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बड़े डायरेक्टर्स को लगा था धुरंधर-2 सोमवार को बैठ जाएगी:फिल्म मेकर कुणाल कोहली का दावा, कहा- इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया

बड़े डायरेक्टर्स को लगा था धुरंधर-2 सोमवार को बैठ जाएगी:फिल्म मेकर कुणाल कोहली का दावा, कहा- इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रही है। इसी बीच फिल्म मेकर कुणाल कोहली ने धुरंधर 2 पर एक बड़ा खुलासा किया है। कुणाल ने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले इंडस्ट्री के कई बड़े निर्देशकों का मानना था कि यह फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। कुणाल कोहली ने स्क्रीन से बातचीत में कहा कि जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब उन्होंने कई बड़े निर्देशकों से बात की थी। कुणाल के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया था। मैंने जिन बड़े डायरेक्टर्स से बात की, उनका कहना था कि फिल्म सोमवार को बैठ जाएगी। लेकिन सोमवार को फिल्म बैठने के बजाय और ज्यादा चलने लगी। कुणाल ने आगे कहा कि किसी फिल्म की सफलता के लिए इंडस्ट्री का सपोर्ट होना जरूरी नहीं है, दर्शक खुद तय करते हैं कि फिल्म कैसी है। ‘फेक कलेक्शन’ पर कुणाल का तंज कुणाल ने फिल्म के ‘जेनुइन कलेक्शन’ की तारीफ करते हुए उन फिल्मों पर निशाना साधा जो आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ करती हैं। उन्होंने कहा, कुछ फिल्में फेक कलेक्शन दिखाती हैं, फिर भी अपने पूरे लाइफटाइम में 100 करोड़ नहीं जुटा पातीं। वहीं, धुरंधर 2 ने बिना किसी दिखावे के एक दिन में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। उन्होंने आदित्य धर, रणवीर सिंह और जियो स्टूडियोज को भारतीय सिनेमा की असली क्षमता दिखाने के लिए बधाई दी। हीरो को ‘मर्द’ होना चाहिए कुणाल कोहली ने फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार की तारीफ करते हुए कहा कि हिंदी फिल्मों के हीरो को ‘मर्द’ दिखना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें विदेशी विषयों से प्रभावित होने के बजाय देसी कहानियां बनानी चाहिए। हमारे हीरो को खोया हुआ या कंफ्यूज लड़का नहीं होना चाहिए। जैसा ‘सैयारा’ और ‘धुरंधर’ में दिखाया गया, हीरो वैसा ही होना चाहिए। कुणाल ने ‘बॉर्डर 2’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह फिल्म 300 करोड़ पार कर गई थी, तब भी लोगों ने उसकी आलोचना की थी, जबकि वह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म थी।

जबलपुर में शातिर मोबाइल चोर गिरफ्तार:20 हजार का मोबाइल 1 हजार में बेचता था आरोपी, 1.11 लाख के 6 फोन जब्त

जबलपुर में शातिर मोबाइल चोर गिरफ्तार:20 हजार का मोबाइल 1 हजार में बेचता था आरोपी, 1.11 लाख के 6 फोन जब्त

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस ने एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से विभिन्न कंपनियों के छह महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 11 हजार रुपए है। जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान नाथूराम बर्मन (28) निवासी ग्राम शीतलपुर, थाना शाहपुरा भिटोनी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी मोबाइल बेचने की फिराक में था, लेकिन वह इन फोनों से संबंधित कोई बिल या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर आरोपी नाथूराम बर्मन के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाथूराम बर्मन थाना निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ चोरी तथा अन्य मामलों के करीब 18 प्रकरण पहले से ही दर्ज हैं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह 20 से 30 हजार रुपए के मोबाइल फोन को 1 से 2 हजार रुपए में बेच देता था। वह अब तक एक दर्जन से अधिक फोन विभिन्न गांवों और स्टेशन के यात्रियों को बेच चुका है।

