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Florida airport to be renamed after Trump

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वॉशिंगटन1 घंटे पहले

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अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने सोमवार को एक बिल पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किया जा रहा है।

फ्लोरिडा सरकार के फैसले के बाद अब इस नाम को लागू करने के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद फ्लाइट चार्ट, नेविगेशन सिस्टम और एयरपोर्ट साइनेज में बदलाव किया जाएगा।

FAA की मंजूरी मिलने पर 1 जुलाई से यह नाम लागू हो सकता है। ऐसा होने पर ट्रम्प पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जिनके कार्यकाल के दौरान ही उनके नाम पर एयरपोर्ट रखा जाएगा।

पाम बीच इंटरनेशनल अमेरिका का नौवां ऐसा कमर्शियल एयरपोर्ट बन जाएगा, जिसका नाम किसी राष्ट्रपति पर होगा। यह एयरपोर्ट ट्रम्प के मार-ए-लागो एस्टेट के बेहद करीब है, जो उनका मुख्य निवास है।

एयरपोर्ट का नाम ही नहीं कोड भी बदलेगा अमेरिका में किसी एयरपोर्ट का नाम बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं होता, बल्कि इसमें स्थानीय, राज्य और फेडरल तीनों स्तरों पर प्रक्रिया शामिल होती है। अमेरिका के ज्यादातर एयरपोर्ट स्थानीय सरकार या एयरपोर्ट अथॉरिटी के नियंत्रण में होते हैं।

सबसे पहले सिटी काउंसिल एयरपोर्ट बोर्ड नाम बदलने का प्रस्ताव पास करती है। अगर एयरपोर्ट राज्य के अधिकार में है, तो गवर्नर या स्टेट लेजिस्लेचर की मंजूरी जरूरी होती है। हालांकि कुछ मामलों में सिर्फ स्थानीय मंजूरी ही काफी होती है, लेकिन बड़े एयरपोर्ट के लिए राज्य का रोल अहम होता है।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) अमेरिका में एयरपोर्ट संचालन पर नजर रखने वाली प्रमुख संस्था है। नाम बदलने के बाद FAA को ऑफिशियल अपडेट भेजा जाता है। सभी एयर ट्रैफिक सिस्टम, मैप्स और डेटाबेस में नाम अपडेट होता है।

हालांकि एयरपोर्ट का कोड (IATA/ICAO) आमतौर पर नहीं बदला जाता। इसे बदलना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि इससे इंटरनेशनल एविएशन सिस्टम प्रभावित होता है। फ्लोरिडा एयरपोर्ट का कोड भी बदला जा रहा है।

अमेरिकी सांसद ब्रायन मस्ट ने एयरपोर्ट का तीन अक्षरों वाला कोड PBI से बदलकर DJT करने का प्रस्ताव भी रखा है, जो ट्रम्प के नाम के शुरुआती अक्षर हैं।

ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे संस्थान

एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। जैसे कि-

  • नेवी के नए वॉरशिप
  • विदेशी निवेशकों के लिए वीजा प्रोग्राम
  • सरकारी दवा वेबसाइट
  • बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट स्कीम
  • जॉन एफ केनेडी सेंटर में नाम जोड़ना
  • यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस बिल्डिंग

ट्रम्प के सिग्नेचर वाली नोट भी आएगी

इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार होगा, जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नोटों पर छापे जाएंगे। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि यह कदम देश की आजादी के 250वें वर्ष के उपलक्ष्य में उठाया जा रहा है।

नए नोटों के छपने से 1861 से चली आ रही 165 साल पुरानी परंपरा भी टूटे जाएगी। अब तक नोटों पर सिर्फ वित्त मंत्री और अमेरिका के ट्रेजरर के साइन होते थे। इनमें से कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर को हटा दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ट्रम्प और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर वाले पहले 100 डॉलर के नोट जून में छापे जाएंगे और बाकी नोट आने वाले महीनों में छापे जाएंगे।

