अब हाईकोर्ट में आमने-सामने होंगे राहुल गांधी और कार्तिकेय:भोपाल MP-MLA कोर्ट के समन को राहुल ने दी चुनौती, अगले हफ्ते सुनवाई

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जल्द ही कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी और शिवराज परिवार आमने-सामने होंगे। मामला मानहानि केस से जुड़ा है। इसे लेकर राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट के समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच एक सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करेगी। साल 2018 में राहुल गांधी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। उस समय झाबुआ में हुई एक चुनावी सभा हुई। इसमें राहुल ने भाषण देते हुए पनामा पेपर लीक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया। राहुल गांधी ने तुलना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं हुआ। कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के इस बयान को अपनी छवि खराब करने वाला बताते हुए भोपाल के एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराया। भोपाल एमपी एमएलए कोर्ट की विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया और इसी को रद्द करने के लिए राहुल गांधी ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद इस मामले को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। राहुल गांधी वर्सेस शिवराज सिंह चौहान के परिवार का यह केस सिर्फ कोर्ट तक नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी गहरा असर करेगा। एक तरफ जहां कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी हैं तो वहीं दूसरी और भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान का परिवार। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाए। बहरहाल, अब सब की नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं कि कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देता है।
सिंगर हनी सिंह के पुणे शो से पहले विवाद:जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने भेजा नोटिस, चंडीगढ़ के प्रोफेसर की शिकायत पर एक्शन

बॉलीवुड सिंगर व रैपर यो यो हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे कंसर्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने पुणे के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि हनी सिंह को कुछ विवादास्पद गाने न गाने दिए जाएं, क्योंकि इनमें शराब, ड्रग्स और गन कल्चर की महिमा बताई जाती है, जो बच्चों पर बुरा असर डाल सकती है। पत्र में उन्होंने उनके सात गानों का जिक्र किया है। इन गानों में वन बॉटल डाउन, चार बोतल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मक्खना, गोलियां और मिलियनेयर शामिल हैं। इस संबंधी शिकायत चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडित पंडितराव धरेनवर ने की थी। प्रोफेसर ने भेजी थी यह शिकायत हनी सिंह का शो 4 अप्रैल 2026 को महालक्ष्मी लॉन्स, पुणे में होने वाला है। हालांकि पता चला है कि मुंबई में 4 को खराब मौसम के चलते अब 18 अप्रैल को कर दिया गया है। यह शो उनके My Story टूर के तहत हो रहा था। इसको लेकर चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर को लिखे पत्र में प्रोफेसर ने कहा था कि इन गानों में शराब, नशीले पदार्थों और बंदूक संस्कृति को ग्लोरिफाई किया जाता है। अश्लील भाषा के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग साथ ही स्टेज पर अश्लील भाषा (vulgar language) के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है। पत्र में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के एक फैसले का हवाला भी दिया गया है, जिसमें बच्चों पर गलत असर डालने वाले कंटेंट को लेकर चिंता जताई गई थी। उन्होंने हनी सिंह पर हाल ही में मुंबई के शो में अश्लील भाषा इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। पहले हो चुकी है एफआईआर इससे पहले हनी सिंह का 28 मार्च को एमएमआरडीए ग्राउंड्स, बांद्रा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शो में हनी सिंह ने अपने गाने ‘मिलियनेयर’ (Millionaire) पर परफॉर्म करते हुए एक भव्य रोल्स-रॉयस कार में स्टेज पर एंट्री की। हालांकि इस दौरान वह ड्रिंक करते दिखे थे। इससे पहले शो के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट के पास संवेदनशील क्षेत्र में अनुमति के बिना लेजर लाइट्स का उपयोग किया, जिससे विमानों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था।
अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

