Sunday, 23 Aug 2026 | 01:00 PM

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‘डकैत’ में दिखेगी एंग्री लव स्टोरी:अदिवि शेष ने कहा- इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल है ये फिल्म

‘डकैत’ में दिखेगी एंग्री लव स्टोरी:अदिवि शेष ने कहा- इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल है ये फिल्म

अदिवि शेष जल्द ही ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर भी हैं। अदिवि ने दैनिक भास्कर से बातचीत की- यह प्रेम कहानी होने के बावजूद आपने शीर्षक ‘डकैत’ क्यों चुना? फिल्म का विचार हमारे सिनेमाई जुनून और पुरानी यादों का मेल है। मैं और मेरे करीबी दोस्त व निर्देशक शनि, हम दोनों ही ‘द मैग्निफिसेंट सेवन’ और ‘द गुड, ‘द बैड एंड द अग्ली’ जैसी क्लासिक काउबॉय फिल्मों के प्रशंसक रहे हैं। काफी समय से मेरा मन एक प्रेम कहानी पर काम करने का था, लेकिन मैं उसे पारंपरिक रूप में नहीं देखना चाहता था। हमने सोचा, क्या होगा अगर तपते रेगिस्तान, रेल की पटरियों, बंदूकों और खून-खराबे के उस खौफनाक काउबॉय माहौल के बीच एक ‘एंग्री लव स्टोरी’ बुनी जाए? बस, इसी कल्पना ने ‘डकैत’ को जन्म दिया। यह असल में डकैती के हिंसक बैकड्रॉप में रची गई एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां दो किरदारों के बीच प्यार और नफरत का एक बेहद बारीक और गहरा संघर्ष चलता है। क्या लीड पेयर पूरी तरह से डकैती से जुड़ा है? देखिए जब माहौल ही इतना कठोर हो, तो किरदारों को भी उसी रंग में ढलना पड़ता है। यही वजह है कि यह कहानी एक बिल्कुल अलग और यूनिक संयोजन बनकर सामने आई है। आमतौर पर दर्शक या तो पूरी तरह एक्शन से भरी फिल्म देखते हैं, या फिर एक ऐसी प्रेम कहानी, जहां भावनाएं आंसुओं और गीतों में बहती हैं। लेकिन हमने इस सोच को थोड़ा मोड़ा। हमने तय किया कि इस बार प्यार की बात तो होगी, लेकिन उस नरम, मासूम अंदाज में नहीं, बल्कि गुस्से, टकराव और तीखे जज्बातों के साथ। यानी यह एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां भावनाएं दबी नहीं रहती, बल्कि खुलकर, तेज और कभी-कभी चिल्लाते हुए सामने आती हैं। इस फिल्म में आपने प्यार का कौन सा अनछुआ पहलू छुआ है? फिल्म ‘डकैत’ की प्रेम कहानी पारंपरिक सामाजिक संघर्षों, जैसे जाति, धर्म या अमीरी-गरीबी तक सीमित नहीं है। इसका केंद्र किरदारों की आंतरिक संवेदनाएं और उनके निजी अनुभव हैं। यहां प्रेम को एक बेहद व्यक्तिगत एहसास की तरह दिखाया गया है, जो माता-पिता और संतान के रिश्ते जितना गहरा हो सकता है। जब भावनाएं इतनी निजी हो जाती हैं, तो उनका प्रभाव भी अनोखा बनता है। कहानी इस बात को टटोलती है कि कोई रिश्ता क्यों खास बनता है और टूटने पर भीतर क्या बदल जाता है, यही इसकी असली ताकत है। ‘ एक्शन और इसकी कोरियोग्राफी आपके लिए कैसी रही? मैं अपनी एक्शन कोरियोग्राफी के लिए जाना जाता हूं। मैं नियमित रूप से ‘मास’ फिल्में नहीं करता, बल्कि मुझे ‘हाइपर-रियल’ एक्शन पसंद है, जो दिखने में असली भी लगे और ग्लैमरस भी। अगर मेरी फिल्म में कोई बंदा हवा में उड़ रहा है, तो उसके पीछे एक तार्किक कारण होना चाहिए। इस फिल्म के निर्देशक सुनील, जो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं, उन्होंने सिनेमैटोग्राफी की थी। वह अब डायरेक्टर बन गया है। हम दोनों की एक्शन को लेकर जो अमेरिकन सेंसिबिलिटी है, उसे हम इस फिल्म में लेकर आए हैं। हॉलीवुड की तकनीक और जिस तरह से वे एक्शन को कट और डायरेक्ट करते हैं, हमने उसे इस्तेमाल किया है। आप इसे इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल कह सकते हैं। अनुराग कश्यप से इस प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार कब बात हुई? मेरे दोस्त शोभिता धुलिपाला और नागा चैतन्य की शादी का मौका था, जहां अनुराग कश्यप भी मौजूद थे। मैंने मौका देखते ही अनुराग सर का हाथ पकड़ा और उसी माहौल में उन्हें ‘डकैत’ की कहानी सुनानी शुरू कर दी। शादी के जश्न के बीच ही मैंने उन्हें फिल्म के लिए पिच किया और इसी तरह वे हमारे इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बन गए।

