Friday, 17 Apr 2026 | 08:51 PM

Trending :

भोजशाला विवाद; वसंत पंचमी-जुमे पर टकराव रोकने की मांग:सामाजिक सद्भाव की अपील, दोनों समुदायों के हित में नियम बनाने की बात ‘विश्वासघात’ बनाम ‘गेरीमैंडरिंग’: संयुक्त विपक्ष ने सरकार के महिला कोटा को हराया, लोकसभा में परिसीमन पर जोर | राजनीति समाचार सीहोर से लापता 16 वर्षीय बालिका हरदा में मिली:दसवीं में कम नंबर आने से घर छोड़ा, पुलिस ने सकुशल परिजनों को सौंपा महिला आरक्षण के लिए इंतजार जारी, संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिरा, परिसीमन विधेयक गिरा | भारत समाचार RBI, LIC 180 Vacancies; UP 295, Uttarakhand 335 Openings सीहोर में पाइपलाइन जोड़ने के दौरान पानी बर्बाद:इंदौर नाके पर नई टंकी से कनेक्शन; हजारों लीटर पेयजल सड़कों पर बहा
EXCLUSIVE

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी

यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने फिल्म मेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग मामले में 9वीं गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आगरा से आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ गांठ को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी कुख्यात शुभम लोणकर गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। गुरुवार दोपहर आगरा-एटा रोड के पास से उसे दबोचा गया। पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए शुभम लोणकर गैंग के संपर्क में आया था। सोशल मीडिया पर ही उसे गैंग की गतिविधियों के लिए ‘रेडिकलाइज’ किया गया। प्रदीप ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों सनी, दीपू और सोनू के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। उसका मकसद अंडरवर्ल्ड में अपना ‘दबदबा’ कायम करना था। अब तक 9 गिरफ्तार, मकोका के तहत केस दर्ज रोहित शेट्टी केस में यह 9वीं गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू, दीपक और विष्णु कुशवाहा समेत 8 लोगों को अलग-अलग राज्यों से पकड़ चुकी है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) जैसी सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी को अब ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया जाएगा। 1 फरवरी को हुई थी फायरिंग पूरा मामला 1 फरवरी 2026 की रात का है। मुंबई के जुहू इलाके में स्थित ‘शेट्टी टावर’ पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला शुभम लोणकर गैंग ने करवाया था। हमलावरों का मकसद फिल्म इंडस्ट्री में डर फैलाना और वसूली करना था। इस घटना के बाद से ही मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच इस गैंग के गुर्गों की तलाश में जुटी हुई थी। फियर साइकोसिस पैदा करना था मकसद पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुभम लोणकर गैंग फिल्म जगत के बड़े नामों को निशाना बनाकर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के पीछे भी यही मंशा थी कि इंडस्ट्री और आम जनता के बीच खौफ पैदा किया जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार प्रदीप को बाह पुलिस स्टेशन में मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का आरोपी UP से गिरफ्तार:शुभम लोणकर गैंग से जुड़ा है प्रदीप; सोशल मीडिया के जरिए बना था अपराधी

यूपी एसटीएफ और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने फिल्म मेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग मामले में 9वीं गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आगरा से आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ गांठ को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी कुख्यात शुभम लोणकर गैंग का सदस्य बताया जा रहा है। गुरुवार दोपहर आगरा-एटा रोड के पास से उसे दबोचा गया। पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए शुभम लोणकर गैंग के संपर्क में आया था। सोशल मीडिया पर ही उसे गैंग की गतिविधियों के लिए ‘रेडिकलाइज’ किया गया। प्रदीप ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों सनी, दीपू और सोनू के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। उसका मकसद अंडरवर्ल्ड में अपना ‘दबदबा’ कायम करना था। अब तक 9 गिरफ्तार, मकोका के तहत केस दर्ज रोहित शेट्टी केस में यह 9वीं गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू, दीपक और विष्णु कुशवाहा समेत 8 लोगों को अलग-अलग राज्यों से पकड़ चुकी है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) जैसी सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी को अब ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया जाएगा। 1 फरवरी को हुई थी फायरिंग पूरा मामला 1 फरवरी 2026 की रात का है। मुंबई के जुहू इलाके में स्थित ‘शेट्टी टावर’ पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला शुभम लोणकर गैंग ने करवाया था। हमलावरों का मकसद फिल्म इंडस्ट्री में डर फैलाना और वसूली करना था। इस घटना के बाद से ही मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच इस गैंग के गुर्गों की तलाश में जुटी हुई थी। फियर साइकोसिस पैदा करना था मकसद पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुभम लोणकर गैंग फिल्म जगत के बड़े नामों को निशाना बनाकर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के पीछे भी यही मंशा थी कि इंडस्ट्री और आम जनता के बीच खौफ पैदा किया जा सके। फिलहाल, गिरफ्तार प्रदीप को बाह पुलिस स्टेशन में मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां से कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सरपंच पति पर हमला करने वाले तीन आरोपी पकड़ाए:शादी विवाद में रॉड से किया था वार , 6 बदमाश अभी भी फरार

