Sunday, 31 May 2026 | 11:42 AM

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हिमाचल में जेपी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट का सुसाइड अटेम्प्ट:गंभीर हालत में IGMC में चल रहा इलाज, बालकनी से कूदा, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला

हिमाचल में जेपी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट का सुसाइड अटेम्प्ट:गंभीर हालत में IGMC में चल रहा इलाज, बालकनी से कूदा, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला स्थित जेपी यूनिवर्सिटी में बुधवार देर रात एक स्टूडेंट ने सुसाइड अटेम्प्ट किया। बताया जा रहा है कि छात्र हॉस्टल की बालकनी से कूद गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में छात्र को उपचार के लिए IGMC शिमला लाया गया है। सुसाइड अटेम्प्ट करने वाला छात्र जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। उसका नाम आयान हुसैन बताया जा रहा है। आयान हुसैन के सुसाइड अटेम्पट की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार आयान बुधवार सुबह से ही परेशान था। खाने को नमकीन मांगा शाम के वक्त उसने पहले खाने को नमकीन मांगा और बाद में सहपाठी को अपने मोबाइल नंबर पर बैल देने को कहा, क्योंकि उसका मोबाइल कही खो गया था। पुलिस को यह बात आयान के सहपाठियों ने बताई है। इसके बाद आयान ने हॉस्टल की बालकनी से कूदने का प्रयास किया। इस दौरान एक छात्र ने उठे देख लिया और पकड़ भी लिया, लेकिन कुछ देर बाद वह उसके हाथ से छूट गया। इससे आयान नीचे गिर गया। इसके बाद दूसरे छात्र भी इकट्ठे हुए और आयान को उस गली से बाहर निकाला, जहां वह फंसा हुआ था। छात्रों ने कैंपस में नारेबाजी की आयान के सुसाइड अटैम्पट के बाद कैंपस में दूसरे छात्रों ने देर रात तक हंगामा व नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार समय पर नहीं मिलने से छात्र भड़क गए। इसलिए उन्होंने कैंपस में नारेबाजी की। छात्र की स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के बाद वजह मालूम पड़ेगी: SP एसपी सोलन तिरुमला राजू एसडी वर्मा ने बताया कि छात्र अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। छात्र के बयान के बाद सुसाइड अटेम्पट की वजह पता चल पाएगी। पुलिस यूनिवर्सिटी प्रबंधन और आयान हुसैन के सहयोगियों से भी बात कर रही है। इसके बाद ही सुसाइड की वजह साफ हो पाएगी। परिजन आईजीएमसी पहुंचे पुलिस ने रात में ही आयान हुसैन के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद परिजन भी आईजीएमसी पहुंच गए है। वहीं पुलिस आयान की स्टेटमेंट का इंतजार कर रही है। इसके बाद आगामी कार्रवाई शुरू होगी। बता दें कि कुछ दिन पहले ही सोलन जिला की शूलिनी यूनिवर्सिटी में भी एक छात्र आत्महत्या कर चुका है।

RPSC Vet Officer Exam Admit Card Released

RPSC Vet Officer Exam Admit Card Released

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से पशु चिकित्सा अधिकारी (पशुपालन विभाग) परीक्षा-2025 एवं सहायक कृषि अभियंता (कृषि विभाग) परीक्षा-2025 के एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए गए है। . एग्जाम 19 अप्रैल 2026 को होगा। परीक्षा जयपुर जिला मुख्यालय पर सुबह 10 से 12.30 बजे तक और दोपहर 3 से 5.30 बजे तक दो पारियों में होगी। इसके लिए आयोग ने सभी तैयारियां कर ली हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी (1100 पद) भर्ती परीक्षा के लिए करीब 5500 अभ्यर्थी 20 केंद्रों पर शामिल होंगे। वहीं असिस्टेंट एग्रीकल्चर इंजीनियर (281 पद) के लिए करीब 4 हजार अभ्यर्थी 15 केंद्रों पर परीक्षा देंगे। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक के माध्यम से एप्लीकेशन नंबर व बर्थ डेट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। इसके अलावा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं। प्रत्येक परीक्षा में ओएमआर उत्तर पत्रक के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। एक घंटे पहले मिलेगी सेंटर पर एंट्री परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। पहचान पत्र जरूरी है मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लाएं। अगर आधार पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएँ- वोटर आईडी पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए) एडमिट कार्ड पर भी अपना लेटेस्ट रंगीन फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। बहकावें में नहीं आएं, सूचना दें आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ……… पढें ये खबर भी… CBSE 10वीं स्टूडेंट्स बोले-रेग्यूलर स्टडी से ही सफलता सम्भव:दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए आज से जमा होगी फीस,3 सब्जेक्ट में स्कोर सुधारने का मौका केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं का रिजल्ट जारी किया। अजमेर से कई होनहारों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा मार्क्स हासिल किए। इस दौरान स्टूडेंट्स ने कहा कि रेग्यूलर स्टडी से ही सफलता सम्भव है।

