नवरात्र की पूजा में इस्तेमाल होने वाला ये घास, सेहत के लिए वरदान, चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 21, 2026, 22:10 IST Durva Grass Benefits: चैत्र नवरात्र जैसे पूजा पाठ में दुर्वा घास का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इसके औषधीय गुण इसे हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद में इसे घाव को जल्दी ठीक करने जैसे ट्रीटमेंट के लिए उपयोग होता रहा है. ख़बरें फटाफट Durva Grass Health Benefits: चैत्र नवरात्र आते ही पूजा-पाठ में कई चीजों का महत्व बढ़ जाता है, जिनमें दूब घास भी खास होती है. मान्यता है कि बिना दूब घास के मां जगदम्बा की पूजा अधूरी मानी जाती है. नवरात्र में मां को दूब अर्पित की जाती है और कन्या पूजन के समय भी इससे पैर छूने की परंपरा है. अधिकतर लोग दूब घास को सिर्फ धार्मिक नजर से देखते हैं, लेकिन यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. आयुर्वेद में इसे ‘अमृत’ कहा गया है, यानी ऐसी चीज जो शरीर को ताकत और संतुलन दे. यह न सिर्फ इंसानों के लिए बल्कि पशुओं के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. दूब घास के फायदेदूब घास शरीर में कफ और वात को संतुलित करने में मदद करती है. अगर शरीर में इनका असंतुलन हो जाए, तो दूब का सेवन फायदेमंद हो सकता है. लेकिन इसे इस्तेमाल करने से पहले इसके सही तरीके जानना जरूरी है. दुर्वा घास का बाहरी उपयोग- दूब घास में खून रोकने की क्षमता होती है. अगर कहीं चोट लग जाए और खून रुक न रहा हो, तो दूब का लेप लगाने से खून रुकने में मदद मिलती है. यह घाव को जल्दी भरने और संक्रमण से बचाने में भी सहायक है. गर्मियों की शुरुआत में कई लोगों को नाक से खून आने या सिरदर्द की समस्या हो जाती है. ऐसे में दूब का रस नाक में डालने से राहत मिल सकती है. इसके साथ ही मुल्तानी मिट्टी को भिगोकर सूंघना भी फायदेमंद माना जाता है. अगर त्वचा में जलन हो रही हो, तो दूब का लेप ठंडक देता है और आराम पहुंचाता है. दुर्वा घास का आंतरिक उपयोग- दूब घास का सेवन पेट से जुड़ी समस्याओं में मददगार होता है. साथ ही, मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में भी यह राहत दे सकती है. हालांकि, दूब का रस पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. दूब घास सिर्फ पूजा का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी एक प्राकृतिक और आसान उपाय है, जो अंदर और बाहर दोनों तरह से शरीर को फायदा पहुंचाती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 21, 2026, 22:10 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
5 आदतों से डॉक्टर ने घटाया 28 किलो वजन, बिना स्ट्रिक्ट डाइट के किया कमाल

Last Updated:March 21, 2026, 21:49 IST वजन कम करना अक्सर लोगों को मुश्किल और थकाऊ लगता है, लेकिन एक डॉक्टर की कहानी इस सोच को बदल देती है. उन्होंने बिना सख्त डाइट और भारी वर्कआउट के सिर्फ अपनी 5 आसान आदतों को सुधारकर 28 किलो वजन घटा लिया. उनकी यह जर्नी बताती है कि छोटे-छोटे लाइफस्टाइल बदलाव भी बड़े रिजल्ट दे सकते हैं. वेट लॉस जर्नी. वजन घटाने को लेकर आम धारणा यह है कि इसके लिए सख्त डाइट, घंटों जिम और कठिन रूटीन अपनाना जरूरी होता है, लेकिन हाल ही में अमेरिकी आधारित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. पाल मणिक्कम की कहानी इस सोच को बदल देती है. इस डॉक्टर ने बिना किसी क्रैश डाइट या एक्सट्रीम फिटनेस प्लान के सिर्फ अपनी रोजमर्रा की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करके करीब 28 किलो वजन कम किया. उनका मानना है कि लोग अक्सर जल्दी परिणाम पाने के चक्कर में गलत तरीके अपनाते हैं, जबकि असली सफलता सरल और टिकाऊ लाइफस्टाइल बदलावों में छिपी होती है. यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर सही दिशा में लगातार प्रयास किया जाए, तो बिना शरीर पर ज्यादा दबाव डाले भी शानदार परिणाम हासिल किए जा सकते हैं. डॉक्टर ने अपनी वेट लॉस जर्नी में सबसे पहला और बड़ा बदलाव अपने खाने के समय में किया. पहले वे देर रात खाना खाते थे, लेकिन बाद में उन्होंने डिनर का समय शाम तक सीमित कर दिया. इससे शरीर को भोजन पचाने और फैट बर्न करने का अधिक समय मिलने लगा. इसके अलावा, इस बदलाव ने उनकी नींद की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाया और देर रात होने वाली अनहेल्दी क्रेविंग्स पर भी कंट्रोल किया. यह दिखाता है कि सिर्फ खाने का समय बदलने से भी वजन घटाने में बड़ा असर पड़ सकता है. View this post on Instagram
