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काला नमक कैसे बनता है? जानें खाने की सही मात्रा और सेहत को मिलने वाले फायदे

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Last Updated:April 18, 2026, 16:59 IST Kala Namak ke Fayde: क्या आपको भी लगता है कि काला नमक नेचुरल पत्थर को ग्राइंड करके बनाया जाता है? तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप ब्लैक सॉल्ट के मेकिंग प्रोसेस और इससे मिलने वाले फायदों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट भारतीय रसोई में काला नमक स्वाद बढ़ाने के लिए खूब इस्तेमाल किया जाता है. किसी भी खाने में इसे डालने से उसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. लेकिन काला नमक सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. यह शरीर को संतुलित रखने और कई छोटी-बड़ी समस्याओं में राहत देने में मदद करता है. हालांकि, इसका सही मात्रा और तरीके से सेवन करना जरूरी है. काला नमक बनाने की प्रक्रिया भी खास होती है. इसे सेंधा नमक, आंवला, हरड़, बहेड़ा जैसी जड़ी-बूटियों और कोयले के साथ मिट्टी के बर्तनों में भरकर भट्टी में 24 से 48 घंटे तक पकाया जाता है. इस प्रक्रिया के कारण नमक का रंग बदलकर बैंगनी-काला हो जाता है और इसमें गंधक जैसी खास महक आ जाती है. आयुर्वेद में काला नमक को बताया गया गुणकारीआयुर्वेद में काले नमक को सामान्य नमक से ज्यादा गुणकारी माना गया है. इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं. अगर आपको गैस, कब्ज, पेट फूलना या भारीपन जैसी दिक्कत होती है, तो काला नमक फायदेमंद हो सकता है. यह पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. कितनी मात्रा में करना चाहिए सेवनहर चीज की तरह काला नमक भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए.इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में सेवन करने से नुकसान भी हो सकता है. रोजाना आधा चम्मच जितना काले नमक का सेवन सेहत के लिए सुरक्षित होता है. हालांकि इस बात का भी ध्यान रखें कि आप पूरे दिन में कुल एक चम्मच से ज्यादा नमक का सेवन न करें. काले नमक के सेवन का सही तरीकाअगर आपको कब्ज की समस्या है, तो सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में चुटकी भर काला नमक मिलाकर पी सकते हैं. इससे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है. लेकिन जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हड्डियों से जुड़ी समस्या है, उन्हें ऐसा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. काला नमक सूजन और दर्द को कम करने में भी मदद करता है. जोड़ों के दर्द में काला नमक और रेत की पोटली बनाकर सिकाई करने से राहत मिल सकती है. पेट में जलन होने पर छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीना भी फायदेमंद होता है. इससे पेट को ठंडक मिलती है और खासकर गर्मियों में शरीर का संतुलन बना रहता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 18, 2026, 16:59 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

बिना दूल्हे शादी जैसी रस्में, न्यूयॉर्क- लंदन तक नया ट्रेंड:अविवाहित महिलाएं अब बर्थडे पर दुल्हन जैसा जोड़ा पहन कर जश्न मना रहीं

बिना दूल्हे शादी जैसी रस्में, न्यूयॉर्क- लंदन तक नया ट्रेंड:अविवाहित महिलाएं अब बर्थडे पर दुल्हन जैसा जोड़ा पहन कर जश्न मना रहीं

