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दौसा में सिलिकोसिस का कहर, ऑक्सीजन के सहारे जिंदगी! – News18 हिंदी

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X सांसों पर है गहरा संकट: दौसा में सिलिकोसिस का कहर, ऑक्सीजन के सहारे जिंदगी!   Silicosis Patient In Dausa District : दौसा जिले से एक ऐसी सच्चाई सामने आ रही है, जो अंदर तक झकझोर देती है. यहां हजारों लोग सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी पीड़ा अब भी अनसुनी है. यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर कर देती है और जब तक इसका पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. मानपुर क्षेत्र के एक पीड़ित घनश्याम योगी पिछले चार साल से इस बीमारी से लड़ रहे हैं. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब वे पूरी तरह ऑक्सीजन पर निर्भर हैं. परिवार के लिए हर दिन 800 से 1000 रुपये का खर्च उठाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. उनकी पत्नी बताती हैं कि आर्थिक तंगी के बीच इलाज और ऑक्सीजन की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल हो गया है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई मरीजों को अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाया है. कार्ड न बनने और सहायता न मिलने से हालात और गंभीर हो रहे हैं. यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की है, जो हर दिन सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और राहत की उम्मीद में सिस्टम की ओर देख रहे हैं.

मुनाफ बोले-गौतम को हटाया, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं:प्लेयर्स को संभालना मुश्किल होगा; टेस्ट टीम से हटाने की मांग हो रही

मुनाफ बोले-गौतम को हटाया, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं:प्लेयर्स को संभालना मुश्किल होगा; टेस्ट टीम से हटाने की मांग हो रही

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने BCCI को चेतावनी दी कि अगर गंभीर को हटाया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। गौतम गंभीर ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया के हेड कोच का पद संभाला था। उनके कार्यकाल में टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट जीते हैं। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन कमजोर रहा है, जिससे उनके हटाए जाने की मांग उठ रही है। मुनाफ पटेल ने कहा- गंभीर जैसे कोच को हटाने पर खिलाड़ियों को संभालना मुश्किल हो जाएगा। वे सच्चाई बोलते हैं और जरूरत पड़ने पर बड़े खिलाड़ियों को बाहर करने का साहस रखते हैं। कहा- रोहित-कोहली को ना करना आसान नहीं मुनाफ ने कहा कि गंभीर हमेशा सच बोलते हैं, लेकिन यही बात कई लोगों को पसंद नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे बड़े खिलाड़ियों को भी ‘ना’ कहने और जरूरत पड़ने पर बाहर करने की हिम्मत है। DC के गेंदबाजी कोच हैं मुनाफ पटेल मुनाफ पटेल IPL में दिल्ली कैपिटल्स के बॉलिंग कोच की भूमिका निभा रहे हैं। टीम ने इस सीजन में अब तक 4 मैचों में 2 जीत दर्ज की हैं और अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। —————————————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… KKR के कप्तान अजिंक्य रहाणे पर 12 लाख का जुर्माना IPL 2026 के 22वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के कप्तान अजिंक्य रहाणे पर स्लोओवर रेट के लिए जुर्माना लगाया गया है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मैच के दौरान कोलकाता की टीम तय समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाई थी। IPL की आचार संहिता के उल्लंघन के कारण BCCI ने कप्तान पर यह एक्शन लिया है। पढ़ें पूरी खबर

‘सरकार चाल चल रही है’: परिसीमन चिंताओं पर महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करेगी इंडिया ब्लॉक | भारत समाचार

The MP Board 10th and 12th results declared at mpbse.nic.in.