यहां सुबह के 11 बजे के बाद नहीं पी जाती दूध वाली कॉफी, वजह जान आप भी करने लगेंगे फॉलो

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Last Updated:April 14, 2026, 17:22 IST कॉफी पीना भले ही दुनिया भर में आम बात हो, लेकिन इटली में यह एक सख्त नियमों से जुड़ी परंपरा है. यहां सुबह 11 बजे के बाद कैप्पुचिनो जैसी दूध वाली कॉफी पीना “अनकूल” माना जाता है और लोग इसे अवॉइड करते हैं. खास बात यह है कि Rome और Milan जैसे बड़े शहरों में भी लोग लंच या डिनर के बाद सिर्फ एस्प्रेसो लेना ही सही मानते हैं, जो उनकी अनोखी कॉफी कल्चर को दर्शाता है. ख़बरें फटाफट इटली में कॉफी पीने का तरीका अलग है. इटली में कॉफी सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक खास संस्कृति का हिस्सा है. यहां लोग कॉफी पीने के तरीके और समय को लेकर काफी सख्त नियम फॉलो करते हैं. इन्हीं में से एक दिलचस्प नियम यह है कि सुबह 11 बजे के बाद दूध वाली कॉफी, जैसे कैप्पुचिनो या लाटे, पीना लगभग “अनकूल” माना जाता है. यह बात सुनकर भले ही आपको अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे की वजहें जानेंगे तो आप भी इसे अपनाने के बारे में सोच सकते हैं. इटली में कॉफी कल्चर बेहद गहराई से लोगों की जिंदगी में शामिल है. यहां दिन की शुरुआत आमतौर पर कैप्पुचिनो और क्रोइसां के साथ होती है. लेकिन जैसे ही सुबह का समय खत्म होता है, लोग दूध वाली कॉफी को अलविदा कह देते हैं और सिर्फ ब्लैक कॉफी यानी एस्प्रेसो को प्राथमिकता देते हैं. इटैलियन लोगों का मानना है कि दूध वाली कॉफी पेट पर भारी होती है और इसे केवल नाश्ते के समय ही लेना चाहिए. View this post on Instagram

Parliament Seats Increase | 33% Women Reservation From 2029; South States Oppose

Parliament Seats Increase | 33% Women Reservation From 2029; South States Oppose

Hindi News National Parliament Seats Increase | 33% Women Reservation From 2029; South States Oppose नई दिल्ली19 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। इसका ड्राफ्ट बिल सांसदों के साथ शेयर किया है। प्रस्ताव के मुताबिक, 850 में से 815 सीटें राज्यों को और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों को दी जाएंगी। सरकार इस बदलाव के लिए संविधान संशोधन की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए 16 अप्रैल से संसद का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसमें महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा होगी। इस बिल को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है। यह कदम देश में संसदीय प्रतिनिधित्व को बड़े स्तर पर बदल सकता है, हालांकि इस पर विरोध भी शुरू हो गया है। 2011 जनगणना के आधार पर परिसीमन बिल में सीटों के पुनर्निर्धारण (परिसीमन) के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाने की बात कही गई है। फिलहाल आधिकारिक जनसंख्या आंकड़े 2011 जनगणना के ही हैं। सरकार इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए संविधान संशोधन बिल, परिसीमन कानून से जुड़ा बिल और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर व पुडुचेरी जैसे विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक अलग बिल भी लोकसभा में पेश करेगी। दक्षिणी राज्यों का विरोध तामिलनाडु सीएम एमके स्टालिन- दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए केंद्र की नीतियों का पालन किया, लेकिन अब उन्हें इसकी सजा मिल रही है। प्रधानमंत्री से संसद में यह भरोसा देने की मांग की है कि दक्षिणी राज्यों के हित प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी- अगर सीटें अनुपात के आधार पर बढ़ाई गईं, तो दक्षिणी राज्यों में महिलाओं, SC और ST समुदायों को नुकसान हो सकता है। यह कदम दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक ताकत को कम करने की साजिश हो सकता है। सिब्बल बोले- उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार इस कदम को 2029 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से ला रही है। अगर सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती है, तो मौजूदा 543 सीटों में ही यह लागू किया जा सकता है। सीटों के पुनर्वितरण से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा। यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ सकती है। यहां 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। यहां लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में महिला सीटों की संख्या 20 हो सकती है। यहां कुल सीटें 40 से 60 तक पहुंच सकती है। एमपी में 15 महिला आरक्षित सीटें बढ़ सकती हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 यानी महिला सीटें होंगी। झारखंड में 7 महिला आरक्षित सीटें बढ़ने का अनुमान है। ———– ये खबर भी पढ़ें… 2029 चुनाव से पहले लागू होगा 33% महिला आरक्षण:लोकसभा सीटें बढ़कर 816 होंगी, महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंचेगी केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए संसद के मौजूदा सत्र में दो बिल लाए जा सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गर्मी की थकान और कमजोरी होगी गायब! बस डाइट में शामिल करें ये देसी चीजें, एकदम रहेंगे फिट