सरपंच पति पर हमला करने वाले तीन आरोपी पकड़ाए:शादी विवाद में रॉड से किया था वार , 6 बदमाश अभी भी फरार

बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र में सरपंच पति आतिश लिल्हारे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने 10 दिन बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 7 अप्रैल को कोहकाडीबर गांव में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। जानकारी के अनुसार, शादी समारोह में विवाद के बाद नौ लोगों ने मिलकर आतिश लिल्हारे पर हमला कर दिया था। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उनका इलाज गोंदिया अस्पताल में चल रहा है। तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद पुलिस ने कोहकाडीबर निवासी महेश पिछोडे, राजेन्द्र मस्करे और सीताराम जामरे को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लोहे की रॉड और अन्य हमला करने में इस्तेमाल किए गए हथियार भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। छह आरोपी अभी भी फरार मामले में चिमनलाल बिरनवार, राजू बिरनवार, गुड्डु बिरनवार, शैलेन्द्र मसकरे, सीताराम मसकरे और योगेश बिसेन अभी फरार हैं। थाना प्रभारी अविनाश राठौर ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

हिमाचल के जोड़ीदार भाईयों के घर हुई बेटी, कौन हैं असली पापा? कैसे चलेगा पता? बहस पर डॉक्टर ने दिया जवाब