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 17:26 IST कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिस तरीके से विधेयक पेश किया गया उस पर पार्टियों को आपत्ति है। नई दिल्ली में खड़गे के आवास पर इंडिया ब्लॉक की बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेता राहुल गांधी, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले, आप नेता संजय सिंह, राजद नेता तेजस्वी यादव, डीएमके नेता टीआर बालू और अन्य। (छवि: पीटीआई) नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा के लिए संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक से एक दिन पहले, INDI गठबंधन ने बुधवार को कहा कि वह महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करेगा, हालांकि उसने कहा कि वह आरक्षण के खिलाफ नहीं है। गठबंधन के नेताओं ने नई दिल्ली में बैठक के बाद यह फैसला लिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जिनके आवास पर बैठक हुई, ने कहा कि जिस तरीके से विधेयक पेश किया गया, उस पर पार्टियों को आपत्ति है। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता जताई और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार पर चालें चलने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा, “हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं। लेकिन जिस तरह से वे इसे लेकर आए हैं, हमें उस पर आपत्ति है। यह राजनीति से प्रेरित है।” उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य “विपक्षी दलों को दबाना” है। उन्होंने कहा, “वे परिसीमन को लेकर कुछ चालें खेल रहे हैं। सभी दलों को एकजुट होना चाहिए और संसद में लड़ना चाहिए। हम इस विधेयक का विरोध करेंगे, लेकिन हम (महिलाओं के लिए) आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं।” खड़गे ने कहा, ”हालांकि हमने महिला आरक्षण विधेयक का लगातार समर्थन किया है, हम इस बात पर जोर देते हैं कि पहले के संशोधनों को लागू किया जाए।” उन्होंने कहा कि पार्टियों को परिसीमन प्रक्रिया पर लंबे समय से चिंता है। 16 से 18 अप्रैल तक संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसके दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, में संशोधन किया जाएगा ताकि 2029 से इसके कार्यान्वयन को सक्षम किया जा सके। एएनआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चर्चा लोकसभा में 18 घंटे और राज्यसभा में 10 घंटे तक जारी रह सकती है। इसमें कहा गया कि चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने की उम्मीद है और गृह मंत्री अमित शाह बहस का जवाब देंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि वह इस बात की राजनीति में नहीं जा रहे हैं कि कौन सी पार्टी क्या कह रही है। उन्होंने कहा, “संसद और विधानसभाओं में कोई भी पार्टी महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रही है। जब हमने पिछली लोकसभा में नारी शक्ति अधिनियम पारित किया था, तो किसी भी राजनीतिक दल ने इसका विरोध नहीं किया था। इसलिए, सिद्धांत रूप में और आत्मा में, हर कोई एक साथ है। नारी शक्ति वंदन धिनियम में, हर पार्टी एक साथ है।” सांसदों के बीच प्रसारित विधेयक के मसौदे के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया के बाद महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को क्रियान्वित करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है। कोटा को समायोजित करने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश विधानसभाओं में सीटें भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। संसद ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था, जिसमें एक संवैधानिक संशोधन के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण प्रदान किया गया था। मौजूदा कानून के तहत, आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं होगा, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन अभ्यास से जुड़ा हुआ है। प्रस्तावित संशोधनों का लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए कार्यान्वयन को आगे बढ़ाना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 16:58 IST न्यूज़ इंडिया ‘सरकार चाल चल रही है’: परिसीमन चिंताओं पर महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करेगी इंडिया ब्लॉक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण विधेयक(टी)इंडी गठबंधन(टी)भारतीय संसद(टी)राजनीतिक विपक्ष(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व(टी)परिसीमन संबंधी चिंताएं(टी)संवैधानिक संशोधन

Raghav Chadha Security Withdrawn | ED Raid Ahead of Elections; Punjab Police ASI Detains Granddaught

Raghav Chadha Security Withdrawn | ED Raid Ahead of Elections; Punjab Police ASI Detains Granddaught

