समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
global First heart surgery in RML: न दिल अपनी जगह था न लिवर, RML के डॉक्टरों ने सिर्फ चीरा लगाकर कर दी हार्ट की सर्जरी

Global First Heart Surgery in RML: आमतौर पर मानव शरीर में दिल इंसान के सीने के बीच में थोड़ा बायीं ओर होता है, जबकि लिवर पेट के ऊपर दायीं ओर होता है. वहीं तिल्ली यानि स्पिलीन पेट के ऊपरी लेफ्ट साइड में पसलियों में होती है, लेकिन दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में 31 साल की एक ऐसी महिला मरीज पहुंची, जिसके शरीर के सभी अंग एकदम उल्टे थे. दिल उसके राइट साइड में था तो लिवर बायीं ओर.इसके साथ ही महिला जन्मजात दिल की बीमारी से भी ग्रस्त थी. हालांकि मरीज का अस्पताल में न केवल सफल ऑपरेशन किया गया बल्कि अस्पताल का दावा है कि इतनी जटिल सर्जरी दुनिया में पहली बार हुई है. आरएमएल अस्पताल में इलाज के लिए आई मरीज रामबाई को साइटस इन्वर्सस नाम की दुर्लभ बीमारी थी, जिसमें शरीर के सभी अंग उल्टे (शीशे की तरह) होते हैं.जन्म से दिल की बीमारी यानि कंजेनिटल हार्ट डिजीज से जूझ रही महिला के शरीर में पार्शियल एट्रियोवेंट्रिकुलर कैनल डिफेक्ट के साथ ही साइटस इन्वर्सस टोटालिस और ड्रेक्स्ट्रोकार्डिया भी था, जिसमें दिल बायीं की जगह दायीं ओर होता है. . दिल दाईं तरफ था . लिवर बाईं तरफ . तिल्ली दाईं तरफ . पेट भी दाईं तरफ इस क्रिटिकल कंडीशन वाली मरीज की आरएमएल के सीटीवीएस सर्जरी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी डॉ. नरेंद्र झाझरिया और उनकी टीम ने न केवल सर्जरी की, बल्कि परंपरागत तरीके के बजाया दिल का ऑपरेशन एक बहुत छोटे कॉस्मेटिक चीरे से किया. जिसे लेकर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि यह दुनिया में पहली बार हुआ है. इस बारे में डॉक्टर झाझरिया ने बताया, ‘ऐसी सर्जरी में सीने की हड्डी काटनी पड़ती है लेकिन आरएमएल में महिला की हार्ट सर्जरी बाएं ब्रेस्ट के नीचे सिर्फ 4 सेमी का छोटा चीरा लगाकर की गई. इसके साथ ही हार्ट-लंग मशीन (Cardiopulmonary bypass) को शरीर की बाहरी नसों से जोड़ा गया. वहीं हार्ट की परेशानी को ठीक करने के लिए दिल के ऊपर की झिल्ली (pericardium) से एक पैच लेकर लगाया गया. इस दौरानबहुत सावधानी से टांके लगाए गए ताकि दिल के वाल्व और नसों को नुकसान न हो.’ चूंकि महिला को जन्मजात बीमारी थी और दिल के वाल्व के बहुत पास थी. इसके साथ ही शरीर के सभी अंग उल्टे होने के कारण ऑपरेशन करने में भी कई चुनौतियां थीं. मरीज को हार्ट-लंग मशीन पर भी रखना पड़ा. साथ ही हार्ट वाली जगह पर सिर्फ 4 सेमी के छोटे चीरे से ऑपरेशन करना बहुत हाई लेवल की सर्जरी स्किल मांगता है, हालांकि डॉ. जसविंदर कौर कोहली एंड टीम (हेड,कार्डियक एनेस्थीसिया) और मरीज के ब्लड सर्कुलेशन (परफ्यूजन) को सीनियर परफ्यूजनिस्ट जगदीश चंद्र और उनकी टीम की प्रिसाइज एप्रोच और सहयोग से सब ऑपरेशन सफल हो गया. उनहोंने बताया कि आरएमएल में कार्डियक सर्जरी विभाग में ऐसे कठिन ऑपरेशन करने के लिए पूरी सुविधाएं और विशेषज्ञ टीम मौजूद है.यह ऑपरेशन 30 मार्च को किया गया था और 3 दिन में मरीज की हालत एकदम ठीक हो गई है. महिला के हार्ट की ईकोकार्डियोग्राफी करने पर सभी चीजें ठीक पाई गई हैं ऐसे में अब उसे छुट्टी दी जा सकती है. क्या होती है साइटस इन्वर्सस बीमारी?साइटस इन्वसर्स बहुत ही दुर्लभ बीमारी है, और इसके साथ दिल की समस्या होना और भी ज्यादा दुर्लभ है. इस बीमारी में सर्जरी कैसे होती है?आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन में छाती की हड्डी काटनी पड़ती है, लेकिन इस केस में बिना हड्डी काटे, छोटे चीरे से ऑपरेशन किया गया. इसलिए यह दुनिया में पहली बार (Global First) हुआ है. क्या यह ऐसा पहला ऑपरेशन था?हां यह पहली सर्जरी थी और 30 मार्च 2026 को की गई. इसे आयुष्मान भारत (PMJAY) के तहत कवर किया गया है. क्या यहां हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा भी है?ABVIMS का कार्डियक सर्जरी विभाग पहले भी अगस्त 2022 में केंद्र सरकार के अस्पताल में पहला हार्ट ट्रांसप्लांट कर चुका है. यहां नवजात बच्चों, बच्चों और बड़ों सभी के दिल की बीमारियों का इलाज करने की सुविधा है.
विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ (1987) में विंदू के पिता दारा सिंह ने हनुमान का रोल निभाया था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा कि अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। विंदू ने फिल्म के विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर की तारीफ की विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायण विंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।
विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि विंदू के पिता रामानंद सागर की रामायण में हनुमान का रोल निभाना था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा, “अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।” उन्होंने विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायण विंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।
‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला | भारत समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 12:02 IST आप प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए उन पर भारत में वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकने और पीएम मोदी से डरने का आरोप लगाया। आप सांसद राघव चड्ढा. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल फोटो) आम आदमी पार्टी (AAP) के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग ढांढा ने निशाना साधा राघव चड्ढा उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरने और देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकने का आरोप लगाते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था। राघव चड्ढा को राज्यसभा में आप के उपनेता के रूप में अशोक मित्तल द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था, और पार्टी ने कथित तौर पर सचिवालय से आग्रह किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए, जिससे बाहर निकलने की अफवाहों को बल मिला है। “हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। अगर कोई मोदी से डरता है, तो क्या वे देश के लिए लड़ेंगे?” ढांडा ने एक्स पर लिखा। उन्होंने संसद में पितृत्व अवकाश और हवाई अड्डों पर भोजन की लागत कम करने जैसे जनहित के मुद्दों को संसद में उठाने के लिए चड्ढा पर भी कटाक्ष किया। “संसद में, पार्टी को बोलने के लिए बस थोड़ा सा समय मिलता है – ऐसे में, हम या तो देश को बचाने के लिए संघर्ष कर सकते हैं या हवाई अड्डे की कैंटीन में समोसे को सस्ता करने के लिए दबाव डाल सकते हैं। गुजरात में, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है – क्या माननीय सांसद ने सदन में कुछ कहा?” उन्होंने जोड़ा. हम आश्चर्यकर्म के सिपाही हैं। निडरता सबसे पहले पहचानती है हमारी। कोई मोदी से डर जाएगा तो किस देश के लिए लड़ेगा? संसद में थोड़ा सा समय मिलता है बोलने का पार्टी को, इसमें शामिल या तो देश में असफ़लता का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट में समोसे कैंटीन में शामिल हो सकते हैं। गुजरात में हमारे संकडो… -अनुराग ढांडा (@anuragdhanda) 3 अप्रैल 2026 “पश्चिम बंगाल में, वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है। जब सीईसी के खिलाफ एक प्रस्ताव सदन में आया, तो उन्होंने (चड्ढा) इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जब पार्टी सदन से बाहर चली गई, तो वे मोदी जी के लिए उपस्थिति दर्ज कराने के लिए रुके रहे।” ढांडा ने आगे कहा, “पिछले कुछ सालों से आप डरे हुए हैं, राघव जी। आप पीएम मोदी के खिलाफ बोलने से झिझकते हैं। आप देश के वास्तविक मुद्दों पर बोलने से झिझकते हैं।” इस बीच, आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा के लिए ”जो डर गया सो मर गया” का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जब विपक्षी नेता सरकार के ”तानाशाही” रवैये के खिलाफ विरोध कर रहे थे, चड्ढा संसद में महत्वहीन मामले उठा रहे थे। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों से आपने संसद में कोई ऐसा मुद्दा नहीं उठाया है जो पीएम मोदी या बीजेपी पर सवाल उठाता हो। डर की यह राजनीति कैसे चल सकती है? हमें पंजाब के मुद्दे उठाने हैं, जहां से आप आते हैं, लेकिन आपने इस बारे में बात नहीं की। सीएम रहते हुए सरकार ने अरविंद केजरीवाल को झूठे मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन आप देश में नहीं थे।” ये टिप्पणियां तब आईं जब चड्ढा ने अपनी पदावनति पर कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें “खामोश किया गया है, लेकिन हराया नहीं गया है”। उन्होंने तुरंत आप पर निशाना साधा और पार्टी से सवाल किया कि क्या लोगों की आवाज उठाना अपराध है. और पढ़ें: ‘चुप हूं, हारा नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में पूछा, “जिन विषयों को कोई उठाने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन क्या सार्वजनिक मुद्दों को उठाना अपराध है? क्या मैंने अपराध किया है? क्या मैंने गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि AAP ने सचिवालय को राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोकने के लिए कहा था।” राघव चड्ढा देश के सबसे युवा सांसदों में से हैं और एक समय उन्हें केजरीवाल का करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने पार्टी मामलों में, विशेषकर पंजाब में और दिल्ली में आप के कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 11:32 IST न्यूज़ इंडिया ‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप विवाद(टी)आम आदमी पार्टी(टी)अनुराग ढांढा बयान(टी)राघव चड्ढा को हटाना(टी)आप उपनेता राज्यसभा(टी)अशोक मित्तल की नियुक्ति(टी)नरेंद्र मोदी की आलोचना(टी)आप की आंतरिक दरार
साइलेंट साइलर ने बढ़ाया है कोलेस्ट्रॉल, इन नुस्खे को पहचानें और आज ही जांच करवाएं

उच्च कोलेस्ट्रॉल लक्षण: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, विशेष खान-पान और शारीरिक अभ्यास में कमी ने हमें कई शर्तों के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। इनमें से सबसे खतरनाक है ‘बढ़ा हुआ हॉस्टल’। इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि यह शरीर के अंदर प्रवेश करता है और तब तक कोई गंभीर संकेत नहीं देता है जब तक कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए। आइए विस्तार से जानें। रेलवे क्या है और यह खतरनाक क्यों है? हमारे रक्त में पाया जाने वाला एक माँ पदार्थ है, जो कोशिका झिल्ली का निर्माण और हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक है। लेकिन जब खून में ‘एलडीएल’ (एलडीएल) यानी खराब कणों की मात्रा बढ़ती है, तो यह धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है। इससे धमनियाँ संकरी हो जाती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इन 5 प्रोमोशनल को भूलकर भी न करें अगर बिना किसी भारी काम के भी आपको छाती में दबाव या जकड़न महसूस होती है, तो यह धमनियों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा सा उड़ना पर ही अगर आपकी सांस फूलने लगती है, तो इसका मतलब है कि दिल को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत लग रही है।जब तक रक्त का संचार ठीक से नहीं होता है, तब तक हाथ-पैरों में झनझनाहट या बार-बार सुन्न होने की समस्या होती है।बिना किसी विशेष कारण के कमजोरी महसूस होना और सामान्य तापमान में भी अधिक मात्रा में आहार लेना उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण हो सकते हैं।आंखों के पास पीली चकत्ते: चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘जेनथिलज्मा’ कहा जाता है। आँखों के नयन या पलकों पर पीले पीले रंग के दाने का जमा होना सीधे तौर पर बहे हुए ओलेआ की ओर इशारा करता है। कॉलेस्ट्रोल के इस प्रकार नियंत्रित करें रि कच्चा तेल, डालाडा और बाहर के स्वाद-भुने खाने से दूर रहें। ओट्स, हरी सामग्री, दालें और ओमेगा-3 शाकाहारी एसिड से भरपूर मेवे को अपने समावेश में शामिल करें।दिन में कम से कम 30 मिनट की तेज सैर या योग आपके ‘गुड चॉकलेट’ को बढ़ाने में मदद करता है।मोटापा ऑलमोस्ट का सबसे बड़ा दोस्त है। अपने बॉडी मास के टुकड़ों को रखने की कोशिश करें।30 साल की उम्र में हर 6 महीने या एक साल में ‘लिपिड प्रोफाइल टेस्ट’ जरूर करवाएं। (टैग अनुवाद करने के लिए)उच्च कोलेस्ट्रॉल(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल के लक्षण(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल परीक्षण(टी)घर पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कैसे करें(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर(टी)उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर के संकेत
डिहाइड्रेशन का खतरा होता है कम, पाचन तंत्र रहेगा दुरुस्त, गर्मी में करें इसका सेवन, शरीर रहेगा निरोग

