₹1500 करोड़ कमाने वाली चौथी फिल्म बनी धुरंधर 2:वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1501 करोड़ हुआ, भारत में नेट कमाई भी ₹1000 करोड़ के करीब

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने भारत में 961 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म अब 1000 करोड़ रुपए नेट क्लब के करीब पहुंच गई है। गुरुवार को फिल्म का 19 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन हुआ। जियो स्टूडियोज के मुताबिक, भारत में फिल्म का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1134 करोड़ रुपए पहुंच चुका है, जबकि ओवरसीज में फिल्म का 367 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ है, जिसके बाद इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1501 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। दंगल, बाहुबली 2 और पुष्पा 2 के बाद धुरंधर 2, 1500 करोड़ रुपए कमाने वाली चौथी भारतीय फिल्म बन गई है। वहीं, आमिर खान की ‘दंगल’ के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाली बॉलीवुड की यह दूसरी फिल्म है। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दिलचस्प बात यह थी कि फिल्म को खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शानदार सफलता मिली। साथ ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म बनी। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
तीखी बहस के बाद ऋषभ पंत से दोबारा वीडियो बनवाया:LSG मालिक गोयनका अब गले लगाते दिखे; ललित मोदी ने बताया- लूजर

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक संजीव गोयनका एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इसकी वजह इकाना स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) से हार के बाद LSG के कप्तान कप्तान ऋषभ पंत से तीखी बातचीत है। इस घटना को फैंस और आलोचक गोयनका और केएल राहुल के बीच आईपीएल 2024 में हुई घटना से जोड़कर देख रहे हैं। मामले को शांत करने के लिए LSG ने सफाई में एक वीडियो X पर पोस्ट किया। जिसमें लिखा- हर चीज जो आप देखते हैं, वह सत्य नहीं होती। लेकिन वीडियो पर विवाद शुरू हो गया है। X ने LSG की पोस्ट पर कम्युनिटी नोट लगा दिया। जिसमें वीडियो को रीक्रिएट यानी दोबारा शूट किया गया बताया है। वीडियो को दृश्यम मूवी में 2 अक्टूबर की घटना से जोड़ते कम्युनिटी ने कहा, जब घटना हुई तो मैदान में भीड़ थी, लेकिन मिस्टर गोयनका ने घटना के बाद में सीन को दोबारा से शूट कराया। इसके लिए ऋषभ पंत को बुलाया गया और दृश्यम 2 अक्टूबर का सीन बनाया गया। वहीं, IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने LSG मालिक संजीव गोयनका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा- वह लूजर हैं। IPL में बतौर फ्रेंचाइजी उन्हें बैन कर देना चाहिए। अब बारी-बारी से दोनों विजुअल देखिए…. अब जानिए दोनों वीडियो में क्या है? पहला वीडियो: पंत पर उंगली उठाते दिखे गोयनका 1 अप्रैल को लखनऊ में खेले गए IPL मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने 6 विकेट से हरा दिया। मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैदान पर LSG के मालिक संजीव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच बातचीत का एक 17 सेकंड का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में संजीव गोयनका ऋषभ पंत से उंगली उठाकर कुछ कहते नजर आए। इस दौरान उनकी पत्नी प्रीति गोयनका, LSG के हेड कोच जस्टिन लैंगर और टीम मैनेजमेंट के अन्य सदस्य भी वहां मौजूद थे। दोनों के बीच क्या बात हुई, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन लोगों ने गोयनका को ट्रोल करना शुरू कर दिया है। दूसरा वीडियो: पंत से गर्मजोशी में गले लगे गोयनका पहले वीडियो पर विवाद के बाद LSG ने 2 अप्रैल की शाम 7:32 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी किया। करीब 55 सेकंड के इस वीडियो में अलग तस्वीर देखने को मिली। वीडियो में संजीव गोयनका, उनकी पत्नी प्रीति गोयनका, जस्टिन लैंगर और टीम के अन्य सदस्य मौजूद हैं। तभी ऋषभ पंत वहां आते हैं और संजीव गोयनका उनसे गर्मजोशी से गले मिलते हैं। वह उनकी 3-4 बार पीठ थपथपाते हैं। इसके बाद ऋषभ पंत बाकी लोगों से हाथ मिलाते हैं और सभी के बीच हंसी-मजाक के साथ बातचीत होती नजर आती है। वीडियो में एक कैप्शन लिखा है- ‘जो कुछ आप देखते हैं, वह पूरी सच्चाई नहीं होता। यह मैच के बाद के असली और बिना छेड़छाड़ वाले पल हैं, जब कैमरे बंद नहीं होते।’ X के कम्युनिटी नोट का मतलब क्या है? किसी पोस्ट में गलत या अधूरी जानकारी हो तो नीचे लोग सही बात जोड़ देते हैं, उसी को ‘कम्युनिटी नोट’ कहते हैं। यह काम आम यूजर्स करते हैं, X (पूर्व में ट्वीटर) खुद नहीं लिखता। ‘दृश्यम’ में 2 अक्टूबर की कहानी क्या है? दृश्यम 31 जुलाई 2015 को रिलीज हुई क्राइम-थ्रिलर फिल्म है। इसके निर्देशक निशिकांत कामत थे। फिल्म में अजय देवगन, तब्बू और श्रिया सरन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में विजय सालगांवकर (अजय देवगन) अपने परिवार को बचाने के लिए प्लान बनाता है। उसकी फैमिली से गलती से एक लड़के की मौत हो जाती है। पुलिस से बचने के लिए विजय 2 अक्टूबर की कहानी तैयार करता है। वह बताता है कि उस दिन पूरा परिवार शहर से बाहर घूमने गया था। इस कहानी को सच दिखाने के लिए वह सबूत जुटाता है। बस के टिकट संभालता है। होटल में एंट्री दर्ज करवाता है। मूवी और रेस्टोरेंट के बिल रखता है। असल में ये सब बाद में प्लान करके किया जाता है। ताकि लगे कि सब कुछ 2 अक्टूबर को ही हुआ था। यही फिल्म का सबसे बड़ा ट्विस्ट है। वह सब कुछ रीक्रीएट करता है। इसी प्लान से विजय पुलिस को गुमराह कर देता है। वह और उसका परिवार मामले से बच निकलते हैं। अब जानिए केएल राहुल- संजीव गोयनका के बीच क्या हुआ था? दरअसल, IPL-2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स एक मैच हार गई थी। मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैदान पर ही संजीव गोयनका और टीम के कप्तान केएल राहुल के बीच बातचीत हुई, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। वीडियो में गोयनका काफी नाराज नजर आए, जबकि राहुल शांत दिखे। यह बातचीत सबके सामने मैदान पर हुई थी, जिससे कई पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने इसे गलत बताया। उनका कहना था कि इस तरह की बातें ड्रेसिंग रूम के अंदर होनी चाहिए थीं, न कि सबके सामने। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर बहस हुई थी। IPL के पूर्व कमिश्नर बोले- संजीव गोयनका लूजर इस मामले में IPL के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने LSG के मालिक संजीव गोयनका को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा- वह लूजर हैं। IPL में बतौर फ्रेंचाइजी उन्हें बैन कर देना चाहिए। मोदी ने यह कॉमेंट इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइकल वान की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए किया। ललित मोदी ने लिखा- वह IPL टीम का मालिक बनने के लायक नहीं है। संजीव गोयनका और जानने के लिए क्या बाकी है? किसी स्पोर्ट्स टीम का मालिक होना, दुनियाभर में किसी भी मालिक के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है। यह सिर्फ मुनाफे की बात नहीं है। यह कोई मशीन नहीं है। यह कोई इंजन नहीं है। बदकिस्मती से यह बात इस जोकर की समझ से बाहर है। महंगा पानी मिलने पर वेंडर से लड़े युवक संजीव गोयनका- ऋषभ पंत के विवाद के बीच 1 अप्रैल को इकाना स्टेडियम में हुए मैच के दौरान महंगा पानी बेचने का विवाद भी सामने आया है। X पर सामने आए वीडियो में दो लोग लड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पानी के लिए बोतल बेचने की बात हो रही है। एक युवक एक वेंडर से कह रहा है कि कैसे इतना महंगा दे
जंग के बीच ट्रम्प सरकार में उथल-पुथल:24 घंटे में निकाले गए आर्मी चीफ और अटॉर्नी जनरल; काश पटेल-तुलसी गबार्ड को भी हटाने की चर्चा

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद अब ट्रम्प सरकार में कुछ और बड़े अफसरों को निकाले जाने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी वेबसाइट द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक अगला नंबर FBI चीफ काश पटेल और नेशनल इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड का हो सकता है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तुरंत रिटायर होने का आदेश दिया। व्हाइट हाउस के प्लान से जुड़े कई लोगों ने बताया कि और भी अधिकारियों को हटाने पर चर्चा चल रही है। इसमें आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल और लेबर सेक्रेटरी लोरी चावेज-डीरेमर का नाम भी शामिल है। ट्रम्प अपने दूसरे कार्यकाल में बड़े अधिकारियों को हटाने से बचते रहे थे। उन्हें लगता था कि ऐसा करना डेमोक्रेट्स और मीडिया के सामने झुकना होगा। पिछले कुछ महीनों तक यह आदेश था कि मिडटर्म चुनाव से पहले किसी कैबिनेट अधिकारी को नहीं हटाया जाएगा, लेकिन ईरान युद्ध के बाद ट्रम्प की लोकप्रियता घटने से स्थिति बदल गई है। क्रिस्टी नोएम- बर्खास्त होने वाली पहली अधिकारी ईरान से जंग के बीच अमेरिकी सरकार में तेजी से प्रशासनिक बदलाव हो रहे हैं। सबसे पहले होमलैंड सिक्योरिटी चीफ क्रिस्टी नोएम को बेदखल किए जाने से इसकी शुरुआत हुई। उन्हें किस वजह से हटाया गया इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं बताई गई है। कुछ समय से उनकी काम करने की शैली और फैसलों पर सवाल उठ रहे थे। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की जिम्मेदारी होती है कि देश को अंदर और बाहर से आने वाले खतरों से सुरक्षित रखा जाए। उनकी राजनीतिक छवि भी विवादों में रही, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ रहा था। आलोचकों का कहना था कि वे ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी कर रही हैं। पैम बॉन्डी- एपस्टीन फाइल्स की भेंट चढ़ीं व्हाइट हाउस के एक करीबी ने द अटलांटिक से कहा कि क्रिस्टी नोएम को हटाने पर जो प्रतिक्रिया मिली, उससे ट्रम्प को हिम्मत मिली और उन्होंने बॉन्डी को हटाने का फैसला आगे बढ़ाया। माना जा रहा है कि पैम बॉन्डी ने एपस्टीन मामले को ठीक से नहीं संभाला। दरअसल, एपस्टीन मामले से जुड़ी सच्चाई सामने लाने की मांग लंबे समय से हो रही थी, खासकर ‘क्लाइंट लिस्ट’ को लेकर, जिसमें यह बताया जाता है कि किन-किन प्रभावशाली लोगों का उससे संबंध था। एपस्टीन पर आरोप था कि वह नाबालिग लड़कियों का शोषण करता था और एक बड़ा नेटवर्क चलाता था, जिसमें ताकतवर और अमीर लोग शामिल हो सकते थे। इसी वजह से लोग यह जानना चाहते हैं कि उस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था। इसी दबाव में बॉन्डी ने कुछ लोगों को व्हाइट हाउस बुलाया और उन्हें एपस्टीन फाइल्स फेज 1 नाम का फोल्डर दिया। फोल्डर देने के बाद मामला उल्टा बॉन्डी के लिए परेशानी बन गया। दरअसल उम्मीद थी कि कोई बड़ी जानकारी या खुलासा सामने आएगा। लेकिन जब लोगों ने उन्हें देखा, तो पता चला कि उनमें कोई नई या चौंकाने वाली जानकारी नहीं थी। इससे एपस्टीन का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया। फिर ऐसी स्थिति बन गई कि खुद ट्रम्प को इसे जारी करने वाले बिल पर साइन करना पड़ा। रैंडी जॉर्ज- समय से एक साल पहले जबरिया निकाले गए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को भी तुरंत रिटायर होने का आदेश दिया गया है। CNN ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह आदेश दिया। रैंडी का पद साल 2027 में समाप्त होने वाला था। उनके जाने के बाद वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला नेव कार्यवाहक आर्मी चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। ला नेव पहले हेगसेथ के सहायक रह चुके हैं। इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं दी गई है। पेंटागन ने सिर्फ इतना कहा कि वह रिटायर हो रहे हैं और उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। लेकिन जो संकेत मिलते हैं, उनसे लगता है कि यह फैसला व्यक्तिगत गलती की वजह से नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे बदलाव का हिस्सा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपने पद संभालने के बाद कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटा या बदल चुके हैं। यानी सेना के टॉप लेवल पर नई टीम बनाई जा रही है। एक और बात यह है कि रैंडी जॉर्ज को पिछली सरकार के समय नियुक्त किया गया था। नई सरकार अक्सर अपने भरोसे के लोगों को लाना चाहती है, इसलिए पुराने अधिकारियों को हटाया जाता है। काश पटेल- सरकारी पैसे पर अय्याशी करने का आरोप क्रिस्टी और बॉन्डी के हटने के बाद अगर किसी को हटाए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है तो वे ट्रम्प के खास माने जाने वाले FBI चीफ काश पटेल हैं। वे ट्रम्प सरकार के सबसे ज्यादा नजर में रहने वाले अधिकारियों में रहे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने FBI के सरकारी जेट का इस्तेमाल निजी काम के लिए किया। कहा गया कि वे खेल देखने जैसे निजी कार्यक्रमों में जाने के लिए सरकारी विमान का उपयोग कर रहे थे। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड एलेक्सिस विल्किंस को SWAT कमांडो (स्पेशल वेपन एंड टेक्टिस) सुरक्षा दी और सरकारी रिसोर्स का गलत इस्तेमाल किया। इससे यह सवाल उठा कि क्या वे अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरा बड़ा विवाद उनके फैसलों को लेकर है। आरोप है कि उनके नेतृत्व में FBI से कई अधिकारियों को हटा दिया गया। खासकर वे अधिकारी, जो ट्रम्प से जुड़े मामलों की जांच में शामिल थे या जिन्हें ट्रम्प के प्रति पूरी तरह वफादार नहीं माना जाता था। इससे यह आरोप लगा कि एजेंसी को राजनीतिक तरीके से चलाया जा रहा है। तीसरा मामला अदालत तक पहुंच गया है। कुछ बर्खास्त FBI एजेंटों ने केस किया है और कहा है कि उन्हें गलत तरीके से नौकरी से निकाला गया। उनका आरोप है कि यह उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई थी, क्योंकि वे ट्रम्प से जुड़े मामलों की जांच कर रहे थे। पूर्व FBI एजेंट काइल सेराफिन ने एक रेडियो शो में दावा किया कि ट्रम्प जल्द ही काश पटेल को हटाने का फैसला ले सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हो सकता है कि आज ही काश पटेल को हटा दिया जाए। तुलसी गबार्ड-
मासूम शर्मा ने हनुमान जन्मोत्सव पर गाया बैन सॉन्ग ‘खटोला’:बहादुरगढ़ में सपना संग ठुमके लगाए; आर्यन मान के प्रोग्राम में कई मंत्री-विधायक आए

