रोज घंटों ट्रैफिक में फंसकर पहुंचते हैं ऑफिस, अरे कोई जुगाड़ निकालिए, वरना हार्ट के पेशेंट बन जाएंगे !

Last Updated:March 23, 2026, 11:42 IST Health Risks of Long Commutes: रोज घर से ऑफिस जाना और वापस आना कॉमन बात लगती है, लेकिन इसका हमारी सेहत पर काफी गहरा असर पड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो रोज 2-3 घंटे तक ट्रैफिक में फंसकर ऑफिस पहुंचना और शाम को घर वापस लौटना सेहत के लिए नुकसानदायक है. इससे हार्ट, ब्रेन और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. रोज घंटों ट्रैफिक में फंसकर ऑफिस जाना और वापस लौटना सेहत के लिए खतरनाक है. Traffic Stress Health Risks: दिल्ली-एनसीआर में लाखों लोग रोज 2-3 घंटों का सफर करके ऑफिस पहुंचते हैं और फिर शाम को ट्रैफिक में फंसकर वापस लौटते हैं. अधिकतर बड़े शहरों में यह लोगों का डेली रुटीन बन गया है. मेट्रो सिटीज में लोगों के लिए दिन की शुरुआत ऑफिस से नहीं, बल्कि ट्रैफिक से होती है. लोग इस सफर को सामान्य मानते हैं, लेकिन इसका सेहत पर बहुत बुरा असर होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो रोज ट्रैफिक में फंसकर 2-3 घंटे का सफर करना हमारे हार्ट, ब्रेन और लंग्स के लिए खतरनाक है. इस ट्रैवलिंग को शरीर कभी भी सामान्य नहीं मानता है. यह समय शरीर के लिए एक लगातार चलने वाला तनाव बन जाता है. ट्रैफिक का शोर, प्रदूषित हवा, भीड़भाड़ और लंबे समय तक बैठे रहना सेहत के लिए खतरनाक है. बेंगलुरु के मनिपाल हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. केशव आर ने TOI को बताया कि ट्रैफिक जाम में फंसे रहना, हर पल सतर्क रहना, लगातार हॉर्न और शोर सुनना और हवा की खराब क्वालिटी जैसे फैक्टर्स शरीर को अंदर ही अंदर तनावग्रस्त बनाए रखते हैं. भले ही शरीर स्थिर हो, लेकिन नर्वस सिस्टम लगातार एक्टिव रहता है. यह कंडीशन हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है. हार्ट पर इसका असर सबसे पहले और सबसे तेजी से दिखाई देता है. हल्का तनाव भी हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है. जब ऐसा रोज होने लगता है, तो इसका असर शरीर पर ज्यादा गहराई से होता है. कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि लंबे समय तक ट्रैफिक में रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट रेट लगातार हाई रह सकता है और भविष्य में कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. बड़े शहरों में एयर क्वालिटी खराब होती है और इस दौरान पॉल्यूशन के कण ब्लड स्ट्रीम में जाकर शरीर में सूजन पैदा करते हैं. इससे हार्ट पर अतिरिक्त दबाव आ जाता है. इस दौरान फेफड़े भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं, क्योंकि प्रदूषण का सीधा असर इन्हीं पर पड़ता है. खासकर दोपहिया वाहन चलाने वाले या बिना एसी वाले वाहनों में सफर करने वाले लोग ज्यादा प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं. इससे धीरे-धीरे फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो सकती है, खांसी या सांस फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं और अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. शाम के समय यह स्थिति और खराब हो जाती है, क्योंकि दिनभर के प्रदूषण का स्तर उस समय ज्यादा होता है. रोज की इस भागदौड़ का असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है. हमारा ब्रेन ट्रैफिक को एक खतरे वाली स्थिति के रूप में देखता है, जहां हर समय सतर्क रहना पड़ता है. इससे शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ा रहता है. लंबे समय तक ऐसा होने से मूड, ध्यान और याददाश्त पर असर पड़ता है और नींद की क्वालिटी भी खराब हो सकती है. यही कारण है कि कई लोग ऑफिस पहुंचने से पहले ही मानसिक रूप से थकान महसूस करने लगते हैं. शाम को लौटते वक्त लोग थके हुए होते हैं और ट्रैफिक जाम उन्हें मानसिक रूप से और ज्यादा परेशान कर देता है. डॉक्टर