Last Updated:April 03, 2026, 11:54 IST खीरा त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी होता है.इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ उसे निखारने में मदद करते हैं. खीरे का सेवन करने से त्वचा में नमी बनी रहती है और गर्मी के कारण होने वाली जलन या रूखापन कम हो सकता है. नियमित रूप से खीरे का सेवन करने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और शरीर में तरावट बनी रहती है. गर्मी का मौसम आते ही बाजार में खीरे की भरमार दिखने लगती है. ठंडक देने वाला यह साधारण सा दिखने वाला फल, सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. आपको बताते चलें कि खीरे में पानी की मात्रा लगभग 90 प्रतिशत तक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. यही वजह है कि गर्मी में खीरा खाने की सलाह दी जाती है. दरअसल रायबरेली जिले के आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय)लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि खीरा शरीर को ठंडक प्रदान करता है और लू से बचाने में मददगार होता है. गर्मियों में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, ऐसे में खीरा इस कमी को पूरा करता है. नियमित रूप से खीरे का सेवन करने से डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और शरीर में तरावट बनी रहती है. खीरा पाचन तंत्र के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि भोजन के साथ सलाद के रूप में खीरा खाने से पेट साफ रहता है और अपच, गैस जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं. यह आंतों को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है.वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए भी खीरा एक अच्छा विकल्प है.इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, जबकि पानी और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इससे पेट जल्दी भर जाता है और ज्यादा खाने की इच्छा कम हो जाती है. इसलिए डाइट प्लान में खीरे को शामिल करना लाभकारी माना जाता है. खीरा त्वचा के लिए भी बेहद उपयोगी होता है.इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ उसे निखारने में मदद करते हैं. खीरे का सेवन करने से त्वचा में नमी बनी रहती है और गर्मी के कारण होने वाली जलन या रूखापन कम हो सकता है. कई लोग खीरे के स्लाइस आंखों पर रखकर भी ठंडक और आराम पाते हैं.इसके अलावा खीरा ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है. इसमें पोटैशियम पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है. स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक खीरे को सलाद, रायता या जूस के रूप में सेवन किया जा सकता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी से होने वाली कई परेशानियों से बचाव होता है. First Published : April 03, 2026, 11:54 IST
बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी के पाटी थाना क्षेत्र के गोलगांव में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। बिलियापानी घाट पर बड़वानी से सेमलेट जा रही एक इको वाहन गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 600 मीटर गहरी खाई में गिरी कार पुलिस के अनुसार, वाहन चालक को नींद आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 600 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में सकरीया पिता रजान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक इकराम पिता रुलसिंग ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बड़वानी अस्पताल से वापस लौट रहे थे जानकारी के मुताबिक, सेमलेट गांव के चार युवक रात में एक गंभीर बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए पाटी लाए थे। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया था। बीमार व्यक्ति को अस्पताल छोड़कर ये युवक वापस अपने घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रभारी एसडीओपी महेश सुनैया के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद खाई से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में दो की मौत, दो घायल पुलिस ने बताया कि सकरीया पिता रजान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि इकराम पिता रुलसिंग की मौत अस्पताल में हुई। बियालाल पिता भीमसिंग और भंगा पिता रजान गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बड़वानी भेजा गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों का मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