गर्मी में क्यों खाना चाहिए पुदीना? बॉडी को कूलिंग ही नहीं, मिलते हैं ये जबरदस्त फायदे

Last Updated:March 21, 2026, 21:23 IST Pudina Khane Ke Fayde: गर्मी में पुदीना के पत्तों का सेवन सिर्फ बॉडी को अंदर से ठंडा नहीं करता, बल्कि इससे पाचन संबंधित समस्या भी दूर रहती है. यदि आपको डिहाइड्रेशन जल्दी होता है, तो ये आपके लिए पुदिना के पत्ते नेचुरल रेमिडी साबित हो सकते हैं. अगर आप खुद को ठंडा, हल्का और तरोताजा रखना चाहते हैं, तो पुदीना अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें. यह छोटा सा पत्ता आपके बड़े काम आ सकता है. ख़बरें फटाफट Mint Health Benefits: गर्मियों की शुरुआत होते ही मन अपने आप ठंडी और ताजगी भरी चीजों की तरफ खिंचने लगता है. बाजार में रसीले फल तो खूब मिलते हैं, लेकिन सब्जियों में वो ताजगी कम नजर आती है. ऐसे समय में एक चीज है जो हर बार काम आती है वो है पुदीना. इसकी खुशबू ही मन को ठंडक पहुंचा देती है, और स्वाद तो लाजवाब होता ही है. अक्सर हम पुदीने को सिर्फ चटनी या रायते तक ही सीमित रखते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे एक असरदार औषधि माना गया है. खासकर गर्मियों में यह शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद के अनुसार पुदीना कफ और पित्त को संतुलित करता है और शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. इसका स्वाद थोड़ा तेज और कसैला होता है, लेकिन जिस भी चीज में इसे मिलाया जाए, उसका स्वाद निखर जाता है. पुदीने के पत्तों के हेल्थ बेनिफिट्स गर्मी के मौसम में कई लोगों को खाना खाने के बाद गैस या सिरदर्द की परेशानी होती है. ऐसे में खाने के साथ या इसके बाद पुदीना का सेवन राहत दिलाने का काम करता है. गर्मियों में भारी और तला-भुना खाना खाने से अक्सर खट्टी डकारें, पेट में भारीपन और गैस की समस्या हो जाती है. ऐसे में पुदीना बहुत काम आता है. यह पेट की गर्मी को कम करता है, पाचन तंत्र को शांत करता है और अम्लता (एसिडिटी) को भी घटाता है. अगर कोई इरिटेबल बाउल सिंड्रोम से परेशान है, तो उसके लिए भी पुदीना फायदेमंद माना जाता है. इसे आप चटनी या रायते के रूप में आसानी से अपने खाने में शामिल कर सकते हैं. तेज गर्मी में कई बार सिरदर्द और घबराहट भी होने लगती है. पुदीने की तासीर ठंडी होती है और इसमें मेन्थॉल नाम का एक तत्व पाया जाता है. यह शरीर में जाकर दिमाग को ठंडक का एहसास कराता है, जिससे तुरंत राहत मिलती है. लू से बचने के लिए भी पुदीना काफी मददगार होता है. पुदीना सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि लगाने में भी फायदेमंद है. अगर चेहरे पर बार-बार मुंहासे हो रहे हों, तो पुदीने का लेप लगाने से आराम मिलता है. इससे टैनिंग भी कम होती है और त्वचा साफ दिखने लगती है. अगर सिरदर्द बना रहता है या तनाव ज्यादा महसूस होता है, तो पुदीने की चाय भी एक अच्छा विकल्प है. यह न सिर्फ सिरदर्द में राहत देती है, बल्कि मन को भी शांत करती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 21, 2026, 21:23 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Damoh Winbuzz Gaming Fraud | 9 Arrested, Lakhs Seized