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद व लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल पर ED रेड से जुड़ी रही। जिसे CM भगवंत मान ने टिपिकल मोदी स्टाइल बताया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP सांसद पर ED रेड, डिप्टी लीडर बनाते ही एक्शन पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर बुधवार को ED ने रेड की। सुबह साढ़े 7 बजे दिल्ली से ED की टीमें जालंधर में उनके घर, फार्म हाउस, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और गुरुग्राम समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। ED सूत्रों के मुताबिक यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला है। जिसे अशोक मित्तल और उनके बेटे से जोड़ा जा रहा है। इस रेड के बाद AAP नेताओं ने BJP को घेरा। CM भगवंत मान ने लिखा-BJP की पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू। टिपिकल मोदी स्टाइल। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू ने जवाब देते हुए लिखा-आप की पार्टी तो चोरों और लुटेरों की पार्टी है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत गंदगी साफ की जा रही है। रेड की टाइमिंग को लेकर भी खूब चर्चा है क्योंकि करीब 12 दिन पहले AAP ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद अशोक मित्तल को उपनेता बनाया गया। अशोक मित्तल पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। वह 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे (पढ़ें पूरी खबर) 2. श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 8 मरे, शरीर में कांच घुसे; डेढ़ किमी दूर उतरना था पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में श्रद्धालुओं से भरी बस बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई। जिससे बस में करंट भी आ गया। बस पलटने से उसमें सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मरने वालों में सगे भाई भी शामिल हैं। वहीं बच्चों-महिलाओं समेत 21 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस वक्त हादसा हुआ, बस में 40 लोग सवार थे और करीब डेढ़ किमी बाद ही सबको बस से उतरकर अपने घर जाना था। हादसे का पता चलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला। श्रद्धालुओं ने बताया कि बस के पलटते ही सवारियां एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं। जिससे कई लोगों के हाथ-पैर पर भी गंभीर चोटें लगीं। इसके अलावा कई लोगों को सिर में चोट लगी, खिड़की के कांच टूटकर शरीर में घुस गए। फतेहगढ़ साहिब के SSP डॉ. शुभम अग्रवाल ने कहा कि पुलिस हादसे की वजहों की जांच कर रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया। PM ने कहा- हादसे के बारे में सुनकर मुझे अत्यंत दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं (पढ़ें पूरी खबर) 3. AAP सरकार ने राघव चड्‌ढा की सुरक्षा छीनी, केंद्र से Z+ सिक्योरिटी मिलेगी आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा के बीच का विवाद और बढ़ गया है। पंजाब की CM भगवंत मान की अगुआई वाली AAP सरकार ने राघव चड्‌ढा की सिक्योरिटी छीन ली है। पंजाब के सहप्रभारी, सांसद और राज्यसभा में उपनेता होने के नाते राघव चड्‌ढा को पंजाब पुलिस की सिक्योरिटी मिली थी। आम आदमी पार्टी के दिल्ली के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया (X) पर दावा किया कि राघव चड्‌ढा को केंद्र सरकार ने जेड प्लस सिक्योरिटी दे दी है। केंद्र सरकार आखिर राघव चड्‌ढा पर इतनी मेहरबान क्यों है? हालांकि, चड्‌ढा के करीबी सोर्सेज के मुताबिक अभी उन्हें केंद्र से सुरक्षा नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक उन्हें जल्द केंद्रीय सुरक्षा मिल सकती है। तब तक उन्हें दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी दी जा सकती है। 2 हफ्ते पहले AAP ने राघव चड्‌ढा को राज्यसभा में पार्टी उपनेता के पद से हटाकर दूसरे सांसद अशोक मित्तल को यह पद दे दिया था। उसके बाद से ही AAP और राघव चड्‌ढा के बीच खूब बयानबाजी भी चली। AAP ने कहा कि राघव पार्टी लाइन से हटकर चल रहे थे। इसके जवाब में चड्‌ढा ने कहा कि मैं सैलाब बनकर लौटूंगा। इसके बाद चड्‌ढा ने अरविंद केजरीवाल पर भी अंग्रेजी किताब से तंज कसा था (पढ़ें पूरी खबर) 4. मेट्रो चलाने पर सांसद और प्रशासक आमने-सामने चंडीगढ़ में मेट्रो चलाने को लेकर सांसद मनीष तिवारी और प्रशासक गुलाब चंद कटारिया आमने-सामने हो गए हैं। प्रशासक कटारिया का कहना है कि चंडीगढ़ की लगभग 12 लाख की आबादी के लिए मेट्रो चलाना आर्थिक रूप से घाटे का सौदा हो सकता है। इतने बड़े निवेश के लिए शहर में पर्याप्त सवारी नहीं मिलेगी। प्रशासक ने आगे कहा- मेट्रो का फायदा तभी है, जब इसे आसपास के बड़े शहरों से जोड़ा जाए, अन्यथा इसका ब्याज निकालना भी मुश्किल होगा। 5 साल के लिए पूरे शहर को खोद दिया जाएगा और उससे क्या फायदा होगा? चंडीगढ़ में मेट्रो केवल अंडरग्राउंड ही बन सकती है। ऊपर पुल बनाने की मंजूरी नहीं मिलेगी। अंडरग्राउंड मेट्रो इतनी महंगी पड़ेगी कि उससे बेहतर है कि हम इलेक्ट्रिक बसें चलाएं, लोगों को मुफ्त सफर करवाएं। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा- चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और न्यू चंडीगढ़ के लिए प्रस्तावित मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (MRTS) केवल एक ट्रैफिक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देगा। इससे लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 2026 में चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक चुनौती बना हुआ है। 2036 तक हालात और गंभीर हो सकते हैं (पढ़ें पूरी खबर) 5. लेडी ASI ने पोती के हाथ-पैर बांधकर धूप में गेट से बांधा पंजाब पुलिस की लेडी ASI ने 5 साल की पोती के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी। उसने बच्ची के हाथ-पैर बांधकर उसे घर के बाहर गेट से बांध दिया। बच्ची को घंटों तक धूप में रखकर तड़पाया। बच्ची उसकी बात नहीं मान रही थी।

चुकंदर दही सलाद रेसिपी: गर्मी के मौसम में घर पर बनाएं चुकंदर और दही का दही, स्वादानुसार खाएं और खाएं फिट; नोट करें रेसिपी

चुकंदर दही सलाद रेसिपी: गर्मी के मौसम में घर पर बनाएं चुकंदर और दही का दही, स्वादानुसार खाएं और खाएं फिट; नोट करें रेसिपी