pregnancy mistakes: प्रेग्नेंसी की गलतियां जो बढ़ा सकती हैं बच्चे में ऑटिज्म का खतरा

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Last Updated:March 22, 2026, 16:58 IST Pregnancy Mistakes Causes Autism: बच्चों में ऑटिज्म का खतरा प्रेग्नेंसी के दौरान लापरवाही का भी नतीजा होता है. ये एक मनोवैज्ञानिक समस्या है. एक्सपर्ट बताती हैं कि गर्भावस्था में जेस्टेशनल डायबिटीज को नजरअंदाज करना एक बड़ी गलती हो सकती है. यदि ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं रहती, तो इसका असर बच्चे के ब्रेन के विकास पर पड़ सकता है. ख़बरें फटाफट Pregnancy Mistakes Causes Autism: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) बच्चों में होने वाली एक साइकोलॉजिकल बीमारी है, जो जन्मजात बच्चों में होते हैं. इसके लक्षण बच्चों में 3 साल की उम्र से पहले नजर आते हैं. माना जाता है कि ये बीमारी बच्चों में गर्भ में विकास के दौरान, जन्म से काफी पहले शुरू हो जाता है. यह एक न्यूरो डेवलपमेंट संबंधी कंडीशन है जो जेनेटिक बदलावों और पर्यावरणीय कारकों के कारण बनती है जो ब्रेन की परतों और तंत्रिका मार्गों के निर्माण को प्रभावित करते हैं, विशेष रूप से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान की जाने वाली लापरवाही इसके खतरे को बढ़ाने में अहम रोल निभाते हैं. मां का तनाव में रहना बढ़ाता है खतराडॉ. भास्कर शुक्ला, वरिष्ठ सलाहकार, न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट, पीएसआरआई अस्पताल, दिल्ली बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां की मानसिक स्थिति, भावनात्मक संतुलन और जीवनशैली भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. सबसे बड़ी समस्या होती है लगातार तनाव में रहना. जब कोई महिला लंबे समय तक तनाव झेलती है, तो उसके शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन बढ़ जाते हैं. ये हार्मोन भ्रूण के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकते हैं.जिस वातावरण में मां रह रही है, उसका भी असर पड़ता है. प्रदूषण, शोर और जहरीले तत्वों के संपर्क में रहना शरीर में सूजन और असंतुलन पैदा कर सकता है, जो बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है. डायबिटीज- बीपी को नजरअंदाज करनाडॉ. नीलम कुमारी एला, वरिष्ठ सलाहकार – प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ, मैक्योर अस्पताल, दिल्ली बताती हैं कि गर्भावस्था एक ऐसा समय होता है जब मां की सेहत और उसकी दिनचर्या सीधे बच्चे के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित करती है. हालांकि ऑटिज्म किसी एक कारण से नहीं होता, लेकिन गर्भावस्था के दौरान की गई कुछ लापरवाहियां जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जिनसे बचाव करना संभव है. सबसे पहले, गर्भावस्था में मधुमेह यानी जेस्टेशनल डायबिटीज को नजरअंदाज करना एक बड़ी गलती हो सकती है. यदि ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं रहती, तो इसका असर बच्चे के मस्तिष्क के विकास पर पड़ सकता है. इसी तरह गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमणों को हल्के में लेना भी नुकसानदायक हो सकता है. शरीर में संक्रमण होने से सूजन बढ़ती है, जो भ्रूण के न्यूरोलॉजिकल विकास को प्रभावित कर सकती है. लेट प्रेग्नेंसी से भी बढ़ता है खतराएक्सपर्ट बताती हैं कि ज्यादा उम्र में कंसीव करना भी बच्चों में ऑटिज्म से जुड़ा एक कारक है.अधिक उम्र में गर्भधारण करने पर कुछ जैविक बदलावों का खतरा बढ़ सकता है, जो बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकते हैं. इसके अलावा, मोटापा और असंतुलित आहार भी जोखिम को बढ़ाने वाले कारक हैं. गर्भावस्था में पोषण की कमी, खासकर जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी, बच्चे के ब्रेन डेवलपमेंट को प्रभावित कर सकती है. इसके साथ ही कई बार महिलाएं सामान्य दवाइयों को भी सुरक्षित मानकर ले लेती हैं, जबकि कुछ दवाएं भ्रूण के विकास पर असर डाल सकती हैं. इसलिए गर्भावस्था में किसी भी दवा का उपयोग केवल विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए. इस बात का रखें ध्यानयह समझना जरूरी है कि ऑटिज्म केवल इन कारणों से नहीं होता. अक्सर यह जेनेटिक प्रवृत्ति और बाहरी कारकों के मिले जुले प्रभाव से विकसित होता है. इसलिए किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है. गर्भावस्था के दौरान मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. इसके लिए योग, मेडिटेशन, रिलैक्सेशन तकनीक और सकारात्मक वातावरण मददगार हो सकते हैं. जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लेना भी फायदेमंद होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 16:57 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराया:चौथे टी-20 में एस्टरहुइजन की फिफ्टी, कूट्जी ने 3 विकेट लिए; सीरीज 2-2 से बराबर

साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराया:चौथे टी-20 में एस्टरहुइजन की फिफ्टी, कूट्जी ने 3 विकेट लिए; सीरीज 2-2 से बराबर

वेलिंगटन में खेले गए चौथे टी-20 में साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 19 रन से हराकर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली। पांचवां मैच हेग्ले ओवल में 25 मार्च को खेला जाएगा। रविवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 20 ओवर में 164/5 का स्कोर बनाया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 18.5 ओवर में 145 रन पर ऑलआउट हो गई। एस्टरहुइजन के 57 रन साउथ अफ्रीका के लिए कॉनर एस्टरहुइजन ने 36 गेंद में 57 रन की पारी खेली। उनके अलावा रुबिन हरमन ने नाबाद 28 रन जोड़े। अंत में जॉर्ज लिंडे ने तेज 14 रन बनाकर टीम को 160 के पार पहुंचाया। न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन ने शुरुआत में विकेट मेडेन डालकर दबाव बनाया। बाद में बेन सीयर्स ने भी कसी हुई गेंदबाजी की और आखिरी ओवर में सिर्फ 2 रन दिए। न्यूजीलैंड की तेज शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड को टिम रॉबिन्सन और डेब्यू कर रहे कैटेन क्लार्क ने तेज शुरुआत दिलाई। पावरप्ले में टीम ने 63/2 का स्कोर बना लिया था। रॉबिन्सन ने 32 रन बनाए, जबकि डेन क्लेवर ने भी कुछ अच्छे शॉट लगाए। साउथ अफ्रीका ने लगातार 3 विकेट लिए मध्य ओवर में साउथ अफ्रीका ने मैच पर पकड़ बना ली। टीम ने लगातार विकेट लेकर न्यूजीलैंड को 96/5 पर रोक दिया। प्रेनेलन सुब्रायन ने क्लेवर और बेवन जैकब्स को आउट किया, जबकि ओटनील बार्टमैन और केशव महाराज ने भी अहम विकेट लिए। आखिरी ओवरों में न्यूजीलैंड की कोशिशें जारी रहीं, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। जेराल्ड कूट्जी ने 3 विकेट लेकर जीत पक्की की और 19वें ओवर में आखिरी विकेट लेकर मैच खत्म किया। ——————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्डफ्लाइट वाली खबर को नकारा RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पढ़ें पूरी खबर…

केरल चुनाव 2026: ‘केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला’, सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

केरल चुनाव 2026: 'केरल में त्रिकोणीय हो सकता है मुकाबला', सीपीआई नेता का विश्वासनामा, बीजेपी को लेकर कर दी ये भविष्यवाणी

