क्या आप भी पीते हैं तांबे या स्टील की बोतल में पानी? जान लें सेहत के लिए कौन सी अधिक बेहतर

Last Updated:March 30, 2026, 11:33 IST पानी पीने के लिए कुछ लोग प्लास्टिक की बोतल, तो कोई तांबे या स्टील की बोतल खरीदते हैं. घर से बाहर जाते समय वॉटर बॉटल अधिकतर लोग अपने बैग में लेकर चलते हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि किस तरह की बोतल में पानी पीना सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है? यदि आप भी तांबे या स्टील की बोतल में पानी पीते हैं तो यहां जान लें दोनों में से किसमें पानी पीना होता है अधिक बेहतर. कौन सा बोतल है पानी पीने के लिए हेल्दी तांबे का या स्टील का? स्वस्थ रहने के लिए जितना जरूरी पर्याप्त पानी पीना है, उतना ही महत्वपूर्ण सही तरीके और सही बर्तन में पीना भी है. विशेषज्ञों का कहना है कि पानी की बोतल का चुनाव हमारी सेहत पर असर डाल सकता है. आजकल लोग प्लास्टिक की बोतलों को छोड़ तांबे और स्टील की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे है. दोनों ही विकल्प सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन उनके गुण और लाभ अलग-अलग हैं. तांबे की बोतलों को आयुर्वेद में बहुत अहम माना जाता है. तांबे में प्राकृतिक एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं. वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, तांबे की बोतल में पानी को कुछ घंटे रखने पर पानी तांबे के सूक्ष्म तत्वों को सोख लेता है, जिससे पानी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसके अलावा, तांबे के पानी से पाचन क्रिया भी तेज होती है और शरीर में थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में राहत मिल सकती है. तांबे के तत्व शरीर में जरूरी एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो भोजन को जल्दी और सही तरीके से पचाने में मदद करते हैं. तांबे की बोतल का सही तरीके से रखरखाव भी जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसे नियमित रूप से साफ करना चाहिए और इसके लिए नींबू, नमक या सिरके वाले घोल का उपयोग किया जा सकता है. धोने के बाद बोतल को पूरी तरह सुखा लेना चाहिए. स्टेनलेस स्टील की बोतलें रोजमर्रा के लिए बेहद लोकप्रिय हैं. ये बोतलें टिकाऊ, सुरक्षित और साफ करने में आसान होती हैं. स्टील की बोतलों में कोई हानिकारक रसायन या गंध नहीं आती. ये बोतलें पानी को लंबे समय तक ठंडा या गर्म बनाए रख सकती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. स्टील की बोतलों की सफाई भी आसान है. इन्हें साधारण साबुन और पानी से धोया जा सकता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. कांच की बोतलें भी एक सुरक्षित विकल्प हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो रासायनिक पदार्थों से बचना चाहते हैं. कांच पूरी तरह से केमिकल फ्री होता है और मिनरल वॉटर पीने के लिए सुरक्षित माना जाता है. हालांकि यह रोजमर्रा के उपयोग में उतनी टिकाऊ नहीं होती और इसे संभालकर रखना पड़ता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : March 30, 2026, 11:33 IST
केरल में 100 रेज़्यूमे के लक्ष्य के साथ राहुल गांधी 2 डिविज़न अभियान चलाएंगे

केरल विधानसभा चुनाव 2026: नेता कांग्रेस राहुल गांधी आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए दो दिव्य भारी परिवर्तन अभियान की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वह प्रमुख जन कल्याण गारंटी और 140 रोलर असेंबली में 100 पार्टी पर जीत दर्ज करने के दावे के साथ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू एफसी) की नीतियों को गति प्रदान करने का प्रयास करेंगे। गांधी दिवस पर यहां केरल कांग्रेस नेताओं के साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू होगी, जिसके बाद