15 अप्रैल 2026 को 17:10 IST पर अपडेट किया गया चुकंदर दही का सलाद: अगर आप त्वचा की चमक और फिटनेस दोनों चाहते हैं, तो इस दही को सप्ताह में 3-4 बार जरूर शामिल करें। यह शरीर के अंदर से डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)चुकंदर दही का सलाद(टी)चुकंदर दही का सलाद कैसे बनाएं(टी)चुकंदर दही का सलाद(टी)सलाद रेसिपी(टी)चुकंदर सलाद(टी)चुकंदर दही सलाद(टी)चुकंदर दही सलाद

चीन ने बिना हथियार बेचे ईरान को कैसे मजबूत बनाया:मिसाइल बनाने की टेक्निक दी, अमेरिका ने बैन लगाया तो छुपकर मदद पहुंचाई

चीन ने बिना हथियार बेचे ईरान को कैसे मजबूत बनाया:मिसाइल बनाने की टेक्निक दी, अमेरिका ने बैन लगाया तो छुपकर मदद पहुंचाई

पिछले करीब दो दशकों से चीन और ईरान के रिश्तों में संतुलन बना हुआ था। चीन, ईरान को सीधे हथियार बेचने की बजाय परोक्ष (इनडायरेक्ट) तरीके से मदद करता रहा। जंग शुरू होने के बाद अमेरिकी अधिकारियों का ध्यान फिर से इस पर गया है। खुफिया एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या चीन ने ईरान को कंधे पर रखकर दागी जाने वाले मिसाइल भेजी हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अभी तक सबूत पक्के नहीं हैं। अगर यह सही निकला, तो मिडिल ईस्ट में चीन की रणनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि अगर यह सच साबित होता है तो चीन से आने वाले सामान पर 50% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा। चीन ने आरोप को झूठ बताया और कहा कि टैरिफ लगाए गए तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। चीन सीधे हथियार नहीं, हथियारों का सामान देता है चीन ने 1980 के दशक में ईरान को बड़े पैमाने पर हथियार बेचे थे, लेकिन पिछले 10 साल में यह लगभग बंद हो गया। इसकी सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय दबाव है। 2006 के बाद संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध लगाए। इनके तहत किसी भी देश के लिए ईरान को सीधे हथियार देना मुश्किल हो गया। अमेरिका ने भी आर्थिक और व्यापारिक पाबंदियां लगाईं, जिससे ईरान को सैन्य मदद देने वाले देशों को नुकसान हो सकता है। इसी कारण चीन ने अपनी रणनीति बदल दी। उसने सीधे हथियार देने की बजाय ‘ड्यूल-यूज’ यानी ऐसी तकनीक और सामान देना शुरू किया, जिनका इस्तेमाल सिविल और सैन्य दोनों कामों में हो सकता है। जैसे कि- इस तरीके से चीन सीधे हथियार बेचने से बच जाता है, लेकिन ईरान की सैन्य क्षमता को मजबूत करने में मदद करता रहता है। अब यह जानिए कि चीन ने समय के साथ ईरान को दी जाने वाली सैन्य मदद कैसे बदली… 1980: ईरान-इराक जंग में हथियार बेच मुनाफा कमाया 1980 में ईरान-इराक युद्ध शुरू हुआ। उसी समय चीन में आर्थिक सुधार हो रहे थे। सरकारी कंपनियों से कहा गया कि वे सरकार पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद कमाई कर मुनाफा कमाएं। इसका असर डिफेंस सेक्टर पर भी पड़ा। पहले जो कंपनियां सिर्फ देश के लिए हथियार बनाती थीं, उन्हें अब बाहर के देशों को हथियार बेचने की छूट मिल गई। 1982 से 1987 के बीच चीन ने ईरान को मिसाइल, लड़ाकू विमान, टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और राइफल्स बेचीं। दिलचस्प बात यह थी कि चीन ने इराक को भी हथियार बेचे। दोनों दुश्मन देश एक-दूसरे पर चीनी हथियारों से हमला कर रहे थे। चीन के लिए यह पूरी तरह व्यापार का मामला था। वह दोनों ही पक्षों से पैसा कमा रहा था। 