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बेकार समझकर फेंक देते हैं तरबूज के बीज, तो यहां जानिए इसे खाने से मिलेंगे कितने फायदे

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Last Updated:April 02, 2026, 08:36 IST खिरमिंजी जिसे तरबूज भी कहा जाता है. इसके मुख्य भाग को तो हम खा लेते हैं लेकिन उसके बीज को कूड़ा समझकर फेंक देते हैं, लेकिन इन फलों के बीज भी हमारे लिए फायदेमंद हो सकते हैं और इसको हम कई तरीके से खा सकते हैं. जो हमारे सेहत के साथ-साथ हमारे स्वाद को भी बढ़ाते हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर नेहा गोयल लोकल 18 से बताती हैं कि लाल तरबूज का बीज काफी फायदेमंद होता है. इसमें पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जिनमें प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल हैं. यह कई समस्याओं से राहत भी दिला सकते हैं, जैसे कि बालों का झड़ना, पाचन संबंधी समस्याएं और शरीर में आयरन की कमी आदि. तरबूज के बीज का इस्तेमाल चाय बनाने में किया जा सकता है. इसके लिए तरबूज के बीज को सबसे पहले धूप में सुखा लेना चाहिए और इसका पाउडर बना लेना चाहिए. इसके बाद इसको हम चाय के तौर पर प्रयोग कर सकते हैं. इसे चाय का स्वाद काफी अच्छा हो जाता है.  तरबूज के बीज को सिर्फ खाने के रूप में ही इस्तेमाल नहीं किया जाता बल्कि इसके बीच से तेल भी निकाला जाता है जो बालों और शरीर के लिए काफी लाभदायक होता है. तरबूज के बीज का तेल हमारे शरीर की त्वचा के लिए काफी लाभदायक माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप भी अपनी शरीर और सेहत को चुस्त और दुरुस्त रखना चाहते हैं तो लाल तरबूज के बीज को आप रात में भिगो दें और इसके अंकुरित बीच का सेवन करें. इससे हमारे शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा में बढ़ोत्तरी होती है. इसमें कई तरह के ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करते हैं. लाल तरबूज के बीज की सबसे खास बात यह है कि इसके पाउडर को हम सलाद में छिड़क कर प्रयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही इसके बीजों को भूनकर हम स्नैक्स के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. तरबूज के बीजों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा को नेचुरली लुक मिलता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को साफ और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं. बीज को पीसकर उसमें थोड़ा दूध और गुलाब जल मिलाकर फेस पैक तैयार कर लें. और 15–20 मिनट तक लगाकर रखें. इसके रेगुलर उपयोग से त्वचा की नमी बनी रहती है और दाग-धब्बे कम होते हैं. तरबूज के बीजों से निकला तेल बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है.इसमें मौजूद प्रोटीन और फैटी एसिड बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं और बालों को झड़ने से बचाते हैं. इस तेल को हल्का गर्म करके स्कैल्प पर मसाज करें. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की ग्रोथ बढ़ती है. तरबूज के बीजों को पीसकर सीमित मात्रा में पालतू जानवरों के खाने में मिलाया जा सकता है. यह उनके लिए पोषण का अच्छा स्रोत माना जाता है. हालांकि, इसे ज्यादा मात्रा में नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन पर असर पड़ सकता है. पशु चिकित्सक की सलाह लेकर ही इसका नियमित उपयोग करना चाहिए. First Published : April 02, 2026, 08:36 IST

