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'धुरंधर द रिवेंज' में छाई हरियाणा की बहू:वकील वीना के किरदार में दिखीं, 6 साल पहले नारनौल में हुई थी शादी

'धुरंधर द रिवेंज' में छाई हरियाणा की बहू:वकील वीना के किरदार में दिखीं, 6 साल पहले नारनौल में हुई थी शादी

हरियाणा के नारनौल की बहू एक्ट्रेस भाषा सुंबली इन दिनों बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग से छाई हुई हैं। मूवी में उन्होंने रणवीर सिंह के कैरेकटर जसकीरत की एडवोकेट वीना का रोल निभाया है। कोर्ट रूम में उनके सीन की दर्शक भी जमकर सराहना कर रहे हैं। सुंबली मूल रूप से जम्मू कश्मीर की रहने वाली हैं। करीब छह साल पहले उनकी शादी नारनौल के रहने वाले एक्टर सुनील सोनी के साथ हुई थी। दोनों की मुलाकात NSD (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। परिजनों का कहना है कि दोनों ने साथ में कई स्टेज परफॉर्मेंस की। इसके बाद धीरे धीरे दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जिसके बाद दोनों ने 2016 में शादी की। भाषा सुंबली के बारे में जानिए… कई फिल्मों में किया अभिनय भाषा सुंबली ने अपने अभिनय करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया है। उन्हें सबसे अधिक पहचान वर्ष 2022 में आई फिल्म द कश्मीर फाइल्स में ‘शारदा पंडित’ की भूमिका से मिली। इसके अलावा उन्होंने छपाक (2020) में दीपिका पादुकोण के साथ काम किया, जबकि बारामूला (2025) में उन्होंने गुलनार सैयद का प्रमुख किरदार निभाया। बारामूला फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। थियेटर से जुड़ाव फिल्मों के साथ-साथ भाषा सुंबली थिएटर से भी जुड़ी रही हैं और टेलीविजन के कुछ प्रोजेक्ट्स में भी नजर आ चुकी हैं। उन्होंने मुंबई में कई बच्चों के शो किए। पति भी कई फिल्म, टीवी सीरियल में काम कर चुके भाषा के पति सुनील सोनी भी उनके साथ मुंबई शिफ्ट हो चुके हैं। वो मुंबई में एक्टिंग, डायरेक्शन का काम करते हैं। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में पति ने क्या बताया… सवाल: क्या मुंबई जाने बाद कभी नारनौल आना हुआ? सुनील सोनी: हां, हम दोनों का नारनौल से जुड़ाव है। हम पिछले साल ही 2 नवंबर को नारनौल आए थे। सवाल: घर में और कौन-कौन है? सुनील सोनी: मेरे घर में मां और मेरा एक भाई है। वहीं, दूसरे भाई चंडीगढ़ में फैमिली के साथ रहते हैं। सवाल: आपने एक्टर के तौर पर कहां-कहां काम किया? सुनील सोनी: मैंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया है। सलमान खान स्टारर फिल्म दबंग-3, इनकार में मैं काम कर चुका हूं। मेरी दो फिल्म और शूट हो चुकी है, जो आनी बाकी है। सवाल: क्या किसी टीवी शो में भी काम किया? सुनील सोनी: मैं कई बड़े शो में काम करता रहता हूं। जैसे इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज, सबसे बड़ा कलाकार, इंडियाज गॉट टैलेंट और आईपीएल में भी काम कर चुका हूं। सवाल: भाषा सुंबली को ‘धुरंधर द रिवेंज’ फिल्म कैसे मिली? सुनील सोनी: फिल्म की कास्टिंग टैलेंट बेस्ड है। उन्होंने पहले भी दिपिका पादुकोण के साथ छपाक, द कश्मीर फाइल्स, बारामूला में काम किया है। सुंबली के परिवार के बारे में जानिए…

