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ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के गठन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत 1 मई से पूरे देश में प्रभावी हो जाएगी। नए नियमों के तहत गेमिंग कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सर्टिफिकेट की वैलिडिटी को दोगुना कर दिया गया है। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह का बोझ न पड़े। सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल हुई नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन गेम्स के सर्टिफिकेशन को लेकर किया गया है। अब किसी भी गेम को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 साल के बजाय 10 साल होगी। इससे गेम डेवलपर्स को बार-बार रिन्यूअल की प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। सरकार का मानना है कि इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं आईटी सचिव के मुताबिक, जिन गेम्स में असली पैसों का लेन-देन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। एस. कृष्णन ने कहा कि ज्यादातर नॉन-रियल मनी गेम्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चल सकते हैं। उनके लिए यह प्रोसेस पूरी तरह ऑप्शनल रखी गई है। हालांकि, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। गेम्स का क्लासिफिकेशन तीन तरीके से होगा गेम्स को किस कैटेगरी में रखा जाए, इसके लिए अथॉरिटी ने तीन रास्ते तय किए हैं… किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। अब हर गेम के लिए मैंडेटरी डिटरमिनेशन की जरूरत नहीं होगी। यूजर सेफ्टी के लिए टू-टियर सिस्टम प्रमोशन और रिफंड के नियमों में बदलाव आईटी सचिव ने जानकारी दी कि नई गाइडलाइंस से गेम प्रमोशन से जुड़े प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब अलग-अलग मंत्रालय अपनी योजनाओं के हिसाब से प्रमोशन स्कीम डिजाइन कर सकेंगे। मटेरियल चेंज के कॉन्सेप्ट को भी हटा दिया है, ताकि कंपनियों और सरकार के बीच विवाद की स्थिति न बने। रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या का समाधान पहले ही हो चुका है। 2,500 स्टेकहोल्डर्स से ली गई राय इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने इंडस्ट्री बॉडीज, कानून की जानकारी रखने वाली फर्म्स और एकेडमिक एक्सपर्ट्स सहित करीब 2,500 लोगों से सुझाव लिए थे। स्टेकहोल्डर्स ने गेमिंग की परिभाषा को स्पष्ट करने और अथॉरिटी के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की सलाह दी थी, जिन्हें नए नोटिफिकेशन में शामिल किया गया है। क्या है ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया? ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। इसमें आईटी मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसका मुख्य काम भारत में चल रहे गेम्स की निगरानी करना, उनके क्लासिफिकेशन को तय करना और यूजर्स की प्राइवेसी व सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। पूरी खबर पढ़ें…

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ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम 1-मई से लागू होंगे:गेमिंग-सर्टिफिकेट अब 10 साल तक वैलिड रहेगा; बिना पैसे वाले गेम्स को रजिस्ट्रेशन से छूट

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