की मानें तो इस समस्या को पूरी तरह टाला नहीं जा सकता, लेकिन कुछ छोटे बदलाव करके इसके असर को कम जरूर किया जा सकता है. अगर आप बाइक, ई-रिक्शा या ऑटो से ऑफिस जाते हैं, तो कोशिश करें कि मेट्रो से सफर किया जाए. अगर संभव हो, तो एसी वाहन का इस्तेमाल करें और पीक ट्रैफिक से बचने के लिए घर से थोड़ा पहले निकलें. सफर के दौरान हल्का म्यूजिक सुनें और ट्रैफिक में फंसे समय गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं. इसके अलावा थोड़ी दूरी पैदल चलना भी फायदेमंद हो सकता है. छोटे-छोटे ये बदलाव रोज के छिपे हुए तनाव को कम कर सकते हैं और लंबे समय में आपकी सेहत की रक्षा कर सकते हैं. अगर परेशानी ज्यादा हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराएं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 23, 2026, 11:42 IST
‘मेरी मां ने मुझे यह घर कहा था…’, ममता बनर्जी के लिए क्यों है इतना खास भवानीपुर, जानें क्या है इस सीट का इतिहास

पश्चिम बंगाल की राजनीति में कुछ ऐसे ही इलेक्ट्रोनिक क्षेत्र हैं, ऐतिहासिक महत्व के भवानीपुर के बारे में बताया गया है। इस सीट का नामांकन यात्रा राज्य में कांग्रेस के प्रभुत्व से लेकर उद्यम के उदय तक के बदलावों को शामिल किया गया है। ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाने वाला भवानीपुर से हमेशा के लिए समाजवादी मजबूत गढ़ नहीं था। भवानीपुर को लेकर क्या बोलीं ममतासुप्रीमो और सीएम ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्टी की बैठक में नेताओं से वोट बनाए रखने को कहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है. 3 दिन में 50 लोगों को निकाला गया भुगतान। इसके अलावा उन्होंने कई मूर्तिकारों की भूमिका भी निभाई। अपने क्षेत्र टेलीकॉम भवानीपुर के बारे में बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ”भवानीपुर में हर कोई मुझे बताता है. भवानीपुर विधानसभा सीट का इतिहासपीटीआई का कहना है कि देश की आजादी के बाद दशकों तक दक्षिण कोलकाता की ये सीट कांग्रेस का गढ़ और राज्य की कुछ सबसे प्रभावशाली राजनीतिक समाप्ति का गृह क्षेत्र रही। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में इस सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मीरा गुट गुप्ता और रथिन तालुकदार जैसे अन्य कांग्रेसी दिग्गजों ने भी इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, जिससे भवानीपुर की प्रतिष्ठा पार्टी के प्रमुख शहरी गढ़ों में एक के रूप में मजबूत हुई। भवानीपुर तक कई प्राचीन कांग्रेस के प्रभाव में जगह बनाई जा रही है। केवल 1969 में ही इस सीट पर कब्ज़ा कर लिया गया था। जब इस सीट का नाम मोती कालीघाट इलेक्ट्रोरेटर क्षेत्र रखा गया। सी क्रूज़ (एम) नेता साधन गुप्ता 1953 में इसी सीट से भारत के पहले दृष्टिबाधित न्यूनतम बने। भवानीपुर की राजनीतिक यात्रा ने 1972 में एक क्रांतिकारी मोड़ लिया, जब परिसीमन के बाद यह इलेक्ट्रोलाइट क्षेत्र रेखाचित्र से गायब हो गया। लगभग 4 दशकों तक यह सीट केवल राजनीतिक स्मृति में ही विद्यमान रही। 2011 के परिसीमन में इसे फिर से जीवित किया गया। उस दौरान बंगाल की राजनीति में नाटकीय उतार-चढ़ाव मची थी। उसी वर्ष वाममोर्चा के 34 वर्ष के शासन का अंत हुआ और ममता बनर्जी युग की शुरुआत हुई। ये भी पढ़ें अमेरिका ईरान युद्ध: भारत में 95 तो पाकिस्तान में कितने रुपए प्रति लीटर बिका पेट्रोल, डीजल कितने का? (टैग्सटूट्रांसलेट)भवानीपुर(टी)ममता बनर्जी(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)भवानीपुर(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव
बांग्लादेश IPL बैन पर समीक्षा करेगा:खेल मंत्री बोले-स्थिति को समझने के बाद इस पर फैसला लेंगे; सुरक्षा रिपोर्ट के बाद PSL पर भी निर्णय