बिजली बिल नहीं भरा तो कुर्की, फ्रिज-टीवी-बाइक जब्त:2018 से बकाया, नोटिस के बाद भी नहीं भरा बिल अब कार्रवाई

बिजली बिल नहीं भरा तो कुर्की, फ्रिज-टीवी-बाइक जब्त:2018 से बकाया, नोटिस के बाद भी नहीं भरा बिल अब कार्रवाई

जबलपुर में बिजली बिल बकायेदारों पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। लगातार अपील और नोटिस के बावजूद बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विभाग ने कुर्की की कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को टीम ने ठक्कर ग्राम में दो बकायेदारों के घर पहुंचकर घरेलू सामान जब्त कर लिया। बिजली विभाग की टीम ठक्कर ग्राम स्थित रोशन जमीर और अजय शर्मा के घर पहुंची। रोशन जमीर पर 62,582 रुपए और अजय शर्मा पर 27,081 रुपए का बकाया था। कई बार नोटिस और समझाइश के बाद भी भुगतान नहीं करने पर विभाग ने उनके घर से फ्रिज, टीवी और बाइक कुर्क कर ली। 2018 से नहीं भरा बिल, अब हुई कार्रवाई अधिकारियों के मुताबिक रोशन जमीर ने अगस्त 2018 के बाद से बिजली बिल जमा नहीं किया था। उन्हें कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन उन्होंने अनदेखी की। इसके बाद धारा 147 के तहत कार्रवाई करते हुए कुर्की की गई। समाधान योजना के बावजूद नहीं भर रहे बिल बिजली विभाग का कहना है कि समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है, जिसमें कम राशि में बकाया निपटाने का मौका मिलता है। इसके बावजूद कई उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही है। विभाग ने ऐसे सभी बकायेदारों को चिन्हित कर लिया है, जिन्होंने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी उपभोक्ताओं के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

गर्मियों में हेल्दी समझकर आप भी खाते हैं ज्यादा तरबूज, तो हो सकते हैं परेशान.. यहां जानिए कितनी मात्रा है सुरक्षित

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गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजारों में तरबूज (वॉटरमेलन) की भरमार हो जाती है. यह फल न केवल स्वाद में मीठा और ताजगी भरा होता है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने में भी बेहद मददगार साबित होता है. हालांकि, हाल ही में कई लोगों के बीच यह चर्चा भी सुनने को मिल रही है कि तरबूज खाने से पेट खराब हो रहा है या पेट दर्द की समस्या हो रही है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि तरबूज का सेवन कितना और कैसे करना चाहिए, ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके और किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या न हो. दरअसल, तरबूज गर्मियों का एक बेहतरीन फल है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है. यह शरीर को ठंडक देता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है, लेकिन हर अच्छी चीज की तरह इसका सेवन भी सीमित मात्रा में करना जरूरी है. अधिक मात्रा में तरबूज खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. 2 से 3 टुकड़े खाना है पर्याप्त डॉक्टर रिद्धि पांडे ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए एक बार में एक प्लेट तरबूज पर्याप्त होता है. अगर पूरे फल की बात करें, तो एक मध्यम आकार का तरबूज 3 से 4 लोगों के लिए पर्याप्त माना जाता है. वहीं, अगर स्लाइस के रूप में देखें, तो 2 से 3 टुकड़े खाना पर्याप्त है. इससे शरीर को जरूरी पोषण और पानी मिल जाता है, बिना किसी नुकसान के. तरबूज के गुणों में आ सकता है बदलाव  आगे उन्होंने कहा कि तरबूज खाने का सही तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है. अक्सर लोग इसे फ्रिज में ठंडा करके खाते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. फ्रिज में रखने से तरबूज के गुणों में बदलाव आ सकता है. बेहतर तरीका यह है कि तरबूज को ठंडे पानी में 3 से 4 घंटे पहले डालकर रखा जाए, जिससे यह प्राकृतिक रूप से ठंडा हो जाए और इसके पोषक तत्व भी सुरक्षित रहें. तुरंत पानी से हो सकती हैं समस्याएं  डॉक्टर ने बताया कि एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि तरबूज खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए. यह एक आम गलती है, जो खासतौर पर बच्चे करते हैं. तरबूज में पहले से ही बहुत अधिक पानी होता है और इसके बाद पानी पीने से पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है. इससे पेट फूलना, अपच, दस्त या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए तरबूज खाने के बाद कम से कम 30 से 45 मिनट तक पानी पीने से बचना चाहिए. जरूरत से ज्यादा तरबूज न खाएं बच्चे  वहीं, उन्होंने बताया कि यदि किसी को तरबूज खाने के बाद पेट में भारीपन या गैस की समस्या होती है, तो उसमें थोड़ा काला नमक मिलाकर खाना फायदेमंद हो सकता है. काला नमक पाचन में मदद करता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करता है. बच्चों के लिए भी तरबूज फायदेमंद है, लेकिन उन्हें सीमित मात्रा में ही देना चाहिए. ज्यादा खाने से बच्चों में भी पेट दर्द या दस्त की शिकायत हो सकती है. इसलिए अभिभावकों को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे जरूरत से ज्यादा तरबूज न खाएं. सेहत के लिए फायदेमंद बता दें कि तरबूज एक बेहद फायदेमंद और ताजगी देने वाला फल है, लेकिन इसका सेवन सही मात्रा और सही तरीके से करना जरूरी है. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो गर्मियों में तरबूज न केवल स्वाद का आनंद देगा, बल्कि सेहत को भी बेहतर बनाए रखेगा.

