आप का आरोप है कि राघव चड्ढा ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की, पार्टी सांसद अशोक मित्तल पर ईडी की छापेमारी की मांग की राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 19:13 IST आप ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने हाल ही में शीर्ष भाजपा नेताओं के साथ बैठक में मित्तल के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया था और अपने लिए जेड+ सुरक्षा कवर भी मांगा था। अशोक कुमार मित्तल और राघव चड्ढा. (फोटो एक्स और पीटीआई के माध्यम से) आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को अपने नेता राघव चड्ढा पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और पार्टी सहयोगी और सांसद अशोक कुमार मित्तल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की मांग की। आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने एक प्रेस वार्ता के दौरान ये दावे किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “कुछ दिन पहले, राघव चड्ढा ने भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में, उन्होंने उच्च सदन में हमारे उपनेता अशोक मित्तल जी के परिसर पर छापेमारी का अनुरोध किया और अपने लिए Z+ सुरक्षा की मांग की। उन्हें वास्तव में यह सुरक्षा दी गई थी,” कक्कड़ ने एक्स पर लिखा। कुछ दिन पहले राघव चन्ना की बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात हुई थी। इसमें उन्होंने उच्च सदन में हमारे उपनेता अशोक भिक्षु जी के यहां छापेमारी की और उन्हें बर्खास्त करने के लिए Z+ सुरक्षा की मांग की। उन्हें यह सुरक्षा मिल भी मिली। अरविंद केजरीवाल जी ने राघव चन्ना को समाजवादी राज्य का न्यूनतम बनाया। आज राघव चंदा… pic.twitter.com/1EM4H8Nnxz -आप (@AamAadmiParty) 15 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चड्ढा, जिन्हें आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में भेजा था, अब पार्टी के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज राघव चड्ढा जी आम आदमी पार्टी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। एक आप कार्यकर्ता के तौर पर मैं उनसे कहना चाहूंगी कि ऐसा न करें।” यह भी पढ़ें: ‘राघव चड्ढा ने सबसे पहले मुझे बधाई दी,’ अशोक मित्तल कहते हैं, जिन्होंने उनकी जगह राज्यसभा में आप उपाध्यक्ष बनाया ये आरोप उस दिन लगे हैं जब प्रवर्तन निदेशालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) की जांच के तहत आप के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल और पंजाब और हरियाणा में उनसे और उनके परिवार से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ तलाशी ली। अधिकारियों ने कहा कि जालंधर, आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में लगभग 10 स्थानों की तलाशी ली गई, जिसमें फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और गुरुग्राम में दो शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। जांच में कथित तौर पर संस्थानों से जुड़े कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। मित्तल को हाल ही में सांसद राघव चड्ढा की जगह राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का उप नेता नियुक्त किया गया था। वह एलपीयू के चांसलर भी हैं। उनके बेटे, प्रथम मित्तल, गुरुग्राम स्थित शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े हैं। अभी तक संस्थानों की ओर से प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह चुनाव से पहले राजनीति से प्रेरित है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी छापेमारी की आलोचना की और केंद्र पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 19:10 IST समाचार राजनीति आप का आरोप है कि राघव चड्ढा ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की, पार्टी सांसद अशोक मित्तल पर ईडी छापेमारी की मांग की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आम आदमी पार्टी के आरोप(टी)आम आदमी पार्टी(टी)राघव चड्ढा(टी)अशोक कुमार मित्तल(टी)प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी(टी)फेमा जांच(टी)लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी(टी)बीजेपी नेताओं की बैठक
खेत विवाद के बाद किसान का कुएं में मिला शव:भैंसों के खेत में घुसने से हुआ था विवाद, 10 अप्रैल से लापता था किसान