बांग्लादेश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर लगे बैन की समीक्षा जल्द हो सकती है। युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने क्रिकबज’से बातचीत में कहा कि वे इस बात की भी जांच करेंगे कि दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 लीग IPL के प्रसारण पर बांग्लादेश में बैन क्यों लगाया गया है। वे स्थिति को समझने के बाद इस पर दोबारा फैसला लेंगे। वहीं, सुरक्षा चिंताओं के आधार पर खिलाड़ियों के PSL में खेलने पर भी अंतिम फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा। खेल और राजनीति को मिक्स नहीं करेंगे-अमीनुल हक प्रोफेसर यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लिया था। इसके साथ ही बांग्लादेश में IPL के प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला उस विवाद के बाद लिया गया था, जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से मुस्तफिजुर रहमान को हटाया गया था। हालांकि, मौजूदा युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ बेहतर और दोस्ताना संबंध चाहता है। अमीनुल हक ने बताया कि ईद की छुट्टियों के बाद क्रिकेट बोर्ड के साथ बैठक की जाएगी, जिसमें IPL पर लगे बैन के कारणों की समीक्षा होगी और आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि खेल का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और दोनों देशों के बीच खेल संबंध सामान्य रहने चाहिए। सुरक्षा पर BCB की रिपोर्ट का इंतजार खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को सरकार से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा,’अगर सुरक्षा को लेकर कोई खतरा है, तो हमारे खिलाड़ी निश्चित रूप से नहीं जाएंगे। पहले बोर्ड हमें इस बारे में जानकारी देगा, फिर हम अपनी नेशनल एजेंसियों की जांच के आधार पर आधिकारिक फैसला लेंगे।’ बंद दरवाजों के पीछे होगा टूर्नामेंट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रविवार को ही घोषणा की है कि वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण PSL 2026 के मैचों को केवल लाहौर और कराची तक सीमित कर दिया गया है। साथ ही, ये सभी मैच ‘बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स’ यानी बिना दर्शकों के खेले जाएंगे। कई देशों ने अपने खिलाड़ियों के लिए ट्रेवल एडवाइजरी भी जारी की है। इस पर अमीनुल ने कहा,’अगर BCB हमें भरोसा दिलाता है कि कोई समस्या नहीं है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम खेल को रोकना नहीं चाहते, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है।’ इन 6 खिलाड़ियों को मिल चुका है NOC बांग्लादेश के 6 प्रमुख खिलाड़ियों को पहले ही बोर्ड से एनओसी (NOC) मिल चुका है। इनमें मुस्तफिजुर रहमान और परवेज हुसैन इमोन (लाहौर कलंदर्स), शोरफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीद हसन तमीम और रिशाद हुसैन (पेशावर जाल्मी) शामिल हैं। यह टूर्नामेंट 26 मार्च से 3 मई तक होना है। अब इन खिलाड़ियों का भविष्य सरकार के अंतिम फैसले पर टिका है।
‘बीजेपी को केरल में कोई चुनावी लाभ मिलने की संभावना नहीं’: पिनाराई विजयन की पोल भविष्यवाणी | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 23, 2026, 11:26 IST पिनाराई विजयन का कहना है कि बीजेपी केरल में कोई सीट नहीं जीतेगी, कांग्रेस को बीजेपी की “बी-टीम” कहा, सबरीमाला मामले के प्रभाव को खारिज किया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन. (पीटीआई फाइल फोटो) केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भविष्यवाणी की है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में कोई भी सीट सुरक्षित करने में विफल रहेगी। द हिंदू के साथ एक साक्षात्कार में, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेता ने तर्क दिया कि कांग्रेस प्रभावी रूप से राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा की बी-टीम के रूप में कार्य करती है, और पार्टी के उत्थान को रोकने में असमर्थ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “केवल वामपंथियों ने लगातार भाजपा का