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Omega 3 Vs Fish Oil: ओमेगा-3 या फिश ऑयल? सेहत के लिए क्या है बेस्ट ऑप्शन, डाइटिशियन की सलाह

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Last Updated:April 01, 2026, 16:22 IST Omega 3 Vs Fish Oil: ओमेगा-3 और फिश दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद है. यदि आप कोलेस्ट्रॉल को टारगेट करने के लिए दोनों में से किसी का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो फिश ऑयल ज्यादा बेहतर होते हैं. लेकिन यदि आप शाकाहारी हैं तो ओमेगा-3 का प्लांट बेस्ट सोर्स और सप्लीमेंट ले सकते हैं. ख़बरें फटाफट Omega 3 Vs Fish Oil Which is Better: अक्सर ओमेगा-3 और फिश ऑयल को एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन ये दोनों एक ही चीज नहीं हैं. ओमेगा-3 फैटी एसिड एक तरह का पॉलीअनसैचुरेटेड फैट है जो समुद्री भोजन और पौधों में पाया जाता है.वहीं, फिश ऑयल, मछली से निकाला गया तेल है जिसमें ओमेगा-3 सहित कई जरूरी फैटी एसिड होते हैं. डाइटिशियन शालिनी ब्लिस जो कि PSRI अस्पताल, दिल्ली में आहार विशेषज्ञ हैं बताती हैं कि ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और फिश ऑयल दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद माने जानते हैं. दोनों को दिल, दिमाग और शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर दोनों में बेहतर क्या है? (Difference between fish oil and omega-3) कुछ स्टडी बताते हैं कि फिश ऑयल में मौजूद ओमेगा-3 की न्यूट्रीशनल वैल्यू दूसरे प्लांट सोर्स से ज्यादा होते हैं. लेकिन यदि आप ओमेगा-3 खा रहे हैं, तो इसके साथ फिश ऑयल का सेवन न करें. क्या होता है ओमेगा-3ओमेगा-3 फैटी एसिड मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं—EPA, DHA और ALA. इनमें EPA और DHA खासतौर पर दिल और दिमाग की सेहत के लिए जरूरी होते हैं. ये फैटी एसिड शरीर में सूजन कम करने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करते हैं. दूसरी तरफ, फिश ऑयल मछलियों से निकाला जाता है और इसमें EPA और DHA अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इसे ओमेगा-3 का सबसे आसान और असरदार स्रोत माना जाता है. ओमेगा-3 का वेजिटेरियन सोर्सअगर आप शाकाहारी हैं, तो आप ओमेगा-3 के लिए अलसी के बीज, अखरोट और चिया सीड्स जैसे विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि, इनमें मौजूद ALA को शरीर को EPA और DHA में बदलना पड़ता है, जो सीमित मात्रा में ही हो पाता है. डॉक्टर से लें सप्लीमेंट लेने की सलाह फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का फायदा यह है कि ये सीधे EPA और DHA प्रदान करते हैं, जिससे शरीर को तुरंत लाभ मिलता है. लेकिन ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा मात्रा में फिश ऑयल लेना नुकसानदायक भी हो सकता है, जैसे ब्लड थिनिंग या पाचन संबंधी समस्याएं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 01, 2026, 16:22 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

अंडकोष में क्यों भर जाता है पानी? क्या होती है इसकी वजह, डॉक्टर अमरेंद्र पाठक से जानें सटीक इलाज

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  Hydrocele Causes and Treatment: अंडकोष में पानी भरने की समस्या को हाइड्रोसील कहा जाता है, जो आमतौर पर संक्रमण, चोट या जन्मजात कारणों से होती है. इसमें अंडकोष में सूजन और भारीपन महसूस होता है. सही समय पर डॉक्टर से जांच और उपचार करवाने से इस समस्या को आसानी से ठीक किया जा सकता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने अपने एक यूट्यूब वीडियो में बताया है कि यह परेशानी क्यों होती है, इसका इलाज क्या है और इससे किस तरह बचाव किया जा सकता है. इससे जुड़े कई मिथकों की सच्चाई भी डॉक्टर ने बताई है.

