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हैदराबाद में SIR मार्केटिंग पर उठा सवाल: BLO का वीडियो वायरल, ट्रेनिंग पर विवाद

हैदराबाद में SIR मार्केटिंग पर उठा सवाल: BLO का वीडियो वायरल, ट्रेनिंग पर विवाद

हैदराबाद एसआईआर मैपिंग: हैदराबाद में स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पिंगिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रक्रियात्मक कलाकारों को अद्यतन करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मणियाँ दी गई हैं, लेकिन हाल ही में एक मामले में सामने आया है जिसमें इसकी सूची और कलाकारों की सूची में शामिल लोगों पर सवाल उठाए गए हैं। यह मामला चंद्रयानगुट्टा विधानसभा क्षेत्र के बाराकास इलाके का है, जहां कुरमोशी स्कूल स्थित पोलिंग स्टेशन नंबर 101 पर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को लेकर लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे बीएलओ देश से आये तो उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि अधिकारी विज्ञापन प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं ले सके। बताया जा रहा है कि संबंधित बीएलओ एक सफाई कर्मचारी है, जिसे इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन उसे इस कार्य के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर बीएलओ की जानकारी की कमी स्पष्ट दिखाई दे रही है। स्थानीय स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर नामांकन में कहा है कि पात्र सूची में इस तरह की विविधताएं गलत हो सकती हैं, जिससे कई पात्र सूची से बाहर राह हो सकती हैं या गलत डेटा दर्ज हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रक्रिया में केवल प्रशिक्षण और सक्षम कर्मचारियों को ही शामिल किया जाए। इस मामले में पूरी तरह से दिलचस्प बातचीत की प्रक्रिया के बारे में भी पूछे गए सवाल नीचे दिए गए हैं। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि SIR जैसी प्रक्रिया में पद और नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह लोकतंत्र की स्थापना से जुड़ी हुई है। बहरहाल, इस मामले में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालाँकि, उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस विवाद को लेकर जांच करेगा और सुधार की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इसी तरह की स्थिति से बचा जा सके। ये भी पढ़ें: होर्मुज पर ब्लॉकेज, अब तेल के जहाज भारत आ रहे हैं या नहीं? सरकार ने दिया अपडेट, ये है प्लान बी

सतीश शाह का पिंडदान 'साराभाई' की कास्ट ने किया था:राजेश कुमार ने बताया- निःसंतान होने पर गया में पूरी टीम ने निभाई परंपरा

सतीश शाह का पिंडदान 'साराभाई' की कास्ट ने किया था:राजेश कुमार ने बताया- निःसंतान होने पर गया में पूरी टीम ने निभाई परंपरा

एक्टर राजेश कुमार ने हाल ही में बताया कि दिवंगत एक्टर सतीश शाह के लिए टीवी शो साराभाई वर्सेज साराभाई की पूरी कास्ट ने गया में पिंडदान किया था क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी। राजेश कुमार ने बॉलीवुड बबल से बात करते हुए सतीश शाह को बहुत जिंदादिल और पॉजिटिव इंसान बताया। उन्होंने कहा कि सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम के बावजूद, उन्होंने कभी भी अपने दर्द को अपने व्यवहार या काम पर असर नहीं पड़ने दिया। राजेश के मुताबिक, सतीश शाह डायलिसिस पर थे और उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी निराशा नहीं दिखाई। वे शम्मी कपूर से काफी प्रेरित थे, जिन्होंने जीवन के आखिरी समय में भी हिम्मत नहीं हारी। सतीश शाह आखिरी दिनों तक खुशमिजाज थे राजेश ने कहा कि सतीश शाह अपने निधन से कुछ दिन पहले भी नॉर्मल और खुशमिजाज मूड में थे। एक्टर ने कहा, “मैंने उनसे चार दिन पहले बात की थी और वह तब भी खुशमिजाज और एनर्जी से भरे हुए थे।” पिंडदान को लेकर राजेश कुमार ने कहा कि वे गया से हैं, जहां यह परंपरा निभाई जाती है। सतीश शाह के निःसंतान होने के कारण शो की पूरी टीम ने मिलकर उनका पिंडदान किया। यह एक इमोशनल फैसला था। सतीश शाह का अक्टूबर 2025 में निधन हुआ था सतीश शाह का निधन 25 अक्टूबर 2025 को 74 साल की उम्र में मुंबई में हुआ। शाह के निधन को लेकर शुरुआत में किडनी फेलियर की बात सामने आई थी। हालांकि बाद में राजेश कुमार ने साफ किया था कि उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। सतीश शाह फिल्म और टीवी इंडस्ट्री का जाना-माना नाम थे। उन्होंने साराभाई वर्सेज साराभाई और जाने भी दो यारो जैसे प्रोजेक्ट्स से पहचान बनाई। इसके अलावा वे फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, मैं हूं ना, रा.वन और इश्क विश्क में भी नजर आए थे।