आमतौर पर किसी महिला के जीवन में ‘सफेद गाउन’ या ‘शादी का जोड़ा’ पहनने का मौका विवाह बंधन के मौके पर ही आता है। लेकिन आधुनिक महिलाएं इस पारंपरिक सोच को चुनौती दे रही हैं। अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक में अविवाहित महिलाओं के ‘वेडिंग-स्टाइल बर्थडे’ मनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सिंगल महिलाएं अपने 40वें जन्मदिन को भव्य शादी समारोह की तरह मना रही हैं। इसमें पार्टनर की कोई भूमिका नहीं होती। यह जश्न किसी दूसरे के प्रति समर्पण के बजाय ‘आत्म-प्रेम’ और अपनी कामयाबी का उत्सव है। ब्रिटनी की अनोखी कहानी न्यूयॉर्क की कंटेंट क्रिएटर ब्रिटनी एलन ने हाल ही में इंग्लैंड के एक आलीशान महल ‘हिनविक हाउस’ में 40वां जन्मदिन मनाया। ब्रिटनी ने शादी का सफेद गाउन पहना और पैचेलबेल के संगीत ‘कैनन इन डी’ के बीच सीढ़ियों से नीचे उतरीं- बिल्कुल एक दुल्हन की तरह। उनके 35 करीबी दोस्त और परिवार के लोग इस ‘वेडिंग-बर्थडे’ के गवाह बने। ब्रिटनी कहती हैं, ‘मैंने महसूस किया कि स्पीच और स्लाइड शो जैसे पल सिर्फ शादियों के लिए क्यों होने चाहिए? मैंने उन सभी चीजों को किया, जिनका हमेशा इंतजार किया था।’ सशक्तिकरण का अहसास सिर्फ ब्रिटनी ही नहीं, एडवरटाइजिंग सेक्टर में काम करने वाली सारा जैकसन ने भी मैक्सिको सिटी में अपना ‘डेस्टिनेशन बर्थडे’ मनाया। सारा के मुताबिक, यह अहसास बिल्कुल शादी जैसा ही था। महिलाएं खास दिन के लिए 40 लाख रु. खर्च कर रहीं विशेषज्ञों का कहना है कि शादियां अब ज्यादा उम्र के बाद हो रही हैं, ऐसे में महिलाएं अपनी उपलब्धियों को मनाने के लिए किसी हमसफर के मिलने तक रुकना नहीं चाहतीं। साथ ही महिलाएं अब आत्मनिर्भर हैं। वे अपने खास दिन पर 10 लाख से 40 लाख रु. तक खर्च कर रही हैं। इवेंट प्लानर सारा एडेयर के मुताबिक, ‘दो सालों में ‘वेडिंग-स्टाइल’ जन्मदिन के लिए आने वाली पूछताछ दोगुनी हो गई है।’

पीएम मोदी आज रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे: राष्ट्रीय वायुतरंगों पर उनकी सबसे प्रतिष्ठित ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की रैंकिंग | भारत समाचार