Jaggi Murder Case Reopens | CBI 11000-Page Report, Amit Jogi Charged

Jaggi Murder Case Reopens | CBI 11000-Page Report, Amit Jogi Charged

बिलासपुर10 घंटे पहले कॉपी लिंक जग्गी हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराया है। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। CBI के साक्ष्य को स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया गया है। वहीं फैसले पर अमित जोगी ने कहा कि हाईकोर्ट ने पूरी सुनवाई का मौका दिए बिना उन्हें दोषी ठहरा दिया, जो उनके लिए अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। सुनवाई के दौरान सतीश जग्गी ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता की हत्या एक राजनीतिक साजिश के तहत कराई गई थी। CBI ने 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें हत्या से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य शामिल हैं। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने CBI की अपील स्वीकार करते हुए अमित जोगी को सरेंडर करने का आदेश दिया। बता दें कि ट्रायल कोर्ट ने पहले उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया था, लेकिन बाद में मामला दोबारा खोला गया। विद्याचरण शुक्ल ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बनाया था। (फाइल इमेज) जग्गी हत्याकांड के बारे में जानिए 4 जून 2003 को राजधानी रायपुर में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। हत्याकांड के दोषियों की अपील खारिज डिवीजन बेंच ने 2 साल पहले रामावतार जग्गी हत्याकांड के दोषियों की अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें डिवीजन बेंच ने आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने CBI की अपील स्वीकार करते हुए मामला फिर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया था, जिससे मामले पर विस्तार से सुनवाई हो सके। हत्याकांड के बाद पुलिस की शुरूआती जांच में पक्षपात और असंतोष के आरोप लगने पर राज्य सरकार ने जांच CBI को सौंपी थी, तब CBI ने अपनी जांच में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी समेत कई लोगों पर हत्या और साजिश के आरोप लगाए थे। सतीश जग्गी का आरोप- तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित थी हत्या हाईकोर्ट में अपील पर रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के अमित जोगी की दोषमुक्ति के खिलाफ पेश क्रिमिनल अपील पर उनके अधिवक्ता बीपी शर्मा ने तर्क दिया था। उन्होंने बताया था कि हत्याकांड की साजिश तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से प्रायोजित थी। जब CBI की जांच शुरू हुई, तब सरकार के प्रभाव में सारे सबूतों को मिटा दिया गया था। ऐसे केस में सबूत अहम नहीं हैं, बल्कि षड्यंत्र का पर्दाफाश जरूरी है। लिहाजा इस केस के आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त नहीं किया जा सकता। जानिए कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे, जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। हत्याकांड में 28 लोग पाए गए दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। 2 CSP, थाना प्रभारी समेत अन्य को हुई थी सजा इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं। ………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 23 साल पुराना जग्गी मर्डर केस फिर खुला:जोगी बोले- 11000 पन्नों का केस, कॉपी तक नहीं; सतीश बोले- ये एक बेटे की लड़ाई 23 साल पुराना जग्गी मर्डर केस फिर खुला, सीबीआई ने 11000 पन्नों की चार्जशीट सौंपी थी। छत्तीसगढ़ के 23 साल पुराने बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर सुनवाई शुरू हो गई है। 2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी, जिसमें कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जबकि अमित जोगी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

किस उम्र के बच्चों को ऑटिज्म का खतरा ज्यादा? क्या इसका परमानेंट इलाज संभव, जानें 5 बड़ी बातें