वह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मध्य केरल क्षेत्र के लिए प्रस्थान करेंगे। समाजवादी पार्टी के नेता पुथुपल्ली से पहले अदूर और पतन मटिट्टा में सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे, जहां उन्होंने एक रैली और रोड शो का आयोजन किया। वह कांजीजिकु में एकक्कड़ सभा (कॉर्नर रिसेप्शन) में भी शामिल होंगे और अतिरामपुझा में रैली के साथ भर्ती के कार्यक्रम का समापन करेंगे। रिज़ॉर्ट के कार्यक्रम के तहत कांग्रेस नेता मध्य केरल की पांच महत्वपूर्ण विधानसभाओं का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दूसरे दिन (मंगलवार को) पूर्व वायनाड न्यूनतम अपना ध्यान उत्तर केरल पर जायेंगे, जहां वह छह विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ राज्य नेता भी मौजूद रहे। उन्हें इस क्षेत्र में दो प्रमुख रोड शो करने की योजना है। इस अभियान के दौरान, गांधी और यूएन समर्थकों ने विशेष रूप से महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा और वृद्ध नागरिकों को 3,000 वर्ष की मासिक सहायता की सुविधा पर भारी जोर दिया। पार्टी नेताओं ने बताया कि गांधी कुल 30 क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जिसमें उनके साथ कई रोड शो भी शामिल होंगे. यह बिजनेस एलायंस की साझेदारी पर तैयारी को अंतिम रूप देता है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यू.एस. एफ.आई.एफ., जो चुनाव में साम्यवादी विचारधारा के रूप में मैदान में उतरा है, सत्ता में वापसी को लेकर काफी जोर-शोर से सामने आ रहा है। राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि नामांकन अभियान के दौरान जनता की प्रतिक्रिया से गठबंधन राज्य में 100 नामांकन के आंकड़ों को पार करते हुए भारी जीत दर्ज करने की ओर अग्रसर है।
AC या कूलर, गर्मियों में सेहत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? 90% लोगों को नहीं पता होगा सही जवाब, जानें दोनों के बीच का फर्क

Last Updated:March 30, 2026, 11:27 IST Air Conditioner vs Cooler: गर्मी में लोग ठंडक पाने के लिए घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है. हालांकि, कई बार ये उपकरण आराम देने के साथ-साथ सेहत पर भी असर डाल सकते हैं. लंबे समय तक गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कुछ लोगों को सर्दी-खांसी, एलर्जी या त्वचा से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि AC और कूलर में से कौन सा उपकरण स्वास्थ्य के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. (रिपोर्ट: दीपक/खरगोन) जैसे-जैसे गर्मियां बढ़ने लगती है, हम एसी और कूलर का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. निमाड़ क्षेत्र और खरगोन जिले में अभी से तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस होने लगी हैं. ऐसे में लोग राहत पाने के लिए कूलिंग उपकरणों का सहारा ले रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि इन दोनों में से कौन सा बेहतर विकल्प है. Local18 से बातचीत में खरगोन के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य (MD) ने बताया कि गर्मी में AC और कूलर दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन जगह के अनुसार, दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान होते हैं. वे बताते हैं कि समुद्र किनारे वाले इलाकों में जहां नमी ज्यादा होती है, वहां AC ज्यादा असरदार माना जाता है. लेकिन, निमाड़ अंचल जैसे ड्राई यानी शुष्क इलाकों में कूलर ज्यादा बेहतर काम करता है. वहीं, स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो AC की तुलना में कूलर को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें बाहर की ताजी हवा कमरे में आती रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञ बताते हैं कि कूलर बाहर की