Oral Cancer Symptoms : कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इन लक्षणों को नज़रअंदाज़? ये 6 बदलाव हो सकते हैं मुंह के कैंसर का संकेत!

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Last Updated:April 09, 2026, 15:53 IST Oral Cancer Symptoms : मुंह का कैंसर हमेशा तेज़ दर्द या गंभीर लक्षणों के साथ शुरू नहीं होता. कई मामलों में, यह धीरे-धीरे शुरू होता है मुंह में हल्की-सी मोटाई या गांठ के रूप में, जिसे आसानी से नज़रअंदाज़ किया जा सकता है. हालांकि, इसकी शुरुआती पहचान से बहुत बड़ा फ़र्क पड़ सकता है. यहां कुछ शुरुआती चेतावनी संकेत दिए गए हैं, जिन्हें आपको कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. मुंह के ऐसे छाले जो ठीक न हों: हम सभी को कभी-कभी छाले या घाव हो जाते हैं, लेकिन वे आम तौर पर एक या दो हफ़्ते में ठीक हो जाते हैं. अगर आपको अपने मुंह के अंदर कोई ऐसा छाला दिखे चाहे वह होंठ, मसूड़ों या जीभ पर हो जो दो हफ़्ते से ज़्यादा समय तक बना रहे, तो यह एक चेतावनी का संकेत हो सकता है. ये छाले दर्दनाक हो भी सकते हैं और नहीं भी; इसी वजह से लोग अक्सर इन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं. मुंह के अंदर सफ़ेद या लाल धब्बे: मुंह के अंदर दिखने वाले किसी भी असामान्य धब्बे पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. सफ़ेद धब्बे (जिन्हें ल्यूकोप्लाकिया कहते हैं) या लाल धब्बे (एरिथ्रोप्लाकिया) कभी-कभी कैंसर से पहले की स्थिति का संकेत हो सकते हैं. ये जीभ, गालों की अंदरूनी परत या मसूड़ों पर दिख सकते हैं; क्योंकि शुरुआती दौर में इनसे अक्सर कोई तकलीफ़ नहीं होती, इसलिए इन्हें आसानी से नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है. बिना किसी वजह के दर्द या सुन्नपन: मुंह, गले या कान में लगातार दर्द बिना किसी साफ़ वजह के किसी गंभीर अंदरूनी समस्या का लक्षण हो सकता है. इस तरह की तकलीफ़ शुरू में शायद ज़्यादा तेज़ न लगे, लेकिन यह समय के साथ बनी रह सकती है या धीरे-धीरे और बिगड़ सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google चबाने में तकलीफ़: अगर आपको अचानक ऐसा लगे कि खाना अटक रहा है, या अगर आपको निगलते समय दर्द या तकलीफ़ हो, तो यह किसी छोटी-मोटी समस्या के बजाय किसी कहीं ज़्यादा गंभीर चीज़ का संकेत हो सकता है. चबाने में तकलीफ़, या जबड़ा या जीभ हिलाने में परेशानी होना भी इसी तरह का एक बारीक चेतावनी का संकेत है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. मुंह या गर्दन में गांठें या सूजन: गालों, जबड़े या गर्दन में किसी गांठ, सूजन या ऊतकों के मोटे होने का एहसास होना चिंता का विषय हो सकता है. हालांकि ये ऊतक ज़रूरी नहीं कि दर्दनाक हों, लेकिन ये ऊतकों की असामान्य बढ़त का संकेत हो सकते हैं, जिसके लिए डॉक्टरी जांच ज़रूरी हो जाती है. आवाज़ में बदलाव: अगर आवाज़ में लगातार भारीपन बना रहे और उसमें कोई सुधार न हो, या बोलने के तरीके में कोई बदलाव आ जाए, तो यह गले या मुंह से जुड़ी समस्याओं से संबंधित हो सकता है. अगर यह समस्या दो हफ़्ते से ज़्यादा समय तक बनी रहे, तो डॉक्टरी जाँच करवाने की सलाह दी जाती है. First Published : April 09, 2026, 15:53 IST

