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बच्चे के जन्म के बाद पिता में भी आते हैं ये शारीरिक बदलाव, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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Last Updated:March 30, 2026, 21:56 IST अक्सर यह माना जाता है कि बच्चे के जन्म के बाद सिर्फ मां ही शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं अलग है. हाल की रिसर्च बताती है कि पिता भी इस दौरान बड़े स्तर पर बदलाव महसूस करते हैं, जिनमें तनाव, थकान और यहां तक कि डिप्रेशन भी शामिल है. यानी नए बच्चे की जिम्मेदारी सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि पिता के मन और शरीर पर भी गहरा असर डालती है, जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. 9 से 12 महीने बाद बढ़ता है सबसे ज्यादा मानसिक दबाव. घर में बच्चे का जन्म हर परिवार के लिए बेहद खास और खुशी भरा पल होता है. नवजात की किलकारी पूरे माहौल को बदल देती है और घर में नई ऊर्जा और उम्मीदें लेकर आती है. आमतौर पर इस दौरान मां की सेहत और उनके मानसिक बदलावों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, खासकर ‘पोस्टपार्टम ब्लूज’ को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है. लेकिन इसी खुशी के बीच एक और महत्वपूर्ण पहलू अक्सर नजरअंदाज हो जाता है, और वह है पिता का मानसिक स्वास्थ्य. एक पिता भी इस नए बदलाव से गुजर रहा होता है, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारियों और भावनाओं को अक्सर खुद तक ही सीमित रखता है. हाल ही में सामने आई एक स्टडी ने इसी छिपे पहलू को उजागर किया है. ‘JAMA Network Open’ में प्रकाशित इस रिसर्च के अनुसार, बच्चे के जन्म के तुरंत बाद नहीं बल्कि लगभग एक साल के भीतर पिता के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर देखने को मिलता है. इस दौरान डिप्रेशन और तनाव से जुड़ी समस्याओं का खतरा 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ जाता है. यह आंकड़ा इस बात की ओर इशारा करता है कि पिता भी मानसिक दबाव से गुजरते हैं, लेकिन उनके संघर्ष को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. यह स्टडी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज में पिता की भूमिका को एक नए नजरिए से देखने की जरूरत बताती है. स्वीडन में हुआ बड़ा रिसर्च, लाखों लोगों का डेटा शामिलयह अध्ययन स्वीडन में किया गया, जिसमें करीब 10 लाख से अधिक पुरुषों के डेटा का विश्लेषण किया गया. इतने बड़े स्तर पर किए गए इस शोध ने यह स्पष्ट किया कि बच्चे के जन्म के शुरुआती महीनों में पिता अपेक्षाकृत सामान्य और स्थिर नजर आते हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि उस समय उनका पूरा ध्यान मां और नवजात की देखभाल पर होता है. वे अपनी नींद, थकान और मानसिक दबाव को पीछे छोड़कर परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में जुट जाते हैं. लेकिन धीरे-धीरे यही अनदेखा किया गया तनाव उनके अंदर जमा होने लगता है. 9 से 12 महीने बाद बढ़ता है सबसे ज्यादा मानसिक दबावसमय बीतने के साथ जब जिम्मेदारियां और बढ़ती हैं, तो मानसिक दबाव भी बढ़ने लगता है. रिसर्च के मुताबिक, बच्चे के जन्म के 9 से 12 महीने के बीच का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है. इस दौरान पिता को लगातार नींद की कमी का सामना करना पड़ता है, काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है, आर्थिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और रिश्तों में भी बदलाव आने लगते हैं. इन सभी कारणों का संयुक्त असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है, जो आगे चलकर डिप्रेशन या स्ट्रेस डिसऑर्डर के रूप में सामने आ सकता है. क्यों छिपी रह जाती है पिता की मानसिक परेशानी?इस अध्ययन का एक अहम निष्कर्ष यह भी है कि पिता अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं करते. समाज में पुरुषों से मजबूत बने रहने की अपेक्षा और भावनाएं छिपाने की आदत के कारण वे अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बात करने से बचते हैं. कई बार वे खुद भी यह स्वीकार नहीं कर पाते कि उन्हें मदद की जरूरत है. यही वजह है कि उनकी परेशानी तब सामने आती है जब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है. इसलिए जरूरी है कि पिता के मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही अहमियत दी जाए जितनी मां के लिए दी जाती है, ताकि उन्हें समय रहते सही समर्थन और समझ मिल सके. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 30, 2026, 21:43 IST

