Jordan Anthony, The new sensation of track and field, Jordan Anthony of the United States

Hindi News Sports Jordan Anthony, The New Sensation Of Track And Field, Jordan Anthony Of The United States तोरुन (पोलैंड)56 मिनट पहले कॉपी लिंक जॉर्डन एंथनी ने 6.41 सेकेंड का समय निकाला, जो इतिहास का चौथा सबसे तेज समय है। ट्रैक एंड फील्ड की दुनिया में एक नई स्प्रिंट सनसनी उभरकर सामने आई है। अमेरिका के 21 वर्षीय जॉर्डन एंथनी ने वर्ल्ड इंडोर चैम्पियनशिप की 60 मीटर दौड़ में गोल्ड जीतकर न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि अपनी संघर्ष भरी कहानी से सभी को प्रेरित भी किया। एंथनी ने 6.41 सेकेंड का समय निकाला, जो इतिहास का चौथा सबसे तेज समय है। रेस से सिर्फ 36 घंटे पहले एंथनी को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा था। पोलैंड पहुंचने के बाद डोप टेस्ट के दौरान एक अधिकारी ने जब खून लिया तो सुई नस में नहीं लगी, बल्कि बाहर लग गई, जिससे उनके हाथ में ब्लड क्लॉट हो गया। वे अपना हाथ ठीक से हिला भी नहीं पा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दर्द के साथ ही मैदान में उतरने का फैसला किया। नौ महीने पहले फुटबॉल छोड़कर चुना एथलेटिक्स जॉर्डन एंथनी की कहानी और भी खास इसलिए है क्योंकि उन्होंने महज नौ महीने पहले ही पेशेवर एथलेटिक्स में कदम रखा है। इससे पहले वे कॉलेज फुटबॉल में अर्कांसस रेजरबैक्स टीम से खेलते थे। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने एनएफएल का सपना क्यों छोड़ा, तो उन्होंने साफ कहा, ‘क्योंकि यहां कोई मुझे टक्कर मारने के लिए मेरी तरफ नहीं दौड़ रहा है।’ ओलिंपिक चैम्पियन लायल्स के साथ ट्रेनिंग एंथनी 100 मीटर के ओलिंपिक चैम्पियन नोआ लायल्स के ट्रेनिंग ग्रुप का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं दूसरों की रेस देखता हूं। यह ठीक वैसा ही है जैसे फुटबॉल में हम दूसरी टीम का विश्लेषण करते हैं। ट्रैक एंड फील्ड में कई लोग ऐसा नहीं करते, लेकिन मैं माइंड गेम पर ध्यान देता हूं। मुझे पता होता है कि सामने वाला क्या अच्छा करता है और क्या नहीं।’ डेब्यू में जीता गोल्ड, अब घरेलू ओलिंपिक पर नजर इस जीत से एंथनी का आत्मविश्वास बढ़ गया है। उन्होंने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैंने डेब्यू में गोल्ड जीता और इसे अमेरिका लेकर जा रहा हूं। मैंने कॉलेज फुटबॉल में ज्यादा दर्शकों के सामने खेला है, लेकिन यहां आकर मैं ज्यादा उत्साहित था। यह मेरे लिए आसान लगा।’ अब उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 में गोल्ड जीतना है। रोमांचक रहा फाइनल, 0.01 सेकेंड से चूके अजू रोमांचक फाइनल में कांटे की टक्कर दिखी। जमैका के किशाने थॉम्पसन ने 6.45 सेकंड के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि अमेरिका के ट्रेवॉन ब्रोमेल ने भी 6.45 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया। इसका फैसला फोटो फिनिश से हुआ। ब्रिटेन के जेरमायाह अजू महज 0.01 सेकेंड से मेडल से चूक गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
फुटबॉल क्लब चेल्सी ने शुरू की ‘बॉल-हडल’ की नई परंपरा:खिलाड़ियों को डांस करने, घास पर चलने जैसी प्री-मैच रस्मों से मिलती है ऊर्जा; इन्हें साथ करें तो पूरी टीम में आती है एकाग्रता

फुटबॉल मैदान पर इन दिनों इंग्लिश क्लब चेल्सी का एक नया तरीका सुर्खियों में है। मैच शुरू होने से ठीक पहले खिलाड़ी मैदान के बीचों-बीच रखी गेंद के चारों ओर एक गोल घेरा (हडल) बनाते हैं। मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व दिग्गज गैरी नेविले को यह बिल्कुल पसंद नहीं आया। उनका मानना है कि फैंस इन हरकतों से बेवकूफ नहीं बनेंगे, वे केवल खेल देखते हैं। हालांकि चेल्सी के कोच लियाम रोसेनियोर का नजरिया अलग है। उनका कहना है कि यह घेरा बनाने का फैसला उनका नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के लीडरशिप ग्रुप का था। टीम इसके जरिए अपनी एकजुटता दिखाना चाहती है और ‘गेंद का सम्मान’ करना चाहती है। प्री-मैच रस्में नई बात नहीं खेल जगत में प्री-मैच रस्में (मैच से पहले की आदतें) नई बात नहीं हैं। जीत और हार के बीच के फासले को कम करने के लिए टीमें ऐसे तरीके अपनाती हैं। 