झज्जर में स्टेज पर परफॉर्म करते सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बहादुरगढ़ में हनुमान जयंती पर हुए एक प्रोग्राम में मंत्री, विधायकों की प्रेजेंस में ही बैन सॉन्ग ‘खटोला’ गाया। स्टेज पर मासूम ने कलाकार सपना चौधरी के साथ ठुमके भी लगाए। . प्रोग्राम का आयोजन दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट आर्यन मान के परिवार ने किया था। इस प्रोग्राम से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है, जिसमें मासूम शर्मा और सपना चौधरी एक साथ परफॉर्म कर रहे हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, अरविंद शर्मा, मनजिंद्र सिंह सिरसा, विधायक राजेंद्र जून, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और दिग्विजय चौटाला समेत कई नेता और फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं। दरअसल, जींद के शो में हुए सरपंच विवाद के बाद मासूम शर्मा पहली बार झज्जर में किसी स्टेज शो में पहुंचे थे। सरपंच विवाद के बाद झज्जर की सरपंच एसोसिएशन ने मासूम का कड़ा विरोध किया था। देखिए, सपना चौधरी के डांस के PHOTOS… मासूम शर्मा के सॉन्ग पर डांस करतीं सपना चौधरी। सपना के डांस करने के बाद मासूम भी थिरकने लगे। इंग्लिश मीडियम डांस पर ठुमके लगाते मासूम शर्मा और सपना चौधरी। आर्यन मान के परिवार का प्रोग्राम बहादुरगढ़ के सिदीपुर गांव में गुरुवार को मान फार्म हाउस में हनुमान जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। ये फार्म हाउस दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष आर्यन मान के परिवार का है। आर्यन ने ही प्रोग्राम की तैयारियां की। परिवार का कहना है कि वे कई सालों से हनुमान जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन करते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग शामिल होते हैं। सपना के साथ इंग्लिश मीडियम सॉन्ग पर डांस कार्यक्रम में सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी की स्टेज परफॉर्मेंस रखी गई थी। सपना चौधरी ने स्टेज पर ही मासूम शर्मा के साथ डांस भी किया। मासूम ने जैसे ही इंग्लिश मीडियम सॉन्ग गाया, सपना तुरंत डांस करने लगी। सपना का डांस देखने के लिए स्टेज के पास युवाओं की भीड़ लग गई। इस दौरान मासूम ने बैन सॉन्ग खटोला भी गाया। सपना बोलीं- यहां कई शो किए मंच से ही सपना चौधरी ने कहा कि मैंने झज्जर एरिया में कई शो किए हैं। इस शो में कई ऐसे युवा हैं, जो 9-10 साल से उनके प्रोग्राम में आ रहे हैं। प्रोग्राम में युवाओं के साथ आसपास के गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिन्द्र सिंह सिरसा और दिग्विजय चौटाला एक-दूसरे से मिलकर मुस्कराते हुए दिखे। कई प्रोग्राम में बैन सॉन्ग गाए सिंगर मासूम शर्मा इन दिनों लगातार बैन सॉन्ग खटोला और चंबल के डाकू को प्रमोट कर रहे हैं। सिंगर पर लाइव शो और फिल्म में भी इसके मिलते-जुलते लिरिक्स व ट्यून के इस्तेमाल का आरोप लग चुका है। मासूम शर्मा सिरसा में लाइव शो के दौरान खटोला सॉन्ग गाया था, जिसके भीड़ बेकाबू होकर सिंगर से मिलने के लिए स्टेज तक जा पहुंची थी। इसके साथ ही मासूम ने हिसार, चंडीगढ़, अलीगढ़ (यूपी) में ये सॉन्ग गाया है। इसके बाद अब झज्जर में भी धार्मिक कार्यक्रम में ये बैन सॉन्ग गाया। पहले जानिए…क्या है सरपंच विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा की बहन कविता और बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम में सिंगर और पूर्व सरपंच में विवाद हो गया था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से जींद के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा। सिंगर ने कहा था- मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता। इसके बाद पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने तक की चुनौती दी थी। जींद में मासूम शर्मा ने 70 सरपंच हांडै वाली बात कही थी। (फाइल) मासूम के झज्जर आने पर क्या बोले सरपंच प्रतिनिधि.. अब विवाद जैसा कुछ नहीं झज्जर जिले के गांव सिदीपुर से सरपंच प्रतिनिधि तिलक राज ने बताया कि प्रोग्राम में भी कई सरपंच आए हुए थे। अब विवाद जैसा कुछ नहीं है। मान परिवार हर साल हनुमान जयंती ऐसा प्रोग्राम आयोजित करता है, जिसमें आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। कार्यक्रम का पता नहीं चला झज्जर से सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं हसनपुर के सरपंच बलवान सिंह ने बताया कि मासूम शर्मा ने सरपंचों से माफी मांग ली थी, तब मामला निपट गया था। इस कार्यक्रम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का इलेक्शन कैंपेन किया था। (फाइल फोटो) दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव में आर्यन का प्रचार किया मासूम शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आर्यन मान का चुनाव प्रचार किया था। मासूम आर्यन के साथ लग्जरी गाड़ियों में बैठे नजर आए थे। हालांकि मासूम के कैंपेन कराने को लेकर NSUI ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद मासूम ने कहा था- आर्यन को वह बचपन से ही जानते हैं, उनके घर जैसे रिश्ते हैं। ————— ये खबरें भी पढ़ें…. दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में मासूम शर्मा के प्रचार पर विवाद: NSUI ने खर्च पर सवाल उठाए; सिंगर बोले-एक रुपए नहीं लिए, रिश्तेदार थे इसलिए आए दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (डूसू) चुनाव में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के प्रचार करने पर विवाद हो गया है। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने इसका विरोध किया। एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर एबीवीपी पर आरोप लगाया कि मासूम शर्मा के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। (पूरी खबर पढ़ें) ———— मासूम शर्मा की नई फिल्म कन्ट्रोवर्सी में घिरी: दावा- बैन सॉन्ग ‘खटोला’ जैसे लिरिक्स-ट्यून इस्तेमाल किए, टीजर में पिस्टल थामे नजर आए सिंगर हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर एक नई कन्ट्रोवर्सी में घिर गए हैं। दावा किया जा रहा है कि उनकी रिलीज को तैयार फिल्म ‘लाइसेंस’ में उनका बैन सॉन्ग खटोला फिल्माया गया है। फिल्म के टीजर में भी ‘खटोला’ से मिलते- जुलते लिरिक्स और ट्यून हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
