Sunday, 23 Aug 2026 | 08:37 PM

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गोमांस, लोकायुक्त-नई बिल्डिंग पर 'शहर सरकार' को घेरेगा विपक्ष:₹3500 करोड़ का होगा भोपाल निगम का बजट; टैक्स बढ़ाने की संभावना कम

गोमांस, लोकायुक्त-नई बिल्डिंग पर 'शहर सरकार' को घेरेगा विपक्ष:₹3500 करोड़ का होगा भोपाल निगम का बजट; टैक्स बढ़ाने की संभावना कम

भोपाल नगर निगम परिषद की मीटिंग 23 मार्च को होगी। इसमें ‘शहर सरकार’ बजट भी पेश करेगी। सूत्रों की माने तो अबकी बार बजट 3500 करोड़ रुपए का होगा। वहीं, मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। बजट मीटिंग में गोमांस, नई बिल्डिंग और लोकायुक्त की हाल ही हुई कार्रवाई का मुद्दा भी उठेगा। निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में पिछली बैठक में भी कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया था। वहीं, लिंक रोड नंबर-2 पर 40 करोड़ रुपए से बनी नई बिल्डिंग की अधूरी तैयारियों के बीच शुरुआत होने, बिल्डिंग से गिरकर एक बुजुर्ग की मौत होने का मामला भी गरमाएगा। पार्किंग का मुद्दा भी आएगा बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। अब परिषद में यह प्रस्ताव आएगा। पार्किंग को लेकर निगम ने पुलिस की भी सहमति ली है। लेगेसी वेस्ट के निपटारे का प्रस्ताव आएगा परिषद की बैठक में आदमपुर खंती लीगेसी वेस्ट के निपटान के लिए प्रस्ताव भी आएगा। दो दिन पहले एमआईसी ने इसे परिषद में लाने का निर्णय लिया था। इसमें 55.54 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निगम के 145 वाहनों को कंडम घोषित किया जाएगा निगम के अनुपयोगी 145 वाहनों को कंडम घोषित कराए जाने के संबंध में भी प्रस्ताव परिषद की बैठक में आएगा। इसे भी एमआईसी मंजूरी दे चुकी है। मेट्रो स्टेशन बने, लेकिन पार्किंग नहीं बनाई बता दें कि भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इनमें से एक भी स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए मुश्किलें झेलनी पड़ रही है। मेट्रो स्टेशनों पर सिर्फ पिक एंड ड्रॉप की व्यवस्था ही है। यानी, यात्री किसी गाड़ी से उतर और चढ़ तो रहे हैं, लेकिन वे अपने वाहन यहां खड़ा नहीं कर सकते। इस मुद्दे पर मेट्रो अफसर दो महीने से पार्किंग के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। नगर निगम ने इस समस्या का हल निकाला है। इन जगहों पर पार्किंग रहेगी सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग बनेगी। एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशन के नीचे फिलहाल को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, तीनों जगह पर दूसरी पार्किंग है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ही बड़ी पार्किंग है। मेट्रो से आने-जाने वाले यात्री यहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं। एम्स के पास मेट्रो की खुद की जमीन है। जहां पार्किंग विकसित होगी। एमपी नगर में ही निगम की एक पार्किंग है। यात्री वहां पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकेंगे।

विश्व जल दिवस पर मैनिट में ‘जल पर चर्चा’:जल प्रबंधन और समान वितरण पर विशेषज्ञ करेंगे मंथन

विश्व जल दिवस पर मैनिट में ‘जल पर चर्चा’:जल प्रबंधन और समान वितरण पर विशेषज्ञ करेंगे मंथन

भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में विश्व जल दिवस के अवसर पर 22 मार्च को ‘जल पर चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में “विकसित भारत 2047 एवं जल प्रबंधन” विषय पर विशेषज्ञ, शोधार्थी और छात्र विचार-विमर्श करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “Where Water Flows, Equality Grows” रखा गया है, जिसके तहत जल संसाधनों के समान वितरण और सतत प्रबंधन पर फोकस रहेगा। आयोजन का उद्देश्य जल संकट, भूजल गिरावट और भविष्य की चुनौतियों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है, ताकि समाज में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सके। कार्यक्रम का आयोजन मैनिट भोपाल के जनपद अभियांत्रिकी विभाग कर रहा है। इसमें जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, संरक्षण और समान वितरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जल प्रबंधन केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक समानता से भी जुड़ा हुआ है। ये रहेंगे मुख्य अतिथि और वक्ता कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्थान के निदेशक डॉ. करुणेश कुमार शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं केंद्रीय जल आयोग भोपाल के डायरेक्टर एम. डब्ल्यू. पौनिकर, डीन डॉ. आर. एन. यादव और केंद्रीय भूजल बोर्ड के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुभाष सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. एम. एस. चौहान करेंगे। छात्रों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मंच कार्यक्रम के संयोजक डॉ. एच. एल. तिवारी के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना है। इससे नई पीढ़ी को जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सकेगा। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट और असमान जल वितरण गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। ऐसे में जल संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल तक समान पहुंच सुनिश्चित होने पर ही समाज में वास्तविक समानता और सतत विकास संभव हो सकेगा। जनभागीदारी से बनेगा समाधान कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं। संस्थान के छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी से कार्यक्रम में अधिक से अधिक भागीदारी करने का आह्वान किया गया है, ताकि इस पहल को सफल बनाया जा सके।