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Last Updated:April 14, 2026, 17:04 IST गोरखपुर समेत पूरे भारत में गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा की अधिक जरूरत होती है. ऐसे में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल अचार, मुरब्बा और प्राकृतिक पेय न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. सही तरीके से इनका सेवन करने से लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है. गोरखपुर में गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक, ऊर्जा और पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल अचार, मुरब्बा और सिरका न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. सही तरीके से इनका सेवन करने से लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. अमड़ा (हॉग प्लम) का अचार गर्मियों में बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसका खट्टा-तीखा स्वाद भूख बढ़ाता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. साथ ही, यह गर्मी में होने वाली सुस्ती और कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होता है. रेड चेरी का मुरब्बा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह शरीर को ठंडक देता है और त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. इसके सेवन से थकान कम होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है, जिससे गर्मी में कमजोरी महसूस नहीं होती. Add News18 as Preferred Source on Google आम का खेचा (कच्चे आम से बना) गर्मियों में बेहद लोकप्रिय होता है. यह लू से बचाव करने के साथ शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद खट्टापन पाचन को बेहतर बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है. गन्ने से बना मुरब्बा शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. यह ठंडक प्रदान करता है और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है. गर्मियों में कमजोरी और थकान से राहत दिलाने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. नींबू का मसाला या अचार विटामिन C का अच्छा स्रोत होता है. यह पाचन को सुधारता है और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है. गर्मियों में इसका सेवन करने से पेट हल्का रहता है और गैस, अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं. आंवले का मुरब्बा सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C पाया जाता है, जो इम्युनिटी को मजबूत बनाता है. यह आंखों, बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है और गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. हरड़ का मुरब्बा पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए जाना जाता है. यह कब्ज, गैस और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है. गर्मियों में जब पाचन कमजोर हो जाता है, तब इसका सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है. First Published : April 14, 2026, 17:04 IST