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Last Updated:April 02, 2026, 08:11 IST World Autism Awareness Day 2026: ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जो छोटे बच्चों को प्रभावित करता है. डॉक्टर्स की मानें तो यह कोई लाइलाज समस्या नहीं है. सही समय पर इसकी पहचान कर ली जाए, तो सही थेरेपी के जरिए इस डिसऑर्डर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. हालांकि इस समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है. ऑटिज्म का सही समय पर पता लग जाए, तो थेरेपी के जरिए इस डिसऑर्डर को काफी सुधारा जा सकता है. All About Autism Spectrum Disorder: हर साल 2 अप्रैल को वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे मनाया जाता है. यह खास दिन ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से सेलिब्रेट किया जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जो बच्चे के दिमाग के विकास और उसके व्यवहार, सीखने, बोलने और सामाजिक जुड़ाव की क्षमता को प्रभावित करता है. यह एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें बच्चे दुनिया को अलग तरीके से समझते और प्रतिक्रिया देते हैं. इसके लक्षण आमतौर पर जीवन के शुरुआती 2 से 3 वर्षों में दिखाई देने लगते हैं. नोएडा के मेट्रो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज कुमार ने News18 को बताया कि ऑटिज्म डिसऑर्डर का कोई एक निश्चित कारण नहीं है, लेकिन इसके पीछे कई फैक्टर्स हो सकते हैं. जेनेटिक फैक्टर इस डिसऑर्डर का खतरा बढ़ा देता है. अगर परिवार में पहले से किसी को यह समस्या हो, तो ऑटिज्म का जोखिम बढ़ सकता है. गर्भावस्था के दौरान मस्तिष्क के विकास में अंतर होने से बच्चों में ऑटिज्म का रिस्क बढ़ जाता है. प्रेग्नेंसी में मां को इंफेक्शन, पोषण की कमी या कुछ दवाओं का असर हो, तो इससे बच्चे का ब्रेन डेवलपमेंट बुरी तरह प्रभावित होता है. इसके अलावा समय से पहले जन्मे बच्चे और कम वजन वाले बच्चों में इसका रिस्क ज्यादा होता है. लड़कों में ऑटिज्म लड़कियों की तुलना में ज्यादा पाया जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. क्या इसका परमानेंट इलाज संभव है? डॉक्टर नीरज ने बताया कि ऑटिज्म को पूरी तरह ठीक करना संभव नहीं है, लेकिन सही थेरेपी से बच्चे के जीवन में बड़ा सुधार लाया जा सकता है. बिहेवियरल थेरेपी बच्चों के व्यवहार और सामाजिक कौशल सुधारने में मदद करती है. स्पीच थेरेपी बोलने और समझने की क्षमता बेहतर कर सकती है. ऑक्यूपेशनल थेरेपी रोजमर्रा के काम करने की क्षमता विकसित करने के लिए दी जाती है और स्पेशल एजुकेशन प्रोग्राम बच्चे की जरूरत के अनुसार पढ़ाई कराते हैं. जितना जल्दी ऑटिज्म के लक्षण पहचान लिए जाएं और थेरेपी शुरू की जाए, उतना बेहतर परिणाम मिलता है. सही इलाज से बच्चा सामान्य जिंदगी जी सकता है. क्या ऑटिज्म से बचाव हो सकता है? एक्सपर्ट के मुताबिक ऑटिज्म को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन जोखिम कम किया जा सकता है. गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार और नियमित जांच, फोलिक एसिड और जरूरी सप्लीमेंट्स का सेवन, शराब, धूम्रपान और हानिकारक दवाओं से दूरी बनाकर उसका ब्रेन डेवलपमेंट बेहतर रखा जा सकता है. इसके अलावा बच्चे के विकास पर नजर रखें और देरी होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें. समय-समय पर टीकाकरण और हेल्थ चेकअप कराना भी जरूरी होता है. माता-पिता की जागरुकता, समय पर हस्तक्षेप और विशेषज्ञ की मदद से ऑटिज्म से प्रभावित बच्चे भी खुशहाल जीवन जी सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 02, 2026, 08:11 IST

पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस ने सभी 294 बदमाशों के नाम तय किए, आखिरी लिस्ट में किसने कहां से दिए टिकट

पश्चिम बंगाल चुनाव: कांग्रेस ने सभी 294 बदमाशों के नाम तय किए, आखिरी लिस्ट में किसने कहां से दिए टिकट

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (मठ सी.सी.) ने रविवार को पश्चिम बंगाल के शेष 10 विधानसभा क्षेत्रों के लिए की घोषणा कर दी। ये घोषणा इसी महीने फाइनली होने वाली है दो चरण की सीटों पर चुनाव की घोषणा. इससे पहले, 29 मार्च को, स्टूडियो ने राज्य की कुल 294 असेंबली में से 284 असेंबली की घोषणा की थी। इस ताजा सूची के साथ, पार्टी ने अब तक सभी 294 रिजॉर्ट के नाम तय कर दिए हैं। रविवार को घोषित किए गए 10 जिलों के नाम अलीपुरद्वार, इस्लामपुर, गाज़ोल, फरक्का, सागरदिघी, बेलडांगा, बदुरिया, अशोकनगर, श्रीरामपुर और पाटासपुर हैं। मासूम की इस ताज़ा सूची में कोई भी बड़ा राजनीतिक नाम शामिल नहीं है। कांग्रेस ने राज्य में सी क्रूज़ (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा के साथ मिलकर अपना पिछड़ा वर्ग गठबंधन गठबंधन तोड़कर सभी 294 विधानसभाओं पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। कांग्रेस और वाम मोर्चा ने 2016 के चुनावी चुनावों से ही पार्टिसिपेंट्स की व्यवस्था के तहत सामूहिक चुनाव लड़ा था, जो 2024 के चुनावी नतीजों तक जारी है। 2021 विधानसभा चुनाव में, राज्य में न तो कांग्रेस और न ही वाम मोर्चा को कोई सीट मिली थी। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होने हैं। पहले चरण में 152 पर मतदान होगा और दूसरे चरण में 142 पर मतदान होगा। राज्य में नामांकन मुकाबले में मुख्य रूप से चार-तरफा होने की उम्मीद है, जिसमें शामिल हैं, तेलंगाना कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), सी. अन्नाद्रमुक (एम) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस शामिल होंगे। कुछ अल्पसंख्यक-बहुल रिक्वायरमेंट पर, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एइमाइम) और हुमायूँ कबीर की आम आदमी पार्टी (एयूपी) के बीच का गठबंधन भी प्रभावशाली दल हो सकता है। इससे पहले रविवार को, पश्चिम बंगाल के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उन्होंने डोमिनिक जेफरीज के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (आर) के वैष्णव कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन देते हुए उनकी अपील का, राज्य और पूरे देश, दोनों जगहों पर कोई जवाब नहीं दिया।