जबलपुर में गर्मी का प्रकोप:पारा 40 डिग्री के पार, लू जैसे हालात; अगले तीन दिन भी राहत नहीं

जबलपुर में गर्मी का प्रकोप:पारा 40 डिग्री के पार, लू जैसे हालात; अगले तीन दिन भी राहत नहीं

जबलपुर में इन दिनों तेज गर्मी का असर बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में भी लोगों को राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही बना रहेगा। शहर में बीते तीन दिनों से मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना हुआ है। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लू जैसे हालात महसूस किए जा रहे हैं। मौसम साफ रहने का अनुमान गुरुवार (16 अप्रैल) को भी मौसम साफ रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश के कोई संकेत नहीं हैं और कम आर्द्रता के कारण गर्मी का असर और अधिक तीखा महसूस होगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। प्रदेश सहित उत्तर भारत में गर्मी और लू की स्थिति बनने लगी है, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के मध्य में इस तरह की गर्मी सामान्य से अधिक है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और तेज धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। फिलहाल जबलपुर में गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं हैं, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

गर्मियों में किस वजह से फटने लगती है स्किन? किस तरह कर सकते हैं बचाव, डॉक्टर ने बताए स्किन केयर टिप्स

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Last Updated:April 16, 2026, 10:16 IST Summer Skin Problems: गर्मियों में स्किन ड्राई होने और फटने का मुख्य कारण डिहाइड्रेशन, तेज धूप और त्वचा की नमी का कम होना है. ज्यादा साबुन और केमिकल्स के इस्तेमाल से भी यह समस्या बढ़ सकती है. पर्याप्त पानी पीना, मॉइश्चराइजर लगाना और धूप से बचाव करना स्किन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. गर्मियों में तेज धूप, डिहाइड्रेशन और लू के कारण स्किन फटने लगती है. Summer Skin Care Tips: गर्मियों के मौसम में धूप की तपिश बढ़ जाती है और पसीने से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. इसके साथ गर्मी में स्किन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. अक्सर माना जाता है कि स्किन ड्राइनेस और स्किन फटने की समस्या केवल सर्दियों में होती है, लेकिन ऐसा नहीं है. गर्मियों में भी स्किन ड्राई हो जाती है और फटने लगती है. ऐसे में सवाल है कि गर्मी में स्किन से जुड़ी ये समस्याएं क्यों पैदा होती हैं और इनसे कैसे बचाव किया जा सकता है. इस बारे में स्पेशलिस्ट से जान लेते हैं. यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया कि गर्मियों में स्किन फटने का सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी है. जब हम पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो शरीर अंदर से सूखने लगता है और इसका असर स्किन पर साफ दिखाई देता है. तेज धूप और गर्म हवाएं भी स्किन की नमी छीन लेती हैं, जिससे स्किन ड्राई और फटी हुई नजर आने लगती है. ऐसे में लू से बचना, हाइड्रेशन बेहतर बनाए रखना और धूप से बचना जरूरी है. एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मियों में लोग बार-बार नहाते हैं और साबुन का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. ज्यादा केमिकल वाले साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करने से स्किन के नेचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं. इससे स्किन की बाहरी परत कमजोर हो जाती है और वह फटने लगती है. इसके अलावा सूरज की हानिकारक UV किरणें भी त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं. ज्यादा देर तक धूप में रहने से स्किन बर्न हो सकती है, जिससे उसमें दरारें आ जाती है. बिना सनस्क्रीन के बाहर निकलना इस समस्या को बढ़ा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट के मुताबिक स्किन को ड्राइनेस और फटने से बचाने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और नारियल पानी, छाछ जैसे हेल्दी ड्रिंक्स लें. इसके साथ ही त्वचा को मॉइश्चराइज रखना भी जरूरी है. हल्का और नॉन-ऑयली मॉइश्चराइजर दिन में 1 से 2 बार जरूर लगाएं. धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और जितना हो सके सीधे सूरज की किरणों से बचें. नहाने के बाद मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा की नमी बनी रहे. गर्मियों में स्किन फटना एक कॉमन समस्या है, लेकिन सही देखभाल और छोटी-छोटी सावधानियों से इसे आसानी से रोका जा सकता है. हाइड्रेशन, सन प्रोटेक्शन और सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी और सॉफ्ट बनाए रख सकते हैं. अगर तमाम कोशिशों के बावजूद आपकी स्किन ड्राई है, तो डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए. कई बार यह शरीर में पल रही स्किन डिजीज का संकेत भी हो सकता है. इसे लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 16, 2026, 10:16 IST

Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner

Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner

Hindi News Sports Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner | Faces Ju Wenjun 7 मिनट पहले कॉपी लिंक रमेशबाबू 10 साल में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर-चीनी खिलाड़ी हैं। भारत की 24 साल की शतरंज खिलाड़ी वैशाली रमेशबाबू ने 15 अप्रैल को साइप्रस के कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिसॉर्ट में खेले गए फाइनल राउंड में शानदार जीत दर्ज की और FIDE वीमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अब वे वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देंगी। वैशाली ने फाइनल राउंड में सफेद मोहरों से खेलते हुए रूस की अनुभवी खिलाड़ी कैटरिना लग्नो को हराया। ओपनिंग से ही बनाई मजबूत पकड़ रूस की कैटरिना लग्नो ने मुकाबले की शुरुआत में सिसिलियन डिफेंस की ड्रैगन वेरिएशन अपनाई। यानी उन्होंने अपने किंग को सुरक्षित रखते हुए काले मोहरों को इस तरह जमाया कि उनका ऊँट (बिशप) कोने से लंबी दूरी तक असर डाल सके। इसके जवाब में वैशाली रमेश बाबू ने यूगोस्लाव अटैक खेला। मतलब, उन्होंने शुरुआत से ही सफेद मोहरों से किंग साइड पर तेज हमला करने की रणनीति अपनाई और खेल पर पकड़ बना ली। करीब 16वीं चाल तक वैशाली के पास साफ बढ़त थी। इसके बाद उन्होंने बिना जल्दबाज़ी किए अपनी स्थिति को और मजबूत किया और धीरे-धीरे उसे जीत में बदल दिया। इस दौरान उन्होंने रूसी खिलाड़ी की गलतियों का भी पूरा फायदा उठाया। 48वीं चाल पर लग्नो ने हार मान ली। उस समय वैशाली के पास क्वीन और दो हाथी (रूक) थे, जबकि लग्नो के पास सिर्फ क्वीन और ऊँट ही बचा था। यह स्थिति साफ तौर पर वैशाली के पक्ष में थी, इसलिए जीत तय हो गई। दूसरे मैच के ड्रॉ से मिला फायदा आखिरी राउंड शुरू होने से पहले वैशाली रमेशबाबू और कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा 7.5 अंको के साथ बराबरी पर थीं। आखिरी मुकाबले में कजाकिस्तानी खिलाड़ी को भारत की दिव्या देशमुख ने ड्रॉ पर रोक दिया। इसका फायदा वैशाली को मिला, जिससे उन्हें बढ़त हासिल हुई और वे चैंपियन बन गईं। धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी वैशाली टूर्नामेंट में सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ी थीं। पहले चार मुकाबले ड्रॉ रहे और पांचवें में हार मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए वापसी की और खिताब जीत लिया। 10 साल बाद कोई गैर चीनी खिलाड़ी फाइनल में साल 2016 से विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप पूरी तरह से चीनी खिलाड़ियों के कब्जे में रही है। वैशाली पिछले एक दशक में पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जो चीन के इस दबदबे को चुनौती देंगी। खेल विशेषज्ञ अब वैशाली की तुलना गुकेश से कर रहे हैं, जिन्होंने 2024 में चीन के ही डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी। उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 में वैशाली भी जू वेनजुन को हराकर वही कारनामा दोहराएंगी। गुकेश ने जीता था पिछला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट पिछली बार भारत के डी गुकेश ने इसे जीतकर चीन के डिंग लिरेन को चुनौती दी थी। तब गुकेश कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने थे। 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने 1995 में पहली बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट क्या है और क्यों अहम कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज की दुनिया का सबसे अहम इवेंट माना जाता है, क्योंकि यही तय करता है कि वर्ल्ड चैंपियन को अगला चैलेंजर कौन होगा। इसे वर्ल्ड चैंपियनशिप का सेमीफाइनल भी कहा जाता है। विजेता को सीधे वर्ल्ड चैंपियन से खेलने का मौका मिलता है। यह शतरंज का सबसे बड़ा क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट हर दो साल में होता है और विजेता वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला भारत के डी गुकेश से, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन से होगा। कैसे होता है टूर्नामेंट? इसमें दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार (राउंड-रॉबिन फॉर्मेट) खेलते हैं। कुल 14 राउंड होते हैं। हर जीत पर 1 अंक, ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है। सबसे ज्यादा पॉइंट्स वाला खिलाड़ी विजेता बनता है।———————————————-स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए, कोहली 49 पर आउट, जितेश के सिक्स पर बॉल बॉय का कैच; मोमेंट्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मिचेल मार्श ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर रिटायर हर्ट हुए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अनुराग ठाकुर का बड़ा बयान, कहा- ‘महिला-विरोधी सोच’ वाली साहसिक बात…’

