Saturday, 06 Jun 2026 | 11:09 AM

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SRKs Jawan 2 Prep | Villain Hunt After King Shoot

SRKs Jawan 2 Prep | Villain Hunt After King Shoot

3 घंटे पहले कॉपी लिंक शाहरुख खान अपनी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग पूरी करने के बाद ‘जवान’ के सीक्वल पर काम शुरू करेंगे। ‘जवान 2’ का शुरुआती काम पूरा हो चुका है। फिल्म की स्क्रिप्ट पिछले कई महीनों से लिखी जा रही थी, जिसे अब फाइनल कर लिया गया है। स्क्रिप्ट तैयार हुई, अब विलेन की तलाश ‘जवान 2’ का आइडिया काफी समय से पाइपलाइन में था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म की स्क्रिप्ट अब पूरी तरह तैयार है। ‘जवान’ में विजय सेतुपति ने विलेन का दमदार रोल निभाया था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। अब सीक्वल के लिए मेकर्स किसी बड़े साउथ सुपरस्टार को विलेन के तौर पर साइन करने की योजना बना रहे हैं। फिल्म की कास्टिंग को लेकर जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। डायरेक्टर एटली के साथ शाहरुख खान। एटली एक बार फिर साथ काम करेंगे इस सीक्वल के जरिए शाहरुख खान और डायरेक्टर एटली एक बार फिर साथ काम करेंगे। ‘जवान’ के साथ एटली ने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। जानकारी के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग अगले साल यानी 2027 में शुरू हो सकती है। शाहरुख इस बार ‘जवान’ के यूनिवर्स को और भी बड़ा बनाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि फिल्म का स्केल और मास अपील पहले से कहीं ज्यादा हो। हालांकि, मेकर्स की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। शाहरुख इन दिनों अपनी फिल्म किंग की शूटिंग में व्यस्त हैं। 1100 करोड़ कमा चुकी है ‘जवान’ साल 2023 में रिलीज हुई ‘जवान’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिल्म ने दुनियाभर में 1,100 करोड़ रुपए से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया था। यह भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है। फिल्म में नयनतारा और विजय सेतुपति लीड रोल में थे, जबकि दीपिका पादुकोण ने एक खास भूमिका निभाई थी। फिल्म के एक्शन और गानों ने देशभर के सिनेमाघरों में जबरदस्त माहौल बना दिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

इंदौर में 56 दुकान के पास लगी आग:रेस्टोरेंट की चिमनी से बिल्डिंग में भरा धुआं, बाहर का शेड जला

इंदौर में 56 दुकान के पास लगी आग:रेस्टोरेंट की चिमनी से बिल्डिंग में भरा धुआं, बाहर का शेड जला

इंदौर में 56 दुकान के पास एक रेस्टोरेंट के बाहर बनी चिमनी में आग लग गई। आग के कारण यहां काफी धुआं फैल गया। नीचे चल रहे रेस्टोरेंट की चिमनी में अचानक आग लगी थी। शुरुआत में कर्मचारियों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। बाद में फायर ब्रिगेड ने करीब 500 लीटर पानी डालकर आग बुझाई। फायर ब्रिगेड के मुताबिक बुधवार शाम उन्हें न्यू पलासिया में पुष्प रतन साड़ी वाली बिल्डिंग में आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर करीब 500 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मचारियों के अनुसार यहां नीचे ‘टिक टिक्का’ नाम का रेस्टोरेंट संचालित होता है, जिसकी चिमनी से अचानक धुआं निकलने के बाद आग लग गई। आग के चलते बाहर का पूरा शेड जलकर खाक हो गया। यह शेड सत्यम नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है। यहां दोनों तरफ अन्य रेस्टोरेंट भी हैं।