इस बार केरल में विधानसभा चुनाव के दौरान त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। सी. सर्वेक्षण नेता हन्नान मोल्लाह ने भाजपा के राज्य में जनाधार बढ़ने की बात पर सहमति जताते हुए यह भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी का जनाधार मजबूत है. हालाँकि हन्नान मोल्लाह ने कहा है कि केरल में बीजेपी के दोबारा शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं है। उनकी कुछ शुरूआत ही हुई। वे सिस्टम को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश करेंगे. सबसे पहले यहां कांग्रेस और हमारे यानी सी क्वेश्चन के बीच हुआ था। इस बार बीजेपी का वोट समर्थन बढ़ा है. इतना नहीं बढ़ाया गया है कि वे किसी को चुनौती दे चुनौती. सत्य में आने की सम्भावना नहीं है. इज़राइल ने ईरान पर परमाणु हमला किया: सी क्रूज़ नेता वे मध्य पूर्व में चल रही जंग को लेकर मुख्यधारा का सार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया। सी क्रूज़ नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा कि ईरान के साथ हमारा संबंध सबसे पुराना है। वो हमें सुविधा देता है। जब ईरान पर हमला हुआ तो भारत को खड़ा होना पड़ा, लेकिन हमारी सरकार को कोई राहत नहीं मिली। इसके अलावा उन्होंने कहा कि युद्ध के 10 दिन बाद भारत में गैस की समस्या हुई तो ईरान से बात हुई। ईरान ने भारत को गैस सरकार की सदस्यता की वजह से नहीं, भारत के लोगों को इसकी वजह से दिया है। उन्होंने कहा कि दोस्ती संभव नहीं है. ईरान हमारे दोस्त हमें भी उनके बुरे वक्त में साथ देना होगा। सी. ईसाई नेताओं ने कहा कि उनका काम ही खतरनाक है। सुबह जागते हैं, तो दिन की शुरुआत खतरनाक खतरे करते हैं। केंद्र सरकार ने सी सुपरमार्केट (एम) के नेता हन्नान मोल्लाह पर 20 फीसदी एक्स्ट्रा फूड की मंजूरी दे दी है, उन्होंने कहा कि यह थोड़ा जरूरी है। हमारे देश के कई शहरों में छोटे-छोटे रेस्तरां बंद हो गए थे। अगर चूल्हा ही नहीं जलेगा, तो रेस्तरां कैसे छोड़ें। ऐसी स्थिति में, स्वाभाविक रूप से, सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह भी पढ़ें: सबसे लंबे समय तक राज करने वाले नेता बने पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अंदाज में दी बधाई (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव 2026(टी)सीपीआई(टी)ईरान इजराइल युद्ध(टी)केरल(टी)विधानसभा चुनाव 2026। त्रिकोणीय मुकाबला(टी)सीपीआई नेता भविष्यवाणी(टी)केरल में भाजपा(टी)ईरान इजराइल युद्ध(टी)ताजा समाचार(टी)अद्यतन समाचार(टी)केरल समाचार(टी)हन्नान मोल्ला(टी)केरल चुनाव 2026(टी)सीपीआई(टी)ईरान-इजरायल युद्ध(टी)केरल(टी)विधानसभा चुनाव 2026। त्रिकोणीय मुकाबला(टी)सीपीआई नेताओं की भविष्यवाणी(टी)केरल में बीजेपी(टी)ईरान-इजरायल युद्ध(टी)ताजा खबरें(टी)अपडेटेड खबरें(टी)केरल समाचार(टी)हन्नानल्लाह मो

कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्ड-फ्लाइट वाली खबर को नकारा:RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई

कोहली ने लंदन के लिए चार्टर्ड-फ्लाइट वाली खबर को नकारा:RCB से ऐसी कोई डिमांड नहीं की; इंस्टाग्राम पर हंसने वाली इमोजी लगाई