Punjab Minister Officer Suicide FIR

Punjab Minister Officer Suicide FIR

वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा, थाने के बाहर इकट्‌ठे हुए लोग और लालजीत भुल्लर। पंजाब में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड के आरोप में अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और निजी सचिव (PA) दिलबाग सिंह के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। . तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाने, 351(3)- जानलेवा धमकी और 3(5) – जुर्म में साथ देने की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर आधी रात को यह केस दर्ज किया। पत्नी ने कहा कि भुल्लर ने उन्हें धमकाया कि गैंगस्टर मेरे पाले हुए हैं। तेरे परिवार को खत्म करने के लिए एक इशारा ही काफी है। अगर तू मेरे नियमों को नहीं मान सकता तो तुझे जिंदा रहने का हक नहीं, तू जहर खा ले। इसके बाद पति ने सुसाइड कर लिया। रंधावा ने शनिवार (21 मार्च) की सुबह सुसाइड किया था। इसके बाद AAP सरकार ने भुल्लर से तुरंत इस्तीफा लेकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। मगर, परिवार के FIR पर अड़ने और विरोधियों के एकजुट होने के बाद केस दर्ज करना पड़ा। इस मामले में अब विरोधी दल भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा संयुक्त रूप से आज (22 मार्च) चंडीगढ़ में CM आवास का घेराव करेंगे। इसमें मृतक अफसर का परिवार भी उनके साथ होगा। परिवार और उनके समर्थकों ने CM भगवंत मान समेत सभी AAP नेताओं को चेतावनी दी है कि वह परिवार से मिलने या घर आने की कोशिश न करें, अन्यथा किसी भी अनहोनी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होंगे। शनिवार को डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा ने जहर खा लिया था। इसके बाद 12 सेकेंड की वीडियो रिकॉर्ड कर कहा- ‘खा लई सल्फास तुहाडे यार ने, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर दे डर तों, हुण नहीं बचदा’ (आपके दोस्त ने मंत्री लालजीत भुल्लर के डर से जहर खा लिया है। अब नहीं बचूंगा)। रंधावा ने दोस्तों को ये वीडियो भेजा। वह तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। गगनदीप सिंह रंधावा को प्राइवेट अस्पताल में लाया गया था। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। जानिए, पत्नी ने FIR दर्ज करवाते हुए क्या बयान लिखवाए… अक्टूबर 2025 में टेंडर निकले, मंत्री ने पिता के नाम पर भरे मृतक अफसर गगनदीप रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर (45) ने बताया कि वह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अजनाला रोड, अमृतसर में बतौर साइंस टीचर तैनात हैं। मेरी शादी 2007 में गगनदीप सिंह रंधावा के साथ हुई। हमारे 3 बच्चे हैं, जिसमें दो लड़कियां व एक लड़का है। मेरे पति गगनदीप सिंह रंधावा पंजाब राज्य गोदाम निगम में जिला मैनेजर के पद पर नियुक्त थे। मेरे पति के पास अमृतसर, तरनतारन जिलों का चार्ज भी था। पंजाब स्टेट गोदाम निगम की तरफ से अलग-अलग जिलों में नए गोदाम बनाने के लिए टेंडर पिछले साल अक्तूबर 2025 में निकाले गए थे। टेंडरों के लिए मंजूरी चंडीगढ़ से मिलनी थी। मंत्री ने पिता के नाम पर टेंडर भरे थे पत्नी उपिंदर ने बताया कि इस संबंधी फूड काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने इन टेंडरों को अपने तय नियमों मुताबिक पास करना होता है। पट्टी व भिखीविंड के इलाके तरनतारन जिले में आते हैं। यहीं के पट्टी विधानसभा सीट से मंत्री लालजीत भुल्लर MLA हैं। उन्होंने अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम से उपरोक्त स्थानों पर गोदामों का निर्माण हासिल करने के लिए टेंडर भरा हुआ। टेंडर मंजूर नहीं तो खामियाजा परिवार भुगतेगा उपिंदर कौर ने बताया- मेरे पति पर मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर दबाव बना रहा था कि हर हाल में टेंडर उसके पिता के नाम पर मंजूर होने चाहिए, जिसका जिक्र मेरे पति ने पिछले समय में मेरे साथ कई बार किया। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उसके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर, ट्रांसपोर्ट मंत्री के पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा लगातार मेरे पति को धमकियां दे रहे थे। वह कह रहे थे कि अगर टेंडर ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पिता सुखदेव भुल्लर के नाम पर मंजूर न हुए, तो इसका खामियाजा तुझे व तेरे बच्चों को बुरी तरह भुगतना पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मेरे पति को धमकाते हुए कई बार कहा कि मुझे यह भी पता है कि तेरे बच्चे कहां-कहां पढ़ते हैं और तेरी पत्नी कहां नौकरी करती है। मेरा पति लगातार पड़ रहे दबाव के कारण घर आकर रोते हुए सारी बातें बताते थे। वह बताते थे कि वह नियमों के बाहर जाकर किसी की मदद नहीं कर सकता, क्योंकि टेंडरों की सारी प्रक्रिया बिल्कुल पारदर्शी व ऑनलाइन होती है। जिस कारण टेंडर सुखदेव भुल्लर की जगह किसी और को जारी हो गए। मंत्री ने धमकाया- जितने भी गैंगस्टर हैं, मेरे पाले हुए टेंडर न मिलने के बाद मंत्री व उसके पिता ने मेरे पति को बहुत बुरी तरह से बेइज्जत व परेशान करना शुरू कर दिया। मंत्री मेरे पति को व्हाट्सएप कॉल्स करके धमकाने लगा। तू उक्त टेंडर कैंसिल कर मेरे पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर जारी कर, नहीं तो तुझे, मेरे बच्चों, पूरे परिवार को जान से मरवा दूंगा। तुझे नहीं पता, जितने भी गैंगस्टर हैं, मेरे ही पाले हुए हैं। तुझे व तेरे परिवार को मरवाने के लिए एक इशारा ही काफी है। पति ने कई बार मंत्री को समझाया कि टेंडर कैंसिल कर अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर जारी करने का अधिकार उनके पास नहीं है। उपिंदर ने कहा कि मेरे पति ने मुझे यह भी बताया था कि ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मुझे धमकियां देते हुए बार-बार यह कहा कि अगर मेरे कहने पर टेंडर कैंसिल करके मेरे पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर जारी नहीं किए, तो तुझे व तेरे परिवार को मार देना है, या तू खुद जहर खा ले। मेरे नियमों का न मानकर तू जिंदा नहीं रह सकता है। मंत्री व उसके पिता ने जलील किया और मारा 13 मार्च को मंत्री ने मेरे पति को अपने घर बुलाया, जहां पर मंत्री का पिता, पीए व दो से चार और लोग मौजूद थे।

