क्या आप जानते हैं? रोज गर्म पानी पीने से आपका शरीर अंदर से कैसे बदल सकता?

Last Updated:April 18, 2026, 16:27 IST रोज गर्म पानी पीने की आदत सुनने में साधारण लग सकती है, लेकिन इसका असर शरीर पर कई तरह से पड़ सकता है. यह पाचन सुधारने, शरीर को हाइड्रेट रखने और अंदरूनी सिस्टम को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकता है. ख़बरें फटाफट सुबह की शुरुआत अगर एक गिलास गर्म पानी से की जाए, तो यह छोटी सी आदत शरीर पर बड़ा असर डाल सकती है. बहुत से लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन गर्म पानी पीना सबसे आसान और असरदार घरेलू उपायों में गिना जाता है. आयुर्वेद में भी गुनगुने पानी को पाचन सुधारने और शरीर को संतुलित रखने में सहायक माना गया है. वहीं हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पर्याप्त पानी पीना शरीर के हर सिस्टम के लिए जरूरी है, और गुनगुना पानी कुछ लोगों के लिए ज्यादा आरामदायक विकल्प हो सकता है. नियमित रूप से गर्म पानी पीने से पाचन बेहतर हो सकता है, शरीर में जमा अपशिष्ट बाहर निकलने में मदद मिलती है और कई छोटी परेशानियों से राहत मिल सकती है. पाचन और मेटाबॉलिज्म को मिल सकता है फायदारोज गर्म पानी पीने का सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है. यह पेट को आराम देता है और भोजन को बेहतर तरीके से पचाने में मदद करता है. जिन लोगों को कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, उनके लिए यह आदत फायदेमंद हो सकती है. सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने से आंतों की गतिविधि बेहतर हो सकती है, जिससे पेट साफ रहने में मदद मिलती है. कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि पानी पीना अस्थायी रूप से मेटाबॉलिज्म को एक्टिव कर सकता है, जिससे कैलोरी बर्न प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. हालांकि, यह असर सीमित होता है और इसे वजन घटाने का अकेला उपाय नहीं माना जाना चाहिए. डिटॉक्स और ब्लड सर्कुलेशन में मददगर्म पानी पीने से शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट मिल सकता है. पर्याप्त पानी पीने से किडनी बेहतर तरीके से काम करती है और शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने में मदद मिलती है. गर्म पानी पीने पर शरीर में हल्का पसीना आ सकता है, जो तापमान नियंत्रण की सामान्य प्रक्रिया है. इसके अलावा, सही हाइड्रेशन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है, जिससे अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचते हैं. त्वचा और गले को भी मिल सकती है राहतजब शरीर पर्याप्त हाइड्रेटेड रहता है, तो त्वचा ज्यादा हेल्दी और फ्रेश दिख सकती है. पानी की कमी होने पर त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है. गर्म पानी पीना कई लोगों को सर्दी-जुकाम या गले में खराश के दौरान आराम देता है. गुनगुना पानी गले को शांत करने और म्यूकस को ढीला करने में मदद कर सकता है, जिससे बंद नाक और कफ जैसी परेशानी में थोड़ी राहत महसूस हो सकती है. इन बातों का रखें ध्यानगर्म पानी पीते समय पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे मुंह, गले और फूड पाइप को नुकसान पहुंच सकता है. हमेशा इतना गुनगुना पानी पिएं, जो आसानी से पिया जा सके. दिनभर जरूरत से ज्यादा गर्म पानी पीना भी जरूरी नहीं है. सामान्य रूप से महिलाओं के लिए लगभग 2.7 लीटर और पुरुषों के लिए लगभग 3.7 लीटर कुल दैनिक फ्लूइड (भोजन सहित) की जरूरत बताई जाती है, हालांकि यह मौसम, एक्टिविटी और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है. अगर किसी को किडनी, हार्ट या अन्य गंभीर समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही बदलाव करें. (Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, News18Hindi इसकी पुष्टी नहीं करता है.) About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 18, 2026, 16:27 IST