2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से पहले ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने अपनी टीम को एजबेस्टन के मैदान पर नंगे पैर घास पर चलने को कहा था। उनका मानना था कि इससे खिलाड़ियों को धरती से ‘सकारात्मक ऊर्जा’ मिलती है। वहीं, लिवरपूल के पूर्व मैनेजर जुर्गन क्लॉप मैच से पहले वॉर्म-अप के दौरान मैदान के बीच खड़े होकर विपक्षी टीम को घूरते थे, ताकि विरोधी खिलाड़ियों की शारीरिक भाषा और कमियों को समझ सकें। रग्बी में भी इसके उदाहरण रग्बी में भी इसके दिलचस्प उदाहरण हैं। 2003 में इंग्लैंड के कप्तान मार्टिन जॉनसन अपनी टीम को लेकर विपक्षी टीम आयरलैंड के ‘रेड कार्पेट’ वाले हिस्से पर खड़े हो गए और हटने से साफ इनकार कर दिया। इस जिद ने इंग्लैंड की टीम में जबरदस्त जोश भर दिया। इसका असर मैच के दौरान खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में साफ दिखा और उन्होंने मैच एकतरफा अंदाज में जीत लिया। ‘हाका’ डांस पूरी दुनिया में मशहूर दूसरी ओर, न्यूजीलैंड की रग्बी टीम का पारंपरिक ‘हाका’ डांस पूरी दुनिया में मशहूर है, जो विरोधी टीम को खुली चुनौती देता है। खेल मनोवैज्ञानिक जमील कुरैशी मानते हैं कि इन रस्मों का खिलाड़ियों पर गहरा असर होता है। चेल्सी का ‘गेंद के प्रति सम्मान’ इस बात का प्रतीक है कि खिलाड़ी उन चीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो उनके नियंत्रण में हैं। जीत की नींव रखने वाला मनोवैज्ञानिक हथियार मैच से पहले एक जैसी रूटीन अपनाने से दिमाग एकाग्र होता है। पूर्व रग्बी खिलाड़ी विल ग्रीनवुड का भी मानना है कि जब पूरी टीम मिलकर ऐसा करती है, तो यह सामूहिक ताकत बन जाती है। जाहिर है, सिर्फ गेंद के चारों ओर खड़े होने या नंगे पैर घास पर चलने से कोई टीम मैच नहीं जीत सकती, लेकिन अगर खिलाड़ी इन रस्मों पर पूरी तरह विश्वास करते हैं, तो यह कोई दिखावा नहीं, बल्कि जीत की नींव रखने वाला एक मजबूत मनोवैज्ञानिक हथियार बन सकता है।
प्रेग्नेंट महिला को अमेरिकी कंपनी ने वर्क-फ्रॉम होम नहीं दिया:जन्म के कुछ घंटे बाद नवजात की मौत हो गई, ₹200 करोड़ जुर्माना

अमेरिका के ओहायो में एक कंपनी को करीब ₹200 करोड़ (2.25 करोड़ डॉलर) का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। चेल्सी वॉल्श नाम की महिला टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स (TQL) अमेरिकी कंपनी में काम करती थीं। फरवरी 2021 में उन्होंने वर्क फ्रॉम होम (WFH) की इजाजत मांगी थी। कंपनी ने उन्हें ऑफिस आकर काम करने या बिना सैलरी छुट्टी लेने का ऑप्शन दिया, जिससे उनकी इनकम और हेल्थ इंश्योरेंस पर असर पड़ता। मजबूरी में उन्हें 22 फरवरी से ऑफिस जाकर काम करना पड़ा। लगातार तीन दिन काम करने के बाद 24 फरवरी को उन्हें समय से पहले डिलीवरी हो गई। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। कोर्ट ने माना कि अगर महिला को घर से काम करने दिया जाता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। इसी आधार पर कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया गया। बच्ची का जन्म 18 हफ्ते पहले हुआ महिला की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क थी और डॉक्टर ने उन्हें घर पर आराम करने और वर्क-फ्रॉम होम करने की सलाह दी थी, लेकिन कंपनी ने उनकी यह मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने माना कि यह मामला कंपनी के फैसले से जुड़ा हुआ है। बच्ची का जन्म तय समय से करीब 18 हफ्ते पहले हुआ था। जन्म के समय वह सांस ले रही थी और उसका दिल धड़क रहा था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने कंपनी के खिलाफ केस