नर्मदापुरम में शुक्रवार रात मीनाक्षी चौक के पास अधिवक्ता संघ के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई। संघ के अध्यक्ष दीपक जैन के बेटों और अन्य युवकों ने कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा के साथ उनके ऑफिस के पास मारपीट की, जिसमें एक अधिवक्ता के कपड़े फट गए और शर्मा का कान जख्मी हो गया। विवाद की शुरुआत वकीलों के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर संघ के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर हुई थी। कोतवाली थाने में देर रात तक चले हंगामे के बाद शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर (क्रॉस) केस दर्ज कर लिया है और वर्तमान में मामले की जांच की जा रही है। वॉट्सऐप ग्रुप पर ‘जाली’ का हिसाब मांगने से भड़का था अध्यक्ष का बेटा जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ सोशल मीडिया (वॉट्सऐप) पर हुई बहस है। कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और सचिव ने 17 अप्रैल को एक सूचना जारी की थी, जिसमें 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में संघ के 2 साल के आय-व्यय का हिसाब देने की बात कही गई थी। शर्मा के मुताबिक, उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप पर लिखा कि अध्यक्ष दीपक जैन को 2 साल में बेची गई ‘जाली’ का हिसाब भी देना चाहिए। इस बात पर अध्यक्ष के बेटे रोहन जैन ने ग्रुप पर अपशब्द कहे और कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ ऑफिस आकर मारपीट शुरू कर दी। वहीं, रोहन का आरोप है कि कोषाध्यक्ष उनके पिता (संघ अध्यक्ष) के खिलाफ वॉट्सऐप ग्रुप पर लगातार अनर्गल टिप्पणी करते थे। दोनों पक्षों की शिकायत पर 7 लोगों के खिलाफ नामजद FIR मीनाक्षी चौक के पास कोषाध्यक्ष के ऑफिस पर हुए इस झगड़े में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा की शिकायत पर संघ अध्यक्ष दीपक जैन, उनके दोनों पुत्रों रोहन जैन, मुन्नू जैन और अन्य 2 युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से अधिवक्ता रोहन जैन की शिकायत पर कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा, अधिवक्ता केशव चौहान और दुर्गेश सल्लाम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। थाने में रातभर गहमागहमी, जल्द होने हैं संघ के चुनाव शुक्रवार रात हुई घटना के बाद बड़ी संख्या में वकील कोतवाली थाने पहुंच गए और घंटों तक गहमागहमी चलती रही। कोतवाली थाना क्षेत्र में माहौल गरमा गया। एसआई विशाल नागवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों पर तड़के मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि अधिवक्ता संघ का मौजूदा कार्यकाल पूरा होने वाला है और जल्द ही दोबारा चुनाव होने हैं। चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर बार एसोसिएशन के भीतर काफी चर्चा और गुटबाजी का माहौल बन गया है।















































