जनगणना 2026: पहले चरण के लिए 33 सवाल तय:ऑनलाइन पोर्टल पर भी जानकारी दे सकेंगे; लिव-इन कपल को शादीशुदा का दर्जा मिलेगा

केंद्र सरकार ने 2026 की जनगणना के पहले चरण के लिए 33 सवाल जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो रहा है। इसमें कहा गया है कि स्थिर रिश्ते में रहने वाले लाइव-इन कपल्स को भी शादीशुदा माना जाएगा। ऐसा तब ही होगा जब कपल मानेगा की उनका रिश्ता लंबा चलने वाला है। पहले चरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां लोग खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। उनकी मदद के लिए इस पोर्टल पर FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) भी दिए गए हैं। यह चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना’ कहलाता है। इसका मकसद देश में घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाना है, ताकि सरकार बेहतर योजनाएं बना सके। दूसरे चरण में आबादी से जुड़ी डिटेल जानकारी ली जाएगी। पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 जनवरी को बताया था कि देश में होने वाली जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां 30 दिनों में यह काम पूरा करेंगे। सरकार ने यह भी कहा कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था, जो अब 2027 में पूरी होगी। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी। ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं। मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे 1. आपदा में सटीक राहत- जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। 2. परिसीमन में मदद मिलेगी- राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में आसानी होगी। 3. शहरी प्लानिंग में आसानी- शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी। 4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा- इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी। 5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे- आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा। …………………… ये खबर भी पढ़ें… देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, बिहार चुनाव से पहले केंद्र का फैसला देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने जाति जनगणना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। देश में इसी साल के आखिर में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Cooler Cleaning युक्तियाँ:पुराना लेक बस डाउनलोड करें सफाई के ये 5 आसान स्टेप्स, बर्बाद भी होगी छूमंतर

30 मार्च 2026 को 12:13 IST पर अपडेट किया गया एयर कूलर को कैसे साफ करें: गर्मी शुरू हो जाती है, हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाता है। लेकिन अगर लेबल के सही तरीके सेस्वच्छता न की जाए, तो ब्रह्मांड की जगहें और गर्म हवाएं आ जाती हैं। केवल थोड़ी सी मेहनत से आप अपने पुराने मेक्सिको को भी बिल्कुल नया जैसा बना सकते हैं। तो जानें जानें नागालैंड साफ करने के 5 आसान और असरदार स्टेप्स: अनुसरण करना : सबसे पहले ब्लॉकचेन को बंद करें और खाली करें:नेटवर्क को बिजली से पूरी तरह से बंद करने से पहले सफाई शुरू हो गई। इसके बाद टैंक में जमा पुराना पानी हटा दिया गया। यह पानी अक्सर बेकार और सस्ता होता है। छवि: एआई टैंक की सफाई: ब्लॉकचेन के अंदर जमा गंदगी, मिट्टी और काई को साफ करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप ब्रून्स और साबुन या कीटाणुनाशक का उपयोग करें। छवि: एआई अगर प्लांट ज्यादा हो, तो पानी में थोड़ा सा सिरका या सोडा सोडा जमा करें। इससे विघटन भी समाप्त हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक कूलिंग पैड स्टोरेज: ठंडक के लिए कूलिंग पैड मिलना जरूरी है। अगर ये बहुत पुराने या ख़राब हो गए हैं, तो इनका बदलना बेहतर है। अगर ज्यादा ऑनलाइन नहीं हैं, तो साफ पानी से धोकर सुखा लें। छवि: एआई पंखा और मोटर की सफाई: चॉकलेट के पंखे पर कूड़ा जाम हो जाता है, जिससे हवा की गति कम हो जाती है। घटिया कपड़े या ब्रून्स से यूरोप को साफ करें। मोटर के आसपास के कूड़े से भी छोटे हाथ को साफ करें। छवि: अनप्लैश साफ़ पानी भरना और नियमित रूप से पुराना होना: अब सर्टिफिकेट में साफा और ताजा पानी भरा हुआ। कोशिश करें कि हर 2-3 दिन में पानी के लिए रुकें। आप परिक्रमा तो पानी में थोड़ा सा साकॉक भी डाल सकते हैं, इससे विघटन नहीं होगा। छवि: एआई इसके अलावा ब्लॉकचेन को खुला और हवादार जगह पर रखें और सप्ताह में एक बार क्लीन्ज़र जरूर करें। साथ ही, लंबे समय तक इस्तेमाल न हो तो सूखा कर रखें। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 30 मार्च 2026 12:13 IST पर
