Monday, 19 Oct 2026 | 02:43 AM

Trending :

EXCLUSIVE

इंसान के अंदर भी होता है छिपकली की दुम जैसा एक अंग, कैसे कटकर फिर उग आता है? डॉ. द‍िनेश भारती से जानिए

authorimg

Liver Facts: क्या आपको पता है कि इंसान के शरीर के अंदर भी छिपकली की दुम जैसा एक अंग होता है. जैसे छिपकली की पूंछ अगर एक बार कटकर अलग गिर जाए तो वह काफी देर तक फड़फड़ाती हैLi क्योंकि उसमें जान होती है, लेकिन कुछ ही हफ्तों में छिपकली की पूंछ दोबारा उग भी आती है. चमत्कार की बात है कि इसी तरह हमारे शरीर के अंदर मौजूद लिवर भी कटने के बाद फिर से पुनजीर्वित हो जाता है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर किसी के लिवर का 65 फीसदी हिस्सा भी काट लिया जाए तो भी वह व्यक्ति एकदम सामान्य रह सकता है और उसका लिवर फिर से जेनरेट होकर इस कमी को कुछ ही हफ्तों में पूरी कर सकता है. लिवर की यही अद्भुत क्वालिटी इसे डोनेशन और ट्रांसप्लांट के लिए परफेक्ट बनाती है लेकिन सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे होता है और कितनी बार लिवर कट जाने के बाद फिर से उग सकता है?

एक सवाल यह भी उठता है कि जब लिवर का 70 फीसदी तक हिस्सा दान किया जा सकता है तो लिवर ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों को महीनों और सालों का इंतजार क्यों करना पड़ता है? बहरहाल इन सभी सवालों के जवाब आपको नीचे देने जा रहे हैं लिवर ट्रांसप्लांट के लिए फेमस जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में एचपीबी एंड लिवर ट्रांसप्लांट डिपार्टमेंट के हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार भारती…

एसएमएस अस्‍पताल जयपुर रके डॉक्‍टर द‍िनेश भारती से जानें ल‍िवर के बारे में जरूरी जानकार‍ियां.

क्या लिवर सच में कटने के बाद उग आता है?
हां. मानव शरीर के अंदर लिवर ही ऐसा सजीव अंग है जो कटने के बाद वापस पुनजीर्वित हो जाता है. निर्जीव अंगों में तो नाखून, बाल आदि आते हैं जो बार-बार कटने पर बार-बार बढ़ते हैं लेकिन जीवित अंग में सिर्फ लिवर है. जो व्यक्ति लिवर डोनेट करते हैं, उनके लिवर का हिस्सा काटकर ही लिया जाता है.

कितने बार तक कटने के बाद यह उग सकता है?
सिर्फ एक बार. ऐसा नहीं है कि बार-बार लिवर काटकर डोनेट किया जा सके. एक व्यक्ति अपने जीवन में एक बार ही लिवर डोनेट कर सकता है. हालांकि लिवर की ये खूबसूरत बात है कि एक बड़ा हिस्सा अलग हटाने के बाद भी यह फिर से अपने रूप को वापस ले लेता है.

लिवर का कितने फीसदी हिस्सा डोनेट हो सकता है?
आमतौर पर लिवर का 60 से 65 परसेंट तक हिस्सा डोनेशन के लिए लिया जा सकता है, हालांकि जो एडवांस सेंटर्स हैं वहां लिवर का 70 फीसदी हिस्सा भी काटकर लिया जा रहा है.

क्या दो बार लिवर डोनेट करने से मुश्किल हो सकती है?
लिवर में 8 सेगमेंट होते हैं जो चार लॉग या सेक्टर्स में बंटे होते हैं लेकिन सामान्य भाषा में सिर्फ दो ही लॉग राइट और लेफ्ट होते हैं. रिसीपेंट के हिसाब से देखा जाता है कि उसके लिए डोनर के लिवर का राइट लॉग लेना है या लेफ्ट? हालांकि डोनर ने अगर एक बार में कोई भी लॉग दान कर दिया तो फिर जीवन में वह दोबारा दान नहीं कर सकता है, इससे उसके जीवन के लिए मुश्किल हो सकती है.