विरोध किया है, जिसे वह और भी मजबूती से जारी रखेगी। और इस बार भी भाजपा को कोई चुनावी लाभ मिलने की संभावना नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर, भाजपा के खिलाफ केवल एकजुट लड़ाई ही संभव है, लेकिन कांग्रेस हमेशा माहौल को खराब करके भाजपा को बढ़त दिलाकर ऐसी कोशिशों को विफल कर देती है। राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेता अपनी गलतियों से सीखने से इनकार करते हैं।” राज्य में ईसाई समुदायों तक भाजपा की पहुंच के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, विजयन ने इस प्रयास को खारिज कर दिया और कहा कि इससे परिणाम मिलने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, ”कुछ भी नहीं होने वाला है और इसके पक्ष में कोई एकीकरण नहीं होगा।” यह पूछे जाने पर कि क्या सबरीमाला सोना चोरी मामला मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है, मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका चुनाव परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “लोग इसकी सच्चाई समझ गए हैं। उच्च न्यायालय जांच की निगरानी कर रहा है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं है। जांच सही दिशा में है और कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।” केरल के मुख्यमंत्री ने केंद्र की आलोचना की सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुतियों के बारे में बोलते हुए, सीएम ने कहा कि राज्य ने अदालत के प्रश्नों का स्पष्ट रूप से जवाब दिया है और मंदिर के रीति-रिवाजों पर अपने पहले के रुख को दोहराया है। उन्होंने कहा, “मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा सवालों का हिस्सा नहीं था। हमने वही दोहराया जो हमने 2007 में कहा था: कि मंदिर के रीति-रिवाजों और रीति-रिवाजों के सवाल को संबोधित करते समय धार्मिक विद्वानों, विशेषज्ञों और समाज सुधारकों से परामर्श किया जाना चाहिए।” उन्होंने केंद्र सरकार की भी आलोचना करते हुए कहा कि केरल को विकसित करने की उसकी हालिया बात कार्रवाई के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा, “बार-बार अपील करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में शानदार उपलब्धियों के बावजूद, हमें एम्स नहीं मिला है। जब राज्य आपदाओं से प्रभावित हुआ, तो केंद्र ने न केवल अपनी पीठ मोड़ ली, बल्कि उन देशों से समर्थन भी रोक दिया, जो केरल के साथ गहरे संबंध साझा करते हैं। क्या भारत में किसी अन्य राज्य को आपदा की स्थिति में ऐसा अपमानजनक व्यवहार मिला? यह सिर्फ हम थे। क्या इसने ऐसी मानसिकता का प्रदर्शन नहीं किया जो राज्य को नष्ट होते देखना चाहता था।” जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 23, 2026, 11:26 IST समाचार राजनीति ‘भाजपा को केरल में कोई चुनावी लाभ मिलने की संभावना नहीं’: पिनाराई विजयन की पोल भविष्यवाणी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)पिनाराई विजयन बीजेपी की भविष्यवाणी(टी)केरल की राजनीति में बीजेपी(टी)बीजेपी बी टीम के रूप में कांग्रेस(टी)बीजेपी के खिलाफ वामपंथी दल(टी)सबरीमाला सोना चोरी मामले की राजनीति(टी)सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा(टी)केरल के साथ केंद्र सरकार का व्यवहार
शिवपुरी में पार्सल वाहन पिलर से टकराया:स्टेयरिंग फेल होने से केबिन में फंसा ड्राइवर; क्रेन से निकाला, दिल्ली से इंदौर जा रहा था

शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-46 पर पूरनखेड़ी गांव के पास सोमवार सुबह करीब 5 बजे एक पार्सल आयशर वाहन स्टेयरिंग फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर डायवर्सन के पिलर से टकरा गया। दिल्ली से इंदौर जा रहे इस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अलीगढ़ निवासी ड्राइवर रविंद्र केबिन में फंस गया। सूचना पर पहुंची टीम ने क्रेन की मदद से उसे गंभीर हालत में बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र में एनएच 46 पर पूरनखेड़ी गांव के पास सोमवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली से इंदौर जा रहा एक पार्सल आइशर वाहन स्टेरिंग फेल होने के कारण अनियंत्रित होकर डायवर्सन पर लगे पिलर से टकरा गया। यह हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ। टक्कर से केबिन में फंसा पैर, क्रेन से निकाला गया डायवर्सन के पिलर से वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि उसका ड्राइवर केबिन में बुरी तरह फंस गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम ने क्रेन की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकाला। ड्राइवर बोला- स्टेयरिंग फेल होने से बेकाबू हुआ वाहन घायल ड्राइवर की पहचान अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) निवासी रविंद्र के रूप में हुई है। अस्पताल में रविंद्र ने बताया कि, “स्टेरिंग फेल होने के बाद वाहन बेकाबू हो गया और पिलर से जा टकराया।” हादसे में उसका पैर केबिन में फंस गया था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं हैं। इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती, जांच शुरू मौके से रेस्क्यू करने के बाद घायल ड्राइवर रविंद्र को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने इस पूरे सड़क हादसे की जांच शुरू कर दी है।
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36 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका के न्यूयॉर्क में ला गार्डिया एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा हो गया, जिसके बाद एयरपोर्ट को बंद करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयर कनाडा एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग के समय रनवे पर एक फायर ट्रक से टकरा गया। यह फ्लाइट मॉन्ट्रियल से आ रही थी। हादसे में कई लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ फायरफाइटर्स और विमान में सवार यात्री घायल हुए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। हालांकि अभी पूरी जानकारी साफ नहीं है। हादसे से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान और ग्राउंड वाहन दोनों को रुकने के लिए कहा था, लेकिन फिर भी टक्कर हो गई। इस घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट्स रोक दीं और जांच शुरू कर दी गई है। हादसे से जुड़ा वीडियो देखें… अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… युद्ध के बीच तेल-गैस से ईरान की रिकॉर्ड कमाई, खार्ग टर्मिनल से सप्लाई जारी अमेरिका-इजराइल के साथ जंग को ईरान ने एक मौके में बदल दिया है। अमेरिका ने खार्ग आइलैंड के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन ग्लोबल ऑयल संकट के डर से तेल टर्मिनल को सीधे निशाना नहीं बनाया। इसी का फायदा उठाते हुए ईरान ने खार्ग टर्मिनल चालू रखा और ‘घोस्ट फ्लीट’ के जरिए चीन को सप्लाई जारी रखी है। इंटरनेशनलएनर्जी एजेंसी और S&P ग्लोबल के मुताबिक, ईरान रोजाना 1.7 से 2 मिलियन (17 से 20 लाख) बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। देश के करीब 90% तेल का एक्सपोर्ट अभी भी खार्ग टर्मिनल से हो रहा है। साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ, लेकिन गैस सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई। रिपोर्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से ईरान करीब 16.5 करोड़ रुपए प्रति जहाज ‘वॉर टैक्स’ भी वसूल रहा है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अल्कराज मियामी ओपन से बाहर:सेबेस्टियन कोर्डा ने हराया; हार के बीच हताश दिखे, बोले- अब और बर्दाश्त नहीं होता, मैं घर जा रहा हूं