Govt Jobs Alert | Railway 11,127 Posts, Surat Nagar Nigam 1924 Vacancies Released This Week

Govt Jobs Alert | Railway 11,127 Posts, Surat Nagar Nigam 1924 Vacancies Released This Week

Hindi News Career Govt Jobs Alert | Railway 11,127 Posts, Surat Nagar Nigam 1924 Vacancies Released This Week 8 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते देशभर के अलग-अलग विभागों में 17,682 पदों पर भर्तियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए: पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… आज की सरकारी नौकरी: IIFCL में ग्रेड ए की 37 वैकेंसी ; SSB में पैरामेडिकल की 83 भर्ती, सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी में 144 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: SSB में 1060 वैकेंसी ; UPSSSC ने 402 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन किया जारी, यूपी में स्पेशल टीचर की 58 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: रेलवे में 11,127 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; MPLRS में 770 वैकेंसी, एमपी में 1679 पदों के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर

टॉप-10 मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति:तिरुपति बालाजी दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल; प्द्मनाभस्वामी मंदिर के पास सबसे ज्यादा खजाना

टॉप-10 मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ की संपत्ति:तिरुपति बालाजी दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल; प्द्मनाभस्वामी मंदिर के पास सबसे ज्यादा खजाना

भारत के टॉप 10 सबसे अमीर मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 के मुताबिक तिरुपति बालाजी मंदिर ₹3.38 लाख करोड़ की चल-अचल संपत्ति के साथ दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल है। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड(IMF) और वर्ल्ड बैंक के डेटा के मुताबिक तिरुपति मंदिर की कुल संपत्ति साइप्रस, आइसलैंड, एस्टोनिया जैसे 100 छोटे देशों की GDP से भी ज्यादा है। यहां सामान्य और खास दिनों में औसतन ₹1 से 5 करोड़ तक का चढ़ावा आता है। इस साल 17 मार्च को एक ही​ दिन ₹4.88 करोड़ का चढ़ावा आया। इसी तरह प्राचीन खजाने के मामले में केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर सबसे अमीर है। इसकी संपत्ति का 99% हिस्सा ‘प्राचीन खजाने’ के रूप में है, जिसमें सोने की मूर्तियां, सिक्के और हीरे शामिल हैं। इसका आज बाजार मूल्य ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा है। इसे सरकार और सुप्रीम कोर्ट का संरक्षण है। तिरुपति की संपत्ति 2 साल में 35% बढ़ी टॉप-3 धर्मस्थलों की कुल संपत्ति मार्च 2024 के बाद से अब तक काफी बढ़ी है। लेकिन इसकी बड़ी वजह सोना है। उस वक्त सोना ₹65 हजार प्रति 10 ग्राम के आसपास था। आज ₹1.50 लाख है। इस तरह तिरुपति मंदिर की संपत्ति इन दो साल में 35%, पद्मनाभस्वामी की 100% तो जगन्नाथ पुरी मंदिर की करीब 50% बढ़ चुकी है। जबकि इन मंदिरों के नकद दान में कुल 10 से 12% की ही बढ़ोतरी हुई है। तिरुपति मंदिर की आय का एक बड़ा हिस्सा उन 11 टन से अधिक सोने के भंडार पर मिलने वाले ब्याज से आता है, जो देश के विभिन्न बैंकों में जमा है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ जमीन डेटा के मुताबिक पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन है। ये जमीन ओडिशा के 30 में से 24 जिलों में है। 6 राज्यों में भी मंदिर की 395 एकड़ जमीन है। मंदिर में मौजूद खजाना, जमीन और अन्य चल-अचल संपत्तियों का मूल्य ₹1.2 लाख करोड़ तक है। अयोध्या के राम मंदिर में रोज एक करोड़ रुपए से ज्यादा का दान दो वर्षों में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्म भूमि मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है। मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है। साथ ही निर्माणाधीन मंदिर की भव्य संरचना (जिसकी निर्माण लागत ही ₹1,800 करोड़ से अधिक है), इसकी कुल संपत्ति को ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार ले जाती है।