उज्जैन में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म:75 वर्षीय बुजुर्ग ने घर में दी जगह, घर के बाहर देता रहा पहरा; युवक ने वीडियो बनाया

उज्जैन से 75 किमी दूर झारड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दो नाबालिग लड़कों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में गांव के ही 75 वर्ष के बुजुर्ग और 57 वर्ष के अधेड़ ने आरोपियों का साथ दिया, जबकि एक युवक ने इस घिनौनी वारदात का वीडियो भी बना लिया। पुलिस के अनुसार 28 मार्च को गांव के ही दो नाबालिग आरोपी (उम्र 14 और 15 वर्ष) बालिका को बहला-फुसलाकर 75 वर्षीय भंवर के मकान में ले गए। यहां बारी-बारी से दोनों लड़कों ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और भंवर एवं 57 वर्षीय अधेड़ नाथू स्वरूप पहरा देते रहे। इसी दौरान गांव का एक 22 वर्षीय युवक राहुल मौके पर पहुंचा और उसने घटना का वीडियो बना लिया, लेकिन किसी ने भी पीड़िता की मदद करने का प्रयास नहीं किया। बालिका ने परिजनों को बताई आपबीती घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए बुजुर्ग, अधेड़ सहित पांचों आरोपियों के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। वयस्क आरोपियों को जेल भेजा एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
गर्मियों में रोज पिएं इस फल का जूस, देगा इतनी ठंडक कि भूल जाएं कोल्ड ड्रिंक, तेज धूप में भी रहेंगे कूल-कूल – News18 हिंदी

X गर्मियों में रोज पिएं इस फल का जूस, देगा इतनी ठंडक कि भूल जाएं कोल्ड ड्रिंक Drinks For Summer: गर्मियों में बेल का शरबत पीना अमृत के समान माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. बेल का शरबत पेट की गर्मी को शांत करता है और गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है. साथ ही यह लू से बचाव में भी कारगर माना जाता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि बेल का शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है. गर्मियों में अक्सर शरीर में पानी की कमी की समस्या हो जाती है, लेकिन बेल का शरबत शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है. यह शरीर को तरावट देता है और थकान को भी दूर करता है.
अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा- ‘मैं कई बार मौत के मुंह से लौटती हूं, मुझे…’

अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने दिया जवाब: पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जैसे-जैसे ताजा आ रही है, वैसे-वैसे राज्य में हलचल तेज हो रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार यानी 29 मार्च को केंद्रीय अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी चोट को लेकर टिप्पणी की थी। ममता ने कहा कि उन्होंने उनकी मेडिकल रिपोर्ट देखी है, जिसमें उनकी चोट की पुष्टि दर्ज है। अमित शाह और ममता बनर्जी के बीच जंज़ी जंग टीएमसी सरकार के खिलाफ विपक्ष जारी करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी पर ‘हमें पीड़ित होने की राजनीति’ करने का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि वे कभी अपनी चोट की बात करते हैं, तो कभी चुनाव आयोग को कोसती हैं, लेकिन अब बंगाल की जनता उनकी ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति को समझ गई है। अमित शाह ने पलटवार पर यही बयान देते हुए ममता बनर्जी ने एक रैली के दौरान कहा, ‘वे कहते हैं कि मैं चुनाव के समय धारधार घूमती हूं। मैं कई बार मौत के मुंह से वापस लौटता हूं। ‘वस्तु चिकित्सक की रिपोर्ट देखें।’ ममता ने आगे सवाल करते हुए कहा कि क्या आपने साल 2021 के चुनाव में मेरे पैर को छुआ था? मैंने एक बार फिर से प्रचार-प्रसार किया। क्या आप मुझे मारने की योजना बना रहे हैं?’ अपनी सरकार के ‘पुराने कर्मों’ के लिए एनामेल जारी करने की बात पर भी ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने ‘पुराने कर्मों’ के लिए अनावृत्त जारी करना चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होंने अमित शाह का नाम नहीं लिया. ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सैद्धांतिक अध्ययन किया ममता बनर्जी ने पिछले साल अमेरिका में डोनाल्ड प्रतिबंधित प्रशासन द्वारा अवैध भारतीय दूतावास के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमित शाह पर डिपोर्टेशन का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘जब गुजरातियों को अमेरिका से कमर में भरकर भारत वापस भेजा जा रहा था, तब आप कहां थे? उस रैली में ममता बनर्जी ने खुद को ‘उम्मीदवार’ के रूप में जनता से उन पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘तुम्हें ये देखने की जरूरत नहीं है कि प्रतियोगी कौन है। मैं ही उम्मीदवार हूं. कृपया विश्वास करें और वोट करें।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक समाचार(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जिलेवार 2026(टी)2026 पश्चिम बंगाल चुनाव उम्मीदवार(टी)2026 पश्चिम बंगाल में वोट तारीख और समय(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार (टी) राजनीतिक समाचार (टी) टीएमसी (टी) बीजेपी (टी) ममता बनर्जी (टी) अमित शाह (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख (ज़िलावर) 2026 (टी) 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के उम्मीदवार (टी) 2026 पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख और समय (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार
पटना यूनिवर्सिटी में नीतीश के कार्यक्रम में हंगामा:पटना DM चोर, डिप्टी CM गो बैक के नारे लगे; छात्रसंघ अध्यक्ष ने पूछा- हमें क्यों नहीं बुलाया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना यूनिवर्सिटी में एकेडमिक भवन और प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों ने पटना DM चोर है और डिप्टी CM गो बैक के नारे भी लगाए। CM के पहुंचने से पहले भी छात्र नेता नारेबाजी कर रहे थे। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर का कहना है कि इस कार्यक्रम के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यहां तक कि कुलपति को भी इसके लिए निमंत्रण नहीं दिया गया है। हंगामे के चलते CM ने 7 से 8 मिनट में अपना कार्यक्रम खत्म किया और वहां से निकल गए। इस दौरान मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जहां गए छात्रनेता उनके पीछे-पीछे जाते रहे। VC से छात्रों ने कहा, आप अपने लिए खड़े होइए सर, हमलोग आपके साथ हैं। यूनिवर्सिटी को हम बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे। छात्रों का कहना है VC को CM से मिलने नहीं दिया गया। वो गए, लेकिन उनको बिना मिले भेज दिया गया। मौके से आई कुछ तस्वीरें देखिए… ताला लेकर पहुंचे थे छात्र संघ अध्यक्ष पटना स्टूडेंट छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु कॉलेज गेट पर ताला लगाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें ताला लगाने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं विश्वविद्यालय का अध्यक्ष चुनकर आया हूं और मैं छात्रों के हित में अपनी बातें आज यहां पर रखूंगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय सिंह और शिक्षा मंत्री सुनील सिंह ने भी छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। डीएम त्यागराजन ने भी उन्हें समझाने की कोशिश की है। छात्रों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और शिक्षा मंत्री को भी घेर लिय। नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी करते दिखे। देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया के नारे लगे। बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो नीतीश कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। कुछ छात्र हाथ में पोस्टर लिए खड़े दिखे। इस पर लिखा था- हम छात्रों का अभिमान। इस पर नीतीश की फोटो लगी थी। 