सिवनी में सोमवार, 30 मार्च को जिला आपदा प्रबंधन की ओर से भूकंप से बचाव और तैयारी को लेकर एक दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। सरकारी कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और एनसीसी कैडेट्स को मुसीबत के समय जान बचाने के तरीके सिखाए गए। होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीम ने बताया कि भूकंप आने पर घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। ट्रेनिंग में मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया गया। भूकंप के दौरान सुरक्षा कैसे करें इस दौरान “Drop, Cover, Hold” तकनीक सिखाई गई—झुकें, सुरक्षित स्थान लें, और पकड़कर रहें। भारी सामान को दीवार से सटाकर फिक्स रखना और टॉर्च, दवाइयां, सूखा खाना जैसी जरूरी चीजों की एक इमरजेंसी किट तैयार रखना। अगर आप घर से बाहर हैं, तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर किसी खुले मैदान में चले जाएं। घर बनाते समय ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे वह भूकंप के झटके झेल सके। घायल लोगों को तुरंत प्राथमिक इलाज देने और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके भी सिखाए गए। लाइव डेमो और प्रदर्शनी ट्रेनिंग के दौरान टीम ने एक नकली अभ्यास (मॉक ड्रिल) करके दिखाया। इसमें दिखाया गया कि ऊंची बिल्डिंग में फंसे घायल व्यक्ति को रस्सी और औजारों की मदद से सुरक्षित कैसे नीचे लाया जाता है। इसके अलावा आग बुझाने वाले सिलेंडर को चलाने का सही तरीका भी बताया गया। जागरूकता ही बचाव है कार्यक्रम के आखिर में आपदा के समय काम आने वाले मशीनों और औजारों की प्रदर्शनी लगाई गई। जानकारों ने बताया कि बिजली गिरने, सांप के काटने या आग लगने जैसी घटनाओं में तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। इस पूरी ट्रेनिंग का मकसद लोगों और सरकारी स्टाफ को इतना तैयार करना है कि किसी भी मुसीबत के समय कम से कम नुकसान हो और लोगों की जान बचाई जा सके।










