'साइको सैया’ के अनुद सिंह ढाका बोले:क्लैपरबॉय था, इरफान खान ने कहा- तुम्हें एक्टर बनना ही चाहिए

'साइको सैया’ के अनुद सिंह ढाका बोले:क्लैपरबॉय था, इरफान खान ने कहा- तुम्हें एक्टर बनना ही चाहिए

एक्टर अनुद सिंह ढाका, जो वेब सीरीज ‘साइको सैया’ में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं, ने हाल ही में अपने करियर, अनुभव और अभिनय यात्रा पर खुलकर बातचीत की। बचपन से ही एक्टिंग का शौक रखने वाले अनुद ने बताया कि कैसे मशहूर अभिनेता इरफान खान ने उन्हें पहली बार देखा और उनके अभिनय में छुपी क्षमता को देखकर कहा, ‘तुझे एक्टर बनना चाहिए।’ ‘साइको सैया’ में अपने किरदार के लिए अनुद ने मेहनत के साथ-साथ सह-कलाकारों जैसे रवि किशन, तेजस्वी प्रकाश, सुरभि चंदना और सृष्टि श्रीवास्तव के साथ काम करने के अनुभव को भी बेहद प्रेरणादायक बताया। आपकी जर्नी कैसी रही एक छोटे शहर से मुंबई तक और एक्टिंग का फैसला कैसे लिया? मैं बचपन से ही एक्टर बनना चाहता था। शीशे के सामने खड़े होकर खुद को हीरो समझता था, हालांकि आज पुरानी फोटो देखता हूं तो लगता है कि काफी गलतफहमी थी। परिवार को भी अंदाजा था कि मैं एक्टिंग की तरफ झुक रहा हूं, लेकिन मैं IIT की तैयारी भी कर रहा था और चाहता था कि मुंबई जाऊं। आखिरकार IIT नहीं हुआ, तो मैंने पढ़ाई जारी रखी और फिर 2013 में भोपाल से मुंबई आ गया। शुरुआत आसान नहीं थी न पैसे, न कोई खास सपोर्ट। कई बार जमीन पर सोकर दिन गुजारे। लेकिन एक मकसद था कि एक्टिंग ही करनी है, इसलिए कभी बैकअप प्लान नहीं रखा। मुंबई आने के बाद मैंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की, स्कॉलरशिप पर गुजारा किया और साथ-साथ समझा कि इंडस्ट्री कैसे काम करती है। धीरे-धीरे छोटे-छोटे काम, ऑडिशन और स्ट्रगल करते हुए आज यहां तक पहुंचा हूं। स्ट्रगल के दौरान ऐसा कोई मोड़ आया जिसने आपको भरोसा दिलाया कि आप सही रास्ते पर हैं? एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब मुझे फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने का मौका मिला। वहीं मेरी मुलाकात इरफान खान से हुई। मैं उस समय एडी (क्लैपर बॉय) का काम कर रहा था। एक दिन उन्होंने मुझे देखा और बिना किसी संदर्भ के बुलाकर कहा ‘मुझे लगता है तुम्हें एक्टर होना चाहिए।’ सोचिए, एक ऐसा इंसान जिसे आप आदर्श मानते हैं, वो अचानक आपसे ये कह दे तो आप हिल जाते हो। उन्होंने मजाक में ये भी कहा कि ‘एक्टर्स गधे होते हैं’, लेकिन उसी के साथ उन्होंने मुझे पुश भी किया कि मैं एक्टिंग करूं। उनकी उस एक बात ने मेरे अंदर का सारा डाउट खत्म कर दिया। उसके बाद मैंने कभी ये नहीं सोचा कि मुझे कुछ और करना चाहिए। शुरुआत में करियर कैसे आगे बढ़ा और पहले मौके कैसे मिले? शुरुआत में मैं ऑडिशन देता रहा और सर्वाइव करने के लिए अलग-अलग काम किए जैसे डिज्नी के लिए कार्टून लिखना, जिससे किराया निकलता था। फिर मुझे फिल्म Super 30 में छोटा सा रोल मिला, जिसमें मेरे किरदार का नाम भी नहीं था ‘रघुनाथ का चमचा’। लेकिन वहीं से शुरुआत हुई। उसके बाद छिछोरे मिली, जहां मैं बैकग्राउंड में था और कोशिश करता था कि स्क्रीन पर दिख जाऊं। इन छोटे-छोटे कामों से जो पैसे मिले, उनसे कुछ महीनों का गुजारा होता गया। फिर ताजमहल 1989 जैसे प्रोजेक्ट्स मिले और धीरे-धीरे पहचान बननी शुरू हुई। आपका पहला बड़ा ब्रेक क्या रहा और कब लगा कि लोग पहचानने लगे हैं? ईमानदारी से कहूं तो मुझे आज भी लगता है कि वो बड़ा ब्रेक अभी आना बाकी है। लेकिन जनहित में जारी, ताजमहल 1989 और लफंगे जैसे प्रोजेक्ट्स मेरे लिए बहुत अहम रहे। 2020 में जब मेरा काम नेटफ्लिक्स पर आया और आर्टिकल्स में मेरा नाम आने लगा, तब लगा कि शायद सही रास्ते पर हूं। फिर भी मैं इसे फाइनल मंजिल नहीं मानता अभी बहुत कुछ सीखना और करना बाकी है। ‘सईया साइको’ जैसे प्रोजेक्ट तक आप कैसे पहुंचे और आपको यह रोल कैसे मिला? यह रोल मुझे ऑडिशन के जरिए मिला। लेकिन मैंने थोड़ा अलग तरीका अपनाया। आमतौर पर जो मोनोलॉग होता है, उसे लोग ट्राइपॉड लगाकर कैमरे के सामने एक्ट करते हैं। मैंने सोचा, क्यों न कुछ अलग किया जाए। मैंने अपने फोन का फ्रंट कैमरा ऑन किया और सीधे उसमें एक्ट करके कास्टिंग डायरेक्टर को भेज दिया। मैंने कहा, ‘यह वह जोन है जहां मुझे लगता है कि यह कैरेक्टर होगा।’ पहले तो लगा शायद यह एक्सपेरिमेंट गलत पड़ गया, लेकिन अंततः उसी ऑडिशन पर मेरा सिलेक्शन हो गया। सेट पर काम करने का अनुभव कैसा रहा? आपके को‑स्टार्स और क्रू के साथ कैसा लगा? बिलकुल शानदार! रवि किशन के साथ काम करना अलग ही अनुभव था। यार, वह इतनी एनर्जी और फिनोमिनल मैन हैं। शुरुआत में थोड़ा डर लगता है क्योंकि हर कोई उनके सामने इंटिमिडेटेड लगता है, लेकिन फिर समझ आता है कि वह बस अपनी टीम को रेस्क्यू करने के लिए हैं। हंसते हैं, मजाक करते हैं, और प्रोफेशनल भी हैं। तेजस्वी प्रकाश और सुरभि चंदना के साथ शूटिंग शानदार रही। सृष्टि श्रीवास्तव के बारे में कहना चाहूंगा कि वह बहुत ग्रेसफुल और टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं। उनके साथ कभी रिटेक की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि हम दोनों परफॉर्मेंस में पूरी तरह सिंक थे।