1987: US शिप पर हमले के बाद चीन पर दबाव बढ़ा 1987 में फारस की खाड़ी में तेल ले जाने वाले जहाजों पर हमले बढ़ गए थे। इसी बीच ईरान ने एक चीनी मिसाइल का इस्तेमाल करके कुवैत के पास एक तेल टैंकर पर हमला कर दिया। यह अमेरिकी जहाज था। यह पहली बार था जब अमेरिका को लगा कि चीन के बिकने वाले हथियार उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने चीन को हाई-टेक तकनीक और उपकरणों की बिक्री पर रोक लगा दी। क्योंकि इसका इस्तेमाल सैन्य क्षेत्र में हो सकता था। यह चीन के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि वह पश्चिमी तकनीक पर निर्भर था। चीन ने कहा कि वह सीधे ईरान को हथियार नहीं बेच रहा, लेकिन निर्यात पर सख्ती करेगा ताकि हथियार ‘तीसरे देशों’ से ईरान तक न पहुंचें। 1990: चीन ने ईरान को देशी मिसाइल बनाने में मदद दी 1988 में जंग खत्म होने के बाद ईरान ने समझ लिया था कि विदेशी हथियारों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसलिए उसने खुद की रक्षा क्षमता बढ़ाने की कोशिश की, जिसमें चीन ने मदद की। ईरान ने नूर एंटी-शिप मिसाइल बनाई, जो चीनी C-802 मिसाइल की रिवर्स इंजीनियरिंग से बनी थी। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल होता है। इसे समुद्र किनारे से भी दागा जा सकता था। यह जहाजों को निशाना बनाने के लिए उपयुक्त थी। इससे ईरान की समुद्री ताकत बढ़ गई, खासकर फारस की खाड़ी में। चीन ने ईरान को सिर्फ डिजाइन या मिसाइल ही नहीं दी, बल्कि पूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद की। इससे ईरान धीरे-धीरे अपने हथियार खुद बनाने में सक्षम हुआ और उसे बाहर से खरीद पर निर्भर नहीं रहना पड़ा। 2002: ईरान के परमाणु कार्यक्रम चलाने का खुलासा साल 2002 में खुलासा हुआ कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु कार्यक्रम चला रहा है। खास तौर पर दो जगहें सामने आईं। नतांज (यूरेनियम संवर्धन प्लांट) और अराक (हेवी वाटर रिएक्टर)। यह जानकारी बेहद अहम थी, क्योंकि ईरान ने इन साइट्स की जानकारी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को नहीं दी थी। ईरान का कहना था कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने और शांति के कामों के लिए है। लेकिन अमेरिका और कई पश्चिमी देशों को शक था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान से जवाब मांगा और जांच शुरू की। 2003 में IAEA के निरीक्षक ईरान पहुंचे और उन्होंने पाया कि ईरान लंबे समय से यूरेनियम संवर्धन पर काम कर रहा था। कई गतिविधियां बिना बताए की जा रही थीं और कुछ उपकरण और तकनीक विदेशों से गुप्त तरीके से लाई गई थी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि ईरान ने पहले पाकिस्ती वैज्ञानिक नेटवर्क (ए.क्यू. खान नेटवर्क) से परमाणु तकनीक हासिल की थी। उसने सेंट्रीफ्यूज (यूरेनियम संवर्धन मशीन) पर प्रयोग किए थे। इसमें से कुछ प्रयोगों की जानकारी IAEA को नहीं दी गई थी। हालांकि IAEA को उस समय सीधे परमाणु हथियार बनाने का पक्का सबूत नहीं मिला, लेकिन जानकारी छिपाना, सीक्रेट साइट्स बनाना और संवर्धन तकनीक पर काम की वजह से दुनिया को शक हुआ कि ईरान का इरादा सिर्फ शांतिपूर्ण नहीं हो सकता। 2006: ईरान पर प्रतिबंध लगा तो मदद का तरीका बदला इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने 2006 में ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाए, जिनका चीन ने समर्थन किया। चीन की मजबूरी थी कि एक तरफ वह अमेरिका