authorimg

Jodidara sirmauri bhai: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव में दो भाईयों की एक ही महिला से हुई शादी एक बार फिर चर्चा में है. जुलाई 2025 में शादी के बाद जोड़ीदार भाई कपिल और प्रदीप की पत्नी सुनीता ने शादी के 10 महीने बाद एक प्यारी नन्ही परी को जन्म दिया है. सोशल मीडिया पर काफी वायरल जोड़ीदार भाईयों को लगातार बधाईयां मिल रही हैं. हालांकि कुछ लोग सिरमौरी जोड़ीदार भाइयों से यह भी पूछ रहे हैं कि परंपरा के अनुसार दो भाईयों की एक पत्नी से शादी तो ठीक है लेकिन बच्ची का असली पिता कौन है और उसके बर्थ सर्टिफिकेट पर किस पिता का नाम दर्ज होगा? सोशल मीडिया पर लोगों का यह सवाल इसलिए भी जायज है क्योंकि इस बच्ची के सामाजिक रूप से दो पिता हैं लेकिन जैविक रूप से तो कोई एक ही पिता होगा, ऐसे में जन्म प्रमाणपत्र से लेकर अन्य दस्तावेजों पर किस पिता नाम लिखा जाएगा? और यह कैसे पता चलेगा कि वास्तव में वही उसके जैविक पिता हैं? इस बारे में News18hindi ने एम्स नई दिल्ली की पूर्व एचओडी और फॉर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में गायनेकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स में डायरेक्टर डॉ. सुनीता मित्तल से बात की तो उन्होंने इस बारे में कई बातें बताईं. डॉ. सुनीता ने कहा कि उस बच्चे के पिता नाम क्या होगा, यह तो उस गांव की प्रथा के अनुसार जो नियम होगा, वहीं से तय होगा. अभी तक इस प्रथा के अनुसार पैदा होने वाले बच्चों के पिता का नाम कैसे तय किया जाता रहा है, यह उस पर निर्भर करेगा. हो सकता है कि वहां ऐसा हो कि घर के बड़े बेटे का नाम ही पिता के रूप में दस्तावेजों में दर्ज होगा, या कुछ और भी क्राइटेरिया हो सकता है. क्‍या कहती है मेड‍िकल साइंस  डॉ. सुनीता कहती हैं,  ‘हालांकि अगर मेडिकली बात करें तो बच्चे के जैविक पिता का पता डीएनए से ही चल सकता है. हालांकि डीएनए जांच भी तब होती है माता-पिता या बच्चे बड़े हो जाएं और उनकी ओर से मांग हो. अगर वे जैविक पिता का पता लगाने के बाद उस बच्चे का पिता कौन होगा, ये तय करेंगे तो उन्हें डीएनए जांच ही करानी होगी, हालांकि पुरानी प्रथा के संदर्भ में लगता नहीं है कि ऐसा कुछ होता होगा.’ यहां सबसे बड़ी बात है कि उस बच्ची के पिता भी सगे भाई हैं और एक ही पिता के बेटे हैं. ऐसे में उनका भी डीएनए बहुत अलग नहीं होगा, लेकिन फिर भी जांच में तो उनमें भी अंतर का पता लगाया जा सकता है. ‘डीएनए जांच के तहत मानव शरीर में 46 क्रोमोजोम होते हैं, जिनमें एक-एक क्रोमोजोर में कम से कम 1000 डीएनए होते हैं, ऐसे में अगर बच्ची और पिताओं की जांच होती है तो आराम से उनमें संबंध मिल सकता है. हालांकि इस केस में ऐसी जरूरत दिखाई नहीं दे रही.’ कुछ मामलों में ब्लड ग्रुप से भी बच्चे और पिता के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन वह पूरी तरह सटीक नहीं होता. आमतौर पर बच्चों का ब्लड ग्रुप माता-पिता से मिलता है, लेकिन वह माता-पिता के भाई-बहनों से भी मैच कर सकता है. क्या पैदा होते ही बच्ची का हो सकता है डीएनए टेस्ट नहीं नवजात बच्चों का डीएनए टेस्ट अवॉइड किया जाता है, क्योंकि 15 दिन या तीन हफ्ते से पहले तक बच्चे के डीएनए का रिजल्ट पूरी तरह ठीक न आने की कुछ संभावना होती है. हालांकि बच्चे के 3 महीने का होते ही यह जांच हो सकती है. क्या है यह प्रथा बता दें कि कपिल नेगी और प्रदीप नेगी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई गांव के रहने वाले है. दोनों किसान परिवार से हैं. प्रदीप हिमाचल में ही सरकारी नौकरी में हैं तो कपिल विदेश (बहरीन) में नौकरी कर रहे हैं. कपिल शादी के बाद से बहरीन में ही हैं. दोंनों भाइयों की एक ही महिला से शादी काफी सुर्खियों में आई थी. इन दोनों ने कुनहाट गांव की रहने वाली सुनीता चौहान से शादी की थी. दोनों भाइयों ने हाटी समुदाय की बहुपति (पॉलीएंड्री) परंपरा के तहत शादी की. इस परंपरा के तहत एक ही युवती एक परिवार के दो या उससे अधिक भाइयों को साझा रूप से पति मानती है. बहुपति और बहु-पत्नी प्रथा के पीछे तर्क दिया जाता हैं कि यह परंपरा संपत्ति के विभाजन को रोकने, संयुक्त परिवार को बनाए रखने और भाईयों के बीच आपसी प्रेम और विश्वास को बढ़ाने के लिए अपनाई जाती है.

bettiah gmch special ward for mental patients operational next week west champaran health news

