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palash flower health benefits | natural heat stroke prevention tips | पलाश के फूल के फायदे | हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय |

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Last Updated:March 30, 2026, 19:18 IST Palash Flower Health Benefits: पलाश जिसे ‘जंगल की आग कहा जाता है, उसके सुर्ख लाल फूल असल में गर्मियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं हैं. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. आशीष के अनुसार, पलाश के फूल, बीज और छाल का सही इस्तेमाल न केवल आपके शरीर को भीतर से AC जैसी ठंडक देता है, बल्कि यह डायबिटीज कंट्रोल करने और पेट के कीड़ों को जड़ से खत्म करने में भी अचूक है. भयंकर हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए इसका शरबत एक रामबाण इलाज है, तो वहीं स्किन इंफेक्शन और एक्जिमा जैसी जिद्दी समस्याओं के लिए इसके बीजों का लेप जादू की तरह काम करता है. गर्मियों का मौसम अपने साथ-साथ कई तरीके की स्वस्थ संबंधी समस्याएं भी लेकर आता है. इस मौसम में लोगों को तरह-तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखने को मिलती हैं. पेट से लेकर त्वचा संबंधित कई समस्याएं ऐसी होती है, जो गर्मी के मौसम में लोगों को सबसे अधिक परेशान करती हैं. इनसे निजात पाने के लिए ज्यादातर लोग अंग्रेजी दावों का उपयोग करते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे फूल के बारे में बताएंगे जो आयुर्वेद की दृष्टि से सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. इसके सेवन से पेट से लेकर स्किन संबंधी कई तरीके की समस्याओं के लिए अचूक इलाज साबित हो सकता है. हम बात कर रहे हैं पलाश के फूल के बारे में जो एक जबरदस्त आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग की जाती है. आयुर्वेदिक दावों के सलाहकार डॉ. आशीष बताते हैं कि इस पेड़ की सबसे खास बात यह है कि इसके फूल, बीज और छाल सभी चीज औषधि रूप से जबरदस्त उपयोगी होती हैं, गर्मियों के दिनों में इसका प्रयोग बेहद लाभदायक हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google पलाश के बीजों में एंटी वार्म अच्छा पाए जाते हैं यानी इसके उपयोग से पेट के कीड़े जैसी समस्या से निजात पाई जा सकती. इसके बीज के पाउडर को नियमित रूप से लेने से पेट से संबंधित कई तरीके के संक्रमण को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा यह दस्त जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी उपयोगी होता है. यह पेड़ डायबिटीज की समस्या से परेशान व्यक्तियों के लिए भी बेहद उपयोगी हो सकता है. पलाश में एंटी हाइपरग्लिसमिक अच्छा पाए जाते हैं जो मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं. इसके सेवन से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, इसके अलावा यह शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बनाए रखने में उपयोगी होता है. त्वचा से संबंधी समस्याओं के लिए यह पेड़ जबरदस्त उपयोगी हैं. पलाश के बीज का पेस्ट बनाकर उपयोग करने से एक्जिमा और स्किन इन्फेक्शन संबंधित समस्याओं से राहत मिल सकती है. इससे त्वचा का रूखापन कम होता है और स्किन में खुजली की समस्या से भी निजात पाई जा सकती है. गर्मियों के मौसम में पलाश के फूलों का उपयोग शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है, इसके फूल ठंडा माने जाते हैं जिस कारण गर्मियों में लोग इसका शर्बत बनाकर पीना भी पसंद करते हैं. इसके सेवन से शरीर को ठंडक मिलती है इसके अलावा गर्मियों में चलने वाली तेज लव और अधिक तापमान के कारण ही हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं भी दूर रहती हैं. First Published : March 30, 2026, 19:18 IST

हरदा में सड़क हादसा, 19 साल की आरती की मौत:चाचा के आने का कर रही थी इंतजार, सिर में चोट लगने से गई जान