PM Narendra Modi speaks in the Lok Sabha during the special session of Parliament, in New Delhi on April 16, 2026. (Image: Sansad TV/PTI)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 16:45 IST प्रसारण एक भूकंपीय विधायी घटना का अनुसरण करता है: शुक्रवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक की हार ऐसी अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री का भाषण पश्चिम एशियाई ऊर्जा संकट और/या 850 सीटों वाली लोकसभा विस्तार योजना की संसदीय हार पर केंद्रित है। फ़ाइल चित्र इस घोषणा ने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे, देश को हाई-अलर्ट सस्पेंस की परिचित स्थिति में भेज दिया है। यह प्रसारण एक भूकंपीय विधायी घटना का अनुसरण करता है: शुक्रवार को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक की हार। 230 के मुकाबले 298 वोटों का साधारण बहुमत हासिल करने के बावजूद, सरकार संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई सीमा से 48 वोट कम रह गई। जबकि देश यह जानने का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री के मन में क्या है, हम उनके सबसे प्रतिष्ठित प्राइम-टाइम संबोधनों को उनके “आश्चर्यजनक मूल्य” के आधार पर रैंक करते हैं। 1. नोटबंदी (8 नवंबर 2016) संसदीय और आर्थिक व्यवधान का निर्विवाद स्वर्ण मानक। 25 मिनट के संबोधन में, भारत की 86 प्रतिशत मुद्रा को केवल चार घंटों में प्रभावी ढंग से रद्द कर दिया गया। अप्रत्याशितता: 10/10. प्रसारण से ठीक पहले बैठक तक एक भी फुसफुसाहट मीडिया या यहां तक ​​कि सबसे वरिष्ठ कैबिनेट सदस्यों तक नहीं पहुंची। तैयारी लीक: 0/10. गोपनीयता पूर्ण थी. एटीएम ऑपरेटरों को केवल एक घंटे पहले ही “तकनीकी उन्नयन” के बारे में बताया गया था। तत्काल नतीजा: अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में पूर्ण रुकावट, यूपीआई के माध्यम से एक व्यापक डिजिटल बदलाव, और “काले धन” से “नकदी रहित भारत” की ओर एक कथा धुरी। शॉक स्कोर: 10/10 2. राष्ट्रीय कोविड-19 लॉकडाउन (24 मार्च, 2020) वह भाषण जिसने दुनिया के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश को केवल चार घंटे के नोटिस पर पूरी तरह से ठप कर दिया। अप्रत्याशितता: 8/10. जबकि जनता कर्फ्यू ने मंच तैयार कर लिया था, अचानक 21 दिनों की पूर्ण तालाबंदी एक वैश्विक मिसाल थी। तैयारी लीक: 3/10. प्रतिबंधों की अफवाहें मौजूद थीं, लेकिन “चार घंटे की खिड़की” एक तार्किक बम थी। तत्काल नतीजा: आधुनिक इतिहास में सबसे बड़ा सामूहिक प्रवासन, जब श्रमिक पैदल घर जा रहे थे, और रेल और हवाई यात्रा पूरी तरह से निलंबित थी। शॉक स्कोर: 9/10 3. मिशन शक्ति: ए-सैट (27 मार्च 2019) एक दुर्लभ दिन का संबोधन जहां प्रधान मंत्री ने घोषणा की कि भारत ने “अंतरिक्ष महाशक्ति” क्लब में प्रवेश करते हुए, लो अर्थ ऑर्बिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। अप्रत्याशितता: 9/10. एक “महत्वपूर्ण संदेश” के बारे में मध्य-सुबह किए गए एक ट्वीट ने सेंसेक्स को धराशायी कर दिया क्योंकि जनता को युद्ध से लेकर अगली “नोटबंदी” तक का डर था। तैयारी लीक: 1/10. डीआरडीओ मिशन इतना वर्गीकृत था कि वैश्विक ट्रैकिंग एजेंसियां ​​भी हैरान रह गईं। तत्काल नतीजा: अमेरिका और चीन के साथ महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक हलचल ने भारत की अंतरिक्ष युद्ध साख स्थापित की। शॉक स्कोर: 7.5/10 4. कृषि कानूनों को निरस्त करना (19 नवंबर, 2021) एक दुर्लभ “रिवर्स शॉक” जहां प्रधान मंत्री ने गुरु नानक जयंती की सुबह एक सामरिक वापसी की। अप्रत्याशितता: 7/10. विश्लेषकों को उम्मीद थी कि सरकार अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगाएगी। अचानक माफ़ी मांगना और वापसी एक प्रमुख रणनीतिक धुरी थी। तैयारी लीक: 4/10. हालाँकि समझौते के संकेत मौजूद थे, पूर्ण निरसन के समय ने विरोध करने वाले नेताओं को भी आश्चर्यचकित कर दिया। तत्काल नतीजा: दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से चल रहे विरोध प्रदर्शन का अंत और महत्वपूर्ण राज्य चुनावों से पहले एक रणनीतिक रीसेट। शॉक स्कोर: 6/10 5. आज रात का संबोधन (18 अप्रैल, 2026) संभावित संदर्भ: पश्चिम एशियाई ऊर्जा संकट और 850 सीटों वाली लोकसभा विस्तार योजना की संसदीय हार। अप्रत्याशितता: 5/10. 2016 के विपरीत, पर्यवेक्षकों का कहना है कि संदर्भ सार्वजनिक है। “झटका” संभवतः उपाय में छिपा होगा – एक संयुक्त सत्र या आपातकालीन ऊर्जा प्रोटोकॉल की संभावित घोषणा। तैयारी लीक: 6/10. सुरक्षा पर उच्च स्तरीय कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठकों ने “आवश्यक आपूर्ति” और “विधायी बाधाओं” पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत दिया है। प्रत्याशित शॉक स्कोर: 7/10 (“आश्चर्य तत्व” लंबित) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 16:45 IST न्यूज़ इंडिया पीएम मोदी आज रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे: राष्ट्रीय वायुतरंगों पर उनकी सबसे प्रतिष्ठित ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की रैंकिंग अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी(टी)महिला आरक्षण(टी)लोकसभा(टी)संसद(टी)कोविड(टी)लॉकडाउन

राहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला:बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे

राहुल पर FIR का अपना आदेश हाईकोर्ट जज ने बदला:बिना नोटिस केस दर्ज करना सही नहीं माना; याचिकाकर्ता बोला- CJI से शिकायत करेंगे