यह रीजेनरेशन कितने दिनों में हो जाता है और कितना?
लिवर का जितना हिस्सा भी काटकर लिया है डेढ़ महीने के अंदर 90 फीसदी लिवर रीजेनरेट हो जाता है. पहले 15 दिन में रीजेनरेशन की प्रक्रिया काफी तेज होती है और बाकी के दिनों में धीरे-धीरे होती है.

क्या ऐसा भी होता है कि रिसीपेंट स्वस्थ हो जाता है और देने वाला बीमार?
ऐसा शायद कुछ केसेज में संभव है कि हुआ हो जहां डोनर को कुछ लिवर दान के बाद कुछ कॉम्प्लिकेशन आई हों, या लिवर फेल्योर हुआ हो, रिसीपेंट के साथ भी ऐसा हो सकता है. 5 से 7 परसेंट फेल्योर के चांस हो सकते हैं. हालांकि मेरे संज्ञान में ऐसे केस कम हैं.

किस उम्र तक लोग लिवर दान कर सकते हैं?
लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 50 की उम्र तक के लोगों का लिवर लेना ठीक है, हालांकि कई जगहों पर अब 55 साल की उम्र तक लिवर डोनेट किया जा सकता है.

क्या कोई भी लिवर डोनेट कर सकता है?
नहीं लिवर लेने से पहले डॉक्टर लिवर की क्वालिटी देखते हैं. लिविंग डोनर्स की गई जांचें होती हैं वहीं ब्रेन डेड में क्लिनिकली जांचने के बाद भी अच्छी गुणवत्ता का लिवर लेते हैं. अगर किसी का फैटी लिवर है या लिवर सिरोसिस है तो नहीं लेते हैं, कुछ और भी कंडीशंस में नहीं लेते हैं. डोनर्स का लिवर फाइब्रोसिस कितना है? ये देखा जाता है. ब्रेन डेड में तो पूरा ऑर्गन ही ले लेते हैं, लेकिन उसमें क्लिनिकली जांचकर ही लेते हैं, अगर उसका कलर फैट और बॉर्डर ठीक नहीं हैं तो उसकी जांच करते हैं, उसमें फैट चेक करते हैं.

क्या सिर्फ सगे-संबंधी ही लिवर दान कर सकते हैं?
आमतौर पर रिलेटिव्स ही करते हैं. तीन डिग्री तक रिलेटिव कर सकते हैं, लेकिन ब्रेन डेड मामले में सभी का लिया जा सकता है.

क्या बीपी और डायबिटीज के मरीजों का लिवर ले सकते हैं?
डायबिटीजी के मरीजों का लिवर अवॉइड करते हैं लेकिन अगर कंट्रोल्ड हाइपरटेंशन हो तो लिवर ले सकते हैं..

लिवर ट्रांसप्लांट के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ता है?
भारत में लिवर डोनेशन काफी कम है, उसमें आफ्टर डेथ डोनेशन तो बहुत कम है. कुछ मामलों में सगे-संबंधी लिविंग डोनर के रूप में सामने आते हैं तो उनके कई टेस्ट और जांचें होती हैं जिनमें उनका ठीक बैठ पाना भी मुश्किल होता है, ऐसे में लिवर ट्रांसप्लांट के मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ जाता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

June 1, 2026/
4:30 am

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत...

मस्क बेच रहे पृथ्वी के बाद की दुनिया का ब्लूप्रिंट:मंगल पर 10 लाख लोगों की बस्ती, चांद पर फैक्ट्री, अंतरिक्ष में डेटासेंटर का प्लान

May 23, 2026/
11:55 am

‘हम नहीं चाहते कि इंसानों का भी वही हश्र हो जो डायनासोर का हुआ था।’ ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म...

