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‘कांग्रेस यहां चुनाव लड़ने आई थी, आदिवासियों के बारे में कभी नहीं बोली’: असम में अमित शाह का ताजा हमला | राजनीति समाचार

US Says Hormuz May Reopen Soon As Talks With Iran Progress. (IMAGE: REUTERS)

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 14:04 IST केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को असम विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत पर भरोसा जताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (छवि क्रेडिट: एक्स/@अमितशाह) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए ताजा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस यहां चुनाव लड़ने आती है, लेकिन आदिवासियों के बारे में कभी बात नहीं करती। पीएम मोदी ने द्रौपदी मुर्मू जी को भारत का राष्ट्रपति बनाया।” शाह असम के गोलपारा में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे, क्योंकि राज्य 2026 के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों में प्रवेश कर रहा है। “घुसपैठिए गांव की भोली-भाली महिलाओं को फंसाते हैं, उनसे शादी करते हैं और ये घुसपैठिए परिषद चुनावों पर कब्जा करना चाहते हैं। कांग्रेस ने असम को घुसपैठियों के हवाले कर दिया। अगर उनकी सरकार दोबारा आई तो वे घुसपैठियों को आने देंगे।” शाह ने संकल्प लिया, “अब तीसरी बार फिर से भाजपा सरकार बनाएं। अगली बार जब मैं आऊंगा तो घुसपैठियों को वापस भेजूंगा।” उन्होंने असम विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत पर विश्वास जताते हुए कहा कि राज्य ने अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए सरकार को फिर से चुनने का फैसला किया है। अमित शाह ने कहा, “हमने असम में दो बार सरकार बनाई और घुसपैठियों की पहचान की। हालांकि, हमारे पास इतना समय नहीं है। हमें और पांच साल दीजिए, हम पहचाने गए घुसपैठियों को असम से बाहर फेंक देंगे।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने असम के युवाओं की मौत का राजनीतिकरण किया। हमने असम में कई समझौते किए और हथियार डालकर 10,000 युवाओं को मुख्यधारा में लाने का काम किया।” गोलपाड़ा पूर्व विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र राज्य के 126 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। 2021 में, कांग्रेस पार्टी के अबुल कलाम रशीद आलम ने असम गण परिषद (एजीपी) के ज्योतिष दास को हराकर सीट हासिल की। 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए, कांग्रेस नेता अबुल कलाम रशीद आलम, असम गण परिषद (एएसपी) के अब्दुर रहीम जिब्रान और राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल (आरयूसी) के शेख मोहम्मद जियाउल हक गोलपारा पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में मैदान में हैं। असम में मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार कार्यकाल की उम्मीद कर रही है, वहीं कांग्रेस राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल करना चाहती है। जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 13:46 IST समाचार राजनीति ‘कांग्रेस यहां चुनाव लड़ने आई थी, कभी आदिवासियों के बारे में नहीं बोली’: असम में अमित शाह का ताज़ा हमला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)अमित शाह(टी)बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए(टी)असम चुनाव(टी)सरकार को दोबारा चुनें(टी)संस्कृति की रक्षा करें(टी)कांग्रेस की आलोचना(टी)आदिवासी मुद्दे

शिवपुरी के बदरवास में दो दुकानों में लगी आग:जेसीबी से शटर-दीवार तोड़ी, ढाई घंटे में पाया काबू, डिफ्रीजर, माइक्रोवेव समेत लाखों का सामान जला

शिवपुरी के बदरवास में दो दुकानों में लगी आग:जेसीबी से शटर-दीवार तोड़ी, ढाई घंटे में पाया काबू, डिफ्रीजर, माइक्रोवेव समेत लाखों का सामान जला

शिवपुरी जिले के बदरवास कस्बे में गुरुवार देर रात दो दुकानों में आग लग गई। किराना और बेकरी की इन दुकानों में लगी आग पर करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दो फायर ब्रिगेड की मदद से काबू पाया जा सका। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। जानकारी के अनुसार, बदरवास निवासी विष्णु सिंघल अपने मकान के नीचे किराने की थोक दुकान चलाते हैं और परिवार के साथ ऊपर रहते हैं। उनकी एक दुकान नंद किशोर यादव को किराए पर दी गई थी, जिसमें बेकरी का संचालन होता था। शटर तोड़कर आग पर पाया काबू नंद किशोर यादव ने बताया कि गुरुवार रात करीब 12 बजे उन्होंने दुकान बंद की थी और उस समय सब सामान्य था। वहीं, रात करीब 2 बजे विष्णु सिंघल के बेटे ने दुकान से धुआं उठते देखा। नीचे पहुंचने पर शटर के अंदर से आग की लपटें निकलती दिखाई दीं। आग लगने की सूचना मिलते ही बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए जेसीबी बुलाई गई, जिसकी मदद से दोनों दुकानों के शटर तोड़े गए। आग परचून के गोदाम तक तेजी से फैल चुकी थी, जिसके कारण एक दीवार भी तोड़नी पड़ी। बदरवास और कोलारस नगर परिषद की फायर ब्रिगेड ने लगभग ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई। फ्रिज, माइक्रोवेव,ओवन समेत अन्य सामान जला नंद किशोर यादव ने बताया कि उनकी बेकरी में रखे डिफ्रीजर, माइक्रोवेव, फ्रिज और ओवन सहित अन्य सभी सामान जलकर राख हो गए। विष्णु सिंघल के अनुसार, उनकी परचून की थोक दुकान का लाखों रुपये का सामान आग की भेंट चढ़ गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग सबसे पहले किस दुकान में लगी थी।

पंचकूला AJL केस में पूर्व सीएम हुड्‌डा को राहत:₹65 करोड़ का प्लॉट ₹69 लाख में देने के आरोप से हुए मुक्त; CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

पंचकूला AJL केस में पूर्व सीएम हुड्‌डा को राहत:₹65 करोड़ का प्लॉट ₹69 लाख में देने के आरोप से हुए मुक्त; CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

पंचकूला में प्रकाशन समूह एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को प्लॉट आवंटन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को पंचकूला में CBI की विशेष कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को कोर्ट ने हुड्‌डा और AJL के चेयरमैन रहे मोतीलाल वोरा को आरोप मुक्त कर दिया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वोरा का 6 साल पहले निधन हो चुका है, जबकि 78 वर्षीय हुड्‌डा खुद कोर्ट में पेश हुए। इससे पहले CBI की स्पेशल कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ हुड्डा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें स्पेशल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। करीब एक माह पहले जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा था कि बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक मुकदमा जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। HC ने कहा था- प्रथम दृष्टया आरोप साबित नहीं हो रहे। अब शुक्रवार को इस मामले में CBI की विशेष कोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई। हुड्डा के वकील एसपीएस परमार ने उनका पक्ष रखा। यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में करीब 3,360 वर्ग मीटर के सरकारी भूखंड आवंटित करने से संबंधित है। सीबीआई ने हुड्डा समेत एचएसवीपी के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया था। हुड्डा पर आरोप है कि 64.93 करोड़ रुपए का प्लॉट एजेएल को 69 लाख 39 हजार रुपए में दिया। जानिए क्या है जमीन आवंटन मामला… विजिलेंस ने हुड्डा के अलावा 4 अफसरों को आरोपी बनाया हरियाणा विजिलेंस ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हड्डा समेत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के 4 वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। बाद में ईडी ने इसी एफआईआर को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। इनके खिलाफ भूखंड के पुनः आवंटन में अनियमितता बरतने का आरोप है। हुड्डा उस समय मुख्यमंत्री के रूप में हुडा (हरियाणा अर्बन डवलेपमेंट अथॉरिटी) के पदेन अध्यक्ष थे। उधर, जब जमीन वापस ली गई, तब तर्क दिया गया कि उस पर निर्माण नहीं हुआ था। साल 2005 में फिर से उसी माप के साथ उसी कीमत पर (पुराने रेटों पर) आवंटित कर दी गई थी।

इम्यूनिटी, हृदय और हड्डियों के लिए फायदेमंद… बच्चों और बड़ों के लिए हेल्दी पौधा, जानिए मोरिंगा के फायदे

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Last Updated:April 03, 2026, 13:32 IST आज के समय में स्वास्थ्य को लेकर जागरूक लोग प्राकृतिक चीजों की ओर बढ़ रहे हैं. मोरिंगा (सहजन) ऐसा सुपरफूड है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने और हड्डियों, त्वचा व बालों की सेहत सुधारने में मदद करता है. यह पौधा गांव और शहर दोनों जगह आसानी से पाया जाता है और रोजाना आहार में शामिल किया जा सकता है. आज के समय में लोग सेहत को लेकर काफी जागरूक हो रहे हैं और प्राकृतिक चीजों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में मोरिंगा (सहजन) एक ऐसा पौधा है जिसे “सुपरफूड” कहा जाता है. गांव से लेकर शहर तक आसानी से मिलने वाला सहजन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद भी है. इसकी फली (ड्रमस्टिक), पत्तियां और बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: वैद्य जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, मोरिंगा (सहजन) का रोजाना सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं. खासकर मौसम बदलने पर सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव में यह काफी मददगार होता है. सहजन की फली या पत्तियों को खाने में शामिल करने से शरीर अंदर से मजबूत रहता है और इसे एक सस्ता व असरदार घरेलू उपाय भी माना जाता है. डायबिटीज में फायदेमंद: आज के समय में मधुमेह तेजी से बढ़ती समस्या बन गई है, ऐसे में मोरिंगा (सहजन) का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है. सहजन के पत्तों में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शुगर संतुलित रहता है और अचानक बढ़ने का खतरा कम होता है. कई डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं, लेकिन दवा के साथ लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google दिल की सेहत के लिए लाभकारी: मोरिंगा (सहजन) दिल को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे दिल पर दबाव कम पड़ता है. नियमित और संतुलित मात्रा में सहजन का सेवन हृदय रोग के खतरे को घटा सकता है. इसे अपने खानपान में शामिल करने से दिल मजबूत रहता है और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलती है. हड्डियों को मजबूत बनाता है: मोरिंगा (सहजन) में कैल्शियम और फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इसका नियमित सेवन हड्डियों को मजबूत रखता है और कमजोरी दूर करता है. खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह फायदेमंद है. इसके अलावा, यह आर्थराइटिस यानी जोड़ों के दर्द में भी राहत देने में सहायक है. संतुलित मात्रा में आहार में शामिल करने से हड्डियों की सेहत बेहतर बनी रहती है और दर्द की समस्या कम हो सकती है. पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्त: मोरिंगा (सहजन) पेट के लिए बहुत फायदेमंद है. इसका सेवन गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में राहत देता है. सहजन में ऐसे गुण होते हैं जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाते हैं और भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं. नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से पेट साफ रहता है, पाचन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस करता है. दिमाग के लिए फायदेमंद: मोरिंगा (सहजन) दिमाग की सेहत के लिए काफी लाभकारी है. इसमें मौजूद पोषक तत्व दिमाग को सक्रिय और तेज बनाए रखने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से याददाश्त बेहतर होती है और पढ़ाई या काम में ध्यान लगाने में आसानी होती है. यह मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक है. आहार में सहजन शामिल करने से दिमाग मजबूत रहता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: मोरिंगा (सहजन) में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से त्वचा की चमक बढ़ती है और दाग-धब्बों में कमी आ सकती है. इसके अलावा, सहजन बालों को मजबूत बनाता है और झड़ने की समस्या कम करने में मदद करता है. रोजाना आहार में शामिल करने से त्वचा और बाल दोनों की सेहत बेहतर बनी रहती है. First Published : April 03, 2026, 13:32 IST

शरीर को फौलादी बना देगी ये दाल, प्रोटीन से लेकर कैल्शियम तक का है भंडार, वजन तेजी से करे कंट्रोल – News18 हिंदी

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X शरीर को फौलादी बना देगी ये दाल, प्रोटीन से लेकर कैल्शियम तक का है भंडार   Lobia dal khane ke fayde: लोबिया जिसे ब्लैक-आईड पीज भी कहा जाता है. पोषण से भरपूर दाल है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और जरूरी विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते है. इसका नियमित सेवन वजन नियंत्रण में मदद करता है, क्योंकि इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है. जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है. लोबिया पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाती है. इसमें मौजूद आयरन और फोलेट खून की कमी दूर करने में सहायक होते है. साथ ही यह खराब कोलेस्ट्रॉल कम कर दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है. लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स के कारण यह डायबिटीज मरीजों के लिए भी फायदेमंद है. इसके पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी माने जाते है.

Ayush Mhatre Meets Idol Rohit Sharma

Ayush Mhatre Meets Idol Rohit Sharma

7 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय अंडर-19 टीम को अपनी कप्तानी में वर्ल्ड कप जिताने वाले युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने अपने आइडल रोहित शर्मा से हुई मुलाकात को खास बताया है। चेन्नई सुपर किंग्स के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आयुष ने इसे अपने जीवन का ड्रीम डे कहा। पिछले साल इंग्लैंड दौरे से पहले म्हात्रे ने रोहित को मैसेज किया था। जिसके बाद रोहित ने खुद उन्हें कॉल कर बातचीत की और मिलने के अपने घर बुलाकर करीब दो घंटे तक बल्लेबाजी स्किल्स पर बातचीत की। वीडियो कॉल नहीं, आमने-सामने मिलने की जिद म्हात्रे ने बताया कि उन्होंने केवल एक मैसेज किया था, लेकिन रोहित शर्मा ने खुद ही उन्हें कॉल किया। रोहित ने उनसे पूछा कि वे क्या कहना चाहते हैं। जब आयुष ने उनसे मिलने की इच्छा जताई, तो रोहित ने पूछा कि वे कहां रहते हैं। आयुष ने बताया कि वे विरार में रहते हैं। इस पर रोहित ने पूछा, ‘क्या तुम विरार से मुझसे मिलने आओगे?’ आयुष ने जवाब दिया कि वे अपने आइडल से मिलने के लिए कहीं भी जा सकते हैं। रोहित ने वीडियो कॉल का विकल्प भी दिया था, लेकिन आयुष व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते थे। अगले दिन वे रोहित के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। आयुष ने कहा,’मुझे पता ही नहीं चला कि दो घंटे कैसे बीत गए। उनसे बात करना बहुत अच्छा लगा।’ म्हात्रे के मुताबिक, यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी कि उनके आइडल ने उन्हें इतना समय दिया। म्हात्रे ने रोहित की वजह से जगह गंवाने पर पोस्ट लिखा एक समय रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान रोहित शर्मा की टीम में वापसी हुई थी, जिसके चलते आयुष को अपनी जगह गंवानी पड़ी। उस समय उन्होंने रोहित के प्रति सम्मान जताते हुए एक भावुक पोस्ट लिखा था। वे शुरू से ही रोहित को अपना रोल मॉडल मानते रहे हैं। आयुष की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम इस बार वर्ल्ड चैंपियन बनी आयुष इस साल भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के कप्तान थे। हालांकि, IPL 2026 की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ वे बिना खाता खोले आउट हो गए। वहीं, दूसरी ओर रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए सीजन की शुरुआत दमदार अंदाज में की और कोलकाता के खिलाफ 78 रन की शानदार पारी खेली। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अभिषेक शर्मा पर मैच फीस का 25% जुर्माना:KKR के खिलाफ मैच में IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा पर IPL मैच के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ गुरुवार को ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में उन्होंने IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

छिंदवाड़ा में टाइगर अटैक के बाद दहशत में ग्रामीण:महुआ बीनने जाने पर जान का खतरा, अब भी बाघ का बना हुआ मूवमेंट

छिंदवाड़ा में टाइगर अटैक के बाद दहशत में ग्रामीण:महुआ बीनने जाने पर जान का खतरा, अब भी बाघ का बना हुआ मूवमेंट

छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी वन परिक्षेत्र के बीट रमपुरी के पास टाइगर अटैक में युवक की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस स्थान पर बाघ ने हमला किया था, उसी इलाके में अब भी उसकी मूवमेंट बनी हुई है। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। साथ ही ग्रामीणों के बीच पहुंचकर “बाघ चौपाल” के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने खासतौर पर महुआ तोड़ने जाने वाले ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने, छोटे बच्चों को साथ न ले जाने और समूह में शोर करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में ज्यादा खतरा जानकारी के मुताबिक सफेद पाठा, घुरलाह टेकरी और आसपास के जंगलों में बाघ की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। इसके अलावा खमरा और जमतरा क्षेत्र में भी बाघ के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों का रोजाना आना-जाना रहता है, जिससे वन विभाग के सामने घटनाओं को रोकना बड़ी चुनौती बन गई है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन बाघ की मौजूदगी से इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

13 महीने बाद रिंग में लौट रहीं चैम्पियन लॉरेन प्राइस:कहा- पैसा कमाना, बॉक्सिंग में विरासत बनाना लक्ष्य; ओलिंपिक चैम्पियन शनिवार को स्टेफनी के खिलाफ उतरेंगी

13 महीने बाद रिंग में लौट रहीं चैम्पियन लॉरेन प्राइस:कहा- पैसा कमाना, बॉक्सिंग में विरासत बनाना लक्ष्य; ओलिंपिक चैम्पियन शनिवार को स्टेफनी के खिलाफ उतरेंगी

आईबीएफ और डब्ल्यूबीसी वेल्टरवेट चैम्पियन वेल्स की लॉरेन प्राइस 13 महीनों के इंतजार के बाद बॉक्सिंग रिंग में वापसी कर रही हैं। टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली लॉरेन ने पिछले साल मार्च में नताशा जोनस को हराकर अपनी बादशाहत साबित की थी। लेकिन उसके बाद से उन्हें रिंग में उतरने का मौका नहीं मिला। अब शनिवार को वे प्यूर्टो रिको की अजेय बॉक्सर स्टेफनी पिनेइरो एक्विनो के खिलाफ अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगी। इतने लंबे समय तक रिंग से दूर रहने के पीछे के कारणों पर लॉरेन ने बॉक्सिंग के अंदरूनी खेल और राजनीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘बाहर के लोगों को यह आसानी से समझ नहीं आता। लेकिन अक्सर यह आपके प्रमोटर, पैसों और कॉन्ट्रैक्ट की उलझनों पर निर्भर करता है। जब आप चैम्पियन बन जाते हैं, तो सामने वाले बॉक्सर बहुत ज्यादा पैसों की मांग करते हैं, जिससे मैच तय होने में समय लगता है।’ लॉरेन का सफर उनके प्रमोटर ‘बॉक्सर’ की वित्तीय परेशानियों और कॉन्ट्रैक्ट के मुद्दों के कारण अटका हुआ था। इस दौरान उनके ट्रेनर रॉब मैक्रैकन ने उन्हें संभाला। लॉरेन का साफ कहना है कि वह बॉक्सिंग से जितना हो सके उतना पैसा कमाना चाहती हैं और अपने देश वेल्स में खास विरासत बनाना चाहती हैं। 31 वर्षीय लॉरेन की निजी जिंदगी में भी खुशियां दस्तक देने वाली हैं। 4 अप्रैल के इस मैच के बाद, वे 30 मई को बचपन की दोस्त कार्ला से शादी करेंगी। उन्होंने पिछले साल ही सगाई की थी। कार्ला बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ा अपना एक बिजनेस चलाती हैं और बॉक्सिंग की दुनिया से उनका कोई लेना-देना नहीं है। लॉरेन कहती हैं कि इससे उन्हें बहुत सुकून मिलता है क्योंकि घर लौटने पर हर वक्त सिर्फ बॉक्सिंग की बातें नहीं होतीं। लॉरेन की सफलता का सफर आसान नहीं रहा है। जब वह सिर्फ तीन दिन की थीं, तब शराब की लत के शिकार उनके माता-पिता ने उन्हें छोड़ दिया था। उन्हें उनके दादा-दादी ने गोद लिया। लॉरेन कहती हैं, ‘मुझे अपने माता-पिता की याद नहीं आती। मैं बस अपने दादा-दादी की शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे हमेशा प्यार दिया और सिखाया कि कोई भी सपना छोटा या अजीब नहीं होता।’

थायरॉइड को जड़ से खत्म करने के ये हैं 3 घरेलू उपाय! आयुर्वेदाचार्य से जानें देसी नुस्खे

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Last Updated:April 03, 2026, 13:17 IST Thyroid Treatment Home Remedies: पूर्णिया में आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर नंद कुमार मंडल ने बताया कि गलत खानपान से बढ़ रहे थायरॉइड को धनिया, सूर्य नमस्कार और उज्जायी प्राणायाम से नियंत्रित किया जा सकता है. आइये जानते हैं कैसे बीमारी को जड़ से खत्म कर सकते हैं ख़बरें फटाफट पूर्णिया : आजकल थायरॉइड बीमारी की समस्या आम होती जा रही है. महिला हो या पुरुष अक्सर लोग इससे परेशान नजर आते हैं. हालांकि भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगों को ना टाईम पर खाने का ठिकाना है और ना ही टाईम पर सोने का, जिस कारण लोगों के शरीर में हार्मोन के असंतुलन होने से थायरॉइड की समस्या शुरू हो जाती है. आइये जानते हैं इसके बारे में पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर नंद कुमार मंडल से. पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर नंद कुमार मंडल बताते हैं कि थायराइड आजकल एक आम समस्या बनती जा रही है. महिला हो या पुरुष यह समस्या दोनों में आम होती जा रही है. हालांकि उन्होंने कहा बदलते खान पान और रहन सहन के कारण यह समस्या उत्पन्न होती है. साथ ही कहा कि थायराइड यह एक ग्रंथि है. जो गले के दोनों किनारे पर रहती है. इस ग्रंथि को ही थायराइड कहा जाता है. उन्होंने कहा कि यह थायराइड T-3 T-4 और TSH होते हैं. जहां थायराइड 2 तरह के पाए जाते हैं. पहला थायरॉइड हाईपरथायरायडिज्म और दूसरा हाईपोथायरायडिज्म दोनों के असंतुलन होने से किसी में मोटापा और किसी में पतलेपन यानी वजन का गिरना मुख्यतः माना जाता है. जानें कैसे करें थायरॉइड की पहचान उन्होंने कहा की इस हार्मोन के इनबैलेंस और असंतुलन होने के कारण थायराइड की समस्या होती है. हाइपर थायराइड में इंसान के शरीर का वजन कम होता है. जबकि हाइपोथाइरॉएड होने पर लोगों का मोटापा बढ़ता है. उन्होंने कहा कि इसे बड़ी आसानी से सरल और घरेलू उपाय से ठीक कर सकते हैं. घर पर करें ये 3 उपया, जड़ से खत्म हो जाएगी बीमारी जिला औषधालय केंद्र पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य के डॉक्टर नंद कुमार मंडल बताते हैं कि इसके लिए थायराइड के मरीज को धनिया का खूब सेवन करना चाहिए. धनिया के पत्तों का रोजाना नियमित तौर से उसका चटनी बनाकर सेवन करें. साथ ही साथ अगर चटनी उपलब्धता नहीं होने पर धनिया के पाउडर का भी एक चम्मच रोजाना खाली पेट में पानी के साथ सेवन करें या नहीं तो आप गोटा धनिया को रात में पानी में पीने भींगने दें  और अगली सुबह उस धनिया को अच्छी तरह छानकर इस पानी को खाली पेट सेवन करें. इसके नियमित सेवन करने से थायराइड जड़ से समाप्त हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इसको समाप्त करने के लिए आप रोजाना 3 मिनट तक सूर्य नमस्कार योग जरूर करें. ऐसा करने से भी आपका थायराइड धीरे-धीरे समाप्त हो जायेगा. तीसरी सबसे बड़ी और गारंटीफुल बात उज्जैन प्रणायाम ध्यान मुद्रा में करें. इसके लिए आप आसान मुद्रा में बैठ जाए और आंखे बंद कर अपनी आवाज को नीचे से ऊपर की तरफ खींचे. ताकि कबूतर की तरह गुटर गुटर आवाज निकले. ऐसा नियमित कुछ मिनटों के लिए रोजाना करने से भी आपके गले की ग्रंथि ठीक होगा और आप स्वस्थ महसूस करेंगे, जिससे आपका थायरॉइड पूरी तरह समाप्त हो जाएगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 13:13 IST