दमोह पुलिस की साइबर सेल और देहात थाना टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा गिरोह का खुलासा किया है। मुश्की बाबा मंदिर के पास एक किराए के मकान से संचालित हो रहे इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। . आरोपी फर्जी सिम और म्यूल बैंक खातों के जरिए ‘WINBUZZ’ नामक प्लेटफॉर्म पर लोगों से सट्टा खिलवाड़ कर करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन कर रहे थे। चार राज्यों के आरोपी गिरफ्तार, 8 लाख कैश बरामद पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आरोपियों को पकड़ा गया है। इनके पास से 8 लाख रुपए नकद, 24 एंड्रॉयड मोबाइल, 25 सिम कार्ड और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 30.5 लाख रुपए है। म्यूल खातों से किया करोड़ों का लेनदेन एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि शुरुआती जांच में डिवाइस के जरिए करोड़ों रुपयों के ट्रांजैक्शन का पता चला है। बैंक खुलने पर उन म्यूल खातों का खुलासा होगा जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई थी। गिरोह आईडी-पासवर्ड जनरेट कर लोगों को इस लत में फंसाता था। पुलिस ने मकान दिलाने में मदद करने वाले दो स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है। बिना सूचना के बाहरी लोगों को दिया कमरा जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले दो महीने से किराए के मकान में सेटअप लगाकर काम कर रहे थे। मकान मालिक ने एग्रीमेंट तो किया था, लेकिन नियमों के विरुद्ध पुलिस को बाहरी लोगों के रुकने की सूचना नहीं दी थी, जिससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। एएसपी ने बताया कि ऐसे गेमिंग प्लेटफॉर्म कर्ज और मानसिक तनाव का कारण बनते हैं, इसलिए अनजान लिंक और ट्रांजैक्शन से बचें। यह आरोपी हुए गिरफ्तार रोहन भाटिया (हिमाचल), सूरज मौर्या (यूपी), परमिंदर सिंह, अमित कुमार, राजेंद्र कुमार, संदीप मंडल, उदय कुमार (सभी छत्तीसगढ़), मंजीत सिंह कलसी (जबलपुर) और संजय कुमार सिंह (भिलाई)।
बूंदी रायता रेसिपी: बूंदी रायता रेसिपी: चमत्कारी ‘होटल स्टाइल’ बूंदी रायता रेसिपी, एक गुप्त मसाला जो बदल देगा स्वाद

21 मार्च 2026 को 21:07 IST पर अद्यतन किया गया बूंदी रायता रेसिपी: गर्मियों में खाने का रायता खाने का स्वाद सबसे अच्छा होता है। आइए आपको होटल में रायता बनाने की सीक्रेट रेसिपी बताते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)बूंदी रायता रेसिपी(टी)वायरल फूड न्यूज(टी)होटल स्टाइल रायता टिप्स(टी)इंडियन साइड डिश(टी)सीक्रेट मसाला रायता(टी)त्वरित ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)घर का बना रायता तड़का(टी)क्रीमी दही रेसिपी(टी)कुकिंग हैक्स
कहीं आप भी तो कूड़े में नहीं फेंक रहे खजाना? इस फल के छिलके में चौंकाने वाले गुण, कई बीमारियों में कारगर

Last Updated:March 21, 2026, 20:52 IST Orange Health Benefits: संतरा स्वास्थ्य के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि इसके छिलके में भी औषधीय गुण होते हैं. आइए एक्सपर्ट से इसके फायदे के बारे में जानते हैं. संतरे के छिलके में विटामिन-सी, फ्लेवोनोइड्स और पेक्टिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. यह शरीर में जमा खराब तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होता है, जिससे व्यक्ति अंदर से स्वस्थ होने का अनुभव करता है. संतरे का छिलका त्वचा की देखभाल में किसी प्राकृतिक जादू से कम नहीं है. इसका उपयोग करने से चेहरे के दाग-धब्बे कम होते हैं और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. यह मुंहासों को कंट्रोल करने में भी मदद करता है और एक बेहतरीन क्लींजर की तरह काम करता है, इससे त्वचा एकदम साफ और ताजा नजर आती है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, संतरे का छिलका पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें फाइबर और पेक्टिन पाया जाता हैं, जो कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत देता हैं. अगर इसे सही मात्रा में सेवन किया जाए, तो पाचन तंत्र को दुरुस्त बना सकता है और पेट से जुड़ी परेशानियों को कम कर सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google संतरे का छिलका दिल की सेहत के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है. यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को संतुलित बनाए रखने में यह सहायक होता है. यहीं नहीं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में