Harivansh Re-elected Rajya Sabha Deputy Chairman Unopposed

Hindi News National Harivansh Re elected Rajya Sabha Deputy Chairman Unopposed | India Parliament नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं। उन्हें शुक्रवार को निर्विरोध चुना गया हैं। विपक्ष की ओर से कोई नाम नहीं आया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके अनुभव और योगदान की सराहना की। हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो गया था। उनकी पार्टी JDU ने इस बार नाम नहीं दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनका मनोनयन किया। पूर्व CJI रंजन गोगोई के रिटायर होने के बाद सीट खाली हुई थी। इसे भरने के लिए JD(U) के हरिवंश को चुना गया। 69 साल के हरिवंश 2032 तक राज्यसभा में रहेंगे। राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति तय करते हैं। इन्हें कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा में विशेष योगदान के आधार पर चुना जाता है। 18 मार्च को पीएम मोदी ने कमबैक का हिंट दिया था बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान राज्यसभा में रिटायर हो रहे सांसदों का विदाई समारोह 18 मार्च को हुआ था। इस दौरान पीएम मोदी ने हरिवंश के लिए कहा था- “हमारे उपसभापति हरिवंश विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला।” पीएम मोदी ने हिंट दी थी कि हरिवंश की राजनैतिक पारी अभी खत्म नहीं हुई है, वे आगे भी जनहित में काम करते रहेंगे। इसके आधार पर ही यह माना जा रहा है हरिवंश नारायण को मनोनीत सांसद बनाकर दोबारा लाया गया है। पत्रकारिता में थे हरिवंश, फिर राजनेता बने हरिवंश नारायण सिंह पत्रकार से नेता बने। उन्होंने जेडीयू की तरफ से राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व किया। 2018 में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति बने। इसके बाद 2020 में दोबारा चुने गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
CharDham Yatra Offline Registration Begins

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। उत्तराखंड में आज से चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। रजिस्ट्रेशन हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में किए जा रहे हैं। हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान (20 काउंटर) और ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप व आईएसबीटी में 30 से ज्यादा काउंटर बनाए गए हैं। . देहरादून के हरबर्टपुर बस स्टैंड पर बड़ा काउंटर बनाया गया है। इसके अलावा सोनप्रयाग, जानकीचट्टी, बरकोट (यमुनोत्री मार्ग), हिना (उत्तरकाशी), पंखी (चमोली), जोशीमठ, बद्रीनाथ, गौरीकुंड, गोविंदघाट में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको काउंटर पर 3 चीजें ले जानी है- आधार कार्ड/पहचान पत्र/पैन कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस एक अपना मोबाइल नंबर और एक परिवार के किसी सदस्य का नंबर चारधाम दर्शन की तिथि हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में सरकार ने रजिस्ट्रेशन समझाने के लिए पोस्टर लगाए हैं। 7 स्टेप में जानिए रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया… पंजीकरण केंद्र- कोई भी व्यक्ति चारधाम यात्रा के निर्धारित ऑफलाइन काउंटर पर जा सकता है। मेडिकल चेकअप- वहां सबसे पहले आपका सामान्य मेडिकल टेस्ट होगा। दस्तावेज सत्यापन- टेस्ट के बाद आपसे पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) मांगा जाएगा और उसे वेरीफाई किया जाएगा। बायोमेट्रिक मिलान- इसके बाद आपकी फिंगर प्रिंट स्कैन की जाएगी और चेहरे का मिलान कर वेरिफिकेशन पूरा होगा। मोबाइल वेरिफिकेशन- आपसे मोबाइल नंबर मांगा जाएगा, जिसे OTP के जरिए वेरिफाई किया जाएगा। यात्रा की तिथि- अंत