ताजी हवा को खींचकर पानी की मदद से उसे ठंडा करता है. फिर कमरे में भेजता है. इस वजह से कमरे में हवा का फ्लो बना रहता है और ऑक्सीजन की मात्रा भी ठीक रहती है. इसी कारण कूलर की हवा आमतौर पर शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक मानी जाती है. खासकर ड्राई इलाकों में कूलर अच्छी ठंडक देता है और हवा भी ताजी रहती है. AC कमरे की हवा को ही बार-बार ठंडा करके घुमाता है. कमरे को पूरी तरह बंद रखने की वजह से ताजी हवा अंदर नहीं आ पाती. इससे कई बार कमरे की नमी कम हो जाती है. लंबे समय तक AC में बैठने से त्वचा ड्राई होने लगती है. कई लोगों को गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत या एलर्जी जैसी परेशानी भी हो सकती है. कुछ मामलों में सिर दर्द और थकान भी महसूस होती है. डॉ. मौर्य बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक AC की तेज हवा में बैठता है तो शरीर की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है. इससे त्वचा रूखी हो सकती है और कुछ लोगों को खुजली या स्किन एलर्जी की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा अचानक बहुत ठंडे माहौल से बाहर की गर्मी में जाने पर सर्दी-जुकाम और गले की समस्या भी बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे AC हो या कूलर, दोनों का इस्तेमाल सही तरीके से करना जरूरी है. कूलर का पानी नियमित बदलना चाहिए और उसे साफ रखना चाहिए ताकि उसमें बैक्टीरिया या मच्छर न पनपें. वहीं AC का तापमान बहुत कम नहीं रखना चाहिए और बीच-बीच में कमरे की खिड़की खोलकर ताजी हवा आने देना चाहिए. इससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है. First Published : March 30, 2026, 11:27 IST
प्रोटीन पाउडर का बाप है ये अनाज, जिम वालों की बंद हो जाएगी दुकान अगर जान लिए इसके फायदे

समा के चावल के फायदे: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों किसानों के बीच समा चावल की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है. वजह साफ है कम लागत और अच्छा बाजार भाव. कई किसान अब इस फसल से अच्छी कमाई कर रहे हैं और पारंपरिक खेती से हटकर नए विकल्प अपना रहे हैं. क्या है समा चावल?समा चावल, जिसे भगर, संकी, कुटकी या वरई भी कहा जाता है, असल में एक तरह का जंगली बीज है. यह विंध्य क्षेत्र के पारंपरिक खाने का हिस्सा रहा है, लेकिन अब इसकी डिमांड शहरों तक बढ़ गई है. ₹150 किलो बिक रहा, बढ़ रही डिमांडवन धान उत्पाद केंद्र से जुड़ी अनुप्रिया कुशवाहा बताती हैं कि गांव की महिलाएं इसे इकट्ठा करके बाजार तक पहुंचाती हैं. इसकी कीमत करीब ₹150 प्रति किलो है और मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों और महिला समूहों दोनों को फायदा हो रहा है. महिलाओं के लिए बना कमाई का जरियातिलवानी गांव में स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस चावल को इकट्ठा कर बेच रही हैं. इससे उन्हें घर बैठे रोजगार मिल रहा है और आत्मनिर्भर बनने का मौका भी. सेहत के लिए भी है सुपरफूडआयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, समा चावल में फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है. पोषण का खजानाइसमें प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं. साथ ही एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को मजबूत बनाते हैं और वजन कम करने में भी मदद करते हैं. हर तरह से खा सकते हैंसमा चावल को खिचड़ी, पुलाव, सलाद या व्रत के खाने में इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि अब लोग इसे रोजमर्रा के खाने में भी शामिल करने लगे हैं. किसानों और लोगों दोनों के लिए फायदे का सौदासमा चावल की बढ़ती मांग ने किसानों की आमदनी बढ़ा दी है और लोगों को एक हेल्दी विकल्प भी दे दिया है. यही कारण है कि यह फसल तेजी से लोकप्रिय हो रही है.