IPL 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बल्लेबाज विराट कोहली ने लंदन आने-जाने के लिए चार्टर्ड फ्लाइट मांगने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताते हुए इंस्टाग्राम पर हंसने वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर थी कि कोहली ने RCB मैनेजमेंट के सामने एक खास शर्त रखी है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया था कि अगर दो मैचों के बीच 3 दिन से ज्यादा का गैप होता है, तो कोहली चार्टर्ड फ्लाइट से लंदन अपने परिवार के पास जाएंगे और मैच से पहले वापस लौट आएंगे। इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की रिपोर्ट, लाफिंग इमोजी लगाई विराट कोहली ने इन दावों वाली एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट अपनी स्टोरी पर शेयर किया और साथ में लाफिंग इमोजी (हंसने वाली इमोजी) लगाई। कोहली पिछले कुछ समय से अपने परिवार के साथ लंदन में ही वक्त बिता रहे हैं। 28 मार्च को पहला मैच हैदराबाद से IPL 2026 का आगाज 28 मार्च से होगा, जहां डिफेंडिंग चैंपियन टीम बेंगलुरु में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलेगी। पिछले सीजन में पहली बार खिताब जीतने वाली RCB इस बार भी कोहली के बल्ले से रनों की बारिश की उम्मीद कर रही है। कोहली 18 सालों से इसी फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े हुए हैं। IPL में 9,000 रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बन सकते हैं इस सीजन में विराट कोहली कई बड़े कीर्तिमान अपने नाम कर सकते हैं। वे IPL इतिहास में 9,000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बनने की दहलीज पर हैं। वर्तमान में कोहली के नाम 267 मैचों में 8,661 रन दर्ज हैं, जिसमें 8 शतक और 63 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, वे किसी एक टी-20 टीम (RCB) के लिए 10,000 रन (IPL और चैंपियंस लीग मिलाकर) पूरे करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी भी बन सकते हैं। अभी उनके नाम 282 मैचों में 9,085 रन हैं। 14,000 रनों के क्लब में शामिल होने का मौका विराट कोहली टी-20 फॉर्मेट के ओवरऑल रिकॉर्ड्स में भी बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। वे टी-20 क्रिकेट में 14,000 रन बनाने वाले पांचवें बल्लेबाज बन सकते हैं। अब तक केवल क्रिस गेल (14,562), कीरोन पोलार्ड (14,482), एलेक्स हेल्स (14,449) और डेविड वॉर्नर (14,028) ही इस आंकड़े तक पहुंच पाए हैं। कोहली के अभी 414 मैचों में 13,543 रन हैं। पिछले सीजन में भी रहा था शानदार प्रदर्शन IPL 2025 में भी विराट कोहली का बल्ला खूब चला था। उन्होंने 15 पारियों में 54.75 की औसत और 144.71 की स्ट्राइक रेट से 657 रन बनाए थे। वे अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे और पूरे टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर थे। ———————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को IPL 2026 से पहले एक और झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। शनिवार को क्रिकेट वेबसाइट क्रिकबज को फ्रेंचाइजी के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। पूरी खबर

Sonam Wangchuk Returns to Leh

Sonam Wangchuk Returns to Leh

लेह2 मिनट पहले कॉपी लिंक सोनम वांगचुक 170 दिन बाद लेह पहुंंचे। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक रविवार को 6 महीने (करीब 170 दिन) बाद लेह पहुंचे। केंद्र ने 14 मार्च को वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटाया था। इसके बाद उन्हें जोधपुर जेल से रिहा किया गया था। लेह में उनके लिए स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वांगचुक के सैकड़ों समर्थक पहुंचे। वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा- जिस मकसद के लिए हम काम कर रहे हैं, उसके लिए एक नया सूरज उगेगा। हम उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्याय के नजरिए से कई गलतियां हुईं, लेकिन मैं किसी तरह की कड़वाहट नहीं रखना चाहता हूं, बातचीत के जरिए आगे बढ़ना चाहता हूं। अब मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। इतने दिनों बाद पहाड़ों में लौटकर लोगों से मिलना खास है। वांगचुक के स्वागत की 4 तस्वीरें… सोनम वांगचुक के स्वागत के लिए हजारों लोग फूल और सफेद पटका लेकर पहुंचे। महिला समर्थक ने सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी को गले लगाया। सोनम वांगचुक 170 दिन बाद लेह पहुंचे। सोनम वांगचुक के बड़े-बड़े बैनर लगाए गए। हिरासत का समय आत्ममंथन का अवसर था वांगचुक ने जेल के समय को कठिन अनुभव बताते हुए कहा कि हिरासत का समय आत्ममंथन का अवसर था। वहीं, इस दौरान मेरी पत्नी गीतांजली को कानूनी लड़ाई में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दरअसल, केंद्र ने 14 मार्च को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटाया था। पिछले साल लद्दाख में उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई थी। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। 14 मार्च: सोनम वांगचुक जेल से रिहा केंद्र ने 14 मार्च को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटाया था। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे सोनम की पत्नी गीतांजलि जोधपुर जेल पहुंचीं। कागजी कार्रवाई पूरी की गई। दोपहर करीब सवा एक बजे वांगचुक पत्नी के साथ एक निजी गाड़ी से जेल से निकले थे। सरकार बोली- बातचीत का माहौल बनाने लिए फैसला लिया सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की याचिका पर अंतिम सुनवाई (17 मार्च) के दो दिन पहले लिया। कोर्ट सुनवाई के दौरान वे वीडियो और फोटो देखेगा, जिनके आधार पर सरकार ने उन पर NSA लगाया था। केंद्र सरकार ने कहा कि यह फैसला लद्दाख में शांति, स्थिरता और संवाद का माहौल बनाने के लिए लिया गया है। लद्दाख में विभिन्न समुदायों और नेताओं के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों का असर छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा था। क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने के लिए हाई-पावर्ड कमेटी के जरिए बातचीत जारी रहेगी। दो दिन पहले वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था लद्दाख के लिए ईमानदार संवाद आवश्यक है। मैंने एक्टिविज्म से दूरी नहीं बनाई है। लद्दाख के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही है। इसका उद्देश्य लद्दाख के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी भविष्य है। 4 फरवरी को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें लद्दाख के दो प्रमुख संगठन लेह अपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेट्स अलायंस शामिल हुए। इनके नेताओं ने वांगचुक की रिहाई की मांग दोहराई थी। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे सोनम सोनम को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। वांगचुक ने जन्म लद्दाख में हुआ, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की वांगचुक का जन्म 1966 में लेह जिले के अल्ची के पास, लद्दाख में हुआ था। उनके गांव में स्कूल न होने के कारण 9 साल की उम्र तक उनका किसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ। इस दौरान उनकी मां ने उन्हें बुनियादी शिक्षा दी। 9 साल की उम्र में उन्हें श्रीनगर ले जाया गया और वहां एक स्कूल में दाखिला दिलाया गया। बाद में दिल्ली के विशेष केंद्रीय स्कूल में भी उन्होंने पढ़ाई की। फिर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech किया। शिक्षा में सुधार के लिए SECMOL बनाया इंजीनियरिंग के बाद वांगचुक ने साल 1988 में अपने भाई और पांच साथियों के साथ मिलकर स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख यानी SECMOL की शुरुआत की। इसका उद्देश्य लद्दाख के सरकारी स्कूलों की शिक्षा में सुधार लाना है। इसके लिए लद्दाख के सासपोल में मौजूद सरकारी हाई स्कूल में स्कूल सुधार के प्रयोग किए गए। इसके बाद, SECMOL ने ‘ऑपरेशन न्यू होप’ की शुरुआत की। इसके तहत सरकारी स्कूलों में एजुकेशन रिफॉर्म और लोकलाइज्ड टेक्स्टबुक्स, टीचर्स की ट्रेनिंग और गांव-स्तरीय शिक्षा समितियों के गठन की पहल शुरू की गई। फिर इसे शिक्षा विभाग और गांव की जनता के सहयोग से आगे बढ़ाया गया। जून 1993 से वांगचुक ने प्रिंट मैगजीन ‘लद्दाख्स मेलोंग’ की शुरुआत की। अगस्त 2005 तक लद्दाख की एकमात्र प्रिंट मैगजीन के एडिटर के रूप में काम किया। साल 2004 में हिल काउंसिल सरकार में शिक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया। ……………………….. ये खबर भी पढ़ें…. भास्कर इंटरव्यू: वांगचुक की पत्नी बोलीं- सच सामने आएगा, वे रिहा होंगे: लद्दाख हिंसा के

