Saturday, 06 Jun 2026 | 12:29 PM

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नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।

नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। दरअसल, मूवी रिलीज के वक्त अक्षय को अपनी नकली मूछ के लिए ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। आलोचकों का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। क्या था पूरा मामला? दरअसल ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर एक्टर्स अपने किरदारों के लिए महीनों पहले से तैयारी करते हैं और असली मूंछें-दाढ़ी बढ़ाते हैं, लेकिन अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नकली मूंछ का इस्तेमाल किया था। जब फिल्म का ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हुआ, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। आलोचकों और फैंस का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं और महज 40-45 दिनों में शूटिंग खत्म कर दी। लोगों ने इसकी तुलना ‘पद्मावत’ में रणवीर सिंह की मेहनत से की, जिससे यह बहस छिड़ गई कि क्या अक्षय अपने प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त समय और गंभीरता नहीं दे रहे हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।

Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

काठमांडू9 मिनट पहले कॉपी लिंक नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके निवेश और शेयर पर उठे सवालों के बीच उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया। ANI के मुताबिक उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ना जरूरी था। गुरुंग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि हाल में उनके वित्तीय लेन-देन और शेयर को लेकर उठे सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है।” गुरुंग 26 मार्च से गृह मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल की नई सरकार में यह दूसरा मामला है, जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया था। नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार में गुरुंग 26 मार्च को गृह मंत्री बने थे। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी से संबंधो को लेकर विवाद स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग के एक कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। भट्ट पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच चल रही है, जिसके बाद गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे थे।गुरुंग ने कहा कि Gen Z आंदोलन देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा, “जब मेरे 46 साथियों के बलिदान से बनी सरकार पर सवाल उठते हैं, तो उसका जवाब नैतिकता ही है।” गुरुंग ने मीडिया, नागरिकों और युवाओं से भी ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलने की अपील की। नेपाल में Gen Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे गुरुंग गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे थे। हालांकि उनकी उम्र 36 साल है, जिस पर यह सवाल भी उठा कि वे Gen Z का हिस्सा नहीं हैं। उन्हें 27 मार्च को बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी की सरकार में गृहमंत्री बनाया गया। नियुक्ति के अगले ही दिन उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। दोनों नेताओं को 28 मार्च की सुबह गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 8 सितंबर को Gen Z प्रदर्शनों के पहले दिन हुई लापरवाही से हुई मौतों के मामले में जांच आयोग की सिफारिश पर हुई थी। हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया। बालेन शाह सरकार के विवादित फैसले भारत से आने वाले सामान पर सख्ती- नई सरकार ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर अनिवार्य शुल्क लगा रही है। सीमा के लोग और व्यापारी का कहना है कि, यह फैसला आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। छात्र राजनीति पर रोक- सरकार ने कॉलेजों में छात्र संघों और राजनीतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। छात्रों का कहना है कि यह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। पूर्व नेताओं पर कार्रवाई- सत्ता में आते ही उन्होंने भ्रष्टाचार और पुरानी मौतों के मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी के आदेश दिए, जिसे कुछ लोग बदले की राजनीति बता रहे हैं। शिक्षा में बदलाव- कक्षा 5 तक पारंपरिक परीक्षाएं खत्म करने का फैसला भी विवाद में रहा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

तड़का छाछ रेसिपी: गर्मियों में घर पर जरूर बनाएं तड़का वाला छाछ, बाजार से नहीं चाहिए तड़का छाछ; नोट करें आसान उपाय

तस्वीर का विवरण

तड़का छाछ सिर्फ प्यास ही नहीं दबती, बल्कि पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। डाले जाने वाले प्रोटोटाइप जैसे जीरा, कैरी पत्ता और हींग पेट को ठंडक देते हैं और गैस-अपच से राहत दिलाते हैं। छवि: फ्रीपिक आवश्यक सामग्री: 1 कप छोटा दही, 2 कप ठंडा पानी, 1/2 छोटा बड़ा काला नमक, स्वादानुसार नमक, 1/2 छोटा मसाला जीरा पाउडर, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच तेल या घी, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1 हरी मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1 हरी मिर्च छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को एक बाउल में लें और उसे अच्छे से फेंट लें। अब इसमें ठंडा पानी के टुकड़े तैयार करें। इसमें नमक, काला नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर कैथेड्रल बढ़िया से भी शामिल है। छवि: फ्रीपिक अब छोड़ा तड़का: एक छोटी चटनी में तेल या घी गर्म करें। इसमें राई, जब ये चटकने लगे तो करी पत्ते, हींग और हरी मिर्च दाल शामिल है। गैस बंद करें और इस मॉडल को तैयार करें छाछ डाल में। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया मिक्स करें और अनंत-ठंडी सर्व करें। छाछ को ठंडा करके पीने से सबसे ज्यादा मज़ा आता है। आप इसमें पुदीना पत्ते भी डाल सकते हैं, इससे और ताज़ा स्वाद मिलेगा। छवि: फ्रीपिक पाउडर की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं। यह शरीर को ठंडा रखता है और पाचन में मदद करता है। साथ ही, डिजिटलीकरण से सीख है। प्रभाव और लो-कैलोरी पेय है। छवि: एआई

