Friday, 05 Jun 2026 | 08:37 PM

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ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार की नियुक्ति विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति को बार-बार जांच के दायरे में लाना उचित नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह बार-बार जांच करना कर्मचारी के अधिकारों के साथ अन्याय होगा। अदालत ने यह भी माना कि एक बार वैधानिक प्रक्रिया पूरी हो जाए तो उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी नहीं थी। लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया, जो नियमों के अनुरूप था। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया को पहले ही बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिल चुकी थी, ऐसे में तकनीकी त्रुटियों के आधार पर इसे चुनौती देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि न तो किसी असफल अभ्यर्थी ने चयन को चुनौती दी और न ही पक्षपात का कोई ठोस आरोप सामने आया। SBI छोड़कर जॉइन किया था पद मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर साल 2019 में संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद पर जॉइन किया था। नियुक्ति के बाद कुछ शिकायतों के आधार पर संस्थान ने कई जांच समितियां गठित कीं। इन समितियों ने चयन प्रक्रिया, पे प्रोटेक्शन और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए। यहां तक कि नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश भी कर दी गई थी।

लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। लेंसकार्ट शोरूम में ड्रेस कोड विवाद से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…

सैयारा फेम अनीत पड्डा के दादा का निधन:अल्जाइमर से लंबे समय से पीड़ित थे, एक्ट्रेस ने इमोशनल पोस्ट लिखा

सैयारा फेम अनीत पड्डा के दादा का निधन:अल्जाइमर से लंबे समय से पीड़ित थे, एक्ट्रेस ने इमोशनल पोस्ट लिखा

सैयारा फेम एक्ट्रेस अनीत पड्डा के दादा का निधन हो गया। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर निधन की जानकारी देते हुए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया। अनीत ने पोस्ट में लिखा, ‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा प्यार। आप धीरे-धीरे दूर जा रहे थे, लेकिन आपने ‘मक्खन’ को नहीं भुलाया। जब यादें साथ नहीं दे रही थीं, तब भी आपने प्यार को थामे रखा। अब मैं दोनों को संभालकर रखूंगी, आपकी यादें और आपका प्यार। हमारे साथ बिताए हर पल को मैं हमेशा अपने साथ रखूंगी। मैं एक अच्छी इंसान बनूंगी।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, आपके मजाक याद रखूंगी और हर मौके पर उन्हें दोहराऊंगी। आपकी अच्छाई और आपकी रोशनी को हर अंधेरे में फैलाऊंगी। आपकी कहानियां दुनिया को सुनाऊंगी। आपका प्यार अपने दिल में रखूंगी, आपने मुझे सबसे सच्चा और बिना शर्त वाला प्यार सिखाया है। पोस्ट के अंत में एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं आपको हमेशा अपने साथ लेकर चलूंगी। आज मैंने आसमान में सबसे चमकता तारा देखा और समझ गई कि आप वहीं हैं। मैं आपसे प्यार करती हूं… बहुत-बहुत प्यार करती हूं, दादू। हमेशा, समय से भी आगे तक।’ बता दें कि अनीत के दादा लंबे समय से अल्जाइमर की बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई थी कि वे अपना नाम और परिवार के सदस्यों तक को भूल चुके थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो अनीत जल्द ही डायरेक्टर मोहित सूरी की फिल्म में एक बार फिर एक्टर अहान पांडे के साथ नजर आएंगी। इसके अलावा वह मैडॉक की फिल्म शक्ति शालिनी में भी काम कर रही हैं।

Bihar JEE Main Topper Shubham Secures 100 Percentile, All India Rank 6

Bihar JEE Main Topper Shubham Secures 100 Percentile, All India Rank 6

गयाजी9 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE मेन 2026 (सेशन-1 और सेशन-2) का संयुक्त परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा में गया के शुभम कुमार ने बिहार टॉप किया है। शुभम ने 100 पर्सेंटाइल हासिल करते हुए पूरे देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। पहले सेशन में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था, और अब फाइनल रिजल्ट में उन्होंने कमाल कर दिखाया है। शुभम कुमार अब अपने अगले लक्ष्य JEE Advanced की तैयारी में जुट गए हैं। उनका सपना IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस में दाखिला लेना है। कुल 26 कैंडिडेट्स ने 100 परसेंटाइल हासिल किया है लेकिन इसमें एक भी महिला कैंडिडेट शामिल नहीं हैं। सभी फुल स्‍कोरर्स लड़के हैं। NTA ने ये भी बताया है कि कुल 2,50,182 छात्र JEE Advanced के लिए योग्य हुए हैं। माता-पिता के साथ शुभम कुमार(फाइल तस्वीर) परिवार का बहुत सहयोग मिला गया के शुभम कुमार ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल के छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों को दिया। शुभम ने बताया कि रिजल्ट देखने के बाद सबसे पहले उन्होंने यह खुशखबरी अपने माता-पिता को दी। उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसाय से जुड़े हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। परिवार का भरोसा और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने अपनी तैयारी को पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित बताया। शुभम के अनुसार, वे नियमित टाइम-टेबल के अनुसार पढ़ाई करते थे और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे। तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट और लगातार रिवीजन उनकी प्रमुख रणनीति रही। वे रोजाना करीब 10 से 12 घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने कहा, “24 घंटे पढ़ने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही रणनीति और निरंतर अभ्यास जरूरी है। बीच-बीच में ब्रेक लेकर खुद को तरोताजा रखते थे।” उन्हें कोचिंग संस्थान की ओर से 100% स्कॉलरशिप भी मिली थी। CM सम्राट ने दी बधाई शुभम के बिहार टॉपर बनने के बाद CM सम्राट ने बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, गयाजी जिले के शुभम कुमार द्वारा JEE मेन 2026 में राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त करना पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उनकी यह उपलब्धि समर्पण, कठोर परिश्रम और उत्कृष्टता का प्रतीक है। शुभम कुमार सहित सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। आप सभी की यह सफलता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, आप यूं ही प्रदेश और राष्ट्र का नाम रोशन करते रहें। NTA स्कोर के आधार पर रिजल्ट NTA के अनुसार, पेपर-1 के लिए कुल 16,04,854 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 15,38,468 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। NTA ने JEE मेन के फाइनल रिजल्ट के साथ ही JEE Advanced 2026 के लिए कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ भी जारी कर दी है। दोनों सेशन में शामिल अभ्यर्थियों के बेस्ट NTA स्कोर के आधार पर फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया है। कट-ऑफ के मुताबिक, सामान्य वर्ग के लिए 93.41 पर्सेंटाइल तय की गई है। इस आधार पर 96,873 अभ्यर्थी JEE Advanced के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में 82.41 पर्सेंटाइल पर 25,009, ओबीसी वर्ग में 80.92 पर्सेंटाइल पर 67,597 अभ्यर्थियों ने क्वालिफाई किया है। SC कैटेगरी के लिए 63.91 पर्सेंटाइल पर 37,522 और ST कैटेगरी के लिए 52.01 पर्सेंटाइल पर 18,790 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। वहीं, दिव्यांग श्रेणी में 0.0023 पर्सेंटाइल के साथ 4,391 अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है। सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 2,50,182 अभ्यर्थी JEE Advanced 2026 के लिए योग्य घोषित किए गए हैं। NTA ने स्पष्ट किया है कि तय कट-ऑफ के भीतर आने वाले अभ्यर्थी ही एडवांस्ड परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। एडवांस्ड में सफल अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर देश के प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में दाखिला मिलेगा। दोनों सेशंस मिलाकर कुल 26 टॉपर्स दोनों सेशंस में मिलाकर कुल 26 स्‍टूडेंट्स ने 100 पर्सेंटाइल स्‍कोर किया है। 100 पर्सेंटाइल स्कोर पाने वालों में सबसे ज्यादा 5-5 स्टूडेंट्स आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से हैं। इसके बाद राजस्थान से 4, दिल्ली से 3 और महाराष्ट्र और हरियाणा से 2-2 स्टूडेंट्स शामिल हैं। वहीं चंडीगढ़, बिहार, तमिलनाडु, ओडिशा और गुजरात से एक-एक छात्र ने यह उपलब्धि हासिल की है। पहले सेशन में भी 13 लाख ने परीक्षा दी एनटीए ने JEE Main सेशन 1 एग्जाम का आयोजन 21 से लेकर 29 जनवरी तक किया था। इसमें 13 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने भाग लिया था।स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। परीक्षा में भाग लेने वाले छात्र एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड दर्ज करके स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।

गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

गांधी सागर में चीतों 'प्रभास-पावक' का एक साल पूरा:नए माहौल में ढले, हाईटेक निगरानी में सुरक्षित और स्वस्थ

मन्दसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। यहां बसे दो चीतों ‘प्रभास’ और ‘पावक’ ने अपने प्रवास का एक वर्ष सोमवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल वन विभाग के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। दरअसल, इन दोनों चीतों को चीता प्रोजेक्ट के तहत 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गांधी सागर अभयारण्य में छोड़ा गया था। यह कदम प्रदेश में वन्यजीव पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया। नए माहौल में बेहतर तालमेल के संकेत एक साल के इस सफर में ‘प्रवास’ और ‘पावक’ ने नए वातावरण में खुद को सफलतापूर्वक ढालते हुए सकारात्मक संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों चीते स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों में स्वाभाविकता दिखाई दे रही है, जो इस परियोजना की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है। हाईटेक निगरानी में सुरक्षित हैं चीते वन विभाग द्वारा दोनों चीतों की लगातार और सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। अत्याधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम, जीपीएस कॉलर और विशेषज्ञों की टीम के माध्यम से उनके खान-पान, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो और वे प्राकृतिक परिवेश में सुरक्षित रह सकें। जैव विविधता संरक्षण में मील का पत्थर विशेषज्ञों का मानना है कि इन चीतों का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा करना मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। यह न केवल जैव विविधता को सशक्त करेगा, बल्कि भविष्य में अन्य वन्यजीव पुनर्वास परियोजनाओं के लिए भी एक सफल मॉडल के रूप में उभरेगा। भविष्य में बनेगा चीतों का स्थायी घर आने वाले समय में उम्मीद जताई जा रही है कि ‘प्रभास’ और ‘पावक’ न केवल यहां स्थायी रूप से बसेंगे, बल्कि गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। गांधी सागर अभयारण्य में चीतों का यह एक वर्ष का सफल सफर प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की एक नई कहानी लिख रहा है, जो आने वाले वर्षों में और भी बड़े परिणाम लेकर सामने आ सकता है।

लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कथित साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ “लॉरेंस ऑफ पंजाब” को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस भी सामने आई है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस फिल्म के खिलाफ प्रोडक्शन कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि यह न तो सुर्खियों के लिए है और न ही राजनीति के लिए। यह उन हर माताओं के लिए है जो आज भी अपने बेटे का इंतज़ार कर रही हैं, जो कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंजाब अभी भी अपने जख्मों से उबर रहा है, और इन जख्मों को मनोरंजन या कंटेंट में बदलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उन सभी निर्दोष लोगों को भी नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई जैसे नेटवर्क से जुड़ी हिंसा में अपनी जान गंवाई। उन्होंने आगे कहा कि कुछ कहानियां महिमामंडन के लिए नहीं होतीं और कुछ दर्द बेचने के लिए नहीं होता। राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने कानूनी रास्ता इसलिए चुना क्योंकि चुप रहना एक तरह का विश्वासघात होता। उनके मुताबिक, पंजाब को गरिमा चाहिए, यह सब नहीं। अब राजा वड़िंग की पोस्ट को तीन प्वाइंटों में जानें – 1. सिद्धू मूसेवाला की मौत हर एक पंजाबी और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान थी। आज ZEE5 उसी गैंगस्टर पर “लॉरेंस ऑफ पंजाब” नाम की डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनाने जा रहा है? 2. यह सिर्फ सिद्धू की बात नहीं है। इस अपराध नेटवर्क के कारण सैकड़ों पंजाबी अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार आज भी दर्द और शोक में जी रहे हैं। यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। 3. भगत सिंह पंजाब की पहचान हैं। हमारे सैनिक पंजाब की पहचान हैं। हमारे किसान पंजाब की पहचान हैं। कोई गैंगस्टर नहीं, कभी भी नहीं। मैं इसके खिलाफ PIL दायर कर रहा हूं। इस सीरीज पर रोक लगनी चाहिए। अब बहुत हो गया। 27 अप्रैल को रिलीज होनी है ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है। 2.16 मिनट की ट्रेलर को तीन प्वाइंटों जाने – 1. डॉक्यूमेंट्री का जो ट्रेलर रिलीज हुआ है, उसमें बताया गया है कि 1989- 1980 के दौर में पंजाब ने मिलिटेंसी का काला समय देखा। उस समय हालात ऐसे थे कि हर किसी को यह चिंता नहीं थी कि घर में खाने को रोटी है या नहीं, बल्कि हथियार होना ज्यादा जरूरी समझा जाता था। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें पत्रकार बताते हैं कि पंजाब के गैंगस्टरों का कोई ठोस मकसद नहीं होता। शो-ऑफ, नाम और फेम ही उन्हें आकर्षित करते हैं। एक सीनियर पत्रकार बताते हैं कि पहले पंजाब का कल्चर ऐसा था जहां भगत सिंह जैसे लोग हीरो माने जाते थे। अब लारेंस बिश्नोई हीरो है। 2. ट्रेलर में दिखाया गया है कि लॉरेंस के शूटर ने सलमान खान के घर पर गोलियां चलाईं। कपिल शर्मा, गिप्पी गरेवाल और रोहित शेट्टी के यहां भी फायरिंग करवाई गई। इसके बाद जेल में बंद लॉरेंस को दिखाया गया है। सिद्धू मूसेवाला की हवेली के दृश्य भी नजर आते हैं, जिसके बाद हत्या से जुड़ी कहानी को दिखाया जाता है। इसमें गोल्डी बराड़ से जुड़ी स्क्रीन शॉट जैसी चीजें भी दिखाई गई हैं। 3. चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी का बयान भी इसमें शामिल हैं, जो कहते हैं कि इस तरह की राह में सिर्फ नुकसान होता है। ऐसे लोग या तो पूरी जिंदगी जेल में रहते हैं या मारे जाते हैं। सूफी सिंगर हंसराज का भी इंटरव्यू है, जिसमें वे कहते हैं कि अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा ही मिलता है, लेकिन हम किसी की जिंदगी का किस्सा खत्म कर देते हैं। लॉरेंस का पंजाब और चंडीगढ़ से लिंक जानिए 1. चंडीगढ़ से पढ़ाई और छात्र राजनीति लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ में की। कॉलेज के समय से ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2012 में सेक्टर-10 के DAV कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान दो छात्र संगठनों में झगड़ा हुआ, जिसमें उस पर गेट तोड़ने और फायरिंग करने के आरोप लगे। चंडीगढ़ में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद वह पीछे नहीं मुड़ा। वह कॉलेज टाइम में छात्र राजनीति में सक्रिय था। उसके साथ राजनीति करने वाले उस समय के कई लोग आज पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। 2. सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड 2022 में पंजाब के मानसा में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसे मुख्य साजिशकर्ता माना गया। इसके अलावा 2025 में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में ‘पैरी’ नाम के युवक की हत्या और बुड़ैल में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में भी उसके गैंग का नाम सामने आया। पैरी कभी लॉरेंस का दोस्त था और ये सभी साथ पढ़ते थे। 3. जेल से टीवी इंटरव्यू 2023 में लॉरेंस ने पंजाब की जेल में रहते हुए एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। यह इंटरव्यू दो चरणों में प्रसारित हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल उठे और केस हाईकोर्ट तक पहुंच गया। जांच के लिए स्पेशल SIT गठित की गई। हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना। यह इंटरव्यू खरड़ CIA स्टाफ में हुआ था। 4. धमकी और रंगदारी लॉरेंस इस समय साबरमती जेल में बंद है, लेकिन दावा है कि उसका गैंग चंडीगढ़ और पंजाब में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में सक्रिय है। कई बार धमकी देने और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई लोगों को रंगदारी के लिए कॉल्स भी आ रही हैं।

टीकमगढ़ में यात्री बस पलटी, यात्रियों के सिर पर चोट:घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया; इंदौर से टीकमगढ़ आ रही बस

टीकमगढ़ में यात्री बस पलटी, यात्रियों के सिर पर चोट:घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया; इंदौर से टीकमगढ़ आ रही बस

टीकमगढ़ में आज मंगलवार सुबह बड़ागांव रोड पर एक यात्री बस पलट गई, जिसमें 10 से 15 लोग घायल हो गए। हादसा जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर के पास क्रॉसिंग के दौरान हुआ। बस सर्विस कंपनी की थी और इंदौर से टीकमगढ़ आ रही थी। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने मौके पर पहुंचकर बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ यात्रियों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अधिकांश को मामूली चोटें लगी हैं। पुलिस फिलहाल घटना के कारणों की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को उचित इलाज कराना है।

सूरत में AAP उम्मीदवार ने लहराया 90 लाख का सोना, दो बाउंसरों के साथ किया प्रचार! | सूरत समाचार

Union Home Minister Amit Shah's visit to Assam comes ahead of the state assembly elections, which are scheduled to be held this year. (File Image: PTI)

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 08:53 IST आप उम्मीदवार कल्पेश बारोट ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बाउंसरों के साथ 90 लाख रुपये का सोना पहनकर सूरत के वार्ड 1 में प्रचार किया। विरोधियों ने इसे पब्लिसिटी स्टंट बताकर खारिज कर दिया आप उम्मीदवार कल्पेश बारोट का तर्क है कि यह अधिनियम एक गंभीर चिंता को उजागर करने के लिए है: सार्वजनिक सुरक्षा। सूरत में चुनावों में कभी भी साज़िशों की कमी नहीं रही है, लेकिन इस सीज़न में, वार्ड नंबर 1 एक असामान्य कारण से ध्यान का केंद्र बन गया है। एक उम्मीदवार केवल भाषणों के माध्यम से नहीं, बल्कि एक आकर्षक दृश्य वक्तव्य के माध्यम से जनता की जिज्ञासा को आकर्षित करने में कामयाब रहा है, जो कि वह जहां भी जाता है, उसका अनुसरण करता है। सोना, रक्षक, और बढ़ती जिज्ञासा आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कल्पेश बारोट निर्वाचन क्षेत्र में सबसे चर्चित चेहरों में से एक बनकर उभरे हैं। हर बार जब वह प्रचार के लिए निकलते हैं, तो निवासी खुद को खिड़कियों से बाहर झाँकते और सड़कों पर इकट्ठा होते हुए पाते हैं। इस दृश्य को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है: बारोट भारी सोने की जंजीरों और अंगूठियों से सुसज्जित है, साथ में दो मांसल बाउंसर भी हैं जो हर समय करीब रहते हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, बारोट के पास लगभग 90 लाख रुपये का सोना है। इस धन को गुप्त रखने के बजाय, उन्होंने इसे सीधे अपने अभियान व्यक्तित्व में बुना है, इसे एक गतिशील प्रदर्शन में बदल दिया है जो सूरत की गलियों से होकर गुजरता है। धन के प्रदर्शन से कहीं अधिक पहली नज़र में, यह प्रदर्शन संपन्नता का सीधा-सीधा प्रदर्शन प्रतीत होता है। हालाँकि, बारोट इस बात पर ज़ोर देते हैं कि सोने और गार्डों के पीछे एक गहरा संदेश है। उनका तर्क है कि यह अधिनियम एक गंभीर चिंता को उजागर करने के लिए है: सार्वजनिक सुरक्षा। बारोट का कहना है कि खुले तौर पर मूल्यवान आभूषण पहनकर निजी सुरक्षा के साथ प्रचार करने का विकल्प चुनकर वह एक बड़ा सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं: यदि कोई राजनीतिक उम्मीदवार अपने सामान के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा की व्यवस्था करने के लिए मजबूर महसूस करता है, तो यह मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में क्या सुझाव देता है? इस अर्थ में, उनका अभियान दिखावे के बारे में कम और प्रतीकवाद के बारे में अधिक है। इस दृष्टिकोण के माध्यम से, वह चाहते हैं कि मतदाता इस पर विचार करें कि क्या वे वास्तव में अपने दैनिक जीवन में सुरक्षित महसूस करते हैं, और क्या निजी सुरक्षा पर निर्भरता सार्वजनिक पुलिसिंग में अंतर का संकेत देती है। ज़मीनी स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आश्चर्य की बात नहीं है कि इस रणनीति ने मतदाताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों के बीच समान रूप से व्यापक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। कुछ निवासी अपरंपरागत दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहते हैं कि यह कम से कम सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने में कामयाब रहा है, जैसा कि पारंपरिक अभियान अक्सर करने में विफल रहता है। हालाँकि, अन्य लोग सशंकित रहते हैं। विपक्षी दलों ने इस कदम को पूरी तरह से ध्यान आकर्षित करने और वोट सुरक्षित करने के लिए बनाया गया एक सोचा-समझा स्टंट बताया है। उनका तर्क है कि इस तरह की नाटकीयता सड़क के बुनियादी ढांचे, पानी की आपूर्ति और बिजली जैसी अधिक महत्वपूर्ण नागरिक चिंताओं से ध्यान भटकाती है, जो मुद्दे सीधे निर्वाचन क्षेत्र में रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। एक कड़ा राजनीतिक मुकाबला इस ध्यान आकर्षित करने वाले अभियान का समय महत्वपूर्ण है। गुजरात में 26 अप्रैल को चुनाव होने हैं और सूरत में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, खासकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच। दांव ऊंचे होने के साथ, हर अभियान रणनीति की जांच की जा रही है, और बारोट की ‘स्वर्ण-केंद्रित’ पहुंच ने यह सुनिश्चित किया है कि वह मजबूती से सुर्खियों में बने रहें। सभी की निगाहें नतीजों पर हैं यह अपरंपरागत रणनीति चुनावी सफलता में तब्दील होती है या नहीं, यह देखना अभी बाकी है। क्या मतदाता इसे सुरक्षा पर एक साहसिक टिप्पणी के रूप में व्याख्या करेंगे, या इसे महज दिखावा कहकर खारिज कर देंगे? उत्तर तब स्पष्ट हो जाएगा जब 28 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे, जिससे यह निर्धारित होगा कि क्या कल्पेश बारोट का चमकदार अभियान एक स्थायी राजनीतिक प्रभाव छोड़ता है या एक क्षणभंगुर तमाशे के रूप में फीका पड़ जाता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : सूरत, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 08:53 IST समाचार शहर सूरत सूरत में AAP उम्मीदवार ने लहराया 90 लाख का सोना, दो बाउंसरों के साथ किया प्रचार! अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सूरत चुनाव(टी)कल्पेश बारोट सोना(टी)आप उम्मीदवार सूरत(टी)वार्ड नंबर 1 सूरत(टी)गुजरात चुनाव 2024(टी)राजनीतिक अभियान तमाशा(टी)कानून और व्यवस्था का मुद्दा(टी)राजनीति में निजी सुरक्षा