ‘प्रोजेक्ट’ की विफलता बताया खिलाड़ियों के वापस लौटने के फैसले पर ईरान की न्यूज एजेंसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तसनीम न्यूज एजेंसी ने इसे ‘अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई प्रोजेक्ट’ की शर्मनाक हार करार दिया है। साथ ही इसे डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक और विफलता बताया है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बचे हुए तीन सदस्यों के भविष्य को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’ पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दमोह रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:भाई ने बताया रात शादी में शामिल हुआ था, वृंदावन में मजदूरी करता था

दमोह रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:भाई ने बताया रात शादी में शामिल हुआ था, वृंदावन में मजदूरी करता था

दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के फुटेरा फाटक रेलवे ट्रैक पर रविवार सुबह एक युवक का शव मिला। युवक की मौत ट्रेन से कटकर होने की आशंका है। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मृतक की पहचान फुटेरा वार्ड चार, कछियाना मोहल्ला निवासी मनीष पटेल (38) पुत्र अनंत राम पटेल के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मनीष पिछले आठ सालों से मथुरा-वृंदावन में मजदूरी करता था और होली के त्योहार पर कुछ दिन पहले ही घर आया था। भाई ने बताया रात में शादी में शामिल हुआ था मृतक के भाई जितेंद्र पटेल ने जानकारी दी कि शनिवार रात मनीष परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। रविवार सुबह करीब 4 बजे उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। उन्हें भी घटना के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मनीष अविवाहित था। कोतवाली में पदस्थ एसआई सियाराम सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

स्मोकिंग करने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं? बीडी-सिगरेट का धुआं शरीर के लिए कितना घातक

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Last Updated:March 15, 2026, 10:43 IST Impact of Bidi and Cigarettes: स्मोकिंग को सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है. पल्मोनोलॉजिस्ट की मानें तो बीड़ी और सिगरेट का धुआं फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है. इन चीजों का धुआं हार्ट, कैंसर, स्ट्रोक और इनफर्टिलिटी जैसी कई समस्याओं का कारण बन सकता है. इन बीमारियों से बचने के लिए स्मोकिंग छोड़ना जरूरी है. स्मोकिंग से कई घातक बीमारियां पैदा हो सकती हैं. Smoking-Related Diseases: स्मोकिंग करना सेहत के लिए नुकसानदायक है, लेकिन फिर भी तमाम लोग शौक से बीड़ी-सिगरेट पीते हुए देखे जा सकते हैं. कई लोग स्मोकिंग को शौक समझते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह शौक आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है. बीड़ी-सिगरेट का धुआं हमारे शरीर के लिए एक धीमा जहर है, जो सभी ऑर्गन्स को धीरे-धीरे खोखला कर देता है. बीड़ी और सिगरेट के धुएं में निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड और टार जैसे सैकड़ों हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो फेफड़ों की बीमारी, हार्ट डिजीज और कैंसर का कारण बन सकते हैं. स्मोकिंग करने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि यह आदत हमारे शरीर के लिए कितनी घातक है और इससे कौन-कौन सी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. नई दिल्ली के मूलचंद हॉस्पिटल के पूर्व पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया कि स्मोकिंग का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर पड़ता है. जब कोई व्यक्ति बीड़ी या सिगरेट पीता है, तो गर्म धुआं सीधे फेफड़ों की नलिकाओं तक पहुंचता है, जिससे वे झुलस जाती हैं. लंबे समय तक स्मोकिंग करने से फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. इसके अलावा क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और एम्फिसीमा जैसी बीमारियां फेफड़ों की कार्यक्षमता को परमानेंट तरीके से नष्ट कर देती हैं, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि स्मोकिंग का सीधा असर हमारे हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन पर भी पड़ता है. तंबाकू में मौजूद निकोटीन ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा देता है और कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देती है. इससे हार्ट को शरीर के अंगों तक खून पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. लगातार स्मोकिंग से धमनियों में प्लाक जमा होने लगता है, जिससे ब्लड फ्लो बाधित होता है. यही कारण है कि धूम्रपान करने वालों में हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज की आशंका नॉन-स्मोकर्स की तुलना में बहुत ज्यादा होती है. बीड़ी-सिगरेट के धुएं का घातक असर केवल छाती तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह ब्रेन तक भी पहुंचता है. निकोटीन के कारण ब्रेन की ब्लड वेसल्स कमजोर या संकुचित हो सकती हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. स्ट्रोक के कारण शरीर का कोई हिस्सा लकवाग्रस्त हो सकता है या मौत भी हो सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो धूम्रपान से याददाश्त में कमी, एकाग्रता की कमी और चिंता जैसी मानसिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, क्योंकि यह मस्तिष्क के न्यूरोकेमिकल संतुलन को बिगाड़ देता है. अधिकांश लोग सोचते हैं कि धूम्रपान केवल फेफड़ों को नुकसान पहुँचाता है, लेकिन यह पाचन तंत्र के लिए भी उतना ही खतरनाक है. धुएं के साथ अंदर जाने वाले टॉक्सिक एलीमेंट पेट, पैनक्रियाज और किडनी के कैंसर का कारण बन सकते हैं. यह पेट में एसिड की मात्रा बढ़ाता है, जिससे पेप्टिक अल्सर और गंभीर एसिडिटी की समस्या होती है. यह इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को कम कर देता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है. स्मोकिंग की आदत पुरुष और महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी पर बहुत बुरा असर डालती है. बीड़ी-सिगरेट का धुआं पुरुषों में यह स्पर्म काउंट और क्वालिटी गुणवत्ता को कम करता है, जबकि महिलाओं में प्रेग्नेंसी कंसीव करने में जटिलताएं पैदा कर सकता है. गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करना अजन्मे बच्चे के लिए जानलेवा हो सकता है, जिससे समय से पहले जन्म या कम वजन वाले बच्चे जैसी समस्याएं होती हैं. इसके अलावा यह हड्डियों को कमजोर बनाता है और त्वचा पर असमय झुर्रियां पैदा कर देता है, जिससे व्यक्ति अपनी उम्र से काफी बड़ा दिखने लगता है. धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल खुद को बीमार करता है, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी खतरे में डालता है. इसे पैसिव स्मोकिंग कहा जाता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 15, 2026, 10:43 IST

आमिर खान ने परिवार के साथ सेलिब्रेट किया 61वां जन्मदिन:गौरी, किरण राव और बच्चे रहे मौजूद; इरफान पठान ने शेयर किया सेलिब्रेशन का वीडियो

आमिर खान ने परिवार के साथ सेलिब्रेट किया 61वां जन्मदिन:गौरी, किरण राव और बच्चे रहे मौजूद; इरफान पठान ने शेयर किया सेलिब्रेशन का वीडियो

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने 14 मार्च को अपना 61वां जन्मदिन घर पर परिवार और करीबी लोगों के साथ मनाया। इस मौके पर उनकी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट, पूर्व पत्नी किरण राव और बच्चे जुनैद, इरा व आजाद समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। साथ ही पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान और उनकी पत्नी भी सेलिब्रेशन का हिस्सा बने। इरफान पठान ने इंस्टाग्राम पर सेलिब्रेशन का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में आमिर केक काटते नजर आ रहे हैं। इरफान ने वीडियो के साथ लिखा, “आमिर भाई को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इरा खान को अगत्सु फाउंडेशन के जरिए मेंटल हेल्थ के लिए अवेयरनेस और सपोर्ट पर काम करते देखना अच्छा लगा।” आमिर के जन्मदिन सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखें- वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान आखिरी बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में नजर आए थे, जो पिछले साल 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं, हाल ही में आमिर खान प्रोडक्शंस की फिल्म ‘एक दिन’ का ट्रेलर रिलीज किया गया है। इसमें आमिर के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam & Puducherry Elections 2026

West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam & Puducherry Elections 2026

Hindi News National Assembly Polls Announced: West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam & Puducherry Elections 2026 नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल,असम और पुडुचेरी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान करेगा। बंगाल, असम, तमिलनाडु में 2-2 फेज में और केरल, पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव कराए जाने के आसार हैं। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है। 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान हुआ था। पांचों राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। इससे पहले जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। असम: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। तमिलनाडु: एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पिछले 60 साल से BJP या कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। BJP जयललिता की पार्टी AIADMK से गठबंधन कर सकती है। इधर सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी मैदान में हैं। केरल: देश का इकलौता राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। पुडुचेरी: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगासामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

उपभोक्ता आयोग से साडा को 13 लाख लौटाने का आदेश:6% ब्याज और मुआवजे के साथ 45 दिन में करना होगा भुगतान

उपभोक्ता आयोग से साडा को 13 लाख लौटाने का आदेश:6% ब्याज और मुआवजे के साथ 45 दिन में करना होगा भुगतान

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को एक उपभोक्ता के 13 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह राशि 45 दिन के भीतर लौटाई जाए और उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। मामला थाटीपुर निवासी जय देवी तोमर से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2011 से 2023 के बीच साडा की एक आवासीय योजना में डुप्लेक्स आवंटन के लिए कुल 13 लाख रुपए जमा किए थे। पूरी राशि जमा, न रजिस्ट्री मिली न कब्जा उपभोक्ता ने आयोग में शिकायत करते हुए बताया कि पूरी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें न तो मकान की रजिस्ट्री दी गई और न ही कब्जा सौंपा गया। कई बार आवेदन करने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने सेवा में कमी माना सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि प्राधिकरण ने उपभोक्ता से राशि तो ले ली, लेकिन संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया। राशि वापस करने में भी टालमटोल की गई, जिसे आयोग ने सेवा में कमी माना। प्राधिकरण की ओर से दी गई आपत्तियों को आयोग ने निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। ब्याज और मुआवजा देने के निर्देश आयोग ने आदेश दिया कि साडा 13 लाख रुपए 45 दिन के भीतर लौटाए। साथ ही परिवाद दायर करने की तारीख से भुगतान तक इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दे। इसके अलावा उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा के लिए 2 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की लापरवाही पर टिप्पणी आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता से राशि लेने के बावजूद संपत्ति का कब्जा न देना और समय पर पैसा वापस न करना प्राधिकरण की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

इंडियन वेल्स सेमीफाइनल में अल्काराज हारे:मेदवेदेव ने 6-3, 7-6 से हराया, विमेंस सिंगल्स के फाइनल में आर्यना सबालेंका पहुंची; रायबाकिना से होगा मुकाबला

इंडियन वेल्स सेमीफाइनल में अल्काराज हारे:मेदवेदेव ने 6-3, 7-6 से हराया, विमेंस सिंगल्स के फाइनल में आर्यना सबालेंका पहुंची; रायबाकिना से होगा मुकाबला

कैलिफोर्निया में चल रहे इंडियन वेल्स ओपन में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को मेन्स सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। रूस के डेनियल मेदवेदेव ने अल्काराज को सीधे सेटों में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अल्काराज ने साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलिया ओपन अपने नाम किया था। वहीं, विमेंस सिंगल्स में टॉप सीड आर्यना सबालेंका ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए फाइनल में जगह बना ली है। अब खिताब के लिए उनका मुकाबला एलिना रायबाकिना से होगा मेदवेदेव ने अल्काराज को संभलने का मौका नहीं दिया मेन्स सिंगल्स के पहले सेमीफाइनल में डेनियल मेदवेदेव और कार्लोस अल्काराज 6-3, 7-6(3) से हराया। रूसी खिलाड़ी ने पहले सेट में शुरुआती ब्रेक लेकर मैच पर नियंत्रण बना लिया और पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में अल्काराज ने वापसी की कोशिश की और खेल को टाई-ब्रेकर तक खींच ले गए। हालांकि, टाई-ब्रेक में मेदवेदेव ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए 7-6(3) से जीत दर्ज की और फाइनल का टिकट पक्का किया। जैनिक सिनर से होगा मेदवेदेव का फाइनल मुकाबला खिताबी मुकाबले में मेदवेदेव के सामने वर्ल्ड नंबर-2 जैनिक सिनर की चुनौती होगी। सिनर ने दूसरे सेमीफाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को एकतरफा अंदाज में 6-2, 6-4 से मात दी। ज्वेरेव ATP मास्टर्स-1000 के सभी नौ टूर्नामेंट में सेमीफाइनल खेलने वाले सिर्फ पांचवें खिलाड़ी हैं। उनसे पहले राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और एंडी मरे यह उपलब्धि हासिल किया था। सबालेंका ने लिंडा नोस्कोवा को सीधे सेटों में हराया विमेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में बेलारूस की आर्यना सबालेंका का दबदबा देखने को मिला। उन्होंने चेक रिपब्लिक की लिंडा नोस्कोवा को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। एलिना रायबाकिना ने स्विटोलिना को मात दी दूसरे विमेंस सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की एलिना रायबाकिना ने यूक्रेन की एलिना स्विटोलिना को कड़े मुकाबले में 7-5, 6-4 से हराया। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी की टक्कर देखने को मिली, लेकिन रायबाकिना ने अहम मौकों पर ब्रेक पॉइंट हासिल कर सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और जीत हासिल कर सबालेंका के साथ खिताबी भिड़ंत तय की। ————————————- पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’पूरी खबर

धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले कमाए ₹27.13 करोड़:पेड प्रीव्यू शो में 5.38 लाख टिकट बिके, ‘बाहुबली 2’ और ‘स्त्री 2’ को पीछे छोड़ा

धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले कमाए ₹27.13 करोड़:पेड प्रीव्यू शो में 5.38 लाख टिकट बिके, ‘बाहुबली 2’ और ‘स्त्री 2’ को पीछे छोड़ा

डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणबीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 ने औपचारिक रिलीज से पहले ही पेड प्रीव्यू में इतिहास रच दिया है। धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले पेड प्रीव्यू के जरिए करीब 27.13 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म ने ‘दे कॉल हिम ओजी’ और ‘बाहुबली 2’ को पीछे छोड़ दिया। यह कलेक्शन ‘स्त्री 2’ के 8.5 करोड़ के मुकाबले लगभग तीन गुना है। आमतौर पर निर्माता प्रदर्शन से पहले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए कुछ चुनिंदा पेड प्रीव्यू शो रखते हैं। 19 मार्च को धुरंधर 2 रिलीज होगी। इससे पहले 18 मार्च को देशभर में 9550 पेड प्रीव्यू शो रखे गए हैं। इसकी 5.38 लाख टिकटें बिक चुकी हैं। मुंबई में एक टिकट की कीमत 3100 रु. तक रही, जबकि दिल्ली में 2400 रु. रही। इस तरह फिल्म रिलीज से पहले ही भारत में 27.13 करोड़ रु. कमा चुकी है। यदि पहले से ब्लॉक की गई टिकटों को जोड़ लें तो कमाई 31.9 करोड़ रु. तक पहुंच जाएगी। दुनियाभर में बुक हुए पेड प्रीव्यू शो की कमाई देखें तो यह 60 करोड़ रु. तक पहुंचती है। अमेरिका में 690 स्थानों पर 1765 शो रखे गए हैं। इनके 67 हजार टिकट बुक हो चुके हैं। पूरे उत्तरी अमेरिका में कमाई 13.1 लाख डॉलर (12.12 करोड़ रु.) हो चुकी है। फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक धुरंधर 2 हिंदी फिल्म इतिहास का नया बेंचमार्क गढ़ने जा रही है। रिलीज के पहले दिन 19 मार्च को फिल्म 200 करोड़ रु. की वैश्विक कमाई कर सकती है। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर. माधवन भी नजर आएंगे। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। फिल्म को पांच भाषाओं – हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज किया जाएगा। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई है।