निवाड़ी अस्पताल के सामने सड़क पर ट्रांसफार्मर:लोग बोले- इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा; बिजली कंपनी ने अस्पताल प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार

निवाड़ी जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने सड़क किनारे बिजली ट्रांसफार्मर लगा है। इसी स्थान से अस्पताल की एंबुलेंस और मरीजों के वाहन गुजरते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने का जोखिम हमेशा बना रहता है। शॉर्ट सर्किट से पहले भी लग चुकी आग कुछ समय पहले इसी ट्रांसफार्मर के पास रखी दुकानों (गुमटियों) में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था। उस घटना के बाद प्रशासन ने गुमटियां तो हटा दीं, लेकिन अब वहां दोबारा अस्थायी दुकानें लगने लगी हैं। गुरुवार को साप्ताहिक हाट बाजार के दौरान इस ट्रांसफार्मर के नीचे भारी भीड़ रहती है। कलेक्टर के निर्देश के बाद भी नहीं हटाया जिले के तत्कालीन कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान इस ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बिजली कंपनी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पर्याप्त जगह होने के बाद भी प्रशासनिक उदासीनता के कारण इसे नहीं हटाया जा रहा है। बिजली विभाग ने अस्पताल प्रबंधन पर डाला जिम्मा ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग को लेकर विद्युत विभाग के एई विनोद शर्मा का कहना है कि पूर्व में अस्पताल प्रबंधन से चर्चा हुई थी। विभाग का दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने अब तक ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कोई वैकल्पिक स्थान तय कर उन्हें जानकारी नहीं दी है, जिसके चलते काम रुका हुआ है। हाट बाजार में बढ़ जाता है खतरा बाजार के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर से निकलने वाली चिंगारी किसी बड़ी आग का कारण बन सकती है। विशेषकर साप्ताहिक बाजार के दिन इसके ठीक नीचे दुकानें सजती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना इसे तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से 4 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार:खिलौने में बम लगाकर हमले की तैयारी कर रहे थे; राम मंदिर और संसद निशाने पर था

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इनके पास से IED और उससे जुड़ा सामान बरामद हुआ है। आरोपियों में दो महाराष्ट्र और एक-एक ओडिशा और बिहार के हैं। इनकी पहचान मोसाइब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दो आरोपी एक रिमोट कंट्रोल खिलौना कार में IED फिट करने की तैयारी में थे। जांच में यह भी सामने आया कि शेख इमरान दिसंबर 2025 में दिल्ली गया था। उसने रेड फोर्ट और इंडिया गेट जैसे जगहों की रेकी की थी। एजेंसियों के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर, संसद भवन और सैन्य ठिकानों जैसे बड़े टारगेट पर हमले की भी चर्चा की थी। खुरासान से लश्कर और गजवा-ए-हिंद के लिए तैयारी पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी आतंकी विचारधारा से प्रभावित हैं। ये “खुरासान से लश्कर” और “गजवा-ए-हिंद” जैसे विचारों में विश्वास करते थे और खुद को इसके लिए तैयार कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोसाइब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम (ठाणे, महाराष्ट्र), मोहम्मद हम्माद (मुंबई), शेख इमरान (भुवनेश्वर, ओडिशा) और मोहम्मद सोहैल (कटिहार, बिहार) के रूप में हुई है। सभी आरोपी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स के एडमिन जांच में सामने आया है कि ये सभी बंद और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स के एडमिन और मेंबर थे। इन ग्रुप्स