147.29 करोड़ की योजना का उद्घाटन बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का CM ने आज उद्घाटन किया है। यह दोनों भवन 147.29 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। इसके उद्घाटन के बाद नए प्रशासनिक ब्लॉक में पटना यूनिवर्सिटी का मुख्यालय शिफ्ट हो जाएगा। यही पीयू के मौजूदा कार्यालय की जगह लेगा। वहीं, एकेडमिक भवन में दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभाग शिफ्ट होंगे। इसके साथ ही वाणिज्य कॉलेज को दरभंगा हाउस में फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा। बिजली कटने की स्थिति में सोलर प्लांट का करेंगे इस्तेमाल इन दोनों ब्लॉकों का निर्माण बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा तीन एकड़ में किया गया है। कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने बताया कि, हर फ्लोर पर सुरक्षा के दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा, नियंत्रण कक्ष, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मीटिंग हॉल, सेमिनार हॉल सहित अन्य सभी तरह सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने आगे बताया कि, सभी फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। परिसर में ही विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया गया है। बिजली कटने की स्थिति में सौर उर्जा प्लांट प्रयोग किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुंदर गार्डन का निर्माण किया जा रहा है।’
दो लाख नौकरियाँ, युवा प्रोत्साहन और पहचान: भाजपा का असम घोषणापत्र 2026 की रणनीति कैसे तैयार करता है | विशेष | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 11:54 IST भाजपा लगभग 10 लाख शिक्षित युवाओं के लिए 2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता योजना की भी योजना बना रही है, जिसका उद्देश्य उद्यमिता और स्थानीय उद्यम को बढ़ावा देना है। घोषणापत्र ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। (एएफपी) सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी असम विधानसभा चुनावों के लिए एक महत्वाकांक्षी और व्यापक ‘संकल्प पत्र’ (घोषणापत्र) का अनावरण करने के लिए तैयार है, जिसमें सांस्कृतिक संदेश और कल्याणकारी उपायों के साथ बड़े रोजगार के वादे शामिल होंगे। उम्मीद है कि घोषणापत्र रोजगार सृजन पर केंद्रित होगा, जिसमें दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियों की नई प्रतिज्ञा होगी, जो पार्टी की एक लाख नौकरियों की पिछली प्रतिबद्धता पर आधारित है, जिसे पूरा करने का दावा किया गया है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए, भाजपा लगभग 10 लाख शिक्षित युवाओं के लिए 2 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता योजना की भी योजना बना रही है, जिसका उद्देश्य उद्यमिता और स्थानीय उद्यम को बढ़ावा देना है। नौकरियों से परे, दस्तावेज़ में मुफ्त शिक्षा प्रावधानों पर जोर देने और निजी क्षेत्र के शिक्षकों के लिए अपनी तरह की पहली वित्तीय सहायता तंत्र का प्रस्ताव करने की संभावना है, एक ऐसा कदम जो राज्य में शिक्षा कार्यबल के एक बड़े वर्ग के साथ प्रतिध्वनित हो सकता है। सूत्रों ने कहा कि संकल्प पत्र असम में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दा वन और स्वदेशी भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए बेदखली अभियान जारी रखने की प्रतिबद्धता के साथ, भूमि और पहचान पर पार्टी के कठोर रुख को भी दोगुना कर देगा। साथ ही, उम्मीद है कि भाजपा अपनी सांस्कृतिक पिच को रेखांकित करेगी, असम के संतों और प्रतीक चिन्हों को समर्पित विश्व स्तरीय स्मारकों और परिसरों का प्रस्ताव करेगी, जो क्षेत्रीय पहचान और विरासत पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देगी। पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना तय है। असम चुनाव के लिए घोषणापत्र में उच्च-स्तरीय इको-पर्यटन सर्किट और एक विस्तारित होमस्टे योजना की योजना शामिल होने की संभावना है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर की आय और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देना है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने दस्तावेज़ को “सांस्कृतिक संरक्षणवाद और एक तकनीक-संचालित आर्थिक रोडमैप का रणनीतिक मिश्रण” के रूप में वर्णित किया है, जो विकास संदेश के साथ पहचान की राजनीति को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। संकल्प पत्र को औपचारिक रूप से 31 मार्च को जारी किए जाने की उम्मीद है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य प्रमुख के लॉन्च कार्यक्रम में उपस्थित रहने की संभावना है। घोषणापत्र ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा हालिया जनमत सर्वेक्षणों में अनुकूल अनुमानों और जमीन पर मजबूत