मंडला जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी:पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली, मेल दक्षिण भारतीय भाषा में आया

मंडला जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी:पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली, मेल दक्षिण भारतीय भाषा में आया

मंडला जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रविवार को पूरे शहर में हड़कंप मच गया। यह धमकी कोर्ट की ऑफिशियल मेल आईडी पर एक अनजान ईमेल के जरिए भेजी गई थी। खबर मिलते ही पुलिस, डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ता (BDDS) तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को घेरकर तलाशी शुरू कर दी। थाना प्रभारी शफीक खान के मुताबिक, धमकी भरा यह ईमेल दक्षिण भारतीय भाषा में लिखा गया है। पुलिस की विशेष टीमें और बम निरोधक दस्ता कोर्ट के चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वहां आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। साइबर सेल कर रही है मेल की जांच एसडीओपी पीयूष मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब तकनीकी तौर पर ईमेल का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मेल आखिर कहां से और किसने भेजा है। पुलिस का कहना है कि अगर कोई भी संदिग्ध चीज मिलती है, तो तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Now the Trump family will bet on betting, Donald Trump, Taj Mahal casino, Truth Predict, Trump Media Group’s New Platform

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Hindi News International Now The Trump Family Will Bet On Betting, Donald Trump, Taj Mahal Casino, Truth Predict, Trump Media Group’s New Platform वॉशिंगटन30 मिनट पहले कॉपी लिंक अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था। हालांकि अब ट्रम्प परिवार सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है। वॉशिंगटन में इन दिनों ‘प्रेडिक्शन मार्केट’ (भविष्यवाणी बाजार) को लेकर सियासी और कानूनी पारा चढ़ा हुआ है। विवाद की जड़ में है ट्रम्प मीडिया ग्रुप का नया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ प्रेडिक्ट’ और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर का ‘काल्शी’ व ‘पॉलीमार्केट’ जैसी दिग्गज कंपनियों से जुड़ना। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोग चुनाव से लेकर खेल तक, भविष्य की घटनाओं पर पैसा लगाते हैं। आलोचकों का मानना है कि सरकारी रेगुलेशन वाले इस सेक्टर में राजनीतिक परिवार की मौजूदगी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है। पारंपरिक कैसिनो बनाम डिजिटल मार्केट के इस बढ़ते बाजार ने पुराने खिलाड़ियों की नींद उड़ा दी है। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था, जिसे उन्होंने ‘दुनिया का आठवां अजूबा’ करार दिया था। तीन दशक बाद ट्रम्प परिवार कैसिनो कारोबार से बाहर है और अब खेल सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है। कैसिनो और स्पोर्ट्सबुक ऑपरेटरों का आरोप है कि ये प्रेडिक्शन कंपनियां बिना लाइसेंस के ‘ऑनलाइन सट्टेबाजी’ चला रही हैं। विवाद तब और गहरा गया जब कमोडिटी फ्यूचर ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) ने इन प्लेटफॉर्म्स को राज्यों के कड़े जुआ कानूनों से छूट देने की दिशा में कदम बढ़ाए। इससे नेवादा और न्यूजर्सी जैसे राज्यों में कानूनी जंग छिड़ गई है, जहां स्पोर्ट्स बेटिंग पर सख्त पाबंदियां हैं। ‘आर्टेमिस एनालिटिक्स’ के मुताबिक, दुनियाभर में इन प्लेटफॉर्म्स पर हर हफ्ते लगभग 41,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का दांव लग रहा है। इस साल फरवरी में ‘सुपर बाउल’ के दिन जहां ‘काल्शी’ ने 1 अरब डॉलर की ट्रेडिंग का दावा किया, वहीं नेवादा के पारंपरिक कैसिनो में सट्टेबाजी 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। साफ है कि डिजिटल बाजार अब पारंपरिक गेमिंग उद्योग को निगल रहा है। विवादों के बीच ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता ने सफाई दी है कि वे न तो खुद ट्रेडिंग करते हैं और न ही सरकार में किसी कंपनी की पैरवी। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन के सभी फैसले केवल जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। फिलहाल, यह मामला अदालतों और रेगुलेटरी फाइलों के बीच उलझा हुआ है। इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगेगी लगाम, इस साल 6 बिल पेश हुए इस बीच अमेरिकी कांग्रेस में सख्ती के संकेत हैं। इस साल कम से कम छह बिल पेश हुए हैं, जिनमें इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक, चुनावी बाजारों पर नियंत्रण और सीएफटीसी की शक्तियां बढ़ाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। एक द्विदलीय प्रस्ताव में स्पोर्ट्स, युद्ध, आतंकवाद और हत्या से जुड़े दांव पर प्रतिबंध की मांग की गई है। कुल मिलाकर, प्रेडिक्शन मार्केट का तेजी से बढ़ता दायरा अब नियमन, पारदर्शिता और राजनीतिक हितों के टकराव के बड़े सवाल खड़े कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Rishabh Shetty Praises Dhurandhar 2 as Statement

Rishabh Shetty Praises Dhurandhar 2 as Statement

4 घंटे पहले कॉपी लिंक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है। अब ‘कांतारा’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीत चुके एक्टर ऋषभ शेट्टी ने फिल्म देखने के बाद आदित्य धर के विजन की जमकर तारीफ की है। ऋषभ ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर फिल्म की कास्ट और क्रू की तारीफ की। ऋषभ ने धुरंधर 2 को सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट बताया है। ऋषभ बोले- फिल्म सिर्फ सीक्वल नहीं, एक स्टेटमेंट ऋषभ शेट्टी ने अपने X (ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि ‘धुरंधर 2’ का पहला ही सीन दर्शकों को खुद से जोड़ लेता है और अंत तक बांधे रखता है। उन्होंने आदित्य धर की तारीफ करते हुए कहा, “फिल्म का हर फ्रेम युद्ध के नगाड़े की तरह बजता है। यह सिर्फ एक सीक्वल नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट है। शानदार कहानी और डिटेलिंग देखकर बहुत खुशी हुई।” ऋषभ ने फिल्म की एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूजिक की भी तारीफ की। कांतारा के लिए नेशनल अवॉर्ड जीत चुके एक्टर ऋषभ शेट्टी। आदित्य ने जताया आभार ऋषभ शेट्टी ने फिल्म के कलाकारों- आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, रणवीर सिंह, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी के अभिनय को जबरदस्त बताया। उन्होंने सिनेमैटोग्राफर विकास नवलखा और म्यूजिक डायरेक्टर शाश्वत सचदेव को भी बधाई दी। इस पर आदित्य धर ने जवाब देते हुए लिखा, “आपके मुंह से तारीफ मिलना बहुत मायने रखता है। मैं खुद ‘कांतारा’ का बहुत बड़ा फैन हूं, इसलिए आपके शब्द मेरे लिए बेहद स्पेशल हैं।” बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो ‘धुरंधर 2’ ने भारत में अब तक 339.27 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 500 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। ऋषभ शेट्टी से पहले अल्लू अर्जुन, राम चरण, एसएस राजामौली और महेश बाबू जैसे दिग्गज कलाकार भी फिल्म की तारीफ कर चुके हैं। बॉलीवुड में अनुपम खेर, राकेश रोशन और शिल्पा शेट्टी ने भी इसे एक मास्टरपीस बताया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’: गौरव गोगोई ने दलबदलुओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया, कहा कि असम में कोई बीजेपी नहीं बची | राजनीति समाचार