50 से पहले ही क्यों खत्म हो रहे हैं पीरियड्स? क्या भारतीय महिलाओं में जल्दी आ रहा मेनोपॉज? जानें वजह और इसका खतरा

Health Risks of Early Menopause : आजकल कई रिपोर्ट्स और सर्वे यह इशारा कर रहे हैं कि भारत में महिलाएं दुनिया की बाकी महिलाओं के मुकाबले जल्दी मेनोपॉज के दौर में पहुंच रही हैं. जहाँ विदेशों में इसकी औसत उम्र 51 साल है, वहीं हमारे देश में यह 46 से 47 साल के आसपास देखी जा रही है. सुनने में यह सिर्फ कुछ सालों का अंतर लग सकता है, लेकिन यह हमारी सेहत, हड्डियों और दिल की मजबूती के लिए एक बड़ी चेतावनी है. आखिर क्यों भारतीय महिलाओं का शरीर समय से पहले बदल रहा है? क्या यह हमारी भागदौड़ भरी जिंदगी का नतीजा है या इसके पीछे कुछ और गहरे कारण हैं? आइए, समझते हैं कि भारत में जल्दी आते मेनोपॉज की असली वजह क्या है और यह हमारी सेहत को कैसे प्रभावित कर रहा है. क्या है मेनोपॉज विदेशों में इसकी औसत उम्र 51 साल है, वहीं हमारे देश में यह 46 से 47 साल के आसपास देखी जा रही है. मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति हर महिला के जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है. यह वह समय होता है जब महिला के प्रजनन वर्ष समाप्त हो जाते हैं. तकनीकी रूप से, जब किसी महिला को लगातार 12 महीनों तक पीरियड्स नहीं आते, तो उसे मेनोपॉज माना जाता है. यह इस बात का संकेत है कि ओवरीज (अंडाशय) ने एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन बनाना कम कर दिया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. दुनिया बनाम भारत: क्या कहते हैं आंकड़े?आमतौर पर दुनिया भर में महिलाएं 50 से 51 वर्ष की आयु के बीच मेनोपॉज तक पहुंचती हैं. लेकिन भारत की तस्वीर थोड़ी अलग है. हैदराबाद स्थित इंदिरा आईवीएफ अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति गणपति के अनुसार, “भारत में औसत आयु 46 से 47 वर्ष के आसपास देखी जा रही है. भले ही यह अंतर सिर्फ 3-4 साल का लगे, लेकिन महिला के दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर इसके गहरे प्रभाव पड़ते हैं.” नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के आंकड़े बताते हैं कि 15-39 आयु वर्ग की 2.2% महिलाएं पहले ही मेनोपॉज तक पहुंच चुकी थीं. वहीं, 40-44 की उम्र वाली 16.2% महिलाओं में यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी. ये आंकड़े चेतावनी देते हैं कि भारत में ‘प्रीमैच्योर मेनोपॉज’ की समस्या वैश्विक औसत (1-2%) से कहीं अधिक है. जल्दी मेनोपॉज होने की वजह क्या है?विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कोई एक कारण नहीं, बल्कि कई बायोलॉजिकल और लाइफस्टाइल से जुड़े कारक हैं: पोषण और स्वास्थ्य: किशोरावस्था में पोषण की कमी और खराब स्वास्थ्य स्थिति प्रजनन अंगों की उम्र बढ़ा सकती है. तनाव और जीवनशैली: अत्यधिक मानसिक तनाव, धूम्रपान और मेटाबॉलिक बीमारियां जैसे डायबिटीज या थायराइड भी समय से पहले मेनोपॉज का कारण बनते हैं. प्रजनन इतिहास: कम उम्र में शादी, जल्दी गर्भधारण और बार-बार मां बनने जैसे कारक भी ओवरी के रिजर्व (अंडों की संख्या) को समय से पहले प्रभावित कर सकते हैं. समय से पहले मेनोपॉज क्यों है चिंता का विषय?एस्ट्रोजन हार्मोन केवल प्रजनन के लिए नहीं, बल्कि हड्डियों की मजबूती और दिल की सेहत के लिए भी ‘कवच’ का काम करता है. जल्दी मेनोपॉज होने का मतलब है कि महिला का शरीर लंबे समय तक एस्ट्रोजन की कमी से जूझेगा. डॉ. गणपति कहती हैं कि आज महिलाएं अपनी प्रोफेशनल लाइफ में बहुत सक्रिय हैं, ऐसे में जीवन का एक बड़ा हिस्सा पोस्ट-मेनोपॉज (प्रजनन के बाद के चरण) में बीतता है. इसके बारे में सही जानकारी होना अब एक लग्जरी नहीं, बल्कि जरूरत है. चुप्पी तोड़ना ही पहला कदमइंडियन मेनोपॉज सोसाइटी का अनुमान है कि 2026 तक लगभग 14 करोड़ भारतीय महिलाएं मेनोपॉज के चरण में होंगी. इसके बावजूद, हमारे समाज में इस पर बात करना आज भी एक ‘टैबू’ यानी वर्जित माना जाता है. एक सर्वे के मुताबिक, 79% भारतीय महिलाएं अपने परिवार या सहकर्मियों से इस विषय पर बात करने में असहज महसूस करती हैं. अक्सर बातचीत केवल गर्भावस्था या मातृत्व तक सिमट कर रह जाती है, और मेनोपॉज के बाद की स्वास्थ्य जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है. मेनोपॉज केवल प्रजनन क्षमता का अंत नहीं, बल्कि जीवन का एक नया अध्याय है. अगर हम समय रहते इस पर खुलकर बात करें, समय पर डॉक्टरी सलाह लें और कार्यस्थलों व परिवारों में सहायक वातावरण बनाएं, तो लाखों महिलाएं इस बदलाव को अनिश्चितता के बजाय आत्मविश्वास के साथ जी सकेंगी.
