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रैम्प वॉक में अब उम्रदराज महिलाओं का जलवा:50 साल से ज्यादा की मॉडलों की पूछ बढ़ी, सीनियर मॉडलों को इतनी तवज्जो पहले नहीं मिली

रैम्प वॉक में अब उम्रदराज महिलाओं का जलवा:50 साल से ज्यादा की मॉडलों की पूछ बढ़ी, सीनियर मॉडलों को इतनी तवज्जो पहले नहीं मिली

इस महीने, ग्लोबल फैशन मैगजीन वोग ने कुछ ऐसा किया जो उसने पहले कभी नहीं किया था। उसने अपने कवर पर दो 76 वर्षीय महिलाओं को जगह दी। फैशन मैगजीन के कवर पर उम्र की बाधा को तोड़कर वोग ने खुद को पुराना नहीं बल्कि समकालीन साबित कर दिया। या कम से कम फैशन जगत में तो ऐसा ही लगने लगा है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक फैशन जगत में सीनियर मॉडलों को इतनी तवज्जो पहले कभी नहीं मिली। फैशन की दुनिया की भाषा में, सीनियर होने का अर्थ 30 वर्ष से ज्यादा की उम्र से लगाया जाता है। फैशन सर्च इंजन टैगवॉक के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के टॉप 20 ब्रांडों ने रनवे शो में प्लस-साइज़ मॉडल के अलावा अधिक उम्र की मॉडलों को शामिल किया। पिछले महीने हुए एक फैशन शो की शुरुआत 50 वर्षीय स्टेफनी कैवली ने की, जो रैंप पर 40 से अधिक उम्र की 15 मॉडलों में से एक थीं। बोटेगा वेनेटा में नौ सीनियर मॉडल थीं। टॉम फोर्ड में नौ (महिला और पुरुष), गिवेंची में आठ, बालेन्सियागा में पांच और लुई वितां में चार सीनियर मॉडल शामिल हुईं। फैशन की दुनिया से परे भी नया ट्रेंड, अब उम्र छिपाने के बजाय दिखाने का चलन फैशन की दुनिया से परे भी, एक नया चलन पनप रहा है। इसमें फैशन जगत या उससे जुड़े लोग अपनी उम्र छिपाने के बजाय उसे उजागर करना पसंद करते हैं। पूर्व सुपरमॉडल और वर्तमान में एस्टी लॉडर की एंबेसडर, 61 वर्षीय पॉलिना पोरिजकोवा, इंस्टाग्राम पर इसका नेतृत्व कर रही हैं। वह अपने 14 लाख फॉलोअर्स के साथ बिना मेकअप वाली तस्वीरों के माध्यम से अपनी झुर्रियों और बढ़े वजन को दिखाती हैं। यह उस इंडस्ट्री में एक चौंकाने वाला बदलाव है जो लंबे समय से यौवन को महिमामंडित करने के लिए प्रसिद्ध रही है। बढ़ती सिल्वर इकोनॉमी का फायदा उठाने की कोशिश फैशन इंडस्ट्री का ये बदलाव अमीर बुजुर्गों (जिसे सिल्वर इकोनॉमी कहते हैं) को लुभाने की कोशिश है। अमेरिका की कुल संपत्ति का 70% 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के पास है। मैकिन्से कंसल्टिंग फर्म में फैशन रिटेल प्रैक्टिस की ग्लोबल को-लीडर जेम्मा डी’ऑरिया कहती हैं, ‘जब लग्जरी उत्पादों की वृद्धि धीमी हो गई है, एक प्रमुख उपभोक्ता समूह को नजरअंदाज करना बिल्कुल भी अच्छी रणनीति नहीं है।’

