स्मोकी बैगन का भरता: गैस नहीं तो सिगरेट के चूल्हे पर खरी बिहारी स्टाइल्स बैंगन का भरता, लिट्टी के साथ-साथ पड़ोसी भी पूछेगा रेसिपी

16 मार्च 2026 को 21:56 IST पर अपडेट किया गया स्मोकी बैगन का भरता: बैंगन का भारत हर घर की पसंद है, लेकिन असली चुनौती यह है कि ‘स्मोकी फ्लेवर’ मिलता है जो केवल मिट्टी के चूल्हे या चटनी पर ही आता है। कारखानों में फ्लैट कल्चर और गैस स्टोव के कारण वह सोंधापन अक्सर गायब हो जाता है। लेकिन अब आप बिना चूल्हे के भी अपनी रसोई में वही ढेकेबा स्टाइल का स्वाद ला सकते हैं। इसे रेसिपी जरूर पढ़ें।
बालाघाट में मिला छत्तीसगढ़ के युवक का शव:पांढरीपाठ मंदिर में काम करता था; शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान

बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के प्रसिद्ध पांढरीपाठ मंदिर के पीछे जंगल में सोमवार को एक युवक का शव मिला। बहेला पुलिस ने कोटवार की सूचना पर मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला निवासी 33 वर्षीय चरणगिर जोगी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि चरणगिर जोगी पहले पांढरीपाठ मंदिर में ही काम करता था, लेकिन अगस्त माह में काम छोड़कर घर चला गया था। वह तीन-चार दिन पहले ही वापस मंदिर आया था। सोमवार देर शाम उसका शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान बहेला थाना प्रभारी रामकुमार रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर चोट के कोई बाहरी निशान नहीं पाए गए हैं। शव की स्थिति को देखते हुए मौत कुछ समय पहले होने का अनुमान है। पुलिस ने शव को लांजी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। शराब के अत्यधिक सेवन की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक शराब का अत्यधिक सेवन करता था। आशंका जताई जा रही है कि जंगल में शराब पीने के बाद वह सो गया होगा और धूप या निर्जलीकरण के कारण उसकी जान चली गई। पुलिस का कहना है कि मंगलवार को परिजनों की मौजूदगी में होने वाले पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
Rinku Singh Mathura Visit | Bagulamukhi Devi Temple Blessings; Nation Wishes

मथुरा2 दिन पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह सोमवार को मथुरा पहुंचे। उन्होंने बगलामुखी देवी मंदिर में दर्शन किए। यहां पूजा-अर्चना कर मां भगवती का आशीर्वाद लिया। रिंकू सिंह ने कहा- मैंने टीम के विश्वकप जीतने की मां से कामना की थी। मां बगलामुखी के आशीर्वाद से हम टी-20 वर्ल्ड कप जीत गए। रिंकू करीब 45 मिनट तक मंदिर में रहे। इस दौरान उनके साथ भाजपा नेता योगेश द्विवेदी भी थे। भारत ने 8 मार्च को गुजरात के अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से शिकस्त दी थी। वर्ल्ड कप के बीच ही रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया था। जिसके बाद रिंकू पिता के अंतिम संस्कार में अलीगढ़ आए थे। 2 तस्वीरें देखिए… रिंकू सिंह ने टी-20 विश्वकप जीत के लिए मां बगलामुखी से कामना की थी। रिंकू सिंह के साथ UP रणजी टीम के सदस्य अंश द्विवेदी भी दर्शन करने पहुंचे। बीजेपी नेता ने रिंकू का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया रिंकू सिंह सबसे पहले छटीकरा स्थित पूर्व पालिका अध्यक्ष पुष्पा शर्मा के फार्म हाउस पहुंचे। यहां पुष्पा शर्मा और भाजपा नेता पंडित योगेश द्विवेदी ने शॉल ओढ़ाकर रिंकू का सम्मान किया। दोनों ने रिंकू सिंह और भारतीय टीम को विश्वकप जीत की बधाई दी। इसके बाद रिंकू योगेश द्विवेदी के साथ दोपहर करीब 12 बजे पुराने बस स्टैंड के पास स्थित मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। यहां पर सेवायत नीरज चतुर्वेदी उन्हें पूजा के लिए मंदिर के अंदर ले गए। रिंकू ने मां को पहले पुष्प अर्पित किए, फिर भोग लगाने के बाद दीपक जलाया। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रिंकू सिंह को विशेष पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान रिंकू ने परिवार की सुख-समृद्धि के साथ-साथ देशवासियों की खुशहाली की कामना की। रिंकू सिंह बोले- वर्ल्ड कप जीतने के बाद अब मां के दर्शन करने आया हूं। रिंकू ने फैंस के साथ फोटो खिंचाईं रिंकू सिंह की एक झलक पाने के लिए मंदिर के बाहर भीड़ लग गई। वह जैसे ही दर्शन करके बाहर निकले, फैंस के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। रिंकू ने कहा कि देशवासियों और ब्रजवासियों से हम लोगों को बहुत प्रेम मिला है। हम इसे कभी नहीं भूल पाएंगे। रिंकू के साथ उत्तर प्रदेश की रणजी टीम के सदस्य अंश द्विवेदी भी थे। मंदिर में पूजा करने के बाद रिंकू सिंह ईंधन स्टेशन पहुंचे। यहां इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय अधिकारी लक्की गौतम ने उन्हें बुके भेंट किया। वर्ल्ड कप के 5 मैचों में मौका मिला रिंकू सिंह को 2024 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के स्क्वॉड में जगह नहीं मिली थी। वे ट्रैवलिंग रिजर्व थे। लेकिन, इस टी-20 वर्ल्ड कप में उन्हें मौका मिला। उन्होंने भारत के लिए अपना पहला वर्ल्ड कप खेला। टूर्नामेंट में उन्होंने 5 मैच खेले, जिसमें कुल 24 रन बनाए। पिता के अंतिम संस्कार के बाद रिंकू सिंह श्मशान घाट से घर लौट रहे थे। उस वक्त उनकी आंखों में आंसू थे। 