Pakistan Punjab Buffalo Tax | Rs 30 Daily Gobar Tax Plan

2 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के पंजाब राज्य में भैंस पालने पर अब ‘गोबर टैक्स’ लगाने की तैयारी हो रही है। पाकिस्तानी अखबार डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मरियम नवाज की सरकार हर भैंस पर रोजाना 30 पाकिस्तानी रुपए टैक्स देने का नियम बना सकती है। सरकार इस कदम को ग्रीन एनर्जी के रूप में पेश कर रही है। यह योजना ‘सुथरा पंजाब’ बायोगैस प्रोग्राम का हिस्सा बताई जा रही है। यह प्रोग्राम दिसंबर 2024 में पंजाब राज्य में शुरू किया गया था। इसका मकसद कचरे को साफ करना और उससे बायोगैस बनाकर ऊर्जा तैयार करना है। वहीं विपक्षी दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह कदम दिखाता है कि सरकार आर्थिक दबाव में है और अब नए-नए तरीकों से पैसा जुटाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने दावा किया कि ‘ग्रीन एनर्जी’ का नाम बस दिखावा है। असली कहानी कुछ और है। सरकार का फैसला पहले से महंगाई और महंगे चारे से जूझ रहे लोगों से जबरन पैसा निकालने का तरीका है। गोबर इकट्ठा कर पर्यावरण बचाने का दावा सरकार ने इस टैक्स को लागू करने के लिए राज्य की करीब 168 कैटल कॉलोनियों को चिन्हित किया है। इस नई योजना के तहत लाहौर और दूसरे बड़े शहरों में पशुपालकों से हर पशु के हिसाब से रोजाना शुल्क लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल गोबर इकट्ठा करने, कचरा मैनेजमेंट और बायोगैस प्लांट चलाने में किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को भी फायदा हो। इतनी ज्यादा भैंसों का रोजाना कितना गोबर निकल रहा है, इसे ठीक-ठीक नापना लगभग नामुमकिन है। इसी वजह से सरकार ने प्रति पशु तय दर से टैक्स वसूली का मॉडल अपनाने का फैसला किया है। चाहे भैंस ज्यादा गोबर दे या कम मालिक को हर पशु के हिसाब से रोज एक तय फीस देनी होगी विपक्ष बोला- सरकार के पास असली कमाई का रास्ता खत्म विपक्ष का कहना है कि यह शासन का सही मॉडल नहीं है। यह इस बात का साफ इशारा है कि पाकिस्तान के सबसे बड़े राज्य के पास अब कमाई के असली रास्ते ही खत्म हो गए हैं। वहीं, किसानों और पशुपालकों की चिंता अलग है। उनका कहना है कि वे पहले से ही महंगे चारे, बढ़ती बिजली कीमतों और महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह नया टैक्स उनके खर्च को और बढ़ा देगा। एक पाकिस्तानी इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने कहा, “एक तरफ भ्रष्ट नेता और अफसर लग्जरी गाड़ियां, विदेश यात्राएं और मोटी सैलरी का मजा ले रहे हैं। दूसरी तरफ किसान, जो पहले ही अपने पशुओं का पेट भरने के लिए जूझ रहा है, अब उससे कहा जा रहा है कि अपनी भैंस के गोबर के लिए भी सरकार को पैसा दो। इससे साफ है कि सिस्टम पूरी तरह गड़बड़ है।” सरकार बोली- किसान फीस देने के लिए तैयार अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे साल में यह टैक्स एक भैंस पर करीब 11 हजार रुपये तक पहुंच सकता है, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम पशुपालकों पर पड़ेगा। हालांकि, पाकिस्तान के स्थानीय सरकार मंत्री जीशान रफीक ने कहा कि डेयरी किसानों ने यह टैक्स देने के लिए सहमति दिखाई है। ———————————————– ये खबर भी पढ़े… पाकिस्तान को सस्ता तेल देने को तैयार रूस:बोला- वो खुद बात करे; PAK के पास सिर्फ 11 दिन का ऑयल रिजर्व पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा है कि रूस पाकिस्तान को सस्ता तेल देने के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक पाकिस्तान की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक मांग नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान खुद पहल करता है, तो रूस उसे कम कीमत पर तेल सप्लाई कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी कच्चे तेल की कीमत करीब 70 से 76 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही कीमत 95 से 105 डॉलर प्रति बैरल के बीच है। पूरी खबर पढ़े.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Pakistan Punjab Buffalo Tax | Rs 30 Daily Gobar Tax Plan

1 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के पंजाब राज्य में गाय और भैंस पालने पर अब ‘गोबर टैक्स’ लगाने की तैयारी हो रही है। पाकिस्तानी अखबार डेली टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मरियम नवाज की सरकार हर गाय और भैंस पर रोजाना 30 पाकिस्तानी रुपए फीस देने का नियम बना सकती है। सरकार इस कदम को ग्रीन एनर्जी के रूप में पेश कर रही है। यह योजना ‘सुथरा पंजाब’ बायोगैस प्रोग्राम का हिस्सा बताई जा रही है। यह प्रोग्राम दिसंबर 2024 में पंजाब राज्य में शुरू किया गया था। इसका मकसद कचरे को साफ करना और उससे बायोगैस बनाकर ऊर्जा तैयार करना है। वहीं विपक्षी दलों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना कर इसे ‘गोबर टैक्स’ का नाम दिया है। उनका कहना है कि यह कदम दिखाता है कि सरकार आर्थिक दबाव में है और अब नए-नए तरीकों से पैसा जुटाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष ने दावा किया कि ‘ग्रीन एनर्जी’ का नाम बस दिखावा है। असली कहानी कुछ और है। सरकार का फैसला पहले से महंगाई और महंगे चारे से जूझ रहे किसानों से जबरन पैसा निकालने का तरीका है। सरकार हर गाय और भैंस पर रोजाना 30 पाकिस्तानी रुपए फीस देने का नियम बना सकती है। गोबर इकट्ठा कर पर्यावरण बचाने का दावा सरकार ने इस फीस को लागू करने के लिए राज्य की करीब 168 कैटल कॉलोनियों को चिन्हित किया है। इन कॉलोनियों की लगभग 50 लाख गाय-भैंसों पर यह फीस लग सकती है। इस नई योजना के तहत पशुपालकों से हर पशु के हिसाब से रोजाना शुल्क लिया जाएगा। पहले चरण में लाहौर की दो प्रमुख डेयरी कॉलोनियों हरबंसपुरा और गुज्जरपुरा से शुरू होगा। बाद में पूरे पंजाब में फैलाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल गोबर इकट्ठा करने, कचरा मैनेजमेंट और बायोगैस प्लांट चलाने में किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को भी फायदा