राघव चड्ढा ने संजय दत्त की तारीफ की:कहा- धुरंधर के लिए आपको बहुत प्यार मिला; संजय को मेहमाननवाजी के लिए घर बुलाया

राघव चड्ढा ने संजय दत्त की तारीफ की:कहा- धुरंधर के लिए आपको बहुत प्यार मिला; संजय को मेहमाननवाजी के लिए घर बुलाया

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा ने फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद संजय दत्त के लिए एक खास नोट लिखा है। राघव ने हाल ही में अपने घर पर संजय दत्त की मेजबानी की और उनके साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। राघव चड्ढा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “कुछ समय पहले अपने घर पर संजय दत्त की मेजबानी करना खुशी की बात थी। वे मेरे जानने वाले सबसे मिलनसार लोगों में से एक हैं। ‘धुरंधर’ के लिए आपको जो प्यार मिल रहा है, उसे देखकर बहुत अच्छा लगा। आपका औरा आज भी वैसा ही है और हर दौर में लोग आपको उतना ही पसंद करते हैं।” राघव ने आगे लिखा कि संजय दत्त इस सफलता के पूरी तरह हकदार हैं। धुरंधर 2 ने ‘बाहुबली 2’ को पछाड़ा इससे पहले रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने 20 दिनों के भीतर फिल्म ने भारत में 1,033.37 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। इस आंकड़े के साथ ही फिल्म ने एसएस राजामौली की ‘बाहुबली 2’ के घरेलू नेट कलेक्शन (1,030.42 करोड़) को पीछे छोड़ दिया है। अब जल्द ही यह फिल्म अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2’ के ऑल-टाइम रिकॉर्ड को तोड़ कर भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन सकती है। पार्ट 1 के लाइफटाइम रिकॉर्ड को 10 दिन में तोड़ा इस फिल्म की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट के ओवरसीज लाइफटाइम कलेक्शन को महज 10 दिनों में ही पीछे छोड़ दिया था। यह सबसे तेजी से 1000 करोड़ रुपए (वर्ल्डवाइड) कमाने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म ने भारत में 100 करोड़ से लेकर 1000 करोड़ तक के सभी माइलस्टोन सबसे कम समय में हासिल किए हैं। साथ ही, यह अब तक की सबसे बड़ी हिंदी ओपनर और वर्ल्डवाइड सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड देने वाली फिल्म भी बन चुकी है।

तोरई की सब्जी का जबरदस्त फायदा! कब्ज, शुगर और वजन पर असरदार, जानिए फायदे और आसान रेसिपी

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X तोरई की सब्जी का कमाल! कब्ज, शुगर और वजन कम पर जबरदस्त असरदार   Benefits Of Ridge Gourd Vegetable : नागौर में इन दिनों तोरई सब्जी को लेकर खास चर्चा हो रही है. भले ही यह सब्जी देखने में साधारण लगती हो, लेकिन इसके अंदर सेहत का खजाना छिपा होता है. आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार तोरई में विटामिन-A, विटामिन-C, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, कब्ज दूर करने और शरीर को ठंडक देने में बेहद फायदेमंद मानी जाती है. गर्मी के मौसम में इसका सेवन खास लाभ पहुंचाता है. इतना ही नहीं, यह वजन कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी सहायक बताई जाती है. यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे रोजाना आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं. आसान रेसिपी के साथ यह स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल बन जाती है.