किसानों की समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन करेंगे विधायक:विदिशा में उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था, तुलाई में देरी; 7 दिन का दिया अल्टीमेटम

किसानों की समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन करेंगे विधायक:विदिशा में उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था, तुलाई में देरी; 7 दिन का दिया अल्टीमेटम

शमशाबाद से भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने किसानों की समस्याओं पर अपनी ही सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे खुद किसानों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। नटेरन, विदिशा और शमशाबाद क्षेत्र से आए भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक सूर्य प्रकाश मीणा से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाओं, तुलाई में देरी और अन्य परेशानियों को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि हर साल 20 अप्रैल तक तुलाई प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, लेकिन इस बार व्यवस्थाएं अभी भी शुरुआती चरण में हैं, जिससे किसानों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक मीणा ने कहा कि वे इस ज्ञापन को लेकर जल्द ही कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उपार्जन व्यवस्था में सुधार की मांग उठाने का आश्वासन दिया। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे स्वयं किसानों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने किसानों से भी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ इस तरह का रुख अपनाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर ऐसे तेवर विपक्ष की ओर से देखने को मिलते हैं, लेकिन भाजपा विधायक का यह बयान अलग संदेश दे रहा है। इससे पहले, पूर्व विधायक शशांक भार्गव भी उपार्जन की व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। कांग्रेस पार्टी भी उपार्जन संबंधी परेशानियों को लेकर ज्ञापन सौंप चुकी है। भारतीय किसान संघ ने भी किसानों से आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा है। लगातार हो रही देरी और अव्यवस्थाओं के चलते किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल में 4000 फीट ऊंचाई पर उगती ये बूटी, पेट खराब हो या बावासीर…चुटकियों में आराम

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Last Updated:April 22, 2026, 18:14 IST Kachnar Benefits Piles Stomach : हिमाचल प्रदेश के मंडी में कई ऐसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां अपने आप उगती हैं जो सेहत के लिए वरदान हैं. कचनार उन्हीं में से एक है. इसे स्थानीय भाषा में करैडे भी कहते हैं. इसे सब्जी बनाकर खाया जाता है, जो कई बीमारियों का अकेला इलाज है. मंडी के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ओम राज शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि कचनार एक ऐसी दवा है, जो प्राकृतिक रूप से हिमालयन जंगलों में उपलब्ध है. इसकी मदद से बवासीर से लेकर खराब पेट और सिर से लेकर दांतों के दर्द को ठीक किया जा सकता है. इसे गर्मियों में खाना ज्यादा लाभकारी है. कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छाछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद हो जाता है. हिमाचल की एक विशेषता यह भी है कि यहां विभिन्न प्रकार की दिव्य औषधियां प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती हैं, जिन्हें ऋतु और आवश्यकता के अनुसार उपयोग में लाया जाता है. इस समय कचनार/करैड़े की बहार देखने को मिल रही है, जो विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में 4000 फीट की ऊंचाई तक पाया जाता है. कचनार के फूल सफेद, बैंगनी और गुलाबी रंगों में खिलते हैं, जो न केवल देखने में आकर्षक होते हैं बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ओम राज शर्मा का कहना है कि इसकी छाल (त्वचा) और पुष्प विशेष रूप से उपयोग में लाए जाते हैं. इसके फूलों से तैयार किया गया गुलकंद या सब्जी कब्ज जैसी समस्या में लाभकारी है. इसके फूलों के रस (स्वरस) की मात्रा सामान्यतः 10 से 20 मिली तक उपयोग की जाती है. पहाड़ी क्षेत्रों में कचनार के फूलों के ‘बड़े-भल्ले’ और इसकी कलियों का रायता बड़े चाव से खाया जाता है, जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है. आयुर्वेदिक दृष्टि से कचनार के प्रयोग से चर्म रोग, कृमि, रक्त संबंधी विकार, रक्तस्त्राव तथा खांसी जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google कचनार की जड़ को पानी में घिसकर लेप बनाकर और इसे गर्म करके लेप को सूजन पर लगाने से आराम मिलता है. मुंह में छाले होने पर कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर उसमें थोड़ा-सा कत्था मिलाकर लगाने से आराम मिलता है. कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छाछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद हो जाता है. कचनार की कलियों के पाउडर को मक्खन और शक्कर मिलाकर 11 दिन तक खाने ये बीमारी ठीक हो सकती है. कचनार की फूल की कलियां घी में भूनकर सुबह-शाम खाने से भूख बढ़ती है. गैस होने पर कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर, इसके 20 मिलीलीटर काढ़ा में आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन मिलाकर प्रयोग करने से लाभ मिलता है. सुबह-शाम भोजन करने बाद इसका सेवन करने से अफरा (पेट फूलना) और गैस की तकलीफ दूर होती है. दांतों के दर्द से राहत के लिए भी कचनार का उपयोग किया जाता है. इसके पेड़ की छाल को आग में जलाकर उसकी राख को बारीक पीसकर मंजन बना लें. इस मंजन को सुबह और रात में करने से दांतों का दर्द और मसूड़ों से खून निकलना बंद हो जाता है. First Published : April 22, 2026, 18:14 IST