'साइको सैया’ के अनुद सिंह ढाका बोले:क्लैपरबॉय था, इरफान खान ने कहा- तुम्हें एक्टर बनना ही चाहिए

'साइको सैया’ के अनुद सिंह ढाका बोले:क्लैपरबॉय था, इरफान खान ने कहा- तुम्हें एक्टर बनना ही चाहिए

एक्टर अनुद सिंह ढाका, जो वेब सीरीज ‘साइको सैया’ में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं, ने हाल ही में अपने करियर, अनुभव और अभिनय यात्रा पर खुलकर बातचीत की। बचपन से ही एक्टिंग का शौक रखने वाले अनुद ने बताया कि कैसे मशहूर अभिनेता इरफान खान ने उन्हें पहली बार देखा और उनके अभिनय में छुपी क्षमता को देखकर कहा, ‘तुझे एक्टर बनना चाहिए।’ ‘साइको सैया’ में अपने किरदार के लिए अनुद ने मेहनत के साथ-साथ सह-कलाकारों जैसे रवि किशन, तेजस्वी प्रकाश, सुरभि चंदना और सृष्टि श्रीवास्तव के साथ काम करने के अनुभव को भी बेहद प्रेरणादायक बताया। आपकी जर्नी कैसी रही एक छोटे शहर से मुंबई तक और एक्टिंग का फैसला कैसे लिया? मैं बचपन से ही एक्टर बनना चाहता था। शीशे के सामने खड़े होकर खुद को हीरो समझता था, हालांकि आज पुरानी फोटो देखता हूं तो लगता है कि काफी गलतफहमी थी। परिवार को भी अंदाजा था कि मैं एक्टिंग की तरफ झुक रहा हूं, लेकिन मैं IIT की तैयारी भी कर रहा था और चाहता था कि मुंबई जाऊं। आखिरकार IIT नहीं हुआ, तो मैंने पढ़ाई जारी रखी और फिर 2013 में भोपाल से मुंबई आ गया। शुरुआत आसान नहीं थी न पैसे, न कोई खास सपोर्ट। कई बार जमीन पर सोकर दिन गुजारे। लेकिन एक मकसद था कि एक्टिंग ही करनी है, इसलिए कभी बैकअप प्लान नहीं रखा। मुंबई आने के बाद मैंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की, स्कॉलरशिप पर गुजारा किया और साथ-साथ समझा कि इंडस्ट्री कैसे काम करती है। धीरे-धीरे छोटे-छोटे काम, ऑडिशन और स्ट्रगल करते हुए आज यहां तक पहुंचा हूं। स्ट्रगल के दौरान ऐसा कोई मोड़ आया जिसने आपको भरोसा दिलाया कि आप सही रास्ते पर हैं? एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब मुझे फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने का मौका मिला। वहीं मेरी मुलाकात इरफान खान से हुई। मैं उस समय एडी (क्लैपर बॉय) का काम कर रहा था। एक दिन उन्होंने मुझे देखा और बिना किसी संदर्भ के बुलाकर कहा ‘मुझे लगता है तुम्हें एक्टर होना चाहिए।’ सोचिए, एक ऐसा इंसान जिसे आप आदर्श मानते हैं, वो अचानक आपसे ये कह दे तो आप हिल जाते हो। उन्होंने मजाक में ये भी कहा कि ‘एक्टर्स गधे होते हैं’, लेकिन उसी के साथ उन्होंने मुझे पुश भी किया कि मैं एक्टिंग करूं। उनकी उस एक बात ने मेरे अंदर का सारा डाउट खत्म कर दिया। उसके बाद मैंने कभी ये नहीं सोचा कि मुझे कुछ और करना चाहिए। शुरुआत में करियर कैसे आगे बढ़ा और पहले मौके कैसे मिले? शुरुआत में मैं ऑडिशन देता रहा और सर्वाइव करने के लिए अलग-अलग काम किए जैसे डिज्नी के लिए कार्टून लिखना, जिससे किराया निकलता था। फिर मुझे फिल्म Super 30 में छोटा सा रोल मिला, जिसमें मेरे किरदार का नाम भी नहीं था ‘रघुनाथ का चमचा’। लेकिन वहीं से शुरुआत हुई। उसके बाद छिछोरे मिली, जहां मैं बैकग्राउंड में था और कोशिश करता था कि स्क्रीन पर दिख जाऊं। इन छोटे-छोटे कामों से जो पैसे मिले, उनसे कुछ महीनों का गुजारा होता गया। फिर ताजमहल 1989 जैसे प्रोजेक्ट्स मिले और धीरे-धीरे पहचान बननी शुरू हुई। आपका पहला बड़ा ब्रेक क्या रहा और कब लगा कि लोग पहचानने लगे हैं? ईमानदारी से कहूं तो मुझे आज भी लगता है कि वो बड़ा ब्रेक अभी आना बाकी है। लेकिन जनहित में जारी, ताजमहल 1989 और लफंगे जैसे प्रोजेक्ट्स मेरे लिए बहुत अहम रहे। 2020 में जब मेरा काम नेटफ्लिक्स पर आया और आर्टिकल्स में मेरा नाम आने लगा, तब लगा कि शायद सही रास्ते पर हूं। फिर भी मैं इसे फाइनल मंजिल नहीं मानता अभी बहुत कुछ सीखना और करना बाकी है। ‘सईया साइको’ जैसे प्रोजेक्ट तक आप कैसे पहुंचे और आपको यह रोल कैसे मिला? यह रोल मुझे ऑडिशन के जरिए मिला। लेकिन मैंने थोड़ा अलग तरीका अपनाया। आमतौर पर जो मोनोलॉग होता है, उसे लोग ट्राइपॉड लगाकर कैमरे के सामने एक्ट करते हैं। मैंने सोचा, क्यों न कुछ अलग किया जाए। मैंने अपने फोन का फ्रंट कैमरा ऑन किया और सीधे उसमें एक्ट करके कास्टिंग डायरेक्टर को भेज दिया। मैंने कहा, ‘यह वह जोन है जहां मुझे लगता है कि यह कैरेक्टर होगा।’ पहले तो लगा शायद यह एक्सपेरिमेंट गलत पड़ गया, लेकिन अंततः उसी ऑडिशन पर मेरा सिलेक्शन हो गया। सेट पर काम करने का अनुभव कैसा रहा? आपके को‑स्टार्स और क्रू के साथ कैसा लगा? बिलकुल शानदार! रवि किशन के साथ काम करना अलग ही अनुभव था। यार, वह इतनी एनर्जी और फिनोमिनल मैन हैं। शुरुआत में थोड़ा डर लगता है क्योंकि हर कोई उनके सामने इंटिमिडेटेड लगता है, लेकिन फिर समझ आता है कि वह बस अपनी टीम को रेस्क्यू करने के लिए हैं। हंसते हैं, मजाक करते हैं, और प्रोफेशनल भी हैं। तेजस्वी प्रकाश और सुरभि चंदना के साथ शूटिंग शानदार रही। सृष्टि श्रीवास्तव के बारे में कहना चाहूंगा कि वह बहुत ग्रेसफुल और टैलेंटेड एक्ट्रेस हैं। उनके साथ कभी रिटेक की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि हम दोनों परफॉर्मेंस में पूरी तरह सिंक थे।