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सांसद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का अपना ही आदेश बदल दिया है। मामला दोहरी नागरिकता से जुड़ा है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर नया आदेश जारी किया। कोर्ट ने बताया कि शुक्रवार (17 अप्रैल) को सुनवाई हुई थी। इसमें याचिकाकर्ता समेत केंद्र और राज्य सरकार के वकीलों से पूछा गया था कि क्या राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की जरूरत है? वकीलों ने नोटिस जारी करने की कोई जरूरत नहीं बताई थी। इसके बाद FIR दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया गया था। हालांकि, आदेश टाइप होने से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने फिर से फैसले को परखा। उन्होंने पुराने केसों की स्टडी में पाया कि ऐसे मामलों में नोटिस भेजना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को नोटिस जारी किए बिना फैसला करना उचित नहीं है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। यह याचिका कर्नाटक में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। उन्होंने राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता का आरोप लगाते हुए विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम आदि में केस दर्ज होने की मांग की है। कोर्ट का फैसला आने के बाद विग्नेश ने कहा- राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का फैसला वापस लेने की शिकायत हम CJI से करेंगे। कल केस दर्ज करने और CBI से जांच के आदेश दिए थे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने कहा था- FIR दर्ज करके मामले को CBI को ट्रांसफर किया जाए। हालांकि, इससे पहले 28 जनवरी, 2026 को MP-MLA कोर्ट ने विग्नेश शिशिर की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने मंत्रालय से ‘टॉप सीक्रेट’ फाइलें ली थीं सुनवाई के दौरान जज सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को निर्देश दिए थे कि मामले से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज पेश करें। मंत्रालय ने केस से जुड़ी सभी फाइलें हाईकोर्ट में पेश की थीं। विग्नेश शिशिर का दावा है कि उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज और साक्ष्य पेश किए। इनसे संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता रहे हैं। वहां चुनावों में भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। शुक्रवार को सुनवाई में यूपी सरकार की तरफ से वकील डॉ. बीके सिंह पेश हुए थे। केंद्र सरकार का पक्ष वकील एसबी पांडेय ने रखा। याचिकाकर्ता विग्नेश पांडेय की तरफ से बिंदेश्वरी पांडेय कोर्ट पहुंचे थे। रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर हुआ था केस 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी ही याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में राहुल की भारतीय नागरिकता से जुड़ी याचिका खारिज कर दी थी। उस समय के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि अगर कोई कंपनी किसी फॉर्म में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक के तौर मेंशन करती है, तो क्या ऐसा कर देने से ही वे ब्रिटिश नागरिक हो गए। सीजेआई गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कहा था- ‘हम यह याचिका खारिज करते हैं। इसमें कोई आधार नहीं है। ‘याचिका में कहा गया था, ‘कोर्ट राहुल की नागरिकता के बारे में मिली शिकायत पर जल्द फैसला करने के लिए गृह मंत्रालय को निर्देश दे।’ याचिका में राहुल गांधी को चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता जय भगवान गोयल ने ब्रिटेन की कंपनी के 2005-06 के सालाना ब्योरे का जिक्र किया था। इसमें कथित तौर पर राहुल को ब्रिटिश नागरिक बताया गया था। राहुल के खिलाफ यूपी में 3 केस मोदी सरनेम केस में गई थी सांसदी मोदी सरनेम केस में गुजरात की एक कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद 24 मार्च 2023 को राहुल गांधी की सदस्यता रद्द की गई थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल की दोषसिद्धि पर रोक लगा दी थी। इसके बाद लोकसभा सचिवालय ने 7 अगस्त 2023 को उनकी सदस्यता बहाल कर दी थी। …………………………… यह खबर भी पढ़ें जदयू के ललन सिंह बोले- अखिलेश मेरे मित्र हैं, कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, सपा प्रमुख मुस्कुराते रहे लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने और सीटों के परिसीमन के लिए तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। इसी बीच, जदयू से मोदी सरकार में मंत्री ललन सिंह ने कहा- अखिलेश जी हमारे मित्र हैं। उनके (कांग्रेस) चक्कर में मत पड़िए, उनको झटका मारिए। बिहार में उनका क्या हुआ, जानते हैं न। लगातार कांग्रेस की सीटें घटती गईं। यह सुनकर अखिलेश यादव मुस्कुराने लगे। पढ़ें पूरी खबर…

‘महिलाओं ने ऐतिहासिक अवसर से इनकार किया’: नारी शक्ति विधेयक को लेकर स्मृति ईरानी ने इंडी ब्लॉक पर निशाना साधा | भारत समाचार

PM Narendra Modi speaks in the Lok Sabha during the special session of Parliament, in New Delhi on April 16, 2026. (Image: Sansad TV/PTI)