World Updates | Indonesia Earthquake 7.4 Magnitude

World Updates | Indonesia Earthquake 7.4 Magnitude

52 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में पहली बार कोई राष्ट्रपति खुद सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में पहुंचा। ट्रम्प अपने ही फैसले से जुड़े मामले को देखने कोर्ट गए, जिसमें जन्म से मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को सीमित करने की बात है। ट्रम्प काले सूट और लाल टाई में व्हाइट हाउस से मोटरकेड के जरिए कोर्ट पहुंचे और पब्लिक गैलरी की पहली पंक्ति में बैठे। वह करीब एक घंटे तक वहां रहे और सरकार के वकील की दलील पूरी होने के बाद चले गए। सुनवाई की शुरुआत में कोर्ट मार्शल ने पारंपरिक घोषणा ‘ओयेज! ओयेज! ओयेज!’ (यानि सुनिए!) से की, जिस पर ट्रम्प समेत सभी लोग खड़े हुए। हालांकि, इस ऐतिहासिक मौके के बावजूद चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने ट्रम्प की मौजूदगी का कोई खास जिक्र नहीं किया। व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम ही दुनिया के एकमात्र ऐसे देश हैं जो ‘बर्थराइट’ सिटिजनशिप की इजाजत देने के लिए इतने मूर्ख हैं।” अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंडोनेशिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 1 की मौत इंडोनेशिया में गुरुवार सुबह 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। नॉर्थ सुलावेसी प्रांत के मनाडो शहर में एक इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। रेस्क्यू अधिकारियों के अनुसार, घायल व्यक्ति के पैर में चोट आई है। शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 7.8 बताई गई थी, जिसे बाद में घटाकर 7.4 कर दिया गया। यह झटका जमीन से करीब 35 किलोमीटर की कम गहराई पर आया, जिसकी वजह से इसका असर ज्यादा महसूस किया गया। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन करीब 2 घंटे बाद इसे हटा लिया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह भूकंप देश के पूर्वी हिस्से में नॉर्दर्न मोलुक्का सागर में सुबह करीब 7:48 बजे आया। इसका केंद्र टरनेटे शहर से लगभग 127 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Gold Up ₹4120, Silver ₹9701; Indigo Flights ₹950 Costlier