विक्की कौशल बोले- धुरंधर 2 फिल्म मेकिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड:कहा- रणवीर सिंह की एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं; फिल्म की पूरी टीम को धुरंधर बताया

विक्की कौशल बोले- धुरंधर 2 फिल्म मेकिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड:कहा- रणवीर सिंह की एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं; फिल्म की पूरी टीम को धुरंधर बताया

बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल ने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का रिव्यू शेयर किया है। विक्की ने सोशल मीडिया पर फिल्म की मेकिंग और रणवीर सिंह की एक्टिंग की जमकर तारीफ की है। विक्की कौशल ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आदित्य धर… मैं इस फिल्म को बनाने में की गई क्राफ्ट, मेहनत और ईमानदारी को देखकर हैरान हूं। यह फिल्म मेकिंग का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ है। आप इस बड़ी सफलता के हकदार हैं, बधाई हो भाई।” विक्की ने रणवीर सिंह की तारीफ करते हुए लिखा कि वे उनके लिए प्रेरणा हैं और उनकी एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं है। आर. माधवन और पूरी टीम को दी बधाई विक्की ने अपनी पोस्ट में फिल्म की बाकी कास्ट की भी तारीफ की। उन्होंने आर. माधवन (मैडी) के काम को शानदार बताया और राकेश बेदी को ‘कमाल’ कहा। इसके अलावा उन्होंने एडिटर शिवकुमार पणिक्कर, म्यूजिक डायरेक्टर शाश्वत और प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे (जियो स्टूडियोज) व लोकेश धर को भी क्रेडिट दिया। 13 दिनों में वर्ल्डवाइड कमाए 1435 करोड़ धुरंधर 2 (धुरंधरः द रिवेंज) बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। 13 दिनों में फिल्म ने 1435 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया और RRR के ऑल टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। आदित्य धर और विक्की का पुराना कनेक्शन आदित्य धर और विक्की कौशल की जोड़ी ने साल 2019 में ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी थी। यही वजह है कि फैंस विक्की के रिव्यू का इंतजार कर रहे थे। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की सफलता ने साबित कर दिया है कि आदित्य धर बड़े स्केल की मास फिल्मों को डायरेक्ट करने में माहिर हैं।

विक्की कौशल बोले- धुरंधर 2 फिल्म मेकिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड:कहा- रणवीर सिंह की एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं; फिल्म की पूरी टीम को धुरंधर बताया

विक्की कौशल बोले- धुरंधर 2 फिल्म मेकिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड:कहा- रणवीर सिंह की एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं; फिल्म की पूरी टीम को धुरंधर बताया

बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल ने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का रिव्यू शेयर किया है। विक्की ने सोशल मीडिया पर फिल्म की मेकिंग और रणवीर सिंह की एक्टिंग की जमकर तारीफ की है। विक्की कौशल ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आदित्य धर… मैं इस फिल्म को बनाने में की गई क्राफ्ट, मेहनत और ईमानदारी को देखकर हैरान हूं। यह फिल्म मेकिंग का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ है। आप इस बड़ी सफलता के हकदार हैं, बधाई हो भाई।” विक्की ने रणवीर सिंह की तारीफ करते हुए लिखा कि वे उनके लिए प्रेरणा हैं और उनकी एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं है। आर. माधवन और पूरी टीम को दी बधाई विक्की ने अपनी पोस्ट में फिल्म की बाकी कास्ट की भी तारीफ की। उन्होंने आर. माधवन (मैडी) के काम को शानदार बताया और राकेश बेदी को ‘कमाल’ कहा। इसके अलावा उन्होंने एडिटर शिवकुमार पणिक्कर, म्यूजिक डायरेक्टर शाश्वत और प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे (जियो स्टूडियोज) व लोकेश धर को भी क्रेडिट दिया। 13 दिनों में वर्ल्डवाइड कमाए 1435 करोड़ धुरंधर 2 (धुरंधरः द रिवेंज) बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। 13 दिनों में फिल्म ने 1435 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया और RRR के ऑल टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। आदित्य धर और विक्की का पुराना कनेक्शन आदित्य धर और विक्की कौशल की जोड़ी ने साल 2019 में ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी थी। यही वजह है कि फैंस विक्की के रिव्यू का इंतजार कर रहे थे। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की सफलता ने साबित कर दिया है कि आदित्य धर बड़े स्केल की मास फिल्मों को डायरेक्ट करने में माहिर हैं।

दतिया विधायक राजेंद्र भारती दोषी करार:सुप्रीम कोर्ट ने भूमि विकास बैंक मामले में धारा 420 के तहत दोषी ठहराया

दतिया विधायक राजेंद्र भारती दोषी करार:सुप्रीम कोर्ट ने भूमि विकास बैंक मामले में धारा 420 के तहत दोषी ठहराया

दतिया विधायक राजेंद्र भारती को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भूमि विकास बैंक से जुड़े एक मामले में धारा 420 के तहत दोषी करार दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें गिरफ्तार कर दिल्ली की जेल भेज दिया गया है।

पंजाबी सिंगर करण औजला जयपुर में करेंगे परफॉर्म:5 अप्रैल को JECC ग्राउंड में कॉन्सर्ट; 1999 से लेकर 5.90 लाख तक के टिकट