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

राजगढ़ में खड़ी बस को ट्राले ने मारी टक्कर:सवारी उतारते वक्त हादसा, दो किशोर घायल; टक्कर मारकर भागा ड्राइवर

राजगढ़ जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम 7:30 बजे ढाबला जोड़ पर एक सड़क हादसा हो गया। यहां सवारी उतार रही राजस्थान रोडवेज की बस को पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बस में सवार दो किशोर यात्री घायल हो गए। घायलों की पहचान भोपाल निवासी निकेश पिता जगदीश (15) और निकेश पिता प्रभुलाल (16) के रूप में हुई है। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए खिलचीपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क किनारे खड़ी थी बस जानकारी के अनुसार, राजस्थान रोडवेज की बस (क्रमांक RJ14 PE 5046) कोटा से लगभग 30 सवारियां लेकर ब्यावरा की ओर जा रही थी। ढाबला जोड़ के पास कुछ यात्रियों को उतारने के लिए ड्राइवर ने बस सड़क किनारे खड़ी की थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्राले ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्राला ड्राइवर वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। दूसरी बस में बैठाकर सवारियों को रवाना किया घटना की सूचना मिलते ही टीआई उमाशंकर मुकाती ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने ढाबला क्षेत्र के सरपंच ढाबे के पास से टक्कर मारकर भाग रहे ट्राले को पकड़ लिया और उसे थाने ले आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। क्षतिग्रस्त बस को चालक और कंडक्टर खिलचीपुर ले गए, जबकि अन्य सवारियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

रायसेन: 16 यात्री और 5 बाइक से लदी नाव पलटी:चार युवकों ने नर्मदा नदी में कूदकर सभी को बचाया; रमपुरा से रिछावर घाट जा रही थी नाव

रायसेन जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रमपुरा घाट पर सोमवार को नर्मदा नदी में बड़ा हादसा टल गया। यहां 16 यात्रियों और 5 मोटरसाइकिलों से लदी एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर नदी में पलट गई। नाव रमपुरा घाट से रिछावर घाट (जिला नरसिंहपुर) की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव में क्षमता से अधिक लोग और वाहन सवार थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि अधिक भार के कारण नाव संतुलन खोने लगी और उसमें धीरे-धीरे पानी भरने लगा। यात्रियों को स्थिति का अंदाजा होता, उससे पहले ही नाव डगमगाई और अचानक पलट गई। देखते ही देखते सभी यात्री और बाइक नदी में गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चार युवकों ने दिखाई बहादुरी, नदी में कूदकर बचाईं जानें हादसे के दौरान स्थानीय चार युवकों ने साहस का परिचय देते हुए बिना देर किए नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच उन्होंने एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। नाव में सवार लोगों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल थे। युवकों की तत्परता और सूझबूझ के चलते सभी 16 यात्रियों की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। बाइक नदी में डूबीं, तीन निकाली गईं, बाकी की तलाश जारी हादसे में नाव पर रखी सभी 5 मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से अब तक 3 बाइक को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी 2 की तलाश जारी है। नदी में सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद सभी यात्रियों को देवरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। बचाने वाले युवकों का होगा सम्मान प्रशासन ने हादसे के दौरान साहस दिखाने वाले चारों युवकों को सम्मानित करने की घोषणा की है। उनकी बहादुरी और तत्परता के चलते 16 जिंदगियां सुरक्षित बच सकीं। यह है 4 बहादुर युवक… प्रशासन मौके पर पहुंचा, लिया घटनास्थल का जायजा घटना की सूचना मिलते ही देवरी तहसीलदार जयपाल उइके और थाना प्रभारी जयदीप भदोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद नदी में संचालित नावों की सुरक्षा व्यवस्था और ओवरलोडिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर कोई सख्ती नहीं होती, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर नाव संचालन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Vivek Agnihotri Praises Dhurandhar 2, Warns Aditya Dhar