Neem Karoli Baba Book Divya Anubhuti Launch in Rishikesh by Governor Gurmeet Singh

Neem Karoli Baba Book Divya Anubhuti Launch in Rishikesh by Governor Gurmeet Singh

लॉन्चिंग के दौरान राज्यपाल के साथ मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे। ऋषिकेश में रविवार को बाबा नीम करौली महाराज पर आधारित किताब ‘दिव्य अनुभूति’ का विमोचन किया गया। गंगा रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। . कार्यक्रम में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल समेत कई संत और अन्य गेस्ट मौजूद रहे। इस मौके पर किताब के साथ ‘राम नाम कैंची धाम’ नाम का यूट्यूब चैनल भी लॉन्च किया गया। इस किताब में बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े 34 लोगों के अनुभव शामिल किए गए हैं। इन लोगों ने अपने अनुभव खुद बताए हैं, जिन्हें बातचीत के जरिए इकट्ठा कर किताब का रूप दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान योग करती लड़कियां। कौन हैं किताब से जुड़े तीन लोग… इस किताब से तीन प्रमुख लोग जुड़े हैं। सबसे पहले हैं विनोद शुक्ला, जिन्होंने बाबा के भक्तों से बातचीत करके उनके अनुभव रिकॉर्ड किए। इसके बाद मुंबई के रहने वाले बाबा के भक्त विजय छाबड़िया और डॉ. दीपक पटवर्धन ने इन रिकॉर्ड किए गए इंटरव्यू को लिखकर किताब का रूप दिया। यानी एक तरह से विनोद शुक्ला ने सामग्री जुटाई और बाकी दो लोगों ने उसे किताब में बदला। 34 भक्तों की अपनी जुबानी कहानियां इस किताब में 34 ऐसे लोगों की बातें शामिल की गई हैं, जिन्होंने बाबा नीम करौली महाराज के साथ समय बिताया। ये लोग खुद बताते हैं कि उनके जीवन में क्या हुआ और बाबा ने कैसे उनकी मदद की। हर कहानी अलग है और बाबा के व्यक्तित्व की अलग झलक दिखाती है। किताब में इन लोगों की फोटो और बाबा के साथ उनके फोटो भी शामिल किए गए हैं। ये पूरी किताब उनके भक्तों के अनुभवों के आधार पर ही लिखी गई है। एआई जनरेटेड वीडियो तीन भाषाओं में किताब, पैसे नहीं लिए यह किताब हिंदी, मराठी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में तैयार की गई है। हिंदी और मराठी में इसका नाम ‘दिव्य अनुभूति’ है, जबकि अंग्रेजी में ‘मिस्टिकल मिस्टिक’ रखा गया है। वहीं, विजय छाबड़िया और डॉ. दीपक पटवर्धन ने दैनिक भासकर को बताया है कि उन्होंने इस किताब को लिखने के लिए किसी तरह की कोई फीस नहीं ली है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि किताब की ब्रिकी से जो भी पैसा आएगा उसे भी धर्म और समाज हित के कामों में लगाया जाएगा। तीन भाषाओं में अब उपलब्ध है नीम करोली बाबा पर आधारित किताब- दिव्य अनुभूती। बाबा को हनुमान का रूप मानते हैं भक्त कार्यक्रम के दौरान किताब के लेखक विजय छाबड़िया ने कहा कि आज देश और दुनिया में बाबा नीम करौली महाराज को भगवान हनुमान के रूप में पूजा जाता है। उन्हें उत्तर भारत के प्रमुख संतों में गिना जाता है। उन्होंने बताया कि बाबा से जुड़े लोगों ने जो अनुभव किए, उन्हीं को आधार बनाकर यह किताब तैयार की गई है। उनका कहना है कि इन कहानियों के जरिए लोग बाबा के बारे में और करीब से समझ पाएंगे। ‘राम नाम कैंची धाम’ यूट्यूब चैनल भी शुरू किताब के लोकार्पण के साथ ही ‘राम नाम कैंची धाम’ नाम का यूट्यूब चैनल भी लॉन्च किया गया। यह चैनल पूरी तरह बाबा नीम करौली महाराज को समर्पित है। इस चैनल पर बाबा, सिद्धि मां, भगवान राम और हनुमान जी से जुड़े भजन और गीत सुनने को मिलेंगे। इन गानों को विजय छाबड़िया ने लिखा और तैयार किया है।

