Florida airport to be renamed after Trump

वॉशिंगटन1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने सोमवार को एक बिल पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किया जा रहा है। फ्लोरिडा सरकार के फैसले के बाद अब इस नाम को लागू करने के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद फ्लाइट चार्ट, नेविगेशन सिस्टम और एयरपोर्ट साइनेज में बदलाव किया जाएगा। FAA की मंजूरी मिलने पर 1 जुलाई से यह नाम लागू हो सकता है। ऐसा होने पर ट्रम्प पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जिनके कार्यकाल के दौरान ही उनके नाम पर एयरपोर्ट रखा जाएगा। पाम बीच इंटरनेशनल अमेरिका का नौवां ऐसा कमर्शियल एयरपोर्ट बन जाएगा, जिसका नाम किसी राष्ट्रपति पर होगा। यह एयरपोर्ट ट्रम्प के मार-ए-लागो एस्टेट के बेहद करीब है, जो उनका मुख्य निवास है। एयरपोर्ट का नाम ही नहीं कोड भी बदलेगा अमेरिका में किसी एयरपोर्ट का नाम बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं होता, बल्कि इसमें स्थानीय, राज्य और फेडरल तीनों स्तरों पर प्रक्रिया शामिल होती है। अमेरिका के ज्यादातर एयरपोर्ट स्थानीय सरकार या एयरपोर्ट अथॉरिटी के नियंत्रण में होते हैं। सबसे पहले सिटी काउंसिल एयरपोर्ट बोर्ड नाम बदलने का प्रस्ताव पास करती है। अगर एयरपोर्ट राज्य के अधिकार में है, तो गवर्नर या स्टेट लेजिस्लेचर की मंजूरी जरूरी होती है। हालांकि कुछ मामलों में सिर्फ स्थानीय मंजूरी ही काफी होती है, लेकिन बड़े एयरपोर्ट के लिए राज्य का रोल अहम होता है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) अमेरिका में एयरपोर्ट संचालन पर नजर रखने वाली प्रमुख संस्था है। नाम बदलने के बाद FAA को ऑफिशियल अपडेट भेजा जाता है। सभी एयर ट्रैफिक सिस्टम, मैप्स और डेटाबेस में नाम अपडेट होता है। हालांकि एयरपोर्ट का कोड (IATA/ICAO) आमतौर पर नहीं बदला जाता। इसे बदलना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि इससे इंटरनेशनल एविएशन सिस्टम प्रभावित होता है। फ्लोरिडा एयरपोर्ट का कोड भी बदला जा रहा है। अमेरिकी सांसद ब्रायन मस्ट ने एयरपोर्ट का तीन अक्षरों वाला कोड PBI से बदलकर DJT करने का प्रस्ताव भी रखा है, जो ट्रम्प के नाम के शुरुआती अक्षर हैं। ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे संस्थान एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। जैसे कि- नेवी के नए वॉरशिप विदेशी निवेशकों के लिए वीजा प्रोग्राम सरकारी दवा वेबसाइट बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट स्कीम जॉन एफ केनेडी सेंटर में नाम जोड़ना यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस बिल्डिंग ट्रम्प के सिग्नेचर वाली नोट भी आएगी इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार होगा, जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नोटों पर छापे जाएंगे। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि यह कदम देश की आजादी के 250वें वर्ष के उपलक्ष्य में उठाया जा रहा है। नए नोटों के छपने से 1861 से चली आ रही 165 साल पुरानी परंपरा भी टूटे जाएगी। अब तक नोटों पर सिर्फ वित्त मंत्री और अमेरिका के ट्रेजरर के साइन होते थे। इनमें से कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर को हटा दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ट्रम्प और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर वाले पहले 100 डॉलर के नोट जून में छापे जाएंगे और बाकी नोट आने वाले महीनों में छापे जाएंगे। फ्लोरिडा में ही लाइब्रेरी बनवा रहे ट्रम्प फ्लोरिडा के मियामी में ट्रम्प की प्रेसिडेंशियल लइब्रेरी बनाने की योजना है। डीसैंटिस ने पिछले साल इसके लिए जमीन देने की कोशिश की थी। ट्रम्प ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक विशाल कांच की इमारत, गोल्डन स्टैच्यू, प्राइवेट जेट और लग्जरी सुविधाएं दिखाई गईं। इस प्रोजेक्ट के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां कमिंग सून के साथ डोनेशन का विकल्प दिया गया है। ट्रम्प मूल रूप से न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं, लेकिन 2019 में वह फ्लोरिडा शिफ्ट हो गए थे। पहले वह ट्रम्प टॉवर में रहते थे, लेकिन अब उनका मुख्य निवास वेस्ट पाम बीच स्थित मार-ए-लागो है। प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी की AI तस्वीर। ट्रम्प के बेटे एरिक ने शेयर की थीं। नाम बदलने के फैसले की विपक्ष ने आलोचना की फ्लोरिडा हाउस की डेमोक्रेटिक नेता फेंट्रिस ड्रिस्केल ने एयरपोर्ट का नाम बदले जाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे टैक्सपेयर्स पर 50 लाख डॉलर का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि फ्लोरिडा में कामकाजी परिवारों और बुजुर्गों के लिए जीवन लगातार महंगा होता जा रहा है। यही वजह है कि डेमोक्रेट्स ने इस विधायी सत्र में खर्च कम करने और लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचाने के एजेंडे पर काम किया। लेकिन हमारे साथ मिलकर इन बिलों को आगे बढ़ाने के बजाय, रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम पर एयरपोर्ट का नाम बदलने के लिए आपके टैक्स के 50 लाख डॉलर खर्च करने को प्राथमिकता दी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