अनुराग ठाकुर का बड़ा बयान, कहा- 'महिला-विरोधी सोच' वाली साहसिक बात...'

महिला आरक्षण विधेयक: जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने रविवार को फोटोग्राफरों की आलोचना करते हुए कहा कि वे महिला तटस्थ बिल का समर्थन नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘महिला-विरोधी सोच’ रखने वाले लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं. उनकी यह टिप्पणी संसद के तीन दिन के बजट सत्र के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले आई है। इस सत्र के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ में संशोधनों और एक प्रस्तावित परिसीमन बिल पर चर्चा होने की उम्मीद है, ताकि संसद में महिलाओं के लिए एक तिहाई सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आईएएनएस से बात करते हुए ठाकुर ने कहा: ‘जो लोग महिला-विरोधी हैं, वे ही ये काम कर रहे हैं।’ 1971 में ही यह तय हो गया था कि किसे मंजिल मिलेगी। दक्षिण भारतीय राज्यों को सबसे ज्यादा लाभ मिल रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत नॉटी भी मिल रहा है. इसलिए जिन गुटों की असंबद्ध महिला-विरोधी है, वे आज इसका विरोध कर रही हैं-चाहे वह (कांग्रेस मिनिस्ट्री) सोनिया गांधी हों, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हों, स्कूल के छात्र हों या कोई अन्य पार्टी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाली यूएपीए सरकार पर अपने कार्यकाल के दौरान इस बिल को पारित नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब वे यूएपीए सरकार में शामिल हुए, तब भी उन्होंने अपनी 10 साल की महिला बिल को इस अवधि के दौरान जारी नहीं किया; लेकिन हमने यह बिल पास कर दिया है। इसके अलावा, ठाकुर ने कहा कि हम महिलाओं को उनके अधिकार देते हैं और महिला संविधान की दिशा में काम करते हैं। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कैथोलिक कांग्रेस के शासन के बारे में भी बात की। यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: क्या फायदे लेकर आई महिला नामावली? किरण रिजिजू ने दिया जवाब उन्होंने कहा कि लोगों ने ममता बनर्जी की आवाज बंद कर दी है. वैदिक कांग्रेस की हार तय है। 4 मई को अलौकिक कांग्रेस सत्य से बाहर होगी। बाकी ममता बनर्जी घबराई हुई हैं। वह राज्य में अपने 15 साल के शासन की किसी भी उपलब्धि के बारे में बात नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मोदी महाराज एक क्रांतिकारी हैं, जो अपने नेताओं को बदनाम करने के लिए मोहलत की जगह पर पहुंच गए।” इसके अलावा, ठाकुर ने कहा कि राज्य में भाजपा की सत्ता आने के बाद पश्चिम बंगाल को गुलाम, कमीशनखोर और अवैध घुसपैठियों से मुक्त किया जाएगा। जब राज्य कैथोलिक कांग्रेस से मुक्त पृष्ठ, तो वह अपने आप ही सभी बुरे लोगों से मुक्त हो जाएगा। ये भी पढ़ें- अमित शाह के पश्चिम बंगाल के सीएम पर तंज, ‘ये ममता बनर्जी का चेला हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद…’