मियामी ओपन में रविवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मौजूदा ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन कार्लोस अल्कराज टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में हारकर बाहर हो गए हैं। उन्हें अमेरिका के सेबेस्टियन कोर्डा ने तीन सेटों के कड़े मुकाबले में 6-3, 5-7, 6-4 से मात दी। मैच 2 घंटे 19 मिनट चला। कार्लोस अल्काराज, जिन्होंने जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया, इस सीजन में अब तक 19 मैच खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने 17 जीत और 2 हार दर्ज की हैं। इंडियन वेल्स में भी उनका सफर सेमीफाइनल में समाप्त हुआ, जहां उन्हें डेनियल मेदवेदेव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह लगातार दूसरा साल है जब अल्कराज को मियामी में शुरुआती दौर में ही बाहर होना पड़ा है। पिछले साल भी उन्हें दूसरे दौर में डेविड गोफिन ने हराकर चौंकाया था। मैच के दौरान अल्कराज का दिखा अलग रूप हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अल्कराज अपनी लय में नजर नहीं आए। मानसिक मजबूती के लिए पहचाने जाने वाले अल्कराज मैच के दौरान काफी हताश दिखे। पहले सेट में 3-6 से पिछड़ने और दूसरे सेट की शुरुआत में सर्विस टूटने के बाद उन्होंने अपने बॉक्स (कोचिंग टीम) की तरफ चिल्लाते हुए कहा,’अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता। मैं घर जा रहा हूं… मैं अब और नहीं झेल सकता।’ उनके इस व्यवहार ने फैंस को हैरान कर दिया, क्योंकि वे आमतौर पर मैदान पर शांत और मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। कोर्डा ने निर्णायक सेट में दिखाया दम दूसरे सेट में एक समय कोर्डा 5-4 से आगे थे और मैच के लिए सर्व कर रहे थे। यहाँ अल्कराज ने वापसी की कोशिश की और लगातार पांच गेम जीतकर स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, इस दौरान भी उनके चेहरे पर वह चिर-परिचित चमक और जीत का जश्न गायब था। निर्णायक सेट (तीसरे सेट) में 25 साल के कोर्डा ने अपना संयम बनाए रखा और 2 घंटे 19 मिनट तक चले इस मुकाबले को 6-4 से अपने नाम कर लिया। रैंकिंग में 36वें नंबर के खिलाड़ी से हारे सेबेस्टियन कोर्डा फिलहाल एटीपी रैंकिंग में 36वें स्थान पर हैं। पिछले साल डेविड गोफिन (तब 55वीं रैंक) के बाद कोर्डा सबसे कम रैंकिंग वाले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने अल्कराज को इस टूर्नामेंट में हराया है। इस हार के साथ ही मियामी ओपन में अल्कराज का खराब रिकॉर्ड जारी रहा। अल्कराज बोले- अहम मौकों पर कोर्डा बेहतर रहे मैच के बाद अपनी हार स्वीकार करते हुए अल्कराज ने कहा,’जाहिर तौर पर यह एक कठिन मैच था। मुझे लगता है कि आज कोर्डा ने बेहतरीन खेल दिखाया। मैच में कई ऐसे मौके आए जहां स्कोर काफी करीबी था, लेकिन मैं उन मौकों का फायदा नहीं उठा सका। उन परिस्थितियों में कोर्डा मुझसे बेहतर साबित हुए। ————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाशदीप की जगह सौरभ दुबे KKR में शामिल हुए:अब तक IPL डेब्यू नहीं किया; हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट पर फैसला बाकी IPL का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू हो रहा है। पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। पूरी खबर
हिमाचल में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल:₹5 तक प्रति लीटर बढ़ेंगी कीमतें, अनाथ-विधवाओं के लिए सेस लगाया, लोकल समेत टूरिस्ट पर पड़ेगी मार

हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ साथ पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली समेत देश के सभी राज्यों से पहाड़ों की सैर पर आने वाले टूरिस्ट पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है। हिमाचल सरकार ने आज (सोमवार को) विधानसभा में पेट्रोल-डीजल पर ‘अनाथ-विधवा सेस’ लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए, हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 विपक्ष के विरोध के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया है। सरकार का तर्क है कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए रेगुलर इनकम जरूरी है। इसके ईंधन पर ‘अनाथ और विधवा सेस’ लगाया जा रहा है। अब इस विधेयक को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही यह कानून बन कर लागू हो जाएगा। इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि तय है। सदन में आज इस विधेयक पर चर्चा हुई। इस दौरान बीजेपी ने 5 रुपए बढ़ौतरी का विरोध किया। बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में कहा कि पहले ही पेट्रोल बहुत महंगा है। 