हरदा में सड़क हादसा, 19 साल की आरती की मौत:चाचा के आने का कर रही थी इंतजार, सिर में चोट लगने से गई जान

सोमवार दोपहर को छीपाबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम नीमसराय के पास एक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई। मृतका की पहचान आरती पिता शिवशेल मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरती अपने चाचा व्योमकेश मिश्रा के साथ हरदा आने के लिए नीमसराय गांव से निकली थी। उनके चाचा अपना मोबाइल घर पर भूल गए थे, जिसे लेने वे वापस घर गए। सड़क किनारे कर रही थी इंतजार, बाइक ने टक्कर मारी आरती सड़क किनारे एक पेड़ के पास बैठकर चाचा का इंतजार कर रही थी। तभी एक अज्ञात बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में आरती के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, सिर में गंभीर चोट लगने के कारण ही उसकी जान गई। शाम को जिला अस्पताल में मृतका के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरती अपने तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी।

सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे हैरान करने वाले बदलाव! – News18 हिंदी

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X सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे गजब के बदलाव   Raw Garlic Health Benefits: ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राजकुमार बताते हैं कि भारतीय रसोई की शान लहसुन सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर आप अपने दिन की शुरुआत खाली पेट कच्चे लहसुन की एक कली से करते हैं, तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जो बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल इन्फेक्शन से बचाने में मदद करती है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, जिससे गैस और अपच जैसी समस्याओं में आराम मिलता है. दिल की सेहत के लिए भी लहसुन रामबाण माना जाता है; इसमें पाया जाने वाला एलिसिन तत्व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है. इसके अलावा, यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है. बस ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें.

Dhurandhar 2 Box Office Records

Dhurandhar 2 Box Office Records

11 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड ब्रेकिंग कमाई कर रही है। फिल्म ने महज 11 दिनों में वर्ल्डवाइड ₹1,353.95 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म की इस कामयाबी के चलते कई बड़े एक्टर्स की फिल्मों की रिलीज डेट आगे खिसका दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के इनमें अक्षय कुमार की भूत बंगला और सलमान की फिल्म मातृभूमि भी शामिल हैं। वहीं धुरंधर 2 के साथ रिलीज हुई पवन कल्याण की फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा पाई। 11 दिनों में यह फिल्म वर्ल्डवाइड सिर्फ ₹93.95 करोड़ का बिजनेस ही कर सकी है। क्यों बदली जा रही हैं तारीखें? दरअसल, ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट की सफलता के बाद ही डायरेक्टर आदित्य धर ने इसके सीक्वल का माहौल बना दिया था। इसी डर की वजह से यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज डेट पहले ही 19 मार्च से बदलकर 4 जून 2026 कर दी गई थी। अब ‘धुरंधर 2’ ने जिस तरह से 1,300 करोड़ का आंकड़ा पार किया है, उसे देखते हुए कोई भी मेकर अपनी बड़ी फिल्म को इसके सामने उतारने का रिस्क नहीं लेना चाहता। अक्षय की ‘भूत बंगला’ टली, सलमान की फिल्म पर असर अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ पहले 10 अप्रैल को आने वाली थी, लेकिन अब इसे एक हफ्ते के लिए टालकर 17 अप्रैल कर दिया गया है। अक्षय की फिल्म आगे बढ़ने से सलमान खान की ‘मातृभूमि’ की रिलीज पर भी टल सकती है। बता दें कि फिल्म मातृभूमि की रिलीज 17 अप्रैल को तय की गई थी। गलवान युद्ध पर बन रही सलमान की इस फिल्म की शूटिंग अभी बाकी है। ‘भूत बंगला’ के शिफ्ट होने से ‘मातृभूमि’ के पोस्टपोन होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा सलमान अपनी ज्यादातर फिल्में ईद के मौके पर रिलीज करते हैं और इस ईद पर धुरंधर 2 रिलीज हुई है। राम चरण की ‘पेद्दी’ अब मई-जून में आएगी RRR फेम राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ की रिलीज एक बार फिर टलने की खबर है। यह एक रूरल स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा है, जिसे पहले 30 अप्रैल को रिलीज होना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन और कुछ शूटिंग का हिस्सा अभी बाकी है। वहीं, पिछले दिनों शूटिंग के दौरान राम चरण की आंख के ऊपर हल्की चोट लग गई थी, जिससे काम रुक गया। अब यह फिल्म मई के आखिर या जून 2026 में रिलीज हो सकती है। इसका सीधा फायदा धनुष की फिल्म ‘कारा’ को मिल सकता है, जो 30 अप्रैल को ही रिलीज होगी। इन फिल्मों की रिलीज डेट भी बदली सिर्फ बड़े स्टार्स ही नहीं, बल्कि युवा एक्टर्स की फिल्मों पर भी ‘धुरंधर’ का असर दिख रहा है। प्रदीप रंगनाथन की फिल्म ‘LIK’ (लव इंश्योरेंस कंपनी) अब 3 अप्रैल की जगह 10 अप्रैल को रिलीज होगी। मेकर्स का कहना है कि फिल्म के VFX का काम अभी बचा हुआ है। वहीं, अखिल अक्किनेनी की फिल्म ‘लेनिन’ जो 1 मई को आने वाली थी, अब 26 जून को रिलीज होगी। मेकर्स ने यह फैसला ‘पेद्दी’ के साथ संभावित क्लैश को टालने के लिए लिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