authorimg

Last Updated:April 17, 2026, 17:52 IST West Champaran Health News: बेतिया जीएमसीएच में मानसिक रोगियों के लिए छह बेड का स्पेशल वार्ड अगले एक हफ्ते में शुरू होने जा रहा है. हर महीने आने वाले 5-7 गंभीर मरीजों की जरूरतों को देखते हुए यहाँ विशेष सुरक्षा, प्रशिक्षित स्टाफ और नोडल अधिकारी की तैनाती की जाएगी. यह पहल जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ख़बरें फटाफट पश्चिम चम्पारण: ज़िले वासियों के लिए खुशखबरी है. बेहद जल्द ज़िला मुख्यालय बेतिया में स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (GMCH) में अज्ञात और मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा. अस्पताल प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. इन मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में अलग से छह बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाया जाएगा, ताकि उनकी समुचित देखभाल और सुरक्षित वातावरण में इलाज की जा सके. GMCH में मानसिक रोगियों का इलाजअस्पताल अधीक्षक डॉ.अनिल कुमार बताते हैं कि उनके निर्देश पर इस दिशा में तेजी से काम करना शुरू कर दिया गया है. वार्ड की निगरानी और संचालन के लिए अस्पताल के किसी एक चिकित्सक को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे. इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि मानसिक रूप से अस्वस्थ मरीज अस्पताल में मौजूद किसी अन्य मरीज को तकलीफ न पहुंचाएं. तैयार किए जा रहे हैं स्पेशल वार्ड बताते चलें कि अस्पताल प्रशासन ने वार्ड को एक सप्ताह के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत आवश्यक संसाधन जुटाने, बेड की व्यवस्था करने और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. बकौल अधीक्षक, इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और व्यवस्थित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है. साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अज्ञात या मानसिक मरीज को इलाज के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो. इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि उनकी नियमित रूप से देख रेख के लिए नर्सिंग स्टाफ और वार्ड ब्वाय की सुविधा उपलब्ध की जा सके. हर महीने पहुंचते हैं करीब 10 मरीजमिली जानकारी के अनुसार GMCH में हर महीने 05 से 07 ऐसे मरीज पहुंचते हैं. जिनकी पहचान नहीं हो पाती है या जो मानसिक रूप से अस्वस्थ होते हैं. इनके इलाज और देखरेख के लिए अलग व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. लेकिन हाल के बढ़े हुए मामलों को देखते हुए वार्ड में बेड की संख्या को बढ़ाने के साथ अन्य कई सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bettiah,Pashchim Champaran,Bihar First Published : April 17, 2026, 17:52 IST

युवक का सेप्टिक टैंक में 9 टुकड़ों में मिला शव:6 दिन से लापता था, स्थानीय निवासियों ने बड़े भाई पर मर्डर का जताया शव

युवक का सेप्टिक टैंक में 9 टुकड़ों में मिला शव:6 दिन से लापता था, स्थानीय निवासियों ने बड़े भाई पर मर्डर का जताया शव

मंडला के अंजनिया चौकी क्षेत्र में शुक्रवार को एक युवक का शव घर के सेप्टिक टैंक से 9 टुकड़ों में बरामद किया गया है। मृतक की पहचान करियागांव निवासी आशीष साहू के रूप में हुई है। वह 6 दिन पहले यानी 11 अप्रैल से लापता था। खोजबीन के बाद परिजनों ने 15 अप्रैल को अंजनिया चौकी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सेप्टिक टैंक से बदबू आने पर हुआ खुलासा जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को मृतक के पिता मुन्ना लाल साहू ने पुलिस को सूचना दी कि घर के सेप्टिक टैंक से तेज बदबू आ रही है। पुलिस मौके पर पहुंची और टैंक की जांच की, तो अंदर कपड़े में लिपटे शव के टुकड़े मिले। बाद में मुन्ना लाल ने शव की पहचान अपने बेटे आशीष के रूप में की। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए अंजनिया भेजा गया है। मृतक के बड़े भाई पर हत्या का शक इस मामले में मृतक के बड़े भाई घनश्याम साहू पर शक जताया जा रहा है। पिता और स्थानीय लोगों ने भी उसी पर संदेह व्यक्त किया है। फिलहाल पुलिस घनश्याम से गहन पूछताछ कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाई अलग-अलग काम करते थे। आशीष ने कुछ समय पहले ट्रैक्टर खरीदा था और उसी से रोजगार चला रहा था, जबकि घनश्याम मंडला की एक फैक्ट्री में काम करता है। दोनों की मां भी 2019 से लापता बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

15 बैंकों को सोना-चांदी के इंपोर्ट का नया लाइसेंस मिला:SBI, PNB और HDFC लिस्ट में शामिल, देश में सप्लाई की कमी नहीं होगी

15 बैंकों को सोना-चांदी के इंपोर्ट का नया लाइसेंस मिला:SBI, PNB और HDFC लिस्ट में शामिल, देश में सप्लाई की कमी नहीं होगी