₹1783 Crore Worldwide; 32 Days Strong

₹1783 Crore Worldwide; 32 Days Strong

39 मिनट पहले कॉपी लिंक आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉर्मेंस कर रही है। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने रिलीज के 32 दिन पूरे कर लिए हैं और अब यह वर्ल्डवाइड 1783 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गई है। फिल्म अपने पांचवें हफ्ते में भी शानदार प्रदर्शन कर रही है और जल्द ही 1800 करोड़ के क्लब में शामिल हो सकती है। पांचवें वीकेंड में भी शानदार पकड़ फिल्म ने अपने पांचवें वीकेंड (शुक्रवार से रविवार) में कुल 13.50 करोड़ रुपए का बिजनेस किया है। शुक्रवार (30वें दिन) को फिल्म ने 3 करोड़, शनिवार को 5 करोड़ और रविवार (32वें दिन) को 5.50 करोड़ रुपए कमाए। एक महीना बीत जाने के बाद भी फिल्म की कमाई में तेजी जारी है। जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। भारत में 1153 करोड़ का नेट कलेक्शन ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अब तक 1153 करोड़ रुपए (नेट) कमा लिए हैं। अगर ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो भारत में यह आंकड़ा 1360 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। फिल्म के पहले हफ्ते की कमाई 690 करोड़ थी, जिसने एक मजबूत बेस तैयार किया था। इसके बाद दूसरे हफ्ते में 271 करोड़, तीसरे में 120 करोड़ और चौथे हफ्ते में 58 करोड़ रुपए का कलेक्शन रहा। तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Sunil Pal Extortion Case | Meerut NH58 Kidnapping Accused Identification