इंसान के अंदर भी होता है छिपकली की दुम जैसा एक अंग, कैसे कटकर फिर उग आता है? डॉ. द‍िनेश भारती से जानिए

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Liver Facts: क्या आपको पता है कि इंसान के शरीर के अंदर भी छिपकली की दुम जैसा एक अंग होता है. जैसे छिपकली की पूंछ अगर एक बार कटकर अलग गिर जाए तो वह काफी देर तक फड़फड़ाती हैLi क्योंकि उसमें जान होती है, लेकिन कुछ ही हफ्तों में छिपकली की पूंछ दोबारा उग भी आती है. चमत्कार की बात है कि इसी तरह हमारे शरीर के अंदर मौजूद लिवर भी कटने के बाद फिर से पुनजीर्वित हो जाता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर किसी के लिवर का 65 फीसदी हिस्सा भी काट लिया जाए तो भी वह व्यक्ति एकदम सामान्य रह सकता है और उसका लिवर फिर से जेनरेट होकर इस कमी को कुछ ही हफ्तों में पूरी कर सकता है. लिवर की यही अद्भुत क्वालिटी इसे डोनेशन और ट्रांसप्लांट के लिए परफेक्ट बनाती है लेकिन सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे होता है और कितनी बार लिवर कट जाने के बाद फिर से उग सकता है? एक सवाल यह भी उठता है कि जब लिवर का 70 फीसदी तक हिस्सा दान किया जा सकता है तो लिवर ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों को महीनों और सालों का इंतजार क्यों करना पड़ता है? बहरहाल इन सभी सवालों के जवाब आपको नीचे देने जा रहे हैं लिवर ट्रांसप्लांट के लिए फेमस जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में एचपीबी एंड लिवर ट्रांसप्लांट डिपार्टमेंट के हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार भारती… एसएमएस अस्‍पताल जयपुर रके डॉक्‍टर द‍िनेश भारती से जानें ल‍िवर के बारे में जरूरी जानकार‍ियां. क्या लिवर सच में कटने के बाद उग आता है?हां. मानव शरीर के अंदर लिवर ही ऐसा सजीव अंग है जो कटने के बाद वापस पुनजीर्वित हो जाता है. निर्जीव अंगों में तो नाखून, बाल आदि आते हैं जो बार-बार कटने पर बार-बार बढ़ते हैं लेकिन जीवित अंग में सिर्फ लिवर है. जो व्यक्ति लिवर डोनेट करते हैं, उनके लिवर का हिस्सा काटकर ही लिया जाता है. कितने बार तक कटने के बाद यह उग सकता है?सिर्फ एक बार. ऐसा नहीं है कि बार-बार लिवर काटकर डोनेट किया जा सके. एक व्यक्ति अपने जीवन में एक बार ही लिवर डोनेट कर सकता है. हालांकि लिवर की ये खूबसूरत बात है कि एक बड़ा हिस्सा अलग हटाने के बाद भी यह फिर से अपने रूप को वापस ले लेता है. लिवर का कितने फीसदी हिस्सा डोनेट हो सकता है?आमतौर पर लिवर का 60 से 65 परसेंट तक हिस्सा डोनेशन के लिए लिया जा सकता है, हालांकि जो एडवांस सेंटर्स हैं वहां लिवर का 70 फीसदी हिस्सा भी काटकर लिया जा रहा है. क्या दो बार लिवर डोनेट करने से मुश्किल हो सकती है?