Gill, Jadeja Among 4 Indians; Starc Best Male

Gill, Jadeja Among 4 Indians; Starc Best Male

Hindi News Sports Cricketers Of The Year: Gill, Jadeja Among 4 Indians; Starc Best Male स्पोर्ट्स डेस्क33 मिनट पहले कॉपी लिंक क्रिकेट की ‘बाइबल’ कही जाने वाली पत्रिका विजडन क्रिकेटर्स अल्मानैक ने इस साल ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क को ‘लीडिंग पुरुष क्रिकेटर’ और भारत की दीप्ति शर्मा को ‘लीडिंग महिला क्रिकेटर’ चुना। पत्रिका का 163वां संस्करण 15 अप्रैल को प्रकाशित होने जा रहा है। इस साल विजडन ने ‘फाइव क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर’ में 4 भारतीय खिलाड़ियों को जगह दी। इनमें टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल, रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ रही टेस्ट सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन किया था। गिल को विजडन ट्रॉफी गिल को शानदार प्रदर्शन के लिए विजडन ट्रॉफी दी गई। उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में 430 रन बनाकर मैच जिताया था। अभिषेक शर्मा को साल का सर्वश्रेष्ठ टी-20 खिलाड़ी चुना गया, जिन्होंने कैलेंडर ईयर में 1000 रन दो रन प्रति गेंद से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से बनाए। स्टार्क ने पिछले साल 55 विकेट लिए स्टार्क ने 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 11 टेस्ट में 55 विकेट लिए और वेस्टइंडीज के खिलाफ 6/9 का करियर बेस्ट प्रदर्शन किया। एशेज 2025-26 के पहले दो टेस्ट में 18 विकेट लेकर सीरीज में कुल 31 विकेट झटके। इंग्लैंड के हसीब भी शामिल इंग्लैंड के हसीब हमीद ‘फाइव क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर’ में शामिल हैं। उन्होंने नॉटिंघमशायर को काउंटी चैंपियनशिप जिताई और 1258 रन बनाए, जिसमें चार शतक और दो दोहरे शतक शामिल हैं। दीप्ति ने वर्ल्ड कप में 22 विकेट लिए दीप्ति शर्मा भारत की वर्ल्ड कप जीत में अहम खिलाड़ी रहीं। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 215 रन और 22 विकेट लिए। फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 58 रन और 5/39 विकेट लेकर मैच जिताया। इंग्लैंड की हार पर सवाल उठे विजडन के एडिटर लॉरेंस बूथ ने इंग्लैंड की एशेज में 4-1 हार पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि टीम ने बड़ा मौका गंवाया और प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने कोच ब्रेंडन मैकुलम और कप्तान बेन स्टोक्स की रणनीति को “प्रीडिक्टेबल और जिद्दी” बताया। बूथ ने कहा कि इंग्लैंड को घरेलू क्रिकेट से दोबारा जुड़ने की जरूरत है, ताकि खिलाड़ियों को सही मंच मिले। इसी संदर्भ में जेम्स कॉयने ने इंग्लैंड में स्कूल क्रिकेट पर चिंता जताई और कहा कि खेल अब भी निजी स्कूलों तक सीमित होता जा रहा है। डिकी बर्ड को श्रद्धांजलि दी गई अल्मनैक में दिग्गज अंपायर डिकी बर्ड को श्रद्धांजलि दी गई, जिनका सितंबर में 92 साल की उम्र में निधन हुआ था। उनके फैसलों की निष्पक्षता और अंदाज को याद किया गया। विजडन पत्रिका- 1864 में स्थापना हुई थी विजडन क्रिकेटर्स अल्मानैक मशहूर स्पोर्ट्स रेफरेंस बुक है। इसे विजडन भी कहा जाता है। यह ब्रिटेन में 1864 से हर साल प्रकाशित होती है। इसकी स्थापना जॉन विजडन ने की थी। इसकी स्थापना का मकसद दुनियाभर में क्रिकेट की प्रामाणिक कवरेज देना था। इसमें डिटेल्ड स्कोरकार्ड, रिकॉर्ड्स और क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर्स अवॉर्ड्स शामिल हैं। ———————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज चेन्नई vs कोलकाता:धोनी का इस मैच में भी खेलना मुश्किल, KKR को पहली जीत की तलाश IPL के इस सीजन के 22वें मैच में आज चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से होगा। मैच चेन्नई के MA चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मुंबई कॉन्सर्ट में ड्रग ओवरडोज से 2 की मौत:दोनों MBA स्टूडेंट, पुलिस बोली- पता नहीं कौन सा नशा किया था; 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई कॉन्सर्ट में ड्रग ओवरडोज से 2 की मौत:दोनों MBA स्टूडेंट, पुलिस बोली- पता नहीं कौन सा नशा किया था; 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई के गोरेगांव में एक इवेंट में ड्रग के ओवरडोज से 2 लोगों की मौत हो गई। घटना नेस्को सेंटर की है, जहां 11 अप्रैल की रात एक म्यूजिक कॉन्सर्ट था। मरने वाले युवक और युवती MBA स्टूडेंट्स हैं। अभी यह साफ नहीं हो सका है कि मरने वालों ने कौन सा नशीला पदार्थ लिया था। मुंबई के वनराई पुलिस स्टेशन में इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक व्यक्ति इस इवेंट से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि मरने वालों को ड्रग्स देने वाला व्यक्ति भी स्टूडेंट है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से छह से सात गोलियां बरामद की गई हैं। मामले को 4 पॉइंट्स में समझें… पुलिस इंवेंट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही नेस्को सेंटर ने कहा कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि हम इस मामले की गंभीरता को समझते हैं। अधिकारियों को हर संभव जानकारी और सहायता दे रहे हैं, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इवेंट ऑर्गनाइजर विहान उर्फ आकाश सामल, नेस्को इवेंट ऑर्गनाइजेशन एंड मैनेजमेंट से जुड़े सनी विनोद जैन, इंटरनल सिक्योरिटी टीम के सदस्य बालकृष्णन बलराम और दो अन्य छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया है। ————— ये खबर भी पढ़ें… पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत अमेरिका में केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल की सजा सुनाई गई है। लॉस एंजेलिस फेडरल कोर्ट के जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने 8 अप्रैल को सजा सुनाते हुए कहा कि संघा ने हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स को ड्रग्स सप्लाई कर लग्जरी जिंदगी जी। पूरी खबर पढ़ें…