Sunil Pal Extortion Case | Meerut NH58 Kidnapping Accused Identification

मेरठ4 मिनट पहले कॉपी लिंक मेरठ में बयान दर्ज करने पहुंचे कॉमेडियन सुनील पाल। कॉमेडियन सुनील पाल खुद के अपहरण के मामले में किडनैपर्स की पहचान करने मेरठ पहुंचे। सोमवार को कोर्ट में उन्होंने 2 आरोपियों की पहचान की। उन्होंने कहा- किडनैपिंग की वारदात के बाद से मैं बहुत डरा हुआ हूं। अब तो बाहर जाने से भी डर लगता है। उन्होंने कहा- मुंबई में भी अगर उनके आस-पास कोई मौजूद होता है तो वह उसे भी शक की नजर से देखते हैं। एक साल में मेरा 10 किलोग्राम वजन कम हो गया है। मुंबई में भी अगर उनके आस-पास कोई मौजूद होता है तो वह उसे भी शक की नजर से देखते हैं। मेरठ कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद बाहर निकले सुनील पाल। दोस्त को फोन कर जाते हैं बाहर सुनील पाल ने कहा-वह कहीं भी अकेले नहीं जाते। कहीं भी जाना होता है तो वह पहले अपने दोस्त साहिबे आलम को फोन करते हैं। कहां जाना है उन्हें पूरी जानकारी देते हैं। जिस वाहन से जा रहे हैं, उस वाहन की फोटो और नंबर तक वह अपने दोस्त को पहले व्हाट्सएप करते हैं। अपने शहर के भीतर भी वह अपने को असुरक्षित महसूस करते हैं। सुनील पाल के दोस्त साहिबे आलम हर वक्त उनके साथ रहते हैं। अब एक नजर में पूरा मामला पढ़िए मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल का मेरठ में दिसंबर 2024 में अपहरण कर उनसे 8 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। सुनील को हरिद्वार में एक इवेंट के बहाने बुलाकर नेशनल हाईवे 58 से उनका अपहरण किया गया और उन्हें 24 घंटे बंधक बनाकर रखा गया था। 20 लाख की फिरौती 8 लाख में सौदा तक बदमाशों ने सुनील पाल को अगवा करने के बाद 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी लेकिन बाद में यह रकम आठ लाख तय हुई। बदमाशों को यह रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई थी। मुंबई में दर्ज की गई थी जीरो FIR बदमाशों ने सुनील पाल को डरा धमका कर फिरौती की रकम वसूली। उनके चंगुल से छूटने के बाद सुनील पाल सीधे मुंबई पहुंचे और वहां परिवार को वारदात की जानकारी दी। इसके बाद उनकी पत्नी ने वहीं जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी जो बाद में मेरठ ट्रांसफर हुई थी। सुनील पाल के किडनैपर्स ज्वैलर्स के यहां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे मुठभेड़ के बाद दबोचा गया था इनामी बदमाश इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी। इसके बाद मेरठ पुलिस एक्टिव हुई। पूरी प्लानिंग बिजनौर में हुई थी। इसके बाद पुलिस ने एक के बाद एक कई बदमाशों को गिरफ्तार किया था। वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो कार, 2 लाख रुपए नकद और मोबाइल भी बरामद किया गया था। मुख्य आरोपी अर्जुन करणवाल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। अब इस केस में सभी 10 आरोपी अरेस्ट हो चुके हैं। अपहरण मामले में इन पर दर्ज है FIR अर्जुन कर्णवाल पुत्र रवि कर्णवाल निवासी बुल्ला का चौक, थाना कोतवाली जिला बिजनौर लवी उर्फ सुशांत चौधरी उर्फ हिमांशु पुत्र जयपाल निवासी नई बस्ती कोतवाली शहर, बिजनौर रिक्की उर्फ सार्थक चौधरी पुत्र राजीव निवासी मोहल्ला जाटान कोतवाली शहर थाना कोतवाली जिला बिजनौर शशांक भारद्वाज पुत्र स्पेंद्र निवासी बी 162 जनकपुरी साहिबाबाद जिला गाजियाबाद अंकित पहाड़ी पुत्र रवि खन्ना निवासी साई मंदिर के पास कोतवाली शहर जिला बिजनौर शहाबुद्दीन उर्फ सेबी पुत्र सलीमुद्दीन निवासी कोतवाली जिला बिजनौर अजीम पुत्र सलीम निवासी मोहल्ला कस्सावान कोतवाली शहर, जिला बिजनौर आकाश उर्फ दीपेंद्र गोला पुत्र आसाराम निवासी मोहल्ला चचरी कोतवाली शहर जिला बिजनौर शिवा पुत्र लेखराज निवासी चाहसीरी कोतवाली शहर जिला बिजनौर शिवम उर्फ शुभम पुत्र राकेश कुमार निवासी चमरपेरा कोतवाली शहर थाना कोतवाली बिजनौर कई कॉमेडी रियलिटी शोज और फिल्मों में नजर आ चुके हैं सुनील पाल कौन हैं सुनील पाल सुनील पाल एक कॉमेडियन, एक्टर और वॉयस आर्टिस्ट हैं। सुनील वर्ष 2005 में ग्रेट इंडियन लाफ्टर के विजेता रह चुके हैं। शो जीतने के बाद सुनील फिर फिल्मों में काम करने लगे। अब तक करीब 51 शोज में स्टैंडअप कॉमेडी कर चुके हैं। सुनील का जन्म महाराष्ट्र में हुआ,और वह मुंबई वर्ष 1995 में आये। यहां आकर उन्होंने जनता विद्यालय सिटी बराच बल्लरपुर स्कूल से पढ़ाई की। सुनील अपने कॉलेज के दिनों से मिमिक्री और कॉमेडी करते थे। इंडियन लाफ्टर शो जीतने के बाद सुनील को कई फिल्मों के ऑफर मिले। उन्होंने हम, फिर हेरा फेरी, अपना सपना मनी मनी., बॉम्बे टू गोवा, मनी बैंक गैरेंटी,मैं हूं रजनीकांत, डर्टी पॉलिटिक्स, तेरी भाभी है पगले मूवी में रोल किया है। —————————– ये खबर भी पढ़ें विराट और अनुष्का संत प्रेमानंद से मिलने पहुंचे:अक्षय तृतीया पर्व पर गुरु के साथ सत्संग किया; दोनों की बाबा से यह पांचवीं मुलाकात क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने सोमवार को अक्षय तृतीया पर अपने गुरु संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। दोनों ने प्रेमानंद महाराज का सत्संग भी सुना। यह उनकी 5वीं मुलाकात थी। पढ़िए पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

इम्युनिटी से लेकर एनर्जी तक…. एक गिलास में छिपा है बड़ा फायदा, जानिए इस हेल्दी ड्रिंक से जुड़ी सावधानियां