Navratri Fasting Health Tips; Diet Plan Mistakes Avoid

Navratri Fasting Health Tips; Diet Plan Mistakes Avoid

Hindi News Lifestyle Navratri Fasting Health Tips; Diet Plan Mistakes Avoid | Vrat Food Nutrition Value 3 घंटे पहले कॉपी लिंक नवरात्रि ‘शक्ति’ की उपासना का त्योहार है। ये 9 दिनों तक चलता है। नवरात्रि व्रत में कई लोग श्रद्धा और उत्साह में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। इस दौरान पूरे दिन भूखे रहने और फिर शाम को तला-भुना फलाहार लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ सकता है। इससे न केवल वजन बढ़ता है, बल्कि एसिडिटी, कमजोरी और लो-बीपी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि सही प्लानिंग से व्रत रखने पर आध्यात्मिक शांति के साथ वेट लॉस और बॉडी डिटॉक्स में भी मदद मिलती है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज जानेंगे कि नवरात्रि व्रत में सेहतमंद कैसे रहें। साथ ही जानेंगे कि- इस दौरान किन गलतियों से बचना चाहिए? नवरात्रि व्रत में क्या खाएं-पिएं? एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’ सवाल- व्रत में एनर्जेटिक रहने के लिए क्या करें? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, पॉइंटर्स से समझिए- व्रत की थाली में प्रोटीन (पनीर, दही) और फाइबर (सेब, खीरा) की मात्रा बढ़ाएं। इससे सैटायटी हॉर्मोन (संतुष्टि का हॉर्मोन) रिलीज होता है। कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (कुट्टू, राजगिरा का आटा) लें, ये धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज करते हैं, जिससे देर तक स्टैमिना बना रहता है। नारियल पानी या छाछ लें, ये हाइड्रेशन में सपोर्ट करते हैं। नियमित हल्की एक्सरसाइज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन और बॉडी में ऑक्सीजन लेवल मेंटेंन रहता है। ताजे फल खाएं, इसमें मौजूद माइक्रोन्यूट्रिएंट्स न्यूरोलॉजिकल फंक्शन को सपोर्ट करते हैं। इससे बॉडी में एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा। सवाल- व्रत में अच्छी हेल्थ के लिए किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इसके लिए दो मील के बीच लंबा गैप न रखें, छोटे-छोटे अंतराल पर हल्का फलाहार लें। पोर्शन कंट्रोल रखें, ओवरईटिंग से बचें। व्रत में और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर व्रत के दौरान ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो क्या करें? जवाब- अगर कमजोरी महसूस हो तो- कुछ देर आराम करें, कहीं बैठ जाएं, ताकि चक्कर आने पर गिरने का जोखिम न हो। फल, दही या क्विक एनर्जी देने वाले फूड्स लें। इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए नारियल पानी या नींबू पानी लें। लंबे समय से भूखे हैं तो हल्का, सुपाच्य फलाहार लें। हल्की वॉक या डीप ब्रीदिंग करें। अगर लगातार कमजोरी, घबराहट महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लें। सवाल- व्रत के दौरान हेल्थ से जुड़ी कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- व्रत के दौरान खानपान और रूटीन की छोटी-छोटी गलतियां भी शरीर पर भारी पड़ सकती हैं। ग्राफिक में देखिए, इससे होने वाली सभी कॉमन समस्याएं- सवाल- व्रत में ज्यादा फ्राइड फूड खाना क्यों नुकसानदायक है? जवाब- डीप फ्राई करने से फूड में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बढ़ सकती है। इससे ये नुकसान हो सकते हैं- हाई-फैट डाइट को पचाने में ज्यादा मेहनत और समय लगता है, जिससे भारीपन महसूस हो सकता है। डीप फ्राई फूड में फ्री रेडिकल्स हो सकते हैं, जिससे ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है। फ्राइड स्नैक्स में कैलोरी डेंसिटी ज्यादा होती है, जिससे एनर्जी इंबैलेंस हो सकती है। इससे लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रोल) और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। सवाल- व्रत के दौरान कमजोरी या लो BP के क्या संकेत हैं? जवाब- व्रत के दौरान खाने में लंबा गैप रखने, कम लिक्विड लेने से कुछ लोगों में लो ब्लड प्रेशर या कमजोरी के लक्षण दिख सकते हैं। इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता। ग्राफिक में देखिए सभी रिस्क- सवाल- व्रत में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कितना पानी पीना चाहिए? जवाब- सामान्य दिनों की तुलना में व्रत के दौरान पानी की जरूरत बढ़ सकती है, क्योंकि व्रत की डाइट अलग होती है। इन दिनों मौसम थोड़ा गर्म है, ऐसे में पसीना या फिजिकल एक्टिविटी बढ़ने पर पानी की जरूरत भी बढ़ सकती है। एक बार में ज्यादा पानी पीने की बजाय दिनभर सिप-सिप करके पीना बेहतर रहता है। मुंह सूखना, सिर भारी लगना या थकान डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। तरबूज, खीरा जैसे वाटर-रिच फूड्स भी फ्लूड बैलेंस में मदद करते हैं। बहुत कम फ्लूइड लेने से ब्लड प्रेशर लो हो सकता है। सवाल- क्या सिर्फ सादा पानी काफी है या इलेक्ट्रोलाइट्स भी जरूरी हैं? जवाब- पानी शरीर का फ्लूइड लेवल बनाए रखता है, लेकिन मिनरल बैलेंस भी जरूरी होता है। सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम कोशिकाओं के बीच सिग्नल ट्रांसमिशन में मदद करते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का जोखिम बढ़ सकता है। नारियल पानी या हल्का नमक-नींबू घोल इस कमी को संतुलित कर सकता है। इलेक्ट्रोलाइट्स मसल क्रैम्प और अचानक थकान से बचाव में सहायक होते हैं। बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड ड्रिंक्स लेने से ग्लूकोज स्पाइक हो सकता है। सवाल- नवरात्रि व्रत के दौरान लोग अक्सर क्या गलतियां करते हैं? जवाब- नवरात्रि व्रत में लोग कुछ कॉमन गलतियां करते हैं- लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ ज्यादा खाना। फ्राइड स्नैक्स और हाई-कैलोरी मिठाइयां ज्यादा खाना। कम पानी पीना या सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीना। ज्यादा चाय-कॉफी लेना। व्रत की थाली में प्रोटीन और फाइबर न रखना। नींद पूरी न करना। सभी कॉमन गलतियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- व्रत के दौरान काम और रेस्ट का शेड्यूल कैसा होना चाहिए? जवाब- दिन की शुरुआत हल्के कामों से करें, ताकि शुरुआती ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो सके। हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज या हैवी फिजिकल एक्टिविटी को सीमित रखना बेहतर रहता है। ब्रेन-इंटेंसिव काम करते समय छोटे छोटे-छोटे ब्रेक लेने से फोकस बना रहता है। दोपहर में 15-20 मिनट का शॉर्ट रेस्ट न्यूरो-मस्कुलर रिकवरी में मदद करता है। स्क्रीन टाइम ज्यादा होने से थकान और डिहाइड्रेशन महसूस हो सकता है। सवाल- किन लोगों को नवरात्रि व्रत में खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- कुछ लोगों को नवरात्रि व्रत में खास सावधानी बरतनी चाहिए- टाइप-2 डायबिटिक लोगों में ग्लाइसेमिक कंट्रोल बिगड़ने का रिस्क होता है। हाइपरटेंशन मरीजों में सोडियम-फ्लूइड असंतुलन से BP में उतार-चढ़ाव हो सकता है। थायरॉइड या हाॅर्मोनल डिसऑर्डर में मेटाबॉलिक रेट प्रभावित हो सकता है। गैस्ट्रिक अल्सर या एसिडिटी वालों में लंबे गैप से लक्षण बढ़ सकते हैं। एथलीट या बहुत एक्टिव लोगों को अतिरिक्त कैलोरी और मिनरल्स की जरूरत