संगठनात्मक दबाव के बीच सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। कल्याणकारी वादों, आर्थिक प्रोत्साहनों और पहचान-संचालित राजनीति के मिश्रण के साथ, भाजपा के असम घोषणापत्र से उच्च-स्तरीय चुनावी मुकाबले से पहले कथा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 11:54 IST समाचार चुनाव दो लाख नौकरियाँ, युवा प्रोत्साहन और पहचान: भाजपा का असम घोषणापत्र 2026 की रणनीति कैसे तैयार करता है | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी असम चुनाव घोषणापत्र(टी)बीजेपी संकल्प पत्र असम(टी)असम विधानसभा चुनाव बीजेपी(टी)बीजेपी नौकरियों का वादा असम(टी)बीजेपी कल्याणकारी योजनाएं असम(टी)बीजेपी सांस्कृतिक एजेंडा असम(टी)असम इको टूरिज्म घोषणापत्र(टी)हिमंत बिस्वा सरमा बीजेपी घोषणापत्र
रतलाम में युवक ने लगाई फांसी, मौत:प्रतियोगी परीक्षा की कर रहा था तैयारी, पुलिसभर्ती का दिया था एग्जाम, पत्नी एक माह से मायके में

रतलाम शहर की पीएंडटी कॉलोनी में एक 22 साल के युवक ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सोमवार सुबह उसका शव घर में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पुलिस पहुंची। शव को फंदे से उतारकर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। युवक घर में अकेला था। मृतक की पहचान राम सिंघाड़ निवासी गजनीखेड़ी के रूप में हुई है। वह रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। सुबह जब युवक नहीं उठा तो मकान मालिक ने जाकर देखा। दरवाजा अंदर से खुला था। युवक फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तब पुलिस व अन्य लोगों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाया और परिजनों को सूचना दी। पुलिस भर्ती परीक्षा दी मृतक शादीशुदा था। उसकी पत्नी एक माह से मायके गई हुई थी। युवक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। घर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की किताबें भी मिली हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि युवक ने पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी, जिसका कुछ दिन पहले ही फिजिकल टेस्ट हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। परिजनों के आने के बाद पूरी जानकारी स्पष्ट हो पाएगी।
PSL Ball Tampering; Fakhar Zaman Ban

Hindi News Sports PSL Ball Tampering; Fakhar Zaman Ban | Lahore Qalandars Vs Karachi Kings Match Result स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बॉल टैंपरिंग के मामले में फखर जमान पर एक या दो मैच का बैन लग सकता है। PSL में रविवार को लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले में बॉल टैंपरिंग को लेकर विवाद सामने आया। लाहौर कलंदर्स पर बॉल टैंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) करने का आरोप लगा और टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगाई गई। अब फखर जमान को मैच रेफरी रोशन महानामा के सामने सुनवाई का सामना करना होगा, जहां उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। रन-अप पर तीन खिलाड़ी गेंद से छेड़छाड़ कर रहे थे घटना कराची किंग्स की पारी के 19वें ओवर के बाद हुई। उस वक्त कराची को जीत के लिए आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे और लाहौर की ओर से हारिस रऊफ गेंदबाजी करने आने वाले थे। तभी शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), हारिस रऊफ और फखर जमान बॉलर के रन-अप पर एक साथ इकट्ठा हो गए। तीनों खिलाड़ियों ने गेंद को अपने हाथों में लिया। अंपायर फैसल अफरीदी ने यह सब देखा और उनसे गेंद वापस ले ली। उन्होंने गेंद को अच्छी तरह जांचा और स्क्वेयर लेग अंपायर शर्फुद्दौला से लंबी चर्चा की। अंपायरों का फैसला था कि लाहौर कलंदर्स ने गेंद से छेड़छाड़ की है। इसलिए कराची किंग्स को 5 पेनल्टी रन दे दिए गए। साथ ही गेंद भी तुरंत बदल दी गई। इस फैसले के बाद कराची किंग्स को जीत के लिए सिर्फ 9 रन चाहिए थे। आखिरी ओवर के दौरान शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), हारिस रऊफ और फखर जमान। कप्तान अफरीदी और अंपायर्स के बीच बहस अंपायर के इस फैसले पर लाहौर के कप्तान शाहीन अफरीदी मैदान पर भड़क गए। उनकी अंपायरों के साथ बहस भी हुई। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शाहीन ने कहा कि उन्हें अब तक समझ नहीं आया है कि पेनल्टी रन क्यों दिए गए। उन्होंने कहा, हम देखेंगे कि अंपायर अपनी रिपोर्ट में क्या कहते हैं, फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। पेनल्टी रन मिलने के बाद कराची आसानी से जीता 5 रन की पेनल्टी ने कराची किंग्स को आखिरी ओवर में 9 रन बनाने थे। हारिस रऊफ ने पहली गेंद पर खुशदिल शाह को आउट कर दिया, लेकिन अगली ही गेंद उन्होंने वाइड फेंक दी। इसके बाद क्रीज पर आए अब्बास अफरीदी ने एक चौका और फिर एक छक्का जड़कर अपनी टीम को 3 बॉल बाकी रहते 4 विकेट से जीत दिला दी। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भास्कर IPL रैंकिंग- चेन्नई या मुंबई, कौन है ऑलटाइम नंबर-1 IPL की ऑलटाइम बेस्ट टीम कौन सी है- इस सवाल का जवाब हमेशा बहस में उलझा रहता है। कोई ट्रॉफियों के आधार पर किसी टीम को आगे रखता है तो कोई अपनी पसंद मुताबिक किसी को टॉपर बताता है। इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हमने 18 सीजन (2008–2025) के डेटा के आधार पर एक ऑल-टाइम रैंकिंग तैयार की है। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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Hindi News Sports PSL Ball Tampering; Fakhar Zaman Ban | Lahore Qalandars Vs Karachi Kings Match Result स्पोर्ट्स डेस्क26 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बॉल टैंपरिंग के मामले में फखर जमान पर एक या दो मैच का बैन लग सकता है। PSL में रविवार को लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले में बॉल टैंपरिंग को लेकर विवाद सामने आया। लाहौर कलंदर्स पर बॉल टैंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) करने का आरोप लगा और टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगाई गई। अब फखर जमान को मैच रेफरी रोशन महानामा के सामने सुनवाई का सामना करना होगा, जहां उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। रन-अप पर तीन खिलाड़ी गेंद से छेड़छाड़ कर रहे थे घटना कराची किंग्स की पारी के 19वें ओवर के बाद हुई। उस वक्त कराची को जीत के लिए आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे और लाहौर की ओर से हारिस रऊफ गेंदबाजी करने आने वाले थे। तभी शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), हारिस रऊफ और फखर जमान बॉलर के रन-अप पर एक साथ इकट्ठा हो गए। तीनों खिलाड़ियों ने गेंद को अपने हाथों में लिया। अंपायर फैसल अफरीदी ने यह सब देखा और उनसे गेंद वापस ले ली। उन्होंने गेंद को अच्छी तरह जांचा और स्क्वेयर लेग अंपायर शर्फुद्दौला से लंबी चर्चा की। अंपायरों का फैसला था कि लाहौर कलंदर्स ने गेंद से छेड़छाड़ की है। इसलिए कराची किंग्स को 5 पेनल्टी रन दे दिए गए। साथ ही गेंद भी तुरंत बदल दी गई। इस फैसले के बाद कराची किंग्स को जीत के लिए सिर्फ 9 रन चाहिए थे। आखिरी ओवर के दौरान शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), हारिस रऊफ और फखर जमान। कप्तान अफरीदी और अंपायर्स के बीच बहस अंपायर के इस फैसले पर लाहौर के कप्तान शाहीन अफरीदी मैदान पर भड़क गए। उनकी अंपायरों के साथ बहस भी हुई। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शाहीन ने कहा कि उन्हें अब तक समझ नहीं आया है कि पेनल्टी रन क्यों दिए गए। उन्होंने कहा, हम देखेंगे कि अंपायर अपनी रिपोर्ट में क्या कहते हैं, फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। पेनल्टी रन मिलने के बाद कराची आसानी से जीता 5 रन की पेनल्टी ने कराची किंग्स को आखिरी ओवर में 9 रन बनाने थे। हारिस रऊफ ने पहली गेंद पर खुशदिल शाह को आउट कर दिया, लेकिन अगली ही गेंद उन्होंने वाइड फेंक दी। इसके बाद क्रीज पर आए अब्बास अफरीदी ने एक चौका और फिर एक छक्का जड़कर अपनी टीम को 3 बॉल बाकी रहते 4 विकेट से जीत दिला दी। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भास्कर IPL रैंकिंग- चेन्नई या मुंबई, कौन है ऑलटाइम नंबर-1 IPL की ऑलटाइम बेस्ट टीम कौन सी है- इस सवाल का जवाब हमेशा बहस में उलझा रहता है। कोई ट्रॉफियों के आधार पर किसी टीम को आगे रखता है तो कोई अपनी पसंद मुताबिक किसी को टॉपर बताता है। इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हमने 18 सीजन (2008–2025) के डेटा के आधार पर एक ऑल-टाइम रैंकिंग तैयार की है। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