2026 तमिलनाडु चुनाव: DMK के नेतृत्व वाली SPA, AIADMK के नेतृत्व वाले एनडीए में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं? | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 13:30 IST 2026 के तमिलनाडु चुनाव में द्रमुक के नेतृत्व वाली एसपीए बनाम अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले एनडीए को देखना होगा: मैदान में दो मुख्य गठबंधनों के सीट-बंटवारे का फॉर्मूला, उनके घोषणापत्र और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों के बारे में बताया गया (बाएं से) उदयनिधि और एमके स्टालिन, पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एडप्पादी के पलानीस्वामी। (पीटीआई फ़ाइल) 2026 तमिलनाडु चुनाव: जैसे ही तमिलनाडु 23 अप्रैल को 2026 विधानसभा चुनावों के लिए तैयार हो रहा है, प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों ने चुनावी स्थिति संभाल ली है। सत्तारूढ़ द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (एसपीए) और अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) दोनों ने चुनाव के लिए अपने सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। News18 आपको वह सब कुछ बताता है जो आपको जानना आवश्यक है। एसपीए (डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन): तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) तमिलनाडु चुनाव के लिए अपने 26-पार्टी गठबंधन के हिस्से के रूप में 164 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मजबूत उपस्थिति बनाए रखने के लिए, गठबंधन में कुल 175 उम्मीदवार द्रमुक के ‘उगते सूरज’ प्रतीक के तहत चुनाव लड़ेंगे। दल सीटें आवंटित द्रमुक 164 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 28 डीएमडीके 10 वीसीके 8 भाकपा 5 सीपीआई (एम) 5 एमडीएमके 4 आईयूएमएल 2 एमएमके 2 केएमडीके 2 एमजेके 1 एसडीपीआई 1 मुक्कुलाथोर पुली पडाई 1 तमिलर देसिया काची 1 मुख्य आकर्षण DMK ने अपने उम्मीदवारों के लिए कन्याकुमारी, राधापुरम, पलायमकोट्टई और अरुप्पुकोट्टई जैसे प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों को आरक्षित किया है। पार्टी ने सीएम एमके स्टालिन को कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को चेपक-थिरुवल्लिकेनी से उम्मीदवार घोषित किया है। अन्य प्रमुख द्रमुक उम्मीदवारों में कन्याकुमारी के लिए महेश, राधापुरम के लिए अप्पावु, पलायमकोट्टई के लिए वहाब, तेनकासी के लिए कलैकथिरवन और अरुप्पुकोट्टई के लिए केकेएसएसआर रामचंद्रन शामिल हैं। इसके अलावा, ओ पन्नीरसेल्वम बोडिनायक्कनुर से चुनाव लड़ेंगे, और आरएस किर्थिगा देवी को तांबरम से मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा, वेलु को मायलापुर के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है, जबकि मा. सुब्रमण्यम सैदापेट से चुनाव लड़ेंगे। इस सूची में पेरुंबूर के लिए आरडी शेखर, अवदी के लिए नज़र और रोयापुरम के लिए सुबैर खान जैसे आंकड़े भी शामिल हैं। DMK ने अपने 164 उम्मीदवारों में 60 से अधिक नए, युवा चेहरों को शामिल किया है, जिनमें बड़ी संख्या में वकील, डॉक्टर और इंजीनियर जैसे पेशेवर शामिल हैं। कांग्रेस ने 28 सीटें हासिल कीं, जो 2021 के चुनावों की तुलना में तीन की वृद्धि है। प्रेमललता विजयकांत के नेतृत्व वाली देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) हाल ही में गठबंधन में शामिल हुई और उसे 10 सीटें आवंटित की गईं। कमल हासन की मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) ने एसपीए को पूरा समर्थन दिया है लेकिन इस चुनाव में नहीं लड़ने का विकल्प चुना है। टी. वेलमुरुगन के नेतृत्व वाली तमिलागा वज़वुरीमाई काची (टीवीके) सीट-बंटवारे में देरी से असंतोष के कारण गठबंधन से बाहर हो गई और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। समझौते के हिस्से के रूप में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी आवंटित की गई है। सीट-बंटवारे की व्यवस्था सभी क्षेत्रों में एक मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी, जिसमें 125 डिग्री धारक, 18 महिला उम्मीदवार, 15 डॉक्टर और 29 वकील सहित पेशेवरों का एक व्यापक स्पेक्ट्रम होगा, जो अपने प्रतिनिधियों के लिए शिक्षा और पेशेवर योग्यता पर पार्टी के फोकस को रेखांकित करता है। DMK के घोषणापत्र में क्या है? तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सुप्रीमो एमके स्टालिन ने रविवार को राज्य विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के घोषणापत्र का अनावरण किया, जिसमें नाश्ता योजना के विस्तार और कलैगनार मगलिर उरीमाई थित्तम की वृद्धि सहित प्रमुख कल्याणकारी उपायों की घोषणा की गई, जिसके तहत महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता को बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगा। चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु शासन के द्रविड़ मॉडल के तहत एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है, उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सफलता पर प्रकाश डाला और विश्वास व्यक्त किया कि द्रमुक निरंतर जनता के समर्थन के साथ सातवीं बार सत्ता में लौट आएगी। कलैगनार मगलिर उरीमाई थोगाई योजना का जिक्र करते हुए, स्टालिन ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव अवधि के दौरान इसके कार्यान्वयन में बाधा डालने का प्रयास किया, उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद, इस योजना से लगभग 1.3 करोड़ परिवारों को लाभ हुआ है, लाभार्थियों को अब तक 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने दोहराया कि द्रमुक सरकार लोगों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से कल्याणकारी पहलों को जारी रखने और विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। घोषणापत्र में कक्षा 8 तक के 15 लाख छात्रों को कवर करने के लिए नाश्ता योजना का विस्तार, कलैगनार मगलिर उरीमाई थित्तम के तहत प्रति महिला 1,000 रुपये से 2,000 रुपये तक वित्तीय सहायता में वृद्धि, बिना मीटर वाले किसानों के लिए मुफ्त पंप सेट, पुथुमई पेन और तमिल पुधलवन योजनाओं के तहत सहायता में 1,000 रुपये से 1,500 रुपये प्रति छात्र की वृद्धि, वृद्धावस्था पेंशन में 1,000 रुपये की वृद्धि शामिल है। 2,000, और विकलांग व्यक्तियों के लिए पेंशन 2,500 रुपये। एनडीए (एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन): तमिलनाडु में विपक्षी गठबंधन एडप्पादी के पलानीस्वामी की अध्यक्षता वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने आधिकारिक तौर पर भाजपा और अन्य सहयोगियों के साथ अपने समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। अन्नाद्रमुक अपने चुनाव चिन्ह के तहत 169 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 65 सीटें अपने सात गठबंधन सहयोगियों के लिए छोड़ेगी। दल सीटें आवंटित अन्नाद्रमुक 169 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 27 पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) 18 अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) 11 तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी) 5 इंडिया जननायक काची (IJK) 2 तमिलगा मक्कल मुनेत्र कड़गम (टीएमएमके) 1 पुरैचि भारतम् 1 मुख्य आकर्षण 169 सीटों पर चुनाव लड़कर, अन्नाद्रमुक यह सुनिश्चित कर रही है कि वह अपने दम पर साधारण बहुमत के आंकड़े (118) तक पहुंच सकती है, जिससे चुनाव के बाद सहयोगियों पर उसकी निर्भरता कम हो जाएगी। भाजपा के 27 सीटों के आवंटन में शहरी, डेल्टा और दक्षिणी जिलों का मिश्रण
5 dead after surat home goes up in flames

सूरत18 घंटे पहले कॉपी लिंक गुजरात के सूरत में एक मकान में मंगलवार दोपहर को आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 4 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के लिंबायत इलाके का यह मकान एक व्यापारी का है, जिसमें करीब 8 टन साड़ियों का स्टॉक रखा हुआ था। इससे घर में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची थी। इसी के चलते आग इतनी तेजी से भड़की। किसी को बचने का मौका नहीं मिला। मरने वालों में 4 साल का बच्चा भी मरने वालों में एक बच्चे समेत 4 महिलाएं शामिल हैं। इनके नाम- शाहनाज बेगम अंसारी (उम्र 65 वर्ष), हुसा बेगम अंसारी (उम्र 18 वर्ष), शबीन अंसारी (उम्र 28), परवीन अंसारी (उम्र 19) और शुभान अंसारी (उम्र 4) शामिल हैं। घटनास्थल की तीन तस्वीरें… घर के बाहर जली हुई साड़ियों का ढेर। घर से जले हुई साड़ियां निकालते स्थानीय लोग। मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम। अहमदाबाद में सिलेंडर ब्लास्ट में 5 झुलसे अहमदाबाद के नारणपुरा इलाके में मंगलवार सुबह गैस सिलेंडर फटने से घर में मौजूद पांच लोग झुलस गए। सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। धमाका इतना जोरदार था कि इमारत का लोहे का दरवाजा भी टूटकर सामने वाली दीवार से जा टकराया। इसके साथ ही पास की दो अन्य बिल्डिंगों की खिड़कियां भी टूट गईं। जोरदार धमाके से घर का दरवाजा उखड़कर सामने वाली दीवार से जा टकराया। —————————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गीजर की गैस से पति-पत्नी और बेटे की मौत:कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस से गई जान गुजरात के सूरत शहर में सोमवार-मंगलवार की रात पति-पत्नी और बेटे की नींद में ही मौत हो गई थी। प्राथमिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला है कि तीनों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई थी। पुलिस की जांच में भी सामने आया है कि घर में लगा गीजर रात भर से चालू था। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सूरत में एक मकान में आग से 5 की मौत:घर में भर रखा था 10 टन साड़ियों का स्टॉक, पैदल चलने तक की जगह नहीं थी

गुजरात के सूरत शहर में एक मकान में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के लिंबायत इलाके का यह मकान एक व्यापारी का है, जिसमें करीब 10 टन साड़ियों का स्टॉक रखा हुआ था। इससे घर में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची थी। इसी के चलते आग इतनी तेजी से भड़की कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
sonu nigam shared how he survived bomb blast in 2004 during karachi event

1 घंटे पहले कॉपी लिंक पॉपुलर सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर बताया है कि किस तरह वो साल 2004 में पाकिस्तान के कराची में हुए एक बम धमाके में बाल-बाल बचे थे। सिंगर को कराची में एक परफॉर्मेंस देनी थी, लेकिन वेन्यू पर पहुंचने से ठीक पहले उनकी गाड़ी के पीछे धमाका हो गया, ऐसे में कुछ पाकिस्तानियों ने उनकी जान बचाई थी। सोनू निगम ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से 10 अप्रैल 2004 में कराची में हुए एक कॉन्सर्ट से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है। दरअसल, सोनू निगम अप्रैल 2004 में परिवार के साथ कराची पहुंचे थे। वो 6 दिनों तक वहीं रहे, शॉपिंग की और घूमे-फिरे। 10 अप्रैल को उन्हें जियो चैनल के शो में परफॉर्म करना था। वो बस से परिवार और टीम के साथ वेन्यू पर पहुंचे ही थे कि अचानक पार्किंग एरिया में बम ब्लास्ट हो गया। उनकी बस तेजी से ग्राउंड की तरफ गई और शोर मचाने पर सिक्योरिटी ने उन्हें घेर लिया। सिक्योरिटी टीम उन्हें वेन्यू के पास स्थित मरीना होटल ले गई, जहां स्टाफ ने उनका स्वागत किया और उन्हें लॉबी में बैठाकर उनकी खातिरदारी की। सोनू निगम के अकाउंट से जारी किए गए वीडियो में उस शो के ऑर्गेनाइजर का भी बयान है, जो कह रहे हैं, मरीना होटल में जब हमने बताया कि हमें थोड़ी देर के लिए यहां रुकना है, सोनू निगम साथ हैं, तो वो तो बहुत खुश हो गए। स्टाफ ने कहा, अरे, सोनू निगम हैं, आप इन्हें अंदर लेकर आएं। हम सोनू को अंदर लेकर गए, वो लॉबी मैं बैठे, सोनू को रिलेक्स किया गया। वो जाहिर है बहुत परेशान थे। वहां पर इन लोगों ने सिक्योरिटी से कोऑर्डिनेशन किया, तो दो रास्ते थे, एक कि यहीं से सिक्योरिटी लगाकर वापस होटल चले जाएं, और एक कि वेन्यू पर चले जाएं। इस बड़े हादसे के बावजूद सोनू की टीम ने शो कैंसिल करने की बजाए वेन्यू पर जाने का फैसला किया। सिक्योरिटी डबल कर सोनू को वेन्यू तक पहुंचाया गया। उनसे पहले पाक सिंगर अरशद महमूद को 5 गाने गाना था। उनकी परफॉर्मेंस खत्म हो चुकी थी, लेकिन सोनू घबराए हुए थे, तो ऑर्गेनाइजर ने अरशद महमूद को परफॉर्मेंस जारी रखने के लिए कहा। कुछ देर बाद जब बैकस्टेज में रहते हुए सोनू निगम ने 5 हजार लोगों का शोर सुना, तो वो परफॉर्म करने खुद मंच पर पहुंचे। मंच पर सोनू निगम ने कहा, ‘मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि बहुत ही बदकिस्मत रहे हैं भारत-पाकिस्तान के लोग, जो इतना प्यार मिस कर रहे थे और अब जाकर उन्हें ये प्यार मिल रहा है, चाहे पाकिस्तान में हो या भारत में। ये बहुत खूबसूरत है।’ पाकिस्तानी सिंगर अमजब साबरी ने दानियल शेख के पॉडकास्ट में इस हादसे पर बात करते हुए कहा था कि सोनू ने इस कॉन्सर्ट के बाद पाकिस्तान से जाते हुए कहा था, अगर मुझ पर अटैक यहां पर हुआ, तो मुझे बचाया भी पाकिस्तानी ने। बता दें कि कराची में हुए इस ब्लास्ट में एक शख्स की मौत हुई थी, जबकि 3 बुरी तरह घायल हो गए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं’: टेनिस लीजेंड लिएंडर पेस पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 13:13 IST पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस नई दिल्ली में बीजेपी में शामिल हो गए। टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। उन्हें केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और सुकांत मजूमदार की मौजूदगी में पार्टी में शामिल किया गया। पार्टी में शामिल होने के बाद, टेनिस आइकन ने “देश के युवाओं की सेवा करने” का मौका देने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। पेस ने कहा कि यह क्षण उनके जीवन में महत्वपूर्ण था और उन्होंने इस अवसर के लिए गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार भी व्यक्त किया। बीजेपी में शामिल होने के बाद पेस ने कहा, ‘मेरे जीवन का बड़ा दिन।’ उन्होंने कहा, “आज मेरे जीवन का एक बड़ा दिन है। मुझे यह अवसर देने के लिए मैं पीएम मोदी, अमित शाह जी और नितिन नबीन जी को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह मेरे लिए देश के युवाओं की सेवा करने का एक बड़ा अवसर है। अब देश की सेवा करने का समय है। यह न केवल बीजेपी में शामिल होने का मौका है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।” वीडियो | दिल्ली: टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने कहा, “मैं पीएम मोदी, अमित शाह जी और नितिन नबीन को धन्यवाद देना चाहता हूं। जिस तरह से बीजेपी परिवार ने मेरा पालन-पोषण किया और मुझे मौका दिया। किरेन रिजिजू वह व्यक्ति हैं जिन्हें मैं अपना हीरो मानता हूं और उनकी ओर देखता हूं। हमारे पास एक बड़ा मौका है… pic.twitter.com/mhqi9jWs7v – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 31 मार्च 2026 उन्होंने पार्टी में अपनी एंट्री को सिर्फ औपचारिक सदस्यता नहीं बल्कि देश की सेवा करने की बड़ी जिम्मेदारी बताया. अपनी जड़ों को याद करते हुए पेस ने कहा कि उनका जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था और उनका बंगाली विरासत से जुड़ाव है। उन्होंने आगे कहा, “मेरा जन्म बंगाल में हुआ…मेरी मां बंगाली विरासत से हैं…जब मैं बड़ा हो रहा था, तब वहां ज्यादा बुनियादी ढांचा नहीं था।” पेस ने हाल ही में बीजेपी नेतृत्व से मुलाकात की पेस ने हाल ही में कोलकाता में नितिन नबीन से मुलाकात की थी, जिससे उनके भाजपा में संभावित प्रवेश की अटकलें तेज हो गई थीं। वह पहले 2021 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हुए थे और 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी के लिए प्रचार किया था, हालांकि उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ा था। वह गोवा में टीएमसी में शामिल हुए थे, जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें “छोटा भाई” बताया। हालाँकि, बाद में उन्हें जनवरी 2022 में घोषित पार्टी की 69 सदस्यीय गोवा राज्य समिति से बाहर कर दिया गया, जिसने पार्टी के भीतर उनकी भूमिका पर सवाल उठाए। 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होनी है। पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 13:13 IST समाचार राजनीति ‘मैं पीएम मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं’: टेनिस लीजेंड लिएंडर पेस पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल हुए(टी)लिएंडर पेस(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)बीजेपी पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)भारतीय टेनिस दिग्गज(टी)नई दिल्ली की राजनीति(टी)किरेन रिजिजू
क्या वेट लॉस की दवा फैटी लिवर में भी कारगर? किन लोगों के लिए फायदेमंद, डॉक्टर पारस अग्रवाल से समझिए

Last Updated:March 31, 2026, 13:11 IST Weight Loss Drugs and Fatty Liver: वेट लॉस की दवाएं फैटी लिवर से भी राहत दिला सकती हैं. डॉक्टर पारस अग्रवाल के अनुसार वजन कम होने पर शरीर सबसे पहले लिवर का फैट घटाता है. फैटी लिवर और डायबिटीज एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. वेट लॉस की दवा उन लोगों को भी दी जा सकती है, जिनका BMI 30 से ज्यादा हो. वेट लॉस ड्रग्स फैटी लिवर से राहत दिलाने में बेहद असरदार हो सकते हैं. Diabetes-Fatty Liver Connection: लिवर हमारे शरीर के सबसे जरूरी ऑर्गन्स में शुमार है. आजकल लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर लिवर की सेहत पर देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में लोग फैटी लिवर का शिकार हो रहे हैं. खासतौर से डायबिटीज के अधिकतर मरीजों में यह समस्या देखी जाती है. डॉक्टर्स की मानें तो फैटी लिवर और डायबिटीज इंटरलिंक है. जिन लोगों को फैटी लिवर है, उन्हें टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क ज्यादा होता है. डायबिटीज के मरीजों को फैटी लिवर का खतरा ज्यादा होता है. कई मरीज डायबिटीज और फैटी लिवर दोनों से जूझ रहे हैं. ऐसे में वेट लॉस ड्रग्स दोनों ही परेशानियों से राहत दिलाने में बेहद असरदार साबित हो सकते हैं. गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया कि जिन दवाओं को हम वेट लॉस ड्रग्स कहते हैं, वे दरअसल टाइप 2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट के लिए डेवलप की गई हैं. ये दवाएं वजन कम करती हैं और डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करती हैं. कई रिसर्च में पता चला है कि ये ड्रग्स डायबिटीज के अलावा फैटी लिवर से राहत दिलाने में भी असरदार साबित हो रहे हैं. दरअसल फैटी लिवर और डायबिटीज का गहरा संबंध है. लिवर शरीर में ग्लूकोज को स्टोर करता है. जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज होती है, तो इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण लिवर में फैट का जमाव होने लगता है, जिसे फैटी लिवर कहते हैं. एक बीमारी दूसरी को बढ़ावा देती है. इसलिए दोनों का मैनेजमेंट जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि जिन लोगों को सिर्फ फैटी लिवर की समस्या है, वे भी वेट लॉस ड्रग्स ले सकते हैं. इससे उन्हें न सिर्फ फैटी लिवर से राहत मिलेगी, बल्कि टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क भी कम हो जाएगा. वजन घटाने वाली दवाएं, खासकर GLP-1) श्रेणी की दवाएं शरीर में इंसुलिन के स्राव को संतुलित करती हैं और भूख को कम करती हैं. जब इन दवाओं के प्रभाव से शरीर का वजन कम होना शुरू होता है, तो सबसे सकारात्मक असर लिवर पर पड़ता है. वजन घटने की प्रक्रिया में शरीर सबसे पहले लिवर में जमा अतिरिक्त फैट को फ्यूल के रूप में इस्तेमाल करता है. इससे लिवर की सूजन कम होती है और उसकी कार्यक्षमता में सुधार आता है, जो फैटी लिवर के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. एक्सपर्ट के मुताबिक वेट लॉस की दवा देने का एक क्राइटेरिया होता है. अगर किसी व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI 30 से ऊपर है, तो वह इन दवाओं के लिए एलिजिबल होता है. अगर बीएमआई 27 से ज्यादा है और साथ में अन्य बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या फैटी लिवर की समस्या है, तब भी डॉक्टर वेट लॉस ट्रीटमेंट या जीएलपी दवाओं की सलाह दे सकते हैं. यह ट्रीटमेंट केवल वजन कम करने के लिए नहीं, बल्कि शरीर की अन्य जटिलताओं को ठीक करने के लिए दिया जाता है. फैटी लिवर का इलाज समय पर न होने से यह सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है, इसलिए वजन नियंत्रित करना प्राइमरी ट्रीटमेंट जाता है. हालांकि ये दवाएं सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 31, 2026, 13:11 IST
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘वोट कट्ट’ के डर से दिल्ली से बंगाल लौट रहे प्रवासी!, कई लोगों ने कहा- अभी तक सूची में नाम नहीं

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले एक नया ट्रेंड सामने आ रहा है. दिल्ली में काम करने वाले प्रवासी प्रवासी तेजी से अपने गांव-शहर लौट रहे हैं। क्यों? मतदाता सूची से नाम कटने का डर और चुनाव में वोट देने की मांग। कई पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि ईसाइयों और नाम के बारे में कहानियों के बाद वे जोखिम नहीं लेना चाहते। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले 19 अप्रैल तक सुधार का मौका है, इसलिए लोग जल्दी घर लौट रहे हैं। क्या कह रहे हैं प्रवासीएक प्रवासी श्रमिक ने बताया कि उसका नाम अभी तक कलाकार सूची में नहीं आया है। उनके परिवार में चार प्रशिक्षकों में से केवल एक का नाम सूची में दर्ज है, जबकि बाकी तीन को “विदेशी” माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके घर जाने की योजना के लिए ज्यादातर लोग वोट देने की योजना बना रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के यात्रा करने की वजह से टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि 2002 में विशेष रूप से पूछे गए कुछ लोगों के नाम, सूची में शामिल हो गए थे, लेकिन कई नाम देर से आए या अब भी मौजूद हैं। हालाँकि 19 अप्रैल तक सुधार का अवसर है, इसलिए लोग एनीमेशन करा सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा वोट 23 तारीख को है और हम वोट देने जरूर जाएंगे। पूरी पार्टी के लोग जाएंगे, लेकिन अधिकतर लोगों के कारण टिकट अभी तक की हो रही है। मेरा नाम तक की लिस्ट में नहीं आया है। चार कार्यकर्ताओं में उसका सिर्फ एक नाम है, बाकी तीन का नहीं। अभी हम तीन भाई ‘विदेशी’ माने जा रहे हैं और एक ‘भारतीय’ हैं। यानी डर सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि पहचान का है।” नाम कटने का आरोप, परिवार तक प्रभावितऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां एक ही परिवार के कुछ लोगों के नाम लिस्ट में हैं, तो कुछ के नहीं. बिहार की एक प्रवासी महिला ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ वोट देने के लिए घर जाने की योजना बना रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अब इस तरह की परेशानियां ज्यादा व्यापक नहीं हैं, लेकिन यह भी माना जाता है कि पहले ऐसी परेशानियां सामने आई थीं। महिला का कहना है कि, “हां, मैं भी अपने परिवार के साथ वोट देने जाऊंगी। मैंने अभी तक इतना कुछ नहीं सुना है। मेरे कई रिश्तेदारों के नाम पहले वोटर लिस्ट से जारी किए गए थे।” एक अन्य प्रवासी ने बताया कि उसका नाम सूची में है, लेकिन उसकी पत्नी का नाम बिना किसी कारण के हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अकेले नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हां, हम वोट देंगे। नाम हटा दिया गया है–मेरी पत्नी का वोट दिया गया है। मेरा नाम है, लेकिन पत्नी का क्यों हटाया गया, पता नहीं। ऐसे कई मामले हैं। हमारे परिवार में दो लोगों-मेरी पत्नी और भाभी-के नाम की सूची हटा दी गई है।” SIR बना विवाद की जड़त्रिपुरा, यह पूरा मामला स्पेशल इंटेनसिवी रिजन (SIR) से यात्रा है। इस प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल झीलों की संख्या करीब 61 लाख कम 7.66 करोड़ से अधिक 7.04 करोड़ रह गयी है। करीब 60 लाख नाम जांच के ग्रुप में थे, जिनमें से कई को लेकर अब भी विवाद जारी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पहले ही आरोप लगाया गया है कि यह प्रक्रिया लोगों के वोट का अधिकार छीनने की कोशिश है। ज़मीन का स्तर बढ़ा हुआमालदा में ‘बांग्ला पक्ष’ संगठन ने वोटर लिस्ट से नाम हटाना शुरू कर दिया है. संगठन का आरोप है कि बस्तर भाषी नागरिकों को सुरक्षा तरीकों से सूची से बाहर किया जा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो राज्य सहभागी आंदोलन होगा। अहम् यह वस्तु क्यों है?बंगाल जैसे राज्य में, जहां हर वोट का महत्व है, वहां लाखों निवेशकों का हटना शेयर बाजार प्रभावित हो सकता है। यह सिर्फ चुनाव नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकार का प्रश्न बनता जा रहा है, जहां पहचान, नागरिकता और वोट पार्टी शामिल हो गए हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी
MPL के सबसे महंगे खिलाड़ी आशुतोष शर्मा:मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपए में खरीदा; अक्षत रघुवंशी 13.80 लाख, अनिकेत 13.20 लाख में बिके

आशुतोष शर्मा मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें मालवा स्टेलियंस ने 15 लाख रुपए में खरीदा है। दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपए देकर लिया है। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपए में खरीदा। शिवांग कुमार को बुंदेलखंड बुल्स ने 13 लाख कीमत देकर अपनी टीम में शामिल किया है। वहीं, आवेश खान को चंबल घड़ियाल ने 8.20 लाख जबकि शिवम शुक्ला को इंदौर पिंक पैंथर ने 6.60 लाख में खरीदा है। हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही नीलामी में 244 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई जा रही है। हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। MPL जून 2026 में इंदौर और ग्वालियर में खेला जाएगा। MPL में उम्र सीमा का नियम लागू MPL में 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को भाग लेने की अनुमति नहीं है। यह फैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नीति के अनुरूप है, जो घरेलू टूर्नामेंट में कम आयु वर्ग के लिए टी-20 मुकाबले नहीं कराती। इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को रेड बॉल क्रिकेट जैसे लंबे प्रारूपों के प्रति गंभीर बनाना है। MPL नीलामी के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…
यूसीसी, लव जिहाद के खिलाफ कार्रवाई और 2 लाख नौकरियां: बीजेपी ने असम चुनाव के लिए ‘संकल्प पत्र’ जारी किया | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 12:48 IST असम में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में होने वाले हैं। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी ने घोषणापत्र जारी किया। (छवि: एएनआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ जारी किया। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और सर्बानंद सोनोवाल, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य लोग गुवाहाटी में समारोह में उपस्थित थे। सावधानीपूर्वक तैयार किया गया दस्तावेज़ अगले कार्यकाल के लिए पार्टी के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जिसमें विकास और क्षेत्रीय पहचान की सुरक्षा पर ज़ोर दिया गया है। घोषणापत्र जारी करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और दो लाख नौकरियों का वादा किया। कार्यक्रम के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि उनकी सरकार सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर यूसीसी पेश करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी हिस्सों से अवैध अप्रवासियों को हटाने के लिए आप्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने “लव एंड लैंड जिहाद” के खिलाफ एक सख्त कानून बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी बात कही। #घड़ी | बीजेपी ने असम चुनाव 2026 के लिए गुवाहाटी, असम में अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी किया। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और सर्बानंद सोनोवाल, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, राज्य बीजेपी अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य यहां मौजूद हैं। pic.twitter.com/M07AOfiSAe – एएनआई (@ANI) 31 मार्च 2026 असम के लिए बीजेपी का ‘संकल्प पत्र’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का घोषणापत्र, जिसका शीर्षक “संकल्प पत्र” है, रोजगार सृजन, कल्याण विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास और कानूनी सुधारों पर केंद्रित एक महत्वाकांक्षी एजेंडा प्रस्तुत करता है। आर्थिक मोर्चे पर, भाजपा ने अगले पांच वर्षों में दो लाख नौकरियां पैदा करने का वादा किया है। घोषणापत्र में असम की बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए एक प्रमुख वित्तीय प्रतिबद्धता भी शामिल है, जिसमें राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बुनियादी ढांचे के संदर्भ में, पार्टी ने “एक जिला, एक संस्थान” मॉडल का प्रस्ताव रखा है, जिसमें हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय और एक इंजीनियरिंग कॉलेज का वादा किया गया है। घोषणापत्र में विशेष रूप से महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर भी जोर दिया गया है। सरकार की योजना मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना के तहत लाभार्थियों को दूसरे चरण में 25,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने और 40 लाख “लखपति बैदेओ” बनाने के लिए कार्यक्रम का विस्तार करने की है। इसके अतिरिक्त, यह घरेलू आय का समर्थन करने के लिए ओरुनोडोई योजना के तहत मासिक सहायता को 1,250 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का प्रस्ताव करता है। असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य “सुरक्षित असम, विकसित असम” बनाना है। सैकिया ने कहा, “2026 का चुनाव असम के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण चुनाव है। भाजपा सुरक्षित असम बनाने के लक्ष्य के साथ यह चुनाव लड़ रही है। हम इस चुनाव के लिए तैयार हैं। हमारा ‘संकल्प’ एक सुरक्षित असम, एक विकसित असम बनाना है। संकल्प पत्र तैयार करने के लिए हमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से 2.45 लाख सुझाव मिले।” इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने भाजपा सरकार के तहत राज्य की आर्थिक वृद्धि पर प्रकाश डाला, जिसमें कहा गया कि पिछले 10 वर्षों में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग तीन गुना बढ़ गया है, जबकि प्रति व्यक्ति आय 2020-21 में 1.03 लाख रुपये से बढ़कर 2024-25 में 1.59 लाख रुपये हो गई है। बीजेपी का कांग्रेस पर हमला कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें भारत के चुनाव आयोग को पाकिस्तान और यूनाइटेड किंगडम में संपत्तियों का विवरण, साथ ही बैंक खाते की जानकारी का खुलासा करना चाहिए। उन्होंने प्रासंगिक जानकारी होने का दावा किया लेकिन अधिक विवरण नहीं दिया। असम कांग्रेस के घोषणापत्र पर टिप्पणी करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पार्टी ने जुबीन गर्ग का राजनीतिकरण किया है और राज्य की जनता इसके लिए कांग्रेस को माफ नहीं करेगी. असम विधानसभा चुनाव 2026 भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, असम में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में होंगे। मतगणना 4 मई को होगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का लक्ष्य सत्तारूढ़ दल को हराकर सत्ता में वापसी करना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 10:15 IST समाचार चुनाव यूसीसी, लव जिहाद के खिलाफ कार्रवाई और 2 लाख नौकरियां: भाजपा ने असम चुनाव के लिए ‘संकल्प पत्र’ जारी किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम(टी)बीजेपी(टी)असम के लिए बीजेपी घोषणापत्र