Cold In Summer: गर्मियों में बहती-बंद नाक से परेशान? डॉ. से जानें गर्मी में सर्दी होने का कारण, बचाव के उपाय

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Last Updated:April 15, 2026, 16:48 IST Garmi Me Jukam Hone Ka Karan: सर्दियों के मौसम में जुकाम बहुत कॉमन प्रॉब्लम है. लेकिन क्या आप गर्मी के दिनों में भी बहती और बंद नाक से परेशान रहते हैं? यदि हां तो ये लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. जनरल फिजिशियन डॉ. प्रतीक कुमार ने बताया कि इससे बचाव और इलाज के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय काफी मददगार हो सकते हैं. जुकाम से राहत के लिए क्या करना चलिए यहां जानते हैं. Garmi Me Jukam Ka Karan: गर्मियों का मौसम आमतौर पर गर्मी, पसीना और डिहाइड्रेशन से जुड़ा होता है. इस मौसम में जहां लोग लू के शिकार होते हैं, वहीं, कुछ लोगों में बंद नाक, बार-बार छींक आना, नाक बहना, गले में खराश, हल्का बुखार जैसे जुकाम के लक्षण भी नजर आते हैं. यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे कई सामान्य कारण होते हैं. डॉ. प्रतीक कुमार, जनरल फिजिशियन, मैकक्योर एंड आस्था हॉस्पिटल, दिल्ली बताते हैं कि गर्मी में जुकाम होने का सबसे बड़ा कारण है बार-बार तापमान में बदलाव. तेज धूप से आने के बाद तुरंत एयर कंडीशनर या कूलर के सामने बैठना शरीर के तापमान को अचानक बदल देता है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है और वायरस आसानी से शरीर पर हमला कर सकते हैं. इसके अलावा, ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन, पसीने में भीगकर बैठना, और गीले बालों के साथ ठंडी हवा में रहना भी सर्दी का कारण बन सकता है. गर्मी में वायरस इंफेक्शन का लक्षण- जुकाम गर्मियों में होने वाली सर्दी का एक और कारण वायरल इंफेक्शन होता है. कई वायरस जैसे राइनोवायरस इस मौसम में भी एक्टिव रहते हैं. बंद जगहों में ज्यादा समय बिताना, जैसे ऑफिस या मॉल, जहां एयर कंडीशनिंग चलती रहती है, वहां वायरस के फैलने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही, शरीर में पानी की कमी भी इम्यूनिटी को कमजोर करती है, जिससे सर्दी-जुकाम होने का खतरा बढ़ जाता है. जुकाम के लिए घरेलू उपायइससे बचाव और इलाज के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय काफी मददगार हो सकते हैं. सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना—पर्याप्त पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन करें. गुनगुने पानी से गरारे करना गले की खराश में राहत देता है. भाप लेना नाक बंद होने और कफ निकालने में मदद करता है. इसके साथ ही हल्दी वाला दूध या अदरक-तुलसी की चाय इम्यूनिटी बढ़ाने और संक्रमण से लड़ने में सहायक होती है. इसके अलावा ठंडी चीजों का सेवन कम करें और पसीने में भीगे कपड़े तुरंत बदलें. डॉक्टर से कब मिलेंहालांकि ज्यादातर मामलों में गर्मियों की सर्दी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है. यदि सर्दी 7–10 दिनों से ज्यादा बनी रहे, तेज बुखार आए, सांस लेने में तकलीफ हो, छाती में दर्द महसूस हो या गाढ़ा पीला/हरा कफ निकल रहा हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 15, 2026, 16:48 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

रामायण के पहले पार्ट में नहीं होगा राम-रावण का टकराव:रावण का रोल निभा रहे यश बोले- पहले पार्ट में रणबीर के साथ मेरा कोई सीन नहीं

रामायण के पहले पार्ट में नहीं होगा राम-रावण का टकराव:रावण का रोल निभा रहे यश बोले- पहले पार्ट में रणबीर के साथ मेरा कोई सीन नहीं

नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण ’ में रावण का किरदार निभा रहे एक्टर यश ने खुलासा किया है कि फिल्म के पहले पार्ट में उनका और राम बने रणबीर कपूर का कोई भी सीन साथ में नहीं होगा। यश ने बताया कि पहले पार्ट में दोनों किरदारों को उनके अपने-अपने राज्यों में दिखाया जाएगा, इसलिए पर्दे पर कोई फेस-ऑफ (आमना-सामना) नहीं होगा। रावण का अपना साम्राज्य होगा, राम का अपना हाल ही में यश और फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ‘रामायण ‘ के प्रमोशन के लिए सिनेमाकॉन इवेंट में शामिल हुए। वहां यश से पूछा गया कि रणबीर कपूर के साथ स्क्रीन शेयर करने का अनुभव कैसा रहा। इस पर यश ने साफ कर दिया कि फिलहाल फैंस को दोनों को एक साथ देखने के लिए इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि चूंकि यह दो पार्ट वाली फिल्म है, इसलिए पहले पार्ट में रावण का अपना साम्राज्य होगा और राम का अपना। रणबीर के साथ तालमेल पर क्या बोले यश भले ही दोनों ने पहले पार्ट में साथ में स्क्रीन शेयर न की हो, लेकिन यश ने रणबीर कपूर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, रणबीर एक शानदार एक्टर हैं। हम कई बार मिल चुके हैं और हमारे बीच गहरा आपसी सम्मान है। जब आप रामायण जैसी किसी बड़ी और असाधारण फिल्म पर काम करते हैं, तो सबका लक्ष्य एक ही होता है- कहानी को बेहतरीन तरीके से पेश करना। हमारी सोच मिलती-जुलती है, इसलिए तालमेल बिठाने में कोई दिक्कत नहीं आई। दो हिस्सों में आएगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितेश तिवारी की ‘रामायण’ एक बड़े स्तर पर बनाई जा रही फ्रैंचाइजी होगी। इसे दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला हिस्सा दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा। वहीं, कहानी का दूसरा और अंतिम भाग अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज करने की योजना है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

राजगढ़ के 7 छात्र प्रदेश की मेरिट लिस्ट में:तीन ने दूसरा, एक ने चौथा और तीन छात्रों ने 9वां स्थान हासिल किया

राजगढ़ के 7 छात्र प्रदेश की मेरिट लिस्ट में:तीन ने दूसरा, एक ने चौथा और तीन छात्रों ने 9वां स्थान हासिल किया