Gold Up ₹4120, Silver ₹9701; Indigo Flights ₹950 Costlier

नई दिल्ली16 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर एयरलाइन, LPG सिलेंडर और सोना-चांदी की कीमत से जुड़ी रही। इंडिगो ने घरेलू उड़ानों में अधिकतम ₹950 तक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में ₹10,000 तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया है। वहीं, सोना एक दिन में ₹4,120 और चांदी ₹9,701 महंगी हुई है। इसके अलावा, सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम 218 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा अब रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल कर पाएंगे। आज से फास्टैग, टोल टैक्स के साथ इनकम टैक्स से जुड़े नियम मिलाकर कुल 15 बदलाव हो रहे हैं। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. इंडिगो की घरेलू उड़ानें ₹950, इंटरनेशनल ₹10,000 तक महंगी: 18 दिन में दूसरी बार किराया बढ़ा; फ्यूल महंगा होने से एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की फ्लाइट्स गुरुवार से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों में अधिकतम ₹950 तक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में ₹10,000 तक एक्स्ट्रा फ्यूल चार्ज लगाया है। नई कीमतें 2 अप्रैल रात 12:01 बजे से लागू होंगी। इंडिगो ने 18 दिन में दूसरी बार घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी ने 14 मार्च को भी किराए में बढ़ोतरी की थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना आज ₹4,120 बढ़कर ₹1.51 लाख पर पहुंचा: इस साल कीमत में ₹18 हजार का इजाफा; चांदी ₹9,701 महंगी होकर ₹2.40 लाख/किलो हुई सोना-चांदी के दाम में गुरुवार को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 4,120 रुपए बढ़कर 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 9,701 रुपए बढ़कर 2.40 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ₹218 तक महंगा हुआ कॉमर्शियल सिलेंडर: रेल टिकट रिफंड और टोल के नियम बदले, इनहैंड सैलरी भी घटेगी; अप्रैल में 15 बदलाव 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के महंगे होने से हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम 218 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा अब रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल कर पाएंगे। आज से फास्टैग, टोल टैक्स के साथ इनकम टैक्स से जुड़े नियम मिलाकर कुल 15 बदलाव हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. अनिल अंबानी के खिलाफ CBI ने नया केस दर्ज किया: LIC से ₹3,750 करोड़ के फ्रॉड का आरोप; झूठी जानकारी देकर निवेश कराया CBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और अनिल अंबानी के खिलाफ एक नया केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई LIC की शिकायत पर की गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने मिलीभगत कर LIC से करीब ₹3,750 करोड़ का फ्रॉड किया है। RCom और अनिल अंबानी के खिलाफ यह चौथा मामला है। CBI ने इस केस में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सरकार ने मार्च में ₹2 लाख करोड़ GST वसूला: यह 10 महीने में सबसे ज्यादा; वित्त वर्ष 2025-26 में ₹22 लाख करोड़ कलेक्शन हुआ इस साल मार्च में ग्रॉस GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8% बढ़कर ₹2 लाख करोड़ के पार निकल गया। एक साल पहले मार्च 2025 में यह ₹1.83 लाख करोड़ था। वहीं नेट GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा। मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.64 लाख करोड़ रहा था। आज 1 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… सोमवार के सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

US Company Tejas Engine Supply Delayed Till Year-End

US Company Tejas Engine Supply Delayed Till Year-End

नई दिल्ली17 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक भारतीय वायुसेना ने HAL को तेजस के 83 विमान ऑर्डर किए हैं जो कि 2028 तक डिलीवर किए जाने हैं। मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत के बहुप्रतीक्षित लड़ाकू विमान तेजस के इंजन की सप्लाई रुक गई है। इन विमानों के इंजन सप्लाई करने वाली अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को कह दिया है कि अभी सप्लाई नहीं दे पाएंगे। भास्कर को भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि अब साल के अंत तक ही इंजन मिलने की उम्मीद है। 113 इंजनों की आपूर्ति का करार हुआ था। HAL ने मार्च 2026 तक 24 तेजस विमान वायुसेना को देने का वादा किया था। लेकिन, एचएएल में खड़े 9 तेजस एमके 1ए विमान इंजन के अभाव में वायुसेना को नहीं मिल पा रहे हैं। जबकि 5 विमान पूरी तरह तैयार हैं। 19 विमानों के एयर फ्रेम भी तैयार हैं। यदि आपूर्ति बहाल होती है तो इस साल 24 और अगले साल तक 30 इंजन मिल जाएंगे। 9000 करोड़ की 113 इंजनों की डील पर कंपनी आगे बढ़ पाएगी। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने करीब 5 महीने पहले अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) के साथ 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,870 करोड़) की डील की थी। 2021ः HAL को 83 तेजस मार्क-1A का ऑर्डर, अभी 1 भी डिलीवरी नहीं इससे पहले फरवरी 2021 में सरकार ने HAL के साथ 83 तेजस मार्क-1A खरीदने के लिए 48,000 करोड़ का करार किया था, लेकिन HAL अमेरिकी इंजन की डिलीवरी में देरी की वजह से अभी तक एक भी एयरक्राफ्ट नहीं सौंप पाया है। उम्मीद है कि 2028 तक HAL सभी एयरक्राफ्ट्स वायुसेना को सौंप देगा। इसके लिए HAL को GE की ओर से अभी तक 4 इंजन भी मिल चुके हैं। तेजस एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन मार्क-1A LCA तेजस मार्क-1A लड़ाकू विमान को पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि इस जेट में स्वयं रक्षा कवच और कंट्रोल एक्चुएटर होंगे। तेजस मार्क-1A के 65% से ज्यादा उपकरण भारत में बने हैं। मार्क 1A, सिंगल इंजन वाले तेजस एयरक्राफ्ट का एडवांस वर्जन है। यह चौथी पीढ़ी का हल्का लड़ाकू विमान है, जो कम वजन के बावजूद बेहद फुर्तीला है। इसमें अपग्रेडेड एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं। तेजस के पुराने वर्जन को भी HAL ने डेवलप किया है। इसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और DRDO की मदद से बनाया गया है। इसे हवा, पानी और जमीन पर हमलों के लिए डिजाइन किया गया है। यह मुश्किल हालात में भी अपने टारगेट को निशाना बना सकता है। मार्क-1A एयरक्राफ्ट वायुसेना के मिग-21 के बेड़े का रिप्लेसमेंट है। मिग-21 26 सितंबर को रिटायर हो चुका है। इसने 62 साल की सर्विस के दौरान 1971 युद्ध, कारगिल और कई बड़े मिशन में अहम भूमिका निभाई थी। PM मोदी भी तेजस में उड़ान भर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2022 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर प्लेन में उड़ान भरी थी। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की फाइटर प्लेन में यह पहली उड़ान थी। तेजस में उड़ान भरने से पहले मोदी बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भी पहुंचे थे। ———————– ये खबर भी पढ़ें… रूसी तकनीक से भारत में बनेंगे सिविल एयरक्राफ्ट SJ-100:HAL और रूस की सरकारी कंपनी में समझौता; UDAN स्कीम के लिए गेम चेंजर हो सकता है रूस के SJ-100 सिविल कम्यूटर एयरक्राफ्ट अब भारत में भी बनेंगे। इसके लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ एक MoU साइन किया है। ये छोटे शहरों को हवाई कनेक्टिविटी देने वाली UDAN स्कीम के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सीएम योगी से मिले गौतम अडाणी:डेढ़ घंटे में निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई, अयोध्या में परिवार के साथ रामलला के दर्शन किए