केंद्र सरकार ने देश के 15 प्रमुख बैंकों को 31 मार्च 2029 तक सोना और चांदी इंपोर्ट करने की अनुमति दे दी है। इस लिस्ट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और HDFC बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह मंजूरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी है। इन 15 बैंकों को सोना-चांदी के इम्पोर्ट की मंजूरी मिली अक्षय तृतीया से पहले आई नई लिस्ट यह फैसला 19 अप्रैल 2026 को आने वाली अक्षय तृतीया से ठीक पहले लिया गया है। भारत में अक्षय तृतीया को शादी के सीजन के अलावा सोना खरीदने का सबसे बड़ा मौका माना जाता है। रिटेल सेल्स में इस त्योहार की हिस्सेदारी करीब 15% से 20% तक होती है। पिछले कुछ हफ्तों में कीमतों में आई गिरावट के कारण एनालिस्ट इसे खरीदारों के लिए अच्छा मौका मान रहे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के बाद मची थी हलचल इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सरकारी नोटिफिकेशन न होने के कारण बैंकों ने गोल्ड और सिल्वर के ऑर्डर रोक दिए थे। इसके चलते कंसाइनमेंट कस्टम पर फंस गए थे। इस खबर के बाद शुक्रवार को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 6% और टाइटन का शेयर 3% तक टूट गया। वहीं सरकारी ट्रेडिंग कंपनी MMTC के शेयरों में 16% की तेजी रही। आम आदमी को 3 बड़े फायदे ट्रेड डेफिसिट कंट्रोल करने के लिए भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2025 में भारत में सोने की मांग गिरकर 710.9 मीट्रिक टन रही, जो 5 साल का निचला स्तर है। ईरान संघर्ष की वजह से तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेट कर रही है। सोना-चांदी का अवैध व्यापार रोकने में मदद मिलेगी DGFT के इस कदम से अगले 3 साल के लिए बुलियन ट्रेड में स्पष्टता आएगी। इससे ज्वेलर्स, रिफाइनर्स और इंस्टीट्यूशनल खरीदारों को सप्लाई चेन बनाए रखने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य सोने-चांदी के आयात को रेगुलेटेड चैनलों के जरिए लाना है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अवैध व्यापार पर रोक लगे। नोटिफिकेशन में देरी से फंसा था करोड़ों का सोना-चांदी पिछले कुछ दिनों से देश में सोने और चांदी की नई खेप आने में दिक्कत हो रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार की ओर से औपचारिक नोटिफिकेशन जारी न होने के कारण बैंकों ने नए ऑर्डर देना बंद कर दिया था। जो खेप पहले ही भारत पहुंच चुकी थी, वह भी कस्टम क्लियरेंस न मिलने की वजह से बंदरगाहों पर अटकी हुई थी। दरअसल, पिछला आधिकारिक आदेश 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया था। नई लिस्ट जारी होने में देरी से ज्वेलर्स और डीलरों को डर था कि इससे घरेलू बाजार में सप्लाई कम हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं। नॉलेज पार्ट: DGFT क्या है? डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का एक अटैच्ड ऑफिस है। इसका मुख्य काम विदेशी व्यापार से जुड़ी नीतियां बनाना और उन्हें लागू करना है, जैसे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) पॉलिसी।

TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी

TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी

नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के DGP समेत कई विभागों से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच फरार आरोपी नीदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। उन्होंने बताया कि वह गर्भवती है। वहीं, निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिस हुई है। इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है। सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार इसमें शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेंगे। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। परिवार का आरोप- निदा के खिलाफ साजिश हुई निदा के परिवार ने सभी आरोपों को गलत और राजनीतिक साजिश बताया है। परिवार का कहना है कि यह मामला जानबूझकर बनाया गया है। पिता ने कहा कि यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। नीदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा। उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं। नीदा खान सस्पेंड, कंपनी ने गंभीर मामला बताया मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, TCS ने 9 अप्रैल को नीदा को सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड में कहा गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है। सभी कंपनी एसेट्स लौटाने के निर्देश दिए हैं। लेटर पर नासिक-पुणे-गोवा क्षेत्र के HR हेड शेखर कांबले के हस्ताक्षर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीदा खान ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी। वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थीं। SIT जांच कर रही, 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 9 शिकायतों की जांच हो रही है। इनमें 8 महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उनके सीनियर ने उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई गई हैं। पुलिस ने इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला HR शामिल हैं। सभी आरोपियों को कंपनी ने निलंबित कर दिया है। जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है, जो शिकायतों की जांच कर रही है। शादी का झांसा, जबरन संबंध और धार्मिक दबाव के आरोप शिकायतों में कहा गया कि एक आरोपी ने शादी का झांसा देकर कर्मचारी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा आपत्तिजनक तरीके से छूने और निजी जीवन को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप भी हैं। पुलिस के मुताबिक, एक मामले में एक कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही उसके धर्म का अपमान करने का भी आरोप है। शिकायत यह भी कहा गया है कि ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई, आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए। एक मामले में महिला को ऑफिस में ही जबरन पकड़ने की कोशिश का आरोप है। कुछ पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम ने कहा- पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश करेंगे महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के कहा कि सरकार इस पूरे मामले में शामिल मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और एक संगठित मॉड्यूल के तहत किया गया है। हम इस मॉड्यूल को तोड़ेंगे। इसके लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।