में जिहाद, खिलाफत और भर्ती से जुड़ी बातें होती थीं। एक आरोपी ने फॉलोअर्स से हथियार और विस्फोटक जुटाने की अपील की और फंडिंग के लिए अपना बैंक अकाउंट और QR कोड भी शेयर किया। पुलिस ने बताया कि एक अन्य आरोपी ने हथियार और फिजिकल ट्रेनिंग दिलाने का वादा किया था। उसने ग्रुप के सदस्यों से पैसे जुटाने को भी कहा और ओडिशा में ट्रेनिंग कराने की बात कही। शेख इमरान के बारे में पुलिस ने कहा कि उसने 2024 में कुछ धार्मिक भाषण सुनने शुरू किए थे, जिसके बाद वह धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर बढ़ा। उसने दिल्ली में लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील इलाकों की रेकी भी की थी। वहीं मोसाइब अहमद पहले वेल्डर, ऑटो मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन रह चुका है। उसने हम्माद की मदद से रिमोट कंट्रोल खिलौना कार के सर्किट में बदलाव कर IED बनाने में सहयोग किया। मोहम्मद सोहैल पर आरोप है कि उसने कई सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर युवाओं को भड़काया। मार्च 2026 में उसने फॉलोअर्स से हथियार और विस्फोटक जुटाने की अपील की और इसके लिए फंड भी मांगा। दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। ———————- ये खबर भी पढ़ें: मुंबई से जैश के 2 आतंकी पकड़े गए:दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश कर रहे थे, भारत विरोधी मिशन खिलाफत से जुड़े तार दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS ने मुंबई से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों गिरफ्तार किया है। दोनों पर दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर…
महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से 4 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार:खिलौने में बम लगाकर हमले की तैयारी कर रहे थे; राम मंदिर और संसद निशाने पर था

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इनके पास से IED और उससे जुड़ा सामान बरामद हुआ है। आरोपियों में दो महाराष्ट्र और एक-एक ओडिशा और बिहार के हैं। इनकी पहचान मोसाइब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दो आरोपी एक रिमोट कंट्रोल खिलौना कार में IED फिट करने की तैयारी में थे। जांच में यह भी सामने आया कि शेख इमरान दिसंबर 2025 में दिल्ली गया था। उसने रेड फोर्ट और इंडिया गेट जैसे जगहों की रेकी की थी। एजेंसियों के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर, संसद भवन और सैन्य ठिकानों जैसे बड़े टारगेट पर हमले की भी चर्चा की थी। सोशल मीडिया के जरिए और लोगों को जोड़ने की साजिश थी पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी एक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और गजवा-ए-हिंद जैसे नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे थे। आरोपी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स पर एक्टिव थे। इन ग्रुप्स में जिहाद, हथियार और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा कंटेंट शेयर किया जाता था। इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए नए लोगों को जोड़ने और प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने रेड फोर्ट की एडिटेड तस्वीर शेयर की थी, जिसमें काला झंडा लगाया गया था। इसके जरिए आरोपी लोगों को भड़काना चाहते थे। आरोपियों में कोई ऑटो इलेक्ट्रीशियन, तो कोई प्लंबर पुलिस का कहना है कि चारों आरोपी साधारण बैकग्राउंड से आते हैं। मोसाइब अहमद पहले खाड़ी देशों में ऑटो इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम कर चुका है और उसी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल IED बनाने में कर रहा था। मोहम्मद हम्माद मुंबई का रहने वाला है और 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। उसने जनवरी 2026 में एक बंद ग्रुप जॉइन किया था, जहां IED बनाने के लिए जरूरी सामान जैसे बॉल बेयरिंग, कील और खिलौना कार की तस्वीरें साझा की थीं। वहीं, शेख इमरान ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला है। उसे 11 अप्रैल को उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया था। उसने 2024 में कुछ धार्मिक प्रवचन सुनने शुरू किए थे, जिसके बाद उसके विचार कट्टर होते गए। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ग्रुप बनाया। इसके बाद हथियार और ट्रेनिंग की व्यवस्था करने की बात कही। मोहम्मद सोहेल बिहार के कटिहार का रहने वाला है और पेशे से प्लंबर है। पुलिस के अनुसार उसने सोशल मीडिया पर युवाओं को भड़काने का काम किया और फंड जुटाने के लिए बैंक अकाउंट और QR कोड भी शेयर किया। आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क, उनके साथियों और संभावित लिंक का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। ———————- ये खबर भी पढ़ें: मुंबई से जैश के 2 आतंकी पकड़े गए:दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश कर रहे थे, भारत विरोधी मिशन खिलाफत से जुड़े तार दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS ने मुंबई से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों गिरफ्तार किया है। दोनों पर दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर…
लग्जरी पर्यटन, प्राइवेसी ही करेंसी:अब बेहतरीन ठिकाने नहीं, ‘अनुभव’ खरीदे जा रहे; पुराने वाइन टैंकों में स्टे, दार्शनिक विमर्श पसंद कर रहे रईस सैलानी

अल्ट्रा रिच यानी रईस ट्रैवलिंग का तरीका बदल रहे हैं। ये वर्ग केवल सैर-सपाटे के लिए नहीं निकल रहा, बल्कि ऐसे अनुभव ‘डिजाइन’ कर रहे, जहां आम सैलानियों की परछाई तक नहीं पहुंचती। चाहे वह ग्रीस की किसी पुरानी वाइनरी के टैंकों में रात गुजारने का अनोखा अनुभव हो, बच्चे के लिए पूरा नेशनल स्टेडियम बुक करना। लग्जरी ट्रैवल मार्केट जो 2025 में 163 लाख करोड़ रुपए का है, 2033 तक सालाना 3.4% बढ़ते हुए 194 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। लग्जरी ट्रैवल कंपनी ‘एविसा वेकेशंस’ की सिला डाली कहती हैं, ‘यात्री अब ऐसी जगह कर रहे हैं जो उन्हें आस-पास के माहौल से जुड़ा हुआ महसूस कराती हैं। अब लग्जरी का मतलब केवल महंगा कमरा नहीं, बल्कि एक ऐसा एकांत और खास अनुभव है जहां आम पर्यटकों की पहुंच न हो। रईसों के लिए अब ‘लग्जरी’ का मतलब वैसी चीजें हैं जो किसी और के पास न हों असंभव को संभव बना रहे डेस्टिनेशन एल्केमिस्ट ‘डेस्टिनेशन एल्केमिस्ट’ या हाई-एंड कंसीयर्ज सर्विसेज का शुल्क 2.8 लाख रुपए से शुरू होता है। ये जादूगर क्लाइंट की वो सनक पूरा करते हैं, जिन्हें पैसा भी मुश्किल से खरीद पाता है। मसलन, क्लाइंट के लिए मानसून में धुली समुद्री रेत को रातों-रात रिप्लेस करवाना। होटल के कमरों से विशिष्ट रंग हटवा देना। जन्मदिन पर नेशनल स्टेडियम बुक करना और दिग्गज फुटबॉलरों के साथ मैच का आयोजन। ‘एक्सक्लूसिविटी’ का नया पता – भीड़ से कोसों दूर अल्ट्रा-रिच ऐसी जगह चुन रहे हैं जो नक्शे पर तो हैं, पर पहुंच में नहीं। पोर्टोफिनो (इटली) के विला से लेकर सेशेल्स के 36 लाख रुपए प्रति रात वाले विला तक, मांग सिर्फ एकांत की है। बहामास के बुल्गारी रिसॉर्ट और मालदीव के रोजवुड इसी प्राइवेसी के नए मानक सेट कर रहे हैं। तकनीक ने अमीरों को ‘लोकेशन इंडिपेंडेंट’ बना दिया है। अब वे डिजिटल वर्क के जरिए दुनिया के किसी भी कोने से चला सकते हैं। पर्यटन की दुनिया में अब बौद्धिक अनुभव बेचे जा रहे ग्रीस के पेलोपोनीज में लोग अब केवल बीच पर नहीं जाते, बल्कि प्राचीन जंगलों में हाइकिंग और ‘मन्ना’ जैसे शांत ठिकानों में वक्त बिताते हैं। पश्चिमी पेलोपोनीज में 1920 के पुराने वाइन टैंकों को होटल में बदलकर ‘बौद्धिक अनुभव’ बेचा जा रहा है। एथेंस के ‘एंथोलॉजी’ जैसे होटलों में एंथोलॉजी डायलॉग्स जैसे सत्र आयोजित कर रहे हैं, जहां इतिहासकारों, दार्शनिकों के साथ चर्चा करते हैं।