FASTag Annual Recharge Scam; NHAI Farzi Google Ads

FASTag Annual Recharge Scam; NHAI Farzi Google Ads

48 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक डिजिटल टोल सिस्टम ने नेशनल हाइवे पर सफर को आसान बनाया है। लेकिन साइबर ठग अब इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। इसके चलते बीते कुछ दिनों में FASTag (फास्टैग) रीचार्ज और एनुअल पास के नाम पर ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं। स्कैमर्स NHAI (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के नाम व लोगो का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया और गूगल पर फर्जी विज्ञापन चलाते हैं। इस पर क्लिक करने से फर्जी वेबसाइट खुलती है। ये वेबसाइट इस तरह डिजाइन की जाती हैं कि ओरिजिनल वेबसाइट जैसी ही लगती हैं, इसलिए लोग इसके झांसे में आ जाते हैं। इस खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट के जरिए लोगों को सतर्क किया है। साथ ही इससे बचने के कुछ जरूरी तरीके भी शेयर किए हैं। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम ‘फास्टैग स्कैम’ के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- साइबर ठग फास्टैग के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? इस तरह की ऑनलाइन ठगी से खुद को कैसे सुरक्षित रखें? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ’फास्टैग स्कैम’ क्या है? जवाब- यह एक ऑनलाइन ठगी है, जिसमें साइबर अपराधी फास्टैग रीचार्ज या एनुअल पास पर भारी छूट का लालच देकर लोगों को फर्जी वेबसाइट या लिंक पर ले जाते हैं। इसके जरिए पैसे ठग लेते हैं। स्कैमर फास्टैग रीचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड के बहाने इस स्कैम में लोगों को फंसाते हैं। सवाल- साइबर ठग फास्टैग के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- इसके लिए साइबर ठग NHAI के नाम और लोगो का दुरुपयोग करते हैं, जिससे वेबसाइट रियल दिखती है। जैसे ही यूजर फर्जी वेबसाइट पर वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और पेमेंट डिटेल दर्ज करता है, पैसे ठगों के खाते में चले जाते हैं और रीचार्ज भी नहीं होता। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए- सवाल- लोग कैसे इतनी आसानी से ‘फास्टैग स्कैम’ के झांसे में फंस जाते हैं? जवाब- इसके कई कारण हैं- अवेयरनेस की कमी। डिस्काउंट का लालच। बिना जांचे लिंक पर क्लिक करना। बिना वेरिफिकेशन के भुगतान करना। गूगल सर्च पर दिख रही हर चीज को सही मानना। सवाल- फास्टैग रीचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड में लापरवाही करने पर क्या नुकसान हो सकते हैं? जवाब- फास्टैग से जुड़ी सर्विसेज में छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसके सभी रिस्क नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- फास्टैग स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- फास्टैग से जुड़े किसी भी काम के लिए आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें। गूगल सर्च में ऊपर दिखने वाले हर लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी अनरियल डिस्काउंट से सावधान रहें। साथ ही कुछ और बातों का भी ध्यान रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- फास्टैग रीचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड का सही तरीका क्या है? जवाब- फास्टैग से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑथराइज्ड बैंक या आधिकारिक एप/वेबसाइट के माध्यम से ही करें। नीचे एक्टिवेशन, रीचार्ज और रिफंड के सही और सुरक्षित तरीके बताए गए हैं- एक्टिवेशन फास्टैग इश्यूअर (जारीकर्ता) बैंक या ऑथराइज्ड आधिकारिक एप/वेबसाइट से ही एक्टिवेट करें। एप में ‘Activate FASTag’ विकल्प चुनकर वाहन की डिटेल्स दर्ज करें। ‘न्यू टैग‘ पर मौजूद QR कोड को एप से स्कैन करके भी एक्टिवेशन किया जा सकता है। ऑफलाइन विकल्प के लिए बैंक शाखा या ऑथराइज्ड POS (पॉइंट ऑफ सेल) पर वाहन के जरूरी दस्तावेज जमा करें। रीचार्ज ऑथराइज्ड मोबाइल एप या वेबसाइट से सीधे रीचार्ज करें। इश्यूअर बैंक की नेटबैंकिंग सुविधा से भी रीचार्ज कर सकते हैं। गूगल पर दिख रहे अनजान लिंक से रीचार्ज न करें। रिफंड रिफंड के लिए तुरंत अपने इश्यूअर बैंक के कस्टमर केयर में शिकायत दर्ज कराएं। आमतौर पर 3–10 वर्किंग-डे में पैसा वापस आ जाता है। फास्टैग बंद करना हो तो बैंक पोर्टल/एप पर ‘Close Account‘ या ‘Refund Request‘ ऑप्शन से आवेदन करें। रिफंड के लिए किसी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर बैंक डिटेल शेयर न करें। सवाल- अगर फास्टैग स्कैम का शिकार हो जाएं तुरंत तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ एक्शन लें- सबसे पहले अपने बैंक या जिस पेमेंट एप से भुगतान किया है, उससे तुरंत संपर्क करें और संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ब्लॉक करवाएं। साथ ही नेटबैंकिंग का पासवर्ड, UPI पिन और अन्य लॉगिन डिटेल तुरंत बदल दें, ताकि आगे कोई अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन न हो सके। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। अगर ठगी फर्जी कॉल, SMS या नकली वेबसाइट के माध्यम से हुई है, तो उसकी जानकारी sancharsaathi.gov.in पर शेयर करें। यहां संदिग्ध नंबर, मैसेज या लिंक की रिपोर्ट की जा सकती है। याद रखें, जितनी जल्दी कार्रवाई करेंगे, रकम वापस मिलने और दोषियों तक पहुंचने की संभावना उतनी अधिक होगी। ……………………….. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- रिफंड के नाम पर 80,000 का चूना: जानें क्या है ये स्कैम, लोग क्यों होते शिकार, कैसे बचें, फर्जी नंबर कैसे पहचानें आजकल रिफंड के नाम पर स्कैम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Iran Claims F-35 Shot Down by Majid Air Defense System – Stealth Jet Weakness Exposed