रितेश-जेनेलिया के छोटे बेटे का एक्टिंग डेब्यू:फिल्म 'राजा शिवाजी' में बाल शिवाजी बने 10 साल के राहिल देशमुख

रितेश-जेनेलिया के छोटे बेटे का एक्टिंग डेब्यू:फिल्म 'राजा शिवाजी' में बाल शिवाजी बने 10 साल के राहिल देशमुख

रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ का ट्रेलर लॉन्च हो गया है। इस फिल्म के जरिए रितेश और जेनेलिया के छोटे बेटे राहिल देशमुख अपना एक्टिंग डेब्यू कर रहे हैं। 10 साल के राहिल फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज के बचपन का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, रितेश खुद मुख्य भूमिका यानी छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन भी रितेश ने ही किया है। यह पहली बार है जब देशमुख परिवार की नई पीढ़ी बड़े पर्दे पर कदम रख रही है। जेनेलिया, जिन्होंने फिल्म को प्रोड्यूस किया है और इसमें सईबाई का किरदार भी निभाया है। 2016 में जन्में राहिल राहिल का जन्म 2016 में हुआ था। अक्सर पैपराजी को हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ करने वाले राहिल को अपने पहले ही प्रोजेक्ट के लिए एक चुनौतीपूर्ण ऐतिहासिक किरदार के लिए चुना गया है। फिल्म में राहिल उस दौर को दिखाएंगे जब शिवाजी महाराज ‘स्वराज्य’ का सपना बुन रहे थे। फिल्म में नजर आएंगे कई बड़े चेहरे ‘राजा शिवाजी’ में सिर्फ देशमुख परिवार ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं। फिल्म में संजय दत्त, विद्या बालन और अभिषेक बच्चन महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। रितेश ने बताया कि इस फिल्म को बनाने में उन्हें 10 साल का समय लगा। बीच में कोविड की वजह से काम रुक गया था, लेकिन अब यह फिल्म बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है। इसे जियो स्टूडियोज और मुंबई फिल्म कंपनी ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।

रितेश-जेनेलिया के छोटे बेटे का एक्टिंग डेब्यू:फिल्म 'राजा शिवाजी' में बाल शिवाजी बने 10 साल के राहिल देशमुख

रितेश-जेनेलिया के छोटे बेटे का एक्टिंग डेब्यू:फिल्म 'राजा शिवाजी' में बाल शिवाजी बने 10 साल के राहिल देशमुख

रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ का ट्रेलर लॉन्च हो गया है। इस फिल्म के जरिए रितेश और जेनेलिया के छोटे बेटे राहिल देशमुख अपना एक्टिंग डेब्यू कर रहे हैं। 10 साल के राहिल फिल्म में छत्रपति शिवाजी महाराज के बचपन का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, रितेश खुद मुख्य भूमिका यानी छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन भी रितेश ने ही किया है। यह पहली बार है जब देशमुख परिवार की नई पीढ़ी बड़े पर्दे पर कदम रख रही है। जेनेलिया, जिन्होंने फिल्म को प्रोड्यूस किया है और इसमें सईबाई का किरदार भी निभाया है। 2016 में जन्में राहिल राहिल का जन्म 2016 में हुआ था। अक्सर पैपराजी को हाथ जोड़कर ‘नमस्ते’ करने वाले राहिल को अपने पहले ही प्रोजेक्ट के लिए एक चुनौतीपूर्ण ऐतिहासिक किरदार के लिए चुना गया है। फिल्म में राहिल उस दौर को दिखाएंगे जब शिवाजी महाराज ‘स्वराज्य’ का सपना बुन रहे थे। फिल्म में नजर आएंगे कई बड़े चेहरे ‘राजा शिवाजी’ में सिर्फ देशमुख परिवार ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं। फिल्म में संजय दत्त, विद्या बालन और अभिषेक बच्चन महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। रितेश ने बताया कि इस फिल्म को बनाने में उन्हें 10 साल का समय लगा। बीच में कोविड की वजह से काम रुक गया था, लेकिन अब यह फिल्म बड़े पर्दे पर आने के लिए तैयार है। इसे जियो स्टूडियोज और मुंबई फिल्म कंपनी ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।