सेवनियां में किसानों का प्रदर्शन, बोले-धोखे से जमीन हड़प रहे:पुलिस-पटवारी पर बटाईदारों से मारपीट करने का आरोप लगाया

सीहोर जिले के सेवनियां गांव में जमीन विवाद को लेकर किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पुलिस पर बटाईदारों के साथ मारपीट करने और पटवारी पर बिना आदेश खेत में जबरन तारबंदी कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी तरीके से की गई है। किसानों के अनुसार, गांव के ही एक किसान हनुमंत सिंह ने अपनी कृषि भूमि करीब 14 साल पहले 11 लाख 75 हजार रुपये में पप्पू कौशल को बेची थी। अनुबंध के अनुसार पूरी रकम मिलने के बाद रजिस्ट्री होना थी, लेकिन आरोप है कि हनुमंत सिंह लगातार टालमटोल करते रहे और अब उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। किसी और को कब्जा दिलाने की कोशिश की पप्पू कौशल का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2012 में यह जमीन खरीदी थी और तब से बटाईदारों के जरिए खेती कर रहे हैं। इसके बावजूद हाल ही में पटवारी और पुलिस बिना किसी आदेश के खेत पर पहुंची और जबरन सीमेंट के खंभे गाड़कर तारबंदी कर दी। विरोध करने पर बटाईदार दिलीप और हरिओम को धमकाते हुए पुलिस मंडी थाने ले गई। किसानों का आरोप है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के उनके खेत का कब्जा किसी अन्य को दिलाने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर गांव के कई किसानों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान-पाकिस्तान में फिर संघर्ष, 1 की मौत, 12 घायल

अफगानिस्तान की सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने रविवार को देश के कुनार प्रांत के असदाबाद शहर के बाहरी इलाकों पर गोलाबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दोनों देशों के बीच फरवरी से टकराव बढ़ा हुआ है। इसे पिछले कई दशकों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे गंभीर टकराव माना जा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं। खास तौर पर पाकिस्तान तालिबान (TTP) का जिक्र किया जाता है। यह समूह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन दोनों के बीच करीबी संबंध माने जाते हैं। अफगान तालिबान ने 2021 में अमेरिका के नेतृत्व वाली सेना की वापसी के दौरान सत्ता संभाली थी। हालांकि काबुल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। इस महीने की शुरुआत में अफगानिस्तान ने दावा किया था कि पाकिस्तान के एक हवाई हमले में काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी आम नागरिक को निशाना नहीं बनाया, बल्कि एक हथियारों के गोदाम पर हमला किया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… क्यूबा को रूस से तेल मिलने पर ट्रम्प बोले- मुझे कोई दिक्कत नहीं, लोगों का जिंदा रहना जरूरी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार रात कहा कि उन्हें रूस से क्यूबा को तेल टैंकर मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है। क्यूबा इस समय अमेरिकी तेल नाकेबंदी की वजह से गंभीर संकट से जूझ रहा है। ट्रम्प ने वाशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से कहा कि अगर क्यूबा को जरूरत है, तो उसे तेल मिलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि वहां एक टैंकर मौजूद है और लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होना जरूरी है, क्योंकि उनके लिए जिंदा रहना अहम है। जब उनसे न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बारे में सवाल किया गया, जिसमें कहा गया था कि टैंकर को क्यूबा पहुंचने की अनुमति दी जाएगी, तो ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर कोई भी देश इस समय क्यूबा को तेल भेजना चाहता है, तो उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है, चाहे वह रूस ही क्यों न हो। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह तेल टैंकर करीब 7 लाख 30 हजार बैरल तेल लेकर क्यूबा के पूर्वी तट के पास पहुंच चुका था और मंगलवार तक मातांजास शहर पहुंचने की संभावना है। इस जहाज का नाम ‘अनातोली कोलोडकिन’ है, जिस पर यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। ट्रम्प प्रशासन ने हाल के वर्षों में क्यूबा के खिलाफ काफी सख्त रुख अपनाया है और तेल सप्लाई रोककर वहां की सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। इस नाकेबंदी का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा है, जिनकी मदद की। क्यूबा में हालात इतने खराब हैं कि पूरे देश में बार-बार बिजली कटौती हो रही है। पेट्रोल और जरूरी सामान की कमी से अस्पतालों का काम प्रभावित हो रहा है और सार्वजनिक परिवहन भी ठप पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस टैंकर से मिलने वाला तेल करीब 1 लाख 80 हजार बैरल डीजल तैयार कर सकता है, जो क्यूबा की करीब 9 से 10 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए काफी होगा।