बेहद लाभकारी और गुणकारी हैं. संतरे का छिलका मुंह की सफाई और ताजगी के लिए भी एक शानदार घरेलू उपाय है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं, जो सांसों की बदबू दूर करते हैं और दांतों के दाग हटाने में मदद कर सकते हैं. इसके सही, नियमित और सीमित उपयोग से आपका ओरल हेल्थ बेहतर बन सकता है. इसके साथ चटनी आपको ताजगी का एहसास भी होगा. हालांकि, संतरे के छिलके के कुछ नुकसान भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द, गैस या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती है. छिलकों पर कीटनाशकों का असर हो सकता है, इसलिए इन्हें उपयोग से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. संवेदनशील त्वचा वालों को इसे सीधे लगाने से बचना चाहिए. संतरे के छिलके को इस्तेमाल के लिए सुखाकर पाउडर बनाया जा सकता है और चाय में डाल सकते हैं या दही और गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक बना सकते हैं. हमेशा साफ और बेहतर हो, तो ऑर्गेनिक संतरे का उपयोग करें. थोड़ी सावधानी और समझदारी से यह साधारण सा छिलका आपकी सेहत और सुंदरता का राज बन सकता है. बगैर डॉक्टर की सलाह इसका प्रयोग हानिकारक होता है. First Published : March 21, 2026, 20:52 IST
सलमान खान ने फैंस को ईद की मुबारकबाद दी:सलीम खान भी रहे मौजूद, इस खास मौके आमिर खान से मिलने राज ठाकरे पहुंचे

मुंबई में ईद का जश्न इस बार भी बेहद खास रहा। सलमान खान ने अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए एक बार फिर फैंस को खास अंदाज़ में ईद की मुबारकबाद दी। गैलेक्सी अपार्टमेंट्स की बालकनी में आकर सलमान ने नीचे जुटी हजारों की भीड़ का अभिवादन किया। उनके साथ इस मौके पर उनके पिता सलीम खान भी नजर आए, जिन्हें देखकर फैंस का उत्साह और बढ़ गया। शाम होते-होते सलमान के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। जैसे ही वह बालकनी में आए, ‘भाईजान’ के नारों और तालियों से पूरा माहौल गूंज उठा। सलमान ने हाथ हिलाकर और मुस्कुराते हुए सभी को ईद की बधाई दी, वहीं सलीम खान ने भी हाथ जोड़कर फैंस का आभार जताया। यह नज़ारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसी बीच, मुंबई में ईद के मौके आमिर खान से मिलने के लिए राज ठकारे पहुंचे। राज ठाकरे ने आमिर खान से उनके काम और निजी जीवन पर चर्चा की और ईद की शुभकामनाएं भी दीं। इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और फैंस इसे काफी उत्साह से देख रहे हैं।
सलमान खान ने फैंस को ईद की मुबारकबाद दी:सलीम खान भी रहे मौजूद, इस खास मौके आमिर खान से मिलने राज ठाकरे पहुंचे

मुंबई में ईद का जश्न इस बार भी बेहद खास रहा। सलमान खान ने अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए एक बार फिर फैंस को खास अंदाज में ईद की मुबारकबाद दी। गैलेक्सी अपार्टमेंट्स की बालकनी में आकर सलमान ने नीचे जुटी हजारों की भीड़ का अभिवादन किया। उनके साथ इस मौके पर उनके पिता सलीम खान भी नजर आए, जिन्हें देखकर फैंस का उत्साह और बढ़ गया। शाम होते-होते सलमान के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। जैसे ही वह बालकनी में आए, ‘भाईजान’ के नारों और तालियों से पूरा माहौल गूंज उठा। सलमान ने हाथ हिलाकर और मुस्कुराते हुए सभी को ईद की बधाई दी, वहीं सलीम खान ने भी हाथ जोड़कर फैंस का आभार जताया। यह नज़ारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसी बीच, मुंबई में ईद के मौके आमिर खान से मिलने के लिए राज ठकारे पहुंचे। राज ठाकरे ने आमिर खान से उनके काम और निजी जीवन पर चर्चा की और ईद की शुभकामनाएं भी दीं। इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और फैंस इसे काफी उत्साह से देख रहे हैं।
2 सहकारी कर्मचारियों का निलंबन रद्द करने की मांग:बालाघाट में सहकारी कर्मचारियों का सम्मेलन, बोले- छोटे बारदाने से धान खुले में पड़ा