DGCA Grounds VSR Planes | Ajit Pawar Flight Accident Audit

February 24, 2026/
10:11 pm

नई दिल्ली/पुणे12 मिनट पहले कॉपी लिंक बारामती में 28 जनवरी को VSR वेंचर्स का प्लेन क्रैश हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र...

रिपोर्ट- यूक्रेन ने ब्रिटिश ड्रोन से रूस पर हमला किया:नाराज मॉस्को बोला- ब्रिटेन जंग को और बढ़ा रहा, बड़ी कीमत चुकानी होगी

August 18, 2026/
3:16 pm

रूस ने ब्रिटेन पर यूक्रेन जंग में दखल देने का आरोप लगाया है। रूसी सरकार का दावा है कि यूक्रेन...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

इंसान के अंदर भी होता है छिपकली की दुम जैसा एक अंग, कैसे कटकर फिर उग आता है? डॉ. द‍िनेश भारती से जानिए

authorimg

Liver Facts: क्या आपको पता है कि इंसान के शरीर के अंदर भी छिपकली की दुम जैसा एक अंग होता है. जैसे छिपकली की पूंछ अगर एक बार कटकर अलग गिर जाए तो वह काफी देर तक फड़फड़ाती हैLi क्योंकि उसमें जान होती है, लेकिन कुछ ही हफ्तों में छिपकली की पूंछ दोबारा उग भी आती है. चमत्कार की बात है कि इसी तरह हमारे शरीर के अंदर मौजूद लिवर भी कटने के बाद फिर से पुनजीर्वित हो जाता है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर किसी के लिवर का 65 फीसदी हिस्सा भी काट लिया जाए तो भी वह व्यक्ति एकदम सामान्य रह सकता है और उसका लिवर फिर से जेनरेट होकर इस कमी को कुछ ही हफ्तों में पूरी कर सकता है. लिवर की यही अद्भुत क्वालिटी इसे डोनेशन और ट्रांसप्लांट के लिए परफेक्ट बनाती है लेकिन सवाल है कि आखिर ऐसा कैसे होता है और कितनी बार लिवर कट जाने के बाद फिर से उग सकता है?

एक सवाल यह भी उठता है कि जब लिवर का 70 फीसदी तक हिस्सा दान किया जा सकता है तो लिवर ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों को महीनों और सालों का इंतजार क्यों करना पड़ता है? बहरहाल इन सभी सवालों के जवाब आपको नीचे देने जा रहे हैं लिवर ट्रांसप्लांट के लिए फेमस जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में एचपीबी एंड लिवर ट्रांसप्लांट डिपार्टमेंट के हेड और एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार भारती…

एसएमएस अस्‍पताल जयपुर रके डॉक्‍टर द‍िनेश भारती से जानें ल‍िवर के बारे में जरूरी जानकार‍ियां.

क्या लिवर सच में कटने के बाद उग आता है?
हां. मानव शरीर के अंदर लिवर ही ऐसा सजीव अंग है जो कटने के बाद वापस पुनजीर्वित हो जाता है. निर्जीव अंगों में तो नाखून, बाल आदि आते हैं जो बार-बार कटने पर बार-बार बढ़ते हैं लेकिन जीवित अंग में सिर्फ लिवर है. जो व्यक्ति लिवर डोनेट करते हैं, उनके लिवर का हिस्सा काटकर ही लिया जाता है.

कितने बार तक कटने के बाद यह उग सकता है?
सिर्फ एक बार. ऐसा नहीं है कि बार-बार लिवर काटकर डोनेट किया जा सके. एक व्यक्ति अपने जीवन में एक बार ही लिवर डोनेट कर सकता है. हालांकि लिवर की ये खूबसूरत बात है कि एक बड़ा हिस्सा अलग हटाने के बाद भी यह फिर से अपने रूप को वापस ले लेता है.

लिवर का कितने फीसदी हिस्सा डोनेट हो सकता है?
आमतौर पर लिवर का 60 से 65 परसेंट तक हिस्सा डोनेशन के लिए लिया जा सकता है, हालांकि जो एडवांस सेंटर्स हैं वहां लिवर का 70 फीसदी हिस्सा भी काटकर लिया जा रहा है.