आखरी अपडेट:18 अप्रैल, 2026, 16:35 IST स्मृति ईरानी ने कहा कि विपक्ष ने भारत की महिलाओं को हराने और उन्हें एक ऐतिहासिक अवसर से वंचित करने के लिए एकजुट मोर्चा पेश किया। बीजेपी नेता और अभिनेत्री स्मृति ईरानी भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने शनिवार को संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से एक संवैधानिक संशोधन का विरोध करने के लिए INDI ब्लॉक पर हमला बोला और कहा कि महिलाओं को एक ऐतिहासिक अवसर से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष ने भारत की महिलाओं को हराने के लिए एकजुट मोर्चा पेश किया। के साथ एक विशेष साक्षात्कार में सीएनएन-न्यूज18ईरानी ने कहा, “कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने कल संसद में जो किया वह अपमानजनक है… उन्होंने यह हौव्वा खड़ा किया कि (परिसीमन के कारण) दक्षिणी राज्यों को मताधिकार से वंचित कर दिया जाएगा। कल, गृह मंत्री ने प्रस्ताव दिया कि यदि विपक्ष लिखित गारंटी चाहता है, तो उन्हें राज्य की सीटों में 50% आनुपातिक वृद्धि के सरकार के प्रस्ताव में संशोधन करने के लिए एक घंटे का समय लगेगा। विपक्ष ने गृह मंत्री के प्रस्ताव को स्वीकार क्यों नहीं किया?” उन्होंने कहा, “विपक्ष ने जो करने की कोशिश की वह वास्तव में – परिसीमन, दक्षिणी राज्यों और समय की आड़ में – वे महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकार से वंचित करना चाहते थे। इस देश में ऐसे युवा हैं जो चाहते हैं कि महिलाओं को भारत की राजनीति में आनुपातिक और सम्मानजनक योगदान मिले। विपक्ष सचमुच जश्न मना रहा था। वे किस बात का जश्न मना रहे थे? अगला लोकसभा चुनाव तीन साल दूर है।” यह भी पढ़ें: ‘उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी’: पीएम मोदी ने लोकसभा में परिसीमन विधेयक का समर्थन नहीं करने के लिए विपक्ष की आलोचना की ‘ऐतिहासिक अवसर अस्वीकृत’ उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह हर राजनीतिक दल के लिए एक साथ आने और अगली लोकसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने का अवसर है। उन्होंने कहा, “उन्होंने भारत की महिलाओं को इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित कर दिया है।” ईरानी ने आगे इस बात पर जोर दिया कि परिसीमन की अवधारणा संवैधानिक रूप से कांग्रेस द्वारा निर्धारित की गई थी, फिर भी वे विपक्ष में रहते हुए इस प्रक्रिया को खारिज कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा, “हम निश्चित रूप से इस मुद्दे को उजागर करेंगे, चाहे संसद हो या भारत की सड़कें। यह सभी राजनीतिक संगठनों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर था। सरकार अपने प्रस्ताव में बहुत स्पष्ट थी। आप (विपक्ष) इस देश की महिलाओं को अपमानित करने पर क्यों हंसेंगे, हंसेंगे, मेज थपथपाएंगे और इतने खुश होंगे? इससे पता चलता है कि कांग्रेस और सहयोगी कभी भी महिला आरक्षण के समर्थक नहीं थे।” पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन 131वां संविधान संशोधन विधेयक, जिसका उद्देश्य 2029 से विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा में सीटों की संख्या को 850 तक बढ़ाना था, विशेष बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद शुक्रवार को संसद में गिर गया। मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से 298 ने विधेयक का समर्थन किया जबकि 230 ने इसका विरोध किया। संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत तक पहुंचने के लिए प्रस्ताव को 352 वोटों की आवश्यकता थी। विधेयक को पर्याप्त वोट नहीं मिलने के बाद, सरकार ने स्पीकर ओम बिरला से दो अन्य प्रस्तावित कानूनों पर आगे नहीं बढ़ने का भी अनुरोध किया। शनिवार को सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक के दौरान, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्षी दलों को महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक का समर्थन नहीं करने के लिए “जीवन भर पछतावा रहेगा”। वह रात 8:30 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन भी देने वाले हैं। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 18 अप्रैल, 2026, 16:33 IST न्यूज़ इंडिया ‘महिलाओं को ऐतिहासिक अवसर से वंचित किया गया’: नारी शक्ति विधेयक को लेकर स्मृति ईरानी ने इंडी ब्लॉक पर निशाना साधा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