में आपसे दर्शन की तिथि पूछी जाएगी। रजिस्ट्रेशन स्लिप- प्रक्रिया पूरी होने पर आपको QR कोड वाली एक स्लिप दे दी जाएगी, जिसमें आपकी दर्शन की तिथि अंकित होगी। यदि आप अपने किसी परिचित या परिवार के सदस्य का रजिस्ट्रेशन कराने आए हैं, तो आपको उनके दस्तावेज और मोबाइल नंबर का भी वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद QR कोड वाली स्लिप दी जा रही है। हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में होगी यात्रियों की जांच चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कई स्तरों पर चेकिंग की जाएगी: पहला पड़ाव (हरिद्वार)- यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं का सबसे पहले पंतदीप पार्किंग में मेडिकल टेस्ट और वेरिफिकेशन होगा। दूसरा पड़ाव (देहरादून)- यदि कोई यात्री हरिद्वार में जांच से छूट जाता है, तो रायवाला (देहरादून) में उसकी चेकिंग की जाएगी। तीसरा पड़ाव (ऋषिकेश)- इसके बाद ऋषिकेश में भी यात्रियों के दस्तावेजों और स्वास्थ्य का वेरिफिकेशन किया जाएगा। धाम के जिले में अंतिम जांच- इन मुख्य केंद्रों के बाद, आप जिस भी जिले के धाम (जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ आदि) में प्रवेश करेंगे, वहां के एंट्री पॉइंट पर दोबारा चेकिंग की जाएगी। चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव हरिद्वार यात्रा की शुरुआत हरिद्वार से होती है। शहर के ऋषिकुल मैदान में सुबह 10 बजे से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्र शुरू कर दिया गया है। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने खुद व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराने आए श्रद्धालुओं का माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर और यात्रा से जुड़ा जरूरी सामान देकर स्वागत किया। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं। मयूर दीक्षित ने बताया कि ऋषिकुल मैदान में 20 काउंटर बनाए गए हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को ज्यादा इंतजार न करना पड़े। देश के विभिन्न राज्यों मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। पंजीकरण केंद्र पर चिकित्सा सुविधा, पेयजल, टॉयलेट और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। साथ ही वालंटियर लगातार यात्रियों को गाइड कर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया सुगम और व्यवस्थित बनी रहे। भीड़ बढ़ने की संभावना, प्रशासन अलर्ट मोड में डीएम ने बताया कि जैसे-जैसे बाकी धामों के कपाट खुलेंगे और स्कूलों की छुट्टियां शुरू होंगी, श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा होगा। होटल और धर्मशालाओं में पहले से ही बड़ी संख्या में बुकिंग हो चुकी है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यात्रा को देखते हुए हरिद्वार पुलिस पूरी तरह तैयार है। ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के लिए तीन स्तर की योजना बनाई गई है सामान्य दिन, वीकेंड और पर्व के लिए अलग-अलग प्लान तैयार हैं। पंजीकरण केंद्र पर सुरक्षा के लिए राजपत्रित अधिकारी की निगरानी में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसमें इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। साथ ही फायर सर्विस की टीम भी मौके पर मौजूद है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… बद्रीनाथ पहुंचे CDS, तैयारियों की ग्राउंड रियलिटी जांची: 3 दिन बाद शुरू हो रही चारधाम यात्रा; नीरज चोपड़ा बोले- कल से यहां 113km की दौड़ चारधाम यात्रा के शुरू होने से तीन दिन पहले सीडीएस अनिल चौहान आज चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। (पढे़ें पूरी खबर)
गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने:मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ा; ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स लिस्ट में 19वें नंबर पर पहुंचे