सीएम योगी से मिले गौतम अडाणी:डेढ़ घंटे में निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई, अयोध्या में परिवार के साथ रामलला के दर्शन किए

बिजनेसमैन गौतम अडाणी ने गुरुवार शाम लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान यूपी में निवेश और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा हुई। गौतम अडाणी के बेटे करण अडाणी भी मौजूद रहे। इससे पहले गौतम अडाणी ने परिवार के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। उन्होंने पत्नी डॉ. प्रीति अडाणी, बड़े बेटे करण और बहू पारिधि अडाणी के साथ विधि-विधान से रामलला की पूजा की। आरती की। पुजारी से तिलक लगवाया। प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर का भ्रमण कर राम मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी ली। गौतम अडाणी गुरुवार सुबह 8.30 बजे पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंचे। अहमदाबाद से 2 चार्टर्ड फ्लाइट्स से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लैंड हुए। एयरपोर्ट से सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उनका अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया। 30 मिनट तक मंदिर में रहने के बाद बाहर आकर गौतम अडाणी ने कहा- मुझे और मेरे परिवार को अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। यह एक भावुक पल है, एक गर्व का पल है। यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। भगवान राम के आदर्श हमें सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान राम का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की गौतम अडाणी ने अयोध्या के गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की। उन्हें सम्मानित किया। गुरुकुल की पुरानी और आधुनिक परंपरा के बारे जाना। उन्होंने कहा कि मैंने बच्चों के साथ समय बिताया। गुरुकुल आज के युग में हमारी संस्कृति को जागृत रखने का काम कर रहा है। अडाणी फाउंडेशन AI के इस दौर में इस गुरुकुल संस्कृति को संरक्षित करने में हर संभव सहयोग देगा। लखनऊ में योगी से मुलाकात करेंगे इसके बाद, गौतम अडाणी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। यहां सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। इससे पहले गौतम अडानी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या आए थे। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे। अब 4 तस्वीरें देखिए- विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की गौतम अडाणी श्रीराम मंदिर से करीब 10 मिनट दूर स्थित गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचे। यह गुरुकुल 1935 में स्वामी त्यागानंद ने शुरू किया था। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की। देखा कि कैसे यहां अनुशासन, संस्कार और पढ़ाई एक साथ चलती है। उन्होंने कहा- जब शिक्षा मूल्यों के साथ जुड़ी होती है, तो वह सिर्फ इंसान को नहीं बनाती, बल्कि देश का भविष्य भी बनाती है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन परंपराओं को आगे बढ़ाएं और आने वाले समय के लिए भी तैयार रहें। 16 साल की उम्र में शुरू कर दिया था कारोबार किडनैप कर मांगी गई थी 11 करोड़ की फिरौती साल 1998 का पहला दिन था। गौतम अडाणी और शांतिलाल पटेल अहमदाबाद के कर्णवती क्लब से कार में सवार हुए। ये कार मोहम्मदपुरा रोड की तरफ जा रही थी। रास्ते में बीच सड़क पर एक स्कूटर खड़ा मिला। कार जैसे ही रुकी, तभी वहां एक वैन पहुंची। वैन में सवार लोगों ने अडाणी और पटेल को किडनैप कर लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले गए। पुलिस चार्जशीट के मुताबिक इन दोनों को छोड़ने से पहले 11 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। 26/11 हमले में भी बाल-बाल बचे ऐसा ही एक वाकया 26 नवंबर 2008 का है। गौतम अडाणी मुंबई के ताज होटल स्थित वेदर क्राफ्ट रेस्टोरेंट में दुबई पोर्ट के सीईओ मोहम्मद शर्राफ के साथ डिनर कर रहे थे। उन्होंने देखा कि कुछ आतंकी होटल में घुस आए हैं और ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे हैं। 26 नवंबर की पूरी रात उन्होंने होटल के बेसमेंट में दहशत के साये में बिताई। 27 नवंबर की सुबह उन्हें बचाया गया। अपने प्राइवेट विमान से अहमदाबाद पहुंचते ही उन्होंने कहा, ‘मैंने 15 फीट की दूरी से मौत देखी है।’ ——————– अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…