Vivek Agnihotri Praises Dhurandhar 2, Warns Aditya Dhar

15 मिनट पहले कॉपी लिंक द कश्मीर फाइल्स फेम डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 की तारीफ की है। उन्होंने फिल्म को मास्टरपीस बताते हुए डायरेक्टर आदित्य धर को शाबाशी दी है। हालांकि, तारीफ के साथ विवेक ने आदित्य को एक खास सलाह भी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर आदित्य को फिल्म इंडस्ट्री के ‘जहरीले और लुभावने इकोसिस्टम’ से सावधान रहने को कहा है। फिल्म देखने कैलिफोर्निया से लॉस एंजिल्स पहुंचे विवेक अग्निहोत्री इन दिनों अमेरिका में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि वह फिल्म देखने के लिए कितने उत्सुक थे। विवेक ने लिखा, “मैं कैलिफोर्निया के ग्रामीण इलाके में था, लेकिन ‘धुरंधर 2’ देखने के लिए मैंने खास तौर पर लॉस एंजिल्स (LA) का सफर तय किया। शाबाश, ब्रावो! आदित्य धर, एक बार फिर शानदार काम। मेरे पास शब्द नहीं हैं, मैं तुम्हें कॉल करना बेहतर समझूंगा।” विवेक ने फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन की भी काफी तारीफ की। आदित्य धर को बचने की सलाह तारीफ के साथ विवेक ने अपने कड़वे अनुभवों के आधार पर आदित्य को एक चेतावनी भी दी। उन्होंने लिखा, “तुम बहुत तेज हो और तुम्हें अपना रास्ता पता है। बस इस ईकोसिस्टम से थोड़ा सावधान रहना। यह जितना लुभावना दिखता है, उतना ही जहरीला भी हो सकता है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने बनाया रिकॉर्ड रणवीर सिंह स्टारर यह स्पाई-एक्शन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड्स बना रही है। रिलीज के 11 दिनों में फिल्म ने भारत में करीब ₹867 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहींदुनियाभर में फिल्म ने अब तक ₹135 0 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है और यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर में शामिल हो गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Vivek Agnihotri Praises Dhurandhar 2, Warns Aditya Dhar

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1 घंटे पहले कॉपी लिंक द कश्मीर फाइल्स फेम डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 की तारीफ की है। उन्होंने फिल्म को मास्टरपीस बताते हुए डायरेक्टर आदित्य धर को शाबाशी दी है। हालांकि, तारीफ के साथ विवेक ने आदित्य को एक खास सलाह भी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर आदित्य को फिल्म इंडस्ट्री के ‘जहरीले और लुभावने इकोसिस्टम’ से सावधान रहने को कहा है। फिल्म देखने कैलिफोर्निया से लॉस एंजिल्स पहुंचे विवेक अग्निहोत्री इन दिनों अमेरिका में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि वह फिल्म देखने के लिए कितने उत्सुक थे। विवेक ने लिखा, “मैं कैलिफोर्निया के ग्रामीण इलाके में था, लेकिन ‘धुरंधर 2’ देखने के लिए मैंने खास तौर पर लॉस एंजिल्स (LA) का सफर तय किया। शाबाश, ब्रावो! आदित्य धर, एक बार फिर शानदार काम। मेरे पास शब्द नहीं हैं, मैं तुम्हें कॉल करना बेहतर समझूंगा।” विवेक ने फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन की भी काफी तारीफ की। आदित्य धर को बचने की सलाह तारीफ के साथ विवेक ने अपने कड़वे अनुभवों के आधार पर आदित्य को एक चेतावनी भी दी। उन्होंने लिखा, “तुम बहुत तेज हो और तुम्हें अपना रास्ता पता है। बस इस ईकोसिस्टम से थोड़ा सावधान रहना। यह जितना लुभावना दिखता है, उतना ही जहरीला भी हो सकता है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने बनाया रिकॉर्ड रणवीर सिंह स्टारर यह स्पाई-एक्शन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड्स बना रही है। रिलीज के 11 दिनों में फिल्म ने भारत में करीब ₹867 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहींदुनियाभर में फिल्म ने अब तक ₹135 0 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है और यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर में शामिल हो गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

फेसबुक पर जर्सी गाय दिखाकर युवक के पैसे हड़पे:मैहर में पीड़ित ने थाने में की शिकायत, आरोपियों ने भरोसे में लेने फर्जी दस्तावेज भेजे