लिवर में 8 सेगमेंट होते हैं जो चार लॉग या सेक्टर्स में बंटे होते हैं लेकिन सामान्य भाषा में सिर्फ दो ही लॉग राइट और लेफ्ट होते हैं. रिसीपेंट के हिसाब से देखा जाता है कि उसके लिए डोनर के लिवर का राइट लॉग लेना है या लेफ्ट? हालांकि डोनर ने अगर एक बार में कोई भी लॉग दान कर दिया तो फिर जीवन में वह दोबारा दान नहीं कर सकता है, इससे उसके जीवन के लिए मुश्किल हो सकती है. यह रीजेनरेशन कितने दिनों में हो जाता है और कितना?लिवर का जितना हिस्सा भी काटकर लिया है डेढ़ महीने के अंदर 90 फीसदी लिवर रीजेनरेट हो जाता है. पहले 15 दिन में रीजेनरेशन की प्रक्रिया काफी तेज होती है और बाकी के दिनों में धीरे-धीरे होती है. क्या ऐसा भी होता है कि रिसीपेंट स्वस्थ हो जाता है और देने वाला बीमार?ऐसा शायद कुछ केसेज में संभव है कि हुआ हो जहां डोनर को कुछ लिवर दान के बाद कुछ कॉम्प्लिकेशन आई हों, या लिवर फेल्योर हुआ हो, रिसीपेंट के साथ भी ऐसा हो सकता है. 5 से 7 परसेंट फेल्योर के चांस हो सकते हैं. हालांकि मेरे संज्ञान में ऐसे केस कम हैं. किस उम्र तक लोग लिवर दान कर सकते हैं?लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 50 की उम्र तक के लोगों का लिवर लेना ठीक है, हालांकि कई जगहों पर अब 55 साल की उम्र तक लिवर डोनेट किया जा सकता है. क्या कोई भी लिवर डोनेट कर सकता है?नहीं लिवर लेने से पहले डॉक्टर लिवर की क्वालिटी देखते हैं. लिविंग डोनर्स की गई जांचें होती हैं वहीं ब्रेन डेड में क्लिनिकली जांचने के बाद भी अच्छी गुणवत्ता का लिवर लेते हैं. अगर किसी का फैटी लिवर है या लिवर सिरोसिस है तो नहीं लेते हैं, कुछ और भी कंडीशंस में नहीं लेते हैं. डोनर्स का लिवर फाइब्रोसिस कितना है? ये देखा जाता है. ब्रेन डेड में तो पूरा ऑर्गन ही ले लेते हैं, लेकिन उसमें क्लिनिकली जांचकर ही लेते हैं, अगर उसका कलर फैट और बॉर्डर ठीक नहीं हैं तो उसकी जांच करते हैं, उसमें फैट चेक करते हैं. क्या सिर्फ सगे-संबंधी ही लिवर दान कर सकते हैं?आमतौर पर रिलेटिव्स ही करते हैं. तीन डिग्री तक रिलेटिव कर सकते हैं, लेकिन ब्रेन डेड मामले में सभी का लिया जा सकता है. क्या बीपी और डायबिटीज के मरीजों का लिवर ले सकते हैं?डायबिटीजी के मरीजों का लिवर अवॉइड करते हैं लेकिन अगर कंट्रोल्ड हाइपरटेंशन हो तो लिवर ले सकते हैं.. लिवर ट्रांसप्लांट के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ता है?भारत में लिवर डोनेशन काफी कम है, उसमें आफ्टर डेथ डोनेशन तो बहुत कम है. कुछ मामलों में सगे-संबंधी लिविंग डोनर के रूप में सामने आते हैं तो उनके कई टेस्ट और जांचें होती हैं जिनमें उनका ठीक बैठ पाना भी मुश्किल होता है, ऐसे में लिवर ट्रांसप्लांट के मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ जाता है.