'मुझे करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है':मुकेश खन्ना बोले- रणवीर सिंह को ‘शक्तिमान’ नहीं बनने दूंगा, नए चेहरे के लिए देशभर में ऑडिशन लूंगा

एक्टर मुकेश खन्ना ने कहा है कि वह रणवीर सिंह को शक्तिमान के रोल में कास्ट करने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि शक्तिमान के लिए नया चेहरा चुना जाए, जिसमें उसी इमेज और सादगी की झलक हो। उन्होंने कहा कि वे इसके लिए देशभर में ऑडिशन लेने को तैयार हैं। मुकेश खन्ना ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा कि आज के समय में बच्चों को पहले से कहीं ज्यादा शक्तिमान की जरूरत है। उनके मुताबिक, 1997 की पीढ़ी को जिस तरह इस किरदार ने सही रास्ता दिखाया था, उससे कहीं ज्यादा जरूरत आज 2026 के बच्चों को है। एक्टर ने कहा कि लोगों में एक गलतफहमी फैल गई है कि वे इसलिए मना कर रहे हैं क्योंकि खुद फिर से शक्तिमान बनना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि वे पहले ही शक्तिमान बन चुके हैं, अब उनका काम इस किरदार को आगे बढ़ाना है। रणवीर की एक्टिंग की तारीफ भी की मुकेश खन्ना ने रणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ करते हुए कहा कि वे शानदार एक्टर हैं और अलग-अलग किरदार निभाने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि शक्तिमान का किरदार सिर्फ एक्टिंग से नहीं, बल्कि पर्सनैलिटी और इमेज से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। शो को लेकर सोनी उन्हें करोड़ों रुपए देने के लिए तैयार है, लेकिन वो कास्ट के चलते हामी नहीं भर रहे हैं। वे किसी बड़े स्टार के बजाय नए चेहरे को मौका देना चाहते हैं, जिसके लिए वे पूरे देश में ऑडिशन लेने को भी तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से स्थापित इमेज वाले एक्टर शक्तिमान जैसे किरदार के लिए सही नहीं हैं, क्योंकि इस रोल में सादगी और नैतिकता की अलग पहचान चाहिए।
USS George Bush Africa Circumnavigate Gulf

वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक समुद्र में दुनिया के सबसे ताकतवर जंगी जहाजों में शामिल अमेरिका का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश सीधा रास्ता छोड़कर लंबा चक्कर लगा रहा है। यह जहाज अब डेढ़ गुना ज्यादा दूरी तय करते हुए अफ्रीका का पूरा चक्कर लगाकर ईरान के करीब पहुंच रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रेड सी का रास्ता हूती विद्रोहियोंं क खतरे से भरा है। जिससे ही बचने के लिए यह अमेरिकी सुपरकैरियर लंबा रास्ता लेने को मजबूर है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कैरियर जिब्राल्टर, भूमध्य सागर और स्वेज नहर होते हुए रेड सी से गुजरते हैं। लेकिन इस बार अमेरिकी नौसेना ने यह रास्ता नहीं चुना है। इस कैरियर के साथ तीन डेस्ट्रॉयर और करीब 6,000 नाविक हैं। दो अमेरिकी अधिकारियों ने AP को बताया कि यह स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट तैनाती के लिए रवाना हुआ है। यमन के हूती विद्रोहियों से डरा अमेरिका इस सबसे ताकतवर माने जाने अमेरिकी जहाज का इतना लंबा रूट लेना कोई आम बात नहीं है। पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर वजह नहीं बताई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि अफ्रीका का रास्ता लेने से यह जहाज लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से बच रहा है। हाल के सालों में इस इलाके को यमन के हूती विद्रोही ने असुरक्षित बना दिया है। इन हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन है और पहले भी वे लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री रास्तों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुके हैं। यही वजह है कि दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना भी अब उस रास्ते से जाने से बच रही है। 