किया। उनका कहना था कि WFH की इजाजत मिलती, तो महिला को आराम मिलता और यह हादसा टल सकता था। मामला हैमिल्टन काउंटी की अदालत में चला, जहां जूरी ने कंपनी को दोषी माना। जहां कंपनी की जिम्मेदार मानते हुए 2.25 करोड़ डॉलर देने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने इसे एक दुखद घटना बताते हुए कहा कि कंपनी को कर्मचारी की स्थिति को समझना चाहिए था। प्रेग्नेंट महिलाओं को लेकर अलग-अलग नियम दुनियाभर में प्रेग्नेंट महिलाओं के काम से जुड़े अधिकारों को लेकर अलग-अलग कानून हैं, लेकिन कुछ सामान्य नियम हर जगह लागू होते हैं। इन नियमों के तहत प्रेग्नेंसी के कारण किसी महिला के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह माना जाता है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को ‘रीजनेबल अकॉमोडेशन’ यानी उचित सुविधा दी जानी चाहिए। इसमें काम के घंटे कम करना, हल्का काम देना या घर से काम करने की इजाजत शामिल हो सकती है। अमेरिका में प्रेग्नेंट महिलाओं को लेकर कई कानून हैं अमेरिका में इसे लेकर कानून और भी क्लियर हैं। प्रेग्नेंट वर्कर्स फेयरनेस एक्ट (PWFA) के तहत कंपनियों को प्रेग्नेंट कर्मचारियों को जरूरी सुविधाएं देना अनिवार्य है, जब तक इससे कंपनी को बहुत ज्यादा नुकसान न हो। इसके अलावा प्रेग्नेंसी डिस्क्रिमिनेशन एक्ट (PDA) के मुताबिक, प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता। अगर किसी अन्य कर्मचारी को बीमारी के दौरान वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाती है, तो प्रेग्नेंट महिला को भी समान सुविधा मिलनी चाहिए। कुछ मामलों में अमेरिकन्स विद डिसएबिलिटीज एक्ट (ADA) भी लागू होता है। अगर गर्भावस्था से जुड़ी कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो, तो कंपनी को कर्मचारी की मदद करनी होती है, जिसमें वर्क फ्रॉम होम भी शामिल हो सकता है। हालांकि, हर मामले में वर्क फ्रॉम होम देना जरूरी नहीं होता। अगर काम ऐसा है जो घर से नहीं किया जा सकता या कंपनी को इससे ज्यादा नुकसान होता है, तो कंपनी मना कर सकती है। लेकिन इसके लिए उसे सही कारण बताना जरूरी होता है। इसके अलावा, कंपनियों को यह भी ध्यान रखना होता है कि प्रेग्नेंट महिलाओं से भारी काम न कराया जाए और उन्हें सुरक्षित माहौल दिया जाए। भारत में वर्क फ्रॉम होम सुविधा है, कानून नहीं भारत में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) को लेकर कोई ऐसा कानून नहीं है, जो हर कंपनी को यह सुविधा देना जरूरी बनाता हो। लेकिन मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट, 1961 के तहत महिलाओं को कई जरूरी अधिकार मिलते हैं। जैसे उन्हें 26 हफ्ते (करीब 6 महीने) की पेड छुट्टी मिलती है और नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। इस कानून के मुताबिक, अगर काम घर से किया जा सकता है और कंपनी और कर्मचारी दोनों तैयार हों, तो मेटरनिटी लीव के बाद WFH दिया जा सकता है। WFH एक सुविधा है, जरूरी अधिकार नहीं। इसलिए कंपनी अपनी जरूरत के हिसाब से इसे मंजूर या मना कर सकती है। सरकार ने कंपनियों को यह सलाह दी है कि वे महिलाओं को लीव के बाद कुछ समय तक घर से काम करने दें, लेकिन यह नियम अनिवार्य नहीं है। ————— यह खबर भी पढ़ें… महिला की लाश के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान:हॉन्गकॉन्ग से लंदन उड़ान में टेकऑफ के बाद मौत हुई; रास्तेभर बदबू से परेशान रहे पैसेंजर ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में रविवार को एक महिला यात्री की टेकऑफ के करीब 1 घंटे बाद मौत हो गई। इसके बाद उनका शव पूरे 13 घंटे तक विमान में ही रखा रहा। शव को विमान के पीछे वाले हिस्से में रखा गया था, जहां फर्श गर्म था। इसी वजह से धीरे-धीरे बदबू फैलने लगी, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। पढ़ें पूरी खबर…
गुर्दे की पथरी को गलाकर राख बना देगा यह पौधा! कई गंभीर बीमारियों के लिए काल, ऐसे करें इस्तेमाल