हो। इतनी ज्यादा गाय-भैंसों का रोजाना कितना गोबर निकल रहा है, इसे ठीक-ठीक नापना लगभग नामुमकिन है। इसी वजह से सरकार ने प्रति पशु तय दर से फीस वसूली का मॉडल अपनाने का फैसला किया है। चाहे गाय या भैंस ज्यादा गोबर दे या कम मालिक को हर पशु के हिसाब से रोज एक तय फीस देनी होगी। करीब 168 कैटल कॉलोनियों की लगभग 50 लाख गाय-भैंसों पर यह फीस लग सकती है। पहले चरण में लाहौर की दो प्रमुख डेयरी कॉलोनियों हरबंसपुरा और गुज्जरपुरा से शुरू होगा। विपक्ष बोला- सरकार के पास असली कमाई का रास्ता खत्म विपक्ष का कहना है कि यह शासन का सही मॉडल नहीं है। यह इस बात का साफ इशारा है कि पाकिस्तान के सबसे बड़े राज्य के पास अब कमाई के असली रास्ते ही खत्म हो गए हैं। वहीं, किसानों और पशुपालकों की चिंता अलग है। उनका कहना है कि वे पहले से ही महंगे चारे, बढ़ती बिजली कीमतों और महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में यह नया टैक्स उनके खर्च को और बढ़ा देगा। एक पाकिस्तानी इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने कहा, “एक तरफ भ्रष्ट नेता और अफसर लग्जरी गाड़ियां, विदेश यात्राएं और मोटी सैलरी का मजा ले रहे हैं। दूसरी तरफ किसान, जो पहले ही अपने पशुओं का पेट भरने के लिए जूझ रहा है, अब उससे कहा जा रहा है कि अपनी भैंस के गोबर के लिए भी सरकार को पैसा दो। इससे साफ है कि सिस्टम पूरी तरह गड़बड़ है।” सरकार बोली- किसान फीस देने के लिए तैयार अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे साल में यह फीस एक गाय या भैंस पर करीब 11 हजार पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकता है, जिसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम पशुपालकों पर पड़ेगा। हालांकि, जहां विपक्ष इसे ‘गोबर टैक्स’ का नाम दे रही है, वहीं सरकार ने इसे एक सेवा फीस के रूप में बताया है। साथ ही, पाकिस्तान के स्थानीय सरकार मंत्री जीशान रफीक ने कहा कि डेयरी किसानों ने यह फीस देने के लिए सहमति दिखाई है। ———————————————– ये खबर भी पढ़े… पाकिस्तान को सस्ता तेल देने को तैयार रूस:बोला- वो खुद बात करे; PAK के पास सिर्फ 11 दिन का ऑयल रिजर्व पाकिस्तान में रूसी राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा है कि रूस पाकिस्तान को सस्ता तेल देने के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक पाकिस्तान की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक मांग नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान खुद पहल करता है, तो रूस उसे कम कीमत पर तेल सप्लाई कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी कच्चे तेल की कीमत करीब 70 से 76 डॉलर प्रति बैरल है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही कीमत 95 से 105 डॉलर प्रति बैरल के बीच है। पूरी खबर पढ़े.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
कार्टियर घड़ियों से 300% तक लाभ, रोलेक्स पिछड़ी:निवेश में अब सिर्फ शेयर या सोना ही मुनाफे की गारंटी नहीं; लग्जरी घड़ियां भी एसेट क्लास

क्या आपकी कलाई पर बंधी घड़ी आपके बैंक एफडी, शेयर या रियल एस्टेट से बेहतर रिटर्न दे सकती है? लग्जरी वॉच मार्केट के ताजा आंकड़े कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं। ऑनलाइन वॉच मार्केटप्लेस ‘क्रोनो24’ की रिपोर्ट से एक दिसचस्प ट्रेंड निकलकर सामने आया है। वो ट्रेंड यह है कि महंगे और हाई-एंड वॉच मॉडल रोलेक्स, पाटेक फिलिप की तुलना में कार्टियर जैसी मिड रेंज के लग्जरी ब्रांड्स ने बेहतर मुनाफा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 से लेकर 2026 के दौरान पेरिस स्थित ज्वेलर कंपनी कार्टियर की ‘टैंक वर्मील’ घड़ी की कीमत में करीब 300% की वृद्धि देखी गई। दिलचस्प है कि सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली टॉप-20 घड़ियों की लिस्ट में रोलेक्स का कोई भी मॉडल जगह नहीं बना पाया। रोलेक्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली डेटजस्ट 41 की वैल्यू साल 2018 से अब तक केवल 59 फीसदी ही बढ़ी है। इस लिस्ट में कार्टियर के 10, ओमेगा के 5 और जेगर-लेकोल्ट्रे के 2 मॉडल हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक जिन घड़ियों की कीमत लंबी अवधि (2018-2026) में बढ़ी, वे 2022 के बाद बाजार में आई गिरावट के बावजूद मजबूत बनी रहीं और उनकी वैल्यू में लगातार इजाफा होता रहा। बहरहाल, एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोलेक्स के मॉडल्स 2018 तक पहले से ही अपनी पीक वैल्यू पर थे। कोविड महामारी के दौरान कीमतों में जो उछाल आया, उसके बाद अब बाजार स्थिर हो रहा है। वहीं, कार्टियर जैसी घड़ियां, जो कुछ साल पहले तक काफी कम कीमत पर उपलब्ध थीं, अब आइकोनिक डिजाइन की वजह से कलेक्टर्स की पहली पसंद बन गई हैं। मिड रेंज घड़ियों की कीमतों में इजाफे की वजह ‘लो बेस इफेक्ट’ और ‘ऑर्गेनिक डिमांड’ है। यानी कुछ साल पहले की तुलना में कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसके अलावा, कोरोनाकाल में कुछ लोगों ने घड़ियों को शौक से नहीं, बल्कि सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए खरीदा और महंगे दामों पर बेचना शुरू कर दिया। इसके उलट, किफायती और आइकॉनिक डिजाइन वाली घड़ियों की मांग कलेक्टर्स के बीच बनी रही। इससे उनकी वैल्यू में 200% तक स्थिर इजाफा देखा गया। इस बदलते ट्रेंड पर स्टडी से जुड़े बालाज फेरेन्जी कहते हैं, ‘घड़ियों की खास बात उनके दाम नहीं, बल्कि उनका क्लासिक डिजाइन और स्थायी मांग है, जो किसी वेटिंग लिस्ट नहीं बल्कि वास्तविक कलेक्टर वैल्यू पर आधारित है।’ कार्टियर टैंक वर्मील सबसे सस्ती और सफल निवेश के तौर पर उभरी घड़ी का मॉडल 8 साल में बढ़त खासियत कार्टियर टैंक वर्मील, 299%, सबसे सस्ता व सफल निवेश कार्टियर पैंथेर (गोल्ड), 218% , क्लासिक डिजाइन, भारी डिमांड ओमेगा स्पीडमास्टर, 119% , ओमेगा का भरोसेमंद मॉडल रोलेक्स डेटजस्ट, 41 59%, डिमांड ज्यादा, रिटर्न सीमित
