हरदा जिले में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। करीब 16 साल बाद होने वाली यह जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। प्रशासन ने इस कार्य के लिए 1323 कर्मियों की नियुक्ति कर दी है।
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तहसीलदार राजेंद्र पंवार ने बताया कि जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें मकान सूचीकरण किया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें परिवारों और व्यक्तियों की गणना की जाएगी।
1104 सर्वेक्षक और 219 पर्यवेक्षक तैनात
संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी रजनी वर्मा के अनुसार, जिले में 1104 सर्वेक्षक और 219 पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) नियुक्त किए गए हैं। इनके मार्गदर्शन के लिए एक मास्टर ट्रेनर और 24 फील्ड ट्रेनर भी तैनात किए गए हैं।
प्रत्येक सर्वेक्षक को औसतन 700 से 800 लोगों, यानी करीब 150 से 180 परिवारों की गणना का कार्य सौंपा गया है। जिले में कुल 1119 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं।
मोबाइल ऐप और टैबलेट से होगा डेटा कलेक्ट
इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। कर्मचारियों को मोबाइल ऐप और टैबलेट के माध्यम से डेटा एंट्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे त्रुटियों में कमी आएगी और प्रक्रिया तेज होगी। नागरिकों के लिए ऑनलाइन स्वयं-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
प्रशिक्षण के जरिए दी जा रही तकनीकी जानकारी
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों को सर्वेक्षण प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, ताकि कार्य सुचारु रूप से पूरा हो सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कर्मचारियों को निष्पक्ष और सटीक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। यह प्रक्रिया भविष्य की विकास योजनाओं का आधार तय करती है, जिससे जिले के समग्र विकास को गति मिलती है।













