Cottage Cheese Vs Paneer: कॉटेज चीज और पनीर में फर्क है? किसमें ज्यादा प्रोटीन, सेहत के लिए क्या है हेल्दी ऑप्शन, जानें दोनों का अंतर

authorimg

Last Updated:April 17, 2026, 17:29 IST Cottage Cheese vs Paneer: कॉटेज चीज और पनीर को लेकर ज्यादातर लोगों को कंफ्यूजन रहता है. दोनों ही ताजे चीज हैं जिनका इस्तेमाल रेसिपीज में किया जाता है, लेकिन इन दोनों की अपनी-अपनी कुछ खास विशेषताएं होती हैं. ऐसे में सेहत और कुकिंग के लिहाज से बेस्ट ऑप्शन क्या है, चलिए इस लेख में समझते हैं. ख़बरें फटाफट भारतीय घरों में डेयरी प्रॉडक्ट का इस्तेमाल काफी लंबे समय से होता आ रहा है. दूध, दही और घी के बारे में लगभग हर कोई जानता है. लेकिन आज के समय में जब बात पनीर की आती है, तो कंफ्यूजन बढ़ जाता है और मन में दस तरह के सवाल उठने लगते हैं. इसका कारण है वेस्ट में दूध से बनाए जाने वाले प्रोडक्ट. कॉटेज चीज ऐसा ही एक खाए जाने वाला डेयरी आइटम है, जिसे लगभग पनीर की तरह ही होता है. कई लोग इसे पनीर ही मानते हैं. लेकिन वास्तव में दोनों कितने अलग हैं, और आपकी सेहत के लिए बेस्ट ऑप्शन क्या है, चलिए जानते हैं. क्या पनीर और कॉटेज चीज एक ही है?नहीं, पनीर और कॉटेज चीज एक ही नहीं है. हालांकि दोनों ही फ्रेश चीज है, जिसका इस्तेमाल भारतीय घरों में बड़े स्तर पर होता है. लेकिन दोनों में बनाने प्रक्रिया से लेकर सेहत से जुड़े फायदों तक दोनों में काफी अंतर होता है. हालांकि सॉफ्ट और फिक्स्ड, फर्म टेक्सचर के कारण ज्यादा करी वारी रेसिपीज के लिए लोगों की पहली पसंद पनीर ही होती. पनीर और कॉटेज चीज में अंतर मेकिंग प्रोसेस- घर पर कॉटेज चीज बनाने के लिए फुल-क्रीम दूध को गर्म किया जाता है, और फिर उसमें सिरका या नींबू का रस मिलाया जाता है ताकि दूध फट जाए और चीज मट्ठे से अलग हो जाए. 30 मिनट तक रखने के बाद, चीज को छान लिया जाता है. फिर इसे ठंडे पानी से धोया जाता है. फिर इसमें स्वाद के अनुसार नमक और क्रीम मिलाया जाता है. वहीं, पनीर को बनाने के लिए 1 लीटर फुल-फैट दूध को उबालें, उसे फाड़ने के लिए उसमें 2–3 बड़े चम्मच नींबू का रस या सिरका डालें. इससे जब दूध फट जाए तो उसे मलमल के कपड़े से छान लें. खट्टापन हटाने के लिए उसे धो लें, और फिर 1–2 घंटे तक किसी भारी चीज से दबाकर रखें. इस तरह आपको बिना किसी प्रिजर्वेटिव के ताजा और मुलायम पनीर मिल जाएगा. टेस्ट और टेक्सचर- कॉटेज पनीर अपनी मुलायम और क्रीमी बनावट के साथ-साथ हल्के स्वाद के लिए जाना जाता है. इसके दही के कणों को मट्ठे में ढीला छोड़ दिए जाने के कारण इसकी बनावट थोड़ी दानेदार होती है. जबकि पनीर चीज का एक ठोस टुकड़ा होता है, जिसकी बनावट घनी और भुरभुरी होती है, और इसका स्वाद हल्का व दूधिया होता है. न्यूट्रिशन वैल्यू- USDA के अनुसार, पनीर की 100g सर्विंग में लगभग 21g प्रोटीन होता है. जबकि कॉटेज चीज में ये मात्रा लगभग 11g होता है.पनीर में प्रोटीन की मात्रा कॉटेज चीज की तुलना में लगभग दोगुनी होती है.वहीं, पनीर में कैलोरी की मात्रा प्रति 100g 321 होती है और कॉटेज चीज की 100g सर्विंग में 98 कैलोरी होती हैं. इसके अलावा कॉटेज चीज में आमतौर पर कैल्शियम, फॉस्फॉरस, सेलेनियम और विटामिन B12 की अच्छी-खासी मात्रा होती है. वहीं, पनीर में भी कैल्शियम और फॉस्फोरस के अलावा विटामिन A और राइबोफ्लेविन भी होता है. फायदे- कॉटेज चीज मौजूद गुण इसे हड्डियों, एनर्जी और मेटाबॉलिज्म के लिए एक पौष्टिक विकल्प बनाते हैं. जबकि पनीर एनर्जी और हड्डियों के साथ आंखों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 17, 2026, 17:29 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Punjab chandigarh top news aap minister ed raid woman drinks phenyl video