'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

एक्टर गुलशन ग्रोवर ने बताया कि हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा ने उनसे कहा था कि फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया रहमान डकैत का रोल उन्हें करना चाहिए था। दरअसल, गुलशन ग्रोवर इन दिनों अपनी आने वाली सीरीज मटका किंग का प्रमोशन कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने इंडस्ट्री में पुराने ट्रेंड्स की वापसी पर बात की। इंडिया टुडे से बातचीत में ग्रोवर ने कहा कि सिनेमा एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां पुराने स्टाइल, किरदार और कहानी कहने के तरीके फिर से लौट रहे हैं। उनके मुताबिक, फैशन से लेकर फिल्मों तक, नॉस्टेल्जिया का असर साफ दिख रहा है। एक्टर ने कहा कि आजकल बेल-बॉटम जैसे पुराने फैशन ट्रेंड वापस आ रहे हैं। साथ ही कई पुराने गाने रीमेक के रूप में लौट रहे हैं और परफॉर्मेंस-ड्रिवन सिनेमा भी फिर से देखने को मिल रहा है। ग्रोवर बोले- पब्लिक भी इस बात से सहमत है ग्रोवर ने हाल ही में हुए एक डिनर का जिक्र किया, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, राकेश रोशन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि डिनर में शत्रुघ्न ने फिल्म धुरंधर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उसमें होना चाहिए था। ग्रोवर के मुताबिक, सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर वह रहमान डकैत का रोल निभाते, तो और बेहतर होता। इस पर ग्रोवर ने सहमति जताई और कहा कि पब्लिक भी इस बात से सहमत है। ग्रोवर ने धुरंधर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने दौर के रोल और फिल्मी एलिमेंट्स आज फिर से फिल्मों में लौट रहे हैं। उनके अनुसार, उस दौर की कई खासियतें अब दोबारा दिखाई दे रही हैं।

'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

एक्टर गुलशन ग्रोवर ने बताया कि हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा ने उनसे कहा था कि फिल्म धुरंधर में अक्षय खन्ना द्वारा निभाया गया रहमान डकैत का रोल उन्हें करना चाहिए था। दरअसल, गुलशन ग्रोवर इन दिनों अपनी आने वाली सीरीज मटका किंग का प्रमोशन कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने इंडस्ट्री में पुराने ट्रेंड्स की वापसी पर बात की। इंडिया टुडे से बातचीत में ग्रोवर ने कहा कि सिनेमा एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां पुराने स्टाइल, किरदार और कहानी कहने के तरीके फिर से लौट रहे हैं। उनके मुताबिक, फैशन से लेकर फिल्मों तक, नॉस्टेल्जिया का असर साफ दिख रहा है। एक्टर ने कहा कि आजकल बेल-बॉटम जैसे पुराने फैशन ट्रेंड वापस आ रहे हैं। साथ ही कई पुराने गाने रीमेक के रूप में लौट रहे हैं और परफॉर्मेंस-ड्रिवन सिनेमा भी फिर से देखने को मिल रहा है। ग्रोवर बोले- पब्लिक भी इस बात से सहमत है ग्रोवर ने हाल ही में हुए एक डिनर का जिक्र किया, जिसमें शत्रुघ्न सिन्हा, राकेश रोशन मौजूद थे। उन्होंने बताया कि डिनर में शत्रुघ्न ने फिल्म धुरंधर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उसमें होना चाहिए था। ग्रोवर के मुताबिक, सिन्हा ने यह भी कहा कि अगर वह रहमान डकैत का रोल निभाते, तो और बेहतर होता। इस पर ग्रोवर ने सहमति जताई और कहा कि पब्लिक भी इस बात से सहमत है। ग्रोवर ने धुरंधर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुराने दौर के रोल और फिल्मी एलिमेंट्स आज फिर से फिल्मों में लौट रहे हैं। उनके अनुसार, उस दौर की कई खासियतें अब दोबारा दिखाई दे रही हैं।