फ्लोरिडा में ही लाइब्रेरी बनवा रहे ट्रम्प

फ्लोरिडा के मियामी में ट्रम्प की प्रेसिडेंशियल लइब्रेरी बनाने की योजना है। डीसैंटिस ने पिछले साल इसके लिए जमीन देने की कोशिश की थी।

ट्रम्प ने इसका एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक विशाल कांच की इमारत, गोल्डन स्टैच्यू, प्राइवेट जेट और लग्जरी सुविधाएं दिखाई गईं। इस प्रोजेक्ट के लिए वेबसाइट भी लॉन्च की गई है, जहां कमिंग सून के साथ डोनेशन का विकल्प दिया गया है।

ट्रम्प मूल रूप से न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं, लेकिन 2019 में वह फ्लोरिडा शिफ्ट हो गए थे। पहले वह ट्रम्प टॉवर में रहते थे, लेकिन अब उनका मुख्य निवास वेस्ट पाम बीच स्थित मार-ए-लागो है।

प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी की AI तस्वीर। ट्रम्प के बेटे एरिक ने शेयर की थीं।

प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी की AI तस्वीर। ट्रम्प के बेटे एरिक ने शेयर की थीं।

नाम बदलने के फैसले की विपक्ष ने आलोचना की

फ्लोरिडा हाउस की डेमोक्रेटिक नेता फेंट्रिस ड्रिस्केल ने एयरपोर्ट का नाम बदले जाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे टैक्सपेयर्स पर 50 लाख डॉलर का बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि फ्लोरिडा में कामकाजी परिवारों और बुजुर्गों के लिए जीवन लगातार महंगा होता जा रहा है। यही वजह है कि डेमोक्रेट्स ने इस विधायी सत्र में खर्च कम करने और लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचाने के एजेंडे पर काम किया। लेकिन हमारे साथ मिलकर इन बिलों को आगे बढ़ाने के बजाय, रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम पर एयरपोर्ट का नाम बदलने के लिए आपके टैक्स के 50 लाख डॉलर खर्च करने को प्राथमिकता दी।

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अमेरिका के फ्लोरिडा में पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर राष्ट्रपति ट्रम्प के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने सोमवार को एक बिल पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रम्प इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ किया जा रहा है।

फ्लोरिडा सरकार के फैसले के बाद अब इस नाम को लागू करने के लिए फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद फ्लाइट चार्ट, नेविगेशन सिस्टम और एयरपोर्ट साइनेज में बदलाव किया जाएगा।

FAA की मंजूरी मिलने पर 1 जुलाई से यह नाम लागू हो सकता है। ऐसा होने पर ट्रम्प पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जिनके कार्यकाल के दौरान ही उनके नाम पर एयरपोर्ट रखा जाएगा।

पाम बीच इंटरनेशनल अमेरिका का नौवां ऐसा कमर्शियल एयरपोर्ट बन जाएगा, जिसका नाम किसी राष्ट्रपति पर होगा। यह एयरपोर्ट ट्रम्प के मार-ए-लागो एस्टेट के बेहद करीब है, जो उनका मुख्य निवास है।

एयरपोर्ट का नाम ही नहीं कोड भी बदलेगा अमेरिका में किसी एयरपोर्ट का नाम बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं होता, बल्कि इसमें स्थानीय, राज्य और फेडरल तीनों स्तरों पर प्रक्रिया शामिल होती है। अमेरिका के ज्यादातर एयरपोर्ट स्थानीय सरकार या एयरपोर्ट अथॉरिटी के नियंत्रण में होते हैं।

सबसे पहले सिटी काउंसिल एयरपोर्ट बोर्ड नाम बदलने का प्रस्ताव पास करती है। अगर एयरपोर्ट राज्य के अधिकार में है, तो गवर्नर या स्टेट लेजिस्लेचर की मंजूरी जरूरी होती है। हालांकि कुछ मामलों में सिर्फ स्थानीय मंजूरी ही काफी होती है, लेकिन बड़े एयरपोर्ट के लिए राज्य का रोल अहम होता है।

फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) अमेरिका में एयरपोर्ट संचालन पर नजर रखने वाली प्रमुख संस्था है। नाम बदलने के बाद FAA को ऑफिशियल अपडेट भेजा जाता है। सभी एयर ट्रैफिक सिस्टम, मैप्स और डेटाबेस में नाम अपडेट होता है।

हालांकि एयरपोर्ट का कोड (IATA/ICAO) आमतौर पर नहीं बदला जाता। इसे बदलना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि इससे इंटरनेशनल एविएशन सिस्टम प्रभावित होता है। फ्लोरिडा एयरपोर्ट का कोड भी बदला जा रहा है।

अमेरिकी सांसद ब्रायन मस्ट ने एयरपोर्ट का तीन अक्षरों वाला कोड PBI से बदलकर DJT करने का प्रस्ताव भी रखा है, जो ट्रम्प के नाम के शुरुआती अक्षर हैं।

ट्रम्प के नाम पर बढ़ रहे संस्थान

एयरपोर्ट के अलावा भी ट्रम्प के नाम पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के नाम रखे जा रहे हैं। जैसे कि-

  • नेवी के नए वॉरशिप
  • विदेशी निवेशकों के लिए वीजा प्रोग्राम
  • सरकारी दवा वेबसाइट
  • बच्चों के लिए सेविंग अकाउंट स्कीम
  • जॉन एफ केनेडी सेंटर में नाम जोड़ना
  • यूनाइटेड स्टेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ पीस बिल्डिंग

ट्रम्प के सिग्नेचर वाली नोट भी आएगी

इसके अलावा अमेरिकी करेंसी पर भी इस साल से ट्रम्प के सिग्नेचर आने की बात कही गई है। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार होगा, जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति के हस्ताक्षर नोटों पर छापे जाएंगे। ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि यह कदम देश की आजादी के 250वें वर्ष के उपलक्ष्य में उठाया जा रहा है।

नए नोटों के छपने से 1861 से चली आ रही 165 साल पुरानी परंपरा भी टूटे जाएगी। अब तक नोटों पर सिर्फ वित्त मंत्री और अमेरिका के ट्रेजरर के साइन होते थे। इनमें से कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर को हटा दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ट्रम्प और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के हस्ताक्षर वाले पहले 100 डॉलर के नोट जून में छापे जाएंगे और बाकी नोट आने वाले महीनों में छापे जाएंगे।

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ट्रम्प मूल रूप से न्यूयॉर्क के रहने वाले हैं, लेकिन 2019 में वह फ्लोरिडा शिफ्ट हो गए थे। पहले वह ट्रम्प टॉवर में रहते थे, लेकिन अब उनका मुख्य निवास वेस्ट पाम बीच स्थित मार-ए-लागो है।

प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी की AI तस्वीर। ट्रम्प के बेटे एरिक ने शेयर की थीं।

प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी की AI तस्वीर। ट्रम्प के बेटे एरिक ने शेयर की थीं।

नाम बदलने के फैसले की विपक्ष ने आलोचना की

फ्लोरिडा हाउस की डेमोक्रेटिक नेता फेंट्रिस ड्रिस्केल ने एयरपोर्ट का नाम बदले जाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे टैक्सपेयर्स पर 50 लाख डॉलर का बोझ पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि फ्लोरिडा में कामकाजी परिवारों और बुजुर्गों के लिए जीवन लगातार महंगा होता जा रहा है। यही वजह है कि डेमोक्रेट्स ने इस विधायी सत्र में खर्च कम करने और लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचाने के एजेंडे पर काम किया। लेकिन हमारे साथ मिलकर इन बिलों को आगे बढ़ाने के बजाय, रिपब्लिकन नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम पर एयरपोर्ट का नाम बदलने के लिए आपके टैक्स के 50 लाख डॉलर खर्च करने को प्राथमिकता दी।

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