पंजाबी सिंगर करण औजला जयपुर में करेंगे परफॉर्म:5 अप्रैल को JECC ग्राउंड में कॉन्सर्ट; 1999 से लेकर 5.90 लाख तक के टिकट

पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सिंगर करण औजला का 5 अप्रैल को कॉन्सर्ट होगा। इसका आयोजन सीतापुरा स्थित जेईसीसी ग्राउंड में किया जा रहा है। पंजाबी बीट्स, हिप-हॉप और पॉप म्यूजिक के मिश्रण से तैयार उनके गाने युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। सिंगर करण औजला इन दिनों अपने ‘पी-पॉप कल्चर इंडिया टूर’ पर हैं। करीब एक साल पहले भी करण औजला ने जयपुर में लाइव परफॉर्मेंस दी थी, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया था। उस कॉन्सर्ट में भी उनके हिट गानों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे थे। उसी जबरदस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए इस बार फिर जयपुर में उनका कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। 1999 से लेकर 5.90 लाख रुपए तक टिकट यादगार म्यूजिक नाइट की तैयारी आयोजकों का कहना है कि यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं बल्कि पंजाबी पॉप म्यूजिक के नए दौर का जश्न है। शानदार साउंड, भव्य स्टेज प्रोडक्शन और करण औजला की दमदार प्रस्तुति के साथ यह शो जयपुर के संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार रात साबित होने वाला है। गीतों की मशीन के नाम मशहूर करण औजला कंटेंम्परेरी पंजाबी म्यूजिक के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। पंजाब में जन्मे और भारत-कनाडा के बीच सक्रिय रहने वाले औजला ने अपने दमदार गीतों, अलग अंदाज और मंच पर जबरदस्त प्रस्तुति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। फैंस उन्हें “गीतों की मशीन” के नाम से भी जानते हैं, क्योंकि उन्होंने बतौर गीतकार और गायक कई सुपरहिट गाने दिए हैं। उनकी खासियत यह है कि वे पारंपरिक पंजाबी संगीत को आधुनिक हिप-हॉप और आर-एंड-बी के साथ जोड़कर नया संगीत तैयार करते हैं। सुपरहिट गाने करेंगे परफॉर्म जयपुर कॉन्सर्ट में करण औजला अपने कई चर्चित और हिट गानों पर लाइव परफॉर्म करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से सॉफ्टली, एडमायरिंग यू, विनिंग स्पीच, चिट्टा कुर्ता, डोंट लुक, मेकिंग मेमोरीज एल्बम जैसे कई गाने शामिल हैं। उनके गीतों को दुनिया भर में करोड़ों बार ऑनलाइन सुना जा चुका है और उनके लाइव शो को लेकर युवाओं में खासा उत्साह रहता है।