शिवपुरी के बैराड़ थाना क्षेत्र में खेत विवाद के बाद एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम टोड़ा निवासी सीताराम रावत (45) का शव बुधवार 15 अप्रैल को टोरियापुरा गांव के एक कुएं में तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। भैंसों के खेत में घुसने से हुआ था विवाद मृतक के भाई वीरसिंह रावत ने बताया कि सीताराम बटाई पर खेती करता था। 8 अप्रैल को गांव में डेरा डाले दो लोगों की भैंसें उसके खेत में घुस गईं और भिंडी की फसल खराब कर दी, जिससे विवाद हो गया। परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने नुकसान की भरपाई से इनकार कर दिया और सीताराम के साथ अभद्रता की, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया था। 10 अप्रैल से लापता था किसान बताया गया कि सीताराम 10 अप्रैल की रात भंडारे में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके पांच दिन बाद उसका शव कुएं में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाद के चलते ही सीताराम ने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘जितना जोर लगाना है लगाओ, बंगाल में बाबरी मस्जिद…’,चुनावी में ममता बनर्जी पर क्या बोले अमित शाह

पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में चुनावी प्रचार के दौरान अमित शाह ने आम आदमी का जिक्र किया. इस दौरान केंद्रीय अविश्वासी शाह ने डेमोक्रेट नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोर दिया। शाह ने राज्य से जुड़े कई मुद्दे उठाए, इस दौरान उन्होंने हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मोहमती सनातनी रेडियो सुन लो। बहुत जोर से चलना है, लगाओ. बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनेगी. बंगाल से घुसपैठियों को हम चुन-चुनकर निकालेंगे। घुसपैठियों को प्रशिक्षित नहीं किया जाएगा. अमित शाह यह बात जब बोल रहे थे तो जनता भी उनके समर्थन में नारा लगा रही थी। इस दौरान उन्होंने बंगाल के नागरिकों से कहा कि बस यहीं सरकार बनी। शाह ने कहा कि मित्रता को शर्म आनी चाहिए। महिला के होने के बाद भी विश्वासपात्र का कहना है कि शाम 7 बजे महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलतीं। हमारी सरकार बनने के बाद रात 2 बजे भी निकलो कोई परेशानी नहीं होगी। कोई चार शादी नहीं करेगा: शाहएक से बढ़कर एक शादी करने के मुद्दे पर शाह ने रैली में कहा कि आप बीजेपी की सरकार ने दो बनाए, कोई 4 शादी नहीं करेगा। आप जानते हैं कि 4 शादी कौन करती है। मित्र लोग आपके पास हर महीने 3 हजार पिज्जा का चेक मिल जाएगा। बँगाली को बस का टिकट नहीं लेना है। 5 लाख तक का ईलाज फ्री कर देंगे। धान की एमएसपी बढ़ी। बंगाल में निगम पारा इतना आगे बढ़ चुका है कि एक तरफ केंद्रीय दलित मंत्रालय ने कोयला कोयला मामले को लेकर ठोस कार्रवाई की है, तो वहीं दूसरी तरफ मोदी से लेकर अमित शाह तक राज्य में जोर शोर से चुनावी प्रचार में बने हुए हैं। बीजेपी का विश्लेषण आ रहा है कि बंगाल में पार्टी का नेतृत्व सरकार करेगी. ऐसे में पूरी पार्टी बीपीएल और उनके शासनकाल को लेकर व्यापारी हैं। यह भी पढ़ें: प्रशांत किशोर पार्टी का बड़ा दावा, ‘सीएम चौधरी चौधरी नहीं बोलेंगे पद, जेडीयू ही…’
Rohit Sharma Out? MI Star Misses PBKS Clash Amid Injury Scare

स्पोर्ट्स डेस्क28 मिनट पहले कॉपी लिंक रोहित शर्मा 137 रन बनाकर इस सीजन MI के टॉप स्कोरर हैं। IPL 2026 में खराब फॉर्म से जूझ रही मुंबई इंडियंस (MI) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टीम के स्टार ओपनर और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ गुरुवार को होने वाले अहम मुकाबला नहीं खेल पाएंगे। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित की हैमस्ट्रिंग इंजरी उम्मीद से ज्यादा गंभीर हो सकती है, जिसके चलते मैनेजमेंट उन्हें आराम देने वाला है। पंजाब के खिलाफ मैच 16 अप्रैल को मुंबई में ही होना है। RCB के खिलाफ रिटायर्ड हर्ट हुए थे रोहित शर्मा को यह चोट रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मैच के दौरान लगी थी। 