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम बुधवार को घोषित किए गए। इस वर्ष राजगढ़ जिले ने 84.95% परिणाम दर्ज कर पिछले चार वर्षों का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। जिले से कुल 5,893 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि जिले की दो छात्राओं खुशबू पाटीदार और आर्ची माहेश्वरी ने कॉमर्स संकाय में 500 में से 489 अंक प्राप्त कर प्रदेश में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस सफलता से पूरे जिले में खुशी का माहौल है। किसान की बेटी ने सेल्फ स्टडी से हासिल की मेरिट जीरापुर तहसील के गोवर्धनपुरा गांव की रहने वाली खुशबू पाटीदार ने सीमित संसाधनों के बावजूद यह मुकाम हासिल किया। वह रॉयल हाईट्स स्कूल, जीरापुर की छात्रा हैं। उनके पिता संजय पाटीदार किसान हैं और माता गृहिणी हैं। खुशबू ने बताया कि उन्होंने रोजाना 4 से 5 घंटे पढ़ाई की और पूरी तरह से सेल्फ स्टडी पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने किसी भी प्रकार की कोचिंग नहीं ली। खुशबू आगे चलकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना चाहती हैं। खुशबू का कहना है मैंने खुद पर भरोसा रखा, शिक्षकों ने सही मार्गदर्शन दिया और माता-पिता का पूरा सहयोग मिला, इसलिए मैं यह स्थान प्राप्त कर पाई। 🟦 आर्ची: हार्डवेयर दुकानदार की बेटी, सिविल सेवा का सपना कुरावर की गल्ला मंडी क्षेत्र निवासी आर्ची माहेश्वरी ने भी 489 अंक प्राप्त कर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया। वह होली एंजिल हायर सेकेंडरी स्कूल, कुरावर की छात्रा हैं। आर्ची के पिता विशाल माहेश्वरी हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं और माता अंजली माहेश्वरी गृहिणी हैं। आर्ची ने बताया कि उन्होंने रोजाना लगभग 4 घंटे पढ़ाई की और कोचिंग के साथ अपनी तैयारी को मजबूत किया। आर्ची का सपना सिविल सेवा (UPSC) में जाकर देश की सेवा करना है। आर्ची का कहना है स्कूल के शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग मेरी ताकत बना, उसी की बदौलत मैं यह सफलता हासिल कर पाई। चार साल में तेजी से सुधरा जिले का रिजल्ट राजगढ़ जिले का शैक्षणिक प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है— 2023: 49.79% 2024: 62.41% 2025: 69.43% 2026: 84.95% शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूलों में बढ़ती सुविधाएं, विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई और अभिभावकों की जागरूकता इस सुधार के मुख्य कारण हैं। प्रावीण्य सूची में राजगढ़ के 7 होनहार मध्यप्रदेश बोर्ड की 12वीं परीक्षा में राजगढ़ जिले के कुल 7 विद्यार्थियों ने प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाया— दूसरा स्थान (3 छात्र) अर्जुन गुर्जर (विज्ञान-गणित) – 491 अंक आर्ची माहेश्वरी (कॉमर्स) – 489 अंक खुशबू पाटीदार (कॉमर्स) – 489 अंक चौथा स्थान (1 छात्र): अंशिका साहू (विज्ञान-गणित) – 489 अंक नौवां स्थान (3 छात्र): श्रेष्ठ जायसवाल (विज्ञान-गणित) – 484 अंक शिवानी राजपूत (कॉमर्स) – 482 अंक वर्षा बढ़ई (जीव विज्ञान) – 484 अंक