108 देशों में एक साथ गूंजा नवकार महामंत्र:जवाहर चौक जैन मंदिर में सामूहिक पाठ; विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना

108 देशों में एक साथ गूंजा नवकार महामंत्र:जवाहर चौक जैन मंदिर में सामूहिक पाठ; विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना

विश्व शांति, मानव कल्याण और सभी के मंगलमय जीवन की कामना के साथ राजधानी में नवकार महामंत्र की स्वर लहरियां गूंज उठीं। इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन जीतो के तत्वावधान में भारत सहित दुनिया के 108 देशों में एक साथ नवकार महामंत्र का पाठ किया गया। भोपाल में यह आयोजन जवाहर चौक स्थित जैन मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आचार्य विद्यासागर महाराज एवं आचार्य समय सागर महाराज के शिष्य निर्यापक मुनि संभव सागर महाराज के सानिध्य में सामूहिक पाठ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मंत्र जाप किया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। दिल्ली में अमित शाह रहे मुख्य अतिथि राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जैन धर्म के सिद्धांतों में क्षमा और नवकार मंत्र विश्व शांति के लिए एक सशक्त आधार हैं। यह अनुष्ठान सार्वभौमिक संदेश देता है। भोपाल में घर-घर हुआ पाठ जीतो के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत जैन और सचिव वैभव चौधरी ने बताया कि इस आयोजन के तहत भोपाल में भी घर-घर नवकार महामंत्र का पाठ किया गया। इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संदेश गया। मुनि संभव सागर महाराज ने कहा कि नवकार महामंत्र शाश्वत और अनंत गुणों का धारक है। इसमें पंच परमेष्ठियों का स्मरण कर आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। जनप्रतिनिधि और समाजजन रहे मौजूद कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति आयुक्त जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसमें डॉ. प्रशांत जैन, वैभव चौधरी, सुनील जैन, मनोज पारेख, प्रतिभा टोंग्या, पूजा जैन, प्रखर चौधरी, आयुष मोदी और अन्य सदस्य शामिल हुए। प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया कि जीतो संस्था देश-विदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। यह आयोजन भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और मानवता का कल्याण है।

पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत

पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत

अमेरिका में केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल की सजा सुनाई गई है। लॉस एंजेलिस फेडरल कोर्ट के जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने 8 अप्रैल को सजा सुनाते हुए कहा कि संघा ने हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स को ड्रग्स सप्लाई कर लग्जरी जिंदगी जी। फ्रेंड्स सीरीज के फेमस एक्टर मैथ्यू पेरी की मौत में उसका सीधा रोल था। पेरी की 2023 में केटामाइन ओवरडोज से मौत हुई थी। जसवीन ने खुद कबूल किया था कि उन्होंने पेरी को केटामाइन बेची थी। संघा के परिवार का कनेक्शन जालंधर के पास फिल्लौर से है। जालंधर के संघा गांव से जुड़े गोत्र की जसवीन संघा का जन्म 22 जुलाई 1983 को लंदन (ब्रिटेन) में हुआ। माता नीलम सिंह और पिता बलजीत सिंह छोकर इंडस्ट्रियलिस्ट हैं। दादा-दादी ईस्ट लंदन में फैशन रिटेल बिजनेस चलाते हैं और रॉयल फैमिली है। परिवार बाद में कैलिफोर्निया के कैलाबासास चला गया, जहां जसवीन का बचपन बीता। वे अमेरिका-ब्रिटेन की ड्यूल सिटीजन हैं। जानें कौन हैं संघा और कैसे ड्रग क्वीन बनीं… पेरी का फायदा उठाकर लग्जरी लाइफ बिताई जसवीन संघा और मैथ्यू पेरी के बीच कोई दोस्ती नहीं थी। संघा के वकील ने स्पष्ट किया कि उनके संबंधों की खबरें महज अफवाहें हैं। असल में संघा मुख्य ड्रग सप्लायर थी, जिसने बिचौलियों के जरिए पेरी तक केटामाइन पहुंचाया। पेरी को सीधे तौर पर संघा से कभी बात करने की जरूरत नहीं पड़ी। पेरी के सहायक को केटामाइन ड्रग बेची अक्टूबर 2023 में संघा ने पेरी के सहायक को केटामाइन बेची, जो पेरी की मौत का कारण बना। साक्ष्य मिटाने की कोशिशों के बावजूद संघा ने सितंबर 2025 में अपना गुनाह कबूल कर लिया। 8 अप्रैल को अदालत ने उन्हें ड्रग बेचने और पेरी की मौत का दोषी मानकर 15 साल की सजा सुनाई।