27 फरवरी को रिंकू के पिता खानचंद नहीं रहे रिंकू के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी की सुबह 4.36 बजे अलीगढ़ में निधन हो गया था। उनके पिता फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। वह 60 साल के थे। रिंकू पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने अलीगढ़ पहुंचे। पिता के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद रिंकू ने टीम इंडिया को जॉइन किया। विश्वकप जीतने के बाद रिंकू सिंह ने अपने दिवंगत पिता के लिए इमोशनल पोस्ट किया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा था- पापा आज ट्रॉफी हाथ में है। बस आप साथ नहीं हो। आपका सपना पूरा हो गया। रिंकू सिंह ने आगे लिखा- ‘आपसे बात किए बिना इतने दिन कभी नहीं निकले। मुझे नहीं पता आगे की जिंदगी आपके बिना कैसे चलेगी। पर मुझे हर कदम पर आपकी जरूरत पड़ेगी। आपने सिखाया था कि फर्ज सबसे आगे है। तो फील्ड पर बस आपका सपना पूरा करने की कोशिश कर रहा था। अब आपका सपना पूरा हो गया है, तो बस यही लगता है कि काश आप मेरे पास होते। हर छोटी-बड़ी खुशी में आपकी कमी खलेगी। बहुत मिस करूंगा आपको पापा। बहुत ज्यादा।’ रिंकू-प्रिया सरोज की 2025 में सगाई हुई, IPL के बाद शादी होनी है रिंकू और सपा सांसद प्रिया सरोज की सगाई हो चुकी है। दोनों इसी साल जून, 2026 में 7 फेरे लेने वाले हैं। पिछले साल लखनऊ में रिंकू और प्रिया की रिंग सेरेमनी हुई थी। सूत्रों का कहना है कि पिता के निधन के बाद रिंकू की शादी की तारीख पर परिवार फिर से विचार कर सकता है। यह तस्वीर 6 अगस्त 2025 की है। इस दिन रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की सगाई हुई थी। रिंकू के माता-पिता के साथ सपा चीफ अखिलेश यादव भी मौजूद थे। मई में हो सकती है रिंकू-प्रिया की शादी इससे पहले दो बार रिंकू-प्रिया की शादी की तारीख आगे बढ़ी थी। 18 नवंबर, 2025 को पहली तारीख तय हुई, लेकिन क्रिकेट सीरीज के कारण टल गई। फरवरी, 2026 को दूसरी तारीख निकली, लेकिन वर्ल्ड कप के चलते कैंसिल करनी पड़ी। रिंकू के बड़े भाई सोनू सिंह ने बताया था कि IPL, 26 मार्च से 31 मई के बीच प्रस्तावित है। जब रिंकू IPL से फ्री होंगे, तभी शहनाई बजेगी। शादी काशी में होगी। रिसेप्शन अलीगढ़ में रखा जाएगा। ………… ये खबर भी पढ़िए- BCCI टीम इंडिया को ₹131 करोड़ देगा:यह पैसा खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ मे बंटेगा; भारत तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। यह पैसा खिलाड़ियो और सपोर्ट स्टाफ में बंटेगा। भारत ने रविवार को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
महंगे सप्लीमेंट छोड़िए, सद्गुरु बताते हैं कैसा होना चाहिए असली हेल्दी ब्रेकफास्ट, जानें उनके डाइट फूड

अच्छी सेहत और दिनभर की एनर्जी के लिए सही ब्रेकफास्ट बेहद जरूरी माना जाता है. सद्गुरु के मुताबिक सुबह का खाना ऐसा होना चाहिए जो शरीर को हल्का भी रखे और जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी दे. उन्होंने अपने हेल्दी ब्रेकफास्ट में कुछ नेचुरल और पोषण से भरपूर फूड्स शामिल करने की सलाह दी है. उनके डाइट लिस्ट में चेरी टमाटर शामिल होते हैं, जो मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर माने जाते हैं. इसके अलावा अरुगुला स्प्राउट्स शरीर को विटामिन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देने में मदद करते हैं. खीरा शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. वहीं नट्स हेल्दी फैट और प्रोटीन का अच्छा स्रोत होते हैं, जो लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं. इसके साथ ब्लूबेरी भी शामिल की जाती है, जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है और शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकती है. सद्गुरु के मुताबिक इस तरह का हल्का लेकिन न्यूट्रिएंट-रिच ब्रेकफास्ट शरीर को दिनभर एक्टिव और हेल्दी रखने में मदद कर सकता है.
कलेक्टर बोलीं, 'मैंने खुद लगवाई एचपीवी वैक्सीन':मंदसौर में जागरूकता रथ रवाना, बताया- इससे साइड इफेक्ट नहीं होता

मंदसौर जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से एचपीवी वैक्सीन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कलेक्टर अदिती गर्ग ने रथ को रवाना करते हुए कहा कि यह रथ जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर लोगों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व और इसके फायदे के बारे में जागरूक करेगा। इस अवसर पर कलेक्टर अदिती गर्ग ने कहा कि उन्होंने स्वयं एचपीवी वैक्सीन लगवाई है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि यह पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी टीका है, जो महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कलेक्टर ने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न आएं और अपनी बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। गांव-गांव जाकर जागरूक करेंगी “एचपीवी टीका मित्र” जिले में एचपीवी वैक्सीन के प्रचार-प्रसार के लिए “एचपीवी टीका मित्र” बनाए गए हैं। ये नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं हैं, जो गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगी और उन्हें इस वैक्सीन के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने कहा कि इस टीके को लेकर समाज में सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ ले सकें। 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को लगाया जा रहा टीका कलेक्टर ने बताया कि जिले में 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए जिले में 10 वैक्सीनेशन केंद्र बनाए गए हैं, जहां नियमित रूप से टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीका लगने के बाद केवल हल्का दर्द हो सकता है, जो अन्य टीकों की तरह सामान्य प्रक्रिया है। अधिकारियों को दिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और अन्य माध्यमों से अभिभावकों तक एचपीवी वैक्सीन की सही जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही सभी फील्ड अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में एचपीवी वैक्सीन से संबंधित प्रचार सामग्री भी प्रदर्शित करें। अधिकारी अपने स्तर पर पात्र बालिकाओं को चिन्हित कर उनका वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें, ताकि कम समय में अधिक से अधिक बच्चियों को इस टीके का लाभ मिल सके। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नर्सिंग कॉलेज का स्टाफ, एचपीवी टीका मित्र मौजूद रहे।
मार्च में साइन होने वाली भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील टली:अब नया टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद होगी; अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प टैरिफ रद्द किए

भारत और अमेरिका के बीच होने वाली अंतरिम ट्रेड डील अब कुछ समय के लिए टल गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह डील अब तभी साइन होगी, जब अमेरिका अपना नया ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार कर लेगा। दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हालिया फैसले में डोनाल्ड ट्रम्प की उन शक्तियों को खत्म कर दिया है। जिसके तहत वे इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल कर भारी टैरिफ लगा देते थे। मार्च में साइन होनी थी डील, कोर्ट के फैसले से टली भारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील पहले इसी महीने यानी मार्च में साइन होने वाली थी। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पुराने रेसिप्रोकल टैरिफ को अमान्य कर दिया है। इस वजह से ट्रम्प प्रशासन को अब ग्लोबल ट्रेड के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार करना पड़ रहा है। जब तक नया स्ट्रक्चर नहीं आता, तब तक अमेरिका ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लगा दिया है। यह व्यवस्था अगले 5 महीनों तक लागू रह सकती है। तुलनात्मक फायदे देखकर ही डील साइन करेंगे एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘हम डील की बारीकियों पर काम कर रहे हैं, लेकिन साइन तभी होगा जब उनका नया टैरिफ आर्किटेक्चर तैयार हो जाएगा। कोई भी देश समझौता तभी करता है जब उसे दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले मार्केट में कोई एडवांटेज मिले।’ भारत ने पहले कुछ खास प्रोडक्ट्स के लिए 18% की रेसिप्रोकल टैरिफ दर तय की थी। अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका का नया स्ट्रक्चर पुराने जैसा ही रहता है, तो दरें वही रहेंगी, वरना इनमें बदलाव संभव है। मलेशिया जैसा हाल नहीं होगा, भारत की स्थिति अलग हाल ही में मलेशिया ने अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौते से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इस पर सफाई देते हुए अधिकारी ने कहा कि भारत की स्थिति मलेशिया से अलग है। मलेशिया ने एक कानूनी समझौते पर साइन कर दिए थे, जो अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद बेकार हो गया। वहीं भारत ने अभी तक केवल एक ‘फ्रेमवर्क डील’ पर बात की है, किसी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसलिए भारत के पास परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव करने की गुंजाइश है। नॉन-टैरिफ बाधाओं पर भी चल रही है चर्चा टैरिफ के अलावा दोनों देश नॉन-टैरिफ बैरियर्स और सेक्शन 232 के तहत लगाए गए सेक्टोरल टैरिफ को सुलझाने के लिए भी लगातार बातचीत कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया, ‘हम इस समय का रचनात्मक उपयोग कर रहे हैं ताकि जब साइन करने का सही समय आए, तो तकनीकी मुद्दों की वजह से देरी न हो। अमेरिका द्वारा की जा रही ‘सेक्शन 301′ जांच पर भी सरकार कानूनी पहलुओं पर गौर कर रही है।’ कॉमर्स सेक्रेटरी बोले- एक्सपोर्ट का लक्ष्य 860 बिलियन डॉलर कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुराने टैरिफ प्रभावी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक-दूसरे के फायदे वाली डील के लिए बातचीत में जुटे हैं। वहीं पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स और शिपिंग में कुछ चुनौतियां आई हैं। इससे भारत के एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष में भारत का कुल गुड्स और सर्विसेज एक्सपोर्ट 860 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। क्या है सेक्शन 122 और सेक्शन 301? सेक्शन 122: इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट्स) में बड़ी कमी आने पर 150 दिनों के लिए अस्थायी टैरिफ लगा सकते हैं। सेक्शन 301: यह अमेरिका को उन देशों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति देता है, जिनकी व्यापार नीतियां अमेरिकी हितों के खिलाफ या अनुचित होती हैं। ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून का इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था
मार्च में साइन होने वाली भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील टली:अब नया टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद होगी; अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प टैरिफ रद्द किए

भारत और अमेरिका के बीच होने वाली अंतरिम ट्रेड डील अब कुछ समय के लिए टल गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह डील अब तभी साइन होगी, जब अमेरिका अपना नया ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार कर लेगा। दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हालिया फैसले में डोनाल्ड ट्रम्प की उन शक्तियों को खत्म कर दिया है। जिसके तहत वे इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल कर भारी टैरिफ लगा देते थे। मार्च में साइन होनी थी डील, कोर्ट के फैसले से टली भारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील पहले इसी महीने यानी मार्च में साइन होने वाली थी। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पुराने रेसिप्रोकल टैरिफ को अमान्य कर दिया है। इस वजह से ट्रम्प प्रशासन को अब ग्लोबल ट्रेड के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार करना पड़ रहा है। जब तक नया स्ट्रक्चर नहीं आता, तब तक अमेरिका ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लगा दिया है। यह व्यवस्था अगले 5 महीनों तक लागू रह सकती है। तुलनात्मक फायदे देखकर ही डील साइन करेंगे एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘हम डील की बारीकियों पर काम कर रहे हैं, लेकिन साइन तभी होगा जब उनका नया टैरिफ आर्किटेक्चर तैयार हो जाएगा। कोई भी देश समझौता तभी करता है जब उसे दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले मार्केट में कोई एडवांटेज मिले।’ भारत ने पहले कुछ खास प्रोडक्ट्स के लिए 18% की रेसिप्रोकल टैरिफ दर तय की थी। अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका का नया स्ट्रक्चर पुराने जैसा ही रहता है, तो दरें वही रहेंगी, वरना इनमें बदलाव संभव है। मलेशिया जैसा हाल नहीं होगा, भारत की स्थिति अलग हाल ही में मलेशिया ने अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौते से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इस पर सफाई देते हुए अधिकारी ने कहा कि भारत की स्थिति मलेशिया से अलग है। मलेशिया ने एक कानूनी समझौते पर साइन कर दिए थे, जो अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद बेकार हो गया। वहीं भारत ने अभी तक केवल एक ‘फ्रेमवर्क डील’ पर बात की है, किसी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसलिए भारत के पास परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव करने की गुंजाइश है। नॉन-टैरिफ बाधाओं पर भी चल रही है चर्चा टैरिफ के अलावा दोनों देश नॉन-टैरिफ बैरियर्स और सेक्शन 232 के तहत लगाए गए सेक्टोरल टैरिफ को सुलझाने के लिए भी लगातार बातचीत कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया, ‘हम इस समय का रचनात्मक उपयोग कर रहे हैं ताकि जब साइन करने का सही समय आए, तो तकनीकी मुद्दों की वजह से देरी न हो। अमेरिका द्वारा की जा रही ‘सेक्शन 301′ जांच पर भी सरकार कानूनी पहलुओं पर गौर कर रही है।’ कॉमर्स सेक्रेटरी बोले- एक्सपोर्ट का लक्ष्य 860 बिलियन डॉलर कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुराने टैरिफ प्रभावी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक-दूसरे के फायदे वाली डील के लिए बातचीत में जुटे हैं। वहीं पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स और शिपिंग में कुछ चुनौतियां आई हैं। इससे भारत के एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष में भारत का कुल गुड्स और सर्विसेज एक्सपोर्ट 860 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। क्या है सेक्शन 122 और सेक्शन 301? सेक्शन 122: इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट्स) में बड़ी कमी आने पर 150 दिनों के लिए अस्थायी टैरिफ लगा सकते हैं। सेक्शन 301: यह अमेरिका को उन देशों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति देता है, जिनकी व्यापार नीतियां अमेरिकी हितों के खिलाफ या अनुचित होती हैं। ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून का इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था
बिहार राज्यसभा चुनाव: कैसे ‘4 लापता विधायकों’ ने विपक्ष को 41 के जादुई आंकड़े से दूर रखा | व्याख्याकार समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 16, 2026, 20:07 IST बिहार राज्यसभा चुनाव: कौन थे वो 4 विपक्षी विधायक जो वोट देने नहीं पहुंचे? कौन थे एनडीए के उम्मीदवार? नीतीश कुमार (बाएं) और नितिन नबीन मैदान में थे. (पीटीआई फ़ाइल) सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सोमवार को बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव में आसान जीत हासिल की, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित उसके उम्मीदवार शामिल थे। हालाँकि वोटों की गिनती शाम को समाप्त होने की उम्मीद थी, लेकिन एनडीए के सूत्रों ने दावा किया कि गठबंधन के “सभी 202 विधायकों” ने बिहार में मतदान में हिस्सा लिया था। इनमें कुमार की जदयू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और पांच उम्मीदवारों में से एक उपेन्द्र कुशवाह की राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। इस बीच, विपक्ष का महागठबंधन चार विपक्षी विधायकों की अनुपस्थिति के कारण 41 प्रथम-वरीयता वोटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में विफल रहा। नंबर गेम विपक्ष (राजद, कांग्रेस, वाम) के पास शुरुआत में कुल 35 विधायकों की संयुक्त ताकत थी, लेकिन वे अपने उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के लिए 41-वोट की सीमा तक पहुंचने के लिए अन्य दलों से छह अतिरिक्त वोट हासिल करना चाह रहे थे। राज्यसभा चुनाव परिणाम 2026 लाइव अपडेट यहां बिहार में राज्यसभा चुनाव के फॉर्मूले के अनुसार, यदि सभी 243 विधायक मतदान में भाग लेने के लिए आते, तो प्रत्येक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में भाजपा के 89 विधायक हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के 85 सदस्य हैं, जबकि अन्य राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्य, जिनमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाह की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) शामिल हैं, के पास क्रमशः 19, 5 और 4 विधायक हैं। कौन थे एनडीए के उम्मीदवार? भाजपा: नितिन नबीन, शिवेश कुमार राम जद (यू): नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर आरएलएम (एनडीए सहयोगी): उपेन्द्र कुशवाह क्यों फेल हुआ महागठबंधन? कांग्रेस के तीन विधायक और राजद का एक विधायक मतदान के लिए नहीं पहुंचे, जिससे सीधे तौर पर गठबंधन की वोटिंग ताकत कम हो गई, जिससे एडी सिंह के लिए 41 तक पहुंचना असंभव हो गया। जबकि एआईएमआईएम के पांच विधायकों और एकमात्र बसपा विधायक ने कथित तौर पर राजद उम्मीदवार को वोट दिया, गठबंधन के चार विधायकों की अनुपस्थिति ने इस लाभ को खत्म कर