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Last Updated:April 20, 2026, 13:31 IST गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में नींबू पानी एक आसान, सस्ता और असरदार घरेलू उपाय बनकर सामने आता है. विटामिन C से भरपूर यह ड्रिंक न सिर्फ इम्युनिटी को मजबूत करता है, बल्कि पाचन सुधारने, शरीर को डिटॉक्स करने और वजन कंट्रोल में रखने में भी मददगार माना जाता है. गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. ऐसे में अगर आप रोजाना नींबू पानी का सेवन शुरू कर दें, तो यह आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. नींबू पानी न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. आपको बताते चलें कि गर्मियों में दिन की शुरुआत एक गिलास हल्के गुनगुने या सामान्य पानी में नींबू मिलाकर करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं. दरअसल रायबरेली जिले के आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ स्मिता श्रीवास्तव बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि नींबू में विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. गर्मी में अक्सर वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम और थकान की शिकायत होती है. ऐसे में नींबू पानी का नियमित सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और संक्रमण से बचाने में सहायक होता है. इसके अलावा, यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है. नींबू पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार बनती है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. नींबू पानी इस कमी को पूरा करता है और शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है. खासकर अगर इसमें थोड़ा सा नमक और चीनी मिला दी जाए, तो यह प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है. इससे तुरंत ऊर्जा मिलती है और थकान दूर होती है. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी नींबू पानी काफी कारगर माना जाता है. सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने से पेट साफ रहता है और गैस, कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. आयुष चिकित्सक डॉ स्मिता श्रीवास्तव बताती है कि यह वजन कम करने में भी मददगार है. कई लोग वजन घटाने के लिए सुबह नींबू पानी में शहद मिलाकर पीते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है. नींबू पानी का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. बहुत अधिक मात्रा में पीने से दांतों की एनामेल पर असर पड़ सकता है, इसलिए स्ट्रॉ से पीना या पीने के बाद मुंह साफ करना बेहतर होता है. गर्मी के मौसम में नींबू पानी का सेवन करने से हमारे शरीर का इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है, साथ ही इस मौसम में चलने वाली लू व तेज धूप से हमारे शरीर का बचाव होता है क्योंकि इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने में कारगर होते हैं. First Published : April 20, 2026, 13:31 IST

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 40 डिग्री के पार पहुंचा है। भीषण गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते तापमान के कारण हीट-वेव से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, हालांकि सामान्य उपचार के बाद वे ठीक हो रहे हैं। बाजार में शीतल पेय पदार्थों और रसीले फलों की मांग बढ़ गई है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप महसूस की जा रही है, जबकि रात में तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया है। यह आदेश नर्सरी (प्ले ग्रुप) से कक्षा 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित संस्थाओं पर लागू होगा। नए आदेश के अनुसार, स्कूलों का संचालन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही होगा। इस वर्ष अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। पिछले कुछ दिनों का तापमान इस प्रकार रहा है: 15 अप्रैल: अधिकतम 39.6°C, न्यूनतम 20.6°C 16 अप्रैल: अधिकतम 40.4°C, न्यूनतम 20.6°C 17 अप्रैल: अधिकतम 40.4°C, न्यूनतम 20.6°C 18 अप्रैल: अधिकतम 40.0°C, न्यूनतम 20.4°C 19 अप्रैल: अधिकतम 41.2°C, न्यूनतम 20.6°C

सेहत का खजाना है ये छुटकू सा फल, शरीर में भर देता है ताकत, हड्डियों को बना दे फौलादी, जानिए इसके कमाल के फायदे

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Last Updated:April 20, 2026, 13:20 IST Shahtoot ke Fayde: गर्मियों में मिलने वाला शहतूत फल अपने स्वाद के कारण लोगों को बहुत पसंद आता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करते हैं. शहतूत के सेवन से वजन कम करने, पाचन तंत्र को मजबूत करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने, त्वचा में निखार लाने और बालों को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है. (रिपोर्ट: सावन पाटिल/खंडवा) मध्य प्रदेश के खंडवा में गर्मी की शुरुआत होते ही बाजारों में शहतूत लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है. लाल और काले रंग का यह छोटा सा फल भले ही दिखने में साधारण लगे लेकिन इसके फायदे इतने जबरदस्त हैं कि लोग सालभर इसका इंतजार करते हैं. यह फल देखने में जितना खूबसूरत होता है, उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. शहतूत एक मौसमी फल है, जो गर्मियों में करीब 15 से 20 दिन ही बाजार में देखने को मिलता है. यही वजह है कि इसका सीजन आते ही इसकी मांग तेजी से बढ़ जाती है. यह फल ज्यादातर जंगलों या पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से उगता है और सीमित मात्रा में ही बाजार तक पहुंच पाता है. शहतूत का स्वाद मीठा, हल्का खट्टा और थोड़ा कसैला होता है, जो इसे और भी खास बनाता है. इसमें छिलका या बड़े बीज नहीं होते, इसलिए इसे सीधे खा सकते हैं. बच्चे हों या बड़े, हर किसी को इसका स्वाद पसंद आता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी शहतूत लाभकारी होता है. इसका सेवन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, शहतूत में विटामिन सी, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. शहतूत में मौजूद विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है और यही वजह है कि यह फल इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करता है. साथ ही यह हमारी त्वचा और बालों के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. शहतूत विटामिन सी से भरपूर होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है. फाइबर की वजह से कब्ज, गैस और अपच से राहत मिलती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं. शहतूत में मौजूद तत्व शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं. यह स्किन को ग्लो देता है और आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार है. वहीं कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने से वजन घटाने में मदद मिलती है. गर्मी में शरीर को ठंडा रखना सबसे जरूरी होता है. ऐसे में शहतूत काफी फायदेमंद माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर को राहत मिलती है और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. शहतूत का सेवन गर्मियों में ठंडक देने का काम करता है. इसका रस शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और लू से भी बचाता है. बच्चों को शहतूत बहुत पसंद होता है क्योंकि इसका स्वाद मीठा और रसीला होता है. यह न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि उनके विकास में भी सहायक है. इसमें मौजूद न्यूट्रिएंट्स बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना आधा से एक कप ताजा शहतूत खाना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. शहतूत सिर्फ एक फल नहीं बल्कि गर्मियों का नैचुरल हेल्थ टॉनिक है. कम समय के लिए मिलने वाला यह फल स्वाद और सेहत दोनों का जबरदस्त कॉम्बिनेशन है, इसलिए मौका मिले तो इसे जरूर ट्राई करें. First Published : April 20, 2026, 13:20 IST

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दो राज्यों की ‘आर्थिक जीवनरेखा’ खतरे में यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और कटनी की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की सतह से दिखने लगे लोहे के सरिए पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। 1982 में हुआ उद्घाटन, अब मरम्मत का इंतजार इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होगा काम मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

हेल्थ समर टिप्स: गर्मी में सीने में जलन, बुखार और चक्कर आना जैसा जरूरी दूर, बस रोजना कर लें ये काम; सबसे पुराना सबसे ठंडा

हेल्थ समर टिप्स: गर्मी में सीने में जलन, बुखार और चक्कर आना जैसा जरूरी दूर, बस रोजना कर लें ये काम; सबसे पुराना सबसे ठंडा

20 अप्रैल 2026 को 13:02 IST पर अपडेट किया गया स्वास्थ्य सारांश युक्तियाँ: भीषण गर्मी और बढ़ती तापमान का सीधा प्रभाव हमारे पाचन तंत्र और स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस मौसम में अक्सर सीने में जलन, बुखार, कमजोरी और चक्कर आना आम बात हो जाती है। इन व्यवसायों के मुख्य जड़त्व शरीर की वृद्धि दर और उत्पादन है। लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, अपने व्यक्तित्व में बस कुछ छोटे बदलाव करके अपना ध्यान रख सकते हैं।

बेड पर कमजोर? ये देसी दवाई बढ़ाएगी स्टैमिना और स्पर्म काउंट, जानिए फायदे और इस्तेमाल का तरीका

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Last Updated:April 20, 2026, 13:01 IST एक ऐसा पौधा, जो बलिया में लगभग हर जगह देखने मिल जाता है. आयुर्वेद की दुनिया में अकरकरा बेहद उपयोगी है, जो सदियों से घरेलू इलाज का हिस्सा रहा है. यह औषधि पुरुष स्वास्थ्य, दांत दर्द और पाचन समस्याओं में बेहद प्रभावी है. यह जीभ के कई रोगों में रामबाण है. आगे जानिए… अकरकरा, जो दादी नानी के घरेलू उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था. पहले जब जीभ में छाले या मुंह पक जाता था, तब लोग अकरकरा के फूल को मसलकर जीभ पर रखते थे. इसको आम बोलचाल में पुनपुनवा कहा जाता था. इससे लार तेजी से बनता था और कुछ ही मिनटों में जलन और दर्द कम हो जाता था. लेकिन, इसे निगलना नहीं चाहिए, बल्कि 10 मिनट बाद मुंह से बाहर निकाल दे. अकरकरा पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के लिए भी बेहद शक्तिशाली औषधि मानी जाती है. यह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को संतुलित करने, स्पर्म काउंट बढ़ाने और उनकी गतिशीलता सुधारने में मदद कर सकता है. इसके अलावा, यह स्तंभन दोष जैसी समस्याओं में भी सहायक प्रदान करता है, इसी के कारण आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों में बढ़ोतरी हो सकती हैं. यह रामबाण औषधि नसों की कमजोरी, थकान और जोड़ों के दर्द में भी बहुत असरदार साबित होती हैं. यह शरीर में वात दोष को संतुलित कर ऊर्जा बढ़ाती है और सुस्ती को दूर करती है. इतिहासकार डॉ शिव कुमार सिंह कौशिकेय के अनुसार, बुजुर्ग तो इसे शरीर को जगाने वाली औषधि के नाम से जानते थे. Add News18 as Preferred Source on Google अकारकरा का काढ़ा सर्दी, जुकाम और गले की खराश में बेहद लाभकारी और गुणकारी माना गया है. यह गले को गर्माहट देने के साथ ही खांसी व हिचकी जैसी समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है. ठंड के मौसम में इसका सीमित उपयोग शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करता है. लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है. अकरकरा पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी बहुत उपयोगी है. यह पाचन एंजाइमों को सक्रिय करके गैस, अपच और पेट भारी रहने की समस्या को कम करने में मदद करता है. इसके रोजाना और सही सीमित मात्रा में उपयोग करने से पेट हल्का और दुरुस्त रहता है. यह साधारण पौधा नहीं है, बल्कि गुणों का भंडार है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अकरकरा दांतों और मसूड़ों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी जड़ को हल्का चबाने से दांत दर्द, पायरिया, मसूड़ों की सूजन और मुंह की दुर्गंध से बहुत राहत मिलती है. यह भी सच्चाई है कि, पुराने जमाने में लोग घरेलू नुस्खे पर ज्यादा भरोसा करते थे. बेशक अकरकरा बहुत लाभकारी औषधि है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए अधिक सेवन से उल्टी, दस्त, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. हां कभी भी इसका उपयोग बगैर चिकित्सक से परामर्श लिए न करें. क्योंकि कही परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकता हैं. साधारण तौर पर इसका सेवन चूर्ण के रूप में शहद या काढ़े के रूप में किया जा सकता हैं. इसकी मात्रा 0.5 से 1 ग्राम तक ही सुरक्षित है. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ही जरूरी है. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह जड़ी-बूटी सच में चमत्कारी कई रोगों से निजात दिला सकती है. First Published : April 20, 2026, 13:01 IST

बंगाल चुनाव बना ‘फोर्ट नॉक्स’! 2 लाख+ युवा, बख्तरबंद वार्ता, हाईटेक विचारधारा के बीच चुनाव की तैयारी

बंगाल चुनाव बना 'फोर्ट नॉक्स'! 2 लाख+ युवा, बख्तरबंद वार्ता, हाईटेक विचारधारा के बीच चुनाव की तैयारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (पश्चिम बंगाल चुनाव) से पहले सिक्योरिटी का ऐसा अनोखा खाका तैयार किया गया है, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला. करीब 2.4 लाख केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीएपीएफ) की राज्य शक्ति को लगभग किले में स्थापित किया गया है। यह किसी भी राज्य के चुनाव में अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा इलेक्ट्रॉनिक मनी जा रही है। बल, राज्य पुलिस और अतिरिक्त सशस्त्र युवा समूह एक मल्टी-लेयर प्रोटोटाइप प्लान पर काम कर रहे हैं, दक्षिणी मतदान केंद्र पूरी तरह से तरह के कर्मचारी और तकनीशियन हो सकते हैं। तैयारी पूरी, परमाणु ऊर्जा बोर्ड को पार करना होगा नामुमकिनइस बार सुरक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने के लिए कोलकाता में सीएपीएफ के डीजी स्तर की अप्रोच बैठक हुई, जिसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। साल्ट लेक स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में राज्य पुलिस और चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड स्टूडेंट को तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब किसी चुनाव से पहले सभी सीएपीएफ प्रमुख एक साथ किसी राज्य में रहेंगे। जमीन पर सुरक्षा का नजरिया भी सख्त है। सुझाव और हिंसा-प्रभावित बूथों पर अतिरिक्त बल दिए गए हैं। मार्क्समैन और शौर्य जैसे बख्तरबंद गाड़ियाँ की सुरक्षित छुट्टियाँ और त्वरित कार्रवाई के लिए सिद्धांत हैं। इसके अलावा, अन्य राज्यों से करीब 3,000 अतिरिक्त सशस्त्र प्रशिक्षक भी बुलाए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के शीर्ष नेतृत्व की आज कोलकाता में बैठक हुई. सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी के महानिदेशकों (डीजी) की उपस्थिति वाली उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक का उद्देश्य आगामी पश्चिम के लिए एक मजबूत, प्रौद्योगिकी-संचालित सुरक्षा वास्तुकला को अंतिम रूप देना था… pic.twitter.com/lubThrkUNY – एएनआई (@ANI) 19 अप्रैल 2026 क्या है शैरी और मार्क्समैनकोलकाता में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले असमान स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। विशेष बख्तरबंद वाहन शौर्य और मार्क्समैन को पश्चिम बंगाल लाया गया है। ये वाहन शहर की सड़कों और प्रमुख सहयोगियों पर आधारित हैं, जिससे आम लोगों का ध्यान भी उनकी ओर आकर्षित होता है। शौर्य और मार्क्समैन ने बख्तरबंद वाहन बनाए हैं, जिनमें विशेष रूप से आंतरिक सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें से एक-रेज़िस्टेंट बॉडी, ब्लास्ट-प्लॉट क्लेक्शन क्षमता, ग्राउंड ग्राउंड रेयरेंस और हार्ड डीओल में आसानी से चलने की क्षमता है। ये वाहन बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को सुरक्षित रूप से ले जाने में सक्षम हैं और इनमें आधुनिक संचार प्रणाली, स्टार्टअप उपकरण और आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया के लिए विशेष उपकरण भी मौजूद हैं। लक्ष्मण रेखा के अंदर ही होगा मतदानहर बूथ पर लगभग 100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’ लागू होती है, जहां केवल पात्र और अधिकारिक अधिकारी का ही प्रवेश शुल्क है। फ़र्ज़ी वोटिंग निषेध के लिए मल्टी-लेयर अवेडेट सिस्टम लागू होता है। निगरानी के लिए सीसीटीवी, बॉडी कैमरा और प्रोमोशनल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। वोटिंग के बाद भी हाईटेक किला रहेगा अभेद्यचुनाव में इस बार सुरक्षा पूरी तरह से हाई-टेक नज़र आएगी। वोटिंग पर हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे, बॉडी कैमरे और आधुनिक कम्यूनिटी सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे किसी भी तरह की मंदबुद्धि या क्रियाकलाप पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। सुरक्षा केवल मतदान तक सीमित नहीं रहेगी. वोटिंग ख़त्म होने के बाद भी ईवीएम, स्ट्रॉन्ग रूम और गणना सेंटर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) और एंटी-सबोटाज जांच लगातार सक्रिय मोबाइल। सीएपीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ सुरक्षा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का मिशन है- जहां हर वोट सुरक्षित और कर्मचारी रहेंगे।