Post Office Scheme | 7.4% Annual Interest

Post Office Scheme | 7.4% Annual Interest

नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप रिटायरमेंट के बाद या इससे पहले अपने लिए हर महीने यानी मंथली इनकम का इंतजाम करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस का नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट सही रहेगा। इस स्कीम में अभी 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसके जरिए आप अपने लिए हर महीने 9,250 रुपए की इनकम का इंतजाम कर सकते हैं। इस स्कीम में 5 साल के निवेश करना होता है। हम आपको इस स्कीम के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले जानें पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम क्या है? पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम अकाउंट भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है, जो उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित आय चाहते हैं। यह स्कीम खासकर रिटायर लोगों, बुजुर्गों या उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो जोखिम से बचना चाहते हैं और नियमित आय का जरिया ढूंढ रहे हैं। इसे एक तरह का टर्म डिपॉजिट कह सकते हैं। हर महीने मिलेंगे 9,250 रुपए इस स्कीम में सालाना मिलने वाले ब्याज को 12 महीनों में बांट दिया जाता है और वह अमाउंट आपको हर महीने मिलता रहता है। अगर आप मंथली पैसा न निकाले तो वह आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट में रहेगा। हालांकि इस ब्याज पर आपको ब्याज नहीं मिलेगा। ब्याज का भुगतान मूलधन की रकम पर ही किया जाएगा। मान लीजिए आप इस योजना में 9 लाख रुपए का निवेश करते हैं तो अब आपको 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से सालाना 66 हजार 600 रुपए ब्याज मिलेगा। वहीं अगर आप इसमें जॉइंट अकाउंट के तहत 15 लाख का निवेश करते हैं तो आपको 1 लाख 11 हजार रुपए सालाना ब्याज मिलेगा। इसे 12 महीनों में बराबर बांटे तो आपको हर महीने 9,250 रुपए मिलेंगे। अगर रिटर्न को विड्रॉ नहीं करते हैं तो उस पर भी ब्याज मिलता है। नोट: ये कैलकुलेशन अनुमानित तौर पर किया गया है। सरकार हर 3 महीने में स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज की समीक्षा करती है। 5 साल बाद जमा किया हुआ पैसा मिल जाएगा वापस इसका मैच्योरिटी पीरियड 5 साल है। यानी स्कीम पूरी होने पर आपकी पूरी जमा पूंजी आपको वापस मिलगी। हालांकि, अगर आप चाहें तो इस पैसे को फिर से इसी योजना में निवेश करके मंथली आय का साधन बनाए रख सकते हैं। कौन खोल सकता है अकाउंट? इस खाते को किसी नाबालिग के नाम पर और 3 वयस्कों के नाम पर जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है। 10 साल से ज्यादा उम्र के माइनर के नाम भी पेरेंट्स की देखरेख में खाता खोला जा सकता है। अकाउंट खुलवाने के लिए आधार-पैन जरूरी केंद्र सरकार ने PPF, सुकन्या समृद्धि और नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट समेत अन्य पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं में निवेश के लिए पैन और आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अब से सरकार की योजनाओं में अकाउंट खोलने के लिए आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट स्लिप लगाना जरूरी होगा। इसमें अकाउंट कैसे खुलवा सकते हैं? इसके लिए सबसे पहले पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खोलना होगा। नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट के लिए एक फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ अकाउंट खोलने के लिए तय रकम के लिए कैश या चेक जमा करें। इसके बाद आपका खाता खुल जाएगा। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

शरीर के लिए ‘नेचुरल कूलर’ है इस फल का शरबत, पेट की दिक्कतों के लिए रामबाण! सदियों से पीते आ रहे लोग

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Last Updated:April 09, 2026, 14:58 IST Summer Health Tips: गर्मी में शरीर में थकान, पेट में दर्द, पानी की कमी जैसी तमाम दिक्कतें सामने आती हैं. इन सभी बीमारियों का एक इलाज. इसे नेचुरल कूलर भी कहा जाता है जो शरीर को जल्दी राहत देता है. आयुर्वेद के अनुसार, बेल के शरबत को लोग सदियों से पीते आ रहे हैं. Summer Health Tips: गर्मी के मौसम में बार-बार थकान, कमजोरी, ज्यादा प्यास लगना, पेट खराब होना और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. गर्मी में तेज धूप और लू के कारण शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. इससे शरीर की एनर्जी कम हो जाती है और व्यक्ति सुस्त और कमजोर महसूस करता है. खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं इस मौसम में ज्यादा देखने को मिलती हैं. ऐसे में अगर आप नेचुरल और आयुर्वेदिक उपाय अपनाते हैं, तो शरीर को जल्दी राहत मिलती है. बिना साइड इफेक्ट के ये उपाय शरीर को अंदर से ठंडा रखते हैं. लंबे समय तक फायदा देते हैं. बेल का शरबत: गर्मी का नेचुरल कूलरगर्मी के मौसम में बेल का शरबत सबसे असरदार और पारंपरिक ड्रिंक माना जाता है. इसे प्राकृतिक ‘कूलर’ भी कहा जाता है, जो शरीर को तुरंत ठंडक देता है. यह न सिर्फ गर्मी से राहत देता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी बनाता है. बेल का शरबत पीने से शरीर लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहता है. यह शरीर का तापमान संतुलित रखता है और लू के असर को कम करता है. इससे बार-बार प्यास लगने की समस्या भी कम होती है. पेट की समस्याओं में रामबाणबेल में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. कब्ज, गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. डायरिया या दस्त होने पर भी बेल का शरबत बहुत फायदेमंद माना जाता है. बेल का नियमित सेवन आंतों को मजबूत करता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है. इससे खाना जल्दी पचता है और पेट हल्का व आरामदायक महसूस होता है. दिल और खून के लिए भी फायदेमंदबेल का शरबत दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से गंदगी (टॉक्सिन) बाहर निकालते हैं और खून साफ रखते हैं. त्वचा पर भी असरबेल का नियमित सेवन त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है. यह स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है. आजकल लोग बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक और मीठे जूस पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं. लेकिन, इनमें केमिकल और ज्यादा शुगर होती है, जो शरीर को नुकसान पहुंचाती है. इसके मुकाबले घर का बना बेल शरबत पूरी तरह नेचुरल और सुरक्षित होता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Khandwa,Madhya Pradesh First Published : April 09, 2026, 14:58 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

TMC Alleges BJP B & C Teams to Fool Muslims

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Hindi News National TMC Alleges BJP B & C Teams To Fool Muslims | Humayun Kabir 1000 Cr Deal कोलकाता4 मिनट पहले कॉपी लिंक हुमायूं कबीर कभी तृणमूल कांग्रेस में थे। बाद में आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई। पश्चिम बंगाल की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल है। इसमें वे बीजेपी नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील पर चर्चा करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में हुमायूं कबीर कह रहे हैं कि वे किसी भी कीमत पर ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना चाहते हैं। हालांकि, भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। TMC के कुणाल घोष ने कहा कि बीजेपी ने हुमायूं के जरिए मतुआ, हिंदुओं और मुसलमानों को बेवकूफ बनाने के लिए ‘B टीम’ और ‘C टीम’ बनाई है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) चुप क्यों है? बंगाल चुनाव में हुमायूं की पार्टी विधानसभा की 294 सीटों में से 118 पर चुनाव लड़ रही है। उनका गठबंधन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो फेज में वोटिंग होगी। नतीजे 4 मई को आएंगे। 19 मिनट का ये वीडियो 19 दिसंबर 2025 का बताया जा रहा है। हुमायूं कबीर ने कहा- चुनाव के बाद कोर्ट जाऊंगा दैनिक भास्कर ने हुमायूं कबीर से बात की। उन्होंने कहा कि ये आरोप पूरी तरह फेक है। ये वीडियो AI से बनाया गया है। मैं इनके खिलाफ कोर्ट जाऊंगा। अभी मैं चुनाव प्रचार में व्यस्त हूं। समय मिलते ही केस करूंगा। हुमायूं कबीर ने कहा कि मैं सीएम हिमंता बिस्व सरमा, मोहन यादव से कभी नहीं मिला, न ही बात हुई। वीडियो में हुमायूं कबीर किसी से बातचीत करते दिख रहे है। वीडियो में सुवेंदु अधिकारी से बातचीत का दावा वीडियो में हुमायूं कबीर दावा करते हैं कि उनकी बातचीत बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से हुई है। उन्हें दिल्ली ले जाकर केंद्रीय नेतृत्व से मिलाने की बात कही गई थी। हुमायूं प्रधानमंत्री कार्यालय और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से संपर्क का भी जिक्र करते हैं। वे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिसवा सरमा के साथ बातचीत का संकेत भी देते हैं। वीडियो में हुमायूं कबीर बीजेपी के साथ 1000 करोड़ रुपए की डील का जिक्र करते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही कुछ सीनियर नेताओं के साथ बातचीत के दावे भी सामने आए हैं। वायरल वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि अगर वह इस रणनीति में सफल होते हैं तो उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। ये पता नहीं चला है कि ये वायरल वीडियो कहा शूट किया गया था। दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता। टीएमसी का आरोप- ED चुप क्यों है, यह गंभीर मामला तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने यह भी कहा कि वीडियो में कबीर ने 200 करोड़ रुपए एडवांस मिलने और पीएमओ का जिक्र किया है। घोष ने सवाल उठाया कि इस मामले में पीएमओ का कौन-सा अधिकारी शामिल है और इसकी जांच क्यों नहीं हो रही। TMC ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है और कहा है कि यह पैसों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला है। TMC ने यह भी सवाल उठाया कि ED इस मामले में अब तक चुप क्यों है। बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी हुमायूं ने 6 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। इसमें 2 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी थी। बंगाल के अलग-अलग जिलों से आए लोगों में कोई अपने सिर, कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली तो कोई रिक्शा या वैन से ईंट लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा था। ………………. हुमायूं कबीर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ’मुर्शिदाबाद में बाबरी बनना तय, हिम्मत है तो गिराओ’: कौन हैं मस्जिद का ऐलान करने वाले विधायक हुमायूं, TMC ने सस्पेंड किया ‘6 दिसंबर (2025) को 12 बजे ही बाबरी मस्जिद का शिलान्यास होगा। मुसलमानों का सेंटिमेंट टूटा है, कुछ तो करना पड़ेगा। 1992 में जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी, उनमें हिम्मत है तो मुर्शिदाबाद में आकर गिरा दें।‘ मुर्शिदाबाद के भरतपुर से TMC विधायक हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल में बाबरी नाम से मस्जिद बनाने का दावा कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…