Punjab chandigarh top news aap minister ed raid woman drinks phenyl video

. पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED रेड से जुड़ी रही। ED ने मंत्री के साथ उनके 2 पार्टनरों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। इस रेड के बाद AAP ने BJP को घेरा। 2 दिन पहले आप के राज्यसभा सांसद पर ED ने रेड की थी। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP मंत्री और उनके 2 पार्टनरों पर ED रेड AAP सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED की रेड हुई है। टीमें सुबह करीब 7 बजे ही लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित उनके घर पहुंची। इसके बाद बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर अंदर-बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई। लुधियाना के अलावा जालंधर में भी रियल एस्टेट कारोबारी हेमंद सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर ED ने रेड की है। मंत्री और उनके पार्टनर्स के लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ स्थित कुल 13 ठिकानों पर ED की टीमों ने जांच की। ED से जुड़े सोर्सेज के अनुसार मंत्री पर यह रेड जमीन सौदे को लेकर हुई है। सोर्सेज के मुताबिक ED को शक है कि मंत्री अरोड़ा ने सूद के साथ मिलकर हैम्पटन होम्स वाली जमीन का चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) गलत तरीके से किया। जिसके बाद इंडस्ट्रियल जमीन को रेजिडेंशियल में बदल दिया गया। इसमें नियमों को अनदेखा किया गया। ED की रेड पर केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने सोशल मीडिया पर मंत्री संजीव अरोड़ा की फोटो लगाकर लिखा- सब फड़े जाणगे। वहीं CM भगवंत मान ने कहा कि पिछले कुछ समय से लोकतंत्र का गला धीरे-धीरे काटा जा रहा है। नॉन बीजेपी सरकारों को तंग किया जा रहा है। (पूरी खबर पढ़ें)। 2. क्या 2027 के पंजाब चुनाव में विधानसभा सीटें बढ़ेंगी केंद्र सरकार ने संसद में महिला आरक्षण और लोकसभा परिसीमन बिल पेश किए। इससे लोकसभा की सीटें बढ़ेंगी और महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। देश में लोकसभा सीटों की संख्या 545 से बढ़ाकर 850 किया जा रहा है। जिसमें से 33 फीसदी यानि 273 से 283 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इन बिलों से पंजाब में लोकसभा की करीब 6-7 सीटें बढ़ेंगी और इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। हालांकि महिलाओं के लिए रिजर्व सीटों की हर साल रोटेशन भी होगी। पंजाब में 13 ही लोकसभा सीटें हैं। इस लिहाज से पंजाब में 2029 के लोकसभा चुनाव में 19 से 20 सीटें हो सकती हैं। केंद्र सरकार के बिल के मुताबिक लोकसभा सीटों का परिसीमन होगा। अगर लोकसभा सीटें बढ़ेंगी तो उसी अनुपात में विधानसभा की सीटें भी बढ़ेंगी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं और एक साल में परिसीमन होना संभव नहीं है। वहीं परिसीमन जनगणना के बाद 2029 लोकसभा चुनाव के समय होना है, ऐसे में पंजाब चुनाव के वक्त सीटें नहीं बढ़ेंगी। 