IMD Weather Update Today Rajasthan up rain himachal Uttarakhandjammu Kashmir snowfall

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Hindi News National IMD Weather Update Today Rajasthan Up Rain Himachal Uttarakhandjammu Kashmir Snowfall भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून4 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम लगातार बदल रहा है। IMD ने आज पश्चिमी राजस्थान समेत देश के 12 राज्यों में बारिश, आंधी और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। इनमें सिक्किम, बंगाल, ओडिशा, असम, अरुणाचल, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक, केरल शामिल हैं। वहीं कर्नाटक के तटीय इलाकों और केरल में आज का मौसम उमस भरा रहेगा। इधर, उत्तर प्रदेश और बिहार में रविवार सुबह भी कई जिलों में घना कोहरा छाया है। विजिबिलिटी भी 50 से 100 मीटर रह गई है। राजस्थान में 2 तरह का मौसम है। आधे राज्य में बारिश के कारण तापमान घट गया है। जबकि बाकी आधे राज्य में गर्मी बढ़ रही है। शनिवारर को सबसे ज्यादा 39.9°C तापमान श्रीगंगानगर में रहा। उत्तराखंड और सिक्किम में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एवलांच का खतरा जताया है। सिक्किम में भारी बर्फबारी के कारण गंगटोक से त्सोमगो झील और नाथुला जाने वाली सड़क बंद कर दी गई है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार पांच दिन से बर्फबारी हो रही है। यहां एक बार फिर सर्दी बढ़ गई है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… उत्तराखंड के चारधामों में से एक बद्रीनाथ में 3 से 4 फुट तक बर्फ जमी है। उत्तराखंड के चमोली में शनिवार को बर्फबारी और बारिश हुई। इससे बर्फ नदी में बहने लगी। यूपी के मथुरा में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। अगले 2 दिन मौसम का हाल 23 मार्च- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश-बर्फबारी की आशंका। महाराष्ट्र में हल्की बारिश की संभावना। 24 मार्च- अरुणाचल प्रदेश में कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका। महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में हल्की बारिश की संभावना। राज्यों से मौसम की खबरें… राजस्थान: 8 जिलों में बारिश का अलर्ट, जैसलमेर फसलें खराब बैक टू बैक आ रहे वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के कारण प्रदेश में गर्मी कम हो गई है। शनिवार को एक और नया सिस्टम एक्टिव हुआ है, इसके चलते जैसलमेर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे खेतों में पानी भर गया, जिससे वहां कटी रखी फसलें ​खराब हो गईं। जैसलमेर के रामगढ़, कुछड़ी के एरिया में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। रविवार को 8 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पढ़ें पूरी खबर… मध्यप्रदेश: 45 जिलों में बारिश, ओले गिरने से फसलें तबाह; अगले 4 दिन तेज गर्मी पड़ेगी प्रदेश में पिछले 4 दिन से एक्टिव बारिश के सिस्टम से 45 जिलों में आंधी-बारिश हो रही है। 17 जिलों में ओले भी गिरे। अगले 4 दिन कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। माैसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इस वजह से उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में बूंदाबांदी या बादल छा सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर… उत्तर प्रदेश: 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कल से बढ़ेगा तापमान यूपी के 19 जिलों में अफगानिस्तान से आने वाली ठंड हवाओं के कारण मौसम बदला है। कई जिलों में ओले पड़े हैं तो कहीं पर कोहरा छाया है। अगले 24 घंटे तक मौसम इसी तरह से बना रहेगा इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी यूपी से शुरू हुआ बारिश का दौर पूर्वी यूपी तक पहुंच गया है। आज और कल इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर… छत्तीसगढ़: कोंडागांव में ओले गिरे, जशपुर में बिजली गिरने से मजदूर की मौत प्रदेश के कई हिस्सों में हुई हल्की बारिश के कारण तापमान 5 डिग्री तक घट गया है। हालांकि, आने वाले 24 घंटों के बाद तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी का दौर शुरू होगा। शनिवार को कोंडागांव जिले में शिमला-मनाली जैसा नजारा दिखा। यहां ओले गिरने से खेतों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। वहीं जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर… बिहार: बेतिया समेत 5 जिलों में कोहरा, 6 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट पिछले 2 दिनों से ज्यादातर जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। कुछ जिलों में ओले भी गिरे हैं। बारिश के बाद समस्तीपुर, मधुबनी, जमुई, गोपालगंज और बेतिया में रविवार सुबह कुहासा है, विजिबिलिटी काफी कम है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 6 जिले में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Samastipur Dr Ranjan Kumar reveals secrets of youth running diet for physical fitness