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तेहरान32 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान ने 19 मार्च को दुनिया के सबसे एडवांस अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को गिराने का दावा किया। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने स्वदेशी ‘माजिद’ एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए इसे मार गिराया। अगर यह सच है तो ईरान पहला ऐसा देश होगा जो ऐसा कर पाया है। F-35 फाइटर जेट को करीब दो दशकों से अमेरिकी सैन्य ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता रहा है। यह सबसे प्रीमियम फाइटर जेट है, जिसे खास तौर पर इस तरह बनाया गया है कि वह दुनिया के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम में भी बिना पकड़े घुसकर हमला कर सके। ईरान का दावा है कि उसने इस ‘अदृश्य’ माने जाने वाले जेट की कमजोरी पकड़ ली है। माजिद डिफेंस सिस्टम ने F-35 से निकली इंफ्रारेड यानी गर्मी को पकड़कर उसे निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि F-35 भले ही रडार से बचने में सक्षम हो, लेकिन उसके इंजन से निकलने वाली गर्मी को पूरी तरह छुपाया नहीं जा सकता। वहीं, अमेरिकी वेबसाइट CNN ने भी सूत्रों के हवाले से बताया था कि ईरान के हमलों की वजह से F-35 को मिडिल ईस्ट में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 19 मार्च को F-35 पर हुए हमले का फुटेज जारी किया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। दावा- सिर्फ 1 मिसाइल से गिराया F-35 ईरानी मीडिया के मुताबिक पहले यह माना जा रहा था कि F-35 को गिराने में ‘तलाश’ एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल हुआ है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि माजिद शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम ने ही F35 को गिराया है। माजिद डिफेंस सिस्टम रडार की बजाय इंफ्रारेड तकनीक पर काम करता है। ऐसे में F-35 के अंदर जो सेंसर और चेतावनी सिस्टम लगे होते हैं, वे इस खतरे को आसानी से पहचान नहीं पाते। F-35 के पास जो इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं, वे आम तौर पर दुश्मन के रडार सिग्नल को जाम कर देते हैं। लेकिन यहां यह पूरी तरह बेकार साबित हुए। ईरान की ओर से जारी वीडियो के मुताबिक, इस हमले में सिर्फ एक मिसाइल ही काफी रही। इससे यह दिखाने की कोशिश की गई कि सिस्टम कितना सटीक है और F-35 की गर्मी वाली कमजोरी कितनी बड़ी है। माजिद एयर डिफेंस 6km दूरी तक निशाना लगा सकता है माजिद एयर डिफेंस सिस्टम को ईरान ने 2021 में पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखाया था। इसे खास तौर पर नजदीकी दूरी की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह रडार पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि इंफ्रारेड तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसी वजह से ऐसे विमान जो रडार से बचने के लिए डिजाइन किए गए हैं, वे भी इसकी नजर से बच नहीं पाते। माजिद सिस्टम आम तौर पर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट को पकड़ने के लिए बनाया गया है। इसकी मार करने की दूरी करीब 700 मीटर से लेकर 6 किलोमीटर तक मानी जाती है। इस वजह से यह उन हालात में ज्यादा कारगर होता है, जहां दुश्मन के विमान या ड्रोन को किसी खास इलाके के ऊपर आना पड़ता है। इसे ‘पॉइंट डिफेंस’ सिस्टम कहा जाता है, यानी यह एयरबेस, सैन्य ठिकानों, रडार स्टेशन या किसी महत्वपूर्ण इमारत जैसी जगहों की सीधी सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है। यह सिस्टम आमतौर पर मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया जाता है, यानी इसे जरूरत के हिसाब से एक जगह से दूसरी जगह जल्दी शिफ्ट किया जा सकता है। इससे दुश्मन के लिए इसकी सही लोकेशन पता लगाना मुश्किल हो जाता है। रडार सिस्टम बंद कर अमेरिका को धोखे में रखा ईरान के मुताबिक वे पहले से ही इस तरह की स्थिति के लिए तैयारी कर रहे थे। मसलन कब क्या करना है, कौन सा सिस्टम इस्तेमाल करना है, दुश्मन को कैसे धोखा देना है। ये सब पहले से तय था। बताया गया है कि 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने पहला हमला शुरू किया, तब ईरान ने जानबूझकर अपने असली रडार सिस्टम को बंद कर दिया और उन्हें सुरक्षित जगहों पर छिपा दिया। उनकी जगह नकली रडार सिस्टम लगा दिए गए। ये साधारण नकली ढांचे नहीं थे, बल्कि ऐसे डिकॉय थे जो असली रडार जैसी ही सिग्नल भेजते थे। हर एक डिकॉय बनाने में करीब 10 हजार डॉलर तक खर्च आता है। अमेरिका और इजराइल के ड्रोन, जो कैमरा और इंफ्रारेड सेंसर से नुकसान का आकलन करते हैं, उन्हें लगा कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है। इन नकली ठिकानों के नष्ट होने और असली रडार के बंद रहने से अमेरिका और इजराइल को यह भरोसा हो गया कि ईरान का एयर डिफेंस पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसी आधार पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड और इजराइली वायुसेना ने यह मान लिया कि अब उन्हें बढ़त मिल गई है। यहां तक कि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 19 मार्च की सुबह दावा भी किया कि ईरान की हवाई सुरक्षा को खत्म कर दिया गया है। लेकिन यही सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इस भरोसे में आकर अमेरिका और इजराइल ने अपने सबसे एडवांस फाइटर जेट, जैसे F-35 को ईरान के अंदर गहराई तक भेजना शुरू कर दिया। 10 दिन बाद असली रडार सिस्टम स्टार्ट किए दूसरी तरफ, ईरान ने चुपचाप अपने असली रडार सिस्टम फिर से चालू कर दिए और माजिद जैसे इंफ्रारेड सिस्टम को उन जगहों पर तैनात कर दिया, जहां से अमेरिका-इजराइल के फाइटर जेट्स आने की संभावना थी। जैसे ही F-35 उस इलाके में पहुंचा, उसे कोई कमजोर या बंद पड़ा डिफेंस सिस्टम नहीं मिला। बल्कि उसे पूरी तरह तैयार और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम का सामना करना पड़ा, जो पहले से ही उसी मौके का इंतजार कर रहा था। नोट- यह पूरी जानकारी ईरान के दावों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सिंगापुर में एक बेस पर तैनात F-35B फाइटर जेट्स। तस्वीर जून 2025 की है। दुनियाभर में F-35 की छवि पर सवाल ईरान के F-35 गिराने के दावे ने दुनियाभर की सेनाओं और