Last Updated:March 22, 2026, 14:48 IST Punarnava Health Benefits: पुनर्नवा को ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है. इसके पाउडर को शहद के साथ लेने से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा इसमें विटामिन-C, विटामिन-B और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में एक ऐसा पौधा पाया जाता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. यह पौधा आपको खेतों व घर के आसपास खाली पड़ी जमीन में आसानी मिल जाता है. पुनर्नवा एक ऐसा औषधीय पौधा है, जिसे आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पौधा सूजन से लेकर कई बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. पुनर्नवा एक फैलने वाली घास के रूप में उगने वाला पौधा है. यह आमतौर पर उन जगहों पर ज्यादा मिलता है, जहां नमी और बारिश अधिक होती है. अगर आप भी किडनी जैसी समस्याओं से अक्सर परेशान रहते हैं, तो यह पौधा आपकी किडनी जैसी समस्याओं से आपको छुटकारा दिला सकता है. पुनर्नवा का सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. इसके जड़, पत्तियां और तना को पानी में उबालकर छान लिया जाता है और फिर इसे पिया जाता है. पुनर्नवा को ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है. इसके पाउडर को शहद के साथ लेने से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा इसमें विटामिन-C, विटामिन-B और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. भोजन से पहले इसका रस लेने से कब्ज, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप भी वजन जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते हैं, अधिक वजन होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में पुनर्नवा का पौधा बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. पुनर्नवा के पौधों के रस का सेवन करने से वजन जैसी समस्या से आपको राहत मिल सकती है, क्योंकि पुनर्नवा में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है. आज के समय भागदौड़ के कारण अक्सर तनाव की समस्या देखी जा रही है. कई बार नींद ना आने के कारण लोग बीमार हो जाते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो तनाव जैसी समस्याओं से आपको राहत दिला सकता है. यह पौधा पुनर्नवा है, क्योंकि पुनर्नवा में एंटी स्ट्रैस और एंटीडिप्रेसेंट गुण पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते खान-पान के कारण पथरी की समस्या अधिक देखी जा रही है. पथरी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पुनर्नवा बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. पुनर्नवा को कुछ लोग पत्थरी भाजी के नाम से भी जानते हैं, क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा बहुत ज्यादा है. पोटेशियम होने की वजह से पत्थरी भाजी हमारे शरीर में ग्लोमेरूलर फिल्ट्रेशन रेट यानी गुर्दे की ओर से रक्त को छानने की प्रक्रिया को बढ़ा देता है. किडनी के सही फिल्टरेशन नही करने की वजह से हमारे शरीर में सूजन होता है. First Published : March 22, 2026, 14:48 IST
भोपाल में निर्माणाधीन ब्रिज के पिलर से टकराई कार:टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी संचालक की मौत, दोस्त गंभीर जख्मी

भोपाल-इंदौर हाईवे पर खजुरी जोड़ में रविवार तड़के सुबह i20 कार एक निर्माण अधीन ब्रिज के पिलर से जा टकराई। हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके साथी की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतक एक टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी का संचालन करता थे। जानकारी के मुताबिक वह फूफा के निधन की सूचना के बाद दोस्त के साथ कार में सवार होकर इंदौर जाने के लिए निकला थे। भोपाल की खजूरी सड़क थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जहां शुरू कर दी है। रविवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। साथी दोस्त की हालत