क्या दो बार लिवर डोनेट करने से मुश्किल हो सकती है?
लिवर में 8 सेगमेंट होते हैं जो चार लॉग या सेक्टर्स में बंटे होते हैं लेकिन सामान्य भाषा में सिर्फ दो ही लॉग राइट और लेफ्ट होते हैं. रिसीपेंट के हिसाब से देखा जाता है कि उसके लिए डोनर के लिवर का राइट लॉग लेना है या लेफ्ट? हालांकि डोनर ने अगर एक बार में कोई भी लॉग दान कर दिया तो फिर जीवन में वह दोबारा दान नहीं कर सकता है, इससे उसके जीवन के लिए मुश्किल हो सकती है.

यह रीजेनरेशन कितने दिनों में हो जाता है और कितना?
लिवर का जितना हिस्सा भी काटकर लिया है डेढ़ महीने के अंदर 90 फीसदी लिवर रीजेनरेट हो जाता है. पहले 15 दिन में रीजेनरेशन की प्रक्रिया काफी तेज होती है और बाकी के दिनों में धीरे-धीरे होती है.

क्या ऐसा भी होता है कि रिसीपेंट स्वस्थ हो जाता है और देने वाला बीमार?
ऐसा शायद कुछ केसेज में संभव है कि हुआ हो जहां डोनर को कुछ लिवर दान के बाद कुछ कॉम्प्लिकेशन आई हों, या लिवर फेल्योर हुआ हो, रिसीपेंट के साथ भी ऐसा हो सकता है. 5 से 7 परसेंट फेल्योर के चांस हो सकते हैं. हालांकि मेरे संज्ञान में ऐसे केस कम हैं.

किस उम्र तक लोग लिवर दान कर सकते हैं?
लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 50 की उम्र तक के लोगों का लिवर लेना ठीक है, हालांकि कई जगहों पर अब 55 साल की उम्र तक लिवर डोनेट किया जा सकता है.

क्या कोई भी लिवर डोनेट कर सकता है?
नहीं लिवर लेने से पहले डॉक्टर लिवर की क्वालिटी देखते हैं. लिविंग डोनर्स की गई जांचें होती हैं वहीं ब्रेन डेड में क्लिनिकली जांचने के बाद भी अच्छी गुणवत्ता का लिवर लेते हैं. अगर किसी का फैटी लिवर है या लिवर सिरोसिस है तो नहीं लेते हैं, कुछ और भी कंडीशंस में नहीं लेते हैं. डोनर्स का लिवर फाइब्रोसिस कितना है? ये देखा जाता है. ब्रेन डेड में तो पूरा ऑर्गन ही ले लेते हैं, लेकिन उसमें क्लिनिकली जांचकर ही लेते हैं, अगर उसका कलर फैट और बॉर्डर ठीक नहीं हैं तो उसकी जांच करते हैं, उसमें फैट चेक करते हैं.

क्या सिर्फ सगे-संबंधी ही लिवर दान कर सकते हैं?
आमतौर पर रिलेटिव्स ही करते हैं. तीन डिग्री तक रिलेटिव कर सकते हैं, लेकिन ब्रेन डेड मामले में सभी का लिया जा सकता है.

क्या बीपी और डायबिटीज के मरीजों का लिवर ले सकते हैं?
डायबिटीजी के मरीजों का लिवर अवॉइड करते हैं लेकिन अगर कंट्रोल्ड हाइपरटेंशन हो तो लिवर ले सकते हैं..

लिवर ट्रांसप्लांट के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ता है?
भारत में लिवर डोनेशन काफी कम है, उसमें आफ्टर डेथ डोनेशन तो बहुत कम है. कुछ मामलों में सगे-संबंधी लिविंग डोनर के रूप में सामने आते हैं तो उनके कई टेस्ट और जांचें होती हैं जिनमें उनका ठीक बैठ पाना भी मुश्किल होता है, ऐसे में लिवर ट्रांसप्लांट के मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ जाता है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.