दिया। गठबंधन, जो पहले से ही एक चुनौतीपूर्ण संख्या का सामना कर रहा है, पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित नहीं कर सका, जिससे नेताओं द्वारा एकता के दावों के बावजूद, आवश्यकता से कम प्रभावी ताकत बनी रही। जो 4 विधायक अनुपस्थित थे 1. सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा (कांग्रेस) निर्वाचन क्षेत्र: वाल्मिकीनगर (पश्चिमी चंपारण) वह पहली बार विधायक बने हैं, उन्होंने नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जद (यू) के मौजूदा विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ करीबी मुकाबले में सीट जीती थी। राज्यसभा मतदान के दौरान उनका मोबाइल फोन बंद बताया गया और वह पूरे दिन पार्टी नेतृत्व के संपर्क से बाहर रहे। 2. मनोज विश्वास (कांग्रेस) निर्वाचन क्षेत्र: फारबिसगंज (अररिया) 2025 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के विद्या सागर केशरी को 221 वोटों के मामूली अंतर से हराकर फारबिसगंज के विधायक चुने गए। कुशवाह की तरह, बिस्वास राज्यसभा मतदान के दौरान संपर्क में नहीं थे, जिससे कांग्रेस तिकड़ी की “लापता” स्थिति में योगदान हुआ। 3. मनोहर प्रसाद सिंह (कांग्रेस) निर्वाचन क्षेत्र: मनिहारी (कटिहार) एक अनुभवी राजनेता और पूर्व पुलिस अधिकारी, सिंह कई बार विधायक रहे हैं। 2015 में कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह मूल रूप से जेडीयू के साथ थे। वह एसटी-आरक्षित मनिहारी सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और खरवार समुदाय से एक प्रसिद्ध व्यक्ति हैं। हालाँकि चुनाव की सुबह वह कथित तौर पर संपर्क में थे और उन्होंने नेताओं को आने का आश्वासन दिया था, लेकिन अंततः वह वोट के लिए उपस्थित होने में विफल रहे। 4. फैसल रहमान (राजद) निर्वाचन क्षेत्र: ढाका (पूर्वी चंपारण). रहमान राजद विधायक हैं जो पहले बिहार विधानसभा में सदस्य रह चुके हैं। अनुपस्थित चार विधायकों में वह एकमात्र राजद विधायक थे। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अनुपस्थिति दिल्ली में उनकी मां के इलाज से जुड़ी एक निजी आपात स्थिति के कारण थी। पीटीआई, एजेंसी इनपुट के साथ पहले प्रकाशित: मार्च 16, 2026, 19:29 IST समाचार समझाने वाले बिहार राज्यसभा चुनाव: कैसे ‘4 लापता विधायकों’ ने विपक्ष को 41 के जादुई आंकड़े से दूर रखा? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राज्यसभा चुनाव बिहार(टी)बिहार सागर चुनाव(टी)एनडीए जीत(टी)एनडीए जीत(टी)नीतीश कुमार(टी)नीतीश कुमार(टी)नितिन नबीन(टी)नितिन नबीन
सिर्फ 1 चम्मच पीनट बटर से शरीर में होते हैं कई बड़े बदलाव! न्यूट्रिशन एक्सपर्ट ने बताए चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 16, 2026, 20:00 IST पीनट बटर को अक्सर फिटनेस और हेल्दी स्नैक के रूप में देखा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोज सिर्फ एक चम्मच पीनट बटर भी शरीर पर कई सकारात्मक असर डाल सकता है. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट के मुताबिक, सही मात्रा में लिया जाए तो यह एनर्जी, हार्ट हेल्थ और मसल्स के लिए फायदेमंद हो सकता है. पीनट बटर में प्रोटीन, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. (AI image) आजकल हेल्दी डाइट की बात होती है तो पीनट बटर का नाम अक्सर सामने आता है. जिम जाने वाले लोग, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी स्नैक की तलाश करने वाले लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं. दरअसल पीनट बटर मूंगफली से बनाया जाता है और इसमें हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. दिल्ली स्थित फेलिक्स ग्लोबल की वरिष्ठ क्लिनिकल पोषण विशेषज्ञ डॉ. राधिका मेहता का कहना है कि अगर इसे सीमित मात्रा में खाया जाए तो रोज सिर्फ एक चम्मच पीनट बटर भी शरीर को कई फायदे दे सकता है. सबसे पहले बात करते हैं एनर्जी की. पीनट बटर में हेल्दी फैट, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित मिश्रण होता है. यही वजह है कि यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करता है. कई बार मीठे स्नैक्स खाने से शरीर में अचानक एनर्जी आती है और फिर जल्दी गिर जाती है, लेकिन पीनट बटर धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करता है जिससे शरीर लंबे समय तक एक्टिव बना रहता है. पीनट बटर हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट पाए जाते हैं जो दिल के लिए अच्छे माने जाते हैं. ये फैट शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. कुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि मूंगफली से बने खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा पीनट बटर मसल्स हेल्थ के लिए भी अच्छा माना जाता है. इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और मजबूती के लिए जरूरी होता है. इसलिए जिम जाने वाले लोग या एक्टिव लाइफस्टाइल रखने वाले लोग अक्सर इसे अपने ब्रेकफास्ट या स्नैक में शामिल करते हैं. एक चम्मच पीनट बटर भी शरीर को जरूरी प्रोटीन देने में मदद कर सकता है. पीनट बटर का एक और फायदा यह है कि यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे भूख जल्दी नहीं लगती. यही कारण है कि कई डाइट एक्सपर्ट इसे वेट मैनेजमेंट के लिए भी अच्छा स्नैक मानते हैं. साथ ही पीनट बटर में विटामिन ई, मैग्नीशियम, पोटैशियम और बी-विटामिन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. ये सभी शरीर की इम्यूनिटी, नर्व हेल्थ और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. इन पोषक तत्वों की वजह से यह दिमाग के लिए भी फायदेमंद माना जाता है और शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकता है. पीनट बटर ब्लड शुगर को स्थिर रखने में भी मदद कर सकता है. इसमें मौजूद हेल्दी फैट और प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करते हैं, जिससे ब्लड शुगर अचानक तेजी से नहीं बढ़ता. इसी कारण इसे संतुलित डाइट का हिस्सा माना जाता है. हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि पीनट बटर कैलोरी में काफी ज्यादा होता है. इसलिए इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि नैचुरल पीनट बटर चुनें जिसमें ज्यादा चीनी, नमक या प्रोसेस्ड ऑयल न मिला हो. सही मात्रा में लिया गया पीनट बटर स्वाद के साथ-साथ शरीर को कई पोषण लाभ भी दे सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 16, 2026, 20:00 IST
Railway Recruitment 11127 Posts | MPLRS 770 Vacancies MP Jobs Date Extended

Hindi News Career Railway Recruitment 11127 Posts | MPLRS 770 Vacancies MP Jobs Date Extended 34 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी रेलवे में 11,127 भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी होने की। इस भर्ती के लिए आवेदन की शुरुआत 15 मई से की जाएगी। मध्य प्रदेश लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी में 770 पदों पर भर्ती। साथ ही एमपी में 1679 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.… 1. रेलवे में 11,127 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 15 मई से शुरू आवेदन रेलवे भर्ती बोर्ड ने असिस्टेंट लोको पायलट की 11 हजार से अधिक भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 15 मई 2026 से आवेदन शुरू होने के बाद उम्मीदवार आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट www.rrbapply.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। जोन वाइज वैकेंसी डिटेल्स : जोन का नाम पदों की संख्या सेंट्रल रेलवे 1400 ईस्ट सेंट्रल रेलवे 700 ईस्ट कोस्ट रेलवे 1625 ईस्टर्स रेलवे 608 नॉर्थ सेंट्रल रेलवे 457 नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे 105 नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे 1276 नॉर्थन रेलवे 740 नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे 600 साउथ सेंट्रल रेलवे 674 साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे 200 साउथ ईस्टर्न रेलवे 1531 साउथर्न रेलवे 250 साउथ वेस्टर्न रेलवे 200 वेस्ट सेंट्रल रेलवे 541 वेस्टर्न रेलवे 214 चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) 06 कुल पदों की संख्या 11,127 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास। NCVT/SCVT के मान्यता प्राप्त संस्थानों से फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मिलाइट/मेंटेनेंस मैकेनिक, मैकेनिक (रेडियो और टीवी), इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, मैकेनिक (मोटर वाहन), वायरमैन, ट्रैक्टर मैकेनिक, आर्मेचर और कॉइल वाइंडर, मैकेनिक (डीजल), हीट इंजन, टर्नर, मशीनिस्ट, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग मैकेनिक ट्रेड्स में आईटीआई की डिग्री। संबंधित क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग पूरी की हो। तीन साल का मैकेनिकल/इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स/ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 30 साल आयुसीमा 1 अप्रैल 2026 के आधार पर निर्धारित की जाएगी। सैलरी : 19,900 रुपए प्रतिमाह रेलवे द्वारा दिए जाने वाले अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। एग्जाम पैटर्न : जारी नहीं सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट -1 कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट -2 CBAT डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.rrbapply.gov.in पर जाएं। होम पेज पर Recruitment सेक्शन पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। जरूरी डाक्यूमेंट्स, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। अपनी कैटेगरी के अनुसार फीस का भुगतान करें। आवेदन फॉर्म फाइनल सब्मिट कर दें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. एमपी लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी में 770 भर्ती, एज लिमिट 40 साल मध्य प्रदेश लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी (MPLRS) की ओर से डाटा एंट्री ऑपरेटर के 770 पदों पर भर्ती निकली है। आवेदन में करेक्शन 12 मार्च से 4 अप्रैल तक किए जा सकेंगे। इस पद के लिए सिर्फ मप्र के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं। कैटैगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या सामान्य 209 ईडब्ल्यूएस 76 ओबीसी 208 एससी 123 एसटी 154 टोटल 770 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं पास। उम्मीदवारों को सीपीसीटी सर्टिफिकेट प्राप्त होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में सरकारी नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी। सैलरी : 5,200 – 20,200 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : सीपीसीटी स्कोरकार्ड और हिंदी टाइपिंग क्वालिफिकेशन कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी थ्योरी मार्क्स के बेसिस पर मेरिट लिस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.mponline.gov.in पर जाएं। रजिस्ट्रेशन करने के लिए MPLRS Data Entry Operator Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई सभी डिटेल्स दर्ज करें। डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. एमपी में 1679 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की ओर से वन विभाग के अंतर्गत 1679 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या फॉरेस्ट गार्ड 728 फील्ड गार्ड 169 जेल वार्डर 757 असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट 25 कुल पदों की संख्या 1679 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : पद के अनुसार, 10वीं, 12वीं पास, ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 38 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। सैलरी : फॉरेस्ट गार्ड, फील्ड गार्ड, जेल वार्डर : 19,500 – 62,000 रुपए प्रतिमाह असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट : 36,200 – 1,14,800 रुपए प्रतिमाह फीस : अनारक्षित : 500 रुपए आरक्षित वर्ग : 250 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट टोटल क्वेश्चन्स टोटल मार्क्स जनरल साइंस सभी सब्जेक्ट के लिए 100 सभी सब्जेक्ट के लिए 100 जनरल हिंदी जनरल इंग्लिश जनरल मैथमेटिक्स जनरल साइंस एग्जाम से संबंधित अन्य डिटेल्स : एग्जाम टाइप ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट क्वेश्चन नंबर 100 टोटल मार्क्स 100 ड्यूरेशन 2 घंटे मिडियम हिंदी, इंग्लिश क्वेश्चन टाइप ऑब्जेक्टिव निगेटिव मार्किंग 0.25 मार्क्स ऐसे करें आवेदन : MPESB की ऑफिशियल वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं। होमपेज पर मौजूद भर्ती लिंक पर क्लिक करें। नया पेज खुलने के बाद अपने पर्सनल डिटेल्स के साथ रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। सभी डिटेल्स की जांच करने के बाद फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। आवेदन की तारीख बढ़ने का नया नोटिफिकेशन ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन में 245 भर्ती, लास्ट डेट 18 मार्च न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में ट्रेड अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख करीब है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट npcilcareers.co.in पर जाकर 18 मार्च 2026 तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। अप्रेंटिस की भर्ती एक साल के लिए की जाएगी। इस भर्ती की लोकेशन रावतभाटा, राजस्थान है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या फिटर 68 इलेक्ट्रीशियन 68 इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक 68 कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट 10 टर्नर 10 मशीनिस्ट 10 वेल्डर 11 कुल पदों की संख्या 245 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से फुल टाइम और रेगुलर आईटीआई की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम :









