चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में मतदान 29 अप्रैल तक पूरा होगा, जबकि रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। 19 फरवरी 2026 को आयोग ने तीसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी 12 राज्यों में फाइल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, जबकि यूपी में प्रक्रिया जारी है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। ————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं:SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधबार को बताया कि उन्हें यह जानकारी 31 मार्च को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने लेटर से दी। पूरी खबर पढ़ें…
ऑटिज्म से जूझ रहे युवा बेहतर शेफ साबित हो रहे:कुकिंग जॉब्स में छिपी संभावनाओं को तराशने के लिए ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ पहल

ऑटिज्म से पीड़ित जोसेफ वैलेंटिनो 5 साल की उम्र तक बोल तक नहीं पाते थे। उनके लिए शेफ बनने का सपना नामुमकिन सा लगता था। लेकिन आज 27 की उम्र में, वह मैनहट्टन के ‘पॉइंट सेवन’ रेस्तरां में बतौर कुक काम कर रहे हैं। वैलेंटिनो का सफर आसान नहीं था। वे कहते हैं, ‘मैं खुद को एक बोझ के रूप में देखा करता था।’ रिजेक्शन और अवसाद के दौर से गुजरने के बाद अब उनका करियर एक नई पहल ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ के लिए प्रेरणा बन गया है। इसका उद्देश्य ऑटिज्म से जूझ रहे लोगों को ट्रेनिंग देकर बेहतरीन डाइनिंग जॉब्स दिलाना है। पॉइंट सेवन के मालिक शेफ फ्रैंकलिन बेकर ने कहते हैं कि यह कार्यक्रम दो समस्याओं को हल करेगा। रेस्तरां में कुशल श्रम की कमी और ऑटिज्म वयस्कों के बीच उच्च बेरोजगारी दर। बेकर कहते हैं कि असली जोखिम इन्हें काम पर रखने में नहीं, बल्कि उनकी अविश्वसनीय प्रतिभा को नजरअंदाज करने में है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटिज्म से पीड़ित लोग किचन के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। टीएसीटी के मार्क फिएरो कहते हैं कि ये बेहद व्यवस्थित होते हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हैं। यदि उन्हें मीट, सब्जी का एक निश्चित कट बनाने को कहा जाए, तो वे हर बार उसे बिल्कुल एक जैसा ही बनाएंगे। ऑटिज्म स्पीक्स के सीईओ कीथ वारगो के अनुसार, इन कर्मचारियों के लिए थोड़े बदलाव जरूरी हैं। जैसे इंटरव्यू के बजाय सीधे काम का ट्रायल लेना या शोर करने वाली फ्लोरोसेंट लाइटों के बजाय एलईडी बल्ब लगाना। स्टेप्स कंपनी की कोर्टनी कोनिन कहती हैं कि किचन में मैप और लेबल लगाने से न केवल ऑटिस्टिक, बल्कि सभी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। वैलेंटिनो अब ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ के जरिए दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। वो कहते हैं, मेरा सपना है एग्जीक्यूटिव शेफ बनना है और दिखाना चाहता हूं कि ऑटिज्म के बावजूद शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है।’ किचन में 100% सटीकता और जीरो एक्सीडेंट की गारंटी बन रहे हैं ये खास शेफ शोध के अनुसार, ऑटिस्टिक कर्मचारियों में जटिल रेसिपी और कुकिंग स्टेप्स को याद रखने की अद्भुत क्षमता होती है। वे डेटा और प्रोसेस को बहुत बारीकी से समझते हैं। ये कर्मचारी सेफ्टी प्रोटोकॉल और सफाई के नियमों का सख्ती से पालन करते हैं, जिससे किचन में दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाती है। इनका दिमाग ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ सोचता है। वे फ्लेवर और इंग्रीडिएंट्स के बीच ऐसे संबंध जोड़ सकते हैं, जो अक्सर सामान्य लोग नहीं देख पाते। छोटी से छोटी गलती को पकड़ लेना और काम को व्यवस्थित रखना इनकी सबसे बड़ी ताकत है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम हटाए गए:तमीम इकबाल को एड-हॉक कमेटी का हेड बनाया; 90 दिन के अंदर चुनाव होंगे

टी-20 वर्ल्ड कप विवाद के बाद बांग्लादेश की नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल (NSC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल को हटा दिया है। इतना ही नहीं, बोर्ड के 6 अन्य डायरेक्टर्स ने भी इस्तीफा दे दिया है। बोर्ड के कामकाज को संभालने के लिए एड-हॉक कमेटी बनाई गई है, जिसकी कमान पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को सौंपी गई है। यह कमेटी 90 दिनों के भीतर क्रिकेट बोर्ड के चुनाव कराएगी। NSC ने मंगलवार को BCB बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया। इसके बाद नई एड-हॉक कमेटी गठित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य बोर्ड के रोजमर्रा के कामकाज को संभालना और तय समय सीमा में चुनाव कराना है। बांग्लादेश ने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL से हटाने के विरोध में भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इंकार कर दिया था। इसके बाद ICC ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को मौका दिया था। बांग्लादेश के खेल मंत्रालय ने इसकी जांच कराई थी। एड-हॉक कमेटी में 11 मेंबर्स शामिल तमीम इकबाल को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। इस कमेटी में 11 मेंबर्स शामिल हैं। इनमें अथर अली खान, राशना इमाम, मिर्जा यासिर अब्बास, सैयद इब्राहिम अहमद, मिनहाजुल आबेदीन नन्नू, इशराफिल खुसरू, तंजिम चौधरी, सलमान इस्पहानी, रफीकुल इस्लाम और फहीम सिन्हा शामिल हैं। BCB के 6 डायरेक्टर्स ने भी इस्तीफा दिया T20 वर्ल्ड कप के दौरान हुए विवाद और बोर्ड के भीतर बढ़ते असंतोष के कारण बुलबुल को हटाया गया। इस दौरान छह डायरेक्टरों ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिससे बोर्ड पर दबाव बढ़ गया। NSC के डायरेक्टर अमीनुल एहसान ने बताया कि BCB बोर्ड को भंग करने और एड-हॉक कमेटी बनाने की जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को दे दी गई है। ICC नियम में सरकारी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं ICC के नियम सरकारी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देते, लेकिन 90 दिनों में चुनाव कराने की समय सीमा तय होने के कारण बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी प्रतिबंध की संभावना कम मानी जा रही है। ————————————- बांग्लादेश क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड- 3 दिन में 6 डायरेक्टर्स का इस्तीफा; प्रेसिडेंट बोले- सब चले जाएं, मैं आखिर तक हूं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) में इस वक्त भारी उठापटक चल रही है। शनिवार को बोर्ड के 4 और डायरेक्टर्स ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। गुरुवार को भी 2 मेंबर्स ने अपना पद छोड़ा था। बोर्ड प्रेसिडेंट अमिनुल इस्लाम ने जरूर कह दिया, सब भले चले जाएं, मैं कहीं नहीं जाऊंगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सप्ताह के अंदर BCB की नई सरकार भंग हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर
अहमदाबाद में डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत:चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

अहमदाबाद के चांदखेड़ा क्षेत्र में 4 अप्रैल को डोसा खाने के बाद 2 बच्चियों की उल्टी होने से मौत हो गई थी। अगले दिन दोनों बच्चियों के शव दफना दिए गए थे। अब मामला दर्ज होने के चलते पुलिस ने एक बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। माता-पिता अस्पताल में एडमिट परिजनों का आरोप है कि मारुति प्लाजा सोसायटी में रहने वाला विमल प्रजापति घनश्याम डेयरी से डोसे का तैयार घोल लाए थे। इसी घोल से डोसा बनाकर विमल, उनकी पत्नी और दोनों बेटियों ने खाया था। डोसा खाने के बाद चारों की तबीयत बिगड़ी और 3 महीने की राहा और 4 वर्षीय मिश्री की उल्टी होने के बाद मौत हो गई। वहीं विमल प्रजापति और पत्नी भावना प्रजापति का KD हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने डेयरी से सैंपल लेकर जांच शुरू की चांदखेड़ा पुलिस आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। तैयार घोल की क्वालिटी जानने के लिए FSL टीम ने घनश्याम डेयरी से सैंपल लेकर जांच शुरू की है। परिवार के सदस्य गौरीशंकर प्रजापति ने बताया कि बेटे ने रात 8:00 बजे घनश्याम डेयरी IOC रोड से तैयार घोल लाया था। इसी से बनाए गए डोसा खाने से चारों बीमार पड़ गए थे। डोसे का घोल खरीदने वालों के बयान लिए जा रहे हैं: एसीपी एल डिवीजन के एसीपी डीवी राणा ने बताया कि आरोप है कि डेयरी में तैयार घोल के बने डोसा खाने से दो बच्चियों की मौत हुई है। इसके बाद तीन महीने की बच्ची का शव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवार के अलावा इस डेयरी से घोल खरीदने वाले अन्य लोगों से भी संपर्क कर उनके बयान लिए जा रहे हैं। किसी और ग्राहक से शिकायत नहीं मिली: डेयरी मालिक वहीं, घनश्याम डेयरी के मालिक केतन भाई का कहना है कि 1 अप्रैल को उन्होंने 100 किलो से ज्यादा खीरू (डोसे का घोल) बेचा था, लेकिन किसी अन्य ग्राहक से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि खीरू पूरी तरह घर पर तैयार किया जाता है और इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी जांचे हैं और उस दिन खीरू खरीदने वाले कई ग्राहकों से संपर्क किया है। सभी ने बताया कि उन्होंने कोई परेशानी नहीं हुई। —————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सौतेले पिता ने 2 नाबालिग बेटियों को गर्भवती किया:छोटी बेटी 5 , बड़ी बेटी 2 महीने की गर्भवती गुजरात के नवसारी जिले के चिखली तालुका में एक सौतेले पिता ने अपनी 2 नाबालिग बेटियों के साथ कई बार दुष्कर्म करके उन्हें गर्भवती बना देने का शर्मनाक मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पोस्को के तहत गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें…
सत्ता पर बड़ा दांव: भारत के सबसे विवादास्पद राजनीतिक दानदाता-लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का उदय | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 17:05 IST 2019 और 2024 के बीच, मार्टिन की कंपनी, फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने अब बंद हो चुकी चुनावी बांड योजना के माध्यम से राजनीतिक खजाने में 1,368 करोड़ रुपये डाले। सैंटियागो मार्टिन की यात्रा एक क्लासिक, विवादास्पद, ‘कच्चे-से-अमीर’ कहानी है। फ़ाइल छवि/फेसबुक भारतीय राजनीतिक वित्तपोषण के जटिल और अक्सर अपारदर्शी परिदृश्य में, एक नाम भारी उद्योग या प्रौद्योगिकी के पारंपरिक गलियारों से नहीं, बल्कि कागजी पर्चियों और भव्य पुरस्कारों की उच्च-दांव वाली दुनिया से सबसे आगे बढ़ गया है। भारत के “लॉटरी किंग” के नाम से मशहूर सैंटियागो मार्टिन देश के इतिहास में सबसे बड़े राजनीतिक दानदाता के रूप में उभरे हैं। 2019 और 2024 के बीच, उनकी कंपनी, फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज ने अब बंद हो चुकी चुनावी बांड योजना के माध्यम से राजनीतिक खजाने में 1,368 करोड़ रुपये ($165 मिलियन) डाले। यह राशि अगले सबसे बड़े कॉर्पोरेट दानदाता से 40% अधिक दर्शाती है, जो अक्सर कानूनी लड़ाइयों में उलझे रहने वाले एक व्यक्ति को भारत की लोकतांत्रिक मशीनरी के केंद्र में रखती है। सैंटियागो मार्टिन कौन है और उसने अपना साम्राज्य कैसे बनाया? सैंटियागो मार्टिन की यात्रा एक क्लासिक, विवादास्पद, “कच्चे-से-अमीर” कहानी है। 13 साल की उम्र में एक साधारण व्यापारी के रूप में शुरुआत करते हुए, कोयंबटूर स्थित उद्यमी ने अंततः 1991 में मार्टिन ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ की स्थापना की। उन्होंने एक विशाल विपणन नेटवर्क बनाया, जिसने दक्षिणी और पूर्वी भारत में लॉटरी की अपार लोकप्रियता का फायदा उठाया। आज, उनका साम्राज्य रियल एस्टेट, कपड़ा और आतिथ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों तक फैला हुआ है, लेकिन लॉटरी व्यवसाय उनकी संपत्ति का निर्विवाद इंजन बना हुआ है। अपनी व्यावसायिक सफलता के बावजूद, मार्टिन का करियर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के लगातार आरोपों से प्रभावित रहा है। 2026 की शुरुआत में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 350 से अधिक फर्जी कंपनियों के एक विशाल जाल की जांच जारी रखी है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर लॉटरी फंड को हटाने और चेन्नई, कोयंबटूर, दुबई और लंदन में संपत्ति हासिल करने के लिए किया गया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि उसके नेटवर्क ने कई “राजनीतिक रूप से उजागर व्यक्तियों” के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की सुविधा प्रदान की, इस आरोप का उनकी कानूनी टीम ने दृढ़ता से विरोध किया और इसे राजनीति से प्रेरित बताया। एक ‘लॉटरी किंग’ कैसे बन गया देश का शीर्ष राजनीतिक दानदाता? भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनिवार्य चुनावी बांड डेटा के खुलासे से पता चला कि फ्यूचर गेमिंग इन गुमनाम उपकरणों का सबसे बड़ा खरीदार था। इन दान के समय ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं; कंपनी द्वारा केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापे या संपत्ति की कुर्की का सामना करने के तुरंत बाद कई सबसे बड़ी किश्तें खरीदी गईं। मार्टिन के 1,368 करोड़ रुपये के दान का वितरण वैचारिक सीमाओं से हटकर उल्लेखनीय रूप से विविध था। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) को सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 542 करोड़ रुपये मिला, इसके बाद डीएमके को 503 करोड़ रुपये मिले। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (154 करोड़ रुपये) और भाजपा (100 करोड़ रुपये) भी महत्वपूर्ण लाभार्थी थे। यह “बहुदलीय” दृष्टिकोण विभिन्न राज्य सरकारों में प्रभाव बनाए रखने और प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीतिक प्रयास का सुझाव देता है जहां उनके लॉटरी संचालन सबसे अधिक सक्रिय हैं। यह 2026 के राजनीतिक परिदृश्य के लिए क्या दर्शाता है? जैसे ही भारत ख़त्म की गई चुनावी बांड प्रणाली के परिणामों से जूझ रहा है, सैंटियागो मार्टिन की प्रोफ़ाइल पारदर्शिता पर बहस के लिए एक बिजली की छड़ी के रूप में कार्य करती है। जबकि खरीद के समय बांड गुमनाम थे, पूर्वव्यापी डेटा ने “क्विड प्रो क्वो” संस्कृति में एक दुर्लभ खिड़की प्रदान की है जो आलोचकों का आरोप है कि यह भारतीय राजनीतिक फंडिंग को परिभाषित करता है। मार्टिन के जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक ईडी की पहुंच पर दिसंबर 2025 की सुप्रीम कोर्ट की रोक सहित चल रही कानूनी लड़ाई से संकेत मिलता है कि गाथा अभी खत्म नहीं हुई है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि पुडुचेरी के 9.44 लाख और भारत भर के लाखों मतदाताओं के लिए, “लॉटरी किंग” की कहानी एक अनुस्मारक है कि उच्च-दांव वाली राजनीति के जुआ में, सदन – और जो इसे वित्तपोषित करते हैं – हमेशा सबसे शक्तिशाली हाथ रखते हैं। पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 17:05 IST समाचार चुनाव सत्ता पर बड़ा दांव: भारत के सबसे विवादास्पद राजनीतिक दानदाता-लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन का उदय अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
‘असम पुलिस पाताल से ढूंढेगी…’, दिल्ली आवास पर नहीं मिले कांग्रेस नेता पवन मंडल तो टूटे से लाल टुकड़े असम सीएम हिमंत, ये चेतावनी दे रहे हैं?

असम विधानसभा चुनाव 2026: असम में कांग्रेस प्रवक्ता पवन के सहायक के बाद एसोसिएट पद पर खड़ा हो गया है। अब खुद मुख्यमंत्री सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस नेता पर मोर्चा संभाल लिया है। साथ ही राहुल गांधी पर भी मुकदमा करने की चेतावनी दी है. इससे पहले पवन अयोग्य पर असम पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। असम पुलिस के प्रवक्ता पवन गोस्वामी के दिल्ली स्थित घर सॉप था, लेकिन कांग्रेस के प्रवक्ता नहीं मिले। इस पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम पुलिस उन्हें पाताल में भी खोजेगी. खड़गे जी पागलों जैसी बातें करते हैं: हिमंता बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विदेश मंत्री से पहले भी कोई आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए। खड़गे जी की उम्र हो गयी है. फिर भी वह पागलों जैसी बातें करती हैं. असम पुलिस तो पाताल से भी लोगों को ढूंढ सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने ये दस्तावेज़ नीचे दिए हैं। इस मामले में राहुल गांधी तक की राय हमें देखने की कोशिश मत करो। यह असमंजस है. हम 17 बार इस्लामिक आक्रमण के विरुद्ध युद्ध लड़कियाँ हैं। #घड़ी | जोरहाट | कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है, “आरोप लगाने से पहले उन्हें विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था। खड़गे जी की उम्र हो गई है, फिर भी वह पागलों की तरह बोलते हैं। असम पुलिस ‘पाताल’ से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मैं… pic.twitter.com/EgIOsIFcuv – एएनआई (@ANI) 7 अप्रैल 2026 इससे पहले पवन सहचालक को लेकर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि वह कल गुवाहाटी भाग गए थे। मीडिया से मिली जानकारी से पता चला कि पुलिस उनके दिल्ली वाले आवास पर थी। लेकिन वह भाग गया। कानून अपना काम करेगा. पूरा मामला क्या है? रिश्ता, मामला 5 अप्रैल को हुआ कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यात्रा हुई है। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता पवन प्रशांत ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं. साथ ही पूछा कि तीन पासपोर्ट रखने की आवश्यकता क्यों है? क्या वे कोई अपराधी हैं? इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं. असम चुनाव के बाद हरियाणा में किस तरह की तैयारी की जा रही है? पवन सह-लेखक ने हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति को पिशाच के आधार पर सही करार दिया। इसके अलावा पवन महासचिव ने पूछा कि इसकी जानकारी क्या है? शाह ने जवाब दिया कि वो क्या मठवासी इस मामले की जांच कराएंगे? यह भी पढ़ें: पवन परमिट नहीं मिले, घर से क्या जब्त कर ली गई असम पुलिस? अनबन ने ही कहा- ‘जहां से भी ढूंढेंगे’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट समाचार(टी)असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस नेता पवन खेड़ा(टी)राहुल गांधी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)असम पुलिस ने पवन खेड़ा दिल्ली में छापा मारा सदन(टी)राजनीतिक खींचतान(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)जोराहाट समाचार(टी)असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस नेता पवन जेटली(टी)राहुल गांधी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)असम पुलिस ने दिल्ली हाउस पर डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक बयान
राजनाथ बोले- पाकिस्तान कितने टुकड़ों में बंटेगा, भगवान ही जाने:बंगाल में नजर डाली तो बुरा नतीजा होगा; PAK बोला था- भविष्य में कोलकाता निशाने पर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमला करने की धमकी पर जवाब दिया। राजनाथ ने कहा कि आसिफ को इस तरह का भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए था। 55 साल पहले जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बंटा था। तब उन्हें इसके बुरे नतीजे भुगतने पड़े थे। अगर उन्होंने बंगाल पर बुरी नजर डालने की कोशिश की, तो भगवान ही जाने कि इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े हो जाएंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 4 अप्रैल को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए भारत को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर भारत कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। बंगाल चुनाव में TMC ने उठाया पाकिस्तान की धमकी वाला मुद्दा…. राजनाथ के पाकिस्तान पर पिछले 2 बड़े बयान… 23 नवंबर 2025: राजनाथ बोले- बॉर्डर कब बदल जाए कोई नहीं जानता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सिंध की जमीन भारत का हिस्सा भले न हो, लेकिन सभ्यता के हिसाब से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। और जहां तक जमीन की बात है। कब बॉर्डर बदल जाए कौन जानता है, कल सिंध फिर से भारत में वापस आ जाए। पूरी खबर पढ़ें… 21 सितंबर 2025: राजनाथ बोले- PoK बिना हमला किए वापस मिलेगा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भारत को बिना किसी लड़ाई या हमले के अपने आप मिल जाएगा। PoK के लोग खुद आजादी की मांग कर रहे हैं और एक दिन वे कहेंगे, ‘मैं भी भारत हूं।’ राजनाथ सिंह ने यह बात मोरक्को में भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने याद दिलाया कि पांच साल पहले कश्मीर में सेना के एक कार्यक्रम में भी उन्होंने यही बात कही थी। पूरी खबर पढ़ें…
संस्था एकता में दरार? कांग्रेस ने ममता बनर्जी को घेरा, कहा- आधार पर आरोप लगाओ

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ठीक है डेमोक्रेटिक गठबंधन ‘इंडिया’ में घमासान मच गया है। न्यूक्लवादी कांग्रेस मणिकम टैगोर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। टैगोर ने ममता के उन गरीबों को “गैर-जिम्मेदाराना” बताया, जिसमें उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस और टीचर्स (डीएमके) के बीच एकता होने का संकेत दिया था। यह विवाद कई बार सामने आया है जब केंद्र में तो ये हथियार साथ हैं, लेकिन बंगाल की जमीन पर एक-दूसरे के ताल ठोक रहे हैं. कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने सोशल प्लेटफॉर्म मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि ममता बनर्जी के आरोप पूरी तरह से निराधार और निंदनीय हैं। उन्होंने कहा, “जब हमें एकजुट बीजेपी से गठबंधन करना चाहिए, तब ऐसे बिना सिर-पैर के चार्जेज एसोसिएशन को फिर से शुरू करना चाहिए।” टैग ने तंज कसते हुए याद दिलाते हुए कहा कि यह कांग्रेस गठबंधन नहीं बल्कि क्लासिक कांग्रेस (टीएमसी) थी, जो 1998 और 1999 में बीजेपी के साथ थी और 2004 के चुनाव में भी आरएसएस-बीजेपी के साथ मिलकर बनी थी। राहुल गांधी के संघर्ष का उल्लंघनटैगोर ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह सीखने की जरूरत नहीं है कि भाजपा कैसे लड़ती है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी लगातार आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ बने हुए हैं। इसी वजह से 25 से ज्यादा केस हुए, उनके संगठन छीन लिए गए और उन्हें घर से भी बाहर कर दिया गया। यह सब उनकी बीजेपी से लड़ाई की कीमत चुकाई गई है।” अभिषेक बनर्जी ने भी बनाया अर्थशास्त्रीविवाद तब शुरू हुआ जब ममता बनर्जी ने बंगाल में कांग्रेस और स्टालिन की पार्टी (डीएमके) पर बीजेपी के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया। इसके बाद कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने भी मोर्चा खोल दिया और कहा कि अधीर रंजन चौधरी, अमित शाह की केंद्रीय सेनाओं के संरक्षण में अख्तर वोट कटर का काम कर रहे हैं। गठबंधन में नेतृत्व को लेकर सैलूनसिर्फ बंगाल ही नहीं, गठबंधन के अंदर नेतृत्व को लेकर भी अलग-अलग सुर सुनाए दे रहे हैं। जहां सागरिका घोष जैश नेता ममता बनर्जी को गठबंधन का चेहरा बता रही हैं, वहीं उदयनजी स्टालिन अपने पिता एम.