Artemis-2 Mission to Moon | Orion Capsule Speed 34,000 Kmhr

Artemis-2 Mission to Moon | Orion Capsule Speed 34,000 Kmhr

वॉशिंगटन13 मिनट पहले कॉपी लिंक लॉन्चिंग के बाद जब आर्टेमिस II पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहा था, तब करीब 25,000 मील की दूरी से धरती कुछ ऐसी ‘क्रेसेंट’ के आकार में नजर आई। आर्टिमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। लॉन्च के एक दिन बाद आज सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं। पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी, करीब 34 हजार Km/hr कर दी। 1 अप्रैल को सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ था। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है आर्टिमिस-2 अब ‘फ्री-रिटर्न ट्रेजैक्टरी’ पर है। यानी, यान अब न्यूटन के गति के पहले नियम- जो वस्तु चल रही है, वह चलती रहेगी के भरोसे आगे बढ़ रहा है। पूरे सफर के दौरान इंजन सिर्फ छोटे-मोटे सुधार के लिए ही फायर किए जाएंगे। यह हिस्सा बेहद संवेदनशील है। रास्ते में जरा सी चूक यान को चांद से टकरा सकती है या उसे अनंत अंतरिक्ष में भटका सकती है। पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2 5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक, धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। लेकिन, जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा। छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखेगा, जैसे हाथ के पास कोई बास्केटबॉल रखी हो। 50 मिनट के लिए टूट सकता है संपर्क: जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा, तो पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह कट सकता है। करीब 50 मिनट तक ‘कम्युनिकेशन ब्लैकआउट’ रहेगा। मिशन कंट्रोल को यान से सिग्नल नहीं मिलेगा। पहली बार धरती से इतनी दूर पहुंचेंगे: इसी दिन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402336 Km की दूरी तक पहुंचने की उम्मीद है। लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च डे रिहर्सल के दौरान की तस्वीर। सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान सातवें दिन चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टिमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है। यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल ‘गुलेल’ की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख Km का सफर तय करेंगे। दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी। ———————————— ये खबर भी पढ़े… 1972 के बाद पहली बार चांद के करीब पहुंचेंगे इंसान:10 दिन में चंद्रमा का चक्कर काटकर लौटेंगे 4 अंतरिक्ष यात्री; नासा का आर्टेमिस-II मिशन लॉन्च अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च किया। सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से ये लॉन्चिंग हुई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…