सिंगर हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। पुणे में हनी सिंह का शो टला, खराब मौसम वजह वहीं, पुणे में हनी सिंह का होने वाला लाइव शो स्थगित कर दिया गया है। यह शो पहले 4 अप्रैल को होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते इसे टाल दिया गया। बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया। अब यह शो 18 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। साथ ही, पहले से खरीदे गए टिकट नई तारीख के लिए मान्य रहेंगे।
अधिकारी ने हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई:पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, गानों से शराब और गन कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया

पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर सिंगर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। गाना वॉल्यूम 1 हटाने के आदेश जारी वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने करीब दो दशक पुराने विवादित गाने वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। बता दें कि इस गाने को हनी सिंह और बादशाह द्वारा गाया गया बताया जाता है। हालांकि, दोनों कलाकारों ने समय-समय पर इसे गाने से इनकार भी किया है। कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल और बोल इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें आधिकारिक आदेश में लिखना भी संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि गूगल, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे सभी म्यूजिक और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म से इस गाने के ओरिजिनल वर्जन, रीमिक्स और यूआरएल को तुरंत ब्लॉक किया जाए। कोर्ट ने कहा- ‘अंतरात्मा को झकझोर दिया’ जस्टिस कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक हिला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाने के बोल महिलाओं का अपमान करते हैं और उन्हें मजाक का पात्र बनाते हैं। इसमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कलात्मक अभिव्यक्ति की आड़ में ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंदू शक्ति दल ने दायर की थी याचिका यह कार्रवाई हिंदू शक्ति दल की याचिका पर हुई है। याचिका में दलील दी गई थी कि यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे साबित होता है कि यह गाना उन्हीं का है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी विवादित लिंक ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने की इजाजत नहीं कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, समाज के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस कौरव ने कहा, समाज में शालीनता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। कानून से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को तय की गई है।
1971 के नायक रहे राजस्थान के सपूत को बांग्लादेशी सम्मान:22 साल की उम्र में अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर करते रहे थे बमबारी

1971 के भारत-पाक युद्ध में मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले पिलानी (झुंझुनूं) के शहीद धर्मपाल डूडी के अदम्य साहस को आधी सदी बाद एक नई पहचान मिली है। बांग्लादेश सरकार ने शहीद के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके परिवार को ‘विशेष प्रशस्ति पत्र’ और ‘राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न’ भेंट किया। गुरुवार को जब सेना के अधिकारी यह सम्मान लेकर शहीद के पैतृक गांव धींधवा पहुंचे, तो पूरा माहौल ‘शहीद धर्मपाल अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। बांग्लादेश से भेजे गए सम्मान की PHOTOS…. 54 साल का इंतजार, 2018 में जारी हुआ था पत्र, अब पहुंचा घर बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और राष्ट्रपति मोहम्मद अब्दुल हमीद के हस्ताक्षरों वाला यह सम्मान पत्र 27 नवंबर 2018 को जारी किया गया था। प्रशासनिक कारणों से इसे पहुंचने में देरी हुई, लेकिन गुरुवार दोपहर 2:30 बजे जब 65 मीडियम रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट विक्रांत, हवलदार रामबीर और अग्निवीर जीतू सिंह गांव पहुंचे, तो शहीद की यादें फिर ताजा हो गईं। जवानों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। शरीर जख्मी था, लेकिन हौसला फौलादी 3 दिसंबर 1971 को अखोरा (ढाका) में भीषण जंग जारी थी। धर्मपाल डूडी और उनकी टीम पाकिस्तानी ठिकानों पर कहर बनकर टूट रही थी। इसी बीच पाकिस्तान की ओर से किए गए भारी बम हमले में धर्मपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। शहीद के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने बताया- दुश्मन का गोला उनके पास गिरा, वे लहूलुहान थे। शरीर से खून बह रहा था, लेकिन उन्होंने अपना रेडियो सेट और गन नहीं छोड़ी। दर्द असहनीय था, पर उनके दिमाग में सिर्फ दुश्मन को तबाह करने का लक्ष्य था। घायल अवस्था में भी वे अंतिम सांस तक पाकिस्तानी ठिकानों पर सटीक बमबारी करवाते रहे और अंततः 4 दिसंबर 1971 को वह वीरगति को प्राप्त हुए। 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे धर्मपाल डूडी (शहीद) के भतीजे सुनील कुमार डूडी ने गर्व से बताया कि उनके चाचा 13 जनवरी 1970 को सेना में भर्ती हुए थे। महज 22 साल की उम्र में वह शहीद हो गए थे। सम्मान- यूनिट ने ‘धर्मपाल बैट्री’ रखा नाम लेफ्टिनेंट विक्रांत ने बताया कि 65 मीडियम रेजिमेंट की आर्टलरी यूनिट की एक बैट्री का नाम अब ‘शहीद धर्मपाल बैट्री’ रखा गया है। यह किसी भी सैनिक के लिए अद्वितीय सम्मान है। भारत सरकार उन्हें पहले ही ‘पूर्वी स्टार’ से नवाज चुकी है। 7 भाइयों में से 6 ने सेना में दीं सेवाएं शहीद धर्मपाल समेत परिवार में सात भाई हैं। इनमें सबसे बड़े भाई मक्खन लाल का 2002 में निधन हो चुका है। वे गांव में ही खेती करते थे। इसके अलावा लांस नायक अमर सिंह, सूबेदार शुभकरण, सूबेदार रणनीत सिंह, सूबेदार सत्यवीर सिंह, सूबेदार रामजीलाल सेना से रिटायर हो चुके हैं। शहीद धर्मपाल सिंह पांचवे नंबर के भाई थे। —- यह खबर भी पढ़िए… ऑपरेशन-सिंदूर में शहीद हुए सुरेंद्र मोगा वायु-सेना मेडल से सम्मानित:वीरांगना बोलीं-सुरेंद्र हमेशा कहते थे-देश पहले बाकी सब बाद में ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सार्जेंट सुरेंद्र मोगा को सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल (गैलंट्री)’ से सम्मानित किया गया। 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने यह वीरता सम्मान शहीद की वीरांगना पत्नी सीमा मोगा को प्रदान किया। (पढ़ें पूरी खबर)
बंगाल चुनाव 2026: ‘मैं पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनाऊंगा, ओसाकी रियल लीडर’, मिथुन मित्र का बयान वायरल

मिथुन चक्रवर्ती ने दिया बड़ा बयान: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और बॉलीवुड अभिनेता मिथुन जोर शोर से लग गए हैं। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा, ‘जब तक मेरे बदन में एक बूंद खून रहेगा, तब तक कोई भी माई का लाल पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश नहीं बना पाएगा।’ साथ ही मिथुन ने एसआईआर और वोटर लिस्ट विवाद पर वैष्णव कांग्रेस (टीएमसी) पर आधारित आधार बनाया। उन्होंने स्थानीय गुटों को टिकटें जारी करने के फैसले का समर्थन किया और इसे जीतने के लिए अहमद को बताया। हालाँकि, मिथुन ने अवैध घुसपैठियों को बड़े पैमाने पर घुसपैठियों को निशाना बनाते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों, खासकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के रोजगार और हकों पर असर पड़ रहा है। मिथुन मित्र ने असदुद्दीन ओवैसी को रियल मैड्रिड बताया मित्र ने एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी की तारीफ करते हुए कहा, ‘वो मुझे बहुत पसंद हैं, पढ़े लिखे हैं।’ इतने अच्छे हिस्से हैं. ‘ओसाई साहब एक रियल लीडर हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि बाहुबली के खिलाफ नहीं है। बीजेपी वो है जो भारत के खिलाफ रह कर भारत का नुकसान करना चाहती है। विशेष गहन पुनरावृति (SIR) को लेकर तृणमूल कांग्रेस की तरफ से दबाव डाला जा रहा सवाल पर मिथुन ने कहा कि बीजेपी के भी नाम वोट काटे गए. 5713 करोड़ सुपरस्टार्स को दिया। इतनी गंदी निकली है बंगाल के अंदर, लुक लेकर साफ करना चाहती है। स्थानीय नेताओं को टिकटें के निर्धारण के अनुसार मिथुन ने समर्थन दिया पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी चुनाव पर करते हुए मिथुन मित्र ने पार्टी की रणनीति और जमीनी स्तर पर अपने काम करने के तरीके पर भरोसा जताया है। उन्होंने पार्टी के स्थानीय आदिवासियों को चुनावी मैदान में नामांकन के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इस कदम से चुनाव में उनकी जीत की दूरी मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘इस बार हमने एक स्थानीय व्यक्ति को चुना है, लेकिन वो फैसला अच्छा हो या बुरा।’ अगर हमें चुनाव में शामिल किया गया है, तो हम किसी स्थानीय व्यक्ति को ही चुनाव में उतार देंगे, ताकि वो नामांकन वापस आ जाए. इसी उम्मीद के साथ, मैं कह सकता हूं कि हम निश्चित रूप से जीतेंगे।’ पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठिए पर मिथुन मित्र ने कहा जब मिथुन मित्र से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों की लूट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अभी भी इस बात पर सहमति जताई कि राज्य में अवैध घुसपैठ भी एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ये स्थलीय स्थानीय समूह प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें मुस्लिम नागरिक भी शामिल हैं। विशेष रूप से नौकरीपेशा और आवेदक के मामले में। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे बंगाल के मुस्लिम समुदाय के लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें गांव नहीं मिल पा रहे हैं जिन पर उनका हक है।’ उन्हें लाभ और सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं, जो केंद्र सरकार की ओर से हमारे मुस्लिम भाई-बहनों को दी जाती हैं।’