मैहर जिले में फेसबुक के जरिए गाय बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। ताला थाना क्षेत्र के आमीन गांव के एक युवक को सस्ती जर्सी गाय खरीदने के चक्कर में हजारों रुपए की चपत लग गई। ठगों ने गाड़ी के खर्चे और जीपीएस के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। सोमवार को पीड़ित अक्लेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर गायों की सप्लाई से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। दिए गए नंबर पर बात करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को गायों का व्यापारी बताया और व्हाट्सएप पर कई फोटो भेज दीं। अक्लेन्द्र को एक जर्सी गाय पसंद आ गई। ठग ने उसकी कीमत 30 हजार रुपए बताई, लेकिन बाद में सौदा सिर्फ 15 हजार रुपए में तय हो गया। एडवांस और जीपीएस के नाम पर वसूली सौदा पक्का होते ही ठग ने गाय भेजने के लिए गाड़ी के इंतजाम के नाम पर 2,000 रुपए एडवांस मांग लिए। अक्लेन्द्र ने भरोसा करके पैसे ऑनलाइन भेज दिए। करीब चार घंटे बाद ठग का फिर फोन आया और उसने कहा कि अब जीपीएस लगाने के नाम पर 9,999 रुपए और भेजने होंगे। शक होते ही ठग ने बंद किया फोन जब ठग ने दोबारा करीब 10 हजार रुपए मांगे, तो अक्लेन्द्र को गड़बड़ी का अहसास हुआ। उन्होंने और पैसे देने से मना कर दिया। जैसे ही युवक ने इनकार किया, ठग ने फोन काट दिया और अपना नंबर बंद कर लिया। पीड़ित ने अब मुकुंदपुर चौकी में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा का कहना है कि शिकायत मिल गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ड्राई आई के लिए कौन सा ड्रॉप है बेस्ट? डॉक्टर पवन गुप्ता ने बताए कारण और सही ट्रीटमेंट, देखें वीडियो

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  Best Drops for Dry Eyes: आजकल ज्यादा स्क्रीम टाइम और खराब लाइफस्टाइल के कारण आई ड्राइनेस की समस्या बढ़ रही है. हर तीसरा शख्स इस परेशानी से जूझ रहा है. दिल्ली के जाने-माने आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर पवन गुप्ता ने एक यूट्यूब वीडियो में बताया है कि डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग, प्रदूषण और पानी की कमी ड्राई आई के मुख्य कारण हैं. इससे आंखों में जलन और धुंधलापन हो सकता है. इसके समाधान के लिए बाजार में कई तरह के ड्रॉप्स उपलब्ध हैं. कई लोग इंटरनेट पर ड्रॉप देखकर खरीद लेते हैं, लेकिन पहले समस्या की वजह पता करनी चाहिए और फिर उसके आधार पर ड्रॉप्स लेने चाहिए. अपनी मर्जी से लोगों को आई ड्रॉप्स यूज नहीं करने चाहिए.

पेट गैस का इलाज: पेट की गैस का ‘इमरजेंसी’ इलाज, डॉक्टर ने दी सलाह, ये पेय पदार्थ ही मिनटों में लें आराम

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30 मार्च 2026 को 20:29 IST पर अपडेट किया गया पेट गैस के उपाय: यहां देखें भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान के कारण ब्लोटिंग या पेट में गैस रुकना एक आम समस्या बन गई है। कई बार ऐसा होता है कि गैस शरीर से बाहर नहीं निकल पाती, सीने में जलन, पेट में भारीपन और कमजोरी दिखाई देती है। अगर आप भी इस अटकी हुई गैस से परेशान हैं, तो ये कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्लोटिंग(टी)पेट गैस उपचार(टी)गैस निकालने का सबसे तेज़ तरीका(टी)गर्म पानी पीने से गैस से राहत(टी)पेट में बहुत अधिक गैस का इलाज कैसे करें(टी)वयस्कों के लिए गैस से राहत(टी)पेट से गैस को तुरंत कैसे दूर करें दवा(टी)क्या गर्म पानी पीने से गैस से राहत मिलती है(टी)पेट गैस के लिए आपातकालीन उपचार