गैंगवार में युवक को मारी गोली, 4दिन में तीसरी वारदात:धार्मिक नगरी में दहशत; आगजनी और फायरिंग में 6 बदमाश गिरफ्तार

गैंगवार में युवक को मारी गोली, 4दिन में तीसरी वारदात:धार्मिक नगरी में दहशत; आगजनी और फायरिंग में 6 बदमाश गिरफ्तार

उज्जैन में गैंगवार की घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। चार दिन में तीसरी वारदात सामने आई, जिसमें बीती रात शहर में फिर गोलीबारी हुई और एक युवक घायल हो गया। लगातार हो रही घटनाओं से धार्मिक नगरी में दहशत का माहौल है। वहीं, हिस्ट्रीशीटर बदमाश के घर में आगजनी के मामले में चिमनगंज पुलिस ने संदिग्ध बदमाशों की धरपकड़ कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार रात करीब एक बजे विष्णुपुरा निवासी लव सांडिया, दोस्त की बारात से लौटने के बाद हिरामिल क्षेत्र स्थित ब्रिज के नीचे खड़ी बाइक लेने जा रहा था। इसी दौरान उस पर पिस्टल से फायरिंग की गई, जिसमें वह घायल हो गया। लव के अनुसार, अनमोल और उसके साथी जय बच्चा ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला किया। एक गोली उसे छूकर निकल गई, जबकि दूसरी उसके पैर में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर लव के दोस्त ध्रुव और देव मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत कार से अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही देवासगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जय बच्चा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अनमोल फरार है। घायल लव ने बताया कि करीब एक साल पहले विशाल सांडिया से उसका विवाद हुआ था। अनमोल, विशाल का साथी है और उसी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। चार दिन में तीसरी घटना 10 अप्रैल को ढांचा भवन क्षेत्र में 12वीं के छात्र अतीक माहोरकर जांघ में गोली लगने से घायल हो गया था। अतीक, जिसे बदमाश रोशन का साथी माना जाता है, ने छंबू बुंदेला गैंग के सदस्य आला बाथम पर गोली मारने का आरोप लगाया था, हालांकि पुलिस इसे संदिग्ध मान रही थी। इसके बाद 11 अप्रैल की रात करीब एक दर्जन बदमाशों ने रौनक गुर्जर के घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना का वीडियो दो दिन बाद वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई। वहीं, 13 अप्रैल की रात एक बार फिर गोलीकांड ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। आधा दर्जन बदमाश गिरफ्तार रौनक गुर्जर और बुंदेला गैंग के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। रौनक के घर में आगजनी के मामले में अब तक कोई औपचारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कमल परमार सहित आधा दर्जन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि लव पर गोली चलाने के मामले में जय को गिरफ्तार किया गया है, जबकि आगजनी प्रकरण में राहुल को पकड़ा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