ग्वालियर में गलत इलाज से नाक हुई विकृत:मेडिकल प्रोटोकॉल तोड़ा, मरीज को 1.12 लाख 45 दिन में देने का आदेश, उपभोक्ता आयोग का फैसला

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने नाक के इलाज में प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर डॉक्टर और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को मरीज को मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने पाया कि उपचार के दौरान तय मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण 54 वर्षीय मरीज रवि खंडेलवाल को गंभीर शारीरिक और मानसिक नुकसान हुआ। लापरवाही के चलते उनकी नाक विकृत हो गई। 45 दिन में देना होगा मुआवजा आयोग ने आदेश दिया कि शारीरिक पीड़ा व आर्थिक नुकसान के लिए ₹1 लाख और मानसिक कष्ट के लिए ₹10 हजार रुपए दिए जाएं। इतना ही नहीं कुल राशि 45 दिन के भीतर अदा करनी होगी। तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा। नाक से खून आने पर कराया था इलाज पीड़ित ने नाक से खून आने की समस्या के चलते डॉक्टर से इलाज कराया था। जांच में सामने आया कि संक्रमण का उचित इलाज नहीं किया गया, जो सीधे तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही है। इसी आधार पर आयोग ने मरीज के पक्ष में फैसला सुनाया। डॉक्टर ने अपने बचाव में कहा कि इलाज मानकों के अनुसार किया गया, लेकिन जांच में यह साबित नहीं हो पाया।
‘चुप हूं, पराजित नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 10:38 IST चड्ढा ने आम आदमी को दिए अपने संदेश में कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने इस अवसर का उपयोग आम लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए किया। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटाने के कुछ ही घंटों बाद, आप नेता ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो साझा किया और कहा कि उन्हें “चुप कर देना चाहिए, लेकिन हराया नहीं जाना चाहिए”। चड्ढा ने आम आदमी को दिए अपने संदेश में कहा कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिला, उन्होंने इस अवसर का उपयोग आम लोगों के मुद्दों को उठाने के लिए किया। हालांकि, उन्होंने तुरंत आप पर निशाना साधा और पार्टी से सवाल किया कि क्या लोगों की आवाज उठाना अपराध है। “जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिला, मैंने सार्वजनिक मुद्दे उठाए। जिन विषयों को उठाने की हिम्मत कोई नहीं करता, लेकिन क्या सार्वजनिक मुद्दे उठाना अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है?” चड्ढा ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में पूछा। उन्होंने कहा, “मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि AAP ने सचिवालय से राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोकने के लिए कहा था।” खामोश हूं, हारा नहीं’आम आदमी’ को मेरा संदेश- खामोश हो गया हूं, हारा नहीं हूं ‘मैं आदमी हूं’ को मेरा मैसेज pic.twitter.com/poUwxsu0S3 – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 3 अप्रैल 2026 चड्ढा का संदेश गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम के बाद आया, जब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया और सचिवालय से उन्हें फ्लोर टाइम की अनुमति न देने का अनुरोध किया। विशेष रूप से, AAP ने गुरुवार को राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को हटाने की मांग की और उच्च सदन में पार्टी के उपनेता के रूप में उनके स्थान पर पंजाब के सांसद अशोक मित्तल का नाम प्रस्तावित किया। राघव चड्ढा देश के सबसे युवा सांसदों में से हैं और एक समय उन्हें केजरीवाल का करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। उन्होंने पार्टी मामलों में, विशेषकर पंजाब में और दिल्ली में आप के कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 10:06 IST समाचार राजनीति ‘चुप हूं, पराजित नहीं’: राघव चड्ढा ने AAP पर उठाए सवाल, पूछा ‘क्या मैंने कुछ गलत किया है?’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सर्वेक्षण 2026: पश्चिम बंगाल में सबसे ताजा चुनावी सर्वेक्षण से टीएमसी को झटका! बीजेपी की बढ़त का अनुमान, किसकी बनेगी सरकार?