चेहरे पर गुलाबी निखार और आंखों की बाज की नजर देता है यह पीला फल! सप्ताह में एक दिन भी खाएंगे तो मिलेंगे इतने फायदे

Last Updated:April 03, 2026, 11:36 IST Benefits of Apricot : प्रकृति में हमारी सेहत के लिए कई अनोखे फल हैं. इन्हीं में से एक है खुबानी. खुबानी हमारी स्किन और नजर के लिए वरदान से कम नहीं है. खुबानी में मौजूद विटामिन सी और ए कोलेजन को बढ़ाते हैं. इससे स्किन पर झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा में कसाव आता है. यह एंटीऑक्सीडेंट्स का बड़ा स्रोत है जो सूरज की किरणों से होने वाले डैमेज से बचाते हैं और चेहरे पर कुदरती ग्लो लाते हैं. वहीं खुबानी में बीटा-कैरोटीन और विटामिन ई भी मौजूद होता है जो आंखों में बाज की नजर दे सकता है. आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं. खुबानी बेहद पौष्टिक फल है. खुबानी विटामिन सी का भंडार है. खुबानी में गहरे पीले रंग का होता है. खुबानी में प्रचूर मात्रा में फाइबर प्रोटीन, सोडियम, आयरन, कैल्शियम,कई तरह के विटामिन औ अन्य माइक्रो न्यूट्रेंट्स होते हैं. ये सब मिलकर सेहत के लिए खुबानी को अमृत तुल्य बनाते हैं. अगर आप सप्ताह में एक या दो दिन भी खुबानी का सेवन करेंगे तो इससे गजब के फायदे दिखेंगे. दिल की सेहत और वजन कंट्रोल में फायदेमंद- खुबानी में क्लोरोजेनिक एसिड और केटेचिन जैसे शक्तिशाली कंपाउंड होते हैं, जो शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करते हैं. ये फ्री रेडिकल्स शरीर में ‘ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस’ पैदा करते हैं, जो हृदय रोगों और मोटापे की मुख्य जड़ है. जब आप नियमित रूप से खुबानी का सेवन करते हैं, तो ये एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव को कम कर धमनियों को स्वस्थ रखते हैं. इससे न केवल दिल की बीमारियों का खतरा टलता है, बल्कि शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है, जिससे बढ़ते वजन और मोटापे पर लगाम लगाना आसान हो जाता है. स्किन पर लाता है ग्लो-प्रदूषण, धूप और स्मोकिंग हमारी त्वचा को अंदरूनी रूप से सुस्त और खराब कर देते हैं. खुबानी एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना है, जो सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से स्किन की रक्षा करती है. इसमें मौजूद विटामिन C और विटामिन E का कॉम्बिनेशन त्वचा की लोच (Elasticity) बनाए रखता है, जिससे उम्र से पहले चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं नहीं आतीं. खुबानी खाने से स्किन सेल्स डैमेज होने से बचते हैं और पर्यावरण के जहरीले तत्वों का असर कम होता है, जिससे आपकी त्वचा लंबे समय तक जवां और चमकदार बनी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google आंखों में बाज की नजर-खुबानी आंखों के लिए सुपरफूड है. इससे आंखों में बाज की नजर आ सकती है. खुबानी में प्रचुर मात्रा में विटामिन A, विटामिन E और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है. विटामिन A रात के अंधेपन (Night Blindness) को रोकने में मदद करता है, जबकि विटामिन E आंखों के नाजुक ऊतकों को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है. खुबानी में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर के अंदर जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो रेटिना की सुरक्षा करता है. इसका नियमित सेवन बढ़ती उम्र में होने वाली धुंधली दृष्टि की समस्या को कम करता है और आंखों की प्राकृतिक रोशनी को बनाए रखने में सहायक होता है. बेहतर पाचन और गट हेल्थ-खुबानी पाचन तंत्र के लिए बेहद गुणकारी है. इसके एक कप सेवन से शरीर को लगभग 3.3 ग्राम फाइबर मिलता है. इसमें घुलनशील (Soluble) और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर होते हैं. घुलनशील फाइबर पानी में मिलकर पेक्टिन जैसे तत्व बनाता है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं, जबकि अघुलनशील फाइबर मल को नरम कर कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. यह कॉम्बिनेशन पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे भोजन का अवशोषण बेहतर होता है और आप भारीपन या पेट की समस्याओं से मुक्त रहते