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खबर हटके- भालू बनकर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों की ठगी:चोरों ने मकान मालिक को डांटा- ताले क्यों नहीं लगाते; इंसानों को धोने वाली वॉशिंग मशीन

खबर हटके- भालू बनकर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों की ठगी:चोरों ने मकान मालिक को डांटा- ताले क्यों नहीं लगाते; इंसानों को धोने वाली वॉशिंग मशीन

अमेरिका में 4 युवकों ने भालू बनकर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों की ठगी कर डाली। वहीं, उत्तर प्रदेश में चोरों ने मकान मालिक को घर में ताला न लगाने पर डांट दिया। उधर, जापान में इंसानों को धोने वाली वॉशिंग मशीन बाजार में आ गई है। इधर, छत्तीसगढ़ में फाइल भूल जाने पर युवक ने अधिकारी को बादाम दे दिए। वहीं, ब्रिटेन में फर्जी मेसेज के जरिए ₹74 करोड़ की क्रिप्टो करेंसी चोरी कर ली गई। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Summer Heart Attack Risk; Heat Wave Dehydration Impact; Cardiologist Disease

Summer Heart Attack Risk; Heat Wave Dehydration Impact; Cardiologist Disease

Hindi News Lifestyle Summer Heart Attack Risk; Heat Wave Dehydration Impact; Cardiologist Disease 33 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक गर्मियों में पसीने और थकान की समस्या कॉमन है। इस दौरान हार्ट बीट में बदलाव भी होता है। अमूमन लोग इसे मौसम का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन तेज गर्मी में डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है। इसके चलते हार्ट पर वर्कलोड बढ़ सकता है। ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ (AHA) के मुताबिक, गर्मी बढ़ने पर कार्डियोवस्कुलर इमरजेंसी और हॉस्पिटल विजिट्स बढ़ जाती हैं। खासतौर पर बुजुर्गों और हार्ट पेशेंट्स को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज जानेंगे कि गर्मियों में हार्ट पर क्या असर पड़ता है। साथ ही जानेंगे कि- कार्डियोवस्कुलर डिजीज का किसे ज्यादा रिस्क होता है? कौन-सी आदतें ये रिस्क बढ़ा सकती हैं? हार्ट को हेल्दी रखने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं? सवाल- गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने से हार्ट पर क्या प्रभाव पड़ता है? जवाब- गर्मी बढ़ने पर बॉडी को अपना कोर टेम्परेचर कंट्रोल करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका हार्ट पर ये असर होता है- वैसोलिडेशन (ब्लड वेसल्स का फैलना) होता है, इससे बीपी लो हो सकता है। हार्ट को बॉडी कूलिंग के लिए स्किन की तरफ ब्लड फ्लो बढ़ाना पड़ता है। हार्ट कूलिंग में बिजी होता है तो सभी ऑर्गन्स तक ब्लड पहुंचाने में ज्यादा मेहनत पड़ती है। पसीने से फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट्स घटने पर हार्ट रेट प्रभावित होती है। ओवरहीटिंग होने पर बॉडी की ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ती है, जिससे हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है। सवाल- क्या गर्मियों में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है? जवाब- हां, तेज गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी से ब्लड गाढ़ा हो सकता है, जिससे- हार्ट को ब्लड पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ओवरहीटिंग और लो BP से हार्ट पर स्ट्रेस बढ़ सकता है। जिन्हें कोई कार्डियोवस्कुलर डिजीज है, उन्हें ज्यादा जोखिम होता है। सवाल- क्या हीट वेव के दौरान हार्ट-अटैक के केसेज बढ़ जाते हैं? जवाब- हां, ‘यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी’ के मुताबिक, हीट वेव में हार्ट अटैक के केस बढ़ जाते हैं। दरअसल, हीट वेव के कारण डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट इंंबैलेंस हो सकता है, जिससे- ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ता है, हार्ट रेट बढ़ जाती है। हीट स्ट्रोक होने पर हार्ट फंक्शनिंग प्रभावित हो सकती है। पर्याप्त कूलिंग और पानी न मिलने पर रिस्क बढ़ सकता है। सवाल- क्या डिहाइड्रेशन होने पर हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ सकता है? जवाब- डिहाइड्रेशन होने पर शरीर में ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है। इससे हार्ट को ब्लड पंप करने में ज्यादा दबाव पड़ता है। ब्लड गाढ़ा होने से क्लॉटिंग का रिस्क बढ़ सकता है। इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस से हार्टबीट अनियमित हो सकती है। लंबे समय तक डिहाइड्रेशन से कार्डियोवस्कुलर रिस्क बढ़ जाता है। सवाल- गर्मी के मौसम में और हीटवेव में हार्ट अटैक केसेज बढ़ने का कारण क्या हैं? जवाब- गर्मी बढ़ने पर शरीर होमियोस्टेसिस (बॉडी का कोर टेम्परेचर कंट्रोल करने की प्रक्रिया) एक्टिव कर देता है। इससे हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ज्यादा पसीने से फ्लूइड और मिनरल लॉस हो सकता है। शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है। ओवरहीटिंग से हार्ट रेट और ऑक्सीजन डिमांड बढ़ सकती है। इसलिए लंबे समय तक ज्यादा गर्मी रहने से हार्ट अटैक के केसेज बढ़ जाते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- हार्ट अटैक के लक्षण क्या हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? क्या ये गर्मियों में अलग हो सकते हैं? जवाब- हार्ट अटैक होने पर अचानक हार्ट तक ब्लड सप्लाई कम हो जाती है, जिससे टिश्यू डैमेज होने लगते हैं। इससे असहजता महसूस होती है। गर्मियों में इसके साथ डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के लक्षण भी दिख सकते हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को गर्मियों में हार्ट अटैक का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ लोगों को इसका ज्यादा रिस्क है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर बीपी, डायबिटीज या मोटापे की समस्या है तो क्या इससे भी हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, हाई BP में ब्लड वेसल्स पर लगातार दबाव रहता है, जिससे हार्ट पर लोड बढ़ता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर ज्यादा रहने से नर्व्स और हार्ट टिश्यू डैमेज हो सकते हैं। मोटापे से शरीर की ऑक्सीजन जरूरत और कार्डियक वर्कलोड बढ़ जाता है। इन सभी कंडीशंस में ब्लड क्लॉटिंग का ज्यादा रिस्क रहता है। सवाल- गर्मियों में कौन-सी आदतें हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिनसे बचना चाहिए? जवाब- ये आदतें हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं- तेज धूप में लंबे समय तक बिना ब्रेक काम करना। कम पानी पीना और कैफीन या एनर्जी ड्रिंक लेना। हैवी, ऑयली और ज्यादा नमक वाला भोजन करना। बहुत देर रात कर जागना। इंटेंस एक्सरसाइज या ओवरवर्क करना। स्ट्रेस और गुस्सा कंट्रोल न करना। सवाल- गर्मियों में हेल्दी हार्ट के लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव- सुबह या शाम मॉडरेट वॉक और योग करें। दिन में काम के बीच ब्रेक लें और शरीर को आराम दें। वजन संतुलित रखने के लिए डेली एक्टिव रूटीन अपनाएं। माइंडफुल ब्रीदिंग या मेडिटेशन से नर्वस सिस्टम को कूल रखें। मौसम के अनुसार हल्के कपड़े पहनें और आरामदायक शेड्यूल रखें। आउटडोर प्लानिंग करते समय टेम्परेचर और हीट इंडेक्स का ध्यान रखें। सवाल- गर्मियों में हार्ट हेल्थ के लिए कैसी डाइट लेनी चाहिए? जवाब- हेल्दी हार्ट के लिए पानी से भरपूर फल खाएं। पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- जिन लोगों को कोई हार्ट डिजीज है, उन्हें गर्मियों में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- तेज धूप और हीट एक्सपोजर से बचने के लिए ये करें- टेम्परेचर बढ़ने पर भारी काम या इंटेंस एक्सरसाइज करने से बचें। कूल, हवादार और शेड वाली जगह पर रहें। मेडिकेशन पर हैं तो दवाएं सही समय पर लें। हार्ट हेल्थ के लिए सुपाच्य, कम नमक और कम फैट वाली डाइट लें। ट्रैवल या आउटडोर एक्टिविटी से पहले अपनी हेल्थ कंडीशन मॉनिटर करें। असामान्य थकान या धड़कन तेज होने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें। सवाल- अगर तेज गर्मी में हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- सबसे पहले तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं

Odisha Mid-Day Meal Death Case; Fermented Rice Health Risk

Odisha Mid-Day Meal Death Case; Fermented Rice Health Risk

Hindi News Lifestyle Odisha Mid Day Meal Death Case; Fermented Rice Health Risk | Summer Bacteria Growth 2 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सरकारी स्कूल में फर्मेंटेड चावल खाने के बाद एक 12 साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं 150 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों ने पखाला भात (फर्मेंटेड चावल), आलू भरता और आम की चटनी खाई थी। इसे खाने के तुरंत बाद उल्टी, दस्त और बेचैनी जैसे लक्षण सामने आए। दरअसल, गर्मियों में ज्यादा टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी के कारण फर्मेंटेशन प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे खाना जल्दी खराब होता है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- ओवर-फर्मेंटेशन क्या है और ये क्यों खतरनाक है? गर्मियों में फर्मेंटेशन तेजी से क्यों होता है? फूड फर्मेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें? एक्सपर्ट: डॉ. गौरव जैन, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइडटुडे’ सवाल- फर्मेंटेड फूड क्या होता है? जवाब- फर्मेंटेड फूड वो है, जिसे खमीरीकरण की प्रक्रिया (फर्मेंटेशन) से तैयार किया जाता है। पॉइंटर्स से समझते हैं- इस प्रोसेस में बैक्टीरिया, यीस्ट या अन्य माइक्रोऑर्गेनिज्म स्टार्च और शुगर को एसिड या अल्कोहल में बदल देते हैं। इससे खाने का स्वाद, टेक्सचर और न्यूट्रिशन बदल जाता है। इन फूड आइटम्स में प्रोबायोटिक्स जैसे गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं। दही, इडली-डोसा का बैटर, अचार इसके कॉमन उदाहरण हैं। सवाल- फर्मेंटेशन की प्रक्रिया कैसे काम करती है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझते हैं- 1. कच्चा फूड बेस दूध, आटा, सब्जियां या चावल। इनमें नेचुरल शुगर (कार्ब) होती है। 2. माइक्रोऑर्गेनिज्म (बैक्टीरिया/यीस्ट) बैक्टीरिया/यीस्ट प्राकृतिक रूप से फूड में मौजूद होते हैं। कई बार उन्हें बाहर से मिलाया जाता है। जैसे हम जामन से दही जमाते हैं या ब्रेड के आटे में यीस्ट मिलाते हैं। 3. शुगर का टूटना बैक्टीरिया/यीस्ट शुगर को ‘खाकर’ उसे तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया को केमिकल ब्रेकडाउन कहते हैं। 4. नए पदार्थ बनना शुगर टूटकर लैक्टिक एसिड, गैस या अल्कोहल में बदलती है। जैसे- दही से लैक्टिक एसिड या ब्रेड/डोसा बैटर से गैस (CO₂)। 5. स्वाद और टेक्सचर खाना थोड़ा खट्टा, फूला हुआ और सॉफ्ट हो जाता है। यही फर्मेंटेशन का असर है। 6. प्रिजर्वेशन बना हुआ एसिड खराब बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। इसलिए कुछ समय तक खाना सुरक्षित रहता है। सवाल- गर्मियों में फर्मेंटेशन तेजी से क्यों होता है? जवाब- इसकी वजह हाई टेम्परेचर और माइक्रोऑर्गेनिज्म की एक्टिवनेस है। गर्मी में बैक्टीरिया और यीस्ट तेजी से बढ़ते हैं। जैसेकि- फर्मेंटेशन में शामिल एंजाइम हाई टेम्परेचर में ज्यादा तेजी से रिएक्शन करते हैं। खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट जल्दी एसिड या गैस में बदल जाते हैं। गर्मियों में ह्यूमिडिटी भी ज्यादा होती है। यह माइक्रोऑर्गेनिज्म की ग्रोथ को और बढ़ाते है। सवाल- ओवर-फर्मेंटेशन क्या है और ये क्यों खतरनाक है? जवाब- जब किसी फूड को जरूरत से ज्यादा समय तक फर्मेंट होने दिया जाता है, तो उसे ओवर-फर्मेंटेशन कहते हैं। ये कई तरह से खतरनाक होता है। जैसे- खाना जरूरत से ज्यादा खट्टा हो जाता है। ज्यादा समय तक रखने पर बैड बैक्टीरिया पनप सकते हैं। ओवर-फर्मेंटेड फूड में हिस्टामिन ज्यादा बन सकता है। इससे सिरदर्द, स्किन रैश, एलर्जी जैसे रिएक्शन हो सकते हैं। इसके कारण पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सवाल- गर्मियों में फर्मेंटेड फूड के खराब होने का रिस्क ज्यादा क्यों होता है? जवाब- गर्मियों में तापमान, नमी और माइक्रोऑर्गेनिज्म की तेज एक्टिविटी मिलकर फर्मेंटेड फूड को जल्दी खराब कर देते हैं। इससे- फर्मेंटेशन जरूरत से ज्यादा तेज होकर ओवर-फर्मेंटेशन में बदल जाता है। गर्म माहौल ‘गुड’ के साथ ‘बैड’ बैक्टीरिया के लिए भी आदर्श होता है। ज्यादा फर्मेंटेशन से एसिडिटी और गैस प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इससे स्वाद बहुत खट्टा, बदबूदार हो जाता है। टेक्सचर भी खराब हो जाता है। सवाल- गर्मियों में ओवर फर्मेंटेड फूड खाने से क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? जवाब- गर्मियों में फर्मेंटेशन तेज हो जाता है, जिससे फूड जल्दी ओवर-फर्मेंट हो सकता है। यह कंडीशन फर्मेंटेशन के फायदे को नुकसान में बदल देती है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बन सकती है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लोगों को फर्मेंटेड फूड खाते समय सावधान रहना चाहिए? जवाब- फर्मेंटेड फूड हर किसी के लिए सेफ नहीं होता। कुछ लोगों में इसका रिएक्शन जल्दी होता है। इसलिए उन्हें इसे खाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या गर्मियों में फर्मेंटेड फूड बिल्कुल नहीं खाना चाहिए? जवाब- नहीं, पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है। अगर फर्मेंटेड फूड सही तरीके से तैयार व स्टोर किए जाएं तो गर्मियों में भी खाए जा सकते हैं। सवाल- कैसे जानें कि फर्मेंटेड फूड खराब हो गया है? जवाब- फर्मेंटेड फूड में हल्का खट्टापन और खास स्मेल सामान्य है। यह फर्मेंटेशन का हिस्सा है। लेकिन जब यही बदलाव ‘असामान्य’ हो जाए, तो समझिए फूड खराब हो चुका है। जैसे- सामान्य खट्टेपन की जगह तीखी, सड़ी या केमिकल जैसी स्मेल आए। ऊपर सफेद, हरे या काले धब्बे नजर आएं। बहुत ज्यादा चिपचिपा, स्लाइमी या पतला हो जाए। दही/बैटर में पानी अलग हो जाए। प्लास्टिक कंटेनर फूल जाए या खोलते समय बहुत तेज गैस निकले। यह ओवर-फर्मेंटेशन या खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसे फूड को टेस्ट करने की कोशिश भी न करें। सवाल- फर्मेंटेड फूड को सही तरीके से कैसे स्टोर करें? जवाब- गर्मियों में फर्मेंटेड फूड को सही तरीके से स्टोर करना सबसे अहम होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- घर में फूड फर्मेंट करते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- घर पर फर्मेंटेड फूड बनाते समय कुछ बेसिक नियम फॉलो करना जरूरी है। जैसे- सवाल- गर्मियों में कौन से फर्मेंटेड फूड खाना सेफ है? जवाब- गर्मियों में कुछ फर्मेंटेड फूड सेफ होते हैं। जैसे- दही छाछ इडली-डोसा बैटर (ताजा) अचार, जो कम समय में बने और जल्दी खत्म कर लिए जाएं। सवाल- गर्मियों में कौन से फर्मेंटेड फूड नहीं खाना चाहिए? जवाब- गर्मियों में ऐसे फर्मेंटेड फूड से बचना चाहिए, जो ज्यादा समय तक रखे गए हों, बहुत ज्यादा खट्टे हो गए हों या जिनमें कंटैमिनेशन का रिस्क ज्यादा हो। जैसे- बहुत पुराने अचार ओवर-फर्मेंटेड इडली/डोसा बैटर लंबे समय तक बाहर रखा दही या छाछ फंगस/मोल्ड लगे फूड

PBKS IPL 2026 Best Score

PBKS IPL 2026 Best Score

स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL के 29वें मैच में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हरा दिया। मुल्लांपुर में PBKS ने 19वें सीजन का बेस्ट स्कोर बनाया। LSG ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदला। वहीं ऐडन मार्करम ने एक ओवर में 32 रन खर्च कर दिए, उनके ओवर में प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने 5 छक्के लगाए। PBKS vs LSG: मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. पंत ने DRS नहीं लिया, विकेट का मौका गंवाया दूसरे ओवर में पंजाब के कूपर कोनोली LBW होने से बच गए। मोहसिन खान की फुल लेंथ गेंद पर कोनोली फ्लिक करना चाहते थे, लेकिन चूक गए और गेंद उनके पैड्स से टकरा गई। LBW की अपील हुई, लेकिन फील्ड अंपायर ने इसे नॉटआउट करार दिया। पंत ने काफी सोचने के बाद भी रिव्यू नहीं लिया। रिप्ले से पता चला कि बॉल लेग स्टंप पर लग रही थी, अगर वे रिव्यू ले लेते तो विकेट मिल जाता। कोनोली ने इसका फायदा उठाया और 87 रन की पारी खेल दी। कूपर कोनोली दूसरे ओवर में पवेलियन लौटने से बच गए। 2. मार्करम ने 32 रन का ओवर फेंका 13वें ओवर में कूपर कोनोली ने ऐडन मार्करम के खिलाफ लगातार 3 छक्के लगाए। उन्होंने पहली, दूसरी और तीसरी बॉल पर छक्के लगाए। इसी ओवर में प्रियांश आर्या ने आखिरी दो बॉल पर लगातार दो छक्के मारे। मार्करम के इस ओवर में 32 रन बने। मार्करम LSG के लिए एक ओवर में सबसे ज्यादा रन देने वाले बॉलर भी बन गए। उनसे पहले 2022 में रवि बिश्नोई ने RCB के खिलाफ 27 रन खर्च किए थे। यह प्लेऑफ का एलिमिनेटर मुकाबला था, जो कोलकाता में खेला गया था। ऐडन मार्करम ने 32 रन का ओवर फेंका। 3. प्रियांश-कोनोली ने बेस्ट पार्टनरशिप की प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने दूसरे विकेट के लिए 182 रन की पार्टनरशिप की। यह इस सीजन की बेस्ट पार्टनरशिप रही। इससे पहले मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा और रायन रिकेल्टन ने 148 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप की थी। दोनों ने कोलकाता के खिलाफ यह रन बनाए थे। प्रियांश और कोनोली ने अपनी पार्टनरशिप में मिलकर 16 छक्के लगाए। PBKS से IPL इतिहास में तीसरी बार ही 150 प्लस रन की पार्टनरशिप हुई। इससे पहले केएल राहुल और मयंक अग्रवाल ने 183 रन जोड़े थे। वहीं 2011 में एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श 206 रन की साझेदारी कर चुके हैं। प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने 182 रन की पार्टनरशिप की। 4. पंजाब ने सीजन का बेस्ट स्कोर पंजाब किंग्स ने पहले बैटिंग करते हुए 254 रन बनाए। यह 19वें IPL सीजन का बेस्ट स्कोर रहा। इससे पहले बेंगलुरु ने चेन्नई के खिलाफ 250 रन बनाए थे। RCB की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ भी 240 रन बना चुकी है। PBKS और RCB इस समय पॉइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमें हैं और दोनों ने ही पिछले सीजन का फाइनल खेला था। पंजाब किंग्स ने 254 रन बनाए। 5. लखनऊ ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदला लखनऊ सुपरजायंट्स ने अपना ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदल लिया। मिचेल मार्श के साथ ऐडन मार्करम की जगह आयुष बडोनी पारी की शुरुआत करने आए। टीम इससे पहले ऋषभ पंत से भी ओपन करा चुकी है। बडोनी 35 रन बनाकर आउट हुए, उन्होंने मार्श के साथ 61 रन की पार्टनरशिप की। मिचेल मार्श के साथ आयुष बडोनी ओपनिंग करने उतरे। 6. शशांक सिंह ने पूरन का कैच छोड़ा 14वें ओवर में निकोलस पूरन को जीवनदान मिल गया। ओवर की पांचवीं बॉल युजवेंद्र चहल ने गुड लेंथ पर गुगली फेंकी। पूरन ने बड़ा शॉट खेला, लेकिन गेंद लॉन्ग ऑन बाउंड्री की ओर हवा में खड़ी हो गई। शशांक गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। जीवनदान के वक्त पूरन 9 रन के स्कोर पर थे, वे इसका फायदा नहीं उठा सके और अगले ही ओवर में मार्को यानसन का शिकार हो गए। शशांक ने 18वें ओवर में ऐडन मार्करम और 19वें ओवर में मुकुल चौधरी का कैच भी छोड़ा। निकोलस पूरन 9 रन बनाकर आउट हुए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PBKS IPL 2026 Best Score

PBKS IPL 2026 Best Score

स्पोर्ट्स डेस्क2 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL के 29वें मैच में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को हरा दिया। मुल्लांपुर में PBKS ने 19वें सीजन का बेस्ट स्कोर बनाया। LSG ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदला। वहीं ऐडन मार्करम ने एक ओवर में 32 रन खर्च कर दिए, उनके ओवर में प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने 5 छक्के लगाए। PBKS vs LSG: मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. पंत ने DRS नहीं लिया, विकेट का मौका गंवाया दूसरे ओवर में पंजाब के कूपर कोनोली LBW होने से बच गए। मोहसिन खान की फुल लेंथ गेंद पर कोनोली फ्लिक करना चाहते थे, लेकिन चूक गए और गेंद उनके पैड्स से टकरा गई। LBW की अपील हुई, लेकिन फील्ड अंपायर ने इसे नॉटआउट करार दिया। पंत ने काफी सोचने के बाद भी रिव्यू नहीं लिया। रिप्ले से पता चला कि बॉल लेग स्टंप पर लग रही थी, अगर वे रिव्यू ले लेते तो विकेट मिल जाता। कोनोली ने इसका फायदा उठाया और 87 रन की पारी खेल दी। कूपर कोनोली दूसरे ओवर में पवेलियन लौटने से बच गए। 2. मार्करम ने 32 रन का ओवर फेंका 13वें ओवर में कूपर कोनोली ने ऐडन मार्करम के खिलाफ लगातार 3 छक्के लगाए। उन्होंने पहली, दूसरी और तीसरी बॉल पर छक्के लगाए। इसी ओवर में प्रियांश आर्या ने आखिरी दो बॉल पर लगातार दो छक्के मारे। मार्करम के इस ओवर में 32 रन बने। मार्करम LSG के लिए एक ओवर में सबसे ज्यादा रन देने वाले बॉलर भी बन गए। उनसे पहले 2022 में रवि बिश्नोई ने RCB के खिलाफ 27 रन खर्च किए थे। यह प्लेऑफ का एलिमिनेटर मुकाबला था, जो कोलकाता में खेला गया था। ऐडन मार्करम ने 32 रन का ओवर फेंका। 3. प्रियांश-कोनोली ने बेस्ट पार्टनरशिप की प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने दूसरे विकेट के लिए 182 रन की पार्टनरशिप की। यह इस सीजन की बेस्ट पार्टनरशिप रही। इससे पहले मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा और रायन रिकेल्टन ने 148 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप की थी। दोनों ने कोलकाता के खिलाफ यह रन बनाए थे। प्रियांश और कोनोली ने अपनी पार्टनरशिप में मिलकर 16 छक्के लगाए। PBKS से IPL इतिहास में तीसरी बार ही 150 प्लस रन की पार्टनरशिप हुई। इससे पहले केएल राहुल और मयंक अग्रवाल ने 183 रन जोड़े थे। वहीं 2011 में एडम गिलक्रिस्ट और शॉन मार्श 206 रन की साझेदारी कर चुके हैं। प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने 182 रन की पार्टनरशिप की। 4. पंजाब ने सीजन का बेस्ट स्कोर पंजाब किंग्स ने पहले बैटिंग करते हुए 254 रन बनाए। यह 19वें IPL सीजन का बेस्ट स्कोर रहा। इससे पहले बेंगलुरु ने चेन्नई के खिलाफ 250 रन बनाए थे। RCB की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ भी 240 रन बना चुकी है। PBKS और RCB इस समय पॉइंट्स टेबल की टॉप-2 टीमें हैं और दोनों ने ही पिछले सीजन का फाइनल खेला था। पंजाब किंग्स ने 254 रन बनाए। 5. लखनऊ ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदला लखनऊ सुपरजायंट्स ने अपना ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदल लिया। मिचेल मार्श के साथ ऐडन मार्करम की जगह आयुष बडोनी पारी की शुरुआत करने आए। टीम इससे पहले ऋषभ पंत से भी ओपन करा चुकी है। बडोनी 35 रन बनाकर आउट हुए, उन्होंने मार्श के साथ 61 रन की पार्टनरशिप की। मिचेल मार्श के साथ आयुष बडोनी ओपनिंग करने उतरे। 6. शशांक सिंह ने पूरन का कैच छोड़ा 14वें ओवर में निकोलस पूरन को जीवनदान मिल गया। ओवर की पांचवीं बॉल युजवेंद्र चहल ने गुड लेंथ पर गुगली फेंकी। पूरन ने बड़ा शॉट खेला, लेकिन गेंद लॉन्ग ऑन बाउंड्री की ओर हवा में खड़ी हो गई। शशांक गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। जीवनदान के वक्त पूरन 9 रन के स्कोर पर थे, वे इसका फायदा नहीं उठा सके और अगले ही ओवर में मार्को यानसन का शिकार हो गए। शशांक ने 18वें ओवर में ऐडन मार्करम और 19वें ओवर में मुकुल चौधरी का कैच भी छोड़ा। निकोलस पूरन 9 रन बनाकर आउट हुए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गैस, कब्ज और थकान से परेशान? गर्मियों में पिएं ये शरबत, सेहत में आएगा जबरदस्त बदलाव

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Last Updated:April 20, 2026, 03:01 IST गर्मी में पेट की दिक्कतें और शरीर में पानी की कमी आम हो जाती है. ऐसे मौसम में बेल का शरबत एक प्राकृतिक और हेल्दी ड्रिंक माना जाता है, जो पेट को राहत देने के साथ शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी देता है. ख़बरें फटाफट गर्मी का मौसम आते ही पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ने लगती हैं. अपच, गैस, कब्ज, पेट फूलना और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. तेज धूप और ज्यादा पसीना आने की वजह से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे समय में लोग राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले ठंडे पेय पीते हैं, लेकिन इनमें अक्सर ज्यादा चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं. इसके बजाय घर पर बना बेल का शरबत कहीं ज्यादा हेल्दी, सस्ता और प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ अंदर से तरोताजा रखने में भी मदद करता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, बेल का शरबत गर्मियों में शरीर को स्वस्थ रखने का पारंपरिक और असरदार उपाय है. बेल फल में फाइबर, प्रोटीन, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे गर्मियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से पाचन बेहतर रहता है और शरीर को जरूरी ऊर्जा भी मिलती है. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्तबेल में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसे पीने से कब्ज, गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह पेट साफ रखने में भी सहायक माना जाता है. दस्त और डायरिया में फायदेमंदगर्मी के मौसम में दस्त और पेट खराब होने की शिकायत बढ़ जाती है. बेल का शरबत पेट को शांत रखने और दस्त की समस्या में राहत देने वाला घरेलू उपाय माना जाता है. गर्मी में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर कमजोर और थका हुआ महसूस कर सकता है. बेल का शरबत शरीर को ठंडक देता है, पानी की कमी से बचाता है और दिनभर ताजगी बनाए रखने में मदद करता है. त्वचा और रक्त शुद्धि के लिए अच्छाबेल का शरबत शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद कर सकता है. इसे पीने से खून साफ रखने में सहायता मिलती है, जिसका असर त्वचा पर भी दिख सकता है. इससे त्वचा स्वस्थ और निखरी हुई नजर आ सकती है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि बेल का नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में मदद कर सकता है. इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रखने में सहायता मिल सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 20, 2026, 03:01 IST

भोपाल सेंट्रल जेल में बंदी ने किया सुसाइड:पेड़ से लटका मिला शव; हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था

भोपाल सेंट्रल जेल में बंदी ने किया सुसाइड:पेड़ से लटका मिला शव; हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था

भोपाल सेंट्रल जेल में रविवार की शाम को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने जेल में बनी गौशाला में रस्सी का फंदा बनाकर पेड़ के सहारे फांसी लगाई है। गांधीनगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शाम को गांधी मेडिकल कॉलेज स्थित मर्चुरी में शव रखवा दिया गया है। सोमवार की सुबह परिजनों की मौजूदगी में बॉडी का पीएम कराया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, गुड्डू आदिवासी (58), बाड़ी जिला रायसेन का रहने वाला है, वह साल 2017 से हत्या के मामले में सेंट्रल जेल में बंद था। वह जेल परिसर की गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य करता था। रविवार को भी वह अन्य बंदियों के साथ रोजाना की तरह गौशाला में काम करने गया था। हर रोज करीब 18 बंदी प्रहरी के साथ गौशाला में गायों की देखभाल के लिए जाते हैं। घटना वाले दिन गुड्डू ने सामान्य तरीके से काम किया, नए कपड़े पहने और ट्रैक्टर भी चलाया। शाम करीब 5.30 बजे लौटते समय गौशाला का पानी का पंप खुला रह गया था, जिस पर प्रहरी ने उसे पंप बंद करने के लिए वापस भेजा। जेल प्रहरी ने सबसे पहले देखा फंदे पर लटका हुआ शव काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर प्रहरी ने अंदर जाकर देखा, जहां गुड्डू पेड़ से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। उसने गायों के पैरों में बांधने वाली रस्सी से फांसी का फंदा बनाया था। जेल प्रशासन के अनुसार, मृतक से उसके परिवार के लोग मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है प्रारंभिक तौर पर पारिवारिक दूरी और मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो जेल अधिकारी से उसका विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

तमिलनाडु चुनाव 2026: करीबी मुकाबले जो विजेता का निर्धारण कर सकते हैं | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:20 अप्रैल, 2026, 00:43 IST राज्य भर में कड़ी लड़ाई की उम्मीद के साथ, प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों और क्षेत्रों द्वारा अगली सरकार के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद है तमिलनाडु चुनाव: हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि मुकाबला कठिन हो सकता है। (फ़ाइल) जैसे-जैसे 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, राजनीतिक परिदृश्य हाल के इतिहास में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और करीबी मुकाबले वाला होता जा रहा है। राज्य भर में कड़ी लड़ाई की उम्मीद के साथ, प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों और क्षेत्रों द्वारा अगली सरकार के निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाने की उम्मीद है। मुकाबला न केवल पारंपरिक शक्तियों, द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) और अन्नाद्रमुक (अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के बीच है, बल्कि अभिनेता विजय की तमिल मनीला कांग्रेस (टीएमसी) और सीमान की नाम तमिलर काची (एनटीके) जैसे नए खिलाड़ियों का भी उदय हो रहा है, जिससे यह चुनाव तेजी से खंडित हो गया है। प्रमुख युद्धक्षेत्र: पश्चिमी तमिलनाडु 2026 के चुनावों में सबसे करीबी नजर वाले क्षेत्रों में कोयंबटूर, सलेम, इरोड, तिरुप्पुर और धर्मपुरी के पश्चिमी जिले होंगे। पारंपरिक रूप से अन्नाद्रमुक के गढ़ रहे इन क्षेत्रों में द्रमुक का दबाव बढ़ रहा है, जिसका लक्ष्य 2021 में सत्ताधारी पार्टी की सीटों को पलटना है। यह भी पढ़ें: ये 4 ‘बेलवेदर’ सीटें जीतें, तमिलनाडु जीतें: क्या 2026 के चुनाव 1957 के पैटर्न को तोड़ देंगे? विशेष रूप से कोयंबटूर और सेलम में तीव्र युद्ध का मैदान होने की उम्मीद है, जहां डीएमके ने अपना प्रभाव बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। एआईएडीएमके की स्थापित उपस्थिति के बावजूद, 2026 का चुनाव दोनों पार्टियों के लिए एक परीक्षा होने का वादा करता है, जिसमें हर सीट पर कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है। बदलते राजनीतिक गठबंधन और अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) जैसी नई पार्टियों के प्रवेश से मामला और जटिल हो सकता है। इरोड और धर्मपुरी, प्रमुख शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने की संभावना है। ये निर्वाचन क्षेत्र ग्रामीण और शहरी आबादी के मिश्रण के लिए जाने जाते हैं, जो इन्हें दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। यहां अन्नाद्रमुक के प्रभुत्व को द्रमुक से चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जो स्थानीय शासन के मुद्दों के मद्देनजर मतदाताओं के बीच असंतोष का फायदा उठाने की उम्मीद कर रही है। पूम्पुहार और तटीय क्षेत्र 2026 के चुनावों में सबसे करीबी मुकाबले वाले निर्वाचन क्षेत्रों में से एक मयिलादुथुराई जिले का पूम्पुहार होगा। द्रमुक की निवेधा एम. मुरुगन को अन्नाद्रमुक के उम्मीदवार एस. पौनराज से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यह निर्वाचन क्षेत्र, जिसने राजनीतिक भाग्य में उतार-चढ़ाव देखा है, समग्र परिणाम में एक निर्णायक कारक हो सकता है। ऐतिहासिक रूप से दोनों पार्टियों का गढ़ रही यह सीट दो मजबूत उम्मीदवारों के बीच लड़ाई का गवाह बनेगी, जिनमें से प्रत्येक को अपनी-अपनी पार्टी मशीनरी का समर्थन प्राप्त होगा। द्रमुक के भीतर आंतरिक गुटबाजी की खबरें आ रही हैं, अगर मुरुगन अपने मतदाता आधार को बनाए रखने में विफल रहती हैं तो पूम्पुहार अन्नाद्रमुक के पक्ष में जा सकती है। राज्य के दक्षिणी हिस्से में नागापट्टिनम एक और क्षेत्र है जहां डीएमके को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस निर्वाचन क्षेत्र में द्रमुक के भीतर गुटबाजी बढ़ती देखी गई है, जिसमें प्रमुख सदस्यों के बीच अंदरूनी कलह की खबरें हैं। इस क्षेत्र में द्रमुक के पारंपरिक प्रभुत्व के बावजूद, इससे अन्नाद्रमुक को बढ़त मिल सकती है। यह भी पढ़ें: 2026 तमिलनाडु चुनाव: DMK के नेतृत्व वाली SPA, AIADMK के नेतृत्व वाले एनडीए में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं? उभरता हुआ राजनीतिक विखंडन 2026 के चुनावों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक राजनीतिक परिदृश्य का बढ़ता विखंडन होगा। अभिनेता विजय की टीवीके के प्रवेश और सीमान की एनटीके की निरंतर उपस्थिति से और अधिक प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है, खासकर उन निर्वाचन क्षेत्रों में जहां डीएमके और एआईएडीएमके पहले से ही कड़ी दौड़ में हैं। हालांकि इन नए खिलाड़ियों में बड़े दो बड़े खिलाड़ियों की व्यापक जमीनी उपस्थिति नहीं है, फिर भी दोनों पारंपरिक पार्टियों से वोट खींचने की संभावना है, जिससे किसी एक पार्टी के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना कठिन हो जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे राष्ट्रीय नेताओं के हाई-प्रोफाइल दौरों से मुकाबला और जटिल होने की उम्मीद है, जो राज्य भर में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के लिए प्रचार करेंगे। उनकी उपस्थिति तमिलनाडु के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मतदाताओं को प्रभावित कर सकती है, जहां राष्ट्रीय राजनीति अक्सर बड़ी भूमिका निभाती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 20 अप्रैल, 2026, 00:39 IST समाचार चुनाव तमिलनाडु चुनाव 2026: करीबी मुकाबले जो विजेता का निर्धारण कर सकते हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव(टी)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)डीएमके बनाम एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु राजनीतिक परिदृश्य(टी)कोयंबटूर चुनाव लड़ाई(टी)पूमपुहार निर्वाचन क्षेत्र प्रतियोगिता(टी)अभिनेता विजय टीवीके(टी)सीमन एनटीके पार्टी

अमेरिका में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत:1 से 14 साल के बच्चों को गोली मारी; पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी की मौत

अमेरिका में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत:1 से 14 साल के बच्चों को गोली मारी; पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी की मौत

अमेरिका के राज्य लुइसियाना के श्रेवेपोर्ट में रविवार सुबह 6 बजे एक व्यक्ति ने 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या कर दी। मृत बच्चों की उम्र 1 से 14 साल के बीच थी। पुलिस के मुताबिक मामला घरेलू विवाद से जुड़ा था। श्रेवेपोर्ट पुलिस प्रमुख वेन स्मिथ ने कहा कि उन्होंने ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा है। गोलीबारी वेस्ट 79वीं स्ट्रीट के 300 ब्लॉक में हुई। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया और एक कार लूटकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे मार गिराया। अभी तक गोलीबारी का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली चलाने वाला व्यक्ति मृतकों के परिवार से जुड़ा था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़ी फोटो, वीडियो या जानकारी साझा करें। शहर के मेयर टॉम आर्सेनो ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह शहर की सबसे त्रासद घटनाओं में से एक है। 16 अप्रैल को तुर्किये में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की 9 की मौत तुर्किये में बुधवार को एक मिडिल स्कूल में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की। इसमें एक शिक्षक समेत 9 छात्रों की मौत हुई, जबकि लगभग 13 लोग घायल हुए। हमलावर ने बाद में खुद को भी गोली मार ली। 6 घायलों की हालत गंभीर है। गवर्नर मुकेर्रम उनलुएर ने बताया कि हमलावर आठवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने बैग में पांच हथियार और सात मैगजीन लेकर स्कूल पहुंचा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये हथियार उसके पूर्व पुलिस अधिकारी पिता के हो सकते हैं। घटना के बाद इलाके में पुलिस तैनात किया गया और जांच शुरू की गई। गवर्नर के मुताबिक, हमलावर स्कूल के अंदर दो कक्षाओं में घुसा, जहां पांचवीं कक्षा के छात्र पढ़ रहे थे। उसने वहां अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है और उनका ऑपरेशन चल रहा है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में अस्पताल की लापरवाही से 331 बच्चे HIV पॉजिटिव:8 साल के बच्चे की मौत के बाद खुलासा, सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से फैला संक्रमण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ताउंसा शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। ये मामले नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज हुए। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या:1 से 14 साल के बच्चों को गोली मारी; पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी की मौत

अमेरिका में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या:1 से 14 साल के बच्चों को गोली मारी; पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी की मौत

अमेरिका के राज्य लुइसियाना के श्रेवेपोर्ट में रविवार सुबह 6 बजे एक व्यक्ति ने 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या कर दी। मृत बच्चों की उम्र 1 से 14 साल के बीच थी। पुलिस के मुताबिक मामला घरेलू विवाद से जुड़ा था। श्रेवेपोर्ट पुलिस प्रमुख वेन स्मिथ ने कहा कि उन्होंने ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा है। गोलीबारी वेस्ट 79वीं स्ट्रीट के 300 ब्लॉक में हुई। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया और एक कार लूटकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे मार गिराया। अभी तक गोलीबारी का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली चलाने वाला व्यक्ति मृतकों के परिवार से जुड़ा था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़ी फोटो, वीडियो या जानकारी साझा करें। शहर के मेयर टॉम आर्सेनो ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह शहर की सबसे त्रासद घटनाओं में से एक है। 16 अप्रैल को तुर्किये में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की 9 की मौत तुर्किये में बुधवार को एक मिडिल स्कूल में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की। इसमें एक शिक्षक समेत 9 छात्रों की मौत हुई, जबकि लगभग 13 लोग घायल हुए। हमलावर ने बाद में खुद को भी गोली मार ली। 6 घायलों की हालत गंभीर है। गवर्नर मुकेर्रम उनलुएर ने बताया कि हमलावर आठवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने बैग में पांच हथियार और सात मैगजीन लेकर स्कूल पहुंचा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये हथियार उसके पूर्व पुलिस अधिकारी पिता के हो सकते हैं। घटना के बाद इलाके में पुलिस तैनात किया गया और जांच शुरू की गई। गवर्नर के मुताबिक, हमलावर स्कूल के अंदर दो कक्षाओं में घुसा, जहां पांचवीं कक्षा के छात्र पढ़ रहे थे। उसने वहां अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है और उनका ऑपरेशन चल रहा है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में अस्पताल की लापरवाही से 331 बच्चे HIV पॉजिटिव:8 साल के बच्चे की मौत के बाद खुलासा, सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से फैला संक्रमण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ताउंसा शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। ये मामले नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज हुए। पूरी खबर पढ़ें…