2024 और 2025 में हूती हमलों में अमेरिकी और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। हाल के महीनों में भी उन्होंने हमले फिर शुरू करने की धमकी दी है, जिससे यह इलाका असुरक्षित बना हुआ है। बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से बच रहा है अमेरिकी जहाज बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। यह रेड सी को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और हर साल करीब 20 हजार जहाज यहां से गुजरते हैं। वैश्विक व्यापार का लगभग 10% इसी रास्ते से होता है, खासकर तेल और गैस की सप्लाई के लिए यह बेहद जरूरी है। यह रास्ता भौगोलिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण है। इसकी सबसे संकरी जगह करीब 32 किलोमीटर चौड़ी है और यह दो हिस्सों में बंटा है। एक गहरा और चौड़ा रास्ता, पश्चिमी डक्ट-एल-मयून चैनल करीब 16 मील चौड़ा है जहां बड़े जहाज चलते हैं। दूसरा संकरा रास्ता पूर्वी चैनल बाब इस्कंदर करीब दो मील चौड़ा है जिसका इस्तेमाल छोटे जहाज करते हैं। पहले यहां खतरा प्राकृतिक कारणों जैसे चट्टानों और तेज हवाओं से था, लेकिन अब सबसे बड़ा खतरा बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से बन गया है। मिडिल ईस्ट जा रहा अमेरिकी वॉरशिप USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश अमेरिका का 10वां और आखिरी निमिट्ज क्लास न्यूक्लियर पावर्ड सुपरकैरियर है। निमिट्ज अमेरिका के सबसे बड़े और सबसे ताकतवर युद्धपोतों की एक खास श्रेणी (क्लास) है, जो परमाणु ऊर्जा से चलते हैं और जिन पर लड़ाकू विमान तैनात होते हैं। यह जहाज करीब 6000 नाविकों और एयरक्रू के साथ तैनात है और इसके साथ तीन डेस्ट्रॉयर भी चल रहे हैं। मार्च के आखिर में यह अमेरिका के नॉरफोक बेस से रवाना हुआ था और हाल ही में नामीबिया के तट के पास देखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मिडिल ईस्ट की ओर जा रहा है। जहां यह USS अब्राहम लिंकन के साथ जुड़ सकता है, जो फरवरी से ही उस इलाके में ऑपरेशन कर रहा है। एक और सुपरकैरियर की मौजूदगी इसी बीच अमेरिका का सबसे नया और सबसे बड़ा सुपरकैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड भी इस क्षेत्र के पास तैनात है। यह हाल ही में क्रोएशिया के स्प्लिट से निकलकर पूर्वी भूमध्य सागर में ऑपरेशन चला रहा है। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह स्वेज नहर पार करके रेड सी में जाएगा या नहीं, क्योंकि वहां का खतरा अभी भी बना हुआ है। इस जहाज में मार्च में आग लगने की घटना हुई थी, जिसके बाद मरम्मत के लिए इसे क्रेट और फिर स्प्लिट ले जाया गया था। अब यह दोबारा एक्टिव हो चुका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
USS George Bush Africa Circumnavigate Gulf

वॉशिंगटन डीसी13 मिनट पहले कॉपी लिंक USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर में से एक है। (फाइल फोटो) समुद्र में दुनिया के सबसे ताकतवर जंगी जहाजों में शामिल अमेरिका का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश सीधा रास्ता छोड़कर लंबा चक्कर लगा रहा है। यह जहाज अब डेढ़ गुना ज्यादा दूरी तय करते हुए अफ्रीका का पूरा चक्कर लगाकर ईरान के करीब पहुंच रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रेड सी का रास्ता हूती विद्रोहियों के खतरे से भरा है। जिससे बचने के लिए यह अमेरिकी सुपरकैरियर लंबा रास्ता लेने को मजबूर है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कैरियर जिब्राल्टर, भूमध्य सागर और स्वेज नहर होते हुए रेड सी से गुजरते हैं। लेकिन इस बार अमेरिकी नौसेना ने यह रास्ता नहीं चुना है। इस कैरियर के साथ तीन डेस्ट्रॉयर और करीब 6,000 नाविक हैं। दो