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Last Updated:March 22, 2026, 05:01 IST Diet Tips For Physical Fitness: क्या घंटों दौड़ने के बाद भी आपका फिजिकल नहीं निकल रहा? समस्तीपुर के आयुर्वेदाचार्य डॉ. रंजन कुमार के अनुसार, दौड़ में सफलता केवल मेहनत से नहीं बल्कि सही पोषण से मिलती है. जानिए कैसे काजू, अखरोट और हरी सब्जियों का सही संतुलन आपके स्टैमिना को दोगुना कर सकता है. आपको भर्ती की दौड़ में जीत दिला सकता है. जानें स्टैमिना बढ़ाने का सीक्रेट डाइट चार्ट. ख़बरें फटाफट समस्तीपुर: आज के समय में युवा बड़ी संख्या में डिफेंस, पुलिस या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए फिजिकल तैयारी कर रहे हैं. खासकर रनिंग और स्टैमिना बढ़ाने को लेकर उनके मन में कई सवाल होते हैं. कैसे दौड़ बेहतर हो, थकान कैसे कम हो और शरीर में ताकत कैसे बढ़े. अक्सर युवा सिर्फ मेहनत पर ध्यान देते हैं, लेकिन खानपान को नजरअंदाज कर देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर शरीर को सही पोषण नहीं मिलेगा, तो मेहनत का पूरा परिणाम नहीं मिल पाएगा. इसलिए फिजिकल तैयारी से पहले डाइट को संतुलित और पौष्टिक बनाना बेहद जरूरी है. सही खानपान न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है. जिससे रनिंग और अन्य शारीरिक गतिविधियों में सुधार होता है. काजू, किशमिश और अखरोट से बढ़ेगी ताकत और स्टैमिनासमस्तीपुर के आयुर्वेदाचार्य डॉ. रंजन कुमार के अनुसार, फिजिकल तैयारी करने वाले युवाओं को ओजवर्धक आहार का सेवन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि काजू शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है. अगर रोज सुबह और शाम 10-10 काजू खाए जाएं, तो शरीर में ऊर्जा का स्तर तेजी से बढ़ता है और स्टैमिना मजबूत होता है. इसके अलावा किशमिश, अखरोट, खजूर और छुहारा भी शरीर को ताकत देने में अहम भूमिका निभाते हैं. अंकुरित चना और मूंग को गुड़ के साथ खाने से शरीर को अतिरिक्त पोषण मिलता है, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाता है.हरी सब्जियां और संतुलित आहार भी उतना ही जरूरी है. यह सभी चीजें मिलकर शरीर को फिट और एक्टिव बनाए रखती हैं, जिससे दौड़ने की क्षमता में सुधार होता है. दौड़ से पहले और बाद में इन बातों का रखें खास ध्यानआयुर्वेदाचार्य ने यह भी सलाह दी कि दौड़ने से पहले पेट खाली रखना चाहिए और दौड़ शुरू करने से करीब आधा घंटा पहले ही पानी पी लेना चाहिए. दौड़ के तुरंत बाद खाना या ठंडी हवा में बैठना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए कम से कम आधे घंटे बाद ही भोजन करना चाहिए. मसल्स रिकवरी के लिए सिंघाड़ा, उड़द दाल, अश्वगंधा और शतावर जैसे आयुर्वेदिक तत्वों का सीमित मात्रा में सेवन लाभकारी होता है. साथ ही ज्यादा मसालेदार और बाजार के जंक फूड से दूर रहने की सलाह दी गई है. अगर युवा इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो उनकी फिजिकल तैयारी न सिर्फ बेहतर होगी, बल्कि वे अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच सकेंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें Location : Samastipur,Bihar First Published : March 22, 2026, 05:01 IST

Khabar Hatke AI-Beds Alert Doctors Before Death

Khabar Hatke AI-Beds Alert Doctors Before Death

एक युवक अपनी बहन के काटने पर रेबीज का इंजेक्शन लेने डॉक्टर के पास पहुंच गया। वहीं यूपी के एक सरकारी हॉस्पिटल में AI बेड लगेंगे जो मौत से पहले डॉक्टर को अलर्ट भेज देंगे। इधर एक शख्स लोगों का दुख सुनने और उनके साथ रोने का बिजनेस कर रहा है। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…