Dhurandar 2 became 3rd highest grossing bollywood film in just 11 days, can soon break the record of aamir khan’s dangal

13 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधरः द रिवेंज बॉलीवुड की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म का इंडियन कलेक्शन 846.87 करोड़ हो चुका है, जबकि फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1350 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिक्ल के अनुसार, 29 मार्च यानी रिलीज के दूसरे रविवार को फिल्म ने 68.10 करोड़ रुपए कमाए, जबकि 28 मार्च (शनिवार) को 62.85 करोड़ कमाए थे। ऐसे में 11 दिनों में फिल्म ने भारत में 846.87 करोड़ और वर्ल्डवाइड 1350 करोड़ कमा लिए। इस कलेक्शन के साथ धुरंधर 2 तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बन गई है। यह फिल्म पिछले पार्ट धुरंधर के 1428 करोड़ के ऑल टाइम कलेक्शन को पार करने के करीब है, जो बॉलीवुड की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म है। फिलहाल आमिर खान की दंगल पहले नंबर पर है। सभी भाषाओं में 5वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बॉलीवुड की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधरः द रिवेंज, सभी भाषाओं में भारत की 5वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। यह आरआरआर और केजीएफ चैप्टर 2 का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है, लेकिन अब भी पुष्पा-2 और बाहुबली 2 से पीछे है। दंगल भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है, लेकिन भारत में इसका कलेक्शन सिर्फ 511 करोड़ था और ज्यादातर कमाई ओवरसीज से हुई। भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में बाहुबली 2 पहले स्थान पर है, जिसने 1429 करोड़ कमाए। दूसरे नंबर पर अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2 और तीसरे पर धुरंधर है। भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में- फिल्म इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बाहुबली 2 1429 करोड़ (तेलुगु) पुष्पा 2 1381 करोड़ (तेलुगु) धुरंधर 1057 करोड़ (हिंदी) केजीएफ 2 1008 करोड़ (कन्नड़) धुरंधरः द रिवेंज 1006 करोड़ (हिंदी) (11 दिनों में) इन बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के साथ धुरंधर और धुरंधर 2 के डायरेक्टर आदित्य धर बॉलीवुड के इकलौते निर्देशक बन गए हैं, जिन्होंने 1000 करोड़ से ज्यादा कमाई वाली दो फिल्में दी हैं। उनसे पहले एसएस राजामौली भी बाहुबली और बाहुबली 2 जैसी दो 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्में बना चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Dhurandar 2 became 3rd highest grossing bollywood film in just 11 days, can soon break the record of aamir khan’s dangal

43 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधरः द रिवेंज बॉलीवुड की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म का इंडियन कलेक्शन 846.87 करोड़ हो चुका है, जबकि फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1350 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिक्ल के अनुसार, 29 मार्च यानी रिलीज के दूसरे रविवार को फिल्म ने 68.10 करोड़ रुपए कमाए, जबकि 28 मार्च (शनिवार) को 62.85 करोड़ कमाए थे। ऐसे में 11 दिनों में फिल्म ने भारत में 846.87 करोड़ और वर्ल्डवाइड 1350 करोड़ कमा लिए। इस कलेक्शन के साथ धुरंधर 2 तीसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बन गई है। यह फिल्म पिछले पार्ट धुरंधर के 1428 करोड़ के ऑल टाइम कलेक्शन को पार करने के करीब है, जो बॉलीवुड की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म है। फिलहाल आमिर खान की दंगल पहले नंबर पर है। सभी भाषाओं में 5वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बॉलीवुड की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधरः द रिवेंज, सभी भाषाओं में भारत की 5वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। यह आरआरआर और केजीएफ चैप्टर 2 का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है, लेकिन अब भी पुष्पा-2 और बाहुबली 2 से पीछे है। दंगल भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है, लेकिन भारत में इसका कलेक्शन सिर्फ 511 करोड़ था और ज्यादातर कमाई ओवरसीज से हुई। भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में बाहुबली 2 पहले स्थान पर है, जिसने 1429 करोड़ कमाए। दूसरे नंबर पर अल्लू अर्जुन की पुष्पा 2 और तीसरे पर धुरंधर है। भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में- फिल्म इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बाहुबली 2 1429 करोड़ (तेलुगु) पुष्पा 2 1381 करोड़ (तेलुगु) धुरंधर 1057 करोड़ (हिंदी) केजीएफ 2 1008 करोड़ (कन्नड़) धुरंधरः द रिवेंज 1006 करोड़ (हिंदी) (11 दिनों में) इन बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के साथ धुरंधर और धुरंधर 2 के डायरेक्टर आदित्य धर बॉलीवुड के इकलौते निर्देशक बन गए हैं, जिन्होंने 1000 करोड़ से ज्यादा कमाई वाली दो फिल्में दी हैं। उनसे पहले एसएस राजामौली भी बाहुबली और बाहुबली 2 जैसी दो 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्में बना चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Grand Aarti with 1008 Lamps

उज्जैन5 मिनट पहले कॉपी लिंक महावीर जयंती के अवसर पर शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो गई है। पूर्व संध्या पर सोमवार को ‘एक शाम भगवान महावीर के नाम’ शीर्षक से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में भगवान महावीर स्वामी की 1008 दीपकों से विशेष आरती की जाएगी। इसके साथ ही छोटे बच्चों के लिए पालना झुलाने का आयोजन होगा, जिसमें उन्हें ‘बाल महावीर’ के रूप में सम्मानित कर विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। भक्ति माहौल के बीच धार्मिक भजनों के साथ तंबोला का भी विशेष आयोजन रखा गया है, जिसमें नकद पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। यह आयोजन श्री महावीर तपोभूमि ट्रस्ट एवं परिवार द्वारा किया जा रहा है। 31 मार्च को निकलेगा भव्य चल समारोह समाज के सचिव एवं मीडिया प्रभारी सचिन कासलीवाल ने बताया कि 31 मार्च को सुबह 8 बजे भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। इसके बाद दोपहर में जयसिंहपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में वात्सल्य भोज आयोजित होगा। शाम को तपोभूमि पर विशेष आयोजन शाम के समय तपोभूमि परिसर में भी धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। यहां चल समारोह, वात्सल्य भोज, पालना झुलाने का कार्यक्रम और महाआरती आयोजित की जाएगी। आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के सान्निध्य में शाम 5 बजे भव्य चल समारोह निकलेगा, जो राघव पिपलिया चौराहे से होकर वापस तपोभूमि पहुंचेगा। इसके बाद शाम 7 बजे भगवान महावीर स्वामी को आकर्षक पालने में विराजमान कर झुलाया जाएगा और मुख्य प्रतिमा के समक्ष भव्य आरती की जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
दिल्ली बॉर्डर से लश्कर का आतंकी गिरफ्तार:शब्बीर अहमद लोन ISI के इशार पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाद रहा था

दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को लश्कर-ए-तैयबा (Let) से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह बांग्लादेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती करने की तैयारी में था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर संचालित कर रहा था। 4 दिन पहले कश्मीर में लोन के 10 ठिकानों पर छापेमारी काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने 26 मार्च को शब्बीर के आतंकी मॉड्यूल की जांच के लिए कश्मीर के तीन जिलों, गांदरबल, शोपियां और श्रीनगर के 10 ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। CIK के मुताबिक, इस मामले के तार एक ट्रांजैक्शनल नेटवर्क से जुड़े पाए गए हैं, जिसमें मॉड्यूल को बांग्लादेश और पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे। 2 महीनों से नजर रखे थीं सुरक्षा एजेंसियां पिछले सुरक्षा एजेंसियां 2 महीनों से शब्बीर की गतिविधियों पर नजर रखे थीं। लोन को इससे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के आरोपों में गिरफ्तार किया था। 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…