CBSE 10th Session 1 Result Declared: 80% Students Pass

CBSE 10th Session 1 Result Declared: 80% Students Pass

Hindi News Career CBSE 10th Session 1 Result Declared: 80% Students Pass | New Board System Exams 8 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने 10वीं सेशन – 1 का रिजल्ट जारी कर दिया है। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट results.cbse.nic.in और उमंग एप पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। लगभग 25 लाख स्टूडेंट्स इस साल CBSE बोर्ड 10वीं की सेशन 1 परीक्षा में शामिल हुए हैं जिनका रिजल्‍ट जारी किया गया है। सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षाओं में पास होने के लिए, थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों में न्यूनतम 33% अंक लाना जरूरी है। इस साल 10वीं बोर्ड सेशन – 1 एग्जाम देश के 8 हजार से ज्यादा एग्जाम सेंटर पर आयोजित की गई थी। स्टूडेंट्स अपने रोल नंबर की मदद से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने का डायरेक्ट लिंक मेरिट लिस्‍ट नहीं होगी जारी CBSE बोर्ड मेरिट लिस्‍ट जारी नहीं करता है। इसके अलावा रिजल्‍ट में कोई टॉपर भी घोषित नहीं किया जाता है। बोर्ड सभी स्‍कूलों और शैक्षणिक संस्‍थानों को ये निर्देश भी देता है कि किसी भी बच्‍चे को स्‍कूल या जिले का टॉपर घोषित न करें। यहां देखें CBSE का रिजल्‍ट results.cbse.nic.in cbse.gov.in results.nic.in results.digilocker.gov.in umang.gov.in नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत हुई एग्जाम : इस साल सीबीएसई ने कक्षा 10वीं की एग्जाम नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित की है। पहला बोर्ड एग्जाम (अनिवार्य) : 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 को हुआ था। वहीं दूसरा बोर्ड एग्जाम (ऑप्शनल) है जो 15 मई से 1 जून 2026 तक होगा। 15 मई से होंगे CBSE 10th सेशन 2 एग्जाम: 10वीं बोर्ड सेशन – 2 एग्जाम उन स्टूडेंट्स के लिए है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। इसमें अधिकतम 3 अंकों में सुधार का मौका मिलेगा। इसके अलावा 2 विषयों में फेल छात्रों को कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा गया है, जो दूसरी एग्जाम दे सकते हैं। तीन या इससे ज्यादा सब्जेक्ट में फेल छात्रों को 2027 की मेन एग्जाम देनी होगी। 25 लाख से ज्यादा स्टूडेंट शामिल : सीबीएसई 10वीं सेशन – 1 की परीक्षा इस साल 25 लाख से ज्यादा स्टूडेंट ने दी थी। इस साल 10वीं और 12वीं के रिजल्ट अलग-अलग जारी होंगे। इसे लेकर बोर्ड ने कोई क्लेरिफिकेशन जारी नहीं किया है। उमंग एप पर ऐसे चेक करें 10वीं सेशन – 1 का रिजल्ट : UMANG App डाउनलोड करें। एक अकाउंट बनाएं और अपने रजिस्टर्ड नंबर से लॉग इन करें। CBSE कक्षा 10वीं के रिजल्ट 2026 देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर डालें और सबमिट करें। स्क्रीन पर सीबीएसई बोर्ड 2026 सेशन – 1 का रिजल्ट दिखाई देगा। CBSE के 2 बार एग्जाम के फैसले को 8 सवाल-जवाब में जानें… सवाल: दो बार एग्‍जाम होने का नियम कब से लागू होगा। जवाब: ये नियम 2025-26 सेशन से लागू होगा। इसका मतलब है कि साल 2026 में बोर्ड एग्‍जाम 2 बार आयोजित होंगे। सवाल: क्‍या दोनों बार एग्‍जाम देना जरूरी होगा। जवाब: नहीं। स्टूडेंट्स के पास 3 ऑप्शन होंगे- 1. साल में एक बार परीक्षा दें। 2. दोनों परीक्षाओं में शामिल हों। 3. किसी सब्जेक्ट में अच्छा परफॉर्म न कर पाने पर, दूसरी परीक्षा में उस विषय का दोबारा एग्‍जाम दें। सवाल: अगर एग्‍जाम 2 बार दिए हैं, तो रिजल्‍ट कैसे तय होगा। जवाब: जो स्‍टूडेंट्स दोनों बार बोर्ड एग्‍जाम में शामिल होंगे, उनका वो रिजल्‍ट फाइनल माना जाएगा, जो बेहतर होगा। यानी अगर दूसरी बार एग्‍जाम देने पर नंबर घट जाएंगे, तो पहली परीक्षा के नंबर ही फाइनल माने जाएंगे। सवाल: क्‍या दोनों परीक्षाओं में आधा-आधा सिलेबस पूछा जाएगा। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी। एग्‍जाम का फॉर्मेट भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही होगा। सवाल: क्‍या दो एग्‍जाम्स के बाद सप्‍लीमेंट्री एग्‍जाम भी देने का मौका मिलेगा। जवाब: नहीं। 10वीं के लिए सप्‍लीमेंट्री एग्‍जाम अब खत्‍म कर दिया जाएगा। सवाल: क्‍या दोनों बार बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एग्‍जाम सेंटर मिलेगा। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए एग्‍जाम सेंटर एक ही रहेगा। सवाल: क्‍या दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्‍ट्रेशन अलग-अलग करना होगा? फीस भी 2 बार लगेगी। जवाब: नहीं। दोनों परीक्षाओं के लिए रजिस्‍ट्रेशन एक ही बार करना होगा। हालांकि, दो बार परीक्षा देने का ऑप्‍शन चुनने पर फीस एक साथ ली जाएगी। सवाल: क्‍या प्रैक्टिकल एग्‍जाम भी 2 बार होंगे। जवाब: नहीं। प्रैक्टिकल और इंटरनल एग्‍जाम एक ही बार होंगे। ये पहले की तरह दिसंबर-जनवरी में आयोजित किए जाएंगे। ————————– ये खबरें भी पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…