Iran Claims F-35 Shot Down by Majid Air Defense System – Stealth Jet Weakness Exposed

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तेहरान2 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान ने 19 मार्च को दुनिया के सबसे एडवांस अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को गिराने का दावा किया। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने स्वदेशी ‘माजिद’ एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए इसे मार गिराया। अगर यह सच है तो ईरान पहला ऐसा देश होगा जो ऐसा कर पाया है। F-35 फाइटर जेट को करीब दो दशकों से अमेरिकी सैन्य ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता रहा है। यह सबसे प्रीमियम फाइटर जेट है, जिसे खास तौर पर इस तरह बनाया गया है कि वह दुनिया के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम में भी बिना पकड़े घुसकर हमला कर सके। ईरान का दावा है कि उसने इस ‘अदृश्य’ माने जाने वाले जेट की कमजोरी पकड़ ली है। माजिद डिफेंस सिस्टम ने F-35 से निकली इंफ्रारेड यानी गर्मी को पकड़कर उसे निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि F-35 भले ही रडार से बचने में सक्षम हो, लेकिन उसके इंजन से निकलने वाली गर्मी को पूरी तरह छुपाया नहीं जा सकता। वहीं, अमेरिकी वेबसाइट CNN ने भी सूत्रों के हवाले से बताया था कि ईरान के हमलों की वजह से F-35 को मिडिल ईस्ट में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 19 मार्च को F-35 पर हुए हमले का फुटेज जारी किया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। दावा- सिर्फ 1 मिसाइल से गिराया F-35 ईरानी मीडिया के मुताबिक पहले यह माना जा रहा था कि F-35 को गिराने में ‘तलाश’ एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल हुआ है। लेकिन अब कहा जा रहा है कि माजिद शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम ने ही F35 को गिराया है। माजिद डिफेंस सिस्टम रडार की बजाय इंफ्रारेड तकनीक पर काम करता है। ऐसे में F-35 के अंदर जो सेंसर और चेतावनी सिस्टम लगे होते हैं, वे इस खतरे को आसानी से पहचान नहीं पाते। F-35 के पास जो इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं, वे आम तौर पर दुश्मन के रडार सिग्नल को जाम कर देते हैं। लेकिन यहां यह पूरी तरह बेकार साबित हुए। ईरान की ओर से जारी वीडियो के मुताबिक, इस हमले में सिर्फ एक मिसाइल ही काफी रही। इससे यह दिखाने की कोशिश की गई कि सिस्टम कितना सटीक है और F-35 की गर्मी वाली कमजोरी कितनी बड़ी है। माजिद एयर डिफेंस 6km दूरी तक निशाना लगा सकता है माजिद एयर डिफेंस सिस्टम को ईरान ने 2021 में पहली बार सार्वजनिक तौर पर दिखाया था। इसे खास तौर पर नजदीकी दूरी की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह रडार पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि इंफ्रारेड तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसी वजह से ऐसे विमान जो रडार से बचने के लिए डिजाइन किए गए हैं, वे भी इसकी नजर से बच नहीं पाते। माजिद सिस्टम आम तौर पर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट को पकड़ने के लिए बनाया गया है। इसकी मार करने की दूरी करीब 700 मीटर से लेकर 6 किलोमीटर तक मानी जाती है। इस वजह से यह उन हालात में ज्यादा कारगर होता है, जहां दुश्मन के विमान या ड्रोन को किसी खास इलाके के ऊपर आना पड़ता है। इसे ‘पॉइंट डिफेंस’ सिस्टम कहा जाता है, यानी यह एयरबेस, सैन्य ठिकानों, रडार स्टेशन या किसी महत्वपूर्ण इमारत जैसी जगहों की सीधी सुरक्षा के लिए तैनात किया जाता है। यह सिस्टम आमतौर पर मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया जाता है, यानी इसे जरूरत के हिसाब से एक जगह से दूसरी जगह जल्दी शिफ्ट किया जा सकता है। इससे दुश्मन के लिए इसकी सही लोकेशन पता लगाना मुश्किल हो जाता है। रडार सिस्टम बंद कर अमेरिका को धोखे में रखा ईरान के मुताबिक वे पहले से ही इस तरह की स्थिति के लिए तैयारी कर रहे थे। मसलन कब क्या करना है, कौन सा सिस्टम इस्तेमाल करना है, दुश्मन को कैसे धोखा देना है। ये सब पहले से तय था। बताया गया है कि 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने पहला हमला शुरू किया, तब ईरान ने जानबूझकर अपने असली रडार सिस्टम को बंद कर दिया और उन्हें सुरक्षित जगहों पर छिपा दिया। उनकी जगह नकली रडार सिस्टम लगा दिए गए। ये साधारण नकली ढांचे नहीं थे, बल्कि ऐसे डिकॉय थे जो असली रडार जैसी ही सिग्नल भेजते थे। हर एक डिकॉय बनाने में करीब 10 हजार डॉलर तक खर्च आता है। अमेरिका और इजराइल के ड्रोन, जो कैमरा और इंफ्रारेड सेंसर से नुकसान का आकलन करते हैं, उन्हें लगा कि उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया है। इन नकली ठिकानों के नष्ट होने और असली रडार के बंद रहने से अमेरिका और इजराइल को यह भरोसा हो गया कि ईरान का एयर डिफेंस पूरी तरह खत्म हो चुका है। इसी आधार पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड और इजराइली वायुसेना ने यह मान लिया कि अब उन्हें बढ़त मिल गई है। यहां तक कि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 19 मार्च की सुबह दावा भी किया कि ईरान की हवाई सुरक्षा को खत्म कर दिया गया है। लेकिन यही सबसे बड़ी गलती साबित हुई। इस भरोसे में आकर अमेरिका और इजराइल ने अपने सबसे एडवांस फाइटर जेट, जैसे F-35 को ईरान के अंदर गहराई तक भेजना शुरू कर दिया। 10 दिन बाद असली रडार सिस्टम स्टार्ट किए दूसरी तरफ, ईरान ने चुपचाप अपने असली रडार सिस्टम फिर से चालू कर दिए और माजिद जैसे इंफ्रारेड सिस्टम को उन जगहों पर तैनात कर दिया, जहां से अमेरिका-इजराइल के फाइटर जेट्स आने की संभावना थी। जैसे ही F-35 उस इलाके में पहुंचा, उसे कोई कमजोर या बंद पड़ा डिफेंस सिस्टम नहीं मिला। बल्कि उसे पूरी तरह तैयार और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम का सामना करना पड़ा, जो पहले से ही उसी मौके का इंतजार कर रहा था। नोट- यह पूरी जानकारी ईरान के दावों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सिंगापुर में एक बेस पर तैनात F-35B फाइटर जेट्स। तस्वीर जून 2025 की है। दुनियाभर में F-35 की छवि पर सवाल ईरान के F-35 गिराने के दावे ने दुनियाभर की सेनाओं और

ओलावृष्टि-बारिश से रबी फसलें गिरीं, कांग्रेस ने मांगा मुआवजा

ओलावृष्टि-बारिश से रबी फसलें गिरीं, कांग्रेस ने मांगा मुआवजा

चानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से किसानों की तैयार रबी फसलें बर्बाद हो गईं। गेहूं, चना, सरसों की फसलें खेतों में गिर गईं। कई जगह बालियां टूट गईं। उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ऑडिया, मुड़रा, परसोरा, हिनोतिया, सांगूल, ढांडोन पिपारिया में ओलावृष्टि प्रभावित इलाकों का दौरा किया। किसानों से मुलाकात की। नुकसान देखा। रघुवंशी ने कहा कि कटाई के समय आई आपदा से किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं। पानी और ओलों से दाने खराब होने का खतरा बढ़ा है। फसल सड़ने की आशंका है। रघुवंशी ने प्रशासन से कहा कि फसल नुकसान का सर्वे पारदर्शी तरीके से कराया जाए। मुआवजे की राशि जल्द किसानों के खातों में पहुंचे। किसान अगली फसल की तैयारी कर सकें। मुख्यमंत्री से अपील की गई कि प्रभावित किसानों के कृषि ऋण माफ किए जाएं। केसीसी जमा करने में छूट दी जाए। फसल बीमा का लाभ शीघ्र दिया जाए। जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी सुशील शर्मा ने बताया कि 23 मार्च को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसानों को जल्द राहत देने की मांग की जाएगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीणजन मौजूद रहे।

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

Hindi News National Global Terrorism Index 2026: Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop नई दिल्ली38 मिनट पहले कॉपी लिंक AI Generated भारत में पिछले एक साल में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी दर्ज की गई है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की सूची में भारत 13वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल के मुकाबले भारत दो प्वाइंट नीचे आ गया है। इससे पहले भारत 11वें स्थान पर था। वहीं, सूची के अनुसार दक्षिण एशिया लगातार दसवें वर्ष आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। पहली बार पाकिस्तान इस लिस्ट में टॉप पर है और आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है। अफगानिस्तान में हालात में सुधार हुआ है और यह अब शीर्ष दस देशों की सूची से बाहर आ गया है। दुनियाभर में 2025 में आतंकवाद से होने वाली मौतों में 28% की कमी आई है। आतंकी हमलों की संख्या भी लगभग 22% गिरकर 2,944 हो गई है। कुल मिलाकर इस साल 81 देशों में स्थिति सुधरी है, जबकि 19 देशों में स्थिति खराब हुई। पश्चिम देशों में मौतें में 280% की बढ़ोतरी पश्चिमी देशों में आतंकवाद से होने वाली मौतों में लगभग 280% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही यूरोपियन यूनियन की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 14 ईयू देशों में कुल 58 आतंकी हमले दर्ज हुए। इनमें फ्रांस (14 हमले) और जर्मनी (6 हमले) प्रमुख रहे। इसके अलावा 20 ईयू देशों में आतंकवाद से जुड़े मामलों में 449 लोगों की गिरफ्तारी हुई। ब्रिटेन में 3000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। 6 फैक्टर प्रोपोगेंडा से युवाओं को एक हफ्ते में बना रहे कट्टरपंथी हिंसा को लेकर डर करते हैं खत्म- चरमपंथी विचारधारा को ‘कूल’ या आधुनिक बनाकर पेश करते हैं। हिंसक घटनाओं को मजाकिया मीम्स में बदल दिया जाता है, जिससे युवाओं के मन में हिंसा का डर खत्म हो जाता है । गेमिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग- डिस्कॉर्ड, ट्विच, रॉबलॉक्स और फोर्टनाइट जैसे गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अलग-थलग महसूस करने वाले किशोरों के साथ दोस्ती करते हैं और दिनों या घंटों के भीतर उनका विश्वास जीत लेते हैं। गेमिफिकेशन- आतंकवाद को एक खेल की तरह पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन समूहों में किल काउंट (मौतों की संख्या) के लिए स्कोरबोर्ड बनाए जाते हैं, जो युवाओं को हिंसा के लिए प्रेरित करते हैं। फनल रणनीति- कट्टरपंथी नेटवर्क पहले सोशल मीडिया पर युवाओं को पहचानते हैं और फिर उन्हें टेलीग्राम या सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड चैट रूम में ले जाते हैं। यहां उनका ब्रेनवॉश किया जाता है। किशोरों की संवेदनशीलता- किशोरों के मस्तिष्क का आवेग नियंत्रण के लिए जिम्मेदार हिस्सा विकसित नहीं होता। वे प्रोपेगेंडा से प्रभावित हो बिना सोचे समझे हिंसक कदम उठा लेते हैं। भर्ती का नया तरीका- अब भर्ती के लिए बड़े नेता की जरूरत नहीं पड़ती। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर युवा खुद अपने साथियों को कट्टरपंथी बना रहे हैं। ——— ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ जारी:कहा- आतंकी इंटरनेट के जरिए भर्तियां और जिहाद का महिमामंडन करते हैं गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति जारी की। इसका नाम है प्रहार- PRAHAAR। आठ पेज की इस नीति में आतंकी हमलों को रोकने पर खास जोर दिया गया है। साथ ही खतरे के मुताबिक तेज और संतुलित कार्रवाई की बात कही गई है। केंद्र ने पहले पेज पर इंट्रोडक्शन और PRAHAAR का फुल फॉर्म बताया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop

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Hindi News National Global Terrorism Index 2026: Pakistan Tops List, Afghanistan Improves, India Sees 43% Drop नई दिल्ली43 मिनट पहले कॉपी लिंक फोटो- AI जनरेटेड भारत में पिछले एक साल में आतंकी घटनाओं में 43% की कमी दर्ज की गई है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की सूची में भारत 13वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल के मुकाबले भारत दो पॉइंट नीचे आ गया है। इससे पहले भारत 11वें स्थान पर था। वहीं, सूची के अनुसार दक्षिण एशिया लगातार दसवें वर्ष आतंकवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है। पहली बार पाकिस्तान इस लिस्ट में टॉप पर है और आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया है। अफगानिस्तान में हालात में सुधार है और यह अब टॉप 10 देशों की लिस्ट से बाहर आ गया है। दुनियाभर में 2025 में आतंकवाद से होने वाली मौतों में 28% की कमी आई है। आतंकी हमलों की संख्या भी लगभग 22% गिरकर 2,944 हो गई है। कुल मिलाकर इस साल 81 देशों में स्थिति सुधरी है, जबकि 19 देशों में स्थिति खराब हुई है। पश्चिम देशों में मौतें में 280% की बढ़ोतरी पश्चिमी देशों में आतंकवाद से होने वाली मौतों में लगभग 280% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही यूरोपियन यूनियन की रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 14 यूरोपीय यूनियन (ईयू) देशों में कुल 58 आतंकी हमले दर्ज हुए। इनमें फ्रांस (14 हमले) और जर्मनी (6 हमले) प्रमुख रहे। इसके अलावा 20 ईयू देशों में आतंकवाद से जुड़े मामलों में 449 लोगों की गिरफ्तारी हुई। ब्रिटेन में 3000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। 6 फैक्टर प्रोपेगेंडा से युवाओं को एक हफ्ते में बना रहे कट्टरपंथी हिंसा को लेकर डर खत्म करते हैं- चरमपंथी विचारधारा को ‘कूल’ या आधुनिक बनाकर पेश करते हैं। हिंसक घटनाओं को मजाकिया मीम्स में बदल दिया जाता है, जिससे युवाओं के मन में हिंसा का डर खत्म हो जाता है । गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल- डिस्कॉर्ड, ट्विच, रॉबलॉक्स और फोर्टनाइट जैसे गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अलग-थलग महसूस करने वाले किशोरों के साथ दोस्ती करते हैं और दिनों या घंटों के भीतर उनका विश्वास जीत लेते हैं। गेमिफिकेशन- आतंकवाद को एक खेल की तरह पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन समूहों में किल काउंट (मौतों की संख्या) के लिए स्कोरबोर्ड बनाए जाते हैं, जो युवाओं को हिंसा के लिए प्रेरित करते हैं। फनल स्ट्रैटजी- कट्टरपंथी नेटवर्क पहले सोशल मीडिया पर युवाओं को पहचानते हैं और फिर उन्हें टेलीग्राम या सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड चैट रूम में ले जाते हैं। यहां उनका ब्रेनवॉश किया जाता है। किशोरों की संवेदनशीलता- किशोरों के मस्तिष्क का आवेग नियंत्रण के लिए जिम्मेदार हिस्सा विकसित नहीं होता। वे प्रोपेगेंडा से प्रभावित हो बिना सोचे समझे हिंसक कदम उठा लेते हैं। भर्ती का नया तरीका- अब भर्ती के लिए बड़े नेता की जरूरत नहीं पड़ती। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर युवा खुद अपने साथियों को कट्टरपंथी बना रहे हैं। ————— ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ जारी:कहा- आतंकी इंटरनेट के जरिए भर्तियां और जिहाद का महिमामंडन करते हैं गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति जारी की। इसका नाम है प्रहार- PRAHAAR। आठ पेज की इस नीति में आतंकी हमलों को रोकने पर खास जोर दिया गया है। साथ ही खतरे के मुताबिक तेज और संतुलित कार्रवाई की बात कही गई है। केंद्र ने पहले पेज पर इंट्रोडक्शन और PRAHAAR का फुल फॉर्म बताया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान के काबुल में 4.6 तीव्रता का भूकंप

वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान के काबुल में 4.6 तीव्रता का भूकंप

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के एक बयान के अनुसार, शनिवार देर रात अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 82 किलोमीटर की गहराई पर आया। इससे पहले दिन में, इसी क्षेत्र में 130 किलोमीटर की गहराई पर 4.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया था। रेड क्रॉस के अनुसार, अफगानिस्तान में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, विशेष रूप से हिंदू कुश क्षेत्र में, जो एक अत्यधिक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है। अफगानिस्तान में भूकंप का खतरा, भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में इसकी भौगोलिक स्थिति से जुड़ा है।