धुरंधर जैसी स्पाई थ्रिलर ट्रेंड में ‘डफर’ का टीजर-पोस्टर जारी:मुख्य किरदार का चेहरा छिपा, सस्पेंस और लीड रोल ने अटकलें बढ़ाईं

धुरंधर जैसी स्पाई थ्रिलर ट्रेंड में ‘डफर’ का टीजर-पोस्टर जारी:मुख्य किरदार का चेहरा छिपा, सस्पेंस और लीड रोल ने अटकलें बढ़ाईं

धुरंधर जैसी ग्रेट लेयर्ड स्पाई थ्रिलर फिल्मों के ट्रेंड के बाद, अब बॉलीवुड में एक नई थ्रिलर की लहर देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में एलीफेंटा फिल्म्स ने अपनी पहली फिल्म ‘डफर’ का टीजर पोस्टर रिलीज किया है, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों में उत्सुकता और सस्पेंस दोनों बढ़ा दिए हैं। पोस्टर में मुख्य किरदार का चेहरा पूरी तरह से छिपा हुआ है, जिससे फिल्म के रहस्य और बढ़ गए हैं। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, लीड रोल के लिए शाहिद कपूर और जॉन अब्राहम जैसे नाम चर्चा में हैं, हालांकि मेकर्स ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। डफर को पारंपरिक स्पाई थ्रिलर से अलग बताते हुए मेकर्स ने इसे लेयर्ड और सस्पेंस से भरपूर कहानी के रूप में पेश किया है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि किरदार की पहचान और उसकी परतें धीरे-धीरे सामने आएंगी, ठीक उसी तरह जैसे धुरंधर ने दर्शकों को हर मोड़ पर चौंकाया था। प्रोड्यूसर कोमल वर्मा का कहना है, “हमने इस स्तर पर सीमित जानकारी साझा करने का फैसला किया है। हमारा मकसद है कि दर्शक फिल्म के रहस्य के साथ खुद को जोड़ें। कई बार जो नहीं दिखाया जाता, वही ज्यादा प्रभाव छोड़ता है।” फिल्म का निर्देशन अवॉर्ड-विनिंग फिल्ममेकर नकुल देव कर रहे हैं, जो अपनी डिटेल्ड और लेयर्ड स्टोरीटेलिंग के लिए जाने जाते हैं। लेखन और क्रिएटिव डायरेक्शन सुमन दिव्या संभाल रही हैं। डफर का पोस्टर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में लॉन्च किया गया, और मेकर्स ने बताया कि आने वाले समय में कास्ट और किरदारों से जुड़ी जानकारी चरणबद्ध तरीके से सामने आएगी। धुरंधर की तरह, ‘डफर’ का सबसे बड़ा हथियार इसका सस्पेंस है। मुख्य किरदार का चेहरा अब तक सामने नहीं आया है, और यही रहस्य फिल्म की चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दर्शकों की निगाहें अब लीड एक्टर के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं, जो इस प्रोजेक्ट की दिशा तय करेगा। एलीफेंटा फिल्म्स ने यह भी घोषणा की है कि ‘डफर’ के अलावा कंपनी पांच और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिसमें विभिन्न फॉर्मेट और विषयों की स्पाई और थ्रिलर शैली की फिल्मों को आगे बढ़ाया जाएगा।