GDP, Rupee & Oil Prices Impact

GDP, Rupee & Oil Prices Impact

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक फरवरी में भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% पहुंच गई थी। पश्चिम एशिया में तनाव से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रेटिंग एजेंसी केयरएज ग्लोबल के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ोतरी से भारत में रिटेल महंगाई 60 बेसिस पॉइंट्स (0.60%) तक बढ़ सकती है। इस बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करना है। उनके इस बयान के बाद ब्रेंट क्रूड आज 116 डॉलर प्रति बैरल पार पहुंच गया। केयरएज ग्लोबल के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए काफी हद तक पश्चिम एशिया पर निर्भर है, ऐसे में वहां के हालात बिगड़ने से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट, GDP ग्रोथ और रुपए की वैल्यू पर भी दबाव बढ़ेगा। फरवरी में भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 3.21% पहुंच गई थी। तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ा, कीमतें जल्द बढ़ सकती हैं केयरएज ग्लोबल की CEO रेवती कस्तुरे ने कहा कि FY2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमतों में हर 10 डॉलर बढ़ोतरी से महंगाई 60 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ सकती है। इसकी मुख्य वजह कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) बास्केट में फ्यूल का वेटेज ज्यादा होना है। शुरुआत में तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) इस बोझ को खुद झेल सकती हैं, लेकिन अगर कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालना मजबूरी हो जाएगा। ट्रम्प ने कहा- ईरान का तेल छीनना मेरी पसंदीदा चीज ट्रम्प ने कहा कि ईरान का तेल छीनना उनकी पसंदीदा चीज है। उन्होंने कहा कि उनके पास कई विकल्प हैं और वे खार्ग आइलैंड को आसानी से अपने कंट्रोल में ले सकते हैं। यह ईरान का प्रमुख तेल एक्सपोर्ट हब है, जहां से देश का करीब 90% तेल निर्यात होता है। रुपए और करंट अकाउंट डेफिसिट पर भी असर केयरएज की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर की बढ़त से भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट भी 0.3% से 0.4% तक बढ़ सकता है। चुनौतियों के बावजूद FY2026-27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.5%-6.8% रहने का अनुमान है। मजबूत घरेलू मांग से इकोनॉमी को सहारा मिल रहा है। वैश्विक अनिश्चितता में निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर बढ़ रहे हैं। इससे डॉलर मजबूत और रुपए पर दबाव बढ़ रहा है। अगर भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट और बढ़ता है, तो रुपए की वैल्यू में और गिरावट आ सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.58 के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा। भारत को मिलने वाले कुल रेमिटेंस (विदेशों से घर भेजा जाने वाला पैसा) का एक-तिहाई हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। अगर युद्ध लंबा चला तो लेबर मार्केट प्रभावित होगा। जिससे रेमिटेंस कम हो सकता है। FY2024-25 में इस सेक्टर से 64 बिलियन डॉलर का निर्यात हुआ, जो शिपिंग देरी और तनाव से प्रभावित हो सकता है। महंगे कच्चे तेल का असर केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहेगा। एलएनजी (LNG) की कीमतें बढ़ने से फर्टिलाइजर (खाद) बनाने की लागत भी बढ़ेगी। भारत अपनी खाद जरूरतों का 25% पश्चिम एशिया से आयात करता है, इसलिए सरकार को इसे सस्ता रखने के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी का बजट बढ़ाना पड़ सकता है। तेल 120 डॉलर के पार गया तो वैश्विक मंदी आएगी मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर तेल की कीमतें 120 डॉलर के ऊपर जाती हैं, तो दुनिया भर में मंदी आने का खतरा बढ़ जाएगा। ऊंची कीमतों की वजह से डिमांड कम होगी और महंगाई बेकाबू हो जाएगी। भारत के कुल तेल आयात का 51% खाड़ी देशों से आता है भारत कच्चे तेल की जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा पश्चिम एशिया पर निर्भर है। FY2025-26 के पहले 10 महीनों में भारत के कुल कच्चे तेल और पेट्रोलियम आयात में 51% हिस्सा इसी क्षेत्र का था। कच्चे तेल का भाव बढ़ने से भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ रहा है। होर्मुज रूट प्रभावित होने से तेल की कीमतों में आई तेजी ईरान ने होर्मुज रूट को लगभग बंद कर दिया है। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से न केवल तेल, बल्कि एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक की कीमतों में भी भारी तेजी आने लगी है। ब्रिटेन और यूरोप में भी दवाओं और जरूरी चीजों की कमी होने का खतरा है, क्योंकि शिपिंग का खर्च कई गुना बढ़ गया है। मार्च में 60% महंगा हुआ क्रूड, 36 साल का रिकॉर्ड टूटा मार्च में कच्चे तेल की कीमतों में अब तक करीब 60% का उछाल आया है, जो 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद एक महीने में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। फरवरी के आखिरी में ब्रेंट क्रूड 72.48 डॉलर पर बंद हुआ था, जो अब 116 डॉलर के पार पहुंच गया है। इससे पहले सितंबर 1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले के समय तेल की कीमतें एक महीने में 46% बढ़ी थीं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर युद्ध जल्द खत्म नहीं हुआ, तो कीमतें 150 से 200 डॉलर तक भी जा सकती हैं। ये खबर भी पढ़ें… रुपया डॉलर के मुकाबले सबसे कमजोर: पहली बार 1 डॉलर ₹95.22 का हुआ; मोबाइल, सोना, तेल, विदेशी सामान खरीदना महंगा ईरान जंग की वजह से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज यानी 30 मार्च को पहली बार 95 के पार पहुंच गया। कारोबार के दौरान ये 95.22 के सबसे निचले स्तर पर गिर गया। हालांकि बाद में ये थोड़ा संभला और कारोबार खत्म होने पर 94.78 पर बंद हुआ। यह पिछले बंद भाव 94.85 के मुकाबले डॉलर के सामने 7 पैसे की मामूली मजबूती है। पूरी खबर पढ़ें… वित्त मंत्रालय ने माना इकोनॉमी की रफ्तार धीमी: महंगे तेल-लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन बिगड़ने का असर; महंगाई बढ़ने के संकेत वित्त मंत्रालय ने मार्च 2026 की अपनी मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। मंत्रालय ने माना है कि इन बाहरी झटकों की वजह