ओलिंपिक चैम्पियन पिता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करेगा बेटा:दिग्गज ​ब्रिटिश तैराक डेविड विल्की के बेटे एडम खास तरीके से देना चाहते हैं श्रद्धांजलि

ओलिंपिक चैम्पियन पिता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करेगा बेटा:दिग्गज ​ब्रिटिश तैराक डेविड विल्की के बेटे एडम खास तरीके से देना चाहते हैं श्रद्धांजलि

ब्रिटेन के 33 वर्षीय मार्केटिंग मैनेजर एडम विल्की ने अपनी नौकरी छोड़कर एक ऐसा मिशन शुरू किया है, जिसे खेल के जानकार पूरी तरह से असंभव मान रहे हैं। एडम ने खुद को एक साल का समय दिया है, ताकि वे अपने दिवंगत पिता और दिग्गज ब्रिटिश ओलिंपियन डेविड विल्की के 50 साल पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर सकें। एडम का पेशेवर तैराकी से कभी कोई नाता नहीं रहा है। लेकिन, 2024 में कैंसर से पिता के निधन के बाद उन्हें एक अनोखी श्रद्धांजलि देने के लिए उन्होंने यह कठिन फैसला लिया है। डेविड विल्की 1970 के दशक के सबसे आइकॉनिक तैराकों में से एक थे। डेविड ने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलिंपिक में 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 2 मिनट 15.11 सेकंड का समय निकालते हुए गोल्ड मेडल जीता था। यह उस समय का एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड था। अब एडम का लक्ष्य ठीक 50 साल बाद, इसी 2 मिनट 15.11 सेकंड की टाइमिंग को हासिल करना है। हालांकि, पिछले 50 वर्षों में यह रिकॉर्ड करीब 10 सेकंड कम हो गया है, लेकिन 2 मिनट 15 सेकंड का समय अब भी इतना शानदार है कि पिछले साल की ब्रिटिश चैम्पियनशिप में इस टाइमिंग के साथ कोई भी तैराक आसानी से टॉप-5 में अपनी जगह बना लेता। एडम के लिए यह सफर किसी पहाड़ पर चढ़ने जैसा है। बचपन में जिस एडम को स्विमिंग पूल के गहरे पानी से डर लगता था, वो अब हफ्ते में छह से आठ मुश्किल स्विमिंग सेशन करेंगे। एडम ने बताया कि 18 साल की उम्र के बाद से उन्होंने कभी गंभीरता से तैराकी नहीं की। लेकिन अब वे एक पेशेवर कोच की देखरेख में फुल-टाइम ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे इस हफ्ते शुरू हुई एक्वेटिक्स जीबी स्विमिंग चैम्पियनशिप में भी हिस्सा ले रहे हैं। एडम का कहना है, ‘यह सफर बेहद दर्दनाक होगा। ऐसे भी पल आएंगे जब मैं पूल के किनारे बैठकर खुद से पूछूंगा कि मैंने आखिर यह पागलपन क्यों चुना। हर कोई कह रहा है कि मेरा कोई चांस नहीं है, लेकिन मैं यह करना चाहता हूं। मैं खुद को उस सबसे महान इंसान के मानकों पर आजमाना चाहता हूं, जिसे मैं जानता था- मेरे पिता।’ उन जगहों पर भी जाएंगे एडम, जहां उनके पिता ने की थी तैराकी इस एक साल के अभियान के दौरान एडम उन ऐतिहासिक जगहों की यात्रा भी करेंगे, जहां उनके पिता ने तैराकी की थी। इनमें श्रीलंका (जहां डेविड का जन्म हुआ था), स्कॉटलैंड, मियामी, मॉन्ट्रियल शामिल हैं। इसके साथ ही वे युवा खिलाड़ियों के सपनों को सपोर्ट करने वाली संस्था ‘स्पोर्ट्स एड’ के लिए चैरिटी फंड भी जुटाएंगे।

ओलिंपिक चैम्पियन पिता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करेगा बेटा:दिग्गज ​ब्रिटिश तैराक डेविड विल्की के बेटे एडम खास तरीके से देना चाहते हैं श्रद्धांजलि