‘जब केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो लंदन गए’: प्रमुख कार्यक्रमों से राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने दरार की अटकलों को हवा दी | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 12:55 IST कभी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी और आम आदमी पार्टी (आप) में प्रमुख व्यक्ति रहे राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया। आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा (छवि क्रेडिट: पीटीआई) कभी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी और आम आदमी पार्टी (आप) में एक प्रमुख व्यक्ति रहे राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया। हाल ही में सार्वजनिक कार्यक्रमों से उनकी अनुपस्थिति और प्रमुख मुद्दों पर चुप्पी ने पार्टी में उनकी भूमिका के बारे में अटकलों को हवा दी। गुरुवार को, आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया कि अशोक कुमार मित्तल उच्च सदन में उसके नए उपनेता होंगे, जो चड्ढा की जगह लेंगे। 2022 से सांसद चड्ढा ने सदन में सक्रिय रूप से सार्वजनिक मुद्दों को उठाया। हाल ही में, उन्होंने एक प्रमुख सामाजिक मुद्दा उठाया, जिसमें मांग की गई कि भारत में पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाया जाए। उन्होंने संसद में मासिक धर्म स्वच्छता का मुद्दा भी उठाया था और इस बात पर जोर दिया था कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा और समानता का मामला है। यह भी पढ़ें: ‘आप पीएम मोदी से डरे हुए हैं’: आप ने राघव चड्ढा के पदावनति के बाद उन पर हमला बोला दरार के उभरते संकेत संसद में प्रमुख सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के चड्ढा के प्रयास के बावजूद, वह आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े कई कार्यक्रमों में दरकिनार किये गये। संभावित दरार के पहले संकेत मार्च 2024 में सामने आए, जब आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को उत्पाद शुल्क नीति मामले में गिरफ्तार किया गया। कथित तौर पर चिकित्सीय कारणों से राघव चड्ढा उस समय अनुपस्थित थे। हाल ही में केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और अन्य को एक्साइज पॉलिसी मामले में बरी किए जाने के बाद भी उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की थी. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिन्दर सिंह राजा वारिंग ने चड्ढा पर हमला बोलते हुए घोषणा की, ”वह पार्टी से अलग हैं।” टीओआई ने वारिंग के हवाले से कहा, “अब यह स्पष्ट है कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से अलग हैं। लोगों को इसका एहसास बहुत पहले ही हो गया था, जब केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान वह लंदन गए थे। अब लोगों की धारणा यह है कि चड्ढा पार्टी छोड़ देंगे या उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा और कहीं और शामिल हो जाएंगे।” पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 12:38 IST समाचार राजनीति ‘जब केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो लंदन गए’: प्रमुख कार्यक्रमों से राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने दरार की अटकलों को हवा दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राघव चड्ढा आप से बाहर निकलना(टी)राघव चड्ढा राज्यसभा(टी)आप की आंतरिक दरार(टी)अरविंद केजरीवाल सहयोगी(टी)अशोक कुमार मित्तल उपनेता(टी)आम आदमी पार्टी की राजनीति(टी)पितृत्व अवकाश भारत(टी)मासिक धर्म स्वच्छता संसद
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36 मिनट पहले कॉपी लिंक म्यांमार में सेना प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति चुन लिया गया है। संसद में हुए वोट में उन्हें जीत मिली, जहां ज्यादातर सांसद सेना समर्थक थे। इससे 2021 में तख्तापलट के बाद देश पर उनकी पकड़ और मजबूत हो गई है। 69 साल के ह्लाइंग 2011 से म्यांमार की सेना के प्रमुख रहे हैं। उन्होंने 2021 में आंग सान सूची की चुनी हुई सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो बाद में सशस्त्र संघर्ष में बदल गए। हाल ही में दिसंबर और जनवरी में चुनाव कराए गए थे, जिसमें सेना समर्थित पार्टी को जीत मिली। विपक्ष और पश्चिमी देशों ने इन चुनावों को निष्पक्ष नहीं बताया और कहा कि यह सिर्फ सेना के शासन को बनाए रखने का तरीका है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिन आंग ह्लाइंग पहले से ही राष्ट्रपति बनना चाहते थे। यह उनका पुराना सपना था। राष्ट्रपति बनने के लिए उन्हें सेना की जिम्मेदारी किसी और को देनी थी, इसलिए उन्होंने अपने भरोसेमंद व्यक्ति ये विन ऊ को सेना का नया प्रमुख बना दिया। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती कार बम हमला, 5 नागरिकों की मौत, एक पुलिसकर्मी समेत 13 घायल पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती कार बम हमला हुआ। हमले में 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 13 लोग घायल हुए हैं, इनमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। डॉन के मुताबिक विस्फोटकों से भरी कार पुलिस स्टेशन के पिछले हिस्से से टकराई, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद कुछ देर तक फायरिंग भी हुई। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन का सेंट्री पोस्ट पूरी तरह नष्ट हो गया और इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल गया। आसपास के कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा और कुछ मकान ढह गए, जिससे कई लोग मलबे में दब गए। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तान के डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑफिसर बख्तुल्लाह वजीर ने बताया कि ‘राहत और बचाव कार्य जारी है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आईं है। फायरिंग रुकने के बाद ही रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाना शुरू किया।’ सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर क्लियरेंस ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