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार, उनकी नेटवर्थ 92.6 अरब डॉलर (यानी करीब 8.59 लाख करोड़ रुपए) हो गई है। अभी तक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स थे। उनकी नेटवर्थ 90.8 अरब डॉलर (यानी करीब 8.42 लाख करोड़ रुपए) है। इलॉन मस्क ब्लूमबर्ग की लिस्ट में टॉप पर हैं। गौतम अडाणी 19वें और मुकेश अंबानी 20वें नंबर पर हैं। एशिया के 5 सबसे अमीर व्यक्ति इस साल अडाणी की संपत्ति 8.1 अरब डॉलर बढ़ी साल 2026 की शुरुआत से अब तक दोनों कारोबारियों की संपत्ति में विपरीत रुझान देखने को मिला है: एक दिन में अडाणी की संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़ी शेयर बाजार के पिछले कारोबारी सत्र में जहां सेंसेक्स में 123 अंकों की गिरावट रही, वहीं अडाणी ग्रुप के शेयर बढ़े। महज एक दिन में गौतम अडाणी की वेल्थ में 3.56 अरब डॉलर यानी 33.01 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। इसी उछाल ने उन्हें मुकेश अंबानी से आगे निकलने में मदद की। हालांकि, अंबानी की संपत्ति में भी 7.67 करोड़ डॉलर यानी 71.14 हजार करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई, लेकिन यह अडाणी की रफ्तार के सामने कम रही। इलॉन मस्क दुनिया में सबसे अमीर व्यक्ति दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में इलॉन मस्क 656 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज (286 अरब डॉलर) दूसरे और जेफ बेजोस तीसरे नंबर पर हैं। इस साल दुनिया के कई बड़े अमीर व्यक्तियों की संपत्ति घटी है, जिनमें बर्नार्ड अर्नाल्ट (44 अरब डॉलर का नुकसान), बिल गेट्स और वॉरेन बफेट जैसे नाम शामिल हैं। ग्लोबल अमीरों की लिस्ट में टॉप-20 में भारत के दो उद्योगपतियों का होना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है। अडाणी और अंबानी के बीच यह ‘नंबर वन’ की जंग काफी समय से चल रही है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ बदलती रहती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और पोर्ट सेक्टर में अडाणी ग्रुप के विस्तार ने उनकी रैंकिंग सुधारने में बड़ी भूमिका निभाई है। ————- ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 78,100 पर कारोबार कर रहा: निफ्टी में भी 50 अंकों की तेजी, 24,250 पर पहुंचा; FMCG शेयरों में खरीदारी आज यानी गुरुवार, 17 अप्रैल को सेंसेक्स 150 अंक (0.21%) की तेजी के साथ 78,100 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 50 अंकों (0.13%) की तेजी है, ये 24,250 के स्तर पर आ गया है। आज के कारोबार में FMCG में सबसे ज्यादा खरीदारी है, जबकि मेटल के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है। पूरी खबर पढ़ें…
इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: बदलते मौसम में अगर बार-बार पड़ रहे हैं बीमार? किचन की ये नाश्ता बड़ाओइम्युनिटी

इम्यूनिटी बूस्टर ड्रिंक: मौसमी मौसम के साथ अगर आपको बार-बार झुर्रियाँ, गले में खराश या थकान महसूस होती है, तो यह आपकी ख़राब इम्युनिटी का संकेत हो सकता है। लाइफ़स्टाइल ख़राब और सस्ते दामों पर सेक्स की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में सामने आए कुछ सामान्य नीजी से तैयार किए गए एक ड्रिंक ड्रिंक से आप अपनी सेहत को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं। इस इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक को बनाने के लिए आपको अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, शहद और नींबू की जरूरत पड़ेगी। इनमें सभी परमाणुओं में कोलेजन और एंटी-साइंटेंट गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर के अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। हालाँकि, अगर