खरगोन में आंधी-अलर्ट के बीच 15 मिनट ओलावृष्टि:चना के बराबर ओले गिरे, फसलों को नुकसान की आशंका; 2 अप्रैल तक खराब मौसम का अलर्ट

खरगोन में आंधी-अलर्ट के बीच 15 मिनट ओलावृष्टि:चना के बराबर ओले गिरे, फसलों को नुकसान की आशंका; 2 अप्रैल तक खराब मौसम का अलर्ट

खरगोन जिले में आंधी और अलर्ट के बीच झिरनिया क्षेत्र में सोमवार को 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। इस दौरान चने और बेर के आकार के ओले गिरे। झिरन्या, गोराडिया, खोई, अपरवेदा और नेमित जैसे कई क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। शाम 4:15 बजे के आसपास इन इलाकों में अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जो लगभग 15 मिनट तक जारी रही। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका है। भीकनगांव के किसान अरविंद जायसवाल ने बताया कि देर से बोए गए गेहूं की कटाई का अंतिम दौर चल रहा है, और इस बारिश से गेहूं की चमक फीकी पड़ सकती है। 2 अप्रैल तक खराब मौसम का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण ओलावृष्टि और बारिश की स्थिति बनी है। जिले में 2 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बने रहने का अनुमान है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण पिछले 24 घंटों में तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को जिले का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

गर्मी में इन 8 चीजों का करें सेवन, शरीर में नहीं होगी पानी की कमी, चिलचिलाती धूप में भी रहेंगे कूल-कूल

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Last Updated:March 30, 2026, 18:28 IST Best Foods for Summer: गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. ऐसे में तरबूज, खीरा, नारियल पानी और सत्तू जैसे फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप न केवल पानी की कमी को पूरा कर सकते हैं, बल्कि लू और पाचन संबंधी समस्याओं से भी बच सकते हैं. ये चीजें शरीर के तापमान को प्राकृतिक रूप से कम रखने में सहायक हैं. तरबूज : यह गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है. रसीला और मीठा तरबूज देखकर ही मुंह में पानी आने लगता है. तरबूज में लगभग 92% पानी होता है. यह न केवल शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि इसमें मौजूद लाइकोपीन सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा भी करता है. दोपहर के समय तरबूज का सेवन आपको तुरंत ताजगी और एनर्जी देता है. खीरा : गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए रोज खीरा खाएं. इसमें फाइबर की मात्रा अधिक और कैलोरी बहुत कम होती है. सलाद के रूप में कच्चा खीरा खाने से शरीर का तापमान कंट्रोल रहता है और पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से काम करता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है. छाछ : आयुर्वेद में छाछ को गर्मियों का अमृत माना गया है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट को ठंडा रखते हैं और भोजन के पाचन में सहायता करते हैं. भुना हुआ जीरा और काला नमक डालकर छाछ पीने से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि यह डिहाइड्रेशन को रोकने में भी बहुत असरदार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google नारियल पानी : कोकोनट वॉटर प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स का खजाना है. गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर से जो जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, उनकी भरपाई नारियल पानी बखूबी करता है. यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और थकान मिटाकर आपको दिनभर सक्रिय बनाए रखता है. पुदीना : पुदीना अपनी प्राकृतिक शीतलता के लिए जाना जाता है. इसे चटनी, रायता या शरबत में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. पुदीना न केवल सांसों को ताजगी देता है, बल्कि यह पेट की जलन को शांत करने और लू के प्रभाव को कम करने में भी जादुई असर दिखाता है. लौकी : अक्सर लोग लौकी को नापसंद करते हैं, लेकिन गर्मियों में यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और यह आसानी से पच जाती है. लौकी का जूस या सब्जी का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है और यह एसिडिटी की समस्या को दूर रखने में सहायक है. सत्तू : सत्तू को गरीबों का प्रोटीन कहा जाता है, लेकिन इसकी ठंडी तासीर इसे गर्मियों का सुपरफूड बनाती है. भुने हुए चने से बना सत्तू शरीर को लू से बचाता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है. इसका मीठा या नमकीन शरबत पीकर आप चिलचिलाती धूप का सामना आसानी से कर सकते हैं. संतरा : संतरा विटामिन C और पोटेशियम से भरपूर होता है, जो गर्मियों में मांसपेशियों की ऐंठन को रोकने में मदद करता है. इसमें मौजूद पानी और नेचुरल शुगर शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ एनर्जी लेवल को भी बढ़ाते हैं. इसका सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और त्वचा में चमक बनाए रखता है. First Published : March 30, 2026, 18:28 IST

