लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ने जयपुर में किया था निकाह:फेक पासपोर्ट बनवाकर देश से भागा, सऊदी अरब में बनाया छिपने का ठिकाना

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ ‘खरगोश’ ने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। फिर देश से भाग निकला। भागने के बाद उसके सऊदी अरब में छिपने का ठिकाना बनाने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी उमर हारिस साल 2012 में पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था। लंबे समय तक सिक्योरिटी एजेंसियों से छिपकर घाटी में अपनी जड़ें मजबूत करता रहा। उसकी फुर्ती और ठिकाने बदलने के चलते उसे ‘खरगोश’ कोड नेम दिया गया था। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में था नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच का सुपरविजन कर रही श्रीनगर पुलिस ने उमर हारिस की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ शेयर की। इसमें बताया गया कि श्रीनगर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का खुलासा कर 5 संदिग्धों को पकड़ा। यह गिरफ्तारी फरीदाबाद (हरियाणा) के अल फलाह विश्वविद्यालय में केंद्रित एक ‘सफेदपोश’ आतंकी सेल के भंडाफोड़ के छह महीने बाद हुई है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल हैं। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा 16 साल से फरार था और जम्मू-कश्मीर के बाहर सफलतापूर्वक ठिकाने बना चुका था। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और उमर हारिस की देशभर में विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गतिविधियों के बारे में बताया। फर्जी डॉक्यूमेंट से पासपोर्ट बनवाया जांच में सामने आया कि उत्तरी कश्मीर घाटी में घुसपैठ के दौरान आतंकी उमर हारिस बांदीपोरा और श्रीनगर के विभिन्न स्थानों पर रुका था। लश्कर-ए-तैयबा के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की बेटी से निकाह किया। उसने जयपुर में निकाह फेक नाम सज्जाद के साथ किया। निकाह के डॉक्यूमेंट का यूज भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने में भी किया गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में चूक पर सवाल श्रीनगर पुलिस की ओर से इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने से कई खामियां उजागर हुई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस सत्यापन प्रणाली के बावजूद राजस्थान के अधिकारियों की ओर से पासपोर्ट कैसे जारी किया गया। अधिकारियों ने बताया- लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी इंडोनेशिया भागने में कामयाब रहा। जहां से उसने एक और फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट का यूज करके 2024-25 में सऊदी अरब में अपना ठिकाना बना लिया।
एंजायटी और डिप्रेशन में क्या अंतर है? दोनों में क्या ज्यादा खतरनाक, साइकेट्रिस्ट से जान लीजिए

Last Updated:April 20, 2026, 11:59 IST Anxiety and Depression Difference: एंजायटी और डिप्रेशन दोनों मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं, लेकिन इनके लक्षण और प्रभाव अलग होते हैं. एंजायटी में अत्यधिक चिंता और डर होता है, जबकि डिप्रेशन में गहरी उदासी और निराशा महसूस होती है. दोनों ही कंडीशन खतरनाक होती हैं और सही समय पर साइकेट्रिस्ट से मिलकर ट्रीटमेंट कराना जरूरी होता है. एंजायटी और डिप्रेशन के बीच बड़ा अंतर है, जिसे समझना जरूरी है. Anxiety vs Depression Symptoms: आजकल मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो एंजायटी और डिप्रेशन सबसे कॉमन मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स हैं. करोड़ों की संख्या में लोग इन परेशानियों से जूझ रहे हैं. चिंता की बात यह है कि अधिकतर लोग एंजायटी और डिप्रेशन के बीच अंतर नहीं समझ पाते हैं. इसकी वजह से परेशानी बढ़ती रहती है और सही समय पर एक्सपर्ट की मदद नहीं ले पाते हैं. एंजायटी और डिप्रेशन के बीच अंतर जानना बहुत जरूरी है, ताकि इनकी वक्त रहते पहचान की जा सके. काउंसिलिंग और दवाओं की मदद से दोनों प्रॉब्लम्स को ठीक किया जा सकता है. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया एंजायटी एक मेंटल डिसऑर्डर है, जिसमें लोग फ्यूचर की अनिश्चितताओं को लेकर अत्यधिक चिंता और डर महसूस करते हैं. इसमें व्यक्ति को लगातार बेचैनी, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना और नींद में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं. कई बार यह डर बिना किसी स्पष्ट कारण के भी महसूस होता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है. यह स्थिति अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों में बढ़ जाती है. अगर थोड़ा बहुत एंजायटी हो, तो यह नॉर्मल है. ज्यादा होने लगे, तब यह डिसऑर्डर बन जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर प्रेरणा ने बताया डिप्रेशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक उदास और निराश महसूस करता है. उसे किसी भी चीज में इंट्रेस्ट नहीं रहता और किसी भी काम में मन नहीं लगता. इससे आत्मविश्वास कम हो जाता है और कई बार जीवन के प्रति नकारात्मक विचार भी आने लगते हैं. डिप्रेशन केवल मूड की समस्या नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है. दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि एंजायटी में व्यक्ति भविष्य की चिंता से जूझता है, जबकि डिप्रेशन में व्यक्ति वर्तमान की निराशा से परेशान रहता है. एंजायटी में शरीर हाइपर एक्टिव रहता है, जबकि डिप्रेशन में एनर्जी कम हो जाती है. कई मामलों में दोनों एक साथ भी हो सकते हैं, जिसे मिक्स्ड एंजायटी-डिप्रेशन कहा जाता है. अगर गंभीरता की बात करें, तो दोनों ही कंडीशन खतरनाक हो सकती हैं. हालांकि डिप्रेशन को अक्सर ज्यादा गंभीर माना जाता है, क्योंकि इसमें आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगते हैं. एंजायटी लंबे समय तक रहने पर हार्ट डिजीज, नींद की समस्याएं और मानसिक थकान पैदा हो सकती है. इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर इलाज लेना जरूरी है. इन दोनों परेशानियों का इलाज संभव है. थेरेपी, काउंसलिंग, लाइफस्टाइल बदलाव और जरूरत पड़ने पर दवाइयों से मरीज की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है. समय पर पहचान और इलाज से इन्हें पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 20, 2026, 11:59 IST
गैस-अपच से हैं परेशान? काला नमक दे सकता है तुरंत राहत, ज्यादा सेवन बन सकता है नुकसानदायक!

Last Updated:April 20, 2026, 11:49 IST भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाला काला नमक सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्राकृतिक औषधि की तरह भी काम करता है. आयुर्वेद में इसे ‘सौवर्चला लवण’ कहा गया है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है. सही मात्रा में इसका सेवन सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकता है. भारतीय रसोई में काला नमक एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और इसका उपयोग सदियों से होता चला आ रहा है. यह सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है. आयुर्वेद में काले नमक को ‘सौवर्चला लवण’ कहा गया है, जो अपने विशेष औषधीय गुणों के कारण साधारण नमक से अधिक उपयोगी माना जाता है. आयुर्वेद के डॉक्टर पल्लव प्रजापति ने लोकल 18 से बताया कि इसका स्वाद हल्का खट्टा-नमकीन और सुगंध विशिष्ट होती है, जो किसी भी व्यंजन को अलग पहचान देती है. आज के समय में गलत खान-पान और अनियमित जीवनशैली के कारण पाचन संबंधी समस्याएं जैसे गैस, अपच, पेट फूलना और कब्ज आम हो गई हैं, ऐसे में काला नमक एक प्राकृतिक उपचार के रूप में काफी कारगर साबित होता है. इसकी तासीर गर्म होती है और यह पाचन क्रिया को तेज करने में मदद करता है. उन्होंने बताया कि यह पेट में बनने वाली गैस को कम करता है और भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. यही कारण है कि कई लोग भारी भोजन के बाद चुटकी भर काला नमक लेना पसंद करते हैं. काला नमक शरीर के मेटाबॉलिज्म को सुधारने में भी मदद करता है. यह शरीर में पित्त को संतुलित रखने का काम करता है, जिससे पाचन तंत्र सुचारू रूप से कार्य करता है. Add News18 as Preferred Source on Google आगे उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सुबह पेट साफ न होने की समस्या रहती है, तो गुनगुने पानी के साथ एक चुटकी काला नमक लेना लाभदायक हो सकता है. यह शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है और आंतों को साफ रखने में मदद करता है. हालांकि, काले नमक का सेवन करते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है. वहीं, डॉक्टर ने बताया कि किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है और काला नमक भी इसका अपवाद नहीं है. जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर यह शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. विशेष रूप से जिन लोगों को उच्च रक्तचाप (हाई बीपी), किडनी से जुड़ी समस्याएं या हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याएं हैं, उन्हें काले नमक का सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए. डॉक्टर पल्लव ने बताया कि ऐसे लोगों को खाली पेट काला नमक लेने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका उपयोग करना चाहिए. काला नमक सिर्फ आंतरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि बाहरी उपयोग के लिए भी लाभकारी होता है. जोड़ों के दर्द में राहत पाने के लिए काले नमक और गर्म रेत की पोटली से सिकाई करना एक पारंपरिक और प्रभावी उपाय माना जाता है. वहीं, उन्होंने बताया कि यह दर्द को कम करने और सूजन को घटाने में मदद करता है. गर्मियों के मौसम में काला नमक विशेष रूप से उपयोगी होता है. पेट की जलन और अपच को दूर करने के लिए छाछ में भुना हुआ जीरा और काला नमक मिलाकर पीना एक बेहतरीन घरेलू उपाय है. यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. बता दें कि यह कहा जा सकता है कि काला नमक एक प्राकृतिक औषधि की तरह कार्य करता है, जो सही मात्रा और सही तरीके से उपयोग करने पर कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिला सकता है. इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है, बशर्ते इसका सेवन संतुलित रूप में किया जाए. First Published : April 20, 2026, 11:49 IST
चलती कार में लगी आग, परिवार ने बमुश्किल बचाई जान:ग्वालियर में शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था परिवार, गाड़ी जलकर खाक

ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक चलती कार में आग लग गई। आमखो रोड पर हुई इस घटना में कार में सवार एक परिवार ने बमुश्किल अपनी जान बचाई। परिवार शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। बताया गया कि कार सामान्य गति से चल रही थी, तभी अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। चालक ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए गाड़ी रोकी और परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही पलों में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इलेक्ट्रिक कार से जा रहे थे इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में यह दृश्य कैद कर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार धू-धू कर जल रही है और आसपास खड़े लोग सुरक्षित दूरी बनाकर स्थिति को देख रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह एक बैटरी वाली गाड़ी थी जिसमें अचानक आग लगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। हालांकि, कार में आग लगने के दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम

शिवपुरी में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक टीम ने नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापा मारा। इस दौरान अवैध उत्खनन में लगी एक पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर रविवार शाम एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान पनडुब्बी मशीन के माध्यम से अवैध उत्खनन किया जा रहा था, जिसे तुरंत जब्त कर नष्ट कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अवैध उत्खनन गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले करैरा तहसील के थनरा चौकी क्षेत्र में भी अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस को सौंपा गया था। प्रशासन की लगातार सख्ती से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
Udhampur Bus Accident Tragedy Video Update

उधमपुरकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक उधमपुर के कगोट इलाके में हादसे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। जम्मू के उधमपुर में सोमवार सुबह एक बस हादसे का शिकार हो गई। रामनगर से आ रही बस जालो के पास सड़क से 100 फीट नीचे गिरकर पलट गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, कई यात्री घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर बताया कि हादसे का शिकार हुई बस पब्लिक ट्रांसपोर्ट की थी। बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है। भारी जान-माल के नुकसान की आशंका है। घायलों को हरसंभव मदद मुहैया कराई जा रही है। गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट किया जाएगा। DIG शिवा कुमार शर्मा (रियासी-ऊधमपुर रेंज) ने न्यूज एजेंसी IANS को बताया कि 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। हादसे की 3 तस्वीरें… बस 100 फीट ऊंचाई से चट्टानों पर गिर गई। बचाव के लिए क्रेन और सुरक्षाबलों के साथ स्थानीय लोग भी पहुंचे। हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। —————————- ये खबर भी पढ़ें… जम्मू में सेना की गाड़ी 400-फीट गहरी खाई में गिरी, 10 जवानों की जान गई, 11 घायल; बर्फ के कारण फिसली थी गाड़ी इससे पहले जनवरी में जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। जिसमें 10 जवानों की मौत हो गई थी, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया था। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रविवार देर रात लालगांव रोड पर भीषण सड़क हादसा:बाइक सवार की मौके पर मौत, महिला गंभीर घायल

रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। लालगांव रोड स्थित ग्राम सौर के पास एक बाइक और पिकअप वाहन की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बाइक सवार व्यक्ति एक महिला को लेकर बैकुंठपुर से लालगांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान सौर गांव के पास सामने से आ रहे पिकअप वाहन से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में घायल महिला को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल मृतक और घायल महिला की पहचान नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस पिकअप वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
एक्टर राकेश बेदी बोले- 'धुरंधर 3' नहीं आएगी:जासूस अपने देश लौट गया, इसलिए कहानी खत्म; लेकिन नई कास्ट के साथ बन सकती है फिल्म

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद अब फैंस इसके तीसरे पार्ट धुरंधर 3 का इंतजार कर रहे हैं। अब इस पर फिल्म में जमील जमाली का किरदार निभाने वाले सीनियर एक्टर राकेश बेदी का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ किया है कि फिलहाल तीसरे पार्ट की कोई संभावना नहीं दिख रही है क्योंकि फिल्म की कहानी पूरी हो चुकी है। क्यों नहीं आएगा तीसरा पार्ट? राकेश बेदी ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की कहानी जहां खत्म हुई है, वहां से उसे आगे बढ़ाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि तीसरा पार्ट आएगा। कहानी के आखिर में जासूस (रणवीर सिंह) अपने देश वापस लौट जाता है, इसलिए वह कहानी वहीं खत्म हो जाती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘धुरंधर’ एक बड़ी फ्रेंचाइजी है। इसे भविष्य में किसी और कहानी और दूसरे एक्टर्स के साथ किसी भी समय बनाया जा सकता है। जमील जमाली के किरदार पर कही ये बात फिल्म में राकेश बेदी का किरदार ‘जमील जमाली’ दर्शकों के लिए एक बड़ा सरप्राइज था। राकेश ने कहा, दर्शकों के लिए यह एक बड़ा हाईलाइट था। हमें पता था कि इससे हलचल होगी। पार्ट 1 की सफलता के बाद दर्शकों का नजरिया बदल गया था। लोग फिल्म को केवल देखने नहीं जा रहे थे, बल्कि वे यह जानने के लिए बहुत एक्साइटेड थे कि पार्ट 2 में क्या होता है। अब वही दर्शक पार्ट 3 की मांग कर रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दोनों फिल्मों ने मिलकर वर्ल्डवाइड 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया है। दिसंबर 2025 में आई पहली फिल्म ने करीब 1300 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था। वहीं मार्च 2026 में रिलीज हुई ‘धुरंधर: द रिवेंज’ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 1100 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली हिंदी फिल्म बन गई है। वर्ल्डवाइड लेवल पर यह अब तक 1700 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा चुकी है।
एक्टर राकेश बेदी बोले- 'धुरंधर 3' नहीं आएगी:जासूस अपने देश लौट गया, इसलिए कहानी खत्म; लेकिन नई कास्ट के साथ बन सकती है फिल्म

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद अब फैंस इसके तीसरे पार्ट धुरंधर 3 का इंतजार कर रहे हैं। अब इस पर फिल्म में जमील जमाली का किरदार निभाने वाले सीनियर एक्टर राकेश बेदी का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ किया है कि फिलहाल तीसरे पार्ट की कोई संभावना नहीं दिख रही है क्योंकि फिल्म की कहानी पूरी हो चुकी है। क्यों नहीं आएगा तीसरा पार्ट? राकेश बेदी ने एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म की कहानी जहां खत्म हुई है, वहां से उसे आगे बढ़ाना मुश्किल है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि तीसरा पार्ट आएगा। कहानी के आखिर में जासूस (रणवीर सिंह) अपने देश वापस लौट जाता है, इसलिए वह कहानी वहीं खत्म हो जाती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘धुरंधर’ एक बड़ी फ्रेंचाइजी है। इसे भविष्य में किसी और कहानी और दूसरे एक्टर्स के साथ किसी भी समय बनाया जा सकता है। जमील जमाली के किरदार पर कही ये बात फिल्म में राकेश बेदी का किरदार ‘जमील जमाली’ दर्शकों के लिए एक बड़ा सरप्राइज था। राकेश ने कहा, दर्शकों के लिए यह एक बड़ा हाईलाइट था। हमें पता था कि इससे हलचल होगी। पार्ट 1 की सफलता के बाद दर्शकों का नजरिया बदल गया था। लोग फिल्म को केवल देखने नहीं जा रहे थे, बल्कि वे यह जानने के लिए बहुत एक्साइटेड थे कि पार्ट 2 में क्या होता है। अब वही दर्शक पार्ट 3 की मांग कर रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दोनों फिल्मों ने मिलकर वर्ल्डवाइड 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया है। दिसंबर 2025 में आई पहली फिल्म ने करीब 1300 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था। वहीं मार्च 2026 में रिलीज हुई ‘धुरंधर: द रिवेंज’ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 1100 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली हिंदी फिल्म बन गई है। वर्ल्डवाइड लेवल पर यह अब तक 1700 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा चुकी है।
ग्वालियर में पारा 42.4 डिग्री पर पहुंचा:सीजन का सबसे गर्म दिन, रातें भी हो रही गर्म; जनजीवन प्रभावित

ग्वालियर में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं रविवार की रात भी गर्म रही और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक करीब आठ घंटे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिली। लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडी जगहों का सहारा लेते नजर आए। पश्चिमी विक्षोभ से हल्की राहत के आसार मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन इसका असर सीमित रहने की संभावना है। पिछले दिनों के तापमान पर नजर डालें तो बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। 15 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, 16 अप्रैल को 40.5 डिग्री, 17 अप्रैल को 41.9 डिग्री, 18 अप्रैल को 42.1 डिग्री और 19 अप्रैल को 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि गर्मी लगातार अपने चरम की ओर बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की इधर, बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है।