हैं. इम्यूनिटी बूस्ट-खुबानी केवल स्वाद में ही अच्छी नहीं है, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है. इसमें मौजूद विटामिन और खनिजों का मिश्रण शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाता है. यह शरीर की सूजन (Inflammation) को कम करने में मदद करती है, जो कई पुरानी बीमारियों का कारण बनती है. खुबानी में मौजूद आयरन और पोटेशियम जैसे तत्व शरीर में खून की कमी को पूरा करते हैं और ऊर्जा का स्तर बनाए रखते हैं. इसे अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर अंदर से मजबूत बनता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है. First Published : April 03, 2026, 11:36 IST
अयोध्या में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की हिंदू:खिलौना पिस्टल से की वारदात, दोस्त के साथ बाइक से भागी; दोनों गिरफ्तार

अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली लड़की और उसके दोस्त को पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। लड़की का नाम पायल और दोस्त का नाम राहुल है। वारदात के बाद पायल दुकान के बाहर खड़े राहुल के साथ बाइक से भाग निकली थी। पुलिस जांच में पता चला कि प्लानिंग के तहत राहुल ने बाजार से नकली पिस्टल और बुर्का खरीदा। इसके बाद पायल बुर्का पहनकर दुकान पर पहुंची। पिस्टल दिखाकर सोने का हार और चेन लूटकर फरार हो गई। पहचान छिपाने के लिए दोनों ने बुर्का पहनकर वारदात को अंजाम देने का प्लान बनाया था। मामला गुरुवार को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोठी बाजार का है। दुकान में लगे 6 सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात कैद हो गई थी। कैमरे में जिस बाइक से दोनों फरार हुए थे, उसका नंबर कैद हो गया था। इसे ट्रेस कर पुलिस दोनों तक पहुंची। ADG जोन लखनऊ प्रवीण कुमार ने बताया- दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बुर्का पहनकर लूट करने वाली महिला का नाम पायल है। उसके साथ जो लड़का था, उसका नाम राहुल है। दोनों बंटी और बबली बनकर घटना को अंजाम दे रहे थे। दोनों दोस्त हैं। खिलौने की पिस्टल दिखाकर लूट की गई थी। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… बुर्का पहनकर सोने का हार और चेन खरीदने पहुंची थी रुदौली कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोठी बाजार के रहने वाले महेश सोना-चांदी के व्यापारी हैं। उनकी घर से 900 मीटर दूर अग्रवाल कॉम्प्लेक्स में महेश ज्वेलर्स नाम से दुकान है। गुरुवार दोपहर करीब 12.30 बजे बुर्का पहने एक महिला दुकान पर पहुंची। उसके पास एक पिट्ठू बैग था। उसने महेश से कहा- मुझे सोने का हार और चेन खरीदनी है। महेश ने उसके सामने एक सोने का हार और सोने की चेन रख दी। इसके बाद महिला ने महेश से पानी मांगा। महेश ने दुकान में काम करने वाले अंकित कुमार को पानी और समोसा लाने के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद अंकित कुमार समोसा और पानी लेकर आ गया। उसने महिला को पानी और समोसा दिया। मगर महिला ने समोसा खाने से मना कर दिया। पानी की बोतल ले ली। बोली- समोसा नहीं खाती, मिठाई मंगवा दीजिए आरोपी महिला ने महेश से कहा- मैं समोसा नहीं खाती हूं। मेरे लिए मिठाई मंगवा दीजिए। महेश कुमार ने अंकित कुमार को बर्फी लेने भेज दिया। अंकित बर्फी लेने चला गया। इसी दौरान दुकान के कर्मचारी मनीराम ने हार और चेन को उठाकर काउंटर पर रख दिया। तभी महिला खड़ी हुई और दुकान के अंदर इधर-उधर घूमने लगी। महेश ने उससे पूछा क्या बात है? महिला बोली- हमारे पति पैसा निकालने गए हैं। अभी आए नहीं है। उन्हें ही देख रही हूं। इसके बाद वह काउंटर के पास आकर खड़ी हो गई। महेश अन्य सामान को अलमारी में रखने लगे, तभी आरोपी महिला ने बॉक्स में रखा सोने का हार और चेन उठा लिया। फिर अपना बैग उठाया। तभी दुकानदार महेश ने उसे टोका तो उसने अपनी कमर से पिस्टल निकाल ली। महेश की ओर तानकर बोली- आगे बढ़े तो गोली मार दूंगी। इसके बाद वह दुकान के बाहर भाग गई। महेश और मनीराम ने शोर मचाते हुए उसका पीछा किया था। महिला दुकान से निकलकर पैदल भागी और कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े अपने साथी के साथ भाग गई थी। महेश ने बताया कि हार 26 ग्राम (22 कैरेट) का था। 2 अप्रैल को बाजार भाव के हिसाब से कीमत करीब 3 लाख 60 हजार बताई थी। ———————— अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…