ओलिंपिक चैम्पियन पिता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करेगा बेटा:दिग्गज ​ब्रिटिश तैराक डेविड विल्की के बेटे एडम खास तरीके से देना चाहते हैं श्रद्धांजलि

ब्रिटेन के 33 वर्षीय मार्केटिंग मैनेजर एडम विल्की ने अपनी नौकरी छोड़कर एक ऐसा मिशन शुरू किया है, जिसे खेल के जानकार पूरी तरह से असंभव मान रहे हैं। एडम ने खुद को एक साल का समय दिया है, ताकि वे अपने दिवंगत पिता और दिग्गज ब्रिटिश ओलिंपियन डेविड विल्की के 50 साल पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर सकें। एडम का पेशेवर तैराकी से कभी कोई नाता नहीं रहा है। लेकिन, 2024 में कैंसर से पिता के निधन के बाद उन्हें एक अनोखी श्रद्धांजलि देने के लिए उन्होंने यह कठिन फैसला लिया है। डेविड विल्की 1970 के दशक के सबसे आइकॉनिक तैराकों में से एक थे। डेविड ने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलिंपिक में 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 2 मिनट 15.11 सेकंड का समय निकालते हुए गोल्ड मेडल जीता था। यह उस समय का एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड था। अब एडम का लक्ष्य ठीक 50 साल बाद, इसी 2 मिनट 15.11 सेकंड की टाइमिंग को हासिल करना है। हालांकि, पिछले 50 वर्षों में यह रिकॉर्ड करीब 10 सेकंड कम हो गया है, लेकिन 2 मिनट 15 सेकंड का समय अब भी इतना शानदार है कि पिछले साल की ब्रिटिश चैम्पियनशिप में इस टाइमिंग के साथ कोई भी तैराक आसानी से टॉप-5 में अपनी जगह बना लेता। एडम के लिए यह सफर किसी पहाड़ पर चढ़ने जैसा है। बचपन में जिस एडम को स्विमिंग पूल के गहरे पानी से डर लगता था, वो अब हफ्ते में छह से आठ मुश्किल स्विमिंग सेशन करेंगे। एडम ने बताया कि 18 साल की उम्र के बाद से उन्होंने कभी गंभीरता से तैराकी नहीं की। लेकिन अब वे एक पेशेवर कोच की देखरेख में फुल-टाइम ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे इस हफ्ते शुरू हुई एक्वेटिक्स जीबी स्विमिंग चैम्पियनशिप में भी हिस्सा ले रहे हैं। एडम का कहना है, ‘यह सफर बेहद दर्दनाक होगा। ऐसे भी पल आएंगे जब मैं पूल के किनारे बैठकर खुद से पूछूंगा कि मैंने आखिर यह पागलपन क्यों चुना। हर कोई कह रहा है कि मेरा कोई चांस नहीं है, लेकिन मैं यह करना चाहता हूं। मैं खुद को उस सबसे महान इंसान के मानकों पर आजमाना चाहता हूं, जिसे मैं जानता था- मेरे पिता।’ उन जगहों पर भी जाएंगे एडम, जहां उनके पिता ने की थी तैराकी इस एक साल के अभियान के दौरान एडम उन ऐतिहासिक जगहों की यात्रा भी करेंगे, जहां उनके पिता ने तैराकी की थी। इनमें श्रीलंका (जहां डेविड का जन्म हुआ था), स्कॉटलैंड, मियामी, मॉन्ट्रियल शामिल हैं। इसके साथ ही वे युवा खिलाड़ियों के सपनों को सपोर्ट करने वाली संस्था ‘स्पोर्ट्स एड’ के लिए चैरिटी फंड भी जुटाएंगे।

अक्षय तृतीया पर रायसेन में शोभायात्रा की तैयारी:बाजारों में रौनक बढ़ी; बाल विवाह रोकने प्रशासन अलर्ट

अक्षय तृतीया पर रायसेन में शोभायात्रा की तैयारी:बाजारों में रौनक बढ़ी; बाल विवाह रोकने प्रशासन अलर्ट