241 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए रोहित शानदार लय में दिख रहे थे, लेकिन छठे ओवर में दौड़ते समय उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया। दर्द ज्यादा होने के कारण उन्हें 13 गेंदों पर 19 रन बनाकर ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान छोड़ना पड़ा। उनके जाने के बाद मुंबई की बैटिंग बिखर गई और टीम को सीजन में तीसरी हार झेलनी पड़ी। RCB के खिलाफ मैच के दौरान रोहित शर्मा रिटायर्ड हर्ट हो गए थे। प्रैक्टिस सेशन में नहीं दिखे हिटमैन रोहित की चोट कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को वानखेड़े स्टेडियम में हुए टीम के नेट प्रैक्टिस सेशन में वे शामिल नहीं हुए। इतना ही नहीं, वे टीम के साथ स्टेडियम भी नहीं पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को उनके कुछ स्कैन कराए गए थे। हालांकि, स्कैन में किसी बड़े ‘टीयर’ (मांसपेशी फटने) की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मैनेजमेंट टूर्नामेंट के बीच अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। टीम में कौन लेगा जगह? अगर रोहित गुरुवार को पंजाब के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरते हैं, तो उनकी जगह क्विंटन डी कॉक को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। ऐसी स्थिति में रायन रिकलटन के साथ डी कॉक पारी की शुरुआत कर सकते हैं। अगर डी कॉक और रिकेल्टन ने ओपनिंग की तो 4 विदेशी को प्लेयर्स को खिलाने में परेशानी आ सकती है। डी कॉक के अलावा टीम नमन धीर और सूर्यकुमार यादव से भी ओपनिंग करा सकती है। रोहित नहीं खेल सके तो उनकी जगह क्विंटन डी कॉक या सूर्यकुमार यादव ओपनिंग कर सकते हैं। MI के लिए जीत जरूरी मुंबई इंडियंस ने अब तक खेले 4 मैचों में से 3 में हार का सामना किया है। पॉइंट्स टेबल में पिछड़ रही टीम के लिए पंजाब के खिलाफ मुकाबला बेहद अहम है। ऐसे में रोहित जैसे दिग्गज खिलाड़ी का न होना टीम के मनोबल और बैटिंग ऑर्डर दोनों के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। फिलहाल फैंस को ऑफिशियल मेडिकल अपडेट का इंतजार है, जो बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
खड़ाऊ पहनते ही क्या बदल जाता है शरीर में? साधु-संत क्यों नहीं छोड़ते इसे पहनना, जानिए इसके छुपे फायदे

Last Updated:April 15, 2026, 18:37 IST क्या आपने कभी सोचा है कि घर में थोड़ी देर के लिए खड़ाऊ पहनना भी आपके शरीर और मन पर असर डाल सकता है? लकड़ी की यह पारंपरिक चप्पल सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता से जुड़ी एक प्राचीन परंपरा मानी जाती है. साधु-संतों से लेकर योग परंपरा तक, खड़ाऊ का महत्व सदियों से चला आ रहा है और आज भी इसे बेहद खास माना जाता है. व्यक्ति दिनभर जूते चप्पल तो पहनता है, लेकिन क्या आपको पता है कि घर में मात्र थोड़े समय के लिए खड़ाऊ पहनना कितना फायदेमंद होता है. आज हम आपको खड़ाऊ के फायदे बताने जा रहे हैं. खड़ाऊ (लकड़ी की चप्पल) पहनने से रक्त संचार सुधरता है, मानसिक और शारीरिक थकान दूर होती है, पाचन क्रिया बेहतर होती है, रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और शरीर का संतुलन बनता है. यह सकारात्मक ऊर्जा को संरक्षित कर आध्यात्मिक विकास में भी मदद करती है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाती है, क्योंकि यह जमीन के सीधे संपर्क को कम करती है. खड़ाऊ भी कई प्रकार की आती है तो आइए जानते हैं कि किस प्रकार की खड़ाऊ को आप घर में पहन सकते हैं और किस प्रकार की खड़ाऊ को साधु-संत इस्तेमाल करते हैं. 1 इंच की पावड़ी पुरुष धारण कर सकता है, 2 इंच सन्यासी धारण कर सकते हैं, 3 इंच की पावड़ी को ब्रह्मचारी धारण कर सकते हैं. हमारे बड़े-बड़े मठाधीश, बड़े-बड़े आदि गुरु, शंकराचार्य, सभी अंगूठे वाली खड़ाऊ को धारण करते हैं. जो व्यक्ति अंगूठे वाली खड़ाऊ को धारण करता है, उसे बहुत ही लाभ प्राप्त होता है. Add News18 as Preferred Source on Google उसकी तल रेखा से हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा, तल रेखा, भाग्य रेखा होती है, वह प्रबल हो जाती है. जबकि खड़ाऊ का चलन भगवान श्री राम के कार्यकाल से ज्यादा शुरू हुआ था. अगर आपके भी घर में खड़ाऊ नहीं है तो आप भी अपने घर में खड़ाऊ ले आएं और पूजा के समय इस्तेमाल जरूर करें. आचार्य सोमप्रकाश शास्त्री ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि खड़ाऊ शरीर की विपदाओं को दूर करती है. जब हम पढ़ते हैं तो ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं. शरीर के ऊपर बिना सिला हुआ वस्त्र पहरते हैं और नीचे लकड़ी की पावड़ी अर्थात खड़ाऊ पहनते हैं. अब यहां पर कहना चाहूंगा कि खड़ाऊ व पावड़ी कई प्रकार की होती है. वह अंगूठे की भी होती है, पट्टी वाली भी होती है, पीछे से रबड़ वाली भी होती है, लेकिन यहां पर खड़ाऊ का वर्णन है और उसके पश्चात यहां पर पावड़ी का विवरण आता है. पावड़ी एक छोटी मध्यस्थ में होती है, जिसके ऊपर रबर लगी हुई होती है और वह व्यक्ति डालकर आराम से चल सकता है. जो खड़ाऊ आती है वह हमारे गुरुजनों का एक प्रतीक माना गया है. इसकी शुरुआत रामचंद्र जी के काल से और पहले प्रारंभ हुई है, जब भरत जी ने भगवान श्री राम के चरण पादुका अपने सिर पर रखकर के 14 वर्षों तक राज्य किया था और अपने बराबर में खड़ाऊ सिंहासन पर रखा था. उन पावड़ियो को धरने से व्यक्ति में लाभान्वित होती है. पावड़ी की जो हाइट होती है, वह एक इंच होती है, जिसे नॉर्मल पुरुष धारण कर सकता है. 2 इंच खड़ाऊ सन्यासी धारण कर सकते हैं, 3 इंच की जो पावड़ी होती है, वह ब्रह्मचारी धारण कर सकते हैं. First Published : April 15, 2026, 18:37 IST
सिंगरौली में चलती बाइक में लगी आग, VIDEO:पूरी बाइक जलकर खाक; राइडर ने कूदकर बचाई जान; शिवधाम मंदिर के सामने हादसा

सिंगरौली के बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र में शिवधाम मंदिर के सामने एक चलती पल्सर बाइक में अचानक आग लग गई। बाइक चालक चाचर निवासी कृष्णा प्रसाद शाह ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई। बच्चों से मिलने हॉस्टल जा रहे थे बाइक सवार कृष्णा प्रसाद शाह बैढ़न के रैन बसेरा में कार्यरत हैं। घटना के समय वह बच्चों से मिलने हॉस्टल जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक बाइक से धुआं उठने लगा, और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ ही पलों में पूरी बाइक आग की चपेट में आकर जलने लगी। मौके पर जलकर राख हुई बाइक घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का तत्काल कोई प्रयास नहीं किया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Aahan Pandey & Anit Poddar to Star in 2027 Release

29 मिनट पहले कॉपी लिंक यश राज फिल्म्स (YRF) की हिट फिल्म ‘सैयारा’ की टीम एक बार फिर साथ आ गई है। निर्देशक मोहित सूरी, अहान पांडे और अनीत पड्डा की जोड़ी एक नई इंटेंस रोमांटिक फिल्म में फिर साथ दिखेगी। ‘सैयारा’ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई के बाद इस नई फिल्म से भी दर्शकों को वैसी ही केमिस्ट्री और हिट म्यूजिक की उम्मीद है। यह भी फिल्म यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनाई जाएगी। मेकर्स इसे 2027 में दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। अहान और अनीत की जोड़ी फिर साथ दिखेगी अहान पांडे और अनीत पड्डा की जोड़ी ‘सैयारा’ के बाद से ही काफी पॉपुलर हो गई है। मेकर्स का मानना है कि इस नई फिल्म में भी दर्शकों को उनकी वही आकर्षक केमिस्ट्री और सहज अभिनय देखने को मिलेगा। फिल्म की कहानी एक इमोशनल और यादगार सफर की तरह होगी, जिसमें म्यूजिक का बड़ा रोल होगा। मोहित सूरी बोले- यह घर वापसी जैसा है इस फिल्म को लेकर निर्देशक मोहित सूरी काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मेरे लिए लव स्टोरीज हमेशा से खास रही हैं। जब भावनाएं इतनी गहरी हो जाएं कि उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल हो, तो वही कहानी कहने का असली मजा है। ‘सैयारा’ की टीम के साथ फिर से काम करना घर वापसी जैसा है। मैं खुद को एक नए कलाकार की तरह महसूस कर रहा हूं, उम्मीद है कि इस बार भी मेरा संगीत लोगों के दिलों को छुएगा। ‘सैयारा’ ने बनाए थे कमाई के कई रिकॉर्ड भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘सैयारा’ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली लव स्टोरीज में से एक बनकर उभरी। पूरी तरह से नए कलाकारों के साथ बनी इस फिल्म ने भारत में 338 करोड़ रुपए (नेट) और दुनिया भर में करीब 580 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रीढ़ की जकड़न से छुटकारा चाहिए? ये 1 योगासन बदल देगा आपकी फिटनेस, पूर्ण भुजंगासन करने का जान लें तरीका