आपको किसी चीज से एलर्जी है या आप किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, तो इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह से जरूर लें। इस ड्रिंक को तैयार करने के लिए एक गिलास पानी लें। इसमें शामिल किया गया आधा कद्दू कद्दू। इसके बाद चुटकीभर हल्दी, 2 से 3 काली मिर्च और दालचीनी का छोटा टुकड़ा। इन सभी को 5 से 7 मिनट तक ग्रेट से प्रेमियों, ताकि बाकी पोषक तत्व पानी में डूब जाएं। इसके बाद गैस बंद हो गई और पानी थोड़ा ठंडा हो गया। जब यह गुनगुना रह जाए, तब इसमें थीम का रस और एक मैगज़ीन का मूल आधार होता है। ध्यान रखें कि शहद को बहुत गर्म पानी में न रखें। इस ड्रिंक का सबसे बड़ा फायदा पाने के लिए इसे सुबह खाली पेट या रात में सोने से पहले पिया जा सकता है। नियमित रूप से इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो सकती है। दिन में एक बार मास का सेवन समसामयिक माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)इम्युनिटी बूस्टर ड्रिंक(टी)इम्युनिटी के लिए घरेलू उपाय(टी)अदरक हल्दी ड्रिंक के फायदे(टी)प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्ट(टी)स्वस्थ जीवनशैली टिप्स(टी)आयुर्वेदिक ड्रिंक रेसिपी(टी)घरेलू स्वास्थ्य टिप्स(टी)प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ
बाजार वाले प्रोटीन पाउडर को भूल जाइए, गेहूं के आटे में मिलाइए ये 1 गुप्त चीज; झटके से वजन कम होगा और मांसपेशियाँ बढ़ेंगी

आज के समय में फिट रहना और एक मस्कुलर बॉडी पाना हर किसी का सपना है। लेकिन जैसे ही हम ‘प्लॉटीन’ का नाम दर्ज करते हैं, हमारे दिमाग में कीमती पत्थरों के नमूने और केमिकल से लेकर अन्य बाजारू पाउडर शामिल हो जाते हैं। कई लोग तो बजट कम होने की वजह से अपने फिटनेस जर्नी बीच में ही छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में छिपा है एक ऐसा खजाना, जो बड़े-बड़े प्रोटीन ब्रांड्स को दे सकता है मात? अगर आप अपने साधारण आहार में बस एक ‘सीक्रेट चीज’ यानी सोया चैंक्स का पाउडर मिलाते हैं, तो आपका साधारण खाना एक सुपरफूड में बदल जाएगा। इसके खाने के फायदे हैं। आइए जानते हैं। आमतौर पर हम जो कहते हैं उसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और प्रोटीन कम होता है। वहीं दूसरी ओर, सोया चैंक्स को शाकाहारियों की ‘मीट’ कहा जाता है। इसमें लगभग 52% प्रोटीन होता है। जब आपके दस्तावेजों में सोया चैंक्स को पीसकर मिलाया जाता है, तो रोटी की ‘अमीनो एसिड प्रोफाइल’ पूरी हो जाती है, जो मसल्स बनाना बेहद जरूरी है। ‘प्लॉटिन रिच’ आटा कैसे तैयार करें? 5 किलो आटे का आटा और 1 किलो सोया चंक्स लें। सबसे पहले सोया चैंक्स को प्रभाव सा रोस्ट कर लें, ताकि उसके अंदर की लाइब्रेरी निकल जाए। अब इंजेक्शन के लिए प्लास्टिक पीसकर पाउडर बनाएं।इस तैयार सोया पाउडर को अपने घरों के अवशेषों में अच्छी तरह से मिलाएं।अगर आप स्टार्ट करते हैं तो इसमें थोड़ा सा काला चना भी पिसवाकर डाल सकते हैं, जिससे मात्रा की मात्रा और बढ़ जाएगी। सोया प्रोटीन और ओमेगा से भरपूर होता है। जब आप इस मिश्रण की रोटियां खाते हैं, तो आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। आप बार-बार अनहेल्दी मशीनरी से बच जाते हैं। साथ ही, इसमें लो-ग्लाइकसेमिक शरीर में वाल्व को कंट्रोल में रखा गया है, जिससे जिद्दी चर्बी को मूल में मदद मिलती है। रामबाण है सोया चंक्स के लिए मसल गेन शरीर के लिए मसल्स बनाने के लिए ‘नाइट्रोजन मैट्रिक्स’ बनाए रखना जरूरी है, जिसमें सिर्फ प्रोटीन होना संभव है। जिम जाने वाले युवाओं के लिए यह सस्ता और टिकाऊ विकल्प है। सोया में मौजूद हाई प्रोटीन चैंपियनशिप को तेज किया जाता है। जिसके बाद प्लांट की टोकरी जल्दी मिलती है। नोट – यदि आपको स्टेरॉयड या हार्मोन से जुड़ी कोई समस्या है, तो इसे शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। (टैग अनुवाद करने के लिए)उच्च प्रोटीन रोटी(टी)सोया चंक्स पाउडर(टी)गेहूं के आटे का मिश्रण(टी)मांसपेशियों का निर्माण करने वाला भोजन(टी)शाकाहारी प्रोटीन(टी)वजन घटाने वाला आहार(टी)स्वस्थ आटा(टी)प्रोटीन युक्त भोजन(टी)घरेलू उपचार(टी)आहार योजना