‘गलत व्याख्या’: निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक ‘सीआईए लिंक’ टिप्पणी पर माफ़ी मांगी | राजनीति समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of DhanaLekshmi DL-46 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 15:56 IST दुबे ने आरोप लगाया था कि बीजू पटनायक ने 1960 के दशक के दौरान पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। लोकसभा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे. (संसद टीवी) भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में अपनी टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद के बाद माफी मांगी, जिस पर विशेष रूप से राज्य में तीखी प्रतिक्रियाएं हुईं। एक्स पर एक पोस्ट में दुबे ने कहा कि उनकी पिछली टिप्पणियों का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने लिखा, “पिछले हफ्ते, मीडिया से बात करते समय, नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों के बारे में मेरी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की गई, विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के अग्रणी नेताओं में से एक माननीय श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में।” उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू पर उनके विचारों को गलती से बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, “बीजू बाबू हमेशा हमारे लिए एक महान राजनेता रहे हैं और रहेंगे। अगर मेरे बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो मैं बिना शर्त माफी मांगता हूं।” पिछली बार मीडिया से बात करते हुए मैंने नेहरू गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भारत के नेताओं के स्थान पर रहने वाले आदर्श श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातें बताईं। पहले तो यह मेरा व्यक्तिगत बयान है। नेहरू जी के ऊपर मेरे…- डॉ. निशिकांत दुबे (@nishikanth_dubey) 1 अप्रैल, 2026 विवाद पिछले हफ्ते शुरू हुआ जब दुबे ने आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने 1960 के दशक के दौरान, खासकर चीन के साथ 1962 के युद्ध के दौरान पूर्व प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। 27 मार्च को पोस्ट की एक श्रृंखला में, दुबे ने यह भी दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार ने “अमेरिका के दलाल” के रूप में काम किया था और सुझाव दिया था कि युद्ध अमेरिकी समर्थन और धन से लड़ा गया था। इस टिप्पणी की ओडिशा में कड़ी प्रतिक्रिया हुई, जहां बीजू पटनायक का व्यापक रूप से सम्मान किया जाता है। बीजद अध्यक्ष और उनके बेटे, नवीन पटनायक ने दुबे की टिप्पणियों की आलोचना की थी, उन्हें “अपमानजनक” बताया था और कहा था कि भाजपा नेता को ऐसे बयान देने के लिए “मानसिक चिकित्सक के ध्यान” की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने भी संचार पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया था, यह कहते हुए कि वह किसी ऐसे व्यक्ति की अध्यक्षता वाले पैनल में बने नहीं रह सकते जिसने एक सम्मानित नेता के बारे में “अपमानजनक टिप्पणी” की थी। पात्रा ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए एक्स शनिवार को एक पोस्ट में कहा था, “मैं श्री निशिकांत दुबे की अध्यक्षता में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं अच्छे विवेक से ऐसे किसी व्यक्ति के अधीन काम नहीं कर सकता जो एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में ऐसी अपमानजनक टिप्पणी करता है। बीजू पटनायक जी की विरासत हमेशा क्षुद्र राजनीति से ऊपर रहेगी।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 15:56 IST समाचार राजनीति ‘गलत व्याख्या’: निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक ‘सीआईए लिंक’ टिप्पणी पर माफ़ी मांगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) निशिकांत दुबे माफी(टी)बीजू पटनायक विवाद(टी)बीजेपी सांसद की टिप्पणी(टी)ओडिशा राजनीतिक प्रतिक्रिया(टी)नेहरू-गांधी परिवार की आलोचना(टी)सीआईए के आरोप भारत(टी)नवीन पटनायक प्रतिक्रिया(टी)सस्मित पात्रा का इस्तीफा

दिमाग में सुसाइड करने के विचार किस वजह से आते हैं? यह कौन सा मेंटल डिसऑर्डर, एक्सपर्ट से समझिए

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Reasons Behind Suicidal Thoughts: मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन अधिकतर लोग अब भी इस बारे में बात करने से झिझकते हैं. कई लोगों की मेंटल हेल्थ इतनी खराब हो जाती है कि वे सुसाइड करने का विचार करने लगते हैं. कई लोग सुसाइड करके अपनी जान भी गंवा देते हैं. अक्सर लोग सोचते हैं कि दिमाग में सुसाइडल थॉट्स आना कोई कमजोरी है, लेकिन यह ब्रेन से जुड़ी जटिल समस्या है. जब किसी व्यक्ति को लगने लगता है कि उसका दर्द उसकी सहने की क्षमता से बाहर हो गया है और उसे भविष्य में कोई उम्मीद नजर नहीं आती, तब दिमाग इस तरह के आत्मघाती विकल्पों की ओर झुकने लगता है. मेडिकल एक्सपर्ट्स इसे एक गंभीर चेतावनी मानते हैं, जिसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कि हमारे दिमाग में सेरोटोनिन नामक एक न्यूरोट्रांसमीटर होता है, जो हमारे मूड, खुशी और व्यवहार को नियंत्रित करता है. जब ब्रेन में सेरोटोनिन का स्तर बहुत कम हो जाता है, तो व्यक्ति को अत्यधिक निराशा और अकेलापन महसूस होने लगता है. आत्मघाती विचार रखने वाले व्यक्तियों के मस्तिष्क में न केवल सेरोटोनिन की कमी होती है, बल्कि तनाव को नियंत्रित करने वाला HPA एक्सिस भी ठीक से काम नहीं करता, जिससे व्यक्ति छोटी परेशानियों में भी आत्मघाती कदम के बारे में सोचने लगता है. डॉक्टर कुकरेती ने बताया कि सुसाइडल विचारों के पीछे सबसे बड़ा कारण मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर होता है. इसमें व्यक्ति को हर समय उदासी महसूस होती है और वह उन गतिविधियों में भी रुचि खो देता है जो उसे कभी पसंद थीं. इसके अलावा बाइपोलर डिसऑर्डर में मूड के अत्यधिक उतार-चढ़ाव, बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर और स्किजोफ्रेनिया जैसी स्थितियां भी इन विचारों को जन्म दे सकती हैं. इन डिसऑर्डर्स में व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो जाती है और उसे मौत ही एकमात्र समाधान लगने लगती है. इन डिसऑर्डर का समय रहते इलाज कराया जाए, तो लोगों की कंडीशन में सुधार हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट के मुताबिक अक्सर पुराने दर्दनाक अनुभव या पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर सुसाइडल टेंडेंसी की वजह बनते हैं. बचपन में हुआ कोई दुर्व्यवहार, किसी प्रियजन की अचानक मृत्यु, या कोई बड़ा एक्सीडेंट दिमाग पर गहरा घाव छोड़ देता है. जब व्यक्ति बार-बार उन यादों को जीता है, तो उसका दिमाग अत्यधिक तनाव के कारण थक जाता है. इस मानसिक थकान और इमोशनल पेन से बचने के लिए मस्तिष्क अक्सर आत्महत्या को एक एस्केप रूट यानी बचने के रास्ते के रूप में देखने लगता है. शराब या नशीली दवाओं का सेवन आत्महत्या के विचारों को क्रियान्वित करने में उत्प्रेरक का काम करता है. नशा व्यक्ति के इम्पल्स कंट्रोल को खत्म कर देता है. कई लोग अपने मानसिक दर्द को दबाने के लिए नशे का सहारा लेते हैं, लेकिन वास्तव में यह डिप्रेशन को और गहरा कर देता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की हालत में व्यक्ति बिना सोचे-समझे उन विचारों पर अमल कर बैठता है, जिन्हें वह होश में शायद टाल देता. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आत्महत्या के विचार पूरी तरह से उपचार योग्य हैं. मनोचिकित्सक दवाओं के जरिए न्यूरोकेमिकल असंतुलन को ठीक कर सकते हैं, जबकि मनोवैज्ञानिक कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) और DBT जैसी थैरेपी के माध्यम से व्यक्ति की सोच के पैटर्न को बदलते हैं. अगर आपके मन में या आपके किसी परिचित के मन में ऐसे विचार आते हैं, तो तुरंत प्रोफेशनल मदद लेना जीवन रक्षक साबित हो सकता है. यह याद रखना जरूरी है कि यह मन की एक अस्थायी स्थिति है, जिसका स्थायी इलाज संभव है.