केरल चुनाव 2026: केरल में चुनावी प्रचार करते हुए राजनाथ सिंह ने की ये किस फिल्म का खुलासा, अब आया बयान वायरल

केरल चुनाव 2026: केरल में चुनावी प्रचार करते हुए राजनाथ सिंह ने की ये किस फिल्म का खुलासा, अब आया बयान वायरल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को केरल में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एल एफसी) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यू पीडीएफ) के एक ही राजनीतिक दल ने दो मुखौटे को छोड़ दिया है, जो राज्य में समर्थक हैं लेकिन बाकी सभी लोग सहयोगी हैं। सिंह ने कोच्चि और तिरुवनंतपुरम के परवूर और नेगुमंगद क्षेत्र के इलाकों में अपने भाषणों के दौरान मलयालम फिल्मों का भी जिक्र किया, जिनमें बेसिल जोसेफ की फिल्म ‘पोनमैन’ और ममूटी की प्रसिद्ध ‘ब्रह्मयुगम’ शामिल हैं। उन्होंने केरल के दो इलेक्ट्रिकल प्लॉटों के लिए संबंधित संपत्तियों का चुनाव किया। रक्षा मंत्री ने मुकेश खन्ना की भूमिका निभाते हुए हिंदी सुपरस्टार धारावाहिकों का ज़िक्र करते हुए कहा कि जिस तरह के हीरो शक्तिमान का दूसरा रूप पंडित गंगाधर था, उसी तरह यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू फ़्लोरिडा) और वाम डेमोक्रेटिक मोर्चा (एल फ़्लोरिडा) एक समान हैं। सिंह ने सुपरस्टार ममूटी अभिनीत फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केरल में सभी ने ‘ब्रह्मयुगम’ फिल्म की समीक्षा की होगी और लोग सत्ययुगम की ओर रुख करेंगे, जिससे संकेत मिलता है कि भाजपा राज्य में सत्ता में आएगी। रक्षा मंत्री ने 2020 में राज्य गोल्डन गोल्ड के संदर्भ में ‘पोनमैन’ फिल्म का जिक्र किया और दावा किया कि इसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के करीबी लोग शामिल थे। उन्होंने ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म का भी ज़िक्र किया और कहा कि केरल की कहानी के बारे में कोई जानकारी नहीं होनी चाहिए जो फिल्म में दिखाई दी हो। सिंह ने कहा, “यह विकास, प्रगति, समृद्धि और शांति के बारे में होना चाहिए।” केरल में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा।

हिमाचल में प्रीमियम शराब ₹105 तक महंगी:वाइन के शौकीन टूरिस्ट के बजट पर पड़ेगा असर, MRP से अधिक रेट पर नहीं बिकेगी