अमेरिकी अधिकारियों ने AP को बताया कि यह स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट तैनाती के लिए रवाना हुआ है। यमन के हूती विद्रोहियों से डरा अमेरिका इस सबसे ताकतवर माने जाने अमेरिकी जहाज का इतना लंबा रूट लेना कोई आम बात नहीं है। पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर वजह नहीं बताई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि अफ्रीका का रास्ता लेने से यह जहाज लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से बच रहा है। हाल के सालों में इस इलाके को यमन के हूती विद्रोही ने असुरक्षित बना दिया है। इन हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन है और पहले भी वे लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री रास्तों पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर चुके हैं। यही वजह है कि दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना भी अब उस रास्ते से जाने से बच रही है। 2024 और 2025 में हूती हमलों में अमेरिकी और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था। हाल के महीनों में भी उन्होंने हमले फिर शुरू करने की धमकी दी है, जिससे यह इलाका असुरक्षित बना हुआ है। बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से बच रहा है अमेरिकी जहाज बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। यह रेड सी को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और हर साल करीब 20 हजार जहाज यहां से गुजरते हैं। वैश्विक व्यापार का लगभग 10% इसी रास्ते से होता है, खासकर तेल और गैस की सप्लाई के लिए यह बेहद जरूरी है। यह रास्ता भौगोलिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण है। इसकी सबसे संकरी जगह करीब 32 किलोमीटर चौड़ी है और यह दो हिस्सों में बंटा है। एक गहरा और चौड़ा रास्ता, पश्चिमी डक्ट-एल-मयून चैनल करीब 16 मील चौड़ा है जहां बड़े जहाज चलते हैं। दूसरा संकरा रास्ता पूर्वी चैनल बाब इस्कंदर करीब दो मील चौड़ा है जिसका इस्तेमाल छोटे जहाज करते हैं। पहले यहां खतरा प्राकृतिक कारणों जैसे चट्टानों और तेज हवाओं से था, लेकिन अब सबसे बड़ा खतरा बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से बन गया है। परमाणु उर्जा से चलता है ये वॉरशिप USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश अमेरिका का 10वां और आखिरी निमिट्ज क्लास न्यूक्लियर पावर्ड सुपरकैरियर है। निमिट्ज अमेरिका के सबसे बड़े और सबसे ताकतवर युद्धपोतों की एक खास श्रेणी (क्लास) है, जो परमाणु ऊर्जा से चलते हैं और जिन पर लड़ाकू विमान तैनात होते हैं। यह जहाज करीब 6000 नाविकों और एयरक्रू के साथ तैनात है और इसके साथ तीन डेस्ट्रॉयर भी चल रहे हैं। मार्च के आखिर में यह अमेरिका के नॉरफोक बेस से रवाना हुआ था और हाल ही में नामीबिया के तट के पास देखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मिडिल ईस्ट की ओर जा रहा है। जहां यह USS अब्राहम लिंकन के साथ जुड़ सकता है, जो फरवरी से ही उस इलाके में ऑपरेशन कर रहा है। एक और सुपरकैरियर की मौजूदगी इसी बीच अमेरिका का सबसे नया और सबसे बड़ा सुपरकैरियर USS जेराल्ड आर फोर्ड भी इस क्षेत्र के पास तैनात है। यह हाल ही में क्रोएशिया के स्प्लिट से निकलकर पूर्वी भूमध्य सागर में ऑपरेशन चला रहा है। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह स्वेज नहर पार करके रेड सी में जाएगा या नहीं, क्योंकि वहां का खतरा अभी भी बना हुआ है। इस जहाज में मार्च में आग लगने की घटना हुई थी, जिसके बाद मरम्मत के लिए इसे क्रेट और फिर स्प्लिट ले जाया गया था। अब यह दोबारा एक्टिव हो चुका है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
अशोकनगर धर्मांतरण केस में मुख्य आरोपी जस्सी किन्नर गिरफ्तार:भोपाल से पकड़ा गया; नाबालिगों को बहलाने का संगठिक रैकेट होने के संकेत