गंभीर पुलिस के मुताबकि गौरव सिंह (30) पिता स्वर्गीय शिवराज सिंह बड़ा कॉलोनी अवधपुरी के रहने वाले थे और टूर्स एंड ट्रेवल्स एजेंसी का संचालन करते थे। रविवार तड़के सुबह 3:00 बजे फूफा के निधन की सूचना के बाद इंदौर के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ दोस्त लकी भी उनकी कर में मौजूद था। तड़के करीब 3:45 बजे गौरव की कर भौरी जोड़ के करीब एक निर्माण अधीन ब्रिज के पिलर से जा टकराई। इससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई जबकि लकी की हालत गंभीर है और हमीदिया अस्पताल में उनका इलाज जारी है। 4 साल पहले की थी शादी गौरव की 4 साल पहले लव-अरेंज मैरिज हुई थी। हालांकि उनकी फिलहाल कोई संतान नहीं है। गौरव ने अपने दम पर टूर्स एंड ट्रेवल्स के कारोबार को बढ़ाया। वहीं गौरव की मौत के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे की सभी एंगल पर जांच की जा रही है। वन वे रोड पर क्रॉसिंग के दौरान हुआ हादसा मृतक के रिश्तेदार शिवराज सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते भोपाल-इंदौर रोड भौरी जोड़ पर सड़क को वनवे किया गया है। उन्हें लोगों ने बताया कि गौरव सामने से आ रही तेज रफ्तार कार को क्रॉसिंग देने के प्रयास में पिलर से जा टकराए। राहगीरों ने तत्काल 108 एंबुलेंस पर कॉल किया। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों घायलों को कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां गौरव को चेक करने के बाद डॉक्टर ने मृत्य घोषित कर दिया जबकि लकी का इलाज जारी है।
लैक्मे फैशन वीक के तीसरे दिन दिशा पाटनी बनीं शोस्टॉपर:तमन्ना भाटिया और खुशी कपूर ने भी रैंप वॉक किया, देखें तस्वीरें

मुंबई में शनिवार को लैक्मे फैशन वीक के तीसरे दिन दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया, शनाया कपूर और खुशी कपूर ने अलग-अलग डिजाइनरों के लिए ‘शोस्टॉपर’ के रूप में रैंप वॉक किया। दिशा पाटनी ने ब्लैक आउटफिट के साथ स्टेटमेंट दुपट्टा और ब्लाउज कैरी किया। उन्होंने बालों को बन में स्टाइल किया, जिसमें कुछ लटें खुली रखीं। ज्वेलरी में डायमंड नेकलेस के साथ एमराल्ड पेंडेंट पहना। वहीं, खुशी कपूर ने भी तीसरे दिन रैंप वॉक किया। उन्होंने फ्लोरल एम्बेलिश्ड क्रॉप टॉप के साथ मैचिंग लहंगा पहना और कलेक्शन के रंग, पैटर्न और डिटेलिंग की सराहना की। शो का समापन एक्ट्रेस मालविका मोहनन ने किया। उन्होंने ऑल-व्हाइट लुक में क्रॉप्ड जैकेट, व्हाइट शर्ट और असिमेट्रिक स्कर्ट पहनकर रैंप वॉक किया। देखें शो की तस्वीरें- लैक्मे फैशन वीक भारत का एक प्रमुख फैशन इवेंट है, जिसे लैक्मे और RISE वर्ल्डवाइड मिलकर आयोजित करते हैं। अब यह फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (FDCI) के साथ साझेदारी में होता है। यह मंच भारतीय डिजाइनरों को अपने नए कलेक्शन दिखाने और ग्लोबल पहचान बनाने का मौका देता है। यह इवेंट साल में दो बार होता है। मार्च में समर-रिसॉर्ट या फॉल-विंटर कलेक्शन और अक्टूबर में विंटर-फेस्टिव कलेक्शन पेश किए जाते हैं। इसका आयोजन मुख्य रूप से मुंबई में होता है। 2026 का मार्च एडिशन 19 से 22 मार्च तक जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है।
श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 81 रुपए तक महंगा:पेट्रोल 398 और डीजल 382 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर

कच्चे तेल की सप्लाई संकट के बीच श्रीलंकाई सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25% तक की बढ़ोतरी की है। आज यानी 22 मार्च को हुई बढ़ोतरी के बाद श्रीलंका में रेगुलर पेट्रोल की कीमत 81 श्रीलंकाई रुपए बढ़कर 398 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 79 रुपए महंगा होकर 382 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते कीमतों में 8% का इजाफा किया था। हालात बिगड़ते देख राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने देश में ‘4 डे वर्किंग वीक’ (हफ्ते में सिर्फ 4 दिन काम) लागू कर दिया है और कंपनियों से वर्क-फ्रॉम-होम मोड पर लौटने को कहा है। ईंधन बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम के निर्देश सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (CPC) के एक अधिकारी ने बताया कि कीमतों में इस बड़ी बढ़ोतरी का मकसद देश में ईंधन की खपत को 15 से 20% तक कम करना है। राष्ट्रपति दिसानायके ने पिछले बुधवार से ही सरकारी और निजी दफ्तरों के लिए हफ्ते में केवल 4 दिन काम करने का आदेश जारी कर दिया था। इसके साथ ही कंपनियों से कहा गया है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए ताकि सड़कों पर गाड़ियां कम निकलें और तेल की बचत हो सके। हॉर्मुज जल मार्ग बंद होने से थमी सप्लाई चेन श्रीलंका की इस मुश्किल की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ा युद्ध है। युद्ध के चौथे हफ्ते में प्रवेश करने के साथ ही ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से शांति के समय दुनिया के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। श्रीलंका अपनी जरूरत का पूरा तेल और बिजली बनाने के लिए कोयला आयात करता है, ऐसे में सप्लाई रुकने से देश के पास स्टॉक खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। 2022 जैसे ‘डिफॉल्ट’ का डर फिर सताने लगा श्रीलंका सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर मिडिल ईस्ट में युद्ध लंबा खिंचता है, तो देश के लिए 2022 के आर्थिक संकट से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि 2022 में विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने के बाद श्रीलंका ने अपने 46 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज पर ‘सॉवरेन डिफॉल्ट’ घोषित कर दिया था। हालांकि, बाद में उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज मिला, जिससे स्थिति थोड़ी सुधरी थी, लेकिन अब युद्ध ने फिर से रिकवरी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सिंगापुर और मलेशिया से होता है तेल का आयात श्रीलंका अपनी रिफाइनरी के लिए कच्चा तेल मिडिल ईस्ट से मंगवाता है, जबकि रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लिए वह सिंगापुर, मलेशिया और दक्षिण कोरिया पर निर्भर है। ईरान द्वारा निर्मित श्रीलंका की इकलौती रिफाइनरी भी अब कच्चे तेल की कमी का सामना कर रही है। सरकार ने पिछले हफ्ते ही ईंधन की राशनिंग शुरू कर दी थी ताकि जरूरी सेवाओं के लिए स्टॉक बचा कर रखा जा सके।
CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

Hindi News National CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार- फाइल फोटो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिया है। लोकसभा-राज्यसभा में लाए गए नोटिस में CEC पर 7 आरोप है लगाए गए हैं। यह कहा गया है कि वे सरकार के इशारे पर काम करते हैं। विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने SIR के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार छीन लिया। नोटिस में उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं। 12 मार्च को संसद के दोनों सदन में जमा किए गए नोटिस में CEC के खिलाफ साबित दुर्व्यवहार के आधार पर उन्हें हटाने की मांग की गई है। लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 विपक्षी सांसदों ने CEC को हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने की भी मांग की है। CEC के खिलाफ विपक्ष के 7 आरोप विपक्ष के आरोपों में कुमार की CEC के तौर पर नियुक्ति की प्रक्रिया, 17 अगस्त 2025 को राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए उनकी पक्षपातपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस, विपक्ष और सत्ताधारी दल के सदस्यों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, जांच में बाधा डालना, पारदर्शिता के साधन उपलब्ध कराने से इनकार करना और सत्ताधारी दल के राजनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया को लागू करना शामिल है। यह दावा किया जा रहा है कि विपक्ष मानसूत्र सत्र के दौरान CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है। महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होता है। पढ़ें विपक्ष के नोटिस की बड़ी बातें… चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: विपक्ष CEC ने ECI को एक निष्पक्ष चुनावी संस्था से बदलकर, कार्यपालिका के राजनीतिक एजेंडे को लागू करने वाले एक ‘माध्यम’ में बदल दिया है। उन्होंने इसे एक निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था से बदलकर, नागरिकता तय करने वाले एक ट्रिब्यूनल में तब्दील कर दिया है। बिहार चुनाव से पहले SIR की शर्तें थोपीं: बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक 5 महीने पहले की गई SIR की प्रक्रिया ने दस्तावेजों से जुड़ी ऐसी शर्तें थोप दी थीं, जिनका नतीजा हुआ कि समाज के सबसे कमजोर तबकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। 65 लाख वोटर्स इससे प्रभावित हुए। पक्षपाती मानसिकता और कार्यशैली: CEC ने बड़े राज्यों में जहां 2-3 महीने में चुनाव होने थे, वहां SIR की प्रक्रिया रॉकेट जैसी तेजी से की। समय-सीमा पर दोबारा विचार करने को लेकर अड़ियल रवैया रखा। लोगों की तकलीफों को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशीलता रहे। विपक्ष की हर गुहार को जान-बूझकर नजरअंदाज किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
शरीर में नजर आने वाले ये संकेत किडनी खराब होने के हैं लक्षण, इन 6 चेतावनियों को न करें नजरअंदाज

Last Updated:March 22, 2026, 14:19 IST Sign and Symptoms of kidney disease: किडनी शरीर में कई तरह के महत्वपूर्ण काम करती है. कई बार किडनी में कोई समस्या होती है, तो इसके संकेत पेशाब में नजर आते हैं जैसे पेशाब करते समय जलन होना, खून आना आदि. इतना ही नहीं, कम पानी पीने के बाद भी पेशाब बहुत अधिक होने लगे तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है. विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसी स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज होने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. किडनी खराब होने के संकेत. Sign and Symptoms of kidney disease: किडनी शरीर की बेहद ही महत्वपूर्ण अंग है, जो कई महत्वूपूर्ण काम करती है. शरीर में गुर्दे (Kidney) दो होते हैं और ये अपना काम सही से न करें तो आप समझ लीजिए कि इसमें कोई समस्या शुरू हो चुकी है. आपको कई संकेत शरीर में नजर आने लगेंगे. इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है. किडनी शरीर में खून साफ करती है. शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. जब किडनी अपने ये सभी कार्य करना बंद कर देगी तो आपकी किडनी फेल हो जाएगी. ऐसे में शरीर छोटे-छोटे संकेत देना शुरू कर देता है. जब किडनी बीमार होती है, तो शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं. जानिए, किडनी खराब होने के क्या संकेत पहले नजर आते हैं… किडनी खराब होने के संकेत – जब किडनी में कोई समस्या शुरू होती है तो बार-बार पेशाब आना हो सकता है. कुछ लोग सोचते हैं कि बार-बार पेशाब आना कोई समस्या नहीं है, ये कॉमन है. लेकिन, जब आप कम पानी पीते हैं, उसके बाद भी अधिक पेशाब आए तो ये चिंता की बात हो सकती है. -रात में कई बार उठकर पेशाब जाना पड़े, तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है. विशेषज्ञ के अनुसार, कई बार यह स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज की शुरुआती संकेत हो सकते हैं. यदि आपको भी ये लक्षण कई दिनों से नजर आ रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -कई बार पेशाब करते समय झाग आता है. पेशाब का रंग डार्क लगता है. ये बदलाव भी किडनी की समस्या का संकेत हो सकते हैं. पेशाब में झाग बनने का मतलब ये होता