भोजशाला मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई:हिंदू पक्ष रख चुका अपना पक्ष; अब अंतरसिंह की याचिका पर होगी बहस

धार की ऐतिहासिक भोजशाला मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। आज शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे से मामले की सुनवाई फिर शुरू होगी, जिसमें विभिन्न पक्षों की अहम बहस होने की संभावना है। यह जानकारी याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने दी। आशीष गोयल के अनुसार, अब तक हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और अधिवक्ता विनय जोशी ने न्यायालय में अपना पक्ष विस्तार से रखा है। गोयल ने बताया कि मुख्य याचिकाकर्ता के तौर पर उन्होंने भी कोर्ट के समक्ष अपने तर्क प्रस्तुत किए हैं। आगामी सुनवाई में अंतरसिंह व अन्य की याचिका पर बहस शुरू होने की संभावना है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ए. के. चितले अपनी दलीलें प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, हिंदू पक्ष की अन्य याचिकाओं में हस्तक्षेपकर्ताओं (इंटरविनर) की ओर से भी बहस होने की उम्मीद है। गोयल ने बताया कि मामले की सुनवाई निरंतर जारी रहेगी। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के महत्वपूर्ण तर्क न्यायालय के समक्ष रखे जाएंगे, जिससे इस प्रकरण में आगे की दिशा तय होगी। उल्लेखनीय है कि भोजशाला विवाद लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का विषय रहा है, जिस पर क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
Sabarimala Temple Women Entry | SC Hearing on Hindu Faith vs Rights

नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री की इजाजत दी थी। इस फैसले के लिए याचिकाओं पर अब सुनवाई हो रही है। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज 5वें दिन सुनवाई होगी। आज भी मंदिर प्रबंधन और याचिकाकर्ताओं के बीच आस्था बनाम संवैधानिक अधिकारों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है। 9 जजों की बेंच ने 15 अप्रैल को पिछली सुनवाई में कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना सबसे मुश्किल कामों में से एक है। साथ ही यह भी कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता। वहीं मंदिर प्रशासन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) ने कहा कि सबरीमाला कोई खिलौने की दुकान या रेस्टोरेंट का मामला नहीं है। यहां के देवता ब्रह्मचारी हैं। भारत में अयप्पा के लगभग 1,000 मंदिर हैं। अगर महिलाओं को दर्शन करना है, तो वहां जाएं। उन्हें इसी खास मंदिर में क्यों आना है। केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में मासिक धर्म वाली महिलाओं (10-50 साल) की एंट्री पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बैन हटा दिया। फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं लगाई गईं, जिसपर अब सुनवाई हो रही है। मंदिर प्रशासन महिलाओं की एंट्री का विरोध कर रहा है। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 4 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता सबरीमाला केस से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट में पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं… अपडेट्स 26 मिनट पहले कॉपी लिंक 9 जजों की बेंच कर रही सबरीमाला केस की सुनवाई 26 मिनट पहले कॉपी लिंक सबरीमाला सहित 5 मामले, जिन पर SC फैसला करेगा 1. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। 2. दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? 3. मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। 4. पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। 4. मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? 27 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई गाइडलाइन बन सकती है 28 मिनट पहले कॉपी लिंक सबरीमाला मंदिर केस की टाइमलाइन, 36 साल से यह मामला अदालतों में दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Kerala Sabarimala Temple Women Entry Ban LIVE Update; Supreme Court TDB

Hindi News National Kerala Sabarimala Temple Women Entry Ban LIVE Update; Supreme Court TDB | Hindu Beliefs नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री की इजाजत दी थी। इस फैसले के लिए याचिकाओं पर अब सुनवाई हो रही है। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 5वें दिन की सुनवाई शुरू हो गई है। 9 जजों की बेंच ने 15 अप्रैल को पिछली सुनवाई में कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना सबसे मुश्किल कामों में से एक है। साथ ही यह भी कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता। वहीं मंदिर प्रशासन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) ने कहा कि सबरीमाला कोई खिलौने की दुकान या रेस्टोरेंट का मामला नहीं है। यहां के देवता ब्रह्मचारी हैं। भारत में अयप्पा के लगभग 1,000 मंदिर हैं। अगर महिलाओं को दर्शन करना है, तो वहां जाएं। उन्हें इसी खास मंदिर में क्यों आना है। केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में मासिक धर्म वाली महिलाओं (10-50 साल) की एंट्री पर रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में बैन हटा दिया। फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं लगाई गईं, जिसपर अब सुनवाई हो रही है। मंदिर प्रशासन महिलाओं की एंट्री का विरोध कर रहा है। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 4 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता सबरीमाला केस से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट में पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं… लाइव अपडेट्स 14 मिनट पहले कॉपी लिंक सबरीमाला में एक ही संप्रदाय भगवान अयप्पा का एडवोकेट वेंकटेश: मैं नियमित रूप से सबरीमाला जाता हूं। पारंपरिक हिंदू धर्म में, किसी भी तीर्थयात्रा के दौरान, सभी जातियों और समुदायों के बीच के भेद मिट जाते हैं। सभी लोग एक समान ‘वर्ग’ का हिस्सा बन जाते हैं। जब हम सबरीमाला जाते हैं, तो वहां कोई जाति/वर्ग नहीं होता; वहां केवल एक ही चीज होती है जो सबको एक साथ रखती है,वह है भगवान अयप्पा का संप्रदाय, जिसमें सभी तरह के भक्त शामिल होते हैं। ‘संप्रदाय’ शब्द हिंदुओं के सभी वर्गों के आपसी मेल-जोल के लिए इस्तेमाल होता है। यह व्यवस्था स्थिर-जड़ नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब है कि हिंदुओं के किसी भी वर्ग को मंदिर में जाने की परमिशन है; लेकिन जब आर्टिकल 26(b) की बात आती है, तो यह अधिकार केवल अपने इंटरनल मैनेजमेंट तक ही सीमित होता है। इसे ऐसे समझते हैं कि कई लोग सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देखने आते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मामलों का प्रशासनिक प्रबंधन और संचालन असल में रजिस्ट्रार ही करता है। जो कोई भी वहां जाता है, वह आर्टिकल 26(b) के आधार पर यह दावा नहीं कर सकता कि वह सुप्रीम कोर्ट के मामलों को मैनेज करेगा। 