अशोकनगर जिले के पिपरई थाना में दर्ज नाबालिग बालिकाओं के धर्मांतरण, बहला-फुसलाने, दुष्कर्म और जबरन निकाह से जुड़े संवेदनशील मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष जांच दल (SIT) ने शनिवार को मुख्य आरोपी जस्सी किन्नर को गिरफ्तार कर किया है। मामले में एक संगठित रैकेट की संलिप्तता के संकेत मिलने के बाद जांच तेज कर दी गई है। विशेष जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जस्सी किन्नर को भोपाल के सीहोर बायपास क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है। आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा यह प्रकरण गुरुवार को दर्ज रिपोर्ट के आधार पर थाना पिपरई में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट, मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने इस मामले में एक विधि विवादित बालक को भी अभिरक्षा में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेजा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जस्सी किन्नर ने नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर अपने साथ लाया, उन्हें अन्य आरोपियों से मिलवाया और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया। जांच में यह भी पता चला है कि उन्हें लालच देकर बुर्का पहनाने जैसी बातें भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। 10 हजार रुपए का इनाम घोषित है मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल का गठन किया था और आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया। जांच के दौरान इस पूरे मामले में एक संगठित रैकेट के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच जारी है। पुलिस टीम द्वारा शेष आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई में एसडीओपी विवेक शर्मा और थाना प्रभारी पिपरई ओमप्रकाश मिश्रा सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।
चंबा में संदिग्ध पाकिस्तानी गुब्बारा मिलने से हड़कंप:खेतों में मवेशी चराने गए व्यक्ति ने देखा; 'PIA' और उर्दू में लिखावट से एजेंसियां सतर्क

हिमाचल के चंबा जिले में खेतों में शनिवार को एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से हड़कंप मच गया। इस पर “PIA” लिखा होने के साथ उर्दू में कुछ शब्द और पाकिस्तान का झंडा बना हुआ था। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह एक ग्रामीण अपने मवेशी चराने के लिए खेतों की ओर गया था। इसी दौरान उसकी नजर इस असामान्य गुब्बारे पर पड़ी। पास जाकर देखने पर गुब्बारे पर बने चिन्ह और लिखावट उसे संदिग्ध लगी। यह गुब्डबारा लहौजी के खैरी क्षेत्र स्थित चलाड़ी गांव के समीप मिला। भारतीय सेना को भी अलर्ट किया ग्रामीण ने तुरंत इसकी सूचना गांव के पूर्व प्रधान को दी। पूर्व प्रधान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना देरी किए पुलिस थाना खैरी को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय सेना को भी अलर्ट किया गया। पुलिस और सेना के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गुब्बारे को कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में यह गुब्बारा बच्चों के सामान्य खिलौने जैसा प्रतीत हो रहा है। गुब्बारे को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा हालांकि, उस पर लिखे “PIA” और अन्य चिन्हों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सेना अधिकारियों के अनुसार, गुब्बारे को अब विस्तृत तकनीकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा, ताकि इसके स्रोत और उद्देश्य का पता लगाया जा सके। पुलिस ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह की कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो उसे छुएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचित करें।