है कि शरीर से प्रोटीन बाहर निकल रहा है. सामान्य स्थिति में किडनी प्रोटीन को शरीर के अंदर ही रखती है. जब किडनी के फिल्टर कमजोर हो जाते हैं तो प्रोटीन पेशाब के साथ बाहर आने लगता है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से मिलें. -किडनी की क्षमता कम होने पर शरीर में सूजन दिखाई देने लगती है. ये सूजन पैरों, टखनों और आंखों के आसपास नजर आ सकती है. ये संकेत हैं कि किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पा रही है. जब टॉक्सिन तरल पदार्थ शरीर में जमा होने लगे तो सूजन बढ़ जाती है. इससे थकान समझने की गलती न करें. लगातार सूजन होना चिंता की बात हो सकती है. -किडनी की बीमारी होने पर त्वचा से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं. जब किडनी शरीर से गंदे पदार्थों को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में यूरिया बढ़ जाता है. इसका असर त्वचा पर भी पड़ सकता है. कई लोगों को त्वचा में खुजली, रूखापन या जलन जैसी समस्या होती है. -कई बार हाई ब्लड प्रेशर होना भी किडनी की समस्या से संबंधित हो सकता है. अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक कंट्रोल न हो, तो इससे किडनी के फिल्टर को नुकसान पहुंचा सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : March 22, 2026, 14:19 IST
Mohanlal & Priyadarshan Reunite for 100th Film; Actor Feels Honored

7 घंटे पहले कॉपी लिंक मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल और डायरेक्टर प्रियदर्शन एक बार फिर साथ आ रहे हैं। यह प्रियदर्शन के करियर की 100वीं फिल्म होगी। खास बात यह है कि मोहनलाल ने ही प्रियदर्शन की पहली फिल्म में लीड रोल निभाया था और अब वे उनकी ‘सेंचुरी’ वाली फिल्म का भी हिस्सा बनेंगे। यह फिल्म एक ‘म्यूजिकल ड्रामा’ होगी, जिसे आशीर्वाद सिनेमाज के बैनर तले बनाया जाएगा। हालांकि इस प्रोजेक्ट का नाम अभी तय नहीं हुआ है। मोहनलाल ने लिखी इमोशनल पोस्ट मोहनलाल ने सोशल मीडिया पर एक नोट लिखकर फिल्म पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा, “कुछ उपलब्धियां किसी एक व्यक्ति की नहीं होतीं। मेरे प्रिय मित्र प्रियन (प्रियदर्शन) अपनी 100वीं फिल्म की ओर कदम बढ़ा रहे हैं और मेरे पास शब्द नहीं हैं कि यह मेरे लिए क्या मायने रखता है। 100 फिल्में सिर्फ एक नंबर नहीं हैं, बल्कि कहानियों से भरा एक जीवन है। मैं इस सफर का हिस्सा बनकर खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं।” एंथोनी पेरुम्बावूर करेंगे प्रोड्यूस इस फिल्म को मोहनलाल के करीबी और मशहूर प्रोड्यूसर एंथोनी पेरुम्बावूर प्रोड्यूस कर रहे हैं, जबकि बिनू जॉर्ज अलेक्जेंडर को-प्रोड्यूसर होंगे। फिल्म की कहानी को लेकर अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है,लेकिन मेकर्स ने साफ किया है कि यह प्रियदर्शन की सिग्नेचर कॉमेडी फिल्मों से अलग एक म्यूजिकल फिल्म होगी। फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। भारतीय सिनेमा में बनेगा नया रिकॉर्ड यह फिल्म भारतीय सिनेमा में एक नया रिकॉर्ड सेट कर सकती है। बहुत कम ऐसा देखा गया है कि जिस अभिनेता ने किसी डायरेक्टर की पहली फिल्म में काम किया हो, वही उसकी 100वीं फिल्म में भी मुख्य भूमिका निभाए। मोहनलाल और प्रियदर्शन की जोड़ी ने पिछले चार दशकों में ‘बोइंग बोइंग’, ‘चित्रम’, ‘कालापानी’ और ‘ओप्पम’ जैसी कई क्लासिक फिल्में दी हैं। पुराने दोस्त हैं प्रियदर्शन और मोहनलाल प्रियदर्शन ने अपने करियर की शुरुआत 1980 के दशक में की थी। उन्होंने न केवल मलयालम बल्कि बॉलीवुड में भी ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’ और ‘हंगामा’ जैसी सुपरहिट फिल्में दी हैं। मोहनलाल के साथ उनकी जोड़ी को मलयालम इंडस्ट्री की सबसे सफल जोड़ी माना जाता है। उनकी पिछली बड़ी फिल्म ‘मरक्कर: लॉयन ऑफ द अरेबियन सी’ थी, जिसने नेशनल अवॉर्ड जीता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