सिवनी में भूकंप से बचाव के लिए ट्रेनिंग:एसडीईआरएफ ने कहा- आपदा के वक्त झुकें, सुरक्षित स्थान लें, और पकड़कर रहें

सिवनी में भूकंप से बचाव के लिए ट्रेनिंग:एसडीईआरएफ ने कहा- आपदा के वक्त झुकें, सुरक्षित स्थान लें, और पकड़कर रहें

सिवनी में सोमवार, 30 मार्च को जिला आपदा प्रबंधन की ओर से भूकंप से बचाव और तैयारी को लेकर एक दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। सरकारी कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेट्स को मुसीबत के समय जान बचाने के तरीके सिखाए गए। होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम ने बताया कि भूकंप आने पर घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। ट्रेनिंग में मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया गया। भूकंप के दौरान सुरक्षा कैसे करें इस दौरान “Drop, Cover, Hold” तकनीक सिखाई गई—झुकें, सुरक्षित स्थान लें, और पकड़कर रहें। भारी सामान को दीवार से सटाकर फिक्स रखना और टॉर्च, दवाइयां, सूखा खाना जैसी जरूरी चीजों की एक इमरजेंसी किट तैयार रखना। अगर आप घर से बाहर हैं, तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर किसी खुले मैदान में चले जाएं। घर बनाते समय ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे वह भूकंप के झटके झेल सके। घायल लोगों को तुरंत प्राथमिक इलाज देने और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके भी सिखाए गए। लाइव डेमो और प्रदर्शनी ट्रेनिंग के दौरान टीम ने एक नकली अभ्यास (मॉक ड्रिल) करके दिखाया। इसमें दिखाया गया कि ऊंची बिल्डिंग में फंसे घायल व्यक्ति को रस्सी और औजारों की मदद से सुरक्षित कैसे नीचे लाया जाता है। इसके अलावा आग बुझाने वाले सिलेंडर को चलाने का सही तरीका भी बताया गया। जागरूकता ही बचाव है कार्यक्रम के आखिर में आपदा के समय काम आने वाले मशीनों और औजारों की प्रदर्शनी लगाई गई। जानकारों ने बताया कि बिजली गिरने, सांप के काटने या आग लगने जैसी घटनाओं में तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। इस पूरी ट्रेनिंग का मकसद लोगों और सरकारी स्टाफ को इतना तैयार करना है कि किसी भी मुसीबत के समय कम से कम नुकसान हो और लोगों की जान बचाई जा सके।