शिवपुरी में गर्लफ्रेंड को भगाने पहुंचे प्रेमी की पीट-पीटकर हत्या:परिजनों ने घर में बंधक बनाकर रात भर मारा, आज होनी थी लड़की की सगाई

शिवपुरी में गर्लफ्रेंड को भगाने पहुंचे प्रेमी की पीट-पीटकर हत्या:परिजनों ने घर में बंधक बनाकर रात भर मारा, आज होनी थी लड़की की सगाई

शिवपुरी के कोलारस कस्बे में अपनी गर्लफ्रेंड को घर से भगाकर ले जाने पहुंचे एक युवक की परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव गांव के पास नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों के बीच चल रहा था अफेयर रन्नौद थाना क्षेत्र के नेगमा गांव का रहने वाला 26 वर्षीय अर्जुन पाल का कोलारस की 20 वर्षीय युवती के साथ अफेयर चल रहा था। दोनों के परिवारों को इस संबंध की जानकारी थी। लेकिन अलग-अलग समाज के होने के कारण लड़की के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और शादी के लिए तैयार नहीं थे। आज ही होनी थी लड़की की सगाई बताया जा रहा है कि लड़की अपने प्रेमी अर्जुन से शादी करना चाहती थी और इस बात पर अड़ी हुई थी लेकिन परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। सोमवार को उसकी सगाई होने वाली थी। इस बात की जानकारी लड़की ने फोन पर अर्जुन को दी थी। भागने की बनाई थी योजना जिसके बाद दोनों ने मिलकर घर से भाग जाने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत अर्जुन रविवार देर शाम कोलारस पहुंचा। उसने अपने रिश्तेदार कल्ला पाल से मदद मांगी, जो कोलारस में एक फार्म हाउस पर रहकर खेती करता था। रविवार रात करीब 1 बजे अर्जुन और कल्ला, लड़की के घर के पास खेत और हाईवे किनारे पहुंच गए। लड़की को वहीं आना था, ताकि दोनों वहां से भाग सकें। लेकिन इस योजना की जानकारी लड़की के परिजनों को लग गई। लड़की के आने की जगह उसके परिजन मौके पर पहुंच गए और दोनों युवकों को पकड़ लिया। परिजनों ने कल्ला पाल को थप्पड़ मारे और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कल्ला किसी तरह मौके से भाग निकला लेकिन अर्जुन को पकड़कर परिजन अपने घर ले गए। बंधक बनाकर बेरहमी से की मारपीट घर ले जाकर अर्जुन को बंधक बना लिया गया और उसके साथ जमकर मारपीट की गई। लगातार पिटाई के चलते अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद परिजनों ने सबूत छिपाने के लिए अर्जुन के शव को खेत से करीब 100 मीटर दूर नाले में फेंक दिया। सुबह ग्रामीणों ने देखा शव सोमवार सुबह ग्रामीणों ने नाले में एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान की, जिसमें मृतक अर्जुन पाल निकला। बताया गया है कि सुबह लड़की का दादा खुद थाने पहुंचा और अर्जुन के साथ मारपीट की जानकारी दी। इस मामले में कल्ला पाल की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पांच लोगों पर एफआईआर कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, लड़की के पिता, दादा और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।