5 रुपए ओर सेस लगाकर पेट्रोल 100 से ऊपर और डीजल 90 रुपए के आसपास पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इतना सेस लगाना तर्क संगत नहीं है। आम आदमी पार्टी जैसी बात कर रही बीजेपी: CM सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जैसी बात पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार कर रही है, वैसी ही बात हिमाचल में बीजेपी भी कर रही है। उन्होंने कहा- अनाथ एवं विधवाओं के लिए लगाए गए सेस का विरोध गलत है। हिमाचल बीजेपी नेता केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करवाए। बता दें कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते शुक्रवार को ही यह विधानसभा में पेश कर दिया था। आज इसे चर्चा के बाद पारित किया गया। हालांकि, सरकार का दावा है कि सेस की वलूसी पेट्रोल-डीजल सोर्स संचालकों से की जाएगी। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से ये असर पड़ेगा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी का असर न केलव आम आदमी पर पड़ेगा, बल्कि किसानों-बागवानों और हर साल हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर आने वाले 3 करोड़ से अधिक टूरिस्ट पर भी पड़ेगा। पर्यटकों को भी महंगे दाम पर पेट्रोड-डीजल भरवाना पड़ेगा। ईंधन के दाम में बढ़ौतरी के बाद खाद्य वस्तुओं के दाम में इजाफा और पहाड़ों पर घर बनाना महंगा हो जाएगा। एक साथ पांच रुपए तक प्रति लीटर की कीमत बढ़ने से निर्माण सामग्री, सेब और किसानों की फसलों की ढुलाई के साथ साथ बस किराए में भी इजाफा हो सकता है। कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना लक्ष्य: CM वहीं, कांग्रेस सरकार सामाजिक सुरक्षा के नाम पर नया आर्थिक मॉडल तैयार करने के दावे कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यह उपकर उसी दिशा में एक ठोस पहल है, जिससे जरूरतमंदों को निरंतर सहायता मिल सकेगी। क्यों लगाया जा रहा नया उपकर हिमाचल विधानसभा में पेश विधेयक के अनुसार राज्य में पहले से अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन इनके लिए स्थायी और समर्पित फंड की कमी महसूस की जा रही थी। इसी को दूर करने के लिए सरकार ने संशोधन विधेयक लाया। अलग कल्याण कोष में जाएगा पैसा सरकार का दावा है कि इस सेस से जुटाई गई पूरी राशि अनाथ एवं विधवा वेलफेयर फंड में जमा होगी। इस फंड का उपयोग सीधे जरूरतमंदों की सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में किया जाएगा।
Dhurandhar 2 Box Office Records Shattered

37 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 4 दिनों में वर्ल्ड वाइड 750 करोड़ की कमाई कर चुकी है। कल यानी रविवार को फिल्म ने भारत में 114.85 करोड़ रुपए की कमाई की। इसके साथ ही फिल्म ने वीकएंड में कमाई के मामले में शाहरुख खान की ‘पठान’ और RRR का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शाहरुख खान की ‘पठान’ ने 5 दिनों के एक्सटेंडेड वीकेंड में ₹287 करोड़ कमाए थे। धुरंधर 2 ने ‘बाहुबली 2’ (₹591 करोड़), ‘कल्कि 2898 AD’ (₹500 करोड़) और ‘RRR’ (₹470 करोड़) के ओपनिंग वीकेंड रिकॉर्ड्स को तोड़ दिया है। अब यह ‘पुष्पा 2’ (₹762 करोड़) के बाद भारतीय सिनेमा की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वीकेंड वाली फिल्म बन गई है। 