Lockie Ferguson was the star for New Zealand in the third T20I

आखरी अपडेट:22 मार्च, 2026, 15:37 IST यह टिप्पणी 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से हाई-प्रोफाइल लोगों के बाहर निकलने के बाद आई है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (बाएं) और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई (दाएं)। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) असम कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में कोई भाजपा नहीं बची है क्योंकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पूर्व कांग्रेसियों के एक समूह का नेतृत्व करने की तैयारी कर रहे हैं जो पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह टिप्पणी 9 अप्रैल को होने वाले असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस से हाई-प्रोफाइल लोगों के बाहर निकलने के बाद आई है। गौरव गोगोई ने माजुली में कांग्रेस उम्मीदवार डॉ इंद्रनील पेगु के लिए प्रचार करते हुए मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे सामने जो खड़ा है वह हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस है; यह केवल भाजपा का टैग रखती है। जिन नेताओं ने तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान गलत काम किया, वे अब भाजपा में हैं। यह चुनाव तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस और हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस के बीच लड़ाई होगी।” गोगोई ने कहा कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अब केवल बीजेपी लेबल के तहत कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने अपने पिता, कांग्रेस के कद्दावर नेता और असम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा, “असम में अब कोई भाजपा नहीं है। हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा लेबल वाली कांग्रेस मौजूद है। उनके नेतृत्व में, कुछ पूर्व कांग्रेस नेता अपने और अपने परिवार के हितों के लिए चुनाव लड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, जो वाजपेयी भवन में एकत्र हुए हैं। दूसरी ओर, हम तरूण गोगोई के आदर्शों से प्रेरित कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं।” विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कुछ बड़े नेताओं को बाहर होते देखा है। पिछले महीने, पूर्व राज्य कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोराज भाजपा में चले गए। और अभी हाल ही में, लोकसभा सांसद और पूर्व राज्य मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हो गए। कथित तौर पर गौरव गोगोई के नेतृत्व वाले राज्य नेतृत्व के साथ दलबदलू नेताओं का टकराव चल रहा था। लोकसभा सांसद और असम में कांग्रेस के प्रमुख नेता गोगोई ने कहा, “असम में कांग्रेस सरकार के दौरान, कुछ नेता और मंत्री जिनके कार्यों ने तरुण गोगोई की सरकार की छवि खराब की थी, अब (राज्य भाजपा मुख्यालय) वाजपेयी भवन में इकट्ठे हुए हैं, मंत्री और विधायक के रूप में पद की मांग कर रहे हैं। हम एक ऐसी कांग्रेस के साथ खड़े हैं जो तरुण गोगोई के आदर्शों के साथ आगे बढ़ती है, जहां लोग नए चेहरों को उभरते हुए देख रहे हैं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों में विजयी होगी। उन्होंने कहा, “इस बार हम नए चेहरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऊपरी असम में विपक्षी दलों के बीच काफी एकता है, जिससे मुझे आशा है कि असम में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी। इस बदलाव के पहले संकेत ऊपरी और उत्तरी असम में दिखाई देंगे, जहां हमें बेहतर परिणाम की उम्मीद है।” असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। पहले प्रकाशित: 22 मार्च, 2026, 15:37 IST समाचार राजनीति ‘कांग्रेस बनाम कांग्रेस’: गौरव गोगोई ने दलबदलुओं पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया, कहा कि असम में कोई बीजेपी नहीं बची है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम कांग्रेस(टी)गौरव गोगोई(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम में बीजेपी(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)तरुण गोगोई विरासत(टी)असम की राजनीति 2026