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एक नई ओपिनियन पोल में मिली-जुली तस्वीर सामने आई है। इस सर्वे के मुताबिक, सैद्धांतिक कांग्रेस (टीएमसी) एक बार फिर से सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है, लेकिन इसकी मात्रा में कमी आ सकती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पहले से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है. वोटवाइब के ताजा सर्वे के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को 294 से 174 से 184 वोट मिल सकते हैं। बहुमत का आंकड़ा 148 है, इसलिए टीएमसी आराम से सरकार बन सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह ममता बनर्जी का लगातार चौथा पद होगा, हालांकि प्रवेश पहले से कम हो सकता है। दूसरी तरफ बीजेपी को इस बार 108 से 118 की मीटिंग का अनुमान है, जो पिछले अनुमान से ज्यादा है। इससे साफ है कि बीजेपी इस बार एक मजबूत पार्टी में शामिल हो सकती है। वहीं कांग्रेस और वाम आश्रम की स्थिति खराब बनी हुई है और उन्हें सिर्फ 0 से 4 प्रतिभागियों के मिलने का अनुमान है। इससे पहले 23 मार्च के सर्वे में टीएमसी को 184 से 194 और बीजेपी को 98 से 108 दर्शकों से मुलाकात का अनुमान था. नए सर्वे में टीएमसी के वोट कम और बीजेपी के वोट कम दिख रहे हैं। 2021 विधानसभा चुनाव के नतीजे साल 2021 के विधानसभा चुनाव से तुलना करें तो उस समय टीएमसी को 215 मंदिर मिले थे और बीजेपी को 77 मंदिर मिले थे. नए आंकड़े बताते हैं कि टीएमसी अच्छी तरह से फिर से सरकार बनाएगी, लेकिन बीजेपी इस बार अधिक मजबूत होकर उभरेगी। तेलंगाना के आंकड़ों से देखें तो मिदनापुर में मुकाबला हो सकता है, जहां बीजेपी को बढ़त दिख रही है। वहीं प्रेसिडेंसी और मालदा जैसे इलाकों में टीएमसी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। मुख्यमंत्री पद के लिए ममता बनर्जी अभी भी सबसे पसंदीदा नेता हैं। सर्वे के मुताबिक, 46.4% लोग उन्हें फिर से मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं, जबकि बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी को 34.9% का समर्थन मिला है। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के मोहम्मद अल्लामीर काफी पीछे हैं. सर्वेक्षण में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, रोजगार और विकास वोटवाइब सर्वे में यह भी सामने आया कि लोगों के लिए सबसे बड़ी बेरोजगारी और विकास है, जिसे 35.1% लोगों ने सबसे अहम बताया। इसके बाद कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, चुनाव से जुड़े मुद्दे और मंदी भी प्रमुख चिंताएं हैं। सरकारी मान्यता को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। करीब 53.6% लोगों का मानना है कि बेरोजगारी से छुटकारा पाने वाले युवा पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहे हैं। प्रतिमा में भी साक्षात् झलकती दिख रही है। मुस्लिम वोटर बड़े पैमाने पर टीएमसी के साथ हैं, जबकि एससी-एसटी और दलित जाति के हिंदू वोटर बीजेपी की ओर झुकते दिख रहे हैं। ये भी पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव 2026: पहली बार चुनाव लड़ रही है इस पार्टी को लेकर सर्वे में सामने आए उम्मीदवारों की जीत, मिल सकती है इतनी बढ़त (टैग्सटूट्रांसलेट)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव सर्वेक्षण(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)ममता बनर्जी लोकप्रियता(टी)बंगाल राजनीति समाचार(टी)ओपिनियन पोल हिंदी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव सर्वेक्षण(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव सर्वे(टी) बीजेपी(टी)ममता बनर्जी की प्राथमिकता(टी)बंगाल राजनीति समाचार(टी)ओपिनियन पोल हिंदी
सांसद राघव चड्ढा का AAP को मैसेज:खामोश कराया गया हूं, हारा नहीं हूं; कल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया था

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसका एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने लिखा है मेरा आम आदमी के लिए मैसेज है कि खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। आम आदमी को ये मेरा संदेश है। राघव चड्ढा ने कहा– मुझे जब-जब पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। शायद ऐसे टॉपिक्स उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, पब्लिक इश्यूज पर बात करना कोई अपराध है। क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैंने कुछ गलत किया। ये सवाल आज मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सेक्रेटेरिएट को ये कहा है, राघव चड्ढा के बोलने पर रोक लगा दी जाए। जी हां, आम आदमी पार्टी ने पार्लियामेंट को ये सूचित किया है कि राघव चड्ढा को बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो जब बात करता हूं, देश के आम आदमी की बात करता हूं। खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…