पन्ना पुलिस ने शातिर ठग गिरोह का किया खुलासा:किसानों को खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर की लाखों की ठगी

पन्ना पुलिस ने शातिर ठग गिरोह का किया खुलासा:किसानों को खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर की लाखों की ठगी

पन्ना पुलिस ने किसानों को खाद-बीज डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर लाखों रुपए ठगने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह खुद को बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर ग्रामीणों को अपना शिकार बनाता था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब शाहनगर क्षेत्र के ग्राम बोरी निवासी मुकेश कुमार साहू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साहू ने बताया कि कुछ जालसाजों ने उन्हें खाद-बीज का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का लालच दिया और उनसे 2 लाख 34 हजार 500 रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस की मदद ली। शिकायत के बाद पुलिस की साइबर सेल और मुखबिरों की मदद से सीतापुर, उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोपीचंद्र (42 वर्ष) और कन्हैया लाल यादव (32 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों सीतापुर, यूपी के निवासी हैं। गिरोह का एक अन्य साथी अनूप अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये है, और 15,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। कुल मिलाकर, पुलिस ने लगभग 5 लाख 15 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह केवल पन्ना ही नहीं, बल्कि कटनी, मऊगंज, जबलपुर और झांसी जैसे शहरों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। ये आरोपी फर्जी आईडी और कंपनियों के फर्जी प्रतिनिधि बनकर लोगों को झांसा देते थे। इस सफल कार्रवाई में शाहनगर थाना प्रभारी निरीक्षक परशुराम डाबर, उपनिरीक्षक मनोज यादव और उनकी टीम के साथ-साथ साइबर सेल का विशेष योगदान रहा। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।

हर घर में मिलने वाला यह छोटा सा पौधा जिसकी सूखी लकड़ी में छुपा है सेहत का राज, फायदे जान आप भी हो जाएंगे फैंन

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X हर घर में मिलने वाला यह छोटा सा पौधा जिसकी सूखी लकड़ी में छुपा है सेहत का राज   तुलसी का पौधा लगभग हर घर में पाया जाता है, जिसकी पत्तियां पूजा-पाठ से लेकर चाय तक में उपयोग की जाती हैं. वहीं इसकी सूखी टहनियों को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन टहनियों का भी उपयोग बेहद लाभकारी हो सकता है. खासकर बदलते मौसम में, जब सर्दी-खांसी और गले की समस्याएं बढ़ जाती हैं, तब तुलसी की सूखी टहनियों से तैयार किया गया घरेलू काढ़ा-मसाला काफी मददगार साबित हो सकता है. यह न केवल स्वाद में बदलाव लाता है, बल्कि शरीर को गर्माहट और सुकून भी देता है.