के. स्टालिन को आगे बढ़ाया जा रहा है. इन डॉक्यूमेंट्री में चुनाव से पहले गठबंधन की ओर से एकजुटता पर बड़े सवाल किए गए हैं। बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंगपश्चिम बंगाल के 294 विधानसभा के लिए गियरबॉक्स पैरा चढ़ाई का भुगतान किया गया है। यहां दो अप्रैल को वोट डाले जाएंगे—पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा 29 अप्रैल को होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे. बंगाल में मुख्य मुकाबला पार्टी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है, लेकिन कांग्रेस और वामदल (बाएं) भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सहयोगियों के बीच यह जंगी जंग चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)ममता बनर्जी(टी)सऊदी अरब हमला(टी)जुबैल पेट्रोकेमिकल प्लांट हमला(टी)साबिक प्लांट विस्फोट(टी)सऊदी ईरान तनाव(टी)मध्य पूर्व संघर्ष(टी)ईरान इजरायल हड़ताल(टी)खाड़ी संकट समाचार(टी)सऊदी मिसाइल अवरोधन(टी)किंग फहद कॉजवे बंद(टी)पेट्रोकेमिकल हब हमला(टी)ऊर्जा बुनियादी ढांचा हमला(टी)वैश्विक तेल आपूर्ति जोखिम(टी)सऊदी रक्षा प्रणाली(टी)बैलिस्टिक मिसाइल हमला(टी)ब्रेकिंग न्यूज मध्य पूर्व(टी)ममता बनर्जी बनाम कांग्रेस पार्टी गठबंधन विवाद पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 मणिकम टैगोर का बयान राहुल गांधी बनाम बीजेपी निवेशक और कांग्रेस की जंजी जंग इंडिया गठबंधन में बंगाल विधानसभा चुनाव चरण विपक्ष
Skin Care Tips: गर्मी में पेट और स्किन रहेंगे एकदम फ्रेश! रोज खाएं ये हरे पत्ते, दवा की जरूरत ही नहीं पड़ेगी

Last Updated:April 07, 2026, 16:57 IST Summer Skin Care Tips: गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा और हेल्दी रखना बेहद जरूरी होता है, खासकर पेट और त्वचा के लिए. ऐसे में कुछ हरे पत्तेदार खाद्य पदार्थ आपकी सेहत के लिए किसी दवा से कम नहीं होते. पुदीना, धनिया, पालक, नीम और मेथी जैसे पत्ते शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. ये पत्ते न केवल शरीर की गर्मी को कम करते हैं, बल्कि त्वचा को अंदर से पोषण देकर नेचुरल ग्लो भी प्रदान करते हैं. इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट स्किन की समस्याओं जैसे पिंपल्स और डलनेस को दूर करने में सहायक होते हैं. 4. लेमनग्रास: लेमनग्रास एक खुशबूदार और गुणकारी पत्ता है, जिसका उपयोग गर्मी में काफी फायदेमंद होता है. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की गर्मी और सूजन को कम करते हैं. लेमनग्रास को पानी में उबालकर चाय की तरह पी सकते हैं. इसका सेवन करने से शरीर को सुकून मिलता है और त्वचा पर भी नेचुरल ग्लो आता है. 1. पुदीना: आयुर्वेदिक डॉक्टर नरेंद्र कुमार ने बताया कि पुदीना गर्मी के मौसम का सबसे फायदेमंद पत्ता माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करती है. गर्मियों में पुदीना को सबसे ज्यादा याद किया जाता है क्योंकि पुदीने का मसाला बनाकर छाछ में मिलाकर पिया जाता है.पुदीना पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और गैस, एसिडिटी व पेट की जलन को कम करता है. आप इसे चटनी, छाछ, सलाद या ड्रिंक्स में आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा पुदीने का पेस्ट त्वचा पर लगाने से मुंहासे और दाग-धब्बे भी कम होते हैं और त्वचा को ठंडक मिलती है. राहुल मनोहर/सीकर. गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी हो जाता है. इस समय गलत खान-पान से पेट की समस्याएं और त्वचा से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए हमें ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो और जो शरीर को अंदर से राहत दें. आज ऐसे पांच हरे पत्तों के बारे में बताएगे जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने में बहुत मददगार होते हैं. ये न सिर्फ शरीर को ठंडा रखते हैं,बल्कि पाचन को भी मजबूत बनाते हैं और त्वचा को साफ व चमकदार बनाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google 2. हरा धनिया: हरा धनिया भी गर्मी में बहुत काम आने वाला पत्ता है. इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. धनिया का सेवन चटनी, सब्जी, सलाद या स्मूदी के रूप में किया जा सकता है. यह पाचन सुधारता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है और शरीर को डिटॉक्स करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर की गर्मी कम होती है और त्वचा पर भी अच्छा असर पड़ता है, जिससे चेहरा साफ और ताजा दिखता है. 5. पान के पत्ते: आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, पान के पत्ते हमारी परंपरा का हिस्सा होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं.इनकी तासीर ठंडी होती है, जो गर्मी में शरीर को राहत देती हैं. मुंह में छाले होने पर पान के पत्तों को विशेष रूप से खाया जाता है. पान के पत्ते पाचन को सुधारते हैं और गैस व एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करते हैं. आप पान का शेक बनाकर भी पी सकते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है. इसके अलावा पान के पत्तों का पेस्ट त्वचा पर लगाने से जलन और संक्रमण में राहत मिलती है. 3. बेल के पत्ते: उन्होंने बताया कि बेल के पत्ते भी गर्मी में शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. ये शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन को सुधारते हैं और लू से बचाने में मदद करते हैं. सुबह खाली पेट दो-तीन बेल के पत्ते चबाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. इससे कब्ज, एसिडिटी और पेट की गर्मी कम होती है. बेल के पत्तों को सुखाकर चाय के रूप में भी लिया जा सकता है, जो शरीर को अंदर से ठंडा और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. First Published : April 07, 2026, 16:57 IST
David Warner Drink Drive Case

Hindi News Sports David Warner Drink Drive Case | Sydney Court Next Month, PSL Return सिडनी1 घंटे पहले कॉपी लिंक डेविड वॉर्नर ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले लिया था। तस्वीर 2023 वनडे वर्ल्ड कप की है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर डेविड वॉर्नर पर ड्रिंक एंड ड्राइव का केस दर्ज हुआ है। सिडनी में पुलिस ने उन्हें ब्रीथ टेस्ट के दौरान पकड़ा और गिरफ्तार कर थाने ले गई। अब उन्हें अगले महीने कोर्ट में पेश होना होगा। सिडनी में रैंडम चेकिंग के दौरान कार्रवाई यह घटना सिडनी के मारूब्रा इलाके की है, जहां पुलिस रैंडम ब्रीथ टेस्ट कर रही थी। वॉर्नर अपनी कार लेकर टेस्टिंग प्वाइंट से पहले ही रुक गए, लेकिन पुलिस ने उनके पास जाकर जांच की। टेस्ट में वे नशे की हालत में पाए गए। थाने ले जाकर किया गया टेस्ट पुलिस वॉर्नर को मारूब्रा पुलिस स्टेशन ले गई, जहां उनका अल्कोहल लेवल 0.104 रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद उन पर ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला दर्ज किया गया। PSL के बीच ऑस्ट्रेलिया गए थे वार्नर वॉर्नर इन दिनों पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में कराची किंग्स की कप्तानी कर रहे हैं। मैचों के बीच मिले ब्रेक में वे ऑस्ट्रेलिया गए थे। अब वे 9 अप्रैल को पेशावर जालमी के खिलाफ मुकाबले से पहले पाकिस्तान लौटने की तैयारी में हैं। यह मैच कराची में खेला जाएगा। PSL में कराची किंग्स की कप्तानी डेविड वॉर्नर कर रहे हैं। 2024 में लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास वॉर्नर ने 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 112 टेस्ट, 161 वनडे और 110 टी-20 मैच खेले। तीनों फॉर्मेट में मिलाकर 15 हजार से ज्यादा रन बनाए। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में लगातार सक्रिय संन्यास के बाद भी वार्नर फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहे हैं। पिछले सीजन बिग बैश लीग में सिडनी थंडर के लिए उन्होंने आठ मैच में 433 रन बनाए थे और टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने अगले सीजन के लिए भी टीम के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है। डेविड वॉर्नर ऑस्ट्रेलिया की डोमेस्टिक टी-20 लीग में सिडनी थंडर की तरफ से खेलते हैं। —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज राजस्थान vs मुंबई मैच:हार्दिक की फिटनेस पर सस्पेंस IPL में मंगलवार को मुंबई इंडियंस (MI) का सामना राजस्थान रॉयल्स (RR) से होगा। यह मुकाबला गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा। टॉस शाम 7 बजे होगा। जबकि 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। मुंबई के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके कप्तान हार्दिक पांड्या की फिटनेस है। वे पिछला मैच बीमारी के कारण नहीं खेल पाए थे। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