बालाघाट में सहकारी कर्मचारियों ने अपनी रुकी हुई मांगों और समस्याओं को लेकर शनिवार को एक सम्मेलन किया। इस दौरान कर्मचारियों का सस्पेंशन खत्म करने और सोसायटियों में रखे धान को गोदामों तक पहुंचाने जैसी मुख्य मांगें जोर-शोर से उठाई गईं। सहकारी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हुए इस सम्मेलन में जिले भर से 100 से ज्यादा कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में दो कर्मचारियों के निलंबन, धान के उठाव में हो रही देरी, कम वेतन और दूसरी बड़ी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। निलंबन रद्द करने की मांग महासंघ के अध्यक्ष पी.सी. चौहान ने बताया कि सरकारी निर्देशों के मुताबिक धान खरीदी का अच्छा काम करने के बावजूद लालबर्रा और डोंगरमाली के दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि इन कर्मचारियों का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए। धान की बर्बादी और शॉर्टेज का डर चौहान ने यह मुद्दा भी उठाया कि खरीदी के वक्त छोटे बारदाने मिलने की वजह से बहुत सारा धान खुले में पड़ा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर धान का समय पर उठाव नहीं होता और धूप में सूखकर वजन कम होता है, तो इसके लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार मानकर उन पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की मजबूती पर जोर सम्मेलन के अंत में उन्होंने सभी साथियों से अपील की कि वे अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए संगठन के साथ एकजुट रहें। उनका कहना था कि एकता के दम पर ही प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखी जा सकती है।
Ex-Army Chief Naravane Now Focused on Fiction Writing

पुणे2 मिनट पहले कॉपी लिंक पुणे में नरवणे ने उपन्यास ‘द कैंटोनमेंट कॉन्स्पिरेसी’ के साइन किए। पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि वह अब सिर्फ फिक्शन लिखने पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा- मैं पहले भी आर्मी रिपोर्ट्स और अकादमिक जर्नल्स के लिए लिखता रहा हूं, अब मैं सिर्फ फिक्शन लिख रहा हूं। पुणे में अपने उपन्यास ‘द कंटेनमेंट कॉन्सपिरेसी:ए मिलिट्री थ्रिलर’ के बुक-साइनिंग इवेंट के दौरान शुक्रवार को नरवणे ने ANI से बात की थी। उन्होंने कहा कि मेरी एक शॉर्ट स्टोरी मैगजीन फेमिना में भी छप चुकी है। उन्होंने कहा कि मेरा पहला उपन्यास पेंग्विन हाउस इंडिया ने पब्लिश किया है। इसकी कहानी एनडीए से निकले दो युवा अफसरों के इर्द-गिर्द घूमती है। नरवणे ने अपने अनपब्लिशड मेमोयर ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं की। दरअसल, बजट सत्र पर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मेमोयर के आर्टिकल को कोट किया था। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। पुणे में बुक स्टॉल पर रखीं उपन्यास ‘द कंटेनमेंट कॉन्सपिरेसी:ए मिलिट्री थ्रिलर’ की कॉपियां। नवरणे बोले- मेमोयर लिखने का कोई इरादा नहीं था नरवणे ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका मेमोयर लिखने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने बताया कि बिपिन रावत पर एक किताब के लॉन्च में पब्लिशर से मजाक में बात हुई, जिसके बाद उन्हें किताब लिखने का ऑफर मिला और यहीं से यह सफर शुरू हुआ। नरवणे के मेमोयर ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर सियासी घमासान लोकसभा में 2-3 फरवरी को राहुल गांधी ने एक मैगजीन में छपे आर्टिकल को पढ़ने की कोशिश की थी। उन्होंने दावा किया था कि इसमें नरवणे की बुक के अंश हैं। स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद लोकसभा में हंगामा हो गया था, जिससे कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। हंगामा करने वाले आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। राहुल का दावा था कि आर्टिकल नरवणे के मेमोयर फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny) का है। इसमें 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद में सरकार की नीति पर सवाल उठाए गए हैं। राहुल ने आरोप लगाया था कि सरकार की प्रतिक्रिया में देरी हुई और बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने फैसले का जिम्मा नरवणे पर छोड़ दिया था। हालांकि ये मेमोयर अभी तक प्रकाशित नहीं हुआ है और 2023 से सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रही है। रक्षा मंत्री ने कहा था अनपब्लिश्ड किताब कोट नहीं हो सकती रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल के बयान पर आपत्ति जताई थी। कहा था कि जो किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, उसे सदन में कोट नहीं किया जा सकता क्योंकि वह ‘ऑथेंटिकेटेड’ नहीं है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यह मुद्दा गरमाया था। स्पीकर द्वारा राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के विरोध में विपक्ष स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया था, लेकिन यह ध्वनिमत से गिर गया था। कांग्रेस ने किताब के पन्ने शेयर किए, चीनी टैंक घुसपैठ के वक्त का घटनाक्रम कांग्रेस ने एक मैगजीन में पब्लिश आर्टिकल के पेज सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किए थे। इसमें पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश बुक Four Stars of Destiny के अंश हैं। इसमें 31 अगस्त 2020 को लद्दाख सीमा पर भारत-चीन के बीच बने हालात का जिक्र है। बताया जब चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में बढ़ रहे थे तब क्या हुआ? तारीख: 31 अगस्त, 2020 रात 8.15 बजे: भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी को फोन पर जानकारी मिली कि चीन की पैदल सेना के समर्थन के साथ चार चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर जाती एक खड़ी पहाड़ी पगडंडी पर आगे बढ़ रहे हैं। रात 8.15–8.30 बजे के बीच: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को जानकारी दी। चीनी टैंक कैलाश रेंज पर भारतीय ठिकानों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर एक रोशनी वाला गोला दागा, लेकिन इसका चीनी टैंकों पर कोई असर नहीं हुआ और वे आगे बढ़ते रहे। रात 8.30 बजे के बाद: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से संपर्क कर स्पष्ट निर्देश मांगे। रात 9.10 बजे: लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने फिर फोन किया। बताया गया कि चीनी टैंक अब दर्रे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर रह गए हैं। रात 9.25 बजे: सेना प्रमुख नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दोबारा फोन कर “स्पष्ट निर्देश” मांगे, लेकिन कोई फैसला नहीं मिला। इसी दौरान PLA कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन का संदेश आया, जिसमें तनाव कम करने का प्रस्ताव दिया गया—दोनों पक्ष आगे की गतिविधियां रोकें और अगले दिन सुबह 9.30 बजे स्थानीय कमांडरों की बैठक हो। रात 10.00 बजे: नरवणे ने चीनी कमांडर का प्रस्ताव रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एनएसए अजित डोभाल तक पहुंचाया। रात 10.10 बजे: नॉर्दर्न कमांड से फिर सूचना मिली कि चीनी टैंक नहीं रुके हैं और अब चोटी से सिर्फ 500 मीटर दूर हैं। जोशी ने बताया कि उन्हें रोकने का एकमात्र तरीका मीडियम आर्टिलरी से फायर खोलना है। रात 10.10 बजे –10.30 बजे के बीच: सेना मुख्यालय में विकल्पों पर चर्चा होती रही। पूरा नॉर्दर्न फ्रंट हाई अलर्ट पर रखा गया। रात 10.30 बजे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वापस फोन किया और बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। प्रधानमंत्री का निर्देश सिर्फ एक वाक्य में था- जो उचित समझो, वो करो।नरवणे ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। मोदी से सलाह ली गई थी। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन उन्होंने फैसला लेने से मना कर दिया था। अब पूरी जिम्मेदारी मुझ पर थी।’ नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे नरवणे 2019 से 2022 तक सेना प्रमुख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिस्टरेचर फेस्टिवल में बताया था कि उन्होंने अपनी किताब पेंगुइन पब्लिशर ग्रुप को छपने के लिए दे दी है। अब यह पब्लिशर्स