Govt Jobs Recruitment | NTPC 250 Posts, PNB 30 Vacancies, SSB 233 Posts

Govt Jobs Recruitment | NTPC 250 Posts, PNB 30 Vacancies, SSB 233 Posts

Hindi News Career Govt Jobs Recruitment | NTPC 250 Posts, PNB 30 Vacancies, SSB 233 Posts 22 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी NTPC में 250 पदों पर भर्ती, एम्स में 119 वैकेंसी की। यह वैकेंसी एम्स ऋषिकेश के लिए निकाली गई है। साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा में क्लर्क की 30 ओपनिंग्स की। ये ओपनिंग्स स्पोर्ट्स कोटे के तहत निकाली गई है। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. NTPC में 250 पदों पर भर्ती, 23 अप्रैल से शुरू आवेदन नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NTPC) में 250 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित पद के अनुसार मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में कम से कम 40% अंकों के साथ बीई/बीटेक की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम : 35 साल उम्र की गणना 7 मई के आधार पर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : शॉर्टलिस्टिंग/स्क्रीनिंग रिटन एग्जाम/कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर्सनल इंटरव्यू मेडिकल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : 55,000 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 500 रुपए अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,दिव्यांग,महिला उम्मीदवार : नि:शुल्क एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट मार्क्स टेक्निकल नॉलेज 100 जनरल अवेयरनेस 50 रीजनिंग एबिलिटी 50 कुल 200 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। जरूरी डॉक्यमेंट्स दर्ज करें। रजिस्ट्रेशन करने के बाद लॉग इन करके फॉर्म भरें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. एम्स में 119 पदों पर निकली भर्ती, एज लिमिट 58 साल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश ने फैकल्टी के पदों पर भर्ती निकाली है।उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट aiimsrishikesh.edu.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या प्रोफेसर 29 एडिशनल प्रोफेसर 10 एसोसिएट प्रोफेसर 28 असिस्टेंट प्रोफेसर 52 कुल पदों की संख्या 119 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : प्रोफेसर : संबंधित विषय में MD/MS या DM/M.Ch (सुपर स्पेशलिटी)। नॉन-मेडिकल उम्मीदवार : मास्टर डिग्री के साथ पीएचडी। MD/MS के बाद 14 साल का अनुभव या DM/M.Ch के बाद 11-12 साल का अनुभव। एडिशनल प्रोफेसर : संबंधित विषय में MD/MS या DM/M.Ch (सुपर स्पेशलिटी)। नॉन-मेडिकल उम्मीदवार : मास्टर डिग्री के साथ पीएचडी। MD/MS के बाद 14 साल का अनुभव या DM/M.Ch के बाद 7 – 8 साल का अनुभव। एसोसिएट प्रोफेसर : संबंधित विषय में MD/MS या DM/M.Ch (सुपर स्पेशलिटी)। MD/MS के बाद 6 साल का अनुभव या DM/M.Ch के बाद 3-4 साल का अनुभव। असिस्टेंट प्रोफेसर : संबंधित विषय में MD/MS या DM/M.Ch (सुपर स्पेशलिटी)। MD/MS के बाद 3 साल का अनुभव। DM/M.Ch के बाद वर्क एक्सपीरियंस जरूरी नहीं है। एज लिमिट : पद के अनुसार, अधिकतम 50 – 58 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट फीस : सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 3000 रुपए एससी/एसटी : 500 रुपए पीडब्ल्यूबीडी : नि:शुल्क सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट इंटरव्यू के बेसिस पर सैलरी : प्रोफेसर : 1,68,900-2,20,400 रुपए प्रतिमाह एडिशनल प्रोफेसर : 1,48,200-2,11,400 रुपए प्रतिमाह एसोसिएट प्रोफेसर : 1,38,300-2,09,200 रुपए प्रतिमाह असिस्टेंट प्रोफेसर : 1,01,500-1,67,400 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट aiimsrishikesh.edu.in पर जाएं। होमपेज पर जॉब/रिक्रूटमेंट टैब पर क्लिक करें। फॉर्म भरें और फीस का भुगतान करें। सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म जमा करें। आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंट लेकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. बैंक ऑफ बड़ौदा में क्लर्क की निकली भर्ती, बैंक ऑफ बड़ौदा ने क्लेरिकल कैडर (कस्टमर सर्विस एसोसिएट) में 30 खिलाड़ियों की भर्ती निकाली है। यह भर्ती उन स्पोर्ट्स पर्सन के लिए है जो राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। पोस्टिंग के बाद 6 महीने का प्रोबेशन पीरियड होगा। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : स्पोर्ट्स और स्टेट का नाम जेंडर वाइस पदों की संख्या क्रिकेट (दिल्ली, मुंबई) 9 पद (पुरुष) कबड्डी (मुंबई) 11 पद (6 पुरुष, 5 महिला) टेबल टेनिस (चेन्नई, मुंबई) 2 पद (1 पुरुष, 1 महिला) फुटबॉल (मुंबई) 8 पद (पुरुष) कुल पद 30 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री स्पोर्ट्स अचीवमेंट : राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य या देश का प्रतिनिधित्व किया हो। या जूनियर नेशनल, खेलो इंडिया या इंटर-यूनिवर्सिटी लेवल पर भाग लिया हो। सिलेक्शन प्रोसेस : खेल प्रदर्शन के बेसिस पर एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 28 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। सैलरी : 24,050 – 64,480 रुपए प्रतिमाह फीस : सामान्य,ईडब्ल्यूएस,ओबीसी: 850 रुपए एससी,एसटी,महिला,भूतपूर्व सैनिक: 175 रुपए ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाएं। नया पेज खुलने पर ‘Current openings’ टैब पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. गुजरात में 11,000 टीचर्स की भर्ती, लास्ट डेट 24 अप्रैल गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षा चयन समिति (GSPESC) ने कक्षा 1 से 5वीं तक के छात्रों को पढ़ाने के लिए 11,000 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 24 अप्रैल तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट dpegujarat.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुल पदों में से 4% पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। जो पद पहले भर्ती अभियान में नहीं भर पाए थे, उन्हें इस भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। फीस जमा करने और हार्डकॉपी जमा करने की आखिरी तारीख भी 24 अप्रैल तय की गई है। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : टीईटी – 1 एग्जाम पास, D.El.Ed. या इसके समकक्ष या D.El.Ed. फाइनल ईयर के स्टूडेंट भी आवेदन कर सकते हैं। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 33 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को गुजरात सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 200 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी : 100 सैलरी : पे लेवल – 7 के अनुसार शुरुआती 5 साल के लिए : 26 हजार रुपए प्रतिमाह 5 साल के बाद

अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

अनूपपुर में खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी फटी:घर में रखा फ्रिज-वाशिंग मशीन समेत लाखों का सामान जला; परिजनों ने बाहर निकलकर जान बचाई

अनूपपुर जिले के ग्राम धनगवां में बुधवार दोपहर एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद घर में भीषण आग लग गई, जिससे फ्रिज, कूलर और वाशिंग मशीन सहित लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के समय घर में मौजूद सदस्यों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बिना चार्जिंग के खड़ी स्कूटी की बैटरी में हुआ ब्लास्ट जैतहरी थाना प्रभारी अमर वर्मा ने बताया कि यह घटना राजेंद्र विश्वकर्मा के घर पर हुई। बुधवार दोपहर को स्कूटी चार्जिंग पर नहीं लगी थी, इसके बावजूद उसकी बैटरी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई। धमाके के तुरंत बाद आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों की मदद से आग पर पाया काबू आग लगने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अधिकांश कीमती सामान जल चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। पीड़ित परिवार को इस अग्निकांड में भारी आर्थिक क्षति हुई है। पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच शुरू पीड़ित राजेंद्र विश्वकर्मा ने जैतहरी थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। चार्जिंग पर न होने के बावजूद बैटरी फटने की इस घटना से क्षेत्र के इलेक्ट्रिक वाहन चालकों में चिंता और दहशत का माहौल है।

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऑनलाइन गेमिंग: पुराने VS नए नियम ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…

छतरपुर में एक साथ 6 जगह लगी आग:फायर ब्रिगेड खराब होने से काबू पाने में देरी, टैंकर बुलाकर बाल्टी से पानी डालाकर बुझाई

छतरपुर में एक साथ 6 जगह लगी आग:फायर ब्रिगेड खराब होने से काबू पाने में देरी, टैंकर बुलाकर बाल्टी से पानी डालाकर बुझाई

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में बुधवार को अलग-अलग 6 स्थानों पर आग लगने से हड़कंप मच गया। शिवपुरा, बैदार, बारी, मुहारी, बड़ी नरवा और बाघराजन क्षेत्रों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। कई जगह खेतों और आसपास के इलाकों में आग तेजी से फैलती रही, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। 20 दिनों से फायर ब्रिगेड खराब पड़ी टीआई रीता सिंह ने नगर परिषद को फायर ब्रिगेड के लिए सूचना दी, लेकिन नगर परिषद की फायर ब्रिगेड पिछले 15-20 दिनों से खराब पड़ी होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में हालात और भी गंभीर हो गए। स्थिति को संभालने के लिए टीआई रीता सिंह ने महाराजपुर, नौगांव और छतरपुर से फायर ब्रिगेड बुलाने के प्रयास किए। वहीं बड़ी बाघराजन के पास मोहारी हार क्षेत्र में करीब 20 एकड़ खेत में भीषण आग लगने की सूचना पर वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और खुद आग बुझाने में जुट गईं। बाल्टियों और पाइप से बुझाई आग स्थानीय स्तर पर संसाधनों की भारी कमी देखने को मिली। जब पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा तो उसमें पंप की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पुलिस और ग्रामीणों ने पाइप लगाकर और बाल्टियों के जरिए पानी भर-भरकर आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान टीआई रीता सिंह खुद भी आग बुझाते नजर आईं। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि वह बाढ़ के पानी की तरह आगे बढ़ती जा रही थी, जिससे उसे नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो रहा था। ग्रामीणों और पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद कई जगह आग पर आंशिक काबू पाया जा सका। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में फायर ब्रिगेड जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।

खेल मंत्री रेखा आर्या बोलीं-:2036 के ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अभी से जुटें युवा, पदक लाने वालों को मिलेगी सरकारी नौकरी

खेल मंत्री रेखा आर्या बोलीं-:2036 के ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अभी से जुटें युवा, पदक लाने वालों को मिलेगी सरकारी नौकरी

उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने की तैयारी में है। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘पदक लाओ, नौकरी पाओ’ की नीति पर मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही, अन्य सरकारी भर्तियों में भी खिलाड़ियों को 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। यह बातें खेल मंत्री ने बुधवार को देहरादून में आयोजित 87वीं अंतरराज्यीय जूनियर एवं युवा राष्ट्रीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। सरकारी नौकरी का रास्ता साफ मेडल जीतने वाले युवाओं को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, सरकार उन्हें सीधे नियुक्तियां देगी। खेल कोटे के तहत 4% आरक्षण से प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी सिस्टम का हिस्सा बनने में मदद मिलेगी। प्रदेश में खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। 2036 ओलंपिक हमारा लक्ष्य खिलाड़ियों में जोश भरते हुए खेल मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में भारत में कई बड़े खेल आयोजन होने हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अभी से राष्ट्रमंडल खेल और वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू कर दें। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि जब ओलंपिक का मंच सजे, तो उत्तराखंड के खिलाड़ी तिरंगा लहराते हुए नजर आएं।” राष्ट्रीय खेलों से पहले उत्तराखंड में होंगे कई बड़े ट्रायल अगले वर्ष उत्तराखंड 39वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने जा रहा है। मंत्री ने बताया कि इन खेलों से पहले राज्य में विभिन्न खेलों की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य उत्तराखंड के खिलाड़ियों को हाई-प्रोफाइल कॉम्पिटिशन का अनुभव देना है, ताकि वे नेशनल गेम्स में अधिक से अधिक पदक जीत सकें। विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित समारोह के अंत में मंत्री ने टेबल टेनिस प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस फेडरेशन के महासचिव एमपी सिंह, अध्यक्ष मेघा अहलावत, यतिन टिप्पणिस, राजू दुग्गल, प्रिंस वेपोन और केके शर्मा समेत कई खेल प्रेमी और पदाधिकारी मौजूद रहे।

नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच तहसील के जयसिंहपुरा गांव में बुधवार को प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। कार्रवाई के कुछ देर बाद 60 वर्षीय नानूराम जाटव की मौत हो गई। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला और पुलिस बल बिना किसी पूर्व सूचना के जयसिंहपुरा के नई आबादी क्षेत्र में पहुंचा था। उनका दावा है कि संबंधित जमीन का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। मृतक की नातिन ममता जाटव के अनुसार, जब उनके नाना ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कोर्ट केस का हवाला दिया, तो पुलिस ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच के पुत्र और पुलिस ने उनकी झोपड़ी में आग लगा दी। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पुलिस पर वीडियो बना रहे परिजनों के मोबाइल छीनकर डेटा डिलीट करने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई और कथित मानसिक दबाव के कारण नानूराम को दिल का दौरा पड़ा, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से उस स्थान पर रह रहे हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के दामाद गोपाल जाटव को पहले 15 दिन के लिए जेल भेजा गया था। बुजुर्ग की मौत के बाद प्रशासन ने उनकी पुत्री से हस्ताक्षर कराकर गोपाल को मात्र 4 दिन में ही रिहा कर दिया। दूसरी ओर, एसडीएम संजीव साहू ने परिजनों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से की गई थी और आगजनी की घटना स्वयं परिजनों द्वारा की गई थी। प्रशासन के अनुसार, यह जमीन डोम निर्माण के लिए चिन्हित है और नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। ममता जाटव ने बताया कि उनके घर पर तहसीलदार सरपंच पटवारी सहित पुलिस का अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। ममता ने बताया कि जब उसके नाना जी कार्रवाई का कारण पूछा तो अतिक्रमण हटाने की बात कहकर कार्रवाई करने लगे। जब उसके नाना ने बताया कि यहां सभी का अतिक्रमण है और सभी का हटाओ। और उक्त जमीन का केस कोर्ट में चल रहा है। इसी दौरान पुलिस ने उसके नाना जी से हाथापाई की और उनके साथ मारपीट की। उसके बाद उसके नाना जी वहां से चले गए थे और कुछ ही देर बाद उन्हें झंझारवाड़ा में दोनों का फैक्ट्री के यहां पड़े होने की सूचना मिली। ममता का कहना है कि उनकी मौत पुलिस एवं प्रशासन की प्रताड़ना के चलते हुए। ममता ने मांग की है कि उसको न्याय दिलाए जाए। और उनकी झोपड़ी में आग सरपंच के लड़के रमेश सुथार ओर पुलिस ने लगाई। और कार्रवाई के दौरान पेड़ भी गिराए गए हैं इस दौरान जब वीडियो बनाया जा रहे थे तो पुलिस प्रशासन ने दबाव बनाकर मोबाइल छीनकर वीडियो भी डिलीट करवाए हैं। ममता का कहना है वह 40 सालों से रह रहे हैं। कि 2024 से उन्हें परेशान कर रहे हैं। करीब 5 वि बार ये कार्रवाई करने पहुंचे।

एक्सक्लूसिव: बंगाल चुनाव से पहले हार गए कांग्रेस नेता, शाह का बड़ा दावा- बीजेपी में आ गए सत्य!

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पश्चिम बंगाल में गुरुवार (23 अप्रैल 2026) को सबसे पहले चरण की वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसा। साउथ 24 परगना में एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बेडरूम में बंगाल की जनता, बीजेपी के सिद्धांत से आगे है। भाजपा-चुनाव आयोग के गठजोड़ के आरोप पर गृह मंत्री का बयान साइंटिस्ट पार्टी और चुनाव आयोग के बीच गठजोड़ का आरोप लगा रही है। इस पर अमित शाह ने कहा, ‘तमिलनाडु में हमारी विरोधी सरकार है, वहां ये सामान नहीं उठाया जाएगा।’ केरल में भी विरोधी सरकार पर कोई आरोप नहीं लगा. असम में कांग्रेस ने भी हमपर कोई आरोप नहीं लगाया. ‘सिर्फ ममता बनर्जी को सभी को तकलीफ है, जो आरोप लगा रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी को जनता ने आवाज नहीं दी है. मैं बंगाल की जनता की आवाज सुन रहा हूं। वो जरा ऊंची सुनती हैं इसलिए मैंने कहा कि कान रेडियो सुन लो इसमें क्या बुरा है। सबसे काने ऑनलाइन ही खरीदें. ममता बनर्जी को अपनी हार दिख रही है।’ उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अतिक्रमणकारियों को लाभ और हमारी नैतिकता बनी रहेगी। देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते: अमित शाह उन्होंने कहा, ‘इस देश में घुसपैठिए नहीं रह सकते।’ आधार कार्ड बनाना, पंचायत का नाम बदलना, घुसपैठिए आ गए तो उन्हें गांव में रहना और सीमा में जमीन पर कब्जा नहीं देना ये सब कहकर ममता बनर्जी कह रही हैं कि आप घुसपैठिए रोक लो। ये तो ऐसा है कि हाथ बांध दो और समंदर में डाल दो और कहो कि तैरकर बाहर आ जाओ। ऐसा नहीं हो सकता. मैं पूरे देश के महानुभावों से कहना चाहता हूं कि हम त्रिपुरा में घुसपैठिए के रूप में आएं। असम में वहां भी रुकें. ‘बंगाल में भी 5 मई को हमारी सरकार जाएगी और अतिक्रमण रोक देगी।’ बंगाल में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘सीएम ममता बनर्जी खुद कहती हैं कि शाम 7 बजे के बाद महिलाएं बाहर नहीं निकलतीं। ‘मैं ‘महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देना चाहती हूं’ ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव में ईडी की छापेमारी: बंगाल में नुसरत जहां ईडी की राय पर कौन-कौन, 24 घंटे में आंध्र प्रदेश, कोलकाता के डीसीपी लापता