2026 की सबसे बड़ी फिल्म बनी सिर्फ तीन दिनों में ‘धुरंधर 2’, ‘बॉर्डर 2’ (₹470 करोड़) को पछाड़कर साल 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई थी। रविवार के कलेक्शन के बाद इसने ‘गदर 2’ (₹691 करोड़) और ‘सालार’ (₹690 करोड़) के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पार कर लिया है। ₹2,000 करोड़ कमा सकती है फिल्म फिल्म की इस रफ्तार को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹1000 करोड़ का आंकड़ा आराम से पार कर लेगी। अगर सोमवार को भी फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी, तो यह ₹2000 करोड़ के आंकड़े को छूने वाली दूसरी हिंदी फिल्म बन सकती है। धुरंधर को भी शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई। धुरंधर 2 से जुड़ी यह खबर पढ़िए…. धुरंधर 2 का टीजर रिलीज:हाथ में बंदूक, बदला और जुनून के साथ दिखा रणवीर सिंह का नया अवतार, डायलॉग डिलीवरी भी शानदार रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 का टीजर 3 फरवरी को रिलीज हुआ था। 1 मिनट 12 सेकेंड के इस टीजर में रणवीर सिंह अपने दमदार और खतरनाक अवतार में नजर आए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Parliament Budget Session LIVE Update; Corporate Laws Bill – BJP Congress

Hindi News National Parliament Budget Session LIVE Update; Corporate Laws Bill BJP Congress | Oil Gas Crisis नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक तस्वीर 13 मार्च की सदन के बाहर विपक्ष की महिला सांसदों ने एलपीजी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। संसद के बजट सत्र के दौरान आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगी। इस विधेयक के जरिए लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट 2008 और कंपनी एक्ट 2013 में और संशोधन किए जाएंगे। इधर, सत्र की पिछली कार्रवाई के दौरान लोकसभा में विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों को पारित कर दिया गया। इसके लिए गिलोटिन प्रक्रिया लागू की गई। इस प्रक्रिया के तहत बिना चर्चा या बहस के मांगों को पारित कर दिया जाता है। विपक्ष आज अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग के कारण पश्चिम एशिया के हालात और इसके भारत पर असर को लेकर हंगामा कर सकता है। जंग के कारण देश में तेल-गैस की कमी को मुद्दा बनाया जा सकता है। रविवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग के कारण पश्चिम एशिया में बने संघर्ष के हालात पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई। 3.30 घंटे चली बैठक में पीएम मोदी ने साफ कहा है कि लोगों को कम से कम परेशानी हो। जमाखोरी और कालाबाजारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सदन के दूसरे फेज के पिछले 8 दिन की कार्यवाही… 17 मार्च: देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च: लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 15 मार्च: राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च: LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मार्च: राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था; स्पीकर ने बोलने से रोका, एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को LPG संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। पेट्रोलियम मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। स्पीकर बिरला ने राहुल को रोका। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसद एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगाने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 11 मार्च: शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; LPG कीमत बढ़ोतरी पर लोकसभा में हंगामा बुधवार को सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं शाह ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल सदन में PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। पूरी खबर पढ़ें… 10 मार्च: गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में