19 मिनट पहले कॉपी लिंक ऐसी नीति बनाई जाए जिससे दान को भी आर्टिक 25(2)(a) का संरक्षण मिले एड. वेंकटेश: एक और उदाहरण लेते हैं, दान। दान अपने आप में एक धर्मनिरपेक्ष कार्य हो सकता है। लेकिन धार्मिक दान धर्म के दायरे में आता है और उसमें किसी तरह का दखल नहीं दिया जाना चाहिए। अब यह हो रहा है कि हमने धार्मिक दान के दायरे को बढ़ाकर उसे दान के दायरे में ला दिया है। फिर हम कहते हैं कि यह एक धर्मनिरपेक्ष कार्य है और उसमें दखलअंदाजी शुरू कर देते हैं। इसलिए एक ऐसी न्यायिक नीति बनाई जानी चाहिए कि एक बार जब कोई मामला धर्म के क्षेत्र में आ जाए तो दान-पुण्य को भी उसके मूल स्वरूप में, आर्टिकल 25(2)(a) के तहत संरक्षण मिले। 45 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार का धर्म की बाहरी चीजों पर कंट्रोल, मान्यताएं-प्रथाएं तय नहीं कर सकती एडवोकेट वेंकटेश: मुझे आर्टिकल 25(1) से कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि यह हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था मानने की आजादी देता है। लेकिन अनुच्छेद 25(2)(a) का मतलब सिर्फ इतना है कि सरकार उन चीजों को नियंत्रित कर सकती है जो धर्म से जुड़ी तो हैं, लेकिन असल में आर्थिक, सामाजिक या प्रशासनिक (यानी गैर-धार्मिक) गतिविधियां हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार धर्म के मूल हिस्से (कोर प्रैक्टिस) में दखल दे सकती है। अगर कोई कानून यह कहकर दखल देता है कि वह व्यवस्था सुधार रहा है, लेकिन असल में यह तय करने लगता है कि कौन-सी धार्मिक प्रथा “जरूरी” है और कौन-सी नहीं, और इससे लोगों की धार्मिक आजादी कम होती है, तो यह अनुच्छेद 13(2) का उल्लंघन माना जाएगा, यानी ऐसा कानून गलत होगा। लेकिन हमने जो किया, उससे पूरा सिद्धांत ही उलट गया है। हमने धार्मिक कानून को धर्मनिरपेक्ष प्रथाओं के साथ जोड़कर पढ़ना शुरू कर दिया, फिर धार्मिक प्रथाओं को एक दायरे में सीमित कर दिया है और धर्मनिरपेक्ष प्रथाओं में दखल देने का रास्ता खोल दिया है। 54 मिनट पहले कॉपी लिंक धर्म और राज्य का एक-दूसरे के काम में दखल होता है, यही टकराव स्पष्ट हो एडवोकेट वेंकटेश: एक ओर तो हम यह दावा करते हैं कि हम धर्मनिरपेक्ष हैं, क्योंकि हम धार्मिक मामलों में कोई दखल नहीं देते। वहीं दूसरी ओर, हम यह भी अपेक्षा करते हैं कि राज्य के ‘धर्मनिरपेक्ष पहलुओं’ के दायरे में धर्म का कोई, दखल नहीं होना चाहिए। इन दोनों के बीच कुछ न कुछ ‘टकराव’ और ‘अतिव्याप्ति’ (इंटरनसेक्शन) तो जरूर है। इस दुनिया में कोई भी चीज पूरी तरह ‘निरपेक्ष’ नहीं होती। लेकिन फिर भी यह टकराव और अतिव्याप्ति बहुत कम होनी चाहिए। बेहद छोटी और
दावा- विराट कोहली ने जर्मन मॉडल की फोटो लाइक की:लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए

क्रिकेटर विराट कोहली जर्मन मॉडल लिजलाज की एक फोटो को लाइक करने को लेकर चर्चा में आ गए। लिजलाज को क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया है कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया है। बता दें कि लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक पोस्ट को लाइक किया था, जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’
दावा- विराट ने जर्मन मॉडल की फोटो लाइक की:फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए; क्रिकेटर ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की फोटो भी लाइक की थी

क्रिकेटर विराट कोहली जर्मन मॉडल लिजलाज की एक फोटो को लाइक करने को लेकर चर्चा में आ गए। लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया है कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया है। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’ कौन हैं लिजलाज? बता दें कि लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। विराट ने अवनीत की फोटो लाइक की थी गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक फोटो को लाइक किया था। जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’