117 सीटों पर ही चुनाव होगा। महिला आरक्षण भी इस चुनाव में लागू नहीं होगा। (पढ़ें पूरी खबर) 3. पूर्व सरपंच बोले- AAP मंत्री मुंडियां ने ₹30 लाख रिश्वत मांगी पंजाब की AAP सरकार में कैबिनेट मंत्री और लुधियाना के साहनेवाल से विधायक हरदीप सिंह मुंडियां एक बार फिर विवादों में हैं। पहले से ही ट्रॉली भुगतान मामले से घिरे मंत्री पर अब उनके ही हलके के नेता ने सरपंच बनाने के नाम पर ₹30 लाख रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। सहकारिता विभाग के पूर्व चेयरमैन और पूर्व सरपंच धर्मजीत सिंह गिल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि मंत्री ने पंचायत चुनाव के दौरान उन्हें सरपंच बनाने के बदले 30 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। जब उन्होंने मंत्री को यह रकम देने से इनकार किया, तो उनके नामांकन पत्र रद्द करवा दिए गए और करीबी व्यक्ति को सरपंच बना दिया गया। पूर्व सरपंच ने अवैध खनन के दौरान प्रति फीट एक लाख रुपए तक वसूली करने और अवैध होटल समेत कई प्रॉपर्टी से जुड़े आरोप भी लगाए हैं। बता दें कि हाल ही में होशियारपुर की एक फर्म के मालिक ने आरोप लगाया था कि मंत्री ने उनसे ट्रॉली खरीदी और 6 लाख रुपए नहीं दिए। वह पेमेंट मांगने गया तो मंत्री ने कहा कि इतना तो मेरा कमीशन है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. पंजाब कैबिनेट में 6 जिलों के रिजर्वेशन रोस्टर को मंजूरी पंजाब कैबिनेट की आज मीटिंग हुई। इसमें 6 जिलों के रिजर्वेशन रोस्टर के बदलाव को मंजूरी दी गई है। इनमें मोहाली, पटियाला, फाजिल्का, फिरोजपुर, मलेरकोटला और संगरूर शामिल हैं। क्योंकि इन जिलों की सीमाओं में बदलाव किया था। कोई व्यक्ति इसके खिलाफ एतराज जताना चाहता है तो वह 10 दिन में जता सकता है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पंजाब में बाढ़ आई तो काफी नुकसान हुआ। केंद्रीय मंत्री उस समय आए और एन्जॉय करके चले गए। लेकिन सरकार ने उन स्थानों की पहचान की है, जहां बाढ़ आती है। जिन इलाकों में बाढ़ आई थी उनमें सतलुज और घग्गर नदी के साथ लगती जमीन पर किसानों को डिसिल्टिंग की मंजूरी दी गई है। वहीं, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू करने संबंधी पूछे सवाल पर कहा कि जो भी आरोपी है उसे सजा मिलेगी। राघव चड्‌ढा के सवाल पर मंत्री ने कहा कि जो पीठ दिखाकर भागते हैं, उन्हें लोग पसंद नहीं करते हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. खालिस्तान समर्थक MP अमृतपाल की पंजाब वापसी नहीं पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की राज्य में वापसी नहीं होगी। वो अभी असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रहेंगे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर कहा कि अमृतपाल सिंह से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई असम की जेल में ही की जाएगी। अमृतपाल पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत की अवधि 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है और पंजाब सरकार ने इसे आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार ने कोर्ट में अपील की थी कि NSA की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाए। अगर उसे