‘सेवा करने का पवित्र अवसर’: सम्राट चौधरी की ‘प्रतिज्ञा’ क्योंकि बीजेपी ने उन्हें बिहार का नेतृत्व करने के लिए चुना | राजनीति समाचार

AP Inter Results 2026 Date And Time Live Updates: Check steps to download BIEAP 11th, 12th results.

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 16:40 IST न्यूज18 ‘सेवा करने का पवित्र अवसर’: सम्राट चौधरी की ‘प्रतिज्ञा’, बीजेपी ने उन्हें बिहार का नेतृत्व करने के लिए चुना चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 16:40 IST समाचार राजनीति ‘सेवा करने का पवित्र अवसर’: सम्राट चौधरी की ‘प्रतिज्ञा’, बीजेपी ने उन्हें बिहार का नेतृत्व करने के लिए चुना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

पगड़ी उतारी, ताज पहनाया: बिहार के अगले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जबरदस्त उदय | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 16:34 IST बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे सम्राट चौधरी का राजनीतिक करियर व्यावहारिक बहुमुखी प्रतिभा का रहा है। जैसे ही वह कमान संभालते हैं, सम्राट चौधरी को एक ऐसे परिवर्तन का प्रबंधन करने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ता है जो कई मतदाताओं को परेशान करने वाला लगता है। फ़ाइल चित्र बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपना पहला मुख्यमंत्री नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद, सम्राट चौधरी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व करने के लिए निश्चित विकल्प के रूप में उभरे हैं। वर्तमान में उप मुख्यमंत्री और राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यरत, चौधरी की नियुक्ति एक शक्तिशाली अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) नेतृत्व तैयार करने की एक दशक लंबी रणनीति की परिणति है। उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र एक प्रमुख भगवा पगड़ी (मुरेठा) था, जिसे उन्होंने नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने के सार्वजनिक “संकल्प” के रूप में लगभग दो वर्षों तक पहना था। हालाँकि, इस “योद्धा” सौंदर्यशास्त्र ने जुलाई 2024 में “अयोध्या डी-रोबिंग” के दौरान एक आध्यात्मिक निष्कर्ष निकाला। सरयू नदी में पवित्र डुबकी लगाने के बाद, चौधरी ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी होने की घोषणा करते हुए, भगवान राम को पगड़ी चढ़ाई। हनुमान गढ़ी में उस समारोह के बाद से, उन्होंने एक मानक हेयर स्टाइल बनाए रखा है, जो एक विद्रोही नेता से शीर्ष पद के लिए तैयार एक अनुभवी प्रशासक में परिवर्तन का संकेत देता है। सम्राट चौधरी कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है? 16 नवंबर 1968 को मुंगेर में जन्मे सम्राट चौधरी गहरी राजनीतिक जड़ों वाले परिवार से हैं। उनके पिता, शकुनी चौधरी, सात बार विधायक और समता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे, जिससे सम्राट को राज्य के जटिल क्षेत्र में शीघ्र प्रवेश मिला। उन्होंने शुरुआत में लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से नाता तोड़ लिया और 1999 की शुरुआत में राबड़ी देवी कैबिनेट में कृषि मंत्री के रूप में काम किया। चौधरी के करियर की