रायसेन में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर इस बार शहर में धार्मिक आस्था, उत्साह और प्रशासनिक सतर्कता तीनों का संगम देखने को मिलेगा। एक ओर भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर भव्य शोभायात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं बाजारों में खरीदारी की भीड़ बढ़ गई है। उधर, बाल विवाह की रोकथाम को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में कल (19 अप्रैल) भगवान परशुराम जी का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह 8 बजे हनुमान मंदिर गंजबाजार से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री रामपुर मंदिर रामनगर पहुंचेगी। आयोजकों ने समाज के सभी विप्र बंधुओं से परिवार सहित शामिल होकर आयोजन को भव्य बनाने की अपील की। भाजपा जिला अध्यक्ष को दिया आमंत्रण शोभायात्रा और जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा से भेंट कर उन्हें आमंत्रित किया। इस दौरान महासभा अध्यक्ष एडवोकेट अवधेश दीक्षित, पंडित संतोष शर्मा, पंडित प्रकाश पाराशर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अक्षय तृतीया को लेकर शहर के बाजारों में इन दिनों खासा उत्साह देखा जा रहा है। शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त के चलते कपड़ा, साड़ी और ज्वेलरी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। व्यापारी भी अच्छे कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं। बाल विवाह रोकने प्रशासन सख्त अक्षय तृतीया पर संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए जिले में विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कोर ग्रुप और उड़न दस्ते गठित किए गए हैं, जिनमें पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल हैं। कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन जारी जिला मुख्यालय पर महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय (दशहरा मैदान) में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड लाइन 1098, डायल 112 और महिला हेल्पलाइन 181 पर दी जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 21 वर्ष से कम आयु के बालक और 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिग बॉस मराठी 6 में सोनाली राउत के गंभीर आरोप:खाने में कॉकरोच और मरे चूहे मिलने से कंटेस्टेंट्स की सेफ्टी पर सवाल

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रियलिटी शो बिग बॉस मराठी 6 फिर विवादों में आ गया है। इस बार पूर्व कंटेस्टेंट सोनाली राउत ने घर के अंदर की हालत पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सोनाली ने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर वीडियो पोस्ट कर बताया कि घर में साफ-सफाई बेहद खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खाने में गंदगी मिलती थी और कई बार उसमें कॉकरोच और मरे हुए चूहे दिखाई देते थे। उन्होंने कहा कि इस वजह से वहां रहना मुश्किल हो गया था और उनकी तबीयत खराब हो गई। एक्ट्रेस ने बताया कि गंदगी भरे माहौल के कारण उन्हें स्किन से जुड़ी गंभीर समस्या हो गई। उनका कहना है कि यह सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्थिति थी। सोनाली ने खुलासा किया कि घर में सुविधाएं बेहद सीमित थीं, जिससे हालात बिगड़ते गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े शो में ऐसी व्यवस्थाएं चौंकाने वाली हैं। सोनाली राउत ने पोस्ट में कहा कि इस अनुभव ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित किया। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। मामले को गंभीर मानते हुए सोनाली ने प्रोडक्शन टीम के खिलाफ नाराजगी जताई। इन आरोपों के बाद बिग बॉस मराठी 6 की कार्यप्रणाली और कंटेस्टेंट्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बिग बॉस मराठी 6 में सोनाली राउत के गंभीर आरोप:खाने में कॉकरोच और मरे चूहे मिलने से कंटेस्टेंट्स की सेफ्टी पर सवाल

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रियलिटी शो बिग बॉस मराठी 6 फिर विवादों में आ गया है। इस बार पूर्व कंटेस्टेंट सोनाली राउत ने घर के अंदर की हालत पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सोनाली ने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर वीडियो पोस्ट कर बताया कि घर में साफ-सफाई बेहद खराब थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खाने में गंदगी मिलती थी और कई बार उसमें कॉकरोच और मरे हुए चूहे दिखाई देते थे। उन्होंने कहा कि इस वजह से वहां रहना मुश्किल हो गया था और उनकी तबीयत खराब हो गई। एक्ट्रेस ने बताया कि गंदगी भरे माहौल के कारण उन्हें स्किन से जुड़ी गंभीर समस्या हो गई। उनका कहना है कि यह सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्थिति थी। सोनाली ने खुलासा किया कि घर में सुविधाएं बेहद सीमित थीं, जिससे हालात बिगड़ते गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े शो में ऐसी व्यवस्थाएं चौंकाने वाली हैं। सोनाली राउत ने पोस्ट में कहा कि इस अनुभव ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित किया। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा। मामले को गंभीर मानते हुए सोनाली ने प्रोडक्शन टीम के खिलाफ नाराजगी जताई। इन आरोपों के बाद बिग बॉस मराठी 6 की कार्यप्रणाली और कंटेस्टेंट्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।