हिमाचल में प्रीमियम शराब ₹105 तक महंगी:वाइन के शौकीन टूरिस्ट के बजट पर पड़ेगा असर, MRP से अधिक रेट पर नहीं बिकेगी

हिमाचल प्रदेश में शराब महंगी हो गई है। इसका असर लोकल लोगों के साथ देशभर से पहाड़ों पर घूमने आने वाले पर्यटकों पर भी पड़ेगा। शराब के शौकीन टूरिस्ट और लोकल को राज्य में अब महंगे दाम पर शराब मिलेगी। एक्साइज डिपार्टमेंट ने 2026-27 के लिए शराब के रेट तय कर दिए है। अंग्रेजी शराब के रेट अधिकतम 105 रुपए प्रति बोलत तक बढ़ाए हैं, जबकि रेगुलर ब्रांड की शराब के दाम में 10 से 30 रुपए तक की बढ़ौतरी की गई है। ऑफिसर चॉइस शराब में सबसे कम 10 रुपए बढ़ाए गए। हिमाचल में पहले यह 535 रुपए की मिल रही थी, अब इसके 545 रुपए देने होंगे। रॉयल स्टैग की कीमत 750 से बढ़ाकर 770 रुपए प्रति बोतल की गई है। VAT 69 की कीमत में सबसे ज्यादा 105 रुपए बढ़ाए गए हैं। यानी प्रीमियम शराब के ज्यादा रेट बढ़ाए है। MRP में बिकेगी शराब एक्साइज डिपार्टमेंट ने 2026-27 के लिए एमआरपी के तहत ही ठेके नीलाम किए हैं। बीते वित्त वर्ष ही एमएसपी को समाप्त कर एमआरपी की व्यवस्था शुरू की गई थी। यानी अब कोई भी ठेका संचालक तय एमआरपी से अधिक दाम पर शराब नहीं बेच सकेगा। एमआरपी सिस्टम का फायदा यह है कि पर्यटकों को ओवरचार्जिंग से सुरक्षा मिलती है और वे तय कीमत से ज्यादा भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं होते। प्रदेश में शराब ठेकों की पहली बार ऑनलाइन नीलामी की गई है। शराब ठेकों में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य एक्साइज डिपार्टमेंट ने शराब के सभी ठेकों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया है। इसे लेकर ठेका संचालकों को ऑक्शन के दौरान ही सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं। साथ ही विभाग ने अपने अधिकारियों को भी शराब ठेकों की रूटीन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी शराब उपभोक्ता के साथ कोई धोखाधड़ी न हो। एक्साइज एंड टेक्सेशन इंस्पेक्टर का फोन नंबर भी लिखना होगा विभाग ने रेट लिस्ट पर संबंधित क्षेत्र के एक्साइज एंड टेक्सेशन इंस्पेक्टर का फोन नंबर भी लिखना अनिवार्य किया है। ऐसा नहीं करने वाले शराब कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यदि कोई ठेका संचालक किसी उपभोक्ता से एमआरपी से अधिक रेट वसूलता है, तो वह संबंधित अधिकारी को फोन पर शिकायत कर सकेगा। होटल-बार में प्रीमियम शराब के रेट बढ़ेंगे प्रीमियम शराब महंगी होने से होटलों को अपने मेन्यू रेट में आंशिक बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। इससे हाई-एंड टूरिस्ट के खर्च में बढ़ोतरी होगी, लेकिन मध्यम वर्ग पर इस बढ़ौतरी का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। बाहर से दो बोतल से ज्यादा लाने की अनुमति नहीं हिमाचल में हर साल ढाई से 3 करोड़ टूरिस्ट घूमने आता है। इनमें ज्यादा टूरिस्ट पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के होते है। ऐसे में शराब के रेट में बढ़ौतरी के बाद बाहर से भी टूरिस्ट अपने साथ शराब ला सकते हैं। मगर पर्सनल यूज के लिए 2 बोतल से ज्यादा शराब लाने की अनुमति नहीं है। ————– यह खबर भी पढ़ें… हिमाचल में चिट्टा-तस्करों के पंचायत चुनाव लड़ने पर लगेगी रोक: विधानसभा में आज कानून बना रही सरकार, सोसायटी-बैंक डिफॉल्टर भी बाहर होंगे हिमाचल प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले चिट्टा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून में सख्त प्रावधान करने जा रही है। राज्य में ऐसे लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित ठहराया जाएगा। (पूरी खबर पढ़ें)