Last Updated:April 15, 2026, 18:22 IST आज की तेज रफ्तार जिंदगी में शरीर को फिट और मन को शांत रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है, और ऐसे में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है. योग न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है. कई उन्नत योगासनों में Purna Bhujangasana एक ऐसा आसन है, जो खासतौर पर रीढ़ की लचीलापन बढ़ाने और पूरे शरीर को एक्टिव करने के लिए जाना जाता है. ख़बरें फटाफट योग को अक्सर सिर्फ एक्सरसाइज समझ लिया जाता है, लेकिन असल में यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां तनाव, गलत पोश्चर और रीढ़ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, वहां योगासन बेहद जरूरी हो जाते हैं. इन्हीं खास आसनों में से एक है Purna Bhujangasana, जिसे एक एडवांस और पावरफुल योग मुद्रा माना जाता है. यह आसन न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है. पूर्ण भुजंगासन को सर्प के फन फैलाने की मुद्रा से प्रेरित माना जाता है, जिसमें शरीर पूरी तरह पीछे की ओर मुड़ता है. यह सामान्य भुजंगासन का उन्नत रूप है, जिसमें केवल छाती उठाने के बजाय पैरों को मोड़कर सिर की ओर लाने की कोशिश की जाती है, जिससे रीढ़ की हड्डी में गहरा आर्च बनता है. इस आसन के नियमित अभ्यास से रीढ़ मजबूत और लचीली बनती है, साथ ही शरीर का पोश्चर भी सुधरता है. प्राचीन योग परंपराओं में इसे शरीर की ऊर्जा को सक्रिय करने और अंदरूनी अंगों के बेहतर कार्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना गया है. पूर्ण भुजंगासन के फायदे और सही तरीकायह आसन शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है. Ministry of AYUSH के अनुसार, इसका नियमित अभ्यास रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है, पेट की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद करता है और तनाव को घटाता है. साथ ही यह फेफड़ों और हृदय की कार्यक्षमता को बेहतर करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाकर कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. इसे करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेटें और हथेलियों को कंधों के पास रखें. धीरे-धीरे सांस लेते हुए छाती, गर्दन और सिर को ऊपर उठाएं, कंधों को पीछे की ओर खींचें. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 15, 2026, 18:22 IST
बिहार कैबिनेट पोर्टफोलियो: सम्राट चौधरी के पास गृह, स्वास्थ्य सहित 29 विभाग | पूरी सूची देखें | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 18:14 IST सम्राट चौधरी बने बिहार के पहले बीजेपी सीएम, गृह और स्वास्थ्य सहित 29 प्रमुख विभाग अपने पास रखे, डिप्टी विजय सिन्हा और बिजेंद्र यादव को प्रमुख विभाग मिले। बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक समारोह के दौरान राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी और अन्य लोग माला पहनाते हुए। (पीटीआई फोटो) भाजपा नेता सम्राट चौधरी के बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ ही समय बाद, राज्य सरकार ने बुधवार को विभागों के विस्तृत आवंटन की घोषणा की, जिसमें नए मुख्यमंत्री ने कई प्रमुख विभागों पर नियंत्रण बरकरार रखा है। चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के किसी नेता के राज्य में शीर्ष पद पर आसीन होने का पहला उदाहरण बनाते हुए 29 विभागों को अपने प्रभार में रखा है। सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग हैं इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट सचिवालय, सतर्कता, चुनाव, राजस्व और भूमि सुधार, खान और भूविज्ञान, शहरी विकास और आवास, स्वास्थ्य, कानून, उद्योग, सड़क निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार और कौशल विकास, पर्यटन, कला और संस्कृति, डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, सहयोग, पर्यावरण, वन और जलवायु शामिल हैं। परिवर्तन, चीनी उद्योग, सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और पंचायती राज। यह भी पढ़ें: सीएम की कुर्सी से परे: क्या यह बिहार में प्रभुत्व कायम रखने का नीतीश कुमार का मास्टरप्लान है? यह घोषणा चौधरी को पटना के लोक भवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन द्वारा शपथ दिलाने के बाद की गई। इस समारोह में जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री और पूर्व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और एलजेपी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान सहित वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया, जिन्होंने एक दिन पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। डिप्टी सीएम को क्रमशः 10 और 8 विभाग मिलते हैं कैबिनेट बंटवारे के तहत उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को 10 विभाग सौंपे गए हैं. उनके पोर्टफोलियो में जल संसाधन, संसदीय मामले, सूचना और जनसंपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा शामिल हैं, जिससे उन्हें प्रमुख बुनियादी ढांचे, शासन और सामाजिक क्षेत्रों का प्रभार दिया गया है। एक अन्य उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना और विकास, निषेध, उत्पाद शुल्क और पंजीकरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, समाज कल्याण, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण और ग्रामीण कार्य सहित आठ विभाग आवंटित किए गए हैं, जिससे उन्हें राज्य के वित्तीय प्रबंधन, कल्याण वितरण और ऊर्जा क्षेत्र का नियंत्रण मिल गया है। दोनों उपमुख्यमंत्रियों और जद (यू) के विजय कुमार चौधरी ने भी चौधरी के साथ शपथ ली और उम्मीद है कि वे बिहार में नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चौधरी, जो लगभग तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं और नौ साल पहले भाजपा में शामिल हुए थे, ने कहा कि वह तुरंत काम शुरू करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद उन्होंने कहा, “मैं आज से ही काम पर लग जाऊंगा। निश्चिंत रहें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व सीएम नीतीश कुमार द्वारा विकसित शासन के मॉडल का बिहार में पालन किया जाएगा।” (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 18:10 IST समाचार राजनीति बिहार कैबिनेट पोर्टफोलियो: सम्राट चौधरी के पास गृह, स्वास्थ्य सहित 29 विभाग | पूरी सूची देखें अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री(टी)बिहार कैबिनेट पोर्टफोलियो(टी)सम्राट चौधरी बीजेपी(टी)बिहार की नई सरकार(टी)विजय कुमार सिन्हा डिप्टी सीएम(टी)बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्त(टी)नीतीश कुमार राज्यसभा(टी)एनडीए सरकार बिहार
Harda Digital Census 2027 | 1323 Personnel Appointed

हरदा जिले में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। करीब 16 साल बाद होने वाली यह जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। प्रशासन ने इस कार्य के लिए 1323 कर्मियों की नियुक्ति कर दी है। . तहसीलदार राजेंद्र पंवार ने बताया कि जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण किया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें परिवारों और व्यक्तियों की गणना की जाएगी। 1104 सर्वेक्षक और 219 पर्यवेक्षक तैनात संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी रजनी वर्मा के अनुसार, जिले में 1104 सर्वेक्षक और 219 पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन के लिए एक मास्टर ट्रेनर और 24 फील्ड ट्रेनर भी तैनात किए गए हैं। प्रत्येक सर्वेक्षक को औसतन 700 से 800 लोगों, यानी करीब 150 से 180 परिवारों की गणना का कार्य सौंपा गया है। जिले में कुल 1119 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। मोबाइल ऐप और टैबलेट से होगा डेटा कलेक्ट इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। कर्मचारियों को मोबाइल ऐप और टैबलेट के माध्यम से डेटा एंट्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे त्रुटियों में कमी आएगी और प्रक्रिया तेज होगी। नागरिकों के लिए ऑनलाइन स्वयं-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है। प्रशिक्षण के जरिए दी जा रही तकनीकी जानकारी तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों को सर्वेक्षण प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि कार्य सुचारु रूप से पूरा हो सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कर्मचारियों को निष्पक्ष और सटीक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। यह प्रक्रिया भविष्य की विकास योजनाओं का आधार तय करती है, जिससे जिले के समग्र विकास को गति मिलती है।