विशेषता व्यावहारिक बहुमुखी प्रतिभा रही है, उन्होंने 2018 में भाजपा में शामिल होने से पहले जीतन राम मांझी और नीतीश कुमार सरकारों में विभागों का कार्यभार संभाला था। भगवा पार्टी के भीतर उनका उदय उल्कापिंड रहा है; वह राज्य इकाई के उपाध्यक्ष से विधान परिषद में विपक्ष के नेता और अंततः 2023 में राज्य अध्यक्ष बन गए। इस प्रक्षेपवक्र ने उन्हें “महागठबंधन” के खिलाफ भाजपा के आक्रामक रुख के प्राथमिक चेहरे के रूप में स्थापित किया, जिससे सड़कों पर और कैबिनेट के भीतर नेतृत्व करने की उनकी क्षमता साबित हुई। मुख्यमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों है? 15 अप्रैल को चौधरी का अपेक्षित शपथ ग्रहण भाजपा के लिए एक मील का पत्थर है, जिसने ऐतिहासिक रूप से नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के बाद दूसरी भूमिका निभाई है। वर्षों तक, पार्टी सत्ता बनाए रखने के लिए कुमार के “लव-कुश” (कुर्मी-कोइरी) आधार पर निर्भर रही। प्रभावशाली कुशवाह (कोइरी) समुदाय से आने वाले चौधरी को आगे बढ़ाकर भाजपा सीधे तौर पर एक महत्वपूर्ण ओबीसी वोटिंग ब्लॉक पर नेतृत्व का दावा कर रही है, जो राज्य के मतदाताओं का लगभग 8% है। यह कदम वरिष्ठ-साझीदार प्रभुत्व के “नीतीश युग” के निश्चित अंत का संकेत देता है। नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के साथ, बीजेपी आखिरकार पटना में ड्राइवर की सीट पर कब्ज़ा कर रही है। चौधरी को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है जो एक अनुभवी मंत्री के प्रशासनिक अनुभव के साथ एक विपक्षी फायरब्रांड की आग को जोड़ते हैं, जिन्होंने हाल ही में महत्वपूर्ण गृह और वित्त विभागों को संभाला है। नए मुख्यमंत्री के सामने तात्कालिक चुनौतियाँ क्या हैं? जैसे ही वह कमान संभालते हैं, सम्राट चौधरी को एक ऐसे परिवर्तन का प्रबंधन करने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ता है जो कई मतदाताओं को परेशान करने वाला लगता है। जबकि वह राजद के “जंगल राज” के मुखर आलोचक रहे हैं, उन्हें अब 2025-26 के चुनावी चक्र के लिए एक अलग भाजपा पहचान बनाते हुए “बिहार मॉडल” की विकास गति को बनाए रखना होगा। उनकी प्राथमिक चुनौती एनडीए के भीतर प्रतिस्पर्धी हितों को संतुलित करना होगा, खासकर जब नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार, जेडी (यू) के वफादारों के लिए एक संभावित पुल के रूप में उभरेंगे। इसके अलावा, चौधरी को लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों जैसे कि प्रवासन, बेरोजगारी और बिहार के लिए विशेष श्रेणी की स्थिति की लगातार मांग को संबोधित करना चाहिए – एक ऐसी मांग जो अक्सर उनके पूर्ववर्ती और केंद्र के बीच घर्षण का कारण बनती है। भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में, उम्मीदें आसमान पर हैं; उनसे सिर्फ शासन करने की उम्मीद नहीं है, बल्कि यह साबित करने की भी उम्मीद है कि भाजपा बिहार को “भगवा क्रांति” की ओर ले जा सकती है, जो डबल-इंजन विकास के वादे को पूरा करती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 16:33 IST समाचार राजनीति पगड़ी उतारी, ताज पहनाया: बिहार के अगले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जबरदस्त उदय अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें