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Fairness Cream Side Effects: जब लोग इसे ‘फेयरनेस क्रीम’ की तरह सालों-साल लगाते हैं, तो स्किन इसकी ‘एडिक्ट’ (आदी) हो जाती है. इसे अचानक छोड़ने पर चेहरा काला पड़ जाता है और चेहरे पर मवाद वाले दाने निकलने लगते हैं. हाल ही में श्रीनगर के प्रसिद्ध क्लिनिक ‘जरमीन एस्थेटिक्स’ से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को 15 साल तक स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद भारी पड़ा.
एक महिला को 15 साल तक स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद भारी पड़ा.
Skin thinning causes and treatment : आज के दौर में गोरी और बेदाग त्वचा पाने की चाहत में लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. सोशल मीडिया के चमक-धमक वाले विज्ञापनों और बिना किसी डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से मिलने वाली ‘फेयरनेस क्रीम’ का चलन भारत में एक महामारी की तरह बढ़ रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रातों-रात रंग साफ करने का दावा करने वाली ये क्रीम्स आपकी स्किन को हमेशा के लिए बर्बाद कर सकती हैं? हाल ही में श्रीनगर के प्रसिद्ध क्लिनिक ‘जरमीन एस्थेटिक्स’ से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को 15 साल तक स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल करना बेहद भारी पड़ा.
15 साल के इस्तेमाल से बर्बाद हुई स्किन
अक्सर लोग झाइयों (Pigmentation) या रंग साफ करने के लिए ऐसी क्रीम्स का सहारा लेते हैं जिनमें स्टेरॉयड की मात्रा बहुत अधिक होती है. इस मरीज ने भी पिछले 15 सालों से इन क्रीम्स को अपना ‘डेली स्किनकेयर’ समझकर इस्तेमाल किया. परिणाम स्वरूप, आज उनकी त्वचा की हालत इतनी गंभीर है कि उसे देख पाना भी मुश्किल है.
- त्वचा का कागज जैसा पतला होना (Skin Thinning):मरीज की त्वचा इतनी पतली हो गई है कि अब चेहरा अपनी प्राकृतिक मजबूती खो चुका है.
- दिखने वाली रक्त वाहिकाएं (Visible Blood Vessels): त्वचा की ऊपरी परत खत्म होने के कारण अंदर की नीली और लाल नसों का जाल चेहरे पर साफ दिखाई देने लगा है.
- गंभीर लालिमा और असहनीय जलन: धूप की किरणें हों या किचन में गैस के पास काम करना, चेहरा बुरी तरह लाल होकर जलने लगता है.
- अत्यधिक संवेदनशीलता: अब स्थिति यह है कि त्वचा पर साधारण पानी या मॉइस्चराइजर लगाना भी मरीज के लिए दर्दनाक हो गया है.
- परमानेंट पिगमेंटेशन: जिस झाई को हटाने के लिए उन्होंने ये क्रीम शुरू की थी, वह अब और भी गहरी, काली और जिद्दी हो गई है जिसे ठीक करना अब एक बड़ी चुनौती है.
स्किनकेयर नहीं, दवा है स्टेरॉयड क्रीम
श्रीनगर की मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. कुरत-उल-ऐन का स्पष्ट कहना है कि स्टेरॉयड क्रीम्स कोई ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं हैं; ये गंभीर दवाएं हैं. इनका इस्तेमाल केवल डॉक्टर के पर्चे पर एक्जिमा या सोरायसिस जैसी बीमारियों के इलाज के लिए बहुत सीमित समय के लिए किया जाता है. जब लोग इसे ‘फेयरनेस क्रीम’ की तरह सालों-साल लगाते हैं, तो स्किन इसकी ‘एडिक्ट’ (आदी) हो जाती है. इसे अचानक छोड़ने पर चेहरा काला पड़ जाता है और चेहरे पर मवाद वाले दाने निकलने